रसरंग

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  • कहानी: परख
    राजा उत्साह में आगे भी कुछ कहने जा रहा था कि सामने आते एक गंदे गलीज मंगते पर उसकी नज़र पड़ी। राजा ने दीवान की ओर देखते कहा, दीवान जी, शकुन तो बहुत बुरे हुए... राजा भी मन-ही-मन कुछ बड़बड़ाया। मंगते के बोल उसके हृदय पर शूल की तरह गड़े फिर भी लौटने की इच्छा नहीं हुई। जब मंगता मार खाकर भी नहीं लौटा तो वे क्यों लौटें? चुपचाप आगे बढ़ गए... कई दिन तक मगजमारी करते-करते एक मन-लहरी राजा को हठात् तक गहरे मर्म की बात सूझी कि गुरु के बिना ज्ञान असंभव है बस, फिर क्या ढील! राजा पर न राम का वश चले न रहीम का। उसने अदेर दीवान को...
    September 25, 12:00 AM
  • Cover Story कश्मीर मैपिंग : इस तरह से घिरी है घाटी...फिर भी!
    1984 में कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के संस्थापक मकबूल बट्ट को दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी देने के कुछ समय बाद कश्मीर में हथियार बंद संघर्ष की शुरुआत हुई। भास्कर आपको कश्मीर मैपिंग के जरिए वहां सेना और सुरक्षा बलों की तैनाती की स्थिति व इंटेलिजेंस स्ट्रक्चर के बारे में जानकारी दे रहा है... कश्मीर वादी में सिक्योरिटी सिस्टम विभिन्न हिस्सों में बंटा हुआ है और मल्टी टायर सुरक्षा ग्रिड रहता है। जम्मू कश्मीर में 770 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सेना के जवान तैनात हैं। कश्मीर के अंदरूनी हिस्सों...
    September 25, 12:00 AM
  • कहानी: बेले की कलियां
    शहर में फूलों का भाव अच्छा है। मकान के पिछवाड़े की जमीन बेकार पड़ी हुई है, अच्छी-खासी रकम कमा सकेंगे। फैसला किया कि बेले के पौधे लगवा लूं। बेले के फूलों को उगाने और बेचने में थोड़ी-सी कमाई है। हां, जमाने को थोड़ा लूटना भी इसमें है। लेकिन मुझे यह लूट इंसाफ़ के काबिल लगी। अमीर लोग ही, यानी जनता को लूटकर अमीर बने लोग ही मारे फूल खरीदेंगे। सो मैं लुटेरों को बेले के फूलों से लूटूंगा।! पिछवाड़े की जमीन को खोदने के लिए एक मजदूर की जरूरत पड़ी चौराहे पर गया। धंसे हुए पेटवाला एक बूढ़ा सामने आया। बाबूजी! कोई काम है?,...
    September 18, 11:14 AM
  • ग्राउंड रिपोर्ट: क्या ये थाने हैं, जहां बिजली-पानी, नेटवर्क तक नहीं है
    एक तरफ सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर को 24 घंटे में ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर देश में दर्जनों ऐसे थाने हैं, जहां बिजली-पानी, नेटवर्क तक नहीं है। भास्कर ने देशभर से ऐसे 5 थाने ढूंढे जो दिखने में सिर्फ एक ढांचा है, लेकिन थाना बनकर चल रहे हैं... छत्तीसगढ़ का शोभा थाना यहां पुलिस पेड़ पर चढ़कर मोबाइल का नेटवर्क ढूंढती है रिपोर्ट : संदीप राजवाड़े / रुपेश साहू यहां पेड़ों पर मिलता है मोबाइल नेटवर्क। पुलिसकर्मी मोबाइल लटकाकर हेडफोन या ब्लूटुथ से घरवालों से बात कर पाते हैं। रायपुर से लगा गरियाबंद...
    September 18, 10:01 AM
  • पाकिस्तान डायरी: कैसा हो कराची वालों का मेयर...
