रसरंग
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  • पाकिस्तना डायरी: गैरत के नाम पर
    पाकिस्तान के खैबर पख़्तोन्ख़्वा में ऐबटाबाद को उस वक़्त बहुत शोहरत हासिल हुई थी जब अमेरिकी फौजों ने इसकी एक इमारत पर छापा मारा था और यहां बरसों से अंडरग्राउण्ड रहने वाले ओसामा बिन लादेन को कत्ल किया और उसकी लाश को साथ ले गए। 29 अप्रैल 2016 से यह शहर फिर ख़बरों में है। इसके एक करीबी कस्बे से दिल चीर देने वाली ये खबर आई कि 16 साल की एक लड़की अंबरीन को कबाइली लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया। उस पर इल्ज़ाम यह था कि उसने अपनी एक सहेली को उसके पसंद के लड़के से शादी करने के लिए घर से फरार होने में मदद की थी। ये कोई...
    May 22, 03:28 PM
  • कहानी: गर्मियों की एक रात
    मुंशी बरकत अली इशा की नमाज पढ़कर चहलकदमी करते हुए अमीनाबाद पार्क तक चले आए। गर्मियों की रात, हवा बंद थी। शर्बत की छोटी-छोटी दुकानों के पास लोग खड़े बातें कर रहे थे। चौराहे पर तांगा और इक्का वालों की लगातार पुकार जारी थी। चौक। एक सवारी। चौक, मियां चौक पहुंचा दूं? ऐ हुजूर, कोई तांगा-वांगा चाहिए? हार बेले के, गजरे मोती के। क्या मलाई की बरफ है! मुंशी जी ने एक हार खरीदा, शरबत पिया और पान खाकर पार्क के अंदर दाखिल हुए। बेंचों पर जगह न थी। लोग नीचे घास पर लेटे हुए थे। चंद बेसुरे गाने के शौकीन शोर मचा रहे थे।...
    May 22, 10:57 AM
  • BIG Question: क्या बिना जांचे ही प्रदूषित घोषित कर दिए गए शहर
    पिछले दिनों जब वायु प्रदूषण को लेकर डब्ल्यूएचओ ने दुनियाभर का आंकड़ा प्रस्तुत किया तो उसमें ग्वालियर, इलाहाबाद, पटना और रायपुर का नाम भी प्रदूषित शहरों की सूची में काफी ऊपर था। लेकिन भास्कर ने पड़ताल कर यह जाना कि कैसे डब्ल्यूएचओ के इन आंकड़ों पर विश्वास नहीं किया जा सकता... पहली दफा है जब विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ की ​किसी रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठा है। इससे पहले तक उसकी रिपोर्ट को हमारी सरकारें सिर-माथे पर लगाती थीं और बिना जांच-पड़ताल के मीडिया से लेकर सामाजिक संगठनों में...
    May 22, 09:58 AM
  • ईडीएम क्या है, कब इसकी शुरूआत हुई, यहां कैसे आया जानने के लिए पढ़िए...
    भारत में पहली बार टूमारोलैंड (दुनिया का सबसे बड़ा ईडीएम इवेंट) सफल होने के बाद यह आयोजन एक बार फिर हमारे यहा वापसी कर रहा है। ईडीएम क्या है, कब इसकी शुरूआत हुई, हमारे यहां कैसे आया जानने के लिए पढ़िए... बड़ी एलईडी स्क्रीन, कान का पर्दा हिला देने वाले हजारों वाट के स्पीकर्स, दर्जनों डीजे और हजारों युवा श्रोता कुछ ऐसा ही माहौल होता है, ईडीएम का। वैसे भी हमें तो थिरकने का मौका चाहिए फिर वो भजन संध्या हो या शादी समारोह या और भी कोई खुशनुमा पल। संगीत और नृत्य हमारा अपना भव्य इतिहास है लेकिन पिछले कुछ...
