Zahida Hina
ज़ाहिदा हिना पाकिस्तान की जानी-मानी उर्दू की लेखिका हैं। उनके कॉलम, कहानियां, निबंध, उपन्यास और नाटक दुनिया भर में प्रकाशित होते रहते हैं। उन्होनें अपनी पहली कहानी तब लिखी थी जब वे 9 साल की थीं। उन्होनें पत्रकार के रूप में कई
...
Expand
4 Blogs | 10 Followers
Zahida Hina के अन्य ब्लॉग
पेशावर में कपूर फैमिली म्यूजियम
Zahida Hina|Nov 15, 2012, 13:51PM IST
पेशावर, जहां राज कपूर पैदा हुए एक ऐसा शहर है, जिसे अगर इंतेहाओं का शहर कहा जाए तो ग़लत न होगा। एक तरफ वो इंतेहा पसंद हैं, जो यहां सूफियों के मजर भी उड़ा देते हैं और पश्तो अदाकारों और गायकों की, जिन्होंने जान दूभर कर दी है। दूसरी तरफ, इसी पेशावर के लोग इस बात पर नाज करते हैं कि राज कपूर और उनके वालिद पृथ्वीराज कपूर और दादा बशेशर नाथ उनके शहर में पैदा हुए थे। और ये कि लीजेंड्री अदाकार दिलीप कुमार पेशावर में पैदा हुए थे और आज के मेगास्टार शाहरुख़ ख़ान का सारा ख़ानदान पेशावर का है। इन दिनों पेशावर के हवाले से राज कपूर की पांच मंजिला ख़ानदानी हवेली हमारे यहां ख़बरों में है। कपूर साहब के एक फैन शेख़ अमजद रशीद साहब ने ख़ैबर पख़तोन्वा की सूबाई हुकूमत को इस बात पर राजी किया है कि कपूर ख़ानदान की हवेली को अपनी निगरानी में ठीक कराए और फिर उसे कपूर फैमिली म्यूजियम बना दिया जाए। ख़ैबर पख़तोन्वा के संस्कृति मंत्री मियां इफ्तेख़ार हुसैन का कहना है कि हम इस म्यूजियम के लिए जो कुछ भी कर सकेंगे, वो करेंगे। इसकी वजह यह है कि हम इसी तरह आतंकवादियों से लड़ सकते हैं। यहां यह भी बताती चलूं कि मियां इफ्तेख़ार का जवान बेटा इस वार ऑन टेरर में मारा जा चुका है। वो हवेली जिसमें हिंदुस्तानी सिनेमा के दो लीजेंड्री अदाकार पृथ्वीराज कपूर और राज कपूर पैदा हुए वो अंदरूनी शहर है। पेशावरवालों को जब से यह ख़बर मिली है, उनकी ख़ुशी की इंतेहा नहीं है। उनका कहना है कि हम मुहब्बत के नग़में गाने वाले और अमन की सरगर्मियों को बढ़ावा देने वाले लोग हैं। अगर हमारे शहर में राज कपूर म्यूजियम क़ायम होता है तो यह हमारे लिए फख़्र की बात होगी और हमारे दामन से यह दाग़ भी धुलेगा कि हम टेररिस्ट और इंतेहापसंद नहीं हैं। इस म्यूजियम के सिलसिले में राज कपूर के पोते रणबीर कपूर से भी बात हुई है और सिर्फ यही नहीं इस ख़बर से कपूर ख़ानदान के तमाम लोग बेहद खु़श हैं, वो यह कहते हैं कि हम इस म्यूजियम की तक़रीब में शिरकत के लिए ज़रूर आएंगे। पेशावर में लोगों ने अभी से कपूर ख़ानदान की नई नस्ल की राह देखनी शुरू कर दी है। लोगों को सबसे ज़्यादा इंतज़ार करीना कपूर का है। वो पाकिस्तान वालों को बहुत लाडली हैं और सब ही उनकी अदाकारी पर फिदा हैं। पृथ्वीराज, राज कपूर, दिलीप कुमार, शाहरुख़ ख़ान वो नाम हैं, जो दोनों मुल्कों के बीच बिगड़े ताल्लु़कात की अंधेरी रात में हमारे दरमियान जुगनुओं की तरह जगमगाते हैं। ये नाम हमें एक ऐसे रिश्ते की याद दिलाते हैं, जिसे बमों और बारूद से उड़ाया नहीं जा सकता।
विज्ञापन
Popular Blogs
-
खामोश गांधी और मोदी 3.0
मेरी इस बात से ज्यादातर लोग सहमत होंगे कि आजाद भारत के इतिहास... और पढ़ें
Posted by Chetan Bhagat -
...तो इसलिए सफल हो रही है 'सन ऑफ सरदार'
अजय देवगन की 'सन ऑफ सरदार' में संजय दत्त की शादी जूही से हो रही... और पढ़ें
Posted by J P Chowksey -
बाल ठाकरे की कमजोरी थी सिगार, नॉन वेज और व्हाइट वाइन
भारत में शायद ही ऐसा कोई पत्रकार हो जिसने अपने कॅरियर के... और पढ़ें
Posted by Mark Manuel -
शाहरुख का विस्तार और नियति की सीमाएं
-
मैं चंडी सी बन जाऊं, अपनी तलवार मुझे दे दे
महिलाएं हमें और माफ नहीं करेंगी। वे सारे देश का उफान देख रही... और पढ़ेंऔर देखें
Posted by Kalpesh Yagnik
Featured Bloggers
-
Kalpesh Yagnik
दैनिक भास्कर समूह के नेशनल एडिटर ...और पढ़ें
-
Chetan Bhagat
चेतन भगत एक भारतीय लेखक हैं। नॉवेल, स्टोरीज़ और कॉलम लिखने के साथ साथ वे एक ...और पढ़ें
-
Rajdeep Sardesai
राजदीप सरदेसाई पत्रकारिता जगत के जाने माने हस्ती हैं। वे फिलहाल आईबीएन 18 ...और पढ़ेंऔर देखें


