जयपुर की महेश कॉलोनी के राम अवतार धुत का कहना है कि जेपी फाटक के पास हर 20 मिनट के अंदर ही फाटक को बार बार बंद कर दिया जाता है।
मूर्तिकला कॉलोनी स्किम नंबर 4 में रहने वाले गोपाल शर्मा का कहना है कि ३क् साल पहले बसी यह कॉलोनी अभी भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
जयपुर की शिव कॉलोनी निवासी एस के शर्मा के द्वारा भास्कर डॉट कॉम को दी गई इस सूचना को हम सिटीजन जर्नलिज्म के तहत प्रकाशित कर रहें है।
जयपुर के कीर्तिनगर कॉलोनी में रहने वाले डॉ. इंद्रजीत गुप्ता के द्वारा भास्कर डॉट कॉम को दी गई इस सूचना को हम सिटीजन जर्नलिज्म के तहत प्रकाशित कर रहें
मुक्तानंद नगर निवास एस. के. मोहन प्रिया के द्वारा भास्कर डॉट कॉम को दी गई इस सूचना को हम सिटीजन जर्नलिज्म के तहत प्रकाशित कर रहें है।
हुडा ने एमडीसी के सेक्टर-6 में ले-आउट प्लान में चौथी बार बदलाव कर दिया है। ये बदलाव राज्य के करीब 7 दर्जन विधायकों व सांसदों के बंगलों के लिए सरकार...
स्वाइन फ्लू का जयपुर में एक और रोगी जांच में पॉजीटिव पाया गया है। अब तक जयपुर में पांच पॉजीटिव केस मिल चुके हैं।
प्रदेश की आर्थिक राजधानी यानी इंदौर। पिछले दो साल से यहां की सड़कें तो मानों दम तोड़ चुकी हैं और प्रशासन है कि गहरी नींद से जाग ही नहीं पा रहा है।
भोपाल शहर की सड़कों के तो क्या कहने। अगर लिंक रोड नंबर एक और दो को छोड़ दें तो बाकी सड़कें तो ऐसी हैं कि रोज सफर करने वालों का खाना बिना किसी व्यायाम
तीन साल में भी नहीं ठीक किए गए कोटरा के भवन...
गुलाबी शहर यानी पिंक सिटी, जहां दुनिया भर से सैलानी आते हैं। इससे शहर तो शहर राज्य को भी आय होती है। शहर की प्रसिद्धि के कारणों में से एक कारण है
इंदौर शहर, कहने के लिए मिनी मुंबई, पर हालात मुंबई से भी खराब हैं। सुनने में आता है कि इंदौर से राज्य को सबसे ज्यादा वाणिज्य की प्राप्ति होती है फिर
भोपाल कहने को तो प्रदेश की राजधानी है पर यहां के सरकारी मकानों की हालत देखकर विश्वास नहीं किया जा सकता है कि वाकई यह राजधानी है।
मालवीय नगर सेक्टर-13 में टैंकरों से हुई पानी की सप्लाई, नई पाइपलाइन डाली, विभाग को नहीं मिला लीकेज...
शहर के कई इलाकों में मुख्य सड़क के दोनों किनारों पर राखियों की अस्थाई रूप से दुकानें सजती हैं।
हाईकोर्ट के फटकार के बाद भी शहर का कचरा संग्रहण केन्द्र और मुख्य सड़क गंदगी से भरा पड़ा है।
चंडीगढ़ में भी अब रैगिंग की घटनाएं जोड़ पकड़ने लगी है। अच्छी पढ़ाई के लिए यहां देश भर से छात्र-छात्राएं आते हैं और शहर की अर्थव्यवस्था में अपना.....
एक तरफ तो नगर निगम अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों को परेशान कर रहा है वहीं दूसरे लोगों को सरेआम छोड़ा जा रहा है।
राजस्थान के दूसरे सबसे बड़े शहर जोधपुर में सुव्यवस्थित यातायात के लिए अभी तक कोई ट्रैफिक प्लान ही नहीं बन पाया है।
यूं तो इंदौर शहर में कई समस्याएं हैं जिनपर ध्यान दिया जाना चाहिए लेकिन बारिश के मौसम को देखते हुए गंदगी व नालों की सफाई न होना सबसे परेशानी है।