
अपने कारोबार में सुधार को देखते हुए छोटी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) भी अपने बिजनेस का विस्तार करने में जुट गई हैं। इसके तहत कंपनियां देश भर के छोटे शहरों में अपना कारोबार बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। छोटे वाणिज्यिक वाहनों और पैसेंजर कारों की मांग बढ़ने से ही इन कंपनियों के कारोबार में तेजी आई है।
दिल्ली स्थित बंसल क्रेडिट लिमिटेड के निदेशक रमन अग्रवाल ने बिजनेस भास्कर को बताया कि बाजारी माहौल में सुधार का असर छोटी कंपनियों के कारोबार पर भी पड़ा है। इस समय बंसल क्रेडिट हर महीने औसतन तीन करोड़ रुपये मूल्य के वाहनों के लिए फाइनेंस मुहैया करा रही है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या तिपहिया वाहनों की है। उन्होंने कहा, खास बात यह है कि वाणिज्यिक वाहनों का बिजनेस भी अब हमारे पास आ रहा है। ग्लोबल आर्थिक संकट के समय ज्यादातर बिजनेस बैंकों के पास चला गया था। कारोबार को सुधरते देख कंपनी अब उत्तराखंड के हरिद्वार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब में अपना बिजनेस बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इस समय कंपनी वाहनों के लिए 15 से 18 फीसदी ब्याज दर पर कर्ज दे रही है।
पंजाब की पी.के.एस.फाइनेंस के प्रबंध निदेशक आलोक सोढी ने बताया कि सितंबर का महीना कंपनी के कारोबार के लिए काफी अच्छा रहा। हालांकि, अक्टूबर का महीना उतना अच्छा नहीं रहा है। फिर भी पिछले साल के सितंबर-अक्टूबर की तुलना में इस साल 10-15 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस समय कंपनी दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के शहरों में अपने कारोबार का विस्तार कर रही है। उन्होंने बताया कि इस समय कंपनी वाहनों के लिए 12-18 फीसदी ब्याज दर पर कर्ज दे रही है।
उत्तराखंड में कारोबार करने वाली मयूर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड के एक निदेशक डी.के.जिंदल ने बताया कि सितंबर-अक्टूबर का महीना कंपनी के कारोबार के हिसाब से काफी अच्छा रहा है। इस दौरान पिछले साल के मुकाबले कारोबार में 25 फीसदी तक बढ़ोतरी देखने को मिली है। कारोबार में तेजी को देखते हुए कंपनी उत्तर प्रदेश में भी अपना व्यवसाय बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इस समय कंपनी हर महीने औसतन 20-25 लाख रुपये का कारोबार कर रही है। s.prashant@businessbhaskar.net