सात साल पहले की बात। नक्सलियों के दहशत की बात। जब गांव में रहता था। स्कूल में पढ़ता था। गांव में शाम ढलने से पहले चरवाहे मवेशी लेकर घर आ जाते थे। खेतों से लोग जल्दी लौट आते...
चार साल से तुम्हे बहुत करीब से देख रहा हूं। इसके बाद भी नहीं समझ पाया था कि तुम्हारे पास ऐसा भी दिल है जो हमेशा के लिए मुझे अपना बनाकर रख सकता है। हां, रायपुर मैंने पिछले एक...
हम इतने तेज चले कि वो पीछे छूट गया। उसके आने जाने के लिए भी रास्ते नहीं हैं। अगर कोई उसके साथ निकलता है तो भीड़ में कब खो जाता है उसे खुद पता नहीं चलता। हां लेकिन मैंने उसे...