

महाराष्टर के धुले जिले के एक छोटे-से गांव के निवासी राजेंद्र भरुद का परिवार काफी गरीब था। 24 वर्षीय राजेंद्र को...
आपको वे दिन तो याद ही होंगे, जब दादी-नानी रोज रात को सोने से पहले कहानियां सुनाया करती थीं। ये कहानियां पंचतंत्र,...
हाल ही में घोषित आईआईटी-जेईई के नतीजों में ऑल इंडिया रैंक संख्या 8137 ने देशभर की मीडिया का ध्यान आकर्षित किया। ऐसा...
उम्र 24 साल है और वह टिकट चेकर है। छह फीट ऊंचा कद, रौबदार आवाज और गठा शरीर जैसी खूबियां उसे सख्त टिकट चेकर बनाती हैं।...
गर्मी के मौसम में एक दिन शाम के समय मोनिका राठौर नामक बालिका (जिसकी उम्र लगभग 9 साल होगी) ने बिल्डिंग के फस्र्ट फ्लोर पर स्थित अपने घर की पिछली बालकनी से देखा कि एक बुजुर्ग सज्जन साथ वाली बिल्डिंग की दीवार से टिके हुए सुस्ता रहे हैं। वह काफी थके हुए लग रहे थे। उसी समय उसके दरवाजे की घंटी बजी। नन्ही मोनिका दरवाजा खोलने के लिए भागी और दरवाजे को चेन तक थोड़ा-सा खोलकर (जैसा उसे सिखाया गया...
मेरे कॉलेज के दिनों की बात है। उस वक्त काफी गर्मी पड़ रही थी। ऐसे ही एक गर्मी भरे दिन में एक बालक आईआईटी, बॉम्बे में हमारे होस्टल के पीछे स्थित झील में तैरने पहुंचा। वह कर्मचारियों के लिए बने आवास में रहने वाला एक बच्चा था। बहरहाल, उसने झील में छलांग तो लगा दी, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि उसमें घडिय़ाल भी हैं। वह तैरते हुए झील के मध्य की ओर जा रहा था, तभी एक घडिय़ाल उसकी ओर बढऩे लगा। कैंपस...
किसी भी मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम में 'मानवीय संपदा' ही इकलौती ऐसी संपदा है, जिसका भाव समय के साथ-साथ बढ़ सकता है। मशीन, औजार और इमारत व फर्नीचर समेत बाकी तमाम संपदाओं का मूल्य समय के साथ घटता जाता है। लेकिन मानवीय संपदा को और ज्यादा मूल्यवान बनाने के लिए बुनियादी तौर पर जिस चीज की जरूरत होती है, वह है कर्मचारी की पैकेजिंग व डस्टिंग! पढ़कर थोड़ा अजीब लगता है? खैर, आगे पढ़ें। पैकेजिंग से...
एक विशाल बहुराष्टरीय कंपनी में मध्यम स्तर के कर्मचारी राज मेहरा का यह पहला विदेशी दौरा था। मध्यम स्तर के कर्मचारियों को विदेशी दौरों व प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजने की कंपनी नीति के तहत उन्हें विदेश भेजा गया था। इस छह-दिवसीय दौरे पर पूरे समय मेहरा के जेहन में अपने बॉस के प्रति कृतज्ञता का भाव रहा, जिन्होंने उसके नाम की सिफारिश की थी और वह अपने बॉस के लिए कोई अच्छी-सी गिफ्ट...
यदि आपका तलाक हो जाए या आप किसी काम में नाकाम रहे तो आप क्या करेंगे? आप किसी खोह में जाकर अकेले बैठ जाएंगे, कुछ लोग हताशा में शराब का सहारा ले सकते हैं, तो कुछ लोग गहरे अवसाद में जा सकते हैं। लेकिन यदि आपके दिल व दिमाग में जरा-सी भी सकारात्मक आग है तो आप इसी विषय पर उन लोगों के लिए प्रदर्शनी आयोजित कर सकते हैं, जिन्हें आपके जैसी नियति को झेलना पड़ा।
अमेरिका में इस साल ठीक यही हुआ। एक...
जिंदगी बचाना एक सम्माननीय आचार की पेशेवर संहिता है। हालांकि कई बार लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। कई जहाज मालिक अपने कप्तानों को इस दिशा में प्रेरित नहीं करते कि वे संकट में फंसे इंसान की मदद के लिए जाएं। यह एक दुखद सत्य है। 1976 में प्रशांत त्रिकन्नड मद्रास बंदरगाह के नजदीक सेकंड शिफ्ट में टीएस कावेरी नामक जहाज का संचालन कर रहे थे। सूर्यास्त होने वाला था, तभी अचानक समुद्री तूफान...
प्रेरणा की मां कर्नाटक में मेरे एक रिश्तेदार के यहां नौकरानी है। दो हफ्ते पहले मुझे उस रिश्तेदार ने फोन कर कहा कि मैं उस रोज शाम को एक कन्नड़ चैनल पर प्रसारित होने वाले एक कार्यक्रम को जरूर देखूं, जिसमें उनकी नौकरानी की बेटी आने वाली है। वह चाहते थे कि मैं इस बारे में अपनी राय दूं। मैंने इसके लिए हामी भर दी। यह दो बहनों की कहानी है। इसे 'केबीसी' के कन्नड़ संस्करण (जिसे कन्नड़ सिनेमा...
कुछ समय पहले जब मैं गंभीर फूड प्वाइजनिंग के चलते एक महीने तक बिस्तर पर था, तब मैंने देखा कि कबूतर का एक जोड़ा मेरे बेडरूम की बालकनी में अपना घोंसला बनाने की जुगत में लगा है। चूंकि उस वक्त मेरे पास किताबें पढऩे और टीवी देखने के अलावा कुछ और काम नहीं था, लिहाजा मैंने जीवन के बारे में ऐसा कुछ देखा, जिसे हममें से कई लोग व्यस्त जिंदगी में भूलते जा रहे हैं। इसकी शुरुआत छोटे-छोटे तिनकों से...