    May 15, 04:34 PM
  • कहानी: इंस्टालमेंट
    चाय का प्याला मैंने होंठों से लगाया ही था कि मुझे मोटर का हार्न सुनाई पड़ा। बरामदे में निकल कर मैंने देखा, चौधरी विश्वम्भर सहाय अपनी नई शेवरले सिक्स पर बैठे हुए बड़ी निर्दयता से इलेक्ट्रिक हार्न बजा रहे हैं। मुझे देखते ही वह हैलो, गुड ईवनिंग, सुरेश! - कहकर कार से उतर पड़े। गुड ईवनिंग, चौधरी साहब! अभी चाय पीने बैठा ही था। बड़े मौके से आए। चौधरी विश्वम्भर सहाय गठे बदन के लंबे-से युवक थे। उम्र करीब पच्चीस वर्ष की थी। रंग सांवला, चेहरा लंबा और मुख की बनावट बहुत सुंदर। बाल बीच से खिंचे हुए, कलम कान के...
    May 15, 01:05 PM
  • BIG QUESTION: एयरपोर्ट से भेड़-बकरियां भगाना क्या हमारा काम है
    देशभर में कई हवाई अड्डे ऐसे हैं, जहां से एक भी फ्लाइट का संचालन नहीं किया जाता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि एयरपोर्ट में मौजूद कर्मचारी करते क्या हैं? यह जानने के लिए पढ़िए तीन राज्यों से.. भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट राजस्थान सात अधिकारी-कर्मचारी हर दिन खोलते-बंद करते हैं एयरपोर्ट। बीकानेर का नाल सिविल एयरपोर्ट। सुबह लगभग 10 बजे यहां एक बस आकर रुकती है। इसमें से छह लोग उतरते हैं। गाड़ी पार्क कर ड्राइवर भी इनके साथ आ जाता है। ताला खुलता है। अधिकारी अपने कैबिन में, कर्मचारी काउंटर पर जा बैठते हैं।...
    May 15, 12:38 PM
  • सावन कुमार के जज़्बात:  मीना जी मेरी गुरु थीं, जो कुछ भी हूं उनकी वजह से
    शायर-गीतकार- कहानीकार एवं निर्माता-निर्देशक अस्सी वर्षीय सावन कुमार टाक अपने ज़माने के हिट निर्देशकों में से रहे हैं। सावन कुमार के करिअर में गुज़रे ज़माने की ख़्यात अभिनेत्री मीना कुमारी का बड़ा योगदान रहा है। गौरतलब है कि मीना कुमारी की पुण्यतिथि के अवसर पर सावन कुमार ने उसी दिन अपने जज़्बात इस तरह बयां किए थे मैं आज जो कुछ भी हूं , उसे मीना जी की मेहरबानी मानता हूं। कह सकता हूं कि वे मेरी बड़ी मेहरबान और क़रीबी रही हैं। उन्होंने मुझे डायरेक्टर बनाया। डायरेक्टर बनने से पहले मैं निर्माता था और...
    May 8, 01:55 PM
  • पाकिस्तान डायरी: जोगिन्दर पाल एक महान लेखक
    बंटवारा हुआ तो जीवन के 22 साल सियालकोट में गुज़ारने के बाद उन्हें अंबाला में पनाह लेनी पड़ी। वहां से चले तो नैरोबी जा पहुंचे फिर औरंगाबाद से गुज़रकर दिल्ली आए और वहीं के होकर रह गए। नेशनल बुक फाउंडेशन के सातवें अंतरराष्ट्रीय किताब मेले का आख़िरी सेशन था। दूसरे अदीबों के साथ मैं भी मंच पर बैठी थी, जब मेरे मोबाइल पर जर्मनी से हैदर क़ुरैशी ने यह बुरी ख़बर सुनाई कि हमारे बहुत बड़े अदीब जनाब जोगिन्दर पाल सिंह जी इस दुनिया से रुख़सत हो गए हैं। यूं महसूस हुआ जैसे दिल पर किसी ने घूंसा मार दिया हो। वो उर्दू...
