राजनीति

खामोश गांधी और मोदी 3.0

मेरी इस बात से ज्यादातर लोग सहमत होंगे कि आजाद भारत के इतिहास में सबसे सफल राजनीतिक पार्टी की कमान संभालने वाला गांधी परिवार देश का सबसे शक्तिशाली परिवार है। फिर भी आश्चर्यजनक ढंग से उन्होंने सीमित संवाद की रणनीति अपना रखी है। गांधी परिवारके लोग किसी सार्वजनिक मंच...

Posted by Chetan Bhagat |Posted on 480 days ago

...तो इसलिए सफल हो रही है 'सन ऑफ सरदार'

बॉलीवुड

अजय देवगन की 'सन ऑफ सरदार' में संजय दत्त की शादी जूही से हो रही है और परिवार के सदस्य की पुश्तैनी दुश्मन द्वारा हत्या का समाचार मिलने पर संजय दत्त शपथ लेते हैं कि हत्यारे के वंश का नाश करने के बाद ही वे विवाह करेंगे। कई वर्ष पश्चात आधी दुल्हन अपनी ननद हो सकने वाली...

Posted by J P Chowksey |Posted on 521 days ago

बाल ठाकरे की कमजोरी थी सिगार, नॉन वेज और व्‍हाइट वाइन

भारत में शायद ही ऐसा कोई पत्रकार हो जिसने अपने कॅरियर के दौरान कभी न कभी शिव सेना सुप्रीमो बाल ठाकरे का साक्षात्कार लेना न चाहा हो। मैं खुद को बाकियों से ज्यादा सौभाग्यशाली मानता हूं। मैंने बाल ठाकरे का साक्षात्कार एक नहीं, कई बार किया। अंतिम बार मैंने उनका...

Posted by Mark Manuel |Posted on 523 days ago

शाहरुख का विस्तार और नियति की सीमाएं

राजनीति

धन एक अजीब उद्दीपक है। यह हठ को अकड़ देता और बुद्धि को नरम करता है, जबकि इसका उल्टा ज्यादा उपयोगी हो सकता था। इसमें थोड़ी-सी चेहरे की पहचान भी मिला लीजिए, जिसके लिए सेलिब्रिटी बड़े बेकरार रहते हैं और प्रतिमा-भक्त जिसकी पेशकश करते हैं। और फिर जो कॉकटेल बनता है, वह इतना...

Posted by M J Akbar |Posted on 522 days ago

मैं चंडी सी बन जाऊं, अपनी तलवार मुझे दे दे

राजनीति

महिलाएं हमें और माफ नहीं करेंगी। वे सारे देश का उफान देख रही हैं। संसद की बहस उनके कानों में सीसा भर रही है। महिला आयोगों का सच उनके सामने आ रहा है। देशवासियों की उनके प्रति चिंता से वे चिंतित भी हो रही हैं। किन्तु भीतर ही भीतर वे कुछ अलग ही तय कर रही हैं। धधक रही हैं।...

Posted by Kalpesh Yagnik |Posted on 488 days ago

दिल नहीं, ज़रा दिमाग से सोचिए जनाब!

विविध

  लोग कितने भावुक और मूर्ख हैं। जिधर हवा चली, उधर हो लिए। मीडिया ने जो कहा वही मान लिए। कुंडा में गांव वालों ने डीएसपी की हत्या की, तो लोगों ने राजा भैया को दोषी ठहरा दिया। बिना यथास्थिति जाने हवाबाजी करने लगे। मीडिया ने भी अपना फैसला सुना दिया। हर तरफ एक ही...

Posted by Mukesh Kumar Gajendra |Posted on 413 days ago

एक खुला पत्र राहुल के नाम

राजनीति

डियर राहुल,आप तक ऐसे व्यक्ति का पहुंचना असंभव है, जिसने आपकी, आपके परिवार की या आपकी पार्टी की दशकों सेवा न की हो। लिहाजा, मुझे मजबूरन इस ‘खुला पत्र’ प्रारूप का सहारा लेना पड़ रहा है। आपने हाल ही में राजनीति और देश में बदलाव की जरूरत पर बात की। सच कहूं तो आप किसी सारभूत...

Posted by Chetan Bhagat |Posted on 452 days ago