इंदिरा गाँधी देश की अकेली महिला हैं,जिन्होंने विक्त्मंत्री के तौर पर वर्ष 1970-71 में देश का आम बज़ट पेश किया था. वे,उनके पिता जवाहर लाल नेहरु और पुत्र राजीव गाँधी देश के तीन ऐसे प्रधानमंत्री हैं,जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विक्त्मंत्री के तौर पर देश का आम बज़ट पेश किया था.



 

2000 तक आम बजट फरवरी के आखरी कार्यदिवस पर शाम पांच बजे घोषित होता था। यह रीत अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही थी। अंग्रेजों के जमाने में ब्रिटिश संसद दोपहर को बजट पास करती थी और भारतीय शाम को।

अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने बजट पेश करने के समय में बदलाव लाया। उन्होंने 2001 का बजट सुबह 11 बजे पेश किया।



 

पहली बार यशवंत सिन्हा को वित्तमंत्री बनने का मौका तो मिला लेकिन वह केवल अंतरिम बजट ही पेश कर सके। 1998 मार्च में आम चुनाव के बाद भाजपा सरकार में वित्तमंत्री यशवंत सिंहा ने वर्ष 1998-99 के लिए अंतरिम और आम बजट पेश किया। आम चुनाव 1999 के बाद सिन्हा फिर वित्तमंत्री बने और चौथा आम बजट पेश किया ( 1999-2000 से 2002-2003)। मई 2004 में जसवंत सिंह ने अंतरिम बजट पेश किया।

 

स्वतंत्र भारत में पहला आम बजट आर.के. शनमुकम चेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया था। प्रणब मुखर्जी पहले राज्यसभा सदस्य है जो वित्तमंत्री बनें, उन्होंने 1982-83, 1983-84 और 1984-85 का बजट पेश किया। राजीव गांधी ने 1987088 का बजट उस वक्त पेश किया जब वीपी सिंह उनकी सरकार छोड़ कर चले गए। अपने दादा और मां के बाद प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए बजट पेश करनेवाले वह तीसरे व्यक्ति बनें। एनडी तिवारी ने 1988-89, एसबी चह्वान ने 1989-90 और मधु दंडवते ने 1990-91 का आम बजट पेश किया। यशवंत सिन्हा को वित्तमंत्री बनने का मौका तो मिला लेकिन वह केवल अंतरिम बजट ही पेश कर सके। मनमोहन सिंह ने 1991 मई में चुनावों के बाद वित्तमंत्री के तौर पर बजट पेश किया। अगले वार्षिक बजट के लिए 1992-93 में सिंह ने खुली अर्थव्यवस्था और विदेशी निवेश को प्रोत्साहित किया और निर्यात डच्यूटी 300 प्रतिशत से छटा कर 50 प्रतिशत कर दी। 1996 में चुनावों के बाद...

 

पूर्व वित्तमंत्री मोरारजी देसाई ने आठ बार आम बजट पेश किया है और वह अभी तक सबसे ज्यादा बार बजट पेश करनेवाले वित्तमंत्री हैं।



मोरारजी देसाई ने 1959-60 और 1963-64 का आम बजट और 1962-63 अंतरिम बजट पेश किया था। उन्होंने 29 फरवरी को 1964 और 1968 में बजट पेश किया और वह भारत के पहले वित्तमंत्री बनें जिन्होंने अपने जन्मदिन पर बजट पेश किया।



उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में पांच आम बजट और अंतरिम बजट और दूसरे कार्यकाल में तीन आम बजट पेश किया, जब वह वित्तमंत्री होने के साथ ही उपप्रधानमंत्री भी थे।



देसाई के इस्तीफा देने के बाद इंदिरा गांधी ने वित्तमंत्री का कार्यभार भी संभाला और वह पहली महिला वित्तमंत्री बन गई।



 

भारतीय संविधान के वार्षिक वित्त विवरणी (1) अनुच्छेद 112 के अनुसार आम बजट स्वंत्रत भारत में हर साल फरवरी के अंतिम कार्यदिवस को वित्तमंत्री द्वारा संसद में पेश किया जाता है। 1 अप्रेल को लागू होने से पहले इसे संसद में पास होना जरूरी है। 1 अप्रेल से भारत का वित्तीय वर्ष शुरू होता है।