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  • जो बादल नहीं बरसेंगे!
    लगभग एक महीने की देरी के बाद अब देश के कुछ हिस्सों में बादलों ने बरसना शुरू किया है। बारिश न होने पर हमारे जेहन में फटी जमीनें, सूखी फसलें और आसमान ताकता हताश किसान आता है, लेकिन अब शहरी जीवन भी खराब मानसून से व्यापक स्तर प्रभावित हो रहा है। अल नीनो के प्रभाव के कारण मानसून में एक महीने की देरी हो चुकी है और 30 फीसदी संभावना जताई जा रही है कि यह वर्ष भी सूखाग्रस्त हो। इसके कारण सब्जियों, फसलों व फलों की बुआई-कटाई और मंडियों के आवक पर दुष्प्रभाव पड़ना अभी से शुरू हो गया है। महंगी हाेती सब्जियां और फल...
    July 20, 04:00 AM
  • जीतने की बारी अब हमारी
    फुटबॉल से हर भारतीय जुड़ा है, लेकिन विश्व परिदृश्य में हम इससे गायब हैं। अब भारत को 2017 में अंडर-17 फुटबॉल विश्वकप के आयोजन का मौका मिला है। फीफा अंडर-17 की मेजबानी हमारे मुल्क के लिए महत्वपूर्ण मौका है, जब बतौर आयोजक, भागीदार अपना सर्वश्रेष्ठ दें और शीर्ष की ओर बढ़ने का सिलसिला शुरू करें। ठीक महीने दिन पहले से चल रहा फीफा (फेडरेशन इंटरनेशनल फुटबाॅल एसोशिएसन) वर्ल्ड कप का आज फाइनल है और समापन भी। दुनिया के सबसे चर्चित, खर्चीले और प्रतिष्ठा प्राप्त इस खेल में हम सब शरीक हैं। हम सबकी अपनी पसंदीदा...
    July 13, 04:04 AM
  • नोबल पुरस्कार के इंतजार में भारत
    भारत में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे छात्रों की संख्या 2 करोड़ से अधिक है। हमारे देश में 33 केंद्रीय विश्वविद्यालय और 16 आईआईटी हैं, लेकिन इनमें से एक भी विश्वविद्यालय, एक भी आईआईटी या एनआईटी ऐसी नहीं, जो विश्व के 200 टॉप विश्वविद्यालयों में शामिल हो। पिछले वर्ष जून में त्रिपुरा विश्वविद्यालय के दसवें दीक्षांत समारोह में पहुंचे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जब यह सवाल उठाया तो देश के किसी शिक्षा संस्थान के पास कोई जवाब नहीं था। अबकी जून में उन्होंने यह सवाल भोपाल स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस...
    July 13, 04:00 AM
  • जापानियों से सीखें जीने का सलीका
    अच्छी और सेहतमंद जिंदगी जीने की ख्वाहिश हर इंसान की होती है, लेकिन बीमारियों के कसते जाल और दिन-ब-दिन खराब हो रही दिनचर्या इसे मुकम्मल नहीं होने देती। ऐसे में जापान पूरी दुनिया के लोगों के लिए प्रेरणा बनकर उभरा है। आंकड़े साफ बता रहे हैं कि जापानियों की जीवनशैली कितनी व्यवस्थित है और वे अपनी सेहत को लेकर किस कदर सतर्क हैं। एशिया महाद्वीप में समुद्र के किनारे बसे द्वीपनुमा इस देश के लोगों की जीवन प्रत्याशा (लाइफ एक्सपेक्टेंसी) भी पूरी दुनिया में सबसे अधिक 82.5 वर्ष है। दुनिया की सबसे बुजुर्ग...
    July 6, 12:13 AM
  • किताबी ज्ञान के दायरे से बाहर आएं बुद्धीजीवी
    केदारनाथ सिंह जन्म : 7 जुलाई 1934 चकिया (बलिया) उत्तर प्रदेश शिक्षा : गांव में प्रारंभिक शिक्षा के बाद वाराणसी में बीएचयू से एमए व पीएचडी अध्यापन : गोरखपुर के सेंट एंड्रयूज़ कॉलेज व कुशीनगर के उदित नारायण पीजी कालेज में अध्यापन के बाद जेएनयू, नई दिल्ली। यहां हिन्दी भाषा विभाग के अध्यक्ष पद पर रहे। किताबें- अभी बिल्कुल अभी (1960) जमीन पक रही है (1980) अकाल में सारस (1989) उत्तर कबीर और अन्य कविताएं (1995), टालस्टाय और साइकिल ( 2004) सृष्टि पर पहरा (2014) 1965 से शुरू हुए ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजे जाने वाले केदारनाथ...
    June 29, 04:03 AM
  • महंगे खेलों की मेजबानी पर संकट
    2019 में होने वाले एशियन गेम्स की मेजबानी करने से वियतनाम ने मना कर दिया है और विंटर ओिलंपिक 2022 की मेजबानी लेने से करीब आधा दर्जन देश पीछे हट चुके हैं। कभी मुल्कों के सम्मान और संप्रभुता के प्रतीक रहे खेलों को लेकर उभरी इस नई स्थिति से साफ है कि अब आयोजनों का नया रोडमैप बनाना होगा। वियतनाम विश्व मंदी के प्रभाव में है, इसलिए हम ऐसे किसी खेल का खर्च नहीं उठा सकते, जिसका आयोजन घाटे का सौदा हो। यह बात हम यूं ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में हो रहे खेलों के अनुभव से कह रहे हैं। वियतनाम के प्रधानमंत्री गुएन...
    June 29, 04:01 AM
  • इंफोसिस का नया सिक्का
    भारतीय आईटी सेक्टर के पिता और भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी इन्फोसिस के संस्थापक एन. आर. नारायणमूर्ति को कंपनी की होती खस्ताहाल हालत और लगातार सीनियर एक्जीक्यूटिव्स के कंपनी छोड़ने की वजह से रिटायरमेंट के बाद भी फिर एक बार कंपनी का मोर्चा संभालना पड़ा। उनको ज़रूरत थी एक ऐसी शख्सियत की जो बदलती तकनीक और नए विचारों के साथ इंफोसिस को आर्थिकी की नई बुलंदियों पर ले जाए। यह खोज पूरी हुई जर्मन सॉफ्टवेयर कंपनी सैप (एसएपी) के मुख्य तकनीकी अधिकारी रहे विशाल सिक्का के रूप में। सैप को वर्ल्ड...
    June 29, 04:00 AM
  • यूसुफ साहब अलहदा फनकार
    यूसुफ खान यानी दिलीप कुमार की ऑटोबायोग्राफी हाल ही में लॉन्च हुई है। उन लिखी यह पांचवीं किताब है, लेकिन कुछ बातें इन तमाम किताबों में नहीं हैं। उन्हीं बातों को यादों के पिटारे से सामने ला रहे हैं उनके करीबी रंजन दासगुप्ता। तुमी जोड़ी सती कथा ना बोलो, अमी की कोरे तोमाके बचावो यह संवाद 1963 में विनय उपाध्याय की बंगाली क्लासिक फिल्म पारी में जेलर बने दिलीप कुमार के थे। बंगाल के प्रख्यात लेखक जरासंध के उपन्यास बनी यह पहली बंगाली फिल्म थी, जिसकी शूटिंग अंडमान के कारागृह (जेल) में हुई। इसमें दिलीप...
    June 22, 04:01 AM
  • नया एडिक्शन: की-पैड पर सवार बीमारी
    टेक एडिक्शन की श्रेणी में अभी तक गैंबलिंग, गेम्स और पोर्नोग्राफी ही शामिल हैं। लेकिन इनसे ज्यादा खतरनाक है सोशल मीडिया की लत। के आखिरी दिनों में बेंगलुरु की एक छात्रा ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली, क्योंकि मां ने उसका फेसबुक अकाउंट डिलीट करने को कहा। पूर्वी दिल्ली के निजी स्कूल में नौवीं में पढ़ने वाले छात्र ने स्कूल जाना बंद कर दिया, क्योंकि पिता ने उसका स्मार्टफोन वापस ले लिया। ऐसी और भी बहुतेरी घटनाएं आजकल सुनने को मिल रही हैं, लेकिन इसकी भयावहता का अहसास तब होता है, जब नेशनल...
    June 22, 04:01 AM
  • संडे की पाठशाला: लहरों की चुनौती
    एक व्यक्ति नित्य ही समुद्र तट पर जाता और वहां घंटों बैठा रहता। आती-जाती लहरों को निरंतर देखता रहता। बीच-बीच में वह कुछ उठाकर समुद्र में फेंकता, फिर आकर अपने स्थान पर बैठ जाता। तट पर आने वाले लोग उसे विक्षिप्त समझते और प्राय: उसका उपहास किया करते थे। कोई उसे ताना कसता तो कोई अपशब्द कहता, किंतु वह मौन रहता और अपना यह प्रतिदिन का क्रम नहीं छोड़ता। एक दिन वह समुद्र तट पर खड़ा तरंगों को देख रहा था। थोड़ी देर बाद उसने समुद्र में कुछ फेंकना शुरू किया। उसकी इस गतिविधि को एक यात्री ने देखा। पहले तो उसने...
    June 22, 04:00 AM
  • मैं अपने बाबा की विरासत
    ख्यात रंगकर्मी हबीब तनवीर की पांचवीं पुण्यतिथि आठ जून को थी। फादर्स डे पर उनकी बेटी नगीन तनवीर अपने पिता से जुड़ी यादें, उनकी कला, अपनी जिंदगी में उनके प्रभाव को साझा कर रही हैं। बाबा, यही कहती थी मैं उन्हें। ये उनका घर का नाम था। घर में दादी, बुआ सारे लोग उन्हें बाबा कहते थे तो मैंने भी कहना शुरू कर दिया। जैसी कि सभी बेटियां अपने पिता के करीब होती हैं, मैं भी उनके बेहद करीब थी। वे मुझसे बेहद प्यार करते थे, लेकिन ये प्यार काम के बीच कभी नहीं आता था। मैंने उनके साथ कई नाटक खेले हैं और मुझे अच्छी तरह...
    June 15, 04:00 AM
  • संडे की पाठशाला: विष बीज
    डोनेशन और झूठा बर्थ-सर्टिफिकेट देने के बाद नन्हें संदीप को स्कूल में दाखिला मिल गया। अगले दिन ड्रेस और बस्ता दिलाने के लिए मैं उसे बाजार ले गया। दुकान में कुछ ग्राहक पहले से ही मौजूद थे और दुकानदार उनमें उलझा हुआ था। गर्मी कुछ अधिक ही लग रही थी। दुकान का पंखा मरी-मरी हवा फेंक रहा था। कुछ देर बाद संदीप ने कहा, पापा, बहुत प्यास लगी है। पानी पिलवा दीजिए न। खरीददारी करते समय दुकानदार से पानी मांगकर पिलवाने का पिछला अनुभव साथ था। मैंने कोई जवाब नहीं दिया। पापा, सचमुच बहुत प्यास लगी है, दुकान के...
    June 15, 04:00 AM
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