और खबरें
जब तक एक-एक आतंकी नष्ट नहीं कर दें, आराम करना ही आतंक होगा
राजनीति
'इंडियन मुजाहिदीन' कुछ नहीं होता। सारा आतंक पाकिस्तान से आता है। दुर्भाग्यवश सरकार भी इस लाइन को बढ़ा रही है। 'होम-ग्रोन' टेरर शब्द हमारी मातृभूमि को बदनाम करने का प्रयास है। इंडियन मुजाहिदीन कहकर, हम भारतीयों को दीन-हीन किया जा रहा है। रोकें इसे।' ...
शिंदे और जैल सिंह में कई समानताएं
राजनीति
अब तक देश के गृहमंत्री रहे हर राजनेता को इस पद पर काबिज रहे पहले शख्स की छाया में रहना पड़ा है। नॉर्थ ब्लॉक में गृहमंत्री के कार्यालय तक जाने वाली सीढ़ियों पर सरदार पटेल की एक आदमकद तस्वीर लगी है। उन्हें किताबों में भारत के लौहपुरुष के रूप में महिमामंडित किया गया...
देश को महत्व देंगे तो जख्म भर जाएंगे
राजनीति
आने वाले सप्ताह में भारतीय इतिहास के एक काले अध्याय गोधरा में ट्रेन को जलाए जाने और इसके बाद हुए दंगों की 11वीं सालगिरह होगी। इस घटना को मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भरपूर जगह दी गई है। इसके विविध पहलुओं की चर्चा की गई है। इसका विश्लेषण किया गया है। इसने देश की राजनीति...
असुरक्षा से बाहर आएं नीतीशजी!
राजनीति
डियर नीतीशजी, मुझे नवंबर 2010 का पटना दौरा आज भी याद है। उस वक्त आपने अपने विरोधियों को चारों खाने चित करते हुए शानदार चुनावी जीत हासिल की थी। आम आदमी के बीच उल्लास का माहौल था। हवाई अड्डे पर मिले ट्रैक्सी ड्राइवर से लेकर, होटल के रिसेप्शन स्टाफ, लिट्टी-चोखा स्टॉल...
हेलिकॉप्टर घूस स्कैंडल में कई सफेद झूठ और कुछ काले सच
राजनीति
'अब फ्रांस के साथ रक्षा घोटाला होगा’ - सोशल मीडिया पर 14 फरवरी 2013 को एक कटाक्ष। - कारण : जब रक्षा मंत्रालय हेलिकॉप्टर घूस स्कैंडल पर एक 'फैक्ट शीट’ जारी कर रहा था, उसी समय फ्रांस के साथ 30 हजार करोड़ का...
भास्कर विश्लेषण: हर पहलू में राजनीति इसलिए ढेर सारे अर्थ
राजनीति
प्र. अफजल की फांसी को इतना गोपनीय क्यों रखा गया?उ. मामला नाजुक था। कई पहलुओं से गुप्त रखना न सिर्फ अनिवार्य था वरन् सबसे प्रभावी तरीका भी। एक शब्द की भनक लगते ही हंगामा हो सकता था। शोर वैसे बाद में भी मच सकता है/ मचता ही है। किन्तु 'बाद' में कुछ बचता ही नहीं है। खुदकुशी जैसा...
क्या आपने मोदी-राहुल तुलना शुरू नहीं की है? 'मोर’ से कर सकते हैं
राजनीति
'भारत के युवा को अलग नजरिए से देखने की जरूरत है। युवा राष्ट्र के लिए विकास शक्ति का नया युग है। हमारे युवा स्नेक चार्मर्स (सपेरे) नहीं हैं, वे माउस चार्मर हैं’। -नरेन्द्र मोदी,...
राष्ट्रपति स्वयं क्यों नहीं त्याग देते ऐसा निकृष्टतम अधिकार?
राजनीति
'फांसी की सज़ा को माफ करना राष्ट्रपति की इच्छा पर निर्भर नहीं है। यह उनका दायित्व है कि माफी देने से अभियुक्त को लाभ तो हो, लेकिन यह भी ध्यान रखें कि उनके फैसले का पीडि़त परिवार पर क्या असर होगा।' -जस्टिस अरिजित पसायत और जस्टिस एसएच कपाडिय़ा (2006 में...
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Kalpesh Yagnik
दैनिक भास्कर समूह के नेशनल एडिटर ...और पढ़ें
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Chetan Bhagat
चेतन भगत एक भारतीय लेखक हैं। नॉवेल, स्टोरीज़ और कॉलम लिखने के साथ साथ वे एक ...और पढ़ें
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Rajdeep Sardesai
राजदीप सरदेसाई पत्रकारिता जगत के जाने माने हस्ती हैं। वे फिलहाल आईबीएन 18 ...और पढ़ेंऔर देखें


