Higher Education for a loan
Higher Education for a loan
Home > Personal Finances > Karz Se Kamai
Source: बिजनेस भास्कर नई द
Published: August 19

हायर एजुकेशन के लिए लोन


सभी बड़े विश्वविद्यालयों में दाखिले की दौड़ जारी है। ऐसे में कई स्टूडेंट अच्छे नंबरों के बाद भी दाखिला लेने में डर रहे हैं। दिन पर दिन महंगे होती उच्च शिक्षा कई लोगों की जेब से बाहर होती जा रही है। पिछले कुछ सालों में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स की पढ़ाई काफी महंगी हुई है। ऐसे में बड़े प्रोफेशनल कोर्स करने का सपना देखने वाले ज्यादातर स्टूडेंट के लिए एजुकेशन लोन एक बड़ा सहारा है।

कई कोर्स के लिए ले सकते हैं लोन
हायर एजुकेशन के लिए जाने वाले स्टूडेंट पढ़ाई के लिए लोन का सहारा ले सकते हैं। बैंक फुल टाइम ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स के लिए लोन देते हैं। सामान्य तौर पर बैंक टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर और मेडिसीन जैसे कोर्स के लिए लोन देते हैं। इन कोर्स के अलावा साइंस, मैथेमेटिक्स और स्टैटिक्स की पढ़ाई के लिए भी लोन लिया जा सकता है। आप जिस बैंक से लोन लेने की सोच रहे हैं देख लें कि वो आपके कोर्स को फंड करता है या नहीं।

किन चीजों के लिए मिलता है लोन
बैंक से मिलने वाला लोन आपकी पढ़ाई के साथ कई चीजों का खर्चा उठाती है। मसलन आपके कोर्स की फीस के साथ इक्जामिनेशन, लाइब्रेरी और होस्टल की फीस भी एजुकेशन लोन में शामिल होती हैं। इसके अलावा आपके कोर्स से जुड़े प्रोजेक्ट और किताबों का खर्च भी लोन की राशि में जोड़े जा सकते हैं। पढ़ाई के सिलसिले में अगर स्टूडेंट को कहीं बाहर जाना पड़े तो इसके लिए भी लोन मिलता है। वहीं पढ़ाई पूरी करने के लिए अगर टू-विलर बहुत ही जरूरी हो तो कुछ बैंक इसे भी एजुकेशन लोन में शामिल करते हैं।

कितना मिल सकता है लोन
एक ही कोर्स के लिए सभी बैंकों से मिलने वाली लोन की राशि अलग-अगल हो सकती है। पर सामान्य तौर पर बैंक भारत में पढ़ाई के लिए 7.5 लाख से 10 लाख तक लोन देते है। वहीं विदेशों में पढ़ाई के लिए अधिकतम 15 लाख से 20 लाख रुपये तक लोन मिल सकता है। बैंक कोर्स के पूरे खर्च के बराबर लोन नहीं देते हैं। सामान्य तौर पर लोन की राशि आपके खर्च का 80 फीसदी तक ही होती है। बाकी की मार्जिन मनी आपको खुद देनी होती है। बैंक ऐसा इसलिए करते हैं ताकि ये देखा जा सके कि स्टूडेंट पढ़ाई को लेकर कितना गंभीर है। मतलब अगर कोर्स में उसके खुद के भी पैसे लगे हों तो कोर्स बीच में छोड़ने की उम्मीद कम ही होती है।

क्या होगी ब्याज की दर
एजुकेशन लोन पर लगने वाली ब्याज दर भी सभी बैंकों में अलग-अलग हो सकती है। ये लोन ली गई राशि पर निर्भर करती है। पर साधारण तौर पर ब्याज दर 11.25 फीसदी से 13.5 फीसदी के बीच हो सकती है। एजुकेशन लोन लेने पर आपको ब्याज के अलावा कुछ दूसरे चार्ज भी देने होते हैं। प्रोसेसिंग फीस और पेपरवर्क के नाम पर आपको 2.25 से 2.50 फीसदी तक अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है।

किन कागजात की है जरूरत
बैंक लोन देते समय कई जरूरी कागजात की जांच करती है। इसमें सबसे जरूरी कागजात कोर्स में एडमिशन का प्रूफ है। बैंक बिना एडमिशन प्रूफ देखे लोन नहीं देते। इसके साथ ही फीस जमा करने का पूरा शिड्यूल देखते हैं जो स्टूडेंट को संस्थान की तरफ से मिलता है। साथ ही पिछली पढ़ाई का मार्कशीट भी बैंक को दिखाना होता है। अगर लोन के लिए आवेदन करने वाला नौकरी करता हो तो उसे बैंक अकाउंट स्टेटमेंट और इनकम के प्रूफ देने होते हैं। साथ ही पिछले दो सालों के इनकम टैक्स असेसमेंट ऑर्डर बैंक को दिखाने होते हैं। इसके अलावा आमदनी के दूसरे साधन और देनदारियों की जानकारी भी बैंक को देनी होती है। बड़े लोन के लिए बैंक गारंटर की मांग करते हैं जिसे भी यही सारे कागजात दिखाने होते हैं।

कब चाहिए गारंटर
4 लाख तक के लोन के लिए किसी गारंटर या सिक्युरिटी की जरूरत नहीं होती है। पर इससे ऊपर के लोन स्टूडेंट को नहीं दिए जाते। इसके लिए आमदनी प्राप्त करने वाले किसी व्यक्ति को गारंटर बनना होता है। उनकी आमदनी और उनके द्वारा जमा सिक्युरिटी के आधार पर ही लोन दिया जाता है। सिक्युरिटी के रूप में गोल्ड, शेयर और दूसरे निवेश पत्र जमा किए जा सकते हैं।

कब शुरू करें लोन चुकाना
ज्यादातर बैंक कोर्स खत्म करने के एक साल बाद या नौकरी लगने के छह महीने बाद जो भी पहले हो, उस समय से लोन वापसी की किश्तें शुरू करने को कहते हैं। लोन चुकाने के लिए मिलने वाली अवधि हर बैंक के नियमों के मुताबिक अलग-अलग हो सकता है। आपको इसके लिए 10 से 15 साल का समय मिलता है। जितनी बड़ी आपकी लोन की राशि होगी लोन चुकाने के लिए आपको उतनी ही लंबी अवधि मिलेगी। अगर अपनी आमदनी अच्छी हो तो आप बैंक से बड़ी मासिक किश्तों के लिए भी बात कर सकते हैं। इससे आपका लोन जल्द चुकता हो जाएगा।

क्या है टैक्स बेनिफिट की संभावना
आयकर कानून के सेक्शन 80 ई के तहत एजुकेशन लोन के लिए दिए जाने वाले ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है। पर प्रींसिपल अमाउंट पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलती है। ब्याज पर टैक्स छूट के मामले में कोई ऊपरी सीमा नहीं रखी गई है। टैक्स से मिलने वाली छूट 7 सालों के लिए है। साथ ही ये छूट सिर्फ हायर एजुकेशन के लिए लोन लेने पर मिलती है। किसी वित्तीय संस्थान या सरकार से मान्यता प्राप्त चैरिटेबल संस्थान से ही लोन लेने पर टैक्स छूट मिलती है। एजुकेशन लोन और टैक्स छूट का फायदा उठाकर स्टूडेंट कोई भी कोर्स कर सकते हैं। पैसों की कमी की वजह से पढ़ाई करने में अक्षम लोगों के लिए एजुकेशन लोन पढ़ाई पूरी करने का बेहतर रास्ता है।

Have Your Say

Your Say
Your Name
Email
Code