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मधुरिमा

हर व्यक्ति के मन में अपने होने वाले जीवनसाथी की एक छवि होती है। इस अ़क्स को चेहरा भले ही बाद में मिले, लेकिन हमराही...

लोकविश्वास, मान्यताएं, टोटके तमाम देशों में पाए जाते हैं। कुछ लोग इन पर यक़ीन करते हैं, तो कुछ नहीं भी करते। अधिकांश...

आपका हक है सुरक्षा....

महिला यौन उत्पीड़न एवं हिंसा से जुड़ी मौजूदा क़ानून व्यवस्था को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए जस्टिस वर्मा समिति...

प्यार जताए उपहार...

  तोहफ़े प्यार और सम्मान जताने का का बहुत अच्छा माध्यम हैं। मदर्स-डे पर एक प्यारा-सा तोहफ़ा आपकी ये भावनाएं मां तक...
 

मां ऐसी ही होती है....

जिगर के टुकड़े के लिए..   एक मां अपने जिगर के टुकड़े की सलामती के लिए क्या कुछ कर सकती है, इसकी मिसाल हैं चेन...

मिनटों में संवारें बिगड़ा मेकअप ...

मेकअप करना आसान काम नहीं है। इसमें छोटी सी चूक आपकी खूबसूरती को संवारनें की बजाय बिगाड़ देती है। अक्सर गलतियां भी...
 

और खबरें

 
 
 

  • March 30, 03:53
     
    मेमसाब पिछले तीन घंटे से कमरा बंद किए, पार्टी के लिए सज-संवर रही थीं। बार-बार एक ही जवाब- ‘बस पांच मिनट।’ उनका यह जवाब सुनकर मेरा सब्र जवाब दे रहा था। ख़ैर, जिस पल का इंतजार था, वो आ ही गया। मेमसाब सीढ़ियों से उतर रही थीं और मैं उनकी तरफ़ टकटकी लगाए यह सोच रहा था कि आख़िर इस...
     

  • March 30, 03:50
     
    एक मित्र बोले, लाला तुम किस चक्की का खाते हो इस डेढ़ छंटाक के राशन में भी तोंद बढ़ाए जाते हो! क्या रक्खा मांस बढ़ाने में, मनहूस, अ़क्ल से काम करो संक्रांति काल की बेला में, मर मिटो, जगत में नाम करो। हम बोले, रहने दो लेक्चर, पुरखों को मत बदनाम करो इस दौड़-धूप में क्या रक्खा,...
     

  • March 30, 03:52
     
    मोबाइल की वजह से सारा जमाना गड़बड़ा रहा है कभी लगता है, आदमी अकेले में बड़बड़ा रहा है। माना कि इससे जीवन बड़ा आसान हो गया है  मगर इसी से जीवन में घमासान भी हो गया है। अधिक बतियाने वाला अक्सर दो भागों में बंटा हैवो अपने आस-पास के माहौल से कटा रहता है।   कोई दांव लगा, कोई...
     

  • March 30, 04:09
     
    होता दरअसल ये था कि जब भी हम कहावतों के बारे में सोचते, तो वही दो-चार घिसी-पिटी कहावतें जेहन में उभरा करतीं- जैसे कि धोबी का कुत्ता घर का न घाट का, दिल्ली दूर है, आंख के अंधे नाम नयनसुख, नौ दो ग्यारह होना या फिर न नौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी वगैरह-वगैरह। इन मुहावरों का...
     

  • March 8, 04:01
     
    संतोष-भरा जीवन जीने के लिए अपने व्यक्तित्व की डोर थामना बिल्कुल वैसे ही ज़रूरी है.. जैसे ख़ुश होने के लिए ख़ुद मुस्कुराना..   अनिर्णय की नींव में रही हैं पारंपरिक सोच की मुश्किलें - बालिका को जीवन के प्रथम चरण से ही हर बात के लिए रोका टोका जाता रहा है। ऐसे उठो बैठो, अकेले...
     

  • March 8, 04:00
     
    कामकाजी इंसान की ख्वाहिश लीडरशिप के शिखर पर पहुंचने की होती है। महिलाओं को यह राह निष्कंटक नहीं लगती। लेकिन इस राह को आसान वे ख़ुद ही बना सकती हैं...       यह आपका कार्यक्षेत्र है। यहां आपका काम आपको पहचान और समान दिलाता है। आपको आत्मनिर्भर बनाता है। बेशक, यहां कई...
     

  • March 8, 02:28
     
    घर में लीडरशिप का मतलब ऐसे करिश्माई व्यक्तित्व का स्वामी होना है, जिससे मशविरा करना गौरव की बात हो..   परिवार में लीडरशिप.. हिन्दुस्तानी परिप्रेक्ष्य में मायने अलग होते हैं सदियों से भारतीय परिवार में स्त्री से सारी अपेक्षाएं रखी गई हैं। उसके हक़ कम हैं,...
     

  • March 8, 01:57
     
    कुछ दशक पहले की बात है। कामकाज में द़फ्तरी प्रदर्शन पर जेंडर आधारित विश्लेषण में साबित हुआ कि महिलाएं बेहतर मैनेजर होती हैं। इसलिए क्योंकि वे सदियों से घर को, रिश्तों को, त्योहारों, अवसरों, सबको बेहतरीन ढंग से मैनेज करती आई हैं। यही गुण द़फ्तर में भी काम करता है।...
     

  • February 27, 01:21
     
    क्या चाहिए   २ कटोरी बिना चोकर निकला आटा, १ कटोरी चने का आटा और बारीक़ कटी मेथी, आवश्यकतानुसार घी, १ चम्मच बारीक़ कटी हरी मिर्च, खसखस  और स्वादानुसार नमक।   ऐसे बनाएं   तेल छोड़कर सारी सामग्री एकसार कर मुलायम आटा गूंध लें। इसकी छोटी-छोटी लोई बनाएं और हाथ से थपकी...
     
 
 
 
 
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