May 14, 02:28

सुबह के 5.10 बजे थे। प्रदीप कलानी गहरी नींद में था। तभी उसका मोबाइल घनघनाया। दूसरी तरफ से रौबीली आवाज गूंजी, ‘कहां हो तुम।’ प्रदीप ने शांति से जवाब दिया, ‘सर अभी सो रहा हूं।’ फिर उतनी ही शांति से आगे जोड़ा, ‘सर, २क् मिनट में मैं आपके होटल पहुंच जाऊंगा।’ प्रदीप की...