Domestic Price parity of natural rubber
Domestic Price parity of natural rubber
Source: बिजनेस भास्कर नई द
Published: August 29

विदेश और घरेलू बाजार में नेचुरल रबर समान भाव पर


वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से विदेशी बाजार में पिछले एक महीने में नेचुरल रबर के दाम 13 फीसदी बढ़ चुके हैं। सिंगापुर के सीकॉम एक्सचेंज में नेचुरल रबर के भाव गुरुवार को बढ़कर 103-102 रुपये प्रति किलो (भारतीय मुद्रा में) हो गए।

विदेश में तेजी आने से नेचुरल रबर के भाव भारत के घरेलू दाम के बराबर हो गए हैं। इसलिए भारत में नेचुरल रबर का आयात घटने की संभावना है। घरेलू बाजार में भी इसके भाव 102-104 रुपये प्रति किलो चल रहे हैं। अभी तक भारी आयात होने से घरेलू नेचुरल रबर के दामों पर दबाव बना हुआ था। अब आयात घटने पर घरेलू बाजार में नेचुरल रबर के दाम 10 से 15 फीसदी बढ़ने की संभावना बन गई है। कोच्चि स्थित मैसर्स हरि संस मलयालम लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज कपूर ने बिजनेस भास्कर को बताया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में आए सुधार के कारण ऑटो इंडस्ट्री की मांग बढ़ी है। इसीलिए विदेशी बाजार में नेचुरल रबर के दाम लगभग 13 फीसदी बढ़ चुके हैं।

सीकॉम में आरएसएस-3 रबर के भाव 103 रुपये और आरएसएस-4 के भाव 102 रुपये प्रति किलो हो गए। इस समय कोट्टायम में आरएसएस-4 104 रुपये और आरएसएस-5 रबर 102 रुपये प्रति किलो बिक रही है। पिछले दिनों भारत के मुकाबले विदेशी बाजार में नेचुरल रबर के भाव 18 से 20 रुपये प्रति किलो कम थे जिसके कारण भारत में आयात बढ़ रहा था। जुलाई महीने में देश में नेचुरल रबर का आयात बढ़कर 20,412 टन का हुआ है जो जबकि पिछले साल जुलाई के मुकाबले करीब आठ गुना ज्यादा है। पिछले साल जुलाई में 2,589 टन का ही आयात हुआ था। इस दौरान कच्चे तेल की कीमतों में आए सुधार से भी नेचुरल रबर की तेजी को बल मिला है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 71 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रही हैं।

रबर बोर्ड के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जुलाई तक देश में नेचुरल रबर के उत्पादन में 13 फीसदी की कमी आई है। इस दौरान उत्पादन घटकर 2,09,825 टन का ही हुआ है। रबर मर्चेट एसोसिएशन के सचिव अशोक खुराना का अनुमान है कि विदेश में भाव बढ़ने से आगामी महीनों में देश में रबर का आयात गिरेगा। इसलिए घरेलू बाजार से मांग बढ़ जाएगी। प्रतिकूल मौसम के कारण अप्रैल से जुलाई में तो उत्पादन कम रहा है लेकिन सितंबर से दिसंबर तक उत्पादन का प्रमुख सीजन होता है। ऐसे में आगामी महीनों में उत्पादन भी बढ़ेगा। लेकिन मांग में इजाफा होने से नेचुरल रबर की मौजूदा कीमतों में 10 से 15 फीसदी की तेजी आ सकती है।

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