    इन दिनों कराची में मेयर का चुनाव हुआ तो जमशेद नोशेरवान जी को बहुत याद किया गया, दौलतमंद पारसी बाप का बेटा, जिसने अपनी सारी जि़ंदगी इंसानों की खिदमत में गुज़ार दी। 13 साल की उम्र में उसने एक कसाई को देखा जो एक गाय को घसीटते हुए जि़बहखाने की तरफ ले कर जा रहा था, जमशेद के सीने में घूंसा जैसा लगा, ये वो दिन था जिस दिन से उसने गोश्त खाना बंद कर दिया और फिर जि़ंदगी भर दाल सब्ज़ी पर ही गुज़ारा किया। नौजवानी के दिनों में उनकी मुलाकात थियोसोफिकल सोसायटी की ऐनी बेसेंट से हुई। उनके ख्य़ालात ने जमशेद की जि़ंदगी की...
    September 11, 12:39 PM
  • कहानी: गुड़िया रानी
    कभी-कभी अनपेक्षित घटना भी घटित हो जाती हैं। लाहौर पहुंचकर वह एक होटल में ठहर गया। नहा-धो तथा नाश्ता ले वह अनारकली बाज़ार में कुछ खरीदारी करने के लिए निकल गया। उसे एक रेशमी रूमाल चाहिए था, इसके लिए वह खद्दर भंडार जा पहुंचा। उसे रेशम विभाग में भेज दिया गया... उच्च शिक्षा ग्रहण कर लेने पर भी हरीशचंद्र सादा और सदाचारी व्यक्ति था। खद्दर की धोती, कुर्ता तथा साधारण चप्पल में वह बिलकुल ही सामान्य तथा सरल स्वाभाव का प्रतीत होता था। वह अनेक समाचार-पत्रों का संवाददाता था तथा लेखन-कार्य से अपनी आजीविका चला...
    September 11, 12:00 AM
  • कालाहांडी और बालासोर की घटनाओं पर, जिम्मेदार लोगों से सवाल
    भास्कर संवाददाता राजकिशोर भगत और संदीप राजवाड़े कालाहांडी और बालासोर जाकर दोनों घटना से संबंधित लोगों से मिले और इस अराजकता के जिम्मेदार लोगों से सवाल किया कि आप लोगों ने इसे रोका क्यों नहीं... ग्राउंड रिपोर्ट-1- कालाहांडी से... पत्नी की लाश कंधे पर उठाकर रात दो बजे अस्पताल से चुपचाप निकले दानो मांझी के साढ़े तीन घंटे के सफर में मानवता कदम-कदम पर शर्मसार होती रही। अमानवीयता का यह सिलसिला अस्पताल से शुरू हुआ। अस्पताल से कुछ कदम बढ़ा तो एक सिपाही मिला। उसने भी पूछताछ की, लेकिन जैसे ही पता चला कि...
    September 4, 12:00 AM
  • कहानी: तारीख़ी सनद
    उस दिन मैदाने ज़ाले ने ख़ून के छीटों से समय की सबसे सुंदर अल्पना अपने सीने पर सजाई थी। पौ फटते ही तारीख़ जैसे अपना कलम लेकर समय की सबसे लोमहर्षक कथा लिखने को बैठ गई थी और मैं अपने हाथ में पकड़ी मशीनगन से हमवतनों का सीना छलनी करने के लिए आमादा सिर्फ़ हुक्म का मुंतज़िर था। सरकार के साथ गद्दारी और बगावत करने की एक सज़ा थी, वह थी...मौत। नन्हे से शब्द फायर की गूंज के साथ मशीनगनों के दहाने आग का दरिया उगलने लगे थे और तब काली चादरों में लिपटे औरतों के बदन से टपकते ख़ून से धरती पर उभरते बेल-बूटे, बच्चों की...
