रसरंग

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  • स्थायी कमीशन पर  5 महिला अफसरों की राय, एक दशक की लड़ाई
    एक दशक की लड़ाई, 250 ने पाया हक, फिर भी महिलाओं के स्थायी कमीशन पर सरकार और सेना मौन। भास्कर के डिफेंस कॉरस्पोंडेंट डीडी वैष्णव ने ऐसी 5 महिला अफसरों से बात कर जानी स्थायी कमीशन पर उनकी राय, जो स्वयं यह लड़ाई लड़ रही हैं... पिछले सप्ताह एयरफोर्स की विंग कमांडर पूजा ठाकुर ने जैसे ही स्थायी कमीशन के लिए आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल में रिट दायर की तो एक बार फिर तीनों सेनाओं में महिलाओं को स्थायी कमीशन के मुद्दे पर बस छिड़ गई। सेनाओं में महिलाओं के प्रवेश को ढाई दशक पूरे हो चुके हैं, लेकिन स्थायी कमीशन की...
    12:00 AM
  • कहानी: थैंक्यू आंटी'...
    पीछे से नाम की पुकार सुनकर एक ने दूसरे को टोका। लौटते बच्चों की खिलखिलाहट को वे एकटक निहारती रहीं। एक खिलखिलाहट पलटी-थैंक्यू आंटी... हफ्ते, महीने, साल... लगभग पैंतीस सालों से वे खड़ी थीं - खिड़की के आयताकार फ्रेम के दो हिस्सों में बंटे समुद्र के निस्सीम विस्तार के सामने - ऐसे, जैसे समुद्र का हिस्सा हों वे। हहराते-गहराते समुद्र की उफनती पछाड़ खाती फेनिल लहरों की गतिशीलता के बीच एकमात्र शांत, स्थिर और निश्चल वस्तु की तरह वे मानो कैलेंडर में जड़े एक खूबसूरत लैंडस्केप का अभिन्न हिस्सा बन गई थीं। आंटी,...
    12:00 AM
  • कहानी: पैसा सबकुछ कर सकता है
    बार एक बहुत रईस शहजादे ने राजा के महल के ठीक सामने उससे भी शानदार एक महल बनवाने का निश्चय किया। महल जब बनकर पूरा हो गया तो उसने सामने की तरफ बड़े-बड़े अक्षरों में लिखवा दिया कि पैसा सबकुछ कर सकता है। राजा ने बाहर आकर जब इसे देखा तो फौरन शहजादे को बुला भेजा जो शहर में अभी नया ही था और अभी तक उसने दरबार में हाजिरी नहीं बजाई थी। मुबारक हो, राजा ने कहा। तुम्हारा महल तो सचमुच अजूबा है। उसके सामने मेरा गरीबखाना तो झोपड़ी जैसा लगता है। मुबारक! लेकिन यह लिखाना क्या तुम्हें ही सूझा था कि पैसा सब कुछ कर सकता...
    July 17, 12:09 PM
  • कॉमन सिविल कोड: बड़ी है दरकार, लेकिन आखिर मजबूर क्यों है सरकार?
    क्या सभी धर्मों के अपने-अपने पर्सनल लॉ... खत्म कर सबके लिए एक कॉमन सिविल कोड बनाने की सोच रही है सरकार। इस पर अजय प्रकाश की रिपोर्ट... पिछले पखवाड़े सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से फिर पूछा कि कॉमन सिविल कोड समान नागरिक संहिता का क्या हुआ? और हमेशा की तरह सरकार के पास कोई जवाब नहीं था। आश्चर्य यह है कि दो साल में सरकार इस मामले में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है। इस मसले पर 65 साल से सरकार वहीं की वहीं खड़ी है, जहां 1955 में हिंदू पर्सनल लाॅ बनने के बाद खड़ी थी। अक्सर मुस्लिम पर्सनल लाॅ को लेकर होने वाली बहसों में...
    July 17, 12:00 AM
  • COVER STORY: मुन्ना ने 11 साल की मुन्नी से कैसे कर ली शादी
    झारखंड भाजपा अध्यक्ष के बेटे ने पहले एक लड़की से प्यार किया फिर यौन शोषण। शादी तय हुई दूसरी लड़की से और अब ब्याह रचाया तीसरी से। इस पूरी घटना पर... रांची से सतीश कुमार वर्मा की रिपोर्ट... 24 साल के मुन्ना ने 11 साल की मुन्नी से शादी कर ली। मुन्ना मरांडी भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष और विधायक ताला मरांडी के बेटे हैं। मुन्नी रितु बास्की गरीब आदिवासी परिवार की सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली बिटिया। इस बेमेल रिश्ते की कहानी बड़ी अजीब है। मुन्ना ने पहले एक युवती को फांसा, शादी का प्रलोभन देकर उसका यौन शोषण...
