राजनीति

खामोश गांधी और मोदी 3.0

मेरी इस बात से ज्यादातर लोग सहमत होंगे कि आजाद भारत के इतिहास में सबसे सफल राजनीतिक पार्टी की कमान संभालने वाला गांधी परिवार देश का सबसे शक्तिशाली परिवार है। फिर भी आश्चर्यजनक ढंग से उन्होंने सीमित संवाद की रणनीति अपना रखी है। गांधी परिवारके लोग किसी सार्वजनिक मंच...

Posted by Chetan Bhagat |Posted on 1278 days ago

बाल ठाकरे की कमजोरी थी सिगार, नॉन वेज और व्‍हाइट वाइन

भारत में शायद ही ऐसा कोई पत्रकार हो जिसने अपने कॅरियर के दौरान कभी न कभी शिव सेना सुप्रीमो बाल ठाकरे का साक्षात्कार लेना न चाहा हो। मैं खुद को बाकियों से ज्यादा सौभाग्यशाली मानता हूं। मैंने बाल ठाकरे का साक्षात्कार एक नहीं, कई बार किया। अंतिम बार मैंने उनका...

Posted by Mark Manuel |Posted on 1321 days ago

...तो इसलिए सफल हो रही है 'सन ऑफ सरदार'

बॉलीवुड

अजय देवगन की 'सन ऑफ सरदार' में संजय दत्त की शादी जूही से हो रही है और परिवार के सदस्य की पुश्तैनी दुश्मन द्वारा हत्या का समाचार मिलने पर संजय दत्त शपथ लेते हैं कि हत्यारे के वंश का नाश करने के बाद ही वे विवाह करेंगे। कई वर्ष पश्चात आधी दुल्हन अपनी ननद हो सकने वाली...

Posted by J P Chowksey |Posted on 1319 days ago

मैं चंडी सी बन जाऊं, अपनी तलवार मुझे दे दे

राजनीति

महिलाएं हमें और माफ नहीं करेंगी। वे सारे देश का उफान देख रही हैं। संसद की बहस उनके कानों में सीसा भर रही है। महिला आयोगों का सच उनके सामने आ रहा है। देशवासियों की उनके प्रति चिंता से वे चिंतित भी हो रही हैं। किन्तु भीतर ही भीतर वे कुछ अलग ही तय कर रही हैं। धधक रही हैं।...

Posted by Kalpesh Yagnik |Posted on 1286 days ago

सरकार 16 साल के बच्चों के ‘संबंध’ वैध करने जा रही है; आप कुछ कहेंगे नहीं?

राजनीति

'16 क्या, सेक्स संबंध तो 14 वर्ष के बच्चों के मान्य होने चाहिए क्योंकि वे अब ‘सहमति’ और शोषण में अंतर बखूबी समझते हैं।'                      - केंद्रीय कानून मंत्रालय का नोट 6 मार्च 2013 को।  'हर दूसरी भारतीय लड़की की कम उम्र में शादी की जा रही है। 470 बच्चियां यहां 18 से...

Posted by Kalpesh Yagnik |Posted on 1205 days ago

किसी तरह की परीक्षा दे रहे हैं? तो इसे जरूर पढ़िए

राजनीति

‘हमसे बड़ी गलती हो जाएगी, इस भय के साथ जीना ही सबसे बड़ी गलती...

Posted by Kalpesh Yagnik |Posted on 1165 days ago

दिल नहीं, ज़रा दिमाग से सोचिए जनाब!

विविध

  लोग कितने भावुक और मूर्ख हैं। जिधर हवा चली, उधर हो लिए। मीडिया ने जो कहा वही मान लिए। कुंडा में गांव वालों ने डीएसपी की हत्या की, तो लोगों ने राजा भैया को दोषी ठहरा दिया। बिना यथास्थिति जाने हवाबाजी करने लगे। मीडिया ने भी अपना फैसला सुना दिया। हर तरफ एक ही...

Posted by Mukesh Kumar Gajendra |Posted on 1211 days ago