अहा ज़िंदगी
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  • किताबें हमेशा जिंदा रहेंगी, शक्ल भले बदल जाए
    (फाइल फोटो- गुलजार) उन्होंने चांद-तारों पर कई नगमे लिखे हैं, लेकिन खुद को रेशमी शायर नहीं मानते। उनके जेहन में आज भी जिंदा हैं वे दंगे-फसाद, जिन्होंने लाखों का जीवन तबाह कर दिया। उनका कहना है कि नज्मों से खरोचें नहीं भरती हैं। वे जब शायरी करते हैं, तो उनकी कोशिश दूसरों के आंसू बहाने की नहीं, उन्हें थामने की होती है। उनकी ख्वाहिश है कि उन्हें किसी तमगे से न नवाजा जाए... बस, लोग उन्हें महसूस करें और वे लोगों को... बात हो रही है गुलज़ार साहब की। उन गुलज़ार साहब की जो एक तिलिस्म हैं। जो कभी बच्चों के साथ...
    February 27, 01:59 PM
  • जब साथ हो सच्चाई तो डर किसका
    ( फाइल फोटो- आमिर खान) आमिर खान ऐसे शख्स हैं, जिन्हें सुपरस्टार और बेहतरीन अदाकार होने के साथ परफेक्शनिस्ट होने के लिए भी जाना जाता है। जीवन को करीब से समझने की दृष्टि उन्हें बॉलीवुड के दूसरे सुपरस्टारों और नामी कलाकारों से बिल्कुल अलग कर देती है। उनकी छवि सामाजिक सरोकारों से जुड़े हुए कलाकार की है। ये आमिर ही थे, जिन्होंने स्टारडम से बाहर झांका और देश-दुनिया को बेहतर बनाने वाली कई मुहिमों को नैतिक समर्थन दिया। आमिर औरों से बिल्कुल अलग हैं, वे रील ही नहीं, बल्कि रियल लाइफ में भी आम लोगों की...
    January 21, 12:00 AM
  • प्रतिकूल परिस्थिति और दृढ़ इच्छाशक्ति
    निराशा और अवसाद की काली रात... हर तरफ मुश्किलें और हार का भय। चुनौतियां मुंह बाए अपने विकराल रूप में खड़ी रहीं... इस सबसे बेखबर वे अपनी जिजीविषा और अदम्य उत्साह के साथ जुटे रहे काली रात को भोर में बदलने में। कई बार ऐसा लगा कि नहीं... शायद अब और नहीं... लेकिन उन्हीं अंधेरों के बीच से जि़ंदगी ने कहा कि देखो उजास हो रहा है! हम सबका जीवन कहानियों सरीखा होता है। हर कहानियों में रंग। फीके और गाढ़े रंग। उदासी और उत्साह के रंग। खुशी, निराशा और कुंठा। चहकते हुए दिन, उदास लंबी रातें। ये हम सबकी जि़ंदगी में होता...
    December 21, 12:00 AM
  • बाजार पर कम शेयरों पर ज्यादा रखें नजर
    बाजार की नजर तो विविध घटनाओं पर घूमती फिरती रहती है, लेकिन निवेशकों को अपनी नजर वास्तव में कहां रखनी चाहिए, इसे समझना जरूरी है। जर्व बैंक की जाहिर होने वाली मौद्रिक नीति पर बाजार की नजर है, तो यू.एस.ए. की आर्थिक स्थिति में सुधार और वहां की सरकार के आर्थिक कदमों को मार्केट वॉच कर रहा है। एफ.आई.आई (फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) के निवेश प्रवाह पर बाजार की चाल का आधार! जी.डी.पी (ग्रॉस डोमेस्टिक प्रॉडक्ट्स), आई.आई.पी (इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन) के आंकड़े सुधरने की आशा पर सम्मेलन, रिजर्व बैंक...
    November 21, 03:37 PM
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