    July 11, 12:27 PM
  • कहानी: चोर
    रात के दस बजे थे। मैं अपनी क्लीनिक में अकेली बैठी थी और एक मेडिकल जनरल पढ़ रही थी कि दरवाज़ा खुला और एक आदमी एक बच्चा लेकर अंदर आया। मुझको अपनी नर्स पर गुस्सा आया कि यह दरवाज़ा खुला छोड़ गई। मेरे मरीज़ देखने का वक़्त बहुत देर पहले ही ख़त्म हो चुका था मैंने रुखाई से कहा, मरीज़ देखने का वक़्त ख़त्म हो चुका, कल सुबह लाना, वरना किसी दूसरे डाॅक्टर को दिखा दो। मर्द छोटे कद का तो था लेकिन बदन कसरती था और बच्चा जो गोद में था, उसकी सांस बुरी तरह से चल रही थी और साफ़ ज़ाहिर था कि निमोनिया हो गया है। बच्चा निढाल था और...
    July 11, 10:00 AM
  • Big Question: दाएं की जगह बाएं पैर का ऑपरेशन कैसे?
    हाल ही में दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में एक मरीज का दाहिने पैर के स्थान पर बाएं पैर का आपरेशन कर स्क्रू लगा दिया। इस तरह के मामलों से लोग स्तब्ध हैं। देशभर में चिकित्सकीय लापरवाही के 3.5 लाख मामले उपभोक्ता फोरम कोर्ट में लंबित हैं। सरकार या मेडिकल काउंसिल के पास कोई ऐसा आंकड़ा नहीं है जिससे यह पता चले कि अबतक कितने अस्पतालों, डॉक्टरों या मेडिकल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है... कोई झोला छाप डॉक्टर नहीं हैं न ही किसी फर्जी संस्थान से डिग्री ली है। ये इलाज भी किसी छोटी क्लीनिक में नहीं करते...
    July 3, 12:00 AM
  • चर्चा में:  सरकारी सख्ती के बावजूद कम हो रहे हैं टैक्स पेयर
    जब हर साल सीबीडीटी के पास लाखों ट्रांजेक्शन की जानकारी आ रही तो प्रधानमंत्री को यह क्यों कहना पड़ रहा है कि देश में करदाताओं की संख्या कम है। आखिर यह सरकार के लिए असंभव सवाल क्यों बना हुआ?... सल में सरकारी सख्ती और इनकम टैक्स चोरी को रोकने के लिए किये जा रहे तमाम उपायों के बावजूद इनकम टैक्स देने वाले लोगों की संख्या, टैक्स जीडीपी अनुपात और टैक्स ग्रोथ तीनों में गिरावट आई है। इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग के बावजूद टैक्स को लेकर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने पहली बार...
    July 3, 12:00 AM
  • कहानी: व्यथा का सरगम
    सुरेश्वर रेलवे के एक ऑफिस में क्लर्क है। रेलों की घड़घड़ाहट और फाइलों की थकान को अपनी बीन के स्वरों में बांधकर उसने उन्हें नया ही रूप दे दिया है। दिन-भर की दौड़-धूप के बाद रात को यही उसकी शांति का निर्झर है... ...हां, सचमुच वीनस...उर्वशी...तक्षशिला की सुन्दरी...सरो के पेड़ की-सी सुघड़ लम्बाई, स्वस्थ यौवन से भरपूर छरहरा शरीर, सीमांत के कागजी बादाम जैसी ही आंखें, चंदन-सा गौर, सुसंस्कृत मुखमंडल, लम्बी-सी वेणी। मगर सबके ऊपर अंगराग के स्थान पर उदासी का एक गहरा लेप जो चेहरे के भाव को आमूल बदल देता है... गहरी। काली।...
    June 19, 10:34 AM
  • पाकिस्तान डायरी: जोगी का शहर में ठिकाना क्या है
    यह गज़ल आप लोगों ने कभी न कभी सुनी ज़रूर होगी। इस शायर का असली नाम शेर मोहम्मद खान था। ब्रिटिश इंडिया के शहर जालंधर में 15 जून 1927 को पैदा हुए। बंटवारे के बाद पाकिस्तान आ गए। यहां उन्होंने शायरी की और इब्न-ए-इंशा के नाम से मशहूर हुए और शोहरत भी ऐसी कि उनका असली नाम किसी को याद तक नहीं रहा। उन्होने कॉलम लिखे, सफरनामे लिखे। उनकी हास्य की समझ गज़ब की थी। औरंगज़ेब के बारे में उन्होंने लिखा कि हज़रत बादशाह सलामत इतने परहेज़गार थे कि टोपियां सीकर अपनी दो वक्त की रोटियां खाया करते थे और नमाज़ी ऐसे कि जि़ंदगी...