    May 8, 09:54 AM
  • Art and Culture : कल आज और कल को छूता म्यूज़ियम
    आर्ट एंड कल्चर| इलियाना गूर का नाम कंटेंप्रेरी कला की दुनिया में जाना पहचाना है। लॉस एंजलेस से शुरू हुई उनकी कला यात्रा ने एक आर्ट एंड कल्चर डेस्टीनेशन के तौर पर शुरू किया इलियाना गूर म्यूज़ियम... इलियाना का म्यूज़ियम युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए ख़ास योजनाओं पर काम करता है। वे एक कलाकार के अलावा जुनूनी आर्ट कलेक्टर भी हैं। ब तक आप एक कलाकृति को देखकर हैरान हों, दूसरी चीज़ सामने आती है और आप काफ़ी देर तक तय नहीं कर पाते कि पिछली वाली ज़्यादा प्राचीन और कलात्मक है या यह जो अब हमारे सामने...
    May 8, 12:00 AM
  • Pakistan Diary: जिक्र एक अनोखे जश्न का
    कुछ सालों पहले हमारे रिश्तेदार और दोस्त कराची का रुख तक नहीं करते थे, कुछ तो पाकिस्तान में कदम तक नहीं रखते थे। अमेरिका और यूरोप से एडवाइज़ जारी होती थी कि शहरी पाकिस्तान का सफर न करें, आतंकवादी कभी भी हमला कर सकते हैं। इन खतरों के बावजूद कुछ लोग कराची और पाकिस्तान के बाकी शहरों में आते रहे और हम भी कभी-कभी किताबों, मौसीकी का जश्न मनाते रहे। कुछ दिनों पहले कराची में खुसरो यानी की किन्नरों ने अपना 4 दिनों का जश्न मनाया, जिसमें उनकी मुश्किलों, तौर तरीकों और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर रोशनी डाली...
    May 1, 02:26 PM
  • 150 करोड़ कमा गई ‘द जंगल बुक’, हॉलीवुड ने दी बॉलीवुड फिल्मों को चुनौती...
    हाल ही में आई हॉलीवुड फिल्म द जंगल बुक इस साल भारत में अब तक सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। इसने 150 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की है। इसके पहले भी हॉलीवुड ने बॉलीवुड फिल्मों को चुनौती दी है। ऐसे में ये सवाल जायज है कि क्या हॉलीवुड की फंतासी फिल्में हमारी हिंदी फिल्मों के दर्शकों को अपनी ओर खींच रही हैं। भास्कर के सुनील कुकरेती, अजय कुमार दुबे और महेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट... जंगल बुक ने बॉक्स ऑफिस के इस साल के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। उसके सामने शाहरुख खान की फैन भी पिट गई है। गौरतलब है कि कुछ...
    May 1, 12:00 AM
  • कहानी: मोटेराम जी शास्त्री
    मोटेराम-तुम्हें जब देखो, पेट ही की फ्रिक पड़ी रहती है। कोई ऐसा विरला ही दिन जाता होगा कि निमंत्रण न मिलते हो, और चाहे कोई निंदा करे, पर मैं परोसा लिए बिना नहीं आता हूं। आज ही सब यजमान मरे जाते हैं?... रानी ने भागकर दूसरे कमरे की शरण ली और किवाड़ बंद कर लिए। पंडितजी पर बेभाव पड़ने लगे। यों तो पंडितजी भी दमखम के आदमी थे, एक गुप्ती सदैव साथ रखते थे। पर जब धोखे में कई आदमियों ने धर दबाया तो क्या करते? पंडित मोटेराम जी शास्त्री को कौन नहीं जानता! अधिकारियों का रुख देखकर काम करते हैं। स्वदेशी आंदोलन के दिनों...
