धर्मशाला। दुनिया को राह दिखाने वाला भारत देश आजादी के 64 वर्षों बाद रास्ते से भटक गया है। जो सपना लेकर हम जंग-ए-आजादी की लड़ाई में कूदे थे, वह सपना अधूरा ही रह गया। जंग- ए- आजादी की लड़ाई में न तो कोई हिंदू था, न सिख, न ईसाई न मुसलमान। हम सब हिंदुस्तानी एक ही जज्बे के साथ लड़ाई में कूदे थे। देश को आजाद करवाने के लिए आजाद हिंद फौज और कांग्रेस दो ही अग्रणी संगठन थे। स्वतंत्रता सेनानियों ने...