    June 19, 10:16 AM
  • पाकिस्तान डायरी: रमजान और गर्मी की शिद्दत
    बरसों बाद ऐसा हुआ है कि पाकिस्तान भर में रमज़ान एक ही दिन शुरु हुए हैं, वर्ना हर बार ऐसा होता है कि कई इलाकों में रमज़ान एक दिन पहले ही शुरु हो जाते थे और फिर ईद भी एक दिन या दो दिन पहले ही मन जाती थी। यूं महसूस होता था जैसे पाकिस्तान कई टुकडों में बंटा हुआ मुल्क है, जिसके हर हिस्से में चांद किसी मौलवी या किसी मुफ्ती की मर्जी से उगता है और डूबता है। इस बात से क्या पढ़े लिखे और क्या देहाती सभी लोग बहुत नाराज़ होते थे कि यह आखिर क्या मामला है। हमारे मौलवी अगर रमज़ान और ईद के चांद के मामले में एकमत नहीं हो...
    June 12, 04:33 PM
  • कहानी: यह स्वतंत्रता
    पाठक को यहां पर सांस लेना कठिन हो गया। वह रात को प्रतिदिन अपने नगर के स्वप्न देखा करताऔर वहां जाने की इच्छा करता रहता। उसको वह स्थान याद आता जहां वह पतंग उड़ाता था और जहां वह जब कभी चाहता जाकर स्नान करता था... पाठक चक्रवर्ती अपने मुहल्ले के लड़कों का नेता था। सब उसकी आज्ञा मानते थे। यदि कोई उसके विरुध्द जाता तो उस पर आफत आ जाती, सब मुहल्ले के लड़के उसको मारते थे। आखिरकार बेचारे को विवश होकर पाठक से क्षमा मांगनी पड़ती। एक बार पाठक ने एक नया खेल सोचा। नदी के किनारे एक लकड़ी का बड़ा लट्ठा पड़ा था, जिसकी...
    June 12, 04:28 PM
  • Cover Story: क्या आतंकियों को बचाने के लिए बदली जा रही है जांच की दिशा...
    2007 समझौता बम धमाके में शामिल आतंकियों को लेकर अबतक चली जांच को एनआइए पलटने में लगा है। एनआइए ने धमाके में लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने की आशंका जताई है और यूपीए के समय हुई गिरफ्तारी पर प्रश्न खड़ा किया है। ऐसे में इस मामले की जांच कर चुके हरियाणा के पूर्व डीजी विकास नारायण राय बता रहे हैं कि किस तरह जांच को बदला जा रहा है वहीं आरोपी पक्ष के वकील जे.एस. राणा ने असीमानंद और अपने अन्य मुवक्किलों पर लगे आरोपो को बेबुनियाद बता रहे हैं... क्या आतंकियों को बचाने के लिए बदली जा रही है जांच की दिशा... विकास...
    June 12, 11:17 AM
  • कहानी: लड़कियां
    श्यामा की जली हुई लाश थाने पहुंची तो वहां पहले से ही दो नवविवाहिता लड़कियों की जली हुई लाशें रखी थीं। थाने में शांति थी। पीपल के पत्ते हवा में खड़खड़ा रहे थे और जीप का इंजन लंबी-लंबी सांसें ले रहा था... श्यामा की जली लाश आगे बढ़ी। और अधकि हड़कम्प मच गया। उच्च स्तरीय सचिवों की बैठक बुला ली गयी और तय पाया कि श्यामा को प्रधनमंत्री के सामने पेश करने से पहले गृहमंत्री, विदेश मंत्री, वित्त मंत्री, समाज कल्याण मंत्री आदि का बुला लिया जाये। नहीं तो न जाने श्यामा प्रधनमंत्री से क्या पूछ ले कि जिसका उत्तर...
    June 5, 12:08 PM
  • COVER STORY: पाकिस्तान में महिलाओं को पीटने का तुगलकी फरमान
    आमने-सामने पाकिस्तान में महिलाओं को पीटने के सुझाव पर हुई बहस सभी ने इसे बेतुका कहा,संस्था पर प्रतिबंध की उठी मांग कानून पत्नी को पीटने का अधिकार दें, जैसी वाहियात मांग करने वाली पाकिस्तानी संस्था के खिलाफ दुनियाभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। पाकिस्तान की महिलाओं ने सोशल ​मीडिया पर मौलवियों को ललकारा है। भारत में भी बहस जारी है। वैसे भी हमारी अदालतें मुस्लिम महिलाओं के हक में ऐतिहासिक फैसले दे रही हैं। ऐसे में दैनिक भास्कर ने दोनों देशों की वरिष्ठ महिला पत्रकारों से यह जानने की कोशिश की...
