चुनाव एक तरह से नेताओं का वजन नापने का तराजू है और साथ-साथ प्रजा का फोटो भी खींचता है। लेकिन सच्ची छवि तभी दिखती है जब ज्यादा मतदान हो।
गुजरात विधानसभा चुनाव में इस बार अनेक ज्योतिषियों का मानना है कि कोई भी पार्टी स्पष्ट बहुमत में नही आ सकती है।
टिकट का आवेदन करने वालों को पीसीसी ने तगड़ा झटका दिया है। अब नेताओं को दिल्ली की दौड़ लगानी पड़ सकती है।
प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के गठन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अब गांव-गांव पहुंचने का लक्ष्य है।