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  • सामान्य से 12 फीसदी कमी के साथ खत्म हुआ मानसून
    मानसून सीज़न आधिकारिक तौर पर मंगलवार को खत्म हो गया दक्षिण पश्चिम मानसून इस साल 12% कम दर्ज की गई इस सीज़न में 29 सितंबर तक कुल 775.7 मिलीमीटर बरसात हुई है औसतन इस सीज़न में 883 मिलीमीटर बारिश होती है। मौसम विभाग के कुल 36 में से 12 सब डिविज़न में सामान्य से बहुत कम बरसात हुई 23 सब डिविज़न में सामान्य बरसात दर्ज की गई है कर्नाटक के 1 सब डिविज़न में सामान्य से ज़्यादा बरसात दर्ज की गई है
    October 1, 10:12
  • देश में घटेगा दालों का उत्पादन, 35 लाख टन होगा आयात
    भारतीय दाल और अनाज एसोसिएशन के सर्वे के मुताबिक इस साल खरीफ सीजन के दौरान दालों का उत्पादन 10-15% घट सकता है। जिसके कारण इस साल देश में 32-35 लाख टन दाल इंपोर्ट होने की संभावना है। 2014-15 में 210-220 लाख टन दाल की खपत हो सकती है। अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय के मुताबिक दालों का उत्पादन 183.33 लाख टन हो रह सकता है। 2013-14 में कुल दालों का उत्पादन 192.7 लाख होने की संभावना है।   कृषि मंत्रालय के पहले अग्रिम अनुमान के मुताबिक इस खरीफ सीजन में दालों का उत्पादन 52 लाख टन होने का अनुमान है, IPGA 50-55 लाख टन मान रहा है। पिछले...
    October 1, 05:49
  • देश में 21 फीसदी बढ़ सकता है बासमती चावल का उत्पादन
    इस खरीफ सीजन में बासमती चावल का उत्पादन 21 फीसदी बढ़ सकता है। अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ के मुताबिक चालू सीजन में बासमती चावल का उत्पादन बढ़कर 80 लाख टन पहुंच सकता है। पिछले खरीफ सीजन में 66 लाख टन उत्पादन हुआ था। संघ के अनुमान के अनुसार अनियमित बारिश की वजह से देश के किसानों ने गैर बासमती की जगह बासमती की बुआई की है। दरअसल बासमती की फसल त्यार हो जाता है। अब तक पूरे देश में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश हुई है।   इस साल किसानों ने पूसा 1121 की जगह ज्यादा उपज वाले पूसा 1509 बासमती की बुआई की है जिसके कारण...
    September 26, 05:42
  • कर्नाटक और केरल में भारी बारिश की संभावना: IMD
    भारती मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी आंतरिक कर्नाटक और केरल में भारी बारिश की संभावना तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी बारिश के आसार दक्षिणी प्रायद्वीप में बारिश अब तक सामान्य से कम 5% हुआ है आंतरिक दक्षिण कर्नाटक में बारिश सामान्य से 17% ज्यादा दर्ज की गई जबकि केरल में अब तक सामान्य बारिश से 8% ज्यादा हुई है मानसून स्थिर बना हुआ है और अभी तक वापस नहीं हुआ है
    September 24, 04:26
  • जयपुर। आखिरकार मौसम विभाग ने मंगलवार को मानसून के लौटने की घोषणा कर दी। मौसम विभाग बीते 10 दिनों से अच्छी बारिश न होने के कारणों पर गौर कर रहा था। कुछ दिनों से तो प्रदेश में बिल्कुल ही बारिश नहीं हुई थी।    शुरू शुरू में यह अनुमान लगाया जा रहा था कि प्रदेश में मानसून की बारिश बहुत ही कम होगी। एक तरह से सूखा का वातावरण होगा लेकिन इंद्रदेव की मेहरबानी से इस साल मानसून की बारिश उम्मीद से ज्यादा हुई है।   मौसम विभाग के अनुसार तीन फीसदी और जल संसाधन विभाग के अनुसार 1.64 फीसदी अधिक वर्षा हुई है।...
    September 23, 07:14
  • खराब मानसून से खरीफ फसलों की बुआई में 2.5% की कमी
    देश में कमजोर मानसून की वजह से इस खरीफ सीजन में फसलों की बुआई पिछले साल के मुकाबले 2.5 फीसदी कम हुई है। खरीफ फसलों की बुआई का काम खत्म हो चुका है साथ ही उत्पादन का पहला अग्रिम अनुमान भी जारी हो चुका है। इसलिए बुआई के आंंकड़ों में बदलाव की संभावना बेहद कम नजर आ रही है।   देश के किसानों ने 10.15 करोड़ हेक्टेयर में फसलों की बुआई की है, पिछले साल 10.40 करोड़ हेक्टेयर में हुई थी। 12 सितंबर को खत्म हफ्ते में ये रकबा 9.99 करोड़ हेक्टेयर रहा था। पूरे सीजन के लिए सामान्य खरीफ रकबा 10.55 करोड़ हेक्टेयर है।     किस...
