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  • इस झरने को कहते हैं दूध का समंदर, जानें किन दो राज्यों के बीच है ये जगह
    यदि आप गोवा घूमने जा रहे हैं तो दुग्धसागर वाटरफॉल जाना न भूलें। पणजी से लगभग 60 किमी दूर यह खूबसूरत जगह गोवा की मंडोवी नदी पर स्थित है। खासकर मानसून में यह जगह बेहद खूबसूरत नज़र आती है। क्या कहा जाता है इस वाटरफॉल को... - दुग्धसागर वाटरफॉल सबसे ऊंचे झरनों की सूची में भारत में 5वें और दुनिया में 227वें स्थान पर है।  - इस वाटरफॉल की गिनती भारत के सबसे ऊंचे फॉल्स में होती है। इसे 'मिल्क ऑफ सी' के नाम से भी जाना जाता है।  - इसकी ऊंचाई 310 मीटर(1017 फीट) और चौड़ाई लगभग 30 मीटर है। - यह पूरा इलाका घने जंगल से...
    Last Updated: November 30, 11:08 AM
  • 1027 करोड़ की फसल, किसान-व्यापारियों को मिलेंगे 400 करोड़, सस्ते हुए खाद्यान्न
    सीकर. मानसून विदा हो चुका है। दिवाली पर बाजार में उत्पादन आना शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि वर्ष 2016 में 47 लाख क्विंटल अनाज उत्पादन हो सकता है। बाजार भाव से इस उत्पादन की कीमत 1027 करोड़ रुपए से ज्यादा है। किसान से लेकर हर घर तक दिवाली महंगाई में राहत देने वाली होगी। देश में इस बार लक्ष्य से दो फीसदी ज्यादा यानी 270 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान है। इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ने लगा है। कम कीमत पर दलहन मिलने लगी है। क्रिसिल संस्था की एक रिपोर्ट कहती है, इस बार कृषि उत्पादन पिछले साल की तुलना में...
    Last Updated: October 24, 04:57 AM
  • 8 साल बाद अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में विदा हुआ मानसून
    जमशेदपुर। मानसून तय अवधि से करीब दो सप्ताह बाद 200 प्रतिशत बारिश के साथ विदा हो गया। मानसून की विदाई यूं तो 25 से 30 सितंबर तक हो जानी चाहिए थी। लेकिन इस बार इसने 8 दिन बाद विदाई ली। शहर में 30 सितंबर तक 2420.7 मिमी बरसात हुई।  अक्टूबर के शुरुआती 8 दिनों में भी 70 मिमी बारिश हो गई। जिले में मानसून में औसतन 1221 मिमी बारिश होनी चाहिए, लेकिन इस बार करीब 1269.7 मिमी ज्यादा बारिश हुई है। यह आंकड़ा सामान्य बारिश से करीब 100 प्रतिशत से ज्यादा है। झमाझम बारिश से शहर व आस-पास के सभी डैम व तालाब लबालब हैं। नदियों के अलावा...
    Last Updated: October 22, 05:03 AM
  • क्रिसिल की रिपोर्ट: कृषि जीडीपी 97,800 करोड़ से डेढ़ लाख करोड़ पहुंच जाएगी
    नई दिल्ली. देशभर से मानसून विदा हो चुका है। बीते तीन साल में पहली बार नॉर्मल बारिश हुई है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के मुताबिक इस बार देश के 33 फीसदी जिलों में कम बारिश हुई है। इसकी तुलना में पिछले साल 49 फीसदी और 2014 में 46 फीसदी हिस्से जिलों में कम बारिश हुई थी।    - अच्छी बात यह है कि इनमें आधे से ज्यादा जिलों में सिंचाई के बेहतर संसाधन हैं। साथ ही इनमें से कई जिले खेती के लिहाज महत्वपूर्ण नहीं है।  - इससे उम्मीद की जा सकती है कि गांव के जीवन की तस्वीर बदलेगी। लिहाजा देश की जीडीपी में...
    Last Updated: October 20, 03:33 AM
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