April 27, 01:18
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भास्कर न्यूजत्नमंडी अटेली
न ढोल,न बाजा, न घोड़ी, न ही दहेज, सिर्फ 11 बाराती आए और सात फेरों की परंपरागत रस्म कर दुल्हन को सम्मान स्वरूप लड़की के परिवार ने घर से विदा किया। इस दहेज रहित-शादी कर एक आदर्श विवाह का समाज में उदाहरण प्रस्तुत किया। जिसकी सर्वत्र प्रशंसा हो रही है। साथ ही इस मौके पर कन्या भू्रण हत्या न करने की शपथ दिलाई। गांव उनिंदा में गुरूविंद्र सिंह ने अपनी लड़की का विवाह...