अहा ज़िंदगी
Home >> Magazine >> Aha! Zindagi
  • मैं दिल से अभिनेता हूं
    शाहिद कपूर एक ऐसा युवक जिसने अपने बूते अपनी पहचान बनाई। यूं तो हिंदी सिनेमा में बहुत-से ऐसे लोग मिल जाएंगे, जिन्होंने यह किया, पर शाहिद की बात इनसे थोड़ी अलहदा है। शाहिद एक मंझे हुए कलाकार के बेटे होने के बावजूद अपना रास्ता खुद बनाने की दिशा में बढ़े... चॉकलेटी हीरो के रूप में सिनेमा की दुनिया में कदम रखने वाले इस युवक ने तरह-तरह के किरदारों को परदे पर कुछ ऐसे जीवित किया कि दिग्गज भी इसकी सराहना करने से बच नहीं सके। जब कोई शिखर पर पहुंच जाता है तो लोगों को लगता है, कि देखो वह सितारा। पर सितारा बनने के...
    July 21, 12:00 AM
  • ...तुम रमजान में पैदा हुए थे!
    फारुख सुलताना को भी पता नहीं कि उनका बेटा कब पैदा हुआ था! ...और इससे भी हैरानी की बात यह है कि आपको और हमको भी कहां पता है कि हमारी फिल्मी दुनिया में नसीरुद्दीन शाह कब पैदा हुए!! ...वे तो बहुत बेआवाज़ ही हमारी दुनिया में उतर आए। उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ के निकट के छोटे-से कस्बानुमा शहर बाराबंकी में पैदा हुआ आले मुहम्मद शाह और फारुख सुलताना का बेटा नसीर 1949 की जुलाई में या फिर 1950 के अगस्त में पैदा हुआ था, लेकिन वालिद साहब ने जब स्कूल में नाम लिखवाया तो लिखवाया कि नसीर 16 अगस्त 1950 को पैदा हुए थे। तारीखों का...
    June 21, 12:00 AM
  • सही को सही बोलने में है विश्वास
    हाल ही में संपन्न हुए क्रिकेट वर्ल्ड कप में सिर्फ एक मिनट के लिए कैमरा घूमता है और भारतीय टीम की हार का कलंक सीधे तौर पर एक महिला पर लग जाता है। लोग मान बैठते हैं कि भारतीय टीम खिलाडि़यों के बुरे प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि एक महिला के वहां मौजूद होने की वजह से हारी है। सोशल वेबसाइटों पर अनुष्का-विराट की जोड़ी का खूब मजाक बनाया जाता है। अनुष्का के लिए यह पहला मौका नहीं था, जब उन्हें इस तरह से दोषी ठहराया जा रहा है। इससे पहले भी वे जब किसी क्रिकेट मैच में शामिल हुई हैं और यदि उसमें टीम ने बुरा...
    May 21, 02:16 PM
  • फिल्मी दुनिया का आम आदमी
    जी हां, शीर्षक चौंकाता है न... फिल्मी दुनिया और आम आदमी! दोनों का ही एक-दूसरे से तालमेल नहीं। फिल्मी दुनिया में तो केवल रुपहले परदे पर ही आम आदमी को देखा गया है। वरना, वास्तविकता में तो यह दुनिया ग्लैमर की चकाचौंध से भरी है। आमतौर पर यह अवधारणा है कि फिल्मी दुनिया के वे चेहरे आम हो जाते हैं, जिन्हें सफलता नहीं मिलती, जो लोकप्रिय नहीं हैं। इस दुनिया में लोकप्रिय होकर आम बने रहना मुश्किल है, लेकिन एक शख्स हैं, जो लोकप्रिय हैं, कामयाब हैं और आम भी। उन्होंने हिंदी सिनेमा के कई दशकों को अपनी अदाकारी से...
    April 22, 12:00 AM
  • संस्कृति :  दूसरी माता है गाय, जानिए
    ज्यादा पहले नहीं, आज से पचास-साठ साल पहले तक हर संस्कृति में, हर समाज में अकाल पड़ना आम बात थी। हमारी संस्कृति में गावों में माना जाता था कि अगर आपके घर में गाय है, तो अकाल के दौरान भी आपके बच्चे जीवित रहेंगे। जब मां बच्चे को स्तनपान नहीं करा पाती थी और दूसरा भोजन भी नहीं मिलता था, तो गाय के दूध से ही बच्चे का पेट भरता था। अगर घर में गाय नहीं है तो आपके बच्चे मर जाएंगे। जाहिर है, ऐसे में गाय मां जैसी हो गई। हर कोई अपने जीवन में किसी-न-किसी समय भोजन और पोषण के लिए गाय के दूध पर निर्भर रहा है। इसलिए गाय का...
    April 21, 01:11 PM
विज्ञापन

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें