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  • Pakistan Diary: फिरंगन का कमाल
    कुछ दिनों पहले फैज़ साहब की ज़िंदगी के बारे में एक बहुत अहम किताब छपी है जो कि इन की बेगम एेलिस की यादों आैर ख़तों का संकलन है। अंग्रेज़ी में इस किताब का नाम ओवर माइ शोल्डर है। वो अपनी बहन क्रिस्टाबेल से मिलने हिंदुस्तान आई थीं। यहां आने के बाद वो फैज़ से अपनी मुलाक़ात का ज़िक्र करती हैं, जो आहिस्ता आहिस्ता से दोस्ती और फिर दिलदारी में बदल जाती है, लेकिन फैज़ के घरवाले प्राचीन परंपराओं वाले हैं। वो एक ग़ैर मुस्लिम बहू को कैसे बर्दाश्त कर सकते थे? इन्ही उलझनों और अंदेशों के ताने बाने से किनारा करके दोनों...
    December 4, 10:22 AM
  • Wedding Planners: क्या आप भी चाहते हैं अपने यहां शाही शादी का अंदाज
    ये प्लान कर रहे हैं करोड़ों की हाल ही में बेल्लारी के खनन माफिया और नेता जी. जनार्दन रेड्डी तब अचानक सुर्खियों में आ गए जब उन्होंने अपनी बेटी ब्राहम्नी की शादी की। शादी का खर्च पहले पांच सौ करोड़, फिर तीन सौ करोड़ बताया गया। क्रिकेटर युवराज की दो रीतियों से की गई शादी भी चर्चित रही। देश के जाने-माने वेडिंग प्लानर्स ने इन शादियों को अंजाम तक पहुंचाया। गौरतलब है कि महंगी शादियों के इस दौर में गणेश पूजा से लेकर विदाई तक प्लान हो रही है। देश मंे तीन लाख से ज्यादा वेडिंग प्लानर्स इंडियन वेडिंग...
    December 4, 10:18 AM
  • पाकिस्तान डायरी: अंधेरे में चिराग
    कराची आर्ट्स काउंसिल ने पिछलें दिनों एक हफ्ते का थियेटर फेस्टिवल मनाया, जो बहुत कामयाब रहा। मैं इन ड्रामों में से सिर्फ एक जिन ने लाहौर नहीं देखा ही देख सकी। हिंदुस्तान के मशहूर ड्रामा राइटर असग़र वजाहत के लिखे हुए इस ड्रामे का निर्दे्शन हमारी मशहूर नृत्यांगना शीमा किरमानी और अनवर जाफरी ने किया। शीमा की अदाकारी जानदार और रुला देने वाली थी। एक ऐसे ज़माने मे जब सरकारी सतह पर हिंदुस्तान और पाकिस्तान के ताल्ल्ुक़ात में तनाव चल रहा है, असग़र वजाहत के लिखे हुए इस ड्रामे को पाकिस्तान में पेश करना...
    November 27, 12:00 AM
  • कहानी: लाल गुलाब
    खाली हाथ घर जाना मेरे लिए बहुत मुश्किल है, क्योंकि घर जाते ही मेरी बहन पूछेगी- भैया! फूल नहीं लाए? तब मन मसोसकर रह जाना पड़ेगा मुझे। इधर हमारी जान-पहचान का भी कोई नहीं है। कम-से-कम एक फूल ही सही! एक दिन सुबह मैं बाहर के कमरे में बैठी अखबार देख रही थी, तभी मुझे किसी के आने की आहट सुनाई दी। अखबार को रख मैं वरांडे में आ गई। एक लंबा-पतला गोरे बदनवाला व्यक्ति मेरी तरफ बढ़ा आ रहा था। उसके चेहरे का रंग उड़ा हुआ-सा था। वह बोला- माफ कीजिएगा, आपकी बालकनी में लाल गुलाब के फूल खिले हुए हैं, उनमें से मुझे दो फूल चाहिए।...
    November 27, 12:00 AM
  • उत्तर प्रदेश चुनाव: आईआईटियन, वकील, बैंकर्स तय कर रहे हैं चुनावी जीत की जमीन
    मोदी, मुलायम, मायावती और राहुल गांधी जैसे दिग्गज नेता उत्तरप्रदेश चुनाव में होंगे, लेकिन इन्हें और इनकी पार्टी को जीत का रास्ता देश-विदेश से आए बड़े-बड़े प्रोफेशनल्स दिखा रहे हैं। ये अपनी रणनीति से उनके लिए जीत की जमीन तैयार कर रहे हैं। भाजपा -रजत सेठी खुद हॉर्वर्ड ग्रेजुएट, इनकी टीम में 2 दर्जन प्रोफेशनल्स रजत सेठी की पहली रणनीति दूसरी पार्टी के नेताओं को तोड़ना था। कांग्रेस की रीता बहुगुणा, बसपा के बृजेश पाठक जैसे बड़े नेताओं को भाजपा में इन्हीं की रणनीति से शामिल किया गया। का नपुर के रहने...
    November 20, 12:00 AM
  • PAKISTAN DIARY: वो सब्ज आंखों वाली लड़की
    उसकी तस्वीर पहली बार 1987 में नेशनल ज्योग्राफिक मेग़्ज़ीन के मेन पेज पर छपी थी और वो रातों रात दुनियाभर में हरी आंखों वाली अफग़ान लड़की के नाम से मशहूर हो गई। वो पाकिस्तान के अफग़ान रिफ्यूजी कैम्प नासिर बाग़ में रहती थी जहां फोटोग्राफर स्टीव मेकरी की निगाह उस पर पड़ी और वो उसे देखकर हैरान रह गया। स्टीव ने 12 साल की इस सब्ज़ आंखों वाली लड़की को अपने कैमरे की आंख से देखा और वो अपनी आर्कषक हरी आंंंखांे और फटे दुपटटे के साथ नेशनल ज्योग्राफिक मैगज़ीन के टाइटल पेज की ज़ीनत बन गई। इन हरी आंखों और मासूम चेहरे ने दुनिया...
    November 20, 12:00 AM
  • PAKISTAN DIARY: वे तीनों मुल्कों में चाही जाती हैं
    हबीब यूनिवर्सिटी कराची की एक प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी है। कुछ दिनों पहले मुझे हमारी एक मशहूर अदीब, एजुकेशनिस्ट और फैमिनिस्ट रुक़ैया सख़ावत हुसैन पर लैक्चर देने के लिए बुलाया गया। रुक़ैया बंगाल में पैदा हुईं, शादी बिहार में हुई फिर बाकी उम्र कलकत्ता में गुज़ारी और वहां अपने शौहर की याद में सख़ावत हुसैन मेमोरियल गर्ल्स स्कूल बनवाया जो आज भी सैकड़ों लड़कियों को तालीम दे रहा है। मैने ढाका यूनिवर्सिटी में रुक़ैया हॉल और उनके मुजस्समें देखे हैं। बांग्लादेश 1971 में वजूद में आया और रुक़ैया सख़ावत हुसैन जिनका...
    November 13, 12:25 PM
  • इंश्योरेंस कंपनियां सैनिकों की शहादत को आत्महत्या के समान मानती हैं
    कार्पस फंड से परिवार को मिलते हैं 25 लाख, इंश्योरेंस कंपनियां कोई टाई-अप नहीं करतीं व्यक्तिगत इंश्योरेंस कराएं तो आम नागरिक से दो-गुना ज्यादा प्रीमियम देना पड़ता है कंपनियों की शर्तें भी ऐसी कि घोषित-अघोषित जंग व आतंकी हमले में जान गई तो पैसा नहीं... उरी आतंकी हमले में सेना के 18 जवान शहीद हो गए, जांबाज भारतीय सेना ने बदला लेते हुए पाकिस्तान में घुस कर 35 से ज्यादा आतंकियों को मार डाला। ये वे सैनिक हैं जो देश को बचाने के लिए अपनी जान की कीमत भी खुद चुकाते हैं। सरकार अथवा बीमा कंपनियां उन्हें वह...
    November 13, 11:54 AM
  • पाकिस्तान डायरी: इंसानियत का पाठ पढ़ाने की जरूरत है यहां
    यह सिर्फ हमारी ही बात नहीं बल्कि सारी दुनिया के इंसानों के दिल से रवादारी यानी की निष्पक्षता रुख़्सत हो चुकी हैं। मज़हबी एकता जिससे बड़ी- बड़ी जंगें, फसाद और नफरतों के झक्कड़ बर्दाश्त किए गए वो इधर कुछ दिनों से फिरक़ा वारान झगड़ों के चंगुल में हैं। ये एक ऐसी सूरतेहाल हेै जिससे हर बाशउर शहरी सिर्फ परेशान ही नहीं है बल्कि दहशतज़दा हैं। हर शख़्स अपने आने वाले कल से थर्राया हुआ है। ये उसके बच्चों और आने वाली नस्लों के मुस्तक़बिल का सवाल है। इन्ही बातों को नज़र में रखते हुए हयूमन राइटस कमीशन ऑफ पाकिस्तान और फैज़...
    November 6, 01:44 PM
  • कैसे-कैसे बॉलीवुड कॉन्ट्रैक्ट:  नॉन वेज नहीं, इकोनॉमी से ऊपर का टिकट नहीं
    हाल ही में प्रियंका चोपड़ा ने खुलासा किया है कि एक कॉन्ट्रैक्ट में उनसे गर्भवती न होने की शर्त रखी गई थी। जानिए बॉलीवुड कॉन्ट्रैक्ट्स में क्या लिखा जा रहा है। बॉलीवुड में अनोखे कॉन्ट्रैक्ट्स साइन हो रहे हैं। निर्माता-निर्देशक ही नहीं, एक्टर्स भी इनमें अपनी शर्तें रखवा रहे हैं। शादी के बाद जहां शाहिद कपूर, सैफ अली खान और रितेश देशमुख ने नो किसिंग का क्लॉज अपने कॉन्ट्रैक्ट में जुड़वाया। वहीं सोनाक्षी सिन्हा की हर फिल्म में शर्त संस्कारी दृश्यों और परिधानों की ही होती है। कटरीना ने फिल्म बूम के...
    November 6, 11:22 AM
  • 25वें साल में सपा; 4 साल पहले सबसे मजबूत, अब सबसे मुश्किल दौर में
    4 नवंबर 1992 का दिन। लखनऊ का बेगम हज़रत महल पार्क, यहीं समाजवादी पार्टी का जन्म हुआ। मुलायम सिंह ने यहीं पर सांप्रदायिकता, परिवारवाद के खिलाफ हुंकार भरते हुए चंद्रशेखर की समाजवादी जनता पार्टी से अलग होने का फैसला किया। जिस समाजवाद की मुलायम ने अपने स्थापना भाषण में वकालत की थी, उसी की परिभाषा उन्होंने बदल दी। परिवारवाद ही अब उनका नया समाजवाद है। मुलायम के ही परिवार के 24 सदस्य पार्टी के अलग-अलग ओहदों पर बैठे हुए हैं। स्थापना के बाद से अब तक समाजवादी पार्टी तीन बार राज्य में सत्ता में रही। दो साल के...
    October 30, 12:00 AM
  • कहानी: कार्तिक मास के दीपक
    जब मेरी बहन की शादी तय हुई तो दादी को बुलाने मैं गांव गया। मुझे वहां जाते ही बचपन की कई बातें याद आ गईं। वहां की सड़कें.... खेलने के मैदान....सब-कुछ मेरे सामने साकार हो गए... बचपन में मुझे हल्की-फुल्की सर्दी में घूमना अच्छा लगता था। सर्दी में मैं ठंडे पानी से नहा भी लेता था और कुहासे में दौड़ लगाकर भाग जाता था और पुन्नाग के फूल चुन-चुनकर लाया करता था। मुझे यह भी पसंद था - मंदिर के मंडप में जाकर वहां बैठे हुए जंगम दादा का शंख खूब जोर-जोर से फूंकना और आचारी से दोनों हाथों से छौंका भात मांगकर खा लेना और फिर दादी...
    October 30, 12:00 AM
  • आपस की बात:  और उसके जादू के बाद, आपका जादू है
    एक बार फिर साबित हुआ अल्लाह मेहरबान तो गदा (फ़क़ीर) पहलवान। इस बार इस मेहरबानी से फ़ैज़याब होने वाला ही इस वक़्त आपसे मुख़ातिब है। किस्सा यूं है कि 22 सितम्बर 2016 की दोपहर मेरे मोबाइल की घंटी बजी। आदतन उस नन्हे से औज़ार के हरे बटन पर हाथ चला गया। उस तरफ़ से एक आवाज़ ने बड़े मुहज़ब तरीके से सवाल करके इस बात कि ख़ातिरी कर ली कि जिस शख़्स से बात करनी थी वह फ़ोन पर वही मौजूद है। उस तरफ़ की आवाज़ मयूरेश पई की थी। इस आवाज़ ने मुझे ख़बर दी कि लता मंगेशकर जी बात करेंगी। मुझे काटो तो ख़ून नहीं। लगा कोई मुझ गदा को गधा बनाने के कोशिश कर...
    October 23, 05:56 PM
  • कहानी: हीरे का हार
    लकड़ी की टांग की प्रत्येक खट-खट मानो उनकी छाती पर हो रही थी और ज्यों-ज्यों वह आहट पास आती जा रही थी, त्यों-त्यों उसी प्रेमपात्र से मिलने के लिए उन्हें अनिच्छा और डर मालूम होते जाते थे... सात वर्ष का बालक हीरास जिसका एक मात्र वस्त्र कुरता खार से धोकर कल ही उजला कर दिया गया है, कल ही से पड़ोसियों से कहता फिर रहा है कि मेरा चाचा आवेगा... आ ज सवेरे से ही गुलाबदेई काम में लगी हुई है। उसने अपने मिट्टी के घर के आंगन को गोबर से लीपा है, उस पर पीसे हुए चावल से मण्डन मांड़े हैं। घर की देहली पर उसी चावल के आटे से...
    October 23, 12:00 AM
  • न्यूज मेकर्स: हर बात में दोहरे हैं फवाद खान
    फवाद पाकिस्तान में सुपरस्टार हैं, भारत में भी उन्हें पसंद किया जाता है। यहां से कमा भी खूब रहे हैं, लेकिन जब बात आतंकी हमले की निंदा करने की हुई तो चुप्पी साध गए। वैसे फवाद हमेशा से ही दो तरह की बात करते रहे हैं... फवाद से एक बार सवाल किया गया था कि कभी भारतीय सेना पर कोई फिल्म बनी तो उसमें काम कर पाएंगे। जवाब में उन्होंने कहा था-दूसरे देश का हूं, देखना पड़ेगा, क्या कर सकता हूं, क्या नहीं... हमेशा इस्लाम की बात करते हैं, लेकिन लेट नाइट पार्टीज़ करते हैं और जमकर शराब पीते हैं। वे कहते हैं कि मैं ऐसा किरदार...
    October 9, 12:00 AM
  • देखिए...  बाहुबली संसद में पूछ रहे हैं क्लासिकल म्यूजिक और ब्लैक मनी से जुड़े सवाल
    16वीं लोकसभा में 116 सांसद यानी करीब हर पांचवां सांसद ऐसा है, जिस पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। राज्यसभा में भी ऐसे 17 सांसद हैं। जानिए ये बाहुबली आखिर संसद में कौनसे सवाल पूछ रहे हैं। पप्पू यादव : पूछी डिग्री प्रोग्राम की समय सीमा, 15 निजी बिल लोकसभा सांसद, मधेपुरा, बिहार 24 केस, 199 सवाल 1 हत्या और 6 हत्या प्रयास के मामले। 3 किडनैपिंग। कुल 92 धाराएं लगी हैं इन पर। राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव 5वीं बार सांसद बने हैं। 16वीं लोकसभा में उनका पहला प्रश्न एचआरडी मंत्रालय से संबंधित था जिसमें उन्होंने दिल्ली...
    October 9, 12:00 AM
  • Railway not  on wheel:भास्कर ने पूछा, क्यों नहीं बढ़ाई जा रही ट्रेनें
    50 साल में महज 15 किलोमीटर प्रतिघंटा ही बढ़ सकी ट्रेन की स्पीड आप रेलवे के अधिकारी, प्रवक्ता, मंत्री या विशेषज्ञ किसी से पूछिए कि रिजर्वेशन होने के बाद भी वेटिंग में रेल यात्रा करने को मजबूर लोगों की समस्या का हल क्या है? ऑफ सीजन में भी महीने भर पहले आरक्षण न मिल पाने की वजह क्या है? सभी का एक ही जवाब होता है- देश में ट्रेनों की कमी है। भास्कर ने सरकार द्वारा तमाम नई ट्रेनें शुरू करने के दावे के बावजूद ट्रेनों में भीड़ कम न होने के पीछे का कारण जब रेलवे से पूछा तो दिल्ली रेलवे के मुख्य प्रवक्ता एके...
    October 2, 12:00 AM
  • पाकिस्तान डायरी: कराची ने 1857 के शहीदों को याद किया
    हमारे यहां स्कूलों में इतिहास नहीं पढ़ाया जाता। पहले यह काम अंग्रेज़ करते थे। उनका मक़सद यह था कि हमें जंगे आज़ादी में लड़ने वालों के नाम और उनके कारनामे पता न चल पाएं। आज़ादी के कुछ ही दिनों बाद हमारे हुक्मरानों को भी इतिहास से तकलीफ होने लगी। इसकी बुनियादी वजह यह थी कि आज़ादी के कुछ ही दिनों बाद हमारे यहां से प्रजातंत्र रुख़्सत हो गया था और इसकी जगह तानाशाही ने ले ली थी। ऐसे में नौजवान ज़हनों का सच्चाई से नावाकि़फ रहना ही तानाशाह के लिए बेहतर है । 2008 से जब प्रजातंत्र ने अपनी जड़ें पकड़ी हैं तो बहुत से लोगों...
    October 2, 12:00 AM
  • कहानी: परख
    राजा उत्साह में आगे भी कुछ कहने जा रहा था कि सामने आते एक गंदे गलीज मंगते पर उसकी नज़र पड़ी। राजा ने दीवान की ओर देखते कहा, दीवान जी, शकुन तो बहुत बुरे हुए... राजा भी मन-ही-मन कुछ