    May 1, 12:00 AM
  • COVER STORY: जल संकट से हाहाकार! हालात क्यों हुए बेकाबू?
    इस साल सामान्य से कम बारिश होने के कारण देश के 614 में से 302 जिले सूखे का संकट झेल रहे हैं। संकट झेल रहे राज्योें में महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, आन्ध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, झारखंड, हरियाणा और गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसानों को राहत देने के लिए उनके पास क्या योजना है। अपनी ही जनता को मरते देख इन सरकारों के एक एक्शन को समझने के लिए सिर्फ एक राज्य का मजमून काफी है। अगर सरकार की परिभाषा को मानें तो देश के 18 राज्यों के 66 करोड़ लोगों के सिर...
    April 17, 12:00 AM
  • कहानी: सुनहार अखरोट
    लोहार को इस बात का विश्वास तो नहीं आया, पर वह चल पड़ा। चलते-चलते आखिर वह एक घने जंगल के बीच में पहुंच गया। वहां उसे वही पेड़ नजर आया, जिसकी टहनी झुकी हुई थी... बहुत दिनों की बात है। किसी गांव में एक लोहार और उसकी पत्नी रहते थे। उन्हें धन-दौलत किसी चीज की कमी नहीं थी। दुख सिर्फ यह था कि इनके कोई संतान नहीं थी। एक रात लोहार की पत्नी ने सपना देखा। उसे एक घने जंगल में एक पेड़ दिखाई दिया। जिसकी टहनी फल के बोझ से झुकी हुई थी। इस टहनी पर एक बड़ा-सा सुनहरा अखरोट लटक रहा था। भूरी आंखोंवाला एक दिन जंगल में और दो दिन...
    April 17, 12:00 AM
  • Alert: अस्थमा से जुड़ीं जरूरी बातें, रखें ध्यान और यूं लड़ें परेशानी से
    अस्थमा फेंफड़ों की ऐसी बीमारी है जो मुख्यरूप से श्वसन मार्ग (श्वसन नलिकाओं के टिश्यू जो ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं तथा कार्बन-डाइ-ऑक्साइड छोड़ते हैं) को प्रभावित करती है। अस्थमा के कारण ही श्वास नलिकाओं में सूजन आना, सिकुड़ना, छाती में सीटी बजना, सांस लेने में तकलीफ, तेज सांस चलना आदि तकलीफें होती हैं। एलर्जी की समस्या वंशानुगत भी हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति के माता-पिता,भाई-बहन(फर्स्ट डिग्री रिलेटिव) को अस्थमा है तो इसके होने की आशंका बढ़ जाती है। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि घर के किसी सदस्य को अस्थमा नहीं...
    April 10, 01:12 PM
  • PAKISTAN DIARY: हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच एक हसीन याद....
    अब से 8 साल पहले हिंदुस्तान के मशहूर इंकलाबी शायर मखदूम मुहियुद्दीन की 100वीं सालगिरह मनाई गई। इसके बाद हिंदुस्तान-पाकिस्तान दोनों मुल्कों में उनका जन्मदिन मनाया जाता है। इस बार भी एक अदबी अंजुमन ने उनकी याद में सभा रखी जिसमें अपना वतन छोड़कर कराची आने वाले हैदराबादियों ने खास तौर से शिरकत की। आंध्र प्रदेश और खास तौर से हैदराबाद के लोग हर साल टांकबंद जाते हैं जहां उनकी मूर्ति के सामने भाषण होते हैं, उन्हंे फूल चढ़ाए जाते हैं और नौजवान गायक मखदूम की नज़्में गाते हैं। हमारे यहां मखदूम का कोई...
    April 10, 12:00 AM
  • ठाठ-बाठ वाले शाही सफर के लिए, 20 सवारी भी क्यों नहीं मिल पा रहे हैं?
