भास्कर न्यूज त्न दंतेवाड़ा
दक्षिण बस्तर में बढ़ते माओवादी हिंसा का असर सामाजिक, आर्थिक ढांचे पर भी पड़ा है। इसके चलते महंगाई में इजाफा हुआ, तो रोटी-बेटी का संबंध भी अछूता नहीं रहा।
बड़े शहरों व दीगर इलाके के लोग यहां रिश्ता करने से कतराने लगे हैं । इसके चलते बीते एक दशक से रिश्तेदारी का दायरा आस-पास के इलाके तक सिमटता दिखा है।
किसी समय व्यापारिक बस्ती के तौर पर मशहूर रहे नकुलनार, गादीरास, तोंगपाल जैसी जगहों के व्यवसायी परिवारों का रिश्ता तय हो भी जाए, तो शादी के लिए रायपुर, जगदलपुर जैसे शहरों में तिलक, फेरे व रिसेप्शन के आयोजन का दबाव दूसरे पक्ष के लोग डालते हैं।
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