    September 4, 12:00 AM
  • Do You Know: गोपीचंद की बैडमिंटन अकादमी में क्या और कैसे होता है?
    देश को साइना, सिंधु और श्रीकांत जैसे चमकते सितारे देने वाली पुलेला गोपीचंद की बैडमिंटन अकादमी में क्या और कैसे होता है? यह जानने के लिए भास्कर ने वहां एक दिन गुजारा। पढ़िए अकादमी की दिनभर की गतिविधियों का आंखों देखा हाल... 4 बजे सुबह पुलेला गोपीचंद अकादमी में एक शख्स प्रवेश करता है। वह है पूर्व आॅल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियन 2001 और भारतीय राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच 42 वर्षीय पुलेला गोपीचंद... दराबाद में पुलेला दो अकादमी चलाते हैं। एक उनकी निजी है और दूसरी वह स्पोर्ट अथॉरिटी आॅफ इंडिया के साथ मिलकर...
    August 28, 10:12 AM
  • कहानी: जैथा
    आज तो जैसे उसके लिए दिन ही खराब था। आज प्रातःकाल जल्दी उठकर जब वह सरदार के घर आने लगा था तब उसकी मां ने उसे, गोदी वाली लड़की थमा दी थी। गोदी वाली लड़की जो कि न तो मरती है और न ही जीती है... जैथे ने अपने पेट पर हाथ लगाकर देखा, तो गरम-गरम लग रहा था, मुंह से सांस लेकर उसने अपने हाथ को भाप दी, सांस में सेका आ रहा था। उसकी कनपटियों में थोड़ा-थोड़ा दर्द शुरू हो गया था। भैंसों के टोले को लंबे खाले (चौड़े नाले) में छोड़कर वह कीकर की सघन छाया में आ बैठा। आज उसका जी कर रहा था कि इससे अच्छा है, वह मर ही जाए। उसे कभी लगता जैसे मन...
    August 28, 10:12 AM
  • Cover Story: क्या कर रहे हैं हमारे मंत्रियों के बच्चे...?
    अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की बेटी साशा की एक तस्वीर पिछले दिनों में चर्चा में रही। तस्वीर में साशा कुछ लोगों को कॉफी देते देखी गयीं। इसके बाद हमने यह जानने का प्रयास किया कि हमारे देश के केंद्रीय मंत्रियों के बच्चे क्या करते हैं, उन्होंने पढ़ाई क्या की है। 13 मंत्रियों के बच्चों की प्रोफाइल के बारे में पढ़िए अजय प्रकाश की रिपोर्ट... अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की 15 वर्षीय बेटी साशा ओबामा को इंटर्नशिप के दौरान कास्ट-क्रू को काॅफी पिलाने, टाइपिंग करने और भीड़ रोकने का काम मिला। उन्हें यह काम...
    August 23, 11:06 AM
  • कहानी: शांति हंसी थी
    जानकीदास, मुजरिम, तुम पर जुर्म लगाया जाता है कि तुमने तारीख 14 दिसम्बर को शाम के आठ बजे हालीवुड पार्क के दरवाज़े पर दंगा किया; और कि तुम्हारी रोज़ी का कोई ज़रिया नहीं है। बोलो, तुम्हें जवाब में कुछ कहना है? जवाब के बदले जानकीदास को टुकुर-टुकुर अपनी ओर देखता पाकर न जाने क्यों मजिस्ट्रेट-पसीज उठे। उन्होंने कहा, जो कुछ तुम्हें जवाब में कहना हो, सोच लो। मैं तुम्हें पांच मिनट की मोहलत देता हूं। पांच मिनट! जानकीदास के वज्राहत मन को, मानो कोड़े की चोट-सा, मानो बिच्छू के डंक-सा यह एक फ़िकरा काटने लगा, बताने...
