Home >> Events >> Monsoon
  • 5 चीज़ें जो आप को skin serums के बारें में जाननी चाहिए
      Skin को healthy बनाने के लिए cleanser, toner, moisturiser बहुत जरूरी है, लेकिन dermatologists अच्छी स्किन के लिए serum भी recommend करते हैं। Serum एक strong formula होता है जिसमें fluid texture में skin के लिए बहुत असरदार ingredients होते हैं।  इसे थोड़ी quantity में moisturiser से पहले लगाया जाता है जिससे इसमें मौजूद nutrients skin को nourish करता है। Serums आपकी skin को protect करता है। इसे किस तरह से best result के लिए लगाना चाहिए, जानिए आगे पढ़ के…      1. कोई भी लगा सकता है serum   oily skin, dry skin, combination skin, ance-prone skin...इन सभी तरह के स्किन वाली लड़कियां serum लगा सकती हैं। इससे सभी स्किन टाइप को हेल्दी और smooth complection...
    December 5, 06:30
  • PHOTOS : बरसाती बादलों के बीच में बसा है ये नौ मंजिला महल
    (पहाड़ी पर स्थित सज्जनगढ़ महल की तस्वीर)   उदयपुर। राजस्थान का नाम आते ही किले, महल, हवेली और झील दिलो-दिमाग में घूमने लगता है। इन किले, महलों और हवेलियों की सबसे खास बात यह है कि इन सभी के इतिहास के पीछे एक रोचक कहानी है जो कि कहीं ना कहीं अपनी ओर आकर्षित करती है। राजस्थान का नाम आने से रेगिस्तान भी दिमाग और आंखों के सामने धूल उड़ाने लगता है। रेगिस्तान आता है तो गर्मी लगने लगती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि इस राज्य में ऐसी भी जगह है जहां गर्मी के मौसम में भी आपको ठंड लग सकती है और आप...
    November 29, 09:39
  • बुआई में देरी से इस रबी सीजन में घट सकता है गेहूं का उत्पादन
    अनियमित मानसून की बारिश से इस साल खरीफ फसल की बुआई में देरी हुई है जिसका असर रबी फसलों पर देखने को मिल सकता है। खरीफ फसलों की बुआई देरी से हुई जिसकी वजह से कटाई का काम भी देर से हो रहा है और इस सबके बीच गेहूं की बुआई पिछड़ गई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अनुसार उत्तरी और मध्य भारत गेहूं की बुआई 15 नवंबर के बाद होती है तो इसकी उत्पादकता 35 किलो प्रति हेक्टेयर घट जाएगी। वहीं सरकार आम तौर उत्तरी भारत में किसानों को मध्य नवंबर से पहले गेहूं की बुआई खत्म करने की सलाह देती है क्योंकि इसके बाद गेहूं...
    November 20, 05:38
  • राजस्थान में घट सकता है खरीफ अनाज का उत्पादन
    राजस्थान में खरीफ फसलों का उत्पादन घट सकता है। राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र में देर और अनियमित बारिश के कारण अनाजों का उत्पादन 14 लाख टन घटने का अनुमान है, वहीं दालों का उत्पादन 1.2 लाख टन उत्पादन पिछले साल के मुकाबले कम रह सकता है।     एग्रीकल्चर डिपार्मेंट के के पहले अनुमान के मुताबिक 2014 में चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का, और बाजरा सहित अनाज उत्पादन 48 लाख टन होने का अनुमान है पिछले साल 62 लाख टन हुआ था।   इसी तरह 2014 के खरीफ सीजन में दालों का उत्पादन 7.7 लाख टन पिछले साल के मुकाबले 2014 में लगभग 6.5 लाख टन...
    November 18, 05:43
  • भोपाल. बादल छंटने के साथ ही शहर में ठंड बढ़ गई है। सोमवार को एक ही दिन में रात का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस गिरा और 16.2 डिग्री के स्तर पर आ गया। मौसम विभाग का कहना है कि अब शहर में ठंड बढ़ेगी और मंगलवार को तापमान में और गिरावट आ सकती है।   राजधानी में सोमवार को दिन में ठंड का प्रभाव कुछ कम था। सोमवार को अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक उछाल आया और यह 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को यह 26.3 डिग्री था। मौसम केंद्र के निदेशक डॉ. अनुपम काश्यपि ने बताया कि अब तक बादलों ने उत्तरी हवाओं का...
    November 18, 07:03
  • राजधानी में उत्तर-पूर्वी मानसून से बारिश, हवाओं में घुली ठंडक
    रायपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून के गुजरने के बाद अब उत्तर-पूर्वी मानसून से राजधानी में बारिश हो रही है। सोमवार को सुबह ग्यारह बजे इसी के असर से बारिश हुई। हालांकि बारिश बहुत तेज नहीं थी। दक्षिण-पश्चिम मानसून के गुजरने के बाद अब उत्तर-पूर्वी मानसून से राजधानी में बारिश हो रही है। दस मिनट की बूंदाबांदी में एक मिलीमीटर के आसपास ही बारिश हुई। इस मानसून के असर से दिसंबर-जनवरी तक कभी-कभार बारिश की संभावना बनी रहेगी। उत्तर-पूर्वी मानसून के कारण दक्षिण भारत खासकर तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में...