    June 5, 10:57 AM
  • मैंने 12 वर्ष बगैर  पद के काम किया तब जाकर आज ये पद मिला Anurag Thakur
    दुनिया के सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड में शुमार भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष पद पर अनुराग ठाकुर को निर्विरोध रूप से चुन लिया गया है। ऐसे में कई सवाल भी उठे कि आखिर वो इस पद पर कैसे और किसकी बदौलत पहुंचे? यह जानने के लिए भास्कर ने उनसे खास बात कर कई सवालों के जवाब जाने। पेश हैं मुख्य अंश... विक्रम ढटवालिया, हमीरपुर नुराग का मानना है कि क्रिकेट बोर्ड भाजपा या कांग्रेस का कोई खेल नहीं है। यहां खेल को तवज्जो दी जाती है। बोर्ड में सुधारों के लिए बहुत कुछ किया जाना है और इसकी शुरुआत पहले ही हो चुकी है। आम...
    May 29, 12:00 AM
  • कहानी: मेरी मां
    सड़क के किनारे-किनारे मौत की गोदी में सिमटे हुए गांव, लहलहाते खेतों के आस-पास लाशों के ढेर। कभी-कभी दूर से आती हुई अल्ला-हो-अकबर और हर-हर महादेव की आवाजें। हाय, हाय...पकड़ो-पकड़ो...मारो-मारो... सनसनाती हवा में कब्रिस्तान में उसकी फूल-सी बहिन मौत के दामन में हमेशा-हमेशा के लिए दुनिया से बेखबर...और उस पुरानी याद में कांपता हुआ यूनस खां का दिल-दिमाग। दिन के बाद उसने चांद-सितारे देखे हैं। अब तक वह कहां था? नीचे, नीचे, शायद बहुत नीचे...जहां की खाई इंसान के खून से भर गई थी। जहां उसके हाथ की सफाई बेशुमार गोलियों...
    May 29, 12:00 AM
  • पाकिस्तना डायरी: गैरत के नाम पर
    पाकिस्तान के खैबर पख़्तोन्ख़्वा में ऐबटाबाद को उस वक़्त बहुत शोहरत हासिल हुई थी जब अमेरिकी फौजों ने इसकी एक इमारत पर छापा मारा था और यहां बरसों से अंडरग्राउण्ड रहने वाले ओसामा बिन लादेन को कत्ल किया और उसकी लाश को साथ ले गए। 29 अप्रैल 2016 से यह शहर फिर ख़बरों में है। इसके एक करीबी कस्बे से दिल चीर देने वाली ये खबर आई कि 16 साल की एक लड़की अंबरीन को कबाइली लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया। उस पर इल्ज़ाम यह था कि उसने अपनी एक सहेली को उसके पसंद के लड़के से शादी करने के लिए घर से फरार होने में मदद की थी। ये कोई...
    May 22, 03:28 PM
  • कहानी: गर्मियों की एक रात
    मुंशी बरकत अली इशा की नमाज पढ़कर चहलकदमी करते हुए अमीनाबाद पार्क तक चले आए। गर्मियों की रात, हवा बंद थी। शर्बत की छोटी-छोटी दुकानों के पास लोग खड़े बातें कर रहे थे। चौराहे पर तांगा और इक्का वालों की लगातार पुकार जारी थी। चौक। एक सवारी। चौक, मियां चौक पहुंचा दूं? ऐ हुजूर, कोई तांगा-वांगा चाहिए? हार बेले के, गजरे मोती के। क्या मलाई की बरफ है! मुंशी जी ने एक हार खरीदा, शरबत पिया और पान खाकर पार्क के अंदर दाखिल हुए। बेंचों पर जगह न थी। लोग नीचे घास पर लेटे हुए थे। चंद बेसुरे गाने के शौकीन शोर मचा रहे थे।...
    May 22, 10:57 AM
  • BIG Question: क्या बिना जांचे ही प्रदूषित घोषित कर दिए गए शहर
    पिछले दिनों जब वायु प्रदूषण को लेकर डब्ल्यूएचओ ने दुनियाभर का आंकड़ा प्रस्तुत किया तो उसमें ग्वालियर, इलाहाबाद, पटना और रायपुर का नाम भी प्रदूषित शहरों की सूची में काफी ऊपर था। लेकिन भास्कर ने पड़ताल कर यह जाना कि कैसे डब्ल्यूएचओ के इन आंकड़ों पर विश्वास नहीं किया जा सकता... पहली दफा है जब विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ की ​किसी रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठा है। इससे पहले तक उसकी रिपोर्ट को हमारी सरकारें सिर-माथे पर लगाती थीं और बिना जांच-पड़ताल के मीडिया से लेकर सामाजिक संगठनों में...
    May 22, 09:58 AM