    August 21, 11:44 AM
  • कहानी: मुत्तांड़ी
    कन्दस्वामी चेट्टियार बड़े जमींदार थे। वह बड़े समझदार व होशियार थे। वह पारंपरिक रूप से धनवान थे ही फिर अपने प्रयत्नों व किफायती स्वभाव के कारण सभी जमींदारों में उनका स्थान प्रथम हो गया। अतः लोग उन्हें राजा कन्दस्वामी चेट्टियार कहकर पुकारने लगे। उनका एक ही पुत्र था, जिसका नाम शंकर था। अपने देश में पढ़ाई पूरी कर विदेश से पढ़ कर आया। वहां से आईसीएस की परीक्षा दे सफल हो नौकरी में आया। कन्दस्वामी चेट्टियार के घर एक खाना बनाने वाले रसोइये का नाम मुत्तांड़ी था। वह बहुत ही योग्य व अच्छा था। वह परिवार के हर...
    August 7, 12:00 AM
  • ...तो बवाल हुआ ही क्यों? आपसी दांव में पटखनी खा गया देश
    नाडा से ​क्लीनचिट के बाद नरसिंह यादव ओलिंपिक तो जाएंगे पर सवाल है कि जब डोपिंग का मामला था ही नहीं, तो बवाल हुआ ही क्यों? वे कौन लोग थे जिन्होंने यह चक्रव्यूह रचा और व्यक्तिगत रंजिश के आगे देश की इज्जत को दांव पर लगा दिया। ​पढ़िए इस दांवपेंच पर अनिल बंसल की रिपोर्ट... नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी यानी नाडा से क्लीन चिट मिलने के बाद नरसिंह यादव के लिए ओलिंपिक में खेलने का रास्ता साफ हो गया है, लेकिन उससे पहले देश की एक हार जरूर हुई है। यह हार है एक कुश्ती की। जिन दो पहलवानों सुशील कुमार और नरसिंह यादव पर...
    August 7, 12:00 AM
  • Book 'अ फीस्ट ऑफ वल्चर्स', करेगी जेट एयरवेज को लेकर बड़ा खुलासा
    इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट जोसी जोसेफ की किताब अ फीस्ट ऑफ वल्चर्स में इस बात का खुलासा है कि किस तरह एनडीए से लेकर यूपीए सरकार ने जेट एयरवेज को फायदा पहुंचाया। यह किताब सोमवार को लॉन्च हो रही है। इसी किताब के एक्सक्लूजिव अंश हिंदी में सिर्फ भास्कर के पास हैं... इंटेलीजेंस ब्यूरो चीफ के.पी सिंह और उनके वरिष्ठ साथी संयुक्त संचालक अर्जुन घोष 2002 की गर्मियों के दिन में नॉर्थ ब्लॉक में बेसमेंट में वाहन का इंतजार कर रहे थे। वहीं संसद में दोनों सदनों के सदस्य एक पत्र को लेकर उग्र हो रहे थे। यह वही पत्र था...
    July 31, 12:00 AM
  • कहानी: तीन दरवाजों वाला घर
    कुछ कहता भी तो इस अंदाज में जैसे डायलॉग बोल रहा हो। म्यूजियम के रिकॉर्ड ऑफिस में काम करता था सुखांत, जहां उसे भोजपत्र पर लिखी पुरानी हस्तलिपियों की खोज में फुर्सत न मिलती। और न घर पर वक्त होता.. दरवाजे खुले थे। रास्ता सीधा-सपाट। सीमा ने अपने फैसले पर कई बार गौर किया, जब वह बहुत छोटी थी, उसने नानी से वह कहानी सुनी थी जिसमें एक राजकुमार एक परी को एक दैत्य की कैद से निकाल लाता है। आज फिर वही कहानी उसे गुदगुदा गई। बालों में कंघी करते हुए शीशे में अपना मुंह देखा। मन के किसी कोने से आवाज आई, अपने अक्स में...