    October 20, 03:21
  • 15-20% बढ़ गए पटाखों के दाम, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं से इंडस्ट्री को 200 करोड़ का झटका
    नई दिल्ली। इस साल देश में पटाखों के दाम 15 से 20 फीसदी बढ़े, लेकिन इसके बाबजूद देश की पटाखा इंडस्ट्री को खास राहत नहीं मिल सकी। इसका मुख्य कारण उड़ीसा, जम्मू कश्मीर और आंध्रप्रदेश में आए चक्रवाती तूफान हैं। साथ ही कमजोर मानसून के कारण कृषि आधारित राज्यों में ग्रामीण इलाकों से निकलने वाली मांग में कमी देखने को मिली है।   भारत में देसी पटाखों का कारोबार सालाना 3,000 करोड़ रुपए का है और इसमें भी अधिकतर देसी इकाइयां तमिलनाडु में हैं। देश में बनने वाले कुल पटाखों में से करीब 80 फीसदी तमिलनाडु के...
    October 19, 04:57
  • छत्तीसगढ़ में औसत बारिश के करीब पहुंचकर विदा हुआ मानसून
    रायपुर। छत्तीसगढ़ में औसत बारिश कराने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को लौट गया। विभाग ने मानसून समाप्ति की घोषणा कर दी। इस साल सीजन में 1100 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार लगभग 95 फीसदी से ज्यादा बारिश हो गई। मानसून के लौटने से पहले अक्टूबर में भी काफी ज्यादा बारिश हो गई। हालांकि यह खेती और अन्य लिहाज से थोड़ा घातक रहा। 19 जून को मानसून आने के बाद थोड़ा कमजोर रहा।   जून और जुलाई के पहले दो हफ्ते बारिश नहीं होने के कारण राज्य में खेती पिछड़ गई थी। जुलाई के दूसरे पखवाड़े से...
    October 18, 04:29
  • इंदौर में सोयाबीन की आवक 25 फीसदी घटी, कीमतों को सपोर्ट
    देश की सबसे बड़ी सोयाबीन की मंडी इंदौर में आवक पिछले साल के मुकाबले 25 फीसदी घट गया है। दरअसल कटाई की शुरुआत देरी से हुई है जिसके कारण मंडियों में आवक कमजोर है। आवक कम होने से कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। इंदौर अनाज तिलहन व्यापारी संघ के अध्यक्ष नंद किशोर अग्रावल के मुताबिक अब तक इंदौर में 150,000 बोरी(एक बोरी=100 किलो) की आवक हो चुकी है। पिछले साल समान अवधि में 200,000 बोरी की आवक हुई थी। अग्रवाल ने कहा इस खरीफ सीजन में मानसून देर आया जिसके कारण न सिर्फ बुआई पिछड़ी बल्कि कटाई भी देर से शुरु हुई है। सामान्य रूप...
    October 17, 04:52
  • कमजोर सप्लाई से 10 दिनों 10 फीसदी महंगा हुआ मूंग
    देश के बड़े दाल उत्पादक राजस्थान में मूंग दाल की कीमतों में पिछले 10 दिनों में 10 फीसदी की उछाल आ चुकी है। कीमतों में तेजी की मुख्य वजह कमजोर सप्लाई है। दरअसल इस सीजन मानसून में देरी से किसानों ने मूंग की जगह कपास और ग्वार की खेती की है। जिसके कारण बुआ का रकबा घटा है और उत्पादन कम रहने की संभावना है। वहीं बुआई में देरी से मंडियों में फसल की आवक एक महीने पिछड़ गई है। साथ ही अकोला और गुलबर्गा में उम्मीद से कम आवक के चलते कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है।   700-800 रुपए प्रति क्विंटल महंगा हुआ मूंग...
    October 15, 02:46
  • कमजोर मानसून से 6 फीसदी घट सकता है चावल उत्पादन
    कमजोर बारिश के चलते इस साल देश में चावल का उत्पादन 6.54 फीसदी घट सकता है। अमेरिकी एग्रीकल्चर डिपार्मेंट(USDA) के मुताबिक 2014-15 में 10 करोड़ टन चावल उत्पादन होने की संभावना है। पिछेल साल 10.654 करोड़ टन उत्पादन हुआ था। USDA का मानना है कि अक्टूबर-नवंबर में भी बारिश की कमी और 'सामान्य' चक्रवात जारी रहेगा जिसके कारण रबी सीजन में भी चवाल की फसल प्रभावित होगा।   2014-15 में खरीफ चावल का उत्पादन 8.7 करोड़ टन हो सकता है। पिछले साल 91.7 करोड़ टन हुआ था। वहीं रबी सीजन में 1.3 करोड़ टन उत्पादन होने का अनुमान है। सरकार के पहले...
    October 13, 05:40
  • 2014-15 में 4 करोड़ बेल हो सकता है कपास उत्पादन: बोर्ड
    साल 2014-15 में देश में कपास का उत्पादन लगातार दूसरे साल बढ़कर 400 लाख बेल होने का अनुमान है। कॉटन एडवाजरी बोर्ड के मुताबिक मानसून की बारिश देर हुई है जिसके कारण किसानों ने अपने परमपरागत फसल को छोड़कर कपास की बुआई की है जिसके कारण रकबा बढ़ गया है और उत्पादन भी बढ़ेगा। साथ ही बोर्ड ने पिछले साल के उत्पादन अनुमान को भी बढ़ा दिया है। 2013-14 कपास का उत्पादन 398 लाख बेल हो की संभावना है, जुलाई में यह अनुमान 390 लाख बेल थी।         इस साल जून और जुलाई में सूखे मौसम की वजह से  बड़े पैमाने पर किसानों ने मूंग,...
    October 13, 04:50
Ad Link
 
विज्ञापन
 
 
 

बड़ी खबरें

 
 
 

रोचक खबरें

विज्ञापन
 

बॉलीवुड

 
 

जीवन मंत्र

 
 

स्पोर्ट्स

 

 

जोक्स

 

पसंदीदा खबरें