

ट्विटर की लोकप्रियता सभी के बीच बहुत बढ़ गई है। ज़्यादातर लोग ट्विटर का इस्तेमाल करते हैं। और करें भी क्यों न, ये...
बड़ों से सुना था, एक चुप्पी सौ मुश्किलों को हरा सकती है। सुनकर लगता था, जैसे कोई हथियार डालने को कह रहा हो। चुप...
दो बज गए थे। मैं जल्दी-जल्दी घर की तरफ कदम बढ़ाने लगी। पति जब से रिटायर हुए हैं, उन्हें मेरी नौकरी अखरने लगी है।...
भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा करने की सलाह दी थी। हमारे कई पर्व वृक्षों और सूर्य-चंद्रमा की पूजा...
सामान व्यवस्थित रखने के लिए आप सुविधानुसार बॉक्स, फाइल और अन्य सामानों का प्रयोग कर सकती हैं। इससे घर क्लटर फ्री तो रहेगा ही साथ में ज़रूरत के समय आप जल्दी सामान ढूंढ पाएंगी। नज़र डालिए कुछ ऐसे ही नुस्खों पर..
अलमारी के भीतर
अलमारी के भीतर सामान रखने के लिए अलग-अलग खाने बांट लें। जैसे हैंगर्स की जगह और फोल्ड कपड़ों को रखने की जगह आदि। आप छोटे-बड़े सामान रखने के लिए बॉक्स और टोकरी का...
रक्षाबंधन जैसे खास मौके पर आप अपने भाई-बहन को कुछ ऐसा दे सकते हैं, जिनसे उनका मन जुड़ा हो। कुछ ऐसा, जिसे देखकर उनके चेहरे पर खुशियों की लकीरें अठखेलियां करने लगें। यहां दिए गए विकल्प भी आपकी मदद कर सकते हैं..
छुटपन की यादें- पुरानी यादों को तस्वीरें हमेशा ताज़ा रखती हैं। इसी माध्यम से आप अपने (भाई-बहन) के साथ बचपन की कुछ चुनिंदा तस्वीरों को मिलाकर कोलाज बनाएं। इस कोलाज में छुटपन से...
झरोखा
हर गुज़रता लम्हा अहसास के निशान छोड़ता जाता है। फिर क्या छोड़कर हम आगे बढ़ते हैं?
‘इस्तेमाल करके फेंक देने’ या ‘बदल लेने’ की सुविधा वाले आज के दौर ने उत्पादों में प्रतियोगिता को बढ़ावा दिया है। सेवाओं के क्षेत्र में विकल्प बढ़ गए हैं। दिमाग ने तरक्की की, तो क्या दिल भी बदल जाता? सोच तर्क करके ज़मीन बनाता है। और मन की तो अपनी फिज़ां होती है।
‘मूव ऑन’ के नज़रिए ने सबकुछ भुला देने...
घर बैठे बाहर की दुनिया का पूरा हाल, दोस्तों व परिचितों से ढेरों बातें और साथ में कुकिंग, साफ-सफाई, बच्चों को पढ़ाना, घर की देख-रेख सब एक साथ सम्भव है। ये जादुई रूप आपको इंटरनेट दे सकता है।
यदि आप बिना मोबाइल फोन के, घर में बैठ-बैठे अपने नज़दीकियों से बतियाना चाहती हैं, तो इंटरनेट आपकी मदद कर सकता है। आइए समझते हैं किस तरह आप अकाउंट खोल सकती हैं और चैटिंग कर सकती हैं।
क्या है पर्सनल...
बारिश का नाम लेते ही ठंडी-ठंडी फुहारों, आसपास बिखरी हरियाली और मस्ती में झूमते रंग-बिरंगे फूलों की याद आ जाती है। तो क्यों न बगीचे को भी इस हरे रंग से सराबोर करने की तैयारी कर ली जाए। चाहें तो क्यारियों या गमलों को तरह-तरह के फूलों से भर सकती हैं या अपने लॉन में हरी घास का कालीन बिछा सकती हैं। इसके अलाव आप वृक्ष बनने वाले वानिकी या फलदार पौधे भी लगाकर पर्यावरण को सौगात दे सकती हैं।...