    पिछले दिनों खबर आई कि पैलेस ऑन व्हील्स में सवारी न होने कि वजह से ट्रेन को कैंसल करना पड़ा। ऐसे में सवाल यह उठता है कि राजसी ठाठ-बाठ वाले शाही सफर के लिए मशहूर और भारत की पहचान मानी जाने वाली इस सुपर लग्ज़री ट्रेन को चलाने के लिए महज 20 सवारी भी क्यों नहीं मिल पा रहे हैं? जानने के लिए पढ़िए... ऐसी ट्रेन जिसका संचालन वर्ष 1982 में प्रारंभ हुआ था। पैलेस ऑन व्हील्स को राजस्थान पर्यटन मंत्रालय और रेलवे के सहयोग से सितंबर से अप्रैल के बीच चलाया जाता है। सात सितारा होटल जैसी सुविधाओं वाली इस ट्रेन का संचालन 2007-09...
    April 10, 12:00 AM
  • Pakistan Diary: एक खातून सियासतदान की आपबीती
    पाकिस्तान की मशहूर सियासतदान सैयदा आबिदा हुसैन मुंह में चांदी का चम्मच लेकर पंजाब के एक जागीरदार घराने में पैदा हुई थीं। उन्होंने ब्रिटिश इंडिया में आंखें खोली थीं और पाकिस्तान में होश संभाला।उन्होंने लाहौर से ओ लेवेल किया और जब उन्हें यह मालूम हुआ कि ए लेवल करने के लिए उन्हें स्विट्ज़रलैण्ड भेजा जा रहा है तो उनकी ख़ुशी की इंतेहा नहीं थी। वो अपने माता-पिता की बेहद शुक़्रगुज़ार थीं। उन्हें यह नहीं मालूम था कि उनको इसलिए मुल्क से बाहर भेजा जा रहा है कि उस वक़्त के पाकिस्तानी राष्ट्रपति जनरल...
    April 3, 05:05 PM
  • कहानी: रहमान का बेटा
    रहमान कुछ भी हो, इतना मूर्ख नहीं था। उसने समझ लिया, उसने बीवी के दिल को दुखाया है, पर वह क्या करे। सलीम से उसे क्या कम मुहब्बत है! पेट काटकर उसे रहमान ने ही तो स्कूल भेजा है। उसके लिए अब भी कभी बड़े बाबू, कभी डिप्टी, कभी बड़े साहब के आगे गिड़गिड़ाता रहता है... क्रोध और वेदना के कारण उसकी वाणी में गहरी तलखी आ गई थी। यदि उस समय गोपी न आता, तो संभव था कि वह किसी बच्चे को पीटकर अपने दिल का गुबार निकालता। गोपी ने आकर दूर से ही पुकारा-साहब सलाम भाई रहमान। कहो क्या बना रहे हो? और फिर गोपी डंडा उठा, घास की गठरी...
    April 3, 10:50 AM
  • बाल अपराध का बढ़ता खौफ: क्या होगा डॉक्टर की हत्या के आरोपी 4 बच्चों का...
    बाल अपराधियों के बढ़ने की मुख्य वजहों पर डॉक्टर ने बताए यह 8 कारण... (1)मां-बाप का बच्चों के साथ लगाव कम हुआ है। बच्चों को पालना वह मेड की जिम्मेदारी समझने लगे हैं। (2)फिल्मों और कार्टून में दिखाई जाने वाली हिंसा बच्चों के मन और उनकी कल्पनाओं में सबसे ज्यादा स्पेस ले रही हैं। (3)तनावों में रहने वाले कई बच्चे अपना दिमाग नहीं लगाते और हूबहू नकल करते हैं। डॉक्टर नारंग को जान से मार ​देना भीइसी अतिवाद का परिणाम है। (4)छोटी उम्र में बच्चे बेसिक इंस्टिंक्ट से सबकुछ सीखते हैं पर उनके मनोरंजन और ज्ञानवर्धन के...
    April 3, 10:18 AM