जजों की संपत्ति का ब्योरा ऑनलाइन
नई दिल्ली। देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) केजी बालकृष्णन तथा सुप्रीम कोर्ट के 20 अन्य जजों की संपत्ति का ब्योरा आधिकारिक वेबसाइट पर सोमवार को डाल दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के मुताबिक, संपत्ति की घोषणा पूर्णत: स्वैच्छिक आधार पर की गई है।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करने का फैसला पिछले हफ्ते तब लिया गया था जब सीजेआई तथा अन्य जजों ने दशहरा व दीपावली के दौरान अपनी संपत्ति के ब्योरे को अंतिम रूप दिया था। कुछ ने बाकायदा पेशेवराना चार्टर्ड एकाउंटेट्स की सेवाएं भी ली थीं। वेबसाइट पर पिछले महीने रिटायर हुए जस्टिस बीएन अग्रवाल की संपत्ति का भी ब्योरा है जबकि मौजूदा जस्टिस एचएस बेदी का नाम संपत्ति घोषित करने वाले जजों की सूची में फिलहाल नहीं है।
शीर्ष कोर्ट के जजों ने यह कदम संपत्ति घोषित न करने के मुद्दे पर कानूनी बिरादरी तथा सार्वजनिक तौर पर लंबे समय से जारी आलोचना के बाद उठाया है। इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को दिए ऐतिहासिक फैसले में केंद्रीय सूचना आयुक्त (सीआईसी) का निर्देश बरकरार रखा था कि सुप्रीम कोर्ट सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदक सुभाष सी अग्रवाल को जरूरी ब्योरा मुहैया कराए। अग्रवाल ने आवेदन में पूछा था कि क्या शीर्ष कोर्ट के जजों ने 1997 के एक प्रस्ताव के अनुरूप संपत्ति का ब्योरा सीजेआई को सौंपा है या नहीं। (प्रेट्र)