
भारतीय परंपरा में हर काम की शुरुआत में गणपति को पहले मनाया जाता है। शिक्षा से लेकर नए वाहन तक, व्यापार से लेकर विवाह तक हर काम में पहले गणपति को ही आमंत्रित किया जाता है। ऐसा कौन सा कारण है कि हम गणपति के बिना कोई काम नहीं कर सकते? आखिर किस कारण से गणपति को पहले पूजा जाता है? गणपति को पहले पूजे जाने के पीछे बड़ा ही दार्शनिक कारण है, हम इसकी ओर ध्यान नहीं देते कि इस बात के पीछे संदेश क्या है। दरअसल गणपति बुद्धि और विवेक के देवता है। बुद्धि से ही विवेक आता है और जब दोनों साथ हों तो कोई भी काम किया जाए उसमें सफलता मिलना निश्चित है। हम जब गणपति......और पढ़ें
रंग-हुड़दंग
गणपति बप्पा मोरिया...अगले बरस तू जल्दी आ...
विगत दस दिनों से गणेशोत्सव की धूम पूरे देश में मची थी। हर कोई अपने-अपने तरीके से भगवान श्रीगणेश की आराधना में लगा था। उद्देश्य सिर्फ एक था किसी भी तरह से श्रीगणेश का आशीर्वाद प्राप्त करना। और...और पढ़ें
गणेशोत्सव २ दिन शेष: मनचाही नौकरी के लिए मंत्र
यदि आप मनचाही नौकरी नहीं मिलने के कारण परेशान हैं या प्रतियोगिता परीक्षाएं देने के पश्चात भी नौकरी नहीं मिल रही है तो की प्राप्ति नहीं हो पा रही है तो गणेशोत्सव के दौरान कुछ साधारण उपाय करने...और पढ़ें
होली के दूसरे दिन यहां किया जाता है शक्ति प्रदर्शन
सिक्खों के पवित्र धर्मस्थान श्री आनन्दपुर साहिब में होली के अगले दिन से लगने वाले मेले को होला मोहल्ला कहते हैं। सिखों के लिये यह धर्मस्थान बहुत ही महत्वपूर्ण है। यहाँ पर होली पौरुष के.......और पढ़ें
जानिए, क्या है अनन्त व्रत की कथा
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को भगवान अनन्त के निमित्त व्रत किया जाता है व उनका पूजन किया जाता है। इस बार अनन्त चतुर्दशी का व्रत 11 सितंबर, रविवार को है। इसकी कथा इस प्रकार है-प्राचीन.......और पढ़ेंभाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान श्रीगणेश का जन्म हुआ था। इसीलिए इस चतुर्थी को विनायक चतुर्थी, सिद्धिविनायक चतुर्थी और श्रीगणेश चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। कहते हैं कि इस दिन जो स्नान, उपवास और दान किया जाता है, उसका फल भगवान श्रीगणेश की कृपा से सौ गुना हो जाता है। व्रत करने से मनोवांछित फल मिलता है। इस दिन श्रीगणेश भगवान का पूजन व व्रत इस प्रकार करें-विधि सुबह जल्दी उठकर स्नान एवं नित्यकर्म से शीघ्र निवृत्त हों। अपने सामथ्र्य के अनुसार सोने, चांदी, तांबे, पीतल या मिट्टी से बनी भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।......और पढ़ें

त्यौहार कैलेंडर
होलिका दहन
फाल्गुन शुक्ल 14, मघा ८/४२ रात तकरंग पंचमी
चैत्र कृष्ण 4/5, स्वाती १/५९ दिन तकचैत्र नवरात्रारंभ
चैत्र शुक्ल 1, उ.भा. ११/३५ दिन तकगुड़ी पड़वा
चैत्र शुक्ल 1, उ.भा. ११/३५ दिन तकश्रीराम नवमी
चैत्र शुक्ल 9, पुष्य ४/५७ रात अंत तकहनुमान जयंती
चैत्र शुक्ल 15, हस्त १/२५ रात तकवैशाखी
वैशाख कृष्ण 7, पू.षा. ३/१५ दिन तक
