जिंदगी को एक नया मोड़ दे अपनी कश्ती को भंवर में छोड़ दे

 

आज फिर कुछ नया हुआ होगा, गंध ने आसमां छुआ होगा।

 

शेष कुछ न रहे जब चयन के लिए तब गरल पान है आचमन के लिए।

 

शाख से टूटकर पत्ते बिखर जाते हैं