शास्त्रीय संगीत एक ऐसी विलक्षण विधा है जो आदमी को आदमी से जोड़ने की अद्भुत ताकत रखती है। आज जब बात चल रही है कि....
लोक संगीत का वास्तविक वैभव प्रदेश में ही जीवित है। लोक गीतों में समर्पण, प्रेम, शौर्य और चारित्रिक वैभव का जादू जागता है।
दुनिया की सबसे मशहूर पेंटिंग्स में से एक मोनालीसा की रहस्यमयी मुस्कान का राज वैज्ञानिकों ने स्पष्ट कर दिया है।
पिछले दिनों कुछ भड़के हुए लोगों ने क़स्बा टांडा उड़मुड़ के जाजा चौक में पंजाब रोडवेज की एक बस को जला दिया।
सिर्फ़ मानव कर्म है जिसके द्वारा ‘छायाओं का संसार’ हाड़, मांस और जीवन्त आकार से संपन्न होता है...
जब मैंने पाकिस्तानी पंजाबी कहानियों का पहला संग्रह ‘सांझी पीड़’ तैयार किया, तो मेरे पास अकबर लाहौरी से...
पंजाबी में एक मुहावरा है- ‘जीहने लाहौर नई वेखेया, उह जम्मेया ही नहीं।’ इस मुहावरे में बहुत कुछ समाया हुआ है।
इश्क़ सादिक का दौरा इससे पहले भी मुझ पर पड़ चुका था। हमारे घर में एक तोता था, पिंजरें में चारों ओर चलता रहता और...
अमृता प्रीतम उन दिनों में अभी अमृत कौर ही थीं। उस व़क्त की अमृत कौर देखने वाली चीज़ थीं। जो भी देखता, होश खो बैठता।
भारत के लिए विभाजन, बंटवारा, तक्सीम या पार्टीशन-इन अलफाजों के बहुत गहरे मायने हैं। लोग रातों-रात बंट गए।
आज साहिर लुधियानवी साहिब से वर्षो से पहले हुई मुलाक़ात ज़ेहन में ताज़ा हो आई है। यह 30-32 वर्ष पुरानी बात होगी...
जब मैंने मुंबई में जाकर हिंदी-पंजाबी फिल्मों के लिए काम शुरू किया तो मेरा भजन गायक नरेंद्र चंचल के पास आना-जाना रहता था।
विदेश मंत्रालय के अंतर्गत आईसीसीआर के इस क्षेत्रीय केंद्र का विवि में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उड़ीसा में उद्घाटन किया।
यूनेस्को ने नोबल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की 150वीं वर्षगांठ को अगले साल दुनिया भर में मनाने का फैसला किया है।
गांधी जयंती के मौके पर गुजरात के वड़ोदरा में 8136 स्कूली बच्चों ने शुक्रवार को 4.2 किमी लंबी पेंटिंग बनाई।
टीम इंडिया चैंपिंयंस ट्राफी से बाहर हो गई। हार से दूर आप जरा हमारे इस दर्शन पर नजर डालिए, शायद आपका गम कुछ कम हो जाए...
सेंसेक्स को लगता है कि नेताओं की सादगी भा गई है। आजकल वह उन्हीं की राह पर है। कह सकते हैं कि सेंसेक्स खुद को सुधार रहा है।
नगीना बाबू और पीतम गहन वार्तालाप में मग्न थे तभी बिजली चली गई। पीतम ने पूछा- ‘कब आएगी?’ नगीना बाबू ने दार्शनिक भाव से उत्तर दिया..
बंटवारे के दौरान पूर्वी पंजाब के गांव उसमानपुर के लोगों ने भी दुख झेला। मगर यहां के लोगों ने किसी का जानी नुक़सान नहीं होने दिया...
समय के साथ पुरानी धारणाएं चोला बदलती हैं। मिथक तिड़कते हैं। मामला दाल का हो तो इसके उबाल में मुहावरे तक उलट-पलट जाते हैं..