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Chetan Bhagat


चेतन भगत एक भारतीय लेखक हैं। नॉवेल, स्टोरीज़ और कॉलम लिखने के साथ साथ वे एक अच्छे वक्ता भी हैं। देश की 5 बेस्टसेलिंग नॉवेल के वे लेखक हैं। उनकी पहली नॉवेल 'फाइव प्वाइंट समवन' 2004 में आई थी जो बेस्टसेलर बनी। उसके बाद 2005 में 'वन नाइट एट द ... Expand 
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एक खुला पत्र राहुल के नाम

Chetan Bhagat|Jan 25, 2013, 13:20PM IST
डियर राहुल,
आप तक ऐसे व्यक्ति का पहुंचना असंभव है, जिसने आपकी, आपके परिवार की या आपकी पार्टी की दशकों सेवा न की हो। लिहाजा, मुझे मजबूरन इस ‘खुला पत्र’ प्रारूप का सहारा लेना पड़ रहा है। आपने हाल ही में राजनीति और देश में बदलाव की जरूरत पर बात की। सच कहूं तो आप किसी सारभूत मुद्दे पर और पब्लिक में इतना कुछ बोले, यही अपने आप में एक बड़ा बदलाव है।
 
हालांकि बोलना आसान है, मगर अपने इरादों, विचारों और आदर्शो को क्रियान्वित करना मुश्किल। आपके पास 1.2 अरब भारतीयों की तकदीर बदलने का मौका है। या तो आप इस मौके का इस्तेमाल करते हुए उनकी तकदीर बदल सकते हैं, या फिर देश के ज्यादातर राजनेताओं की तरह वही करते रह सकते हैं- खुद को और अपने दोस्तों को फायदा पहुंचाना।
 
आपने सही कहा कि हमें लोगों की बात को सुनना होगा, बेहतर नेता तैयार करने होंगे और राजनीति में युवाओं को मौका देना होगा। आपके भाषण लिखने वालों ने उन तमाम बिंदुओं को कवर किया, जो लोग सुनना चाहते हैं। अलबत्ता दिल की गहराइयों में कहीं न कहीं आप भी जानते हैं कि आप जैसे व्यक्ति के लिए भी यह बदलाव लाना कितना मुश्किल है।
 
कई लोगों को आपकी क्षमताओं, इरादों या कहें कि दोनों पर संदेह है। बहुतेरे लोग आपको एक अधिकृत युवराज के रूप में देखते हैं, जो इस स्थिति में महज अपने परिवार की वजह से है। इसी वजह से सोशल मीडिया में आपके काम से ज्यादा आपके बारे में चलने वाले लतीफे ज्यादा लोकप्रिय हैं। हम एक निंदक राष्ट्र हैं, काफी हद तक इस वजह से क्योंकि शीर्ष पर बैठे कई लोगों ने हमें मायूस किया है। हो सकता है आप भी ऐसा करें। बहरहाल, मैं यह मान लेता हूं कि आपकी मंशा नेक है और आपने जो कुछ कहा है, उसे हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
 
लेकिन यह होगा कैसे? आप उस सिस्टम को कैसे बदलेंगे, जो आपके उन अंकलों की सेवा करता है, जिन्हें आप बचपन से जानते हैं? आप अपने पारिवारिक मित्रों के खिलाफ कैसे कार्रवाई करेंगे, जो देश को गंभीर क्षति पहुंचा रहे हैं? आपने अपने भाषण में विश्वस्त सुरक्षाकर्मियों का उल्लेख किया, जिन्होंने आपके परिवार को चोट पहुंचाई। आपकी पार्टी के कई विश्वस्त लोग देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसे आप कैसे रोकेंगे?
 
कई लोग मानते हैं कि आपके पास भारी ताकत है, तकरीबन असीमित। यह सच नहीं है। केंद्र में आपकी सीटों की संख्या बढ़ाने में अनेक प्रभावशाली कांग्रेसी नेता मदद करते हैं। यदि आप उनके खिलाफ कार्रवाई करते हैं, उनके गुप्त हितों को नुकसान पहुंचाने की नीतियां तैयार करते हैं, तो वे आपसे अलग होकर आपके विरोधी बन सकते हैं। इससे आपकी ताकत कम हो जाएगी और हालात आज के मुकाबले ज्यादा बदतर होंगे।
 
लिहाजा यह एक अवांछनीय, पेचीदा स्थिति है। आप चीजों को बदलने की कोशिश नहीं करते, तो भी आपको कोसा जाता है और करते हैं, तो भी।  
 
तब क्या कोई उम्मीद नहीं? जरूर है। आप बदलाव ला सकते हैं, मगर यह अचानक नहीं होगा। आपको लोगों को धीरे-धीरे बदलाव की ओर धकेलना होगा। बुरा रातोरात अच्छा नहीं बनता। बुरा धीरे-धीरे थोड़ा कम बुरा होता है, और धीरे-धीरे सुधरते हुए अच्छा बन जाता है। इसके लिए व्यक्तिगत तौर पर काफी भरोसा चाहिए। आपको चुनाव जीतने से ज्यादा अपने सिद्धांतों व मूल्यों को तरजीह देनी होगी। आप चुनाव हार भी जाएं, मगर यदि आप सही चीजों के पक्ष में खड़े होते हैं, तो आखिरकार आपकी जीत होगी। आप युवा हैं, धर्य रख सकते हैं। अगला चुनाव ही तो इकलौती चीज नहीं है।
 
युवाओं का गुस्सा शांत करने के लिए मेरा सुझाव यह है कि राजनेता-उद्योगपति गठबंधनों को तोड़ें। इससे सही मायनों में अर्थव्यवस्था उदार बनेगी। आर्थिक सुधारों के पहले चरण ने विकास और रोजगार में उछाल पैदा किया। लेकिन बाद में नौकरियों का विकास इसलिए रुक गया, क्योंकि सीमित उदारीकरण ने असल उद्यमियों के बनिस्बत उनके घनिष्ठ साथी ज्यादा पैदा किए। सरकार का अभी भी कई चीजों पर नियंत्रण है। वही कारोबारी सफल हैं, जो राजनेताओं को खुश रखते हैं। प्रथमवर्गियों (राजनीतिक वर्ग) व द्वितीयवर्गियों (हमारे पूंजीपति) के इस गठजोड़ को तोड़ना होगा। अपने अमीर दोस्तों को संरक्षण देना बंद करें। इन गिने-चुने उद्योगपतियों को संरक्षण देने से तृतीयवर्गियों (थोड़ा-बहुत समृद्ध व शिक्षित मध्यमवर्ग), चतुर्थवर्गियों (अधिसंख्य वंचित लोग) और अनिवार्यत: पूरे देश को तकलीफ पहुंच रही है।
 
कारोबार को बढ़ावा दें, कुछ विशेष कारोबारियों को नहीं। नियम-कायदे ऐसे हों, जो प्रयोगधर्मिता, जोखिम लेने की प्रवृत्ति को बढ़ावा दें तथा सबके लिए खेल का एक जैसा माहौल तैयार करें। नियमों का इस्तेमाल उन्हें बचाने के लिए न किया जाए, जो राजनेताओं को खुश रखते हैं।
 
देश की कुछ समस्याएं हल करना मुश्किल है, मसलन भ्रष्टाचार की महामारी। अलबत्ता, राजनेता-उद्योगपति गठजोड़ को तोड़ने और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने जैसे काम वास्तव में साध्य हैं। 
 
मेरा आपसे यह भी कहना है कि आप नियमित रूप से बोलें और लोगों व मीडिया के सवालों के जवाब भी दें। हां, यह सही है कि बातों से कहीं अधिक काम करना मायने रखता है। मगर लोगों के साथ संवाद स्थापित करने से आपकी सादगी और प्रतिक्रियाएं लेने की चाहत नजर आएगी। आपका ऐसा करना जता देगा कि भले ही कई लोग आपको एक अधिकृत युवराज के तौर पर देखते हों, मगर दिल से आप लोगों की परवाह करते हैं। आपने कई लोगों में भरोसा खो दिया है। आपको उनका भरोसा वापस जीतना होगा, ताकि जब आप मुश्किल बदलावों की ओर बढ़ें, तो वे आपका समर्थन करें। लिहाजा, बात करें। लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप ये करें। 
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