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करियर मंत्रा
 
 
 
 

  • January 28, 11:55
     
    अगर हर कोई स्थानीय व वैश्विक स्तर पर उभरती नई संभावनाओं पर निगाह रखे तो दूसरों द्वारा ठगे जाने की संभावना न्यूनतम हो जाएगी। जागरुकता सफलता पाने की एक प्रमुख कुंजी है।    raghu@dainikbhaskargroup.com    यदि आप किसी भी तरह से गेहूं के उत्पादन या प्रसंस्करण या पैकेजिंग या निर्यात...
     

  • January 25, 11:02
     
    डिपार्टमेंटल स्टोर से खरीदारी कर निकल रही एक बुजुर्ग महिला से कैश काउंटर पर बैठे युवा कैशियर ने कहा कि उसे अपने साथ शॉपिंग बैग वगैरह लाना चाहिए क्योंकि प्लास्टिक बैग पर्यावरण के अनुकूल नहीं होते। कैशियर का उस बुजुर्ग महिला से कहना था कि उसे इस तरह की चीजें अपनाते...
     

  • January 24, 10:56
     
    इस सोमवार को चीन में डैनियल क्रेग की फिल्म 'स्कायफॉल' रिलीज हुई, जिसे देखने के बाद अनेक चीनी दर्शक अपने ही सेंसर बोर्ड से खफा हो गए। जब आपको पता चलेगा कि उनके सरकारी सेंसर बोर्ड ने क्या किया तो आप भी आश्चर्यचकित रह जाएंगे। उन्होंने फिल्म से तमाम चीनी लोकेशन...
     

  • January 23, 09:53
     
    फंडा यह है कि...       जरूरी नहीं कि आप दुर्घटनाओं के बाद ही लोगों या रिश्तों का मोल पहचानें। दूसरों का सम्मान करना आपके डीएनए में होना चाहिए। जो लोग दुर्घटनाओं से पहले इसे जान लेते हैं, वे जीवन में अच्छे इंसान बनते हैं। आप इस बात को कब समझते हैं, यह आप पर निर्भर करता...
     

  • January 21, 10:41
     
    उनका जन्म १ अप्रैल १९११ को पंजाब में जालंधर के एक गांव में हुआ था। वह स्कूल नहीं गए। उन्हें बचपन में फुटबॉल खेलने और दूसरे लड़कों के साथ मैदानों के चक्कर काटने का बहुत शौक था। उनके बड़े-बुजुर्गों का कहना था कि वह बहुत कमजोर पैदा हुए थे और पांच साल की उम्र तक दौड़ भी नहीं...
     

  • January 19, 11:53
     
      किसी भी शब्द या गतिविधि के बारे में समग्र समझ रखना निश्चित तौर पर हमें उसके बारे में ज्यादा जानकार बनाता है। टहलना इतना आम मसला है कि कई लोग इस चार अक्षरों के शब्द से जुड़े महत्वपूर्ण पहलू को नजरअंदाज कर देते हैं।    raghu@dainikbhaskargroup.com    हम सोचते हैं कि टहलना इतना...
     

  • January 17, 12:44
     
    जब आप किसी सभागार में मौजूद लोगों को 'अभंग, भगवान विठोबा, पंढरपुर और सोलापुर' जैसे शब्द बोलते हुए सुनें तो आपके दिमाग में क्या आएगा? आप ठीक समझे- महाराष्ट्र। लेकिन जब आप इन शब्दों को तमिलनाडु के कर्नाटक शैली के संगीतप्रेमियों के बीच सुनें और वह भी चेन्नई में, जहां पर...
     

  • January 15, 11:44
     
    पहली स्टोरी- ९ जून २००४ की सुबह रुचिका राजेंद्र दहिकर ने अपने पति को काम पर रवाना किया। हर दिन जब उसके पति काम पर जाते, तो वह भगवान से प्रार्थना करती कि वह शाम को वापस सुरक्षित घर लौट आएं। ऐसा इसलिए क्योंकि उसके पति रोज नागपुर में स्थित अपने घर से ७५ किलोमीटर दूर कोंडा...
     

  • January 15, 10:52
     
    पहली स्टोरी- ९ जून २००४ की सुबह रुचिका राजेंद्र दहिकर ने अपने पति को काम पर रवाना किया। हर दिन जब उसके पति काम पर जाते, तो वह भगवान से प्रार्थना करती कि वह शाम को वापस सुरक्षित घर लौट आएं। ऐसा इसलिए क्योंकि उसके पति रोज नागपुर में स्थित अपने घर से ७५ किलोमीटर दूर कोंडा...
     

  • January 14, 12:03
     
    शंकरलाल गुप्ता उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में स्थित चित्रकूट में रहते हैं। वर्ष १९५७ में जन्म के छह महीने बाद ही किसी अज्ञात बीमारी की वजह से उनकी एक आंख की रोशनी चली गई। जब वह तीसरी कक्षा में पढ़ते थे, तभी खेल-खेल में एक पत्थर उनकी दूसरी आंख में आकर लगा, जिससे...
     

  • January 12, 11:05
     
    वह एक लैब असिस्टैंट थे। लेकिन उनका मन थिएटर में रमा था। उन्हें प्रतिमाह १२५ रुपए तनख्वाह मिलती थी, जबकि थिएटर में उन्हें कुछ नहीं मिलता था। वह कॉलेज के नाटकों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। एक दिन पंजाब कला मंच पर उनके कॉलेज के नाटक का मंचन हुआ, जिसे देखने वालों...
     

  • January 11, 10:23
     
    पहली स्टोरी- अमिताभ बच्चन द्वारा प्रस्तुत रियलिटी गेम शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के आज और कल प्रसारित होने वाले एपिसोड में आप चंडीगढ़ मूल की एक ३६ वर्षीय गृहिणी सनमीत कौर को ५ करोड़ रुपए की रकम जीतते हुए देखेंगे। दो बेटियों की मां सनमीत को गंभीर बीमारी के चलते...
     

  • January 10, 10:41
     
    मैंने कुछ दिन पूर्व एक ब्लॉग में यह स्टोरी पढ़ी थी। लिखने वाली एक लड़की थी। जब आप इस स्टोरी को पढ़ेंगे, तो संभवत: यह आपको आज के समय की सबसे भयावह स्टोरी लगेगी। यह स्टोरी बताती है कि समाज के भीतर हमारा व्यवहार किस कदर बिगड़ता जा रहा है।    स्टोरी कुछ इस तरह है- लड़की...
     

  • January 9, 12:37
     
    प्रदीप लोखंडे एक गरीब परिवार में पैदा हुए। उनके पिता महाराष्ट्र में पुणे के निकट वाइ गांव में चपरासी थे। प्राइवेट छात्र के रूप में ग्रेजुएशन करने के बाद प्रदीप कुछ ऐसा बनने के लिए निकल पड़े, जिस पर दूसरों को रश्क हो सकता है। आज प्रदीप लोखंडे महाराष्ट्र, गुजरात,...
     

  • January 8, 10:48
     
      मदद सही समय पर होनी चाहिए, अन्यथा इसका कोई मतलब नहीं रह जाता। आखिर किसी की भूख मर जाने के बाद उसे खाना देने में क्या मजा है?    raghu@dainikbhaskargroup.com    शेख नबी बाबूमियां अहमदाबाद में एक ऑटो ड्राइवर है। एक दिन जब वह जमालपुर से शहर की ओर आ रहा था, तभी उसने देखा कि एक पुलिसवाले...
     
 
 
 
 
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