संता: बंता, अगर नारी शक्ति है, तो पुरुष क्या है? बंता: सहन-शक्ति।
जे.पी.सिंह काका, भोपाल (मप्र)
संता: पापा, सब लोग शादी करके परेशान होते हैं, तो फिर शादी ही क्यों करते हैं? बंता: बेटा, अक्ल बादाम खाने से नहीं आती, ठोकर खाने से आती है।
- श्रीश्चंद चौहान, सोजत सिटी (राज)
संता जी: अरे, इस पत्रिका में यह कैसा विचित्र लेख छपा है- ‘स्त्रियों की बातचीत’। संतानी: तो इसमें विचित्र क्या है? संता जी: लेख...