    July 31, 12:00 AM
  • स्थायी कमीशन पर  5 महिला अफसरों की राय, एक दशक की लड़ाई
    एक दशक की लड़ाई, 250 ने पाया हक, फिर भी महिलाओं के स्थायी कमीशन पर सरकार और सेना मौन। भास्कर के डिफेंस कॉरस्पोंडेंट डीडी वैष्णव ने ऐसी 5 महिला अफसरों से बात कर जानी स्थायी कमीशन पर उनकी राय, जो स्वयं यह लड़ाई लड़ रही हैं... पिछले सप्ताह एयरफोर्स की विंग कमांडर पूजा ठाकुर ने जैसे ही स्थायी कमीशन के लिए आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल में रिट दायर की तो एक बार फिर तीनों सेनाओं में महिलाओं को स्थायी कमीशन के मुद्दे पर बस छिड़ गई। सेनाओं में महिलाओं के प्रवेश को ढाई दशक पूरे हो चुके हैं, लेकिन स्थायी कमीशन की...
    July 24, 12:00 AM
  • कहानी: थैंक्यू आंटी'...
    पीछे से नाम की पुकार सुनकर एक ने दूसरे को टोका। लौटते बच्चों की खिलखिलाहट को वे एकटक निहारती रहीं। एक खिलखिलाहट पलटी-थैंक्यू आंटी... हफ्ते, महीने, साल... लगभग पैंतीस सालों से वे खड़ी थीं - खिड़की के आयताकार फ्रेम के दो हिस्सों में बंटे समुद्र के निस्सीम विस्तार के सामने - ऐसे, जैसे समुद्र का हिस्सा हों वे। हहराते-गहराते समुद्र की उफनती पछाड़ खाती फेनिल लहरों की गतिशीलता के बीच एकमात्र शांत, स्थिर और निश्चल वस्तु की तरह वे मानो कैलेंडर में जड़े एक खूबसूरत लैंडस्केप का अभिन्न हिस्सा बन गई थीं। आंटी,...
    July 24, 12:00 AM
  • कहानी: पैसा सबकुछ कर सकता है
    बार एक बहुत रईस शहजादे ने राजा के महल के ठीक सामने उससे भी शानदार एक महल बनवाने का निश्चय किया। महल जब बनकर पूरा हो गया तो उसने सामने की तरफ बड़े-बड़े अक्षरों में लिखवा दिया कि पैसा सबकुछ कर सकता है। राजा ने बाहर आकर जब इसे देखा तो फौरन शहजादे को बुला भेजा जो शहर में अभी नया ही था और अभी तक उसने दरबार में हाजिरी नहीं बजाई थी। मुबारक हो, राजा ने कहा। तुम्हारा महल तो सचमुच अजूबा है। उसके सामने मेरा गरीबखाना तो झोपड़ी जैसा लगता है। मुबारक! लेकिन यह लिखाना क्या तुम्हें ही सूझा था कि पैसा सब कुछ कर सकता...
    July 17, 12:09 PM
  • कॉमन सिविल कोड: बड़ी है दरकार, लेकिन आखिर मजबूर क्यों है सरकार?
    क्या सभी धर्मों के अपने-अपने पर्सनल लॉ... खत्म कर सबके लिए एक कॉमन सिविल कोड बनाने की सोच रही है सरकार। इस पर अजय प्रकाश की रिपोर्ट... पिछले पखवाड़े सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से फिर पूछा कि कॉमन सिविल कोड समान नागरिक संहिता का क्या हुआ? और हमेशा की तरह सरकार के पास कोई जवाब नहीं था। आश्चर्य यह है कि दो साल में सरकार इस मामले में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है। इस मसले पर 65 साल से सरकार वहीं की वहीं खड़ी है, जहां 1955 में हिंदू पर्सनल लाॅ बनने के बाद खड़ी थी। अक्सर मुस्लिम पर्सनल लाॅ को लेकर होने वाली बहसों में...
    July 17, 12:00 AM