सिटी BLOGGERS
By: बसंत शाहजीत
पदुम कका का दो मंजिला घर काफी ऊंचाई पर है। उनके घर में अब दो परिवार साथ थे। सब सोच रहे थे कि उनके घर में पानी नहीं पहुंचेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। करीब आधे घंटे में ही पानी उनके...By: दिलीप जायसवाल
सात साल पहले की बात। नक्सलियों के दहशत की बात। जब गांव में रहता था। स्कूल में पढ़ता था। गांव में शाम ढलने से पहले चरवाहे मवेशी लेकर घर आ जाते थे। खेतों से लोग जल्दी लौट आते...By: बसंत शाहजीत
दोस्तो, रायपुर में रहते हुए मुझे अपनी जोंक नदी से दूर होने का गम सालता रहता है। यह मेरे बचपन का जरूरी हिस्सा है। इसने मुझे मां की गोद जैसा सुकून दिया। इसमें तैरने का मैंने...By: दिलीप जायसवाल
हम इतने तेज चले कि वो पीछे छूट गया। उसके आने जाने के लिए भी रास्ते नहीं हैं। अगर कोई उसके साथ निकलता है तो भीड़ में कब खो जाता है उसे खुद पता नहीं चलता। हां लेकिन मैंने उसे...