‘मैं व्यापार विहार रोड पर ऐन श्रीकांत वर्मा मोड़ के पास स्थित गड्ढा हूं, पर मुझे सिर्फ गड्ढा समझने की भूल न करना। सालों से मैं यहां लोगों को गिरा-डरा रहा हूं, फिर भी मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाया। लोगों ने ज्ञापन सौंपा, नेतागीरी की और चक्काजाम भी कर डाला, लेकिन रिजल्ट जीरो। आज भी मैं सीना ताने, लोगों को गिरा रहा हूं। जब जी चाहे, जिसे जी चाहे!’