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  • बाढ़ की घाटी पहाड़ सी जिंदगी
    कश्मीर...। आपदाओं के शब्दकोश में एक और नाम। और हां, त्रासदी से लहूलुहान कश्मीर की कहानी भी केदारनाथ जैसी ही है। डरावनी, आतंकित करने वाली, सदमों,-तकलीफों,-दुश्वारियों से भरी हुई। दोनों ही आपदाओं को पहचानने में हम नाकाम रहे हैं। मौसम ने तो संभलने की चेतावनी दी थी लेकिन हम अपनी ही धुन में मशगूल रहे। नतीजा- मौत के आंकड़े बढ़ते चले गए और हुंकारती लहरें पूरी घाटी में पसरती चली गईं। प्रकृति सुकून और शांति देती है, लेकिन अगर हम उसके आने-जाने के रास्ते में ताकत दिखाते हुए अतिक्रमण करने लगेंगे तो तबाही तय...
    September 21, 03:00 AM
  • कोर्ट से रैम्प तक: सेरेना
    हाल ही में यूएस ओपन जीतीं सेरेना विलियम्स शक्ति, साहस और फैशन की अद्भुत मिसाल हैं। अपने बेहतरीन खेल से 33 साल की उम्र में वे 30 से ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीत चुकी हैं और विश्व की नंबर वन टेनिस प्लेयर हैं। एक बार वे अवसाद का शिकार भी हुईं लेकिन योद्धा की तरह लड़कर इससे बाहर आईं। आमतौर पर खिलाड़ियों को केवल उनके क्षेत्र तक ही सीमित माना जाता है। लेकिन इस धारणा को तोड़ा है सेेरेना विलियम्स ने, जो न सिर्फ एक खिलाड़ी हैं, बल्कि स्टेज, लेखन, फैशन डिजाइनिंग से लेकर अिभनय तक उन्होंने हर क्षेत्र में खुद को िनखारा...
    September 21, 03:00 AM
  • कब तक बोते रहेंगे खेतों में जहर
    खेती के व्यासायीकरण से उन तमाम लोगों के हाथ से खेती चली गई है, जो वर्षों से समाज को जहरमुक्त भोजन उपलब्ध करा रहे थे। वर्ष 2014 को संयुक्त राष्ट्र संघ ने पारिवारिक खेती का वर्ष या छोटे किसानों का वर्ष घोषित किया है। अगर रासायनिक पदार्थों से मुक्ति पानी है तो हमें पारिवारिक खेती व छोटी खेती को प्रोत्साहित करना ही होगा। सरकार ने फर्टिलाइजर बिल में संशोधन करने की इच्छा व्यक्त की है और संसद के शीतकालीन सत्र में पेस्टीसाइड्स मैनेजमेंट बिल 2008 पेश होने वाला है। यह विचार सफल होगा या नहीं यह कहना...
    September 15, 01:10 PM
  • पाकिस्तान डायरी: बन कबाब कहानी यूं शुरू हुई
    60 के दशक का समय था जब कराची की प्रिंस रोड बिरयानी और पुलाव, ज़र्दे के लिए बहुत मशहूर था। आज का ज़माना होता तो फूड स्ट्रीट कहलाता। वहां एक साहब ने अपने ठेले पर बन कबाब बेचना शुरू किया। नौजवानों के लिये ये बन कबाब एक निहायत चटपटी और नई खाने की चीज़ थी। बन के अंदर आलू या दाल का कबाब और उस के साथ ताज़ा कटी हुइ प्याज़, टमाटर का एक टुकड़ा मिर्च की चटनी डाली जाती, फिर ये बन कबाब तवे पर सेंक कर और अख़बार के काग़ज़ में लपेट कर नौजवानों को दिया जाता। चार आने में गर्मागर्म बन कबाब खा कर उनका पेट भर जाता और जो लुत्फ आता...
    September 7, 12:25 AM
  • लोगों का तनाव दूर कर उन्हें हंसाने की कला कुछ खास लोगों में होती है। ऐसे ही कुछ हिंदुस्तानी युवा स्टैंडअप कॉमेडी के जरिए विश्व में अपनी खास पहचान बना चुके हैं। कॉमेडियन पापा सीजे इन्हीं में से एक हैं। वे खुद को लकी मानते हैं कि इस फील्ड में आए। अपने हिंदुस्तानी देसी अंदाज में वे विदेशियों को गुदगुदाते हैं। कभी टेलीविजन चैनल पर बच्चों के शो के लिए स्क्रिप्ट लिखने वाली नीति पाल्टा एक वालंटियर के तौर पर जुड़ी थीं। 5 साल पहले मुंबई में शो को मिली सफलता के बाद नीति ने कभी मुड़कर नहीं देखा। नीति...
    September 7, 12:20 AM
  • अहम मुद्दा: कब तक बोते रहेंगे खेतों में जहर
    खेती के व्यासायीकरण से उन तमाम लोगों के हाथ से खेती चली गई है, जो वर्षों से समाज को जहरमुक्त भोजन उपलब्ध करा रहे थे। वर्ष 2014 को संयुक्त राष्ट्र संघ ने पारिवारिक खेती का वर्ष या छोटे किसानों का वर्ष घोषित किया है। अगर रासायनिक पदार्थों से मुक्ति पानी है तो हमें पारिवारिक खेती व छोटी खेती को प्रोत्साहित करना ही होगा। सरकार ने फर्टिलाइजर बिल में संशोधन करने की इच्छा व्यक्त की है और संसद के शीतकालीन सत्र में पेस्टीसाइड्स मैनेजमेंट बिल 2008 पेश होने वाला है। यह विचार सफल होगा या नहीं यह कहना कठिन है,...
    September 7, 12:15 AM
  • अब नहीं मरेंगे नौनिहाल
    मदर मिल्क बैंक यानी मातृ दूध संगर्हण केंद्र। यह शब्द आज भी ज्यादातर भारतीयो के लिए नया है और बहुतों के लिए अटपटा भी। पर हमारे ही देश में सैकड़ों लोग इसे अपना जीवन लक्ष्य बना चुका है और बाल मृत्युदर कम करने के इस अभियान में नई जमातों भी जुड़ रही हैं। इस अभियान की असल अड़चन सामाजिक रूढ़ियां औरसरकारी बेपरवाही है, जिससे पार पाना ज़रा मुश्किल है। उत्तर भारत के पहले मदर मिल्क बैंक दिव्य मदर मिल्क बैंक के संस्थापक इस बारे में बता रहे है। बाल पोषण के लिए जिम्मेदार संस्थाएं कहती हैं, जन्म के आधे घंटे के...
    August 31, 04:04 AM
  • न स्क्रैच का डर ना टूटने का...
    23% आईफोन धारक मोबाइल स्क्रीन टूटने से परेशान हैं। इसे देखते हुए एपल ने आईफोन 6 मॉडल में गोरिल्ला ग्लास की जगह सैफायर ग्लास का उपयोग किया है। यह अनब्रोक्रेबल, स्क्रैचप्रूफ और मजबूत है। इसी बहाने जानते हैं ऐसे ही मजबूत ग्लासेस के बारे में। सैफायर : सिंथेटिक सैफायर सबसे उन्नत किस्म का कांच है, जो एल्युमीनियम ऑक्साइड को 4000 फैरनहाइट तापमान पर पिघलाने से प्राप्त होता है। हीरे के बाद ये दूसरा सबसे कठोर पारदर्शी कांच है, जिसका प्रयोग हवाई जहाज की खिड़की बनाने के अलावा एलईडी, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों...
    August 24, 05:00 AM
  • थप्पड़ मारकर की जाती है मसाज...
    हर व्यक्ति खूबसूरत दिखना चाहता है और उसके लिए हाईटेक ट्रीटमेंट, लोशन, मेडिसिन से गैजेट्स तक का प्रयोग आम है। लेकिन दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कुछ ऐसे ब्यूटी ट्रीटमेंट हैं, जो आपको हैरान कर देंगे। बावजूद इसके इन ट्रीटमेंट पर लोग भारी-भरकम खर्च कर रहे हैं। बर्ड पू फेसियल हर कोई क्लीन कॉम्प्लकेक्शन चाहता है, लेकिन इसे पाया कैसे जाए यह पता नहीं। ऐसे में कब फेस क्लींजर के तौर पर कोयल के मल का प्रयोग किया जाने लगा, इसका पता नहीं चला है। वेस्टर्न कंट्रीज में यह तरीका काफी लोकप्रिय है। यही नहीं,...
    August 24, 04:00 AM
  • आदतें बदलेंगी तो घटेगा मोटापा...
    इसी साल आई एक रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में तीसरी सबसे ज्यादा मोटे लोगों की आबादी वाला देश है भारत। सेहतमंद राष्ट्र बनने की दिशा में यह सबसे बड़ा रोड़ा है, जो डायबिटीज़, हृदय रोग समेत लाइफस्टाइल डिज़ीज़ की जड़ भी है। इस पर काबू पाया जा सकता है, लेकिन जरूरत है दृढ़ संकल्प और कुछ आदतों को बदलने की। हमारे देश में 27 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी रेखा के नीचे रहते हैं, जिन्हें दो वक्त की रोटी भी बमुश्किल नसीब होती है। ऐसे में दुनिया के मोटे राष्ट्रों में तीसरे पायदान पर आना एकबारगी चौंकाता जरूर है। लेकिन वक्त...
    August 24, 12:03 AM
  • सैंड आर्ट का पहला भारतीय 'सुदर्शन'
    (डेनमार्क में आयोजित इंटरनेशनल सैंड स्कल्प्चर चैंपियनशिप 2012 में सुदर्शन के इस स्कल्पचर ने जीती। इसमें जलपरी इंसानों से समुद्र को बचाने का आग्रह करती दिख रही है। ) सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक के हृदय की विशालता में समुद्र-सी व्यापकता है। समुद्री लहरों के बीच पले-बढ़े और स्कूली शिक्षा से वंचित रहे सुदर्शन ने स्वाध्याय, इच्छाशक्ति और जुनून के तीन सूत्रों को अपनाकर खुद का संधान और रचना की। उनका कोई गुरु नहीं है। समाज, राजनीति, पर्यावरण और आतंकवाद जैसे जरूरी और ज्वलंत मसलों पर बनाई जाने वाली...
    August 17, 04:00 AM
  • दृढ़ निश्चय और शालीनता की मूर्ति
    सुधा मूर्ति और एनआर नारायण मूर्ति भारतीय बिजनेस वर्ल्ड में खास मुकाम रखते हैं। इंफोसिस के जरिए नारायण मूर्ति ने भारत के कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर वर्ल्ड में अपनी अमिट छाप बनाई है। वे और उनकी पत्नी समाजहित के लिए भी कई उल्लेखनीय कार्य करते रहते हैं। इसके साथ-साथ दोनों की लेखन में भी गहरी रुचि है। सुधा मूर्ति इसमें नारायण से आगे हैं। अगस्त माह में एक दिन आगे-पीछे इनका जन्मदिन है। इसी मौके पर इनके जीवन की संघर्ष भरी किंतु रोमांचक यात्रा पर गौर करते हैं। * नागवार रामाराव नारायण मूर्ति जन्म: 20 अगस्त...
    August 17, 04:00 AM
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