अहा ज़िंदगी

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Aha! Zindagi

जिंदगी को कैल्कुलेट न करें!

उन्हें फ़िल्में बनाने का शौक़ है, लेकिन फ़िल्में बनाकर वह किसी से तारीफ़ों के पुल नहीं बंधवाना चाहती हैं, बल्कि वह इसलिए फ़िल्में बनाती हैं, क्योंकि उनके दिल को अच्छा लगता है। यह इंडस्ट्री भी कम ही लोगों की ख़िदमत में इस क़दर अपनी पलकें झुकाती है कि केवल दो फ़िल्में ही उनके खाते में हैं, लेकिन वे आम से ख़ास बन चुकी हैं। इसकी वजह क्या है, जानते हैं...? वजह है वे आम बात करती हैं। उन्हें किसी से भाषणबाज़ी न सुननी है, न सुनानी है। वे ज़िंदगी की बात करती हैं। उन्हें इस बात से परहेज़ नहीं है कि लोग उन्हें फ़िलॉस्फर और न...
April 21, 11:23 AM

संवेदनाओं की दुनिया खोलती है कहानी

नासिरा शर्मा हिंदी की जानी-मानी लेखिका हैं। ईरानी पृष्ठभूमि पर लिखी उनकी ज़्यादातर कहानियों में हिंदुस्तान के साथ-साथ दुनिया भर की कई संस्कृतियों की विविध अनुभूतियों की झलक घुली-मिली नज़र आती है। उनका साहित्य बड़े सधे हुए अंदाज़ में देश, समाज, संस्कृति, राजनीति, कला और आम ज़िंदगी के बारीक़ रेशों को बुनने का काम करता है। कथा-साहित्य के अलावा नासिरा का पत्रकारिता के क्षेत्र में अनुपम योगदान रहा है। ग़ौरतलब है कि बीते २२ फ़रवरी को उपन्यास च्पारिजातज् के लिए उनको वर्ष २०१६ का हिंदी के लिए साहित्य...
March 21, 01:15 PM

वे जीवनदायनी सुवास थे

निरुक्तकार मुनि यास्क ने लिखा ही है, अपना और सबका सत्य जानना है तो लोक के पास जाओ। अनुपम एक ऐसे ही सत्य की तलाश में जीवन भर चलते रहे। उनकी निगाह में यह सत्य और कुछ नहीं, वह लोक-विवेक और लोकप्रज्ञा थी, जिससे संवाद कर धरती और उसके निवासियों की लड़खड़ाती सांस को फिर से सहेजा और स्वस्थ किया जा सकता था। इस अर्थ में वे भी एक भौतिक-द्रष्टा थे, मार्क्स की तरह। हमारी अपनी पश्चिम-प्रेरित और पोषित आधुनिक सभ्यता के बारे में सोचता हूं तो रामायण-महाभारत के कथानक याद आते हैं। रामायण में अगर रावण की सोने की लंका है...
February 21, 12:00 AM

उन्हें पता है, क्या करना है और क्या बिल्कुल नहीं करना...

साइकिल से घर से निकलते तो थे अमिताभ बच्चन की फ़िल्में देखने, लेकिन जब थिएटर पहुंचते और थिएटर भरा देखते, तो वे दुखी नहीं होते, बल्कि ख़ुश हो जाते। ख़ुशी ऐसी कि जैसे वे ही इस फ़िल्म के प्रॉड्यूसर हों। फ़िल्म हाउसफुल जो जा रही है। मन में सोचते, वाह! क्या बात है!! अपना क्या है। कभी भी फ़िल्म देख लेंगे। अपने अमिताभ बच्चन की फ़िल्म को तो हाउसफुल ही जाना चाहिए। बाक़ी उत्तर भारतीयों से अलग नहीं था अमिताभ से इनका प्रेम। ख़ासतौर से जब आप उत्तरप्रदेश से हैं, तो अमिताभ तो आपके अपने हो जाते हैं। इनका भी अमिताभ को लेकर कुछ...
January 22, 12:00 AM

हम अपने तरीके बदलते हैं तेवर नहीं

अजय देवगन के करियर पर नज़र डालें तो कल तक एक्शन स्टार की इमेज रखने वाले अजय ने हर विधा की फ़िल्में की हैं। रेनकोट, अपहरण, गंगाजल, ख़ाकी, वन्स अपॉन अ टाइम इन मुम्बई, गोलमाल सीरीज़, अतिथि तुम कब जाओगे, सिंघम जैसी एक्शन, कॉमेडी, सोशल ड्रामा और थ्रिलर फ़िल्में सच में, ऐसी विविधता समकालीन स्टारों में किसी और के पास नहीं हैं। आइए इस शख़्सियत को करीब से जानें... अजय देवगन देश भर के चहेते कलाकारों में से एक हैं। उन्होंने हर जॉनर की फ़िल्मों में अपनी बेहतरीन अदाकारी का प्रदर्शन कर सिने प्रेमियों का मन मोह लिया...
December 21, 12:00 AM
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