    September 22, 06:08
  • भोपाल. कमजोर पड़ चुके मानसून ने विदाई की तैयारी कर ली है। मप्र से एक हफ्ते में इसकी विदाई हो जाएगी और 1 अक्टूबर तक यह राजधानी से वापस चला जाएगा। मौसम विभाग ने यह अनुमान जताया है। राजधानी में इस साल सामान्य से 31.93 फीसदी पानी कम बरसा है। अब इस आंकड़े के सामान्य स्तर तक पहुंचने की उम्मीद नहीं है।   जून से सितंबर तक के चार महीने ही मानसून सीजन के माने जाते हैं। इस दौरान शहर में अाैसतन 109 सेमी बारिश होती है। वैसे, सामान्य से  19 फीसदी कम बारिश (92 सेमी) को भी सामान्य मान लिया जाता है, लेकिन इस साल यह उम्मीद...
    September 20, 07:47
  • कमजोर मानसून से 90 लाख टन घट सकता है खाद्यान उत्पादन
    कृषि मंत्रालय ने शुक्रवार को प्रमुख खरीफ फसलों के उत्पादन का पहला अग्रिम अनुमान जारी किया। पहले अनुमान के हिसाब से देश में खरीफ खाद्यान्नों का उत्पादन पिछले सीजन के मुकाबले 89.7 लाख टन घट सकता है। 2014-15 खरीफ सीजन में 12.02 करोड़ टन खाद्यान उत्पादन होने का अनुमान है। जबकि पिछले खरीफ सीजन में यह आंकड़ा 12.92 करोड़ टन का था।   कृषि मंत्रालय के अनुसार इस कमी की मुख्य वजह मानसून के आने में देरी और कम बारिश है। इसकी वजह से तमाम खरीफ फसलों का रकबा घटा है। देश के कई भागों में अनियमित बारिश और सूखे जैसे हालात...
    September 20, 06:38
  • उत्तर प्रदेश में घटने के बावजूद देश में बढ़ेगा चीनी का उत्पादन
    2014-15 में चीनी का उत्पादन 2.5 करोड़ टन से 2.55 करोड़ टन होने का अनुमान इससे पहले ISMA का अनुमान  2.53 करोड़ टन का था 2014-15 में 52.9 लाख हेक्टेयर में गन्ने की बुआई होने का अनुमान इससे पहले 52.3 लाख हेक्टेयर में गन्ने की बुआई होने का अनुमान था ISMA के मुताबिक महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन 93 लाख टन हो सकता है 2014-15 में महाराष्ट्र में गन्ने का रकबा 11 फसदी बढ़कर 10.4 लाख हेक्टेय हुआ उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन घटकर 60 लाख होने की संभावना
    September 17, 12:00
  • फार्म कमिश्नर : उत्तर प्रदेश के 44 जिलों को सूखा ग्रस्त घोषित
     बारिश में देरी की वजह से 33. 7 लाख हेक्टयर में कम हुई बुआई  साल 2014-15 में कपास की बुआई रिकॉर्ड स्तर पर  मानसून की स्थिति 2009 के मुलाबले इस साल बेहतर  उत्तर प्रदेश में 44 जिलो को सुखा ग्रस्त घोषित किया गया  हरयाणा में कुल 18 जिलो को सुखा घोषित किया गया है  मध्य भारत के लिए अगले दो हफ्ते बारिश के लिए महत्वपूर्ण  मध्य प्रदेश  राजस्थान में बारिश की वजह से बुआई में सुधार
    September 17, 12:55
  • मॉनसून सीजन के अंतिम महीने में रिकवरी
    मॉनसून सीजन का ये अंतिम महीना चल रहा है इस दौरान मॉनसून में काफी रिकवरी देखने को मिली है हालांकि अभी भी देश में सामान्य से करीब 11 फीसदी कम बारिश हुई मध्य और दक्षिण भारत में स्थिति कुछ हद तक ठीक है लेकिन पूर्वी और उत्तर पश्चिम भारत के कई इलाकों का हालात अभी भी चिंताजनक है खास तौर से उत्तार प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और मराठवाड़ा में बेहद कम बारिश हुई है ऐसे में सोयाबीन की कीमतों मे फिर से तेजी देखी जा रही है वायदा में इसका दाम करीब 1 फीसदी चढ़ा सरसों, चना और ग्वार में भी बढ़त पर कारोबार मसालों में...
    September 16, 01:49
  • उत्तर प्रदेश में 11 फीसदी घट सकता है चावल का उत्पादन
    देश के सबसे बड़े चावल उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में चावल का उत्पादन 2014-15 में 11 फीसदी घटकर 1.27 करोड़ टन रहने का अनुमान है। राज्य सरकार के पहले अनुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश में ज्यादातर फसल का उत्पादन घट सकता है। राज्य के अधिकारियों के मुताबिक कम बारिश होने से उत्पादकता घट सकती है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 4 सितंबर तक उत्तर प्रदेश में धान की बुआई 58 लाख हेक्टेयर में हुई है जो कि पिछले साल के मुकाबले 2.7 फीसदी कम है।             कैसा रहा मौसम का हाल   मौसम विभाग के मुताबिक...
    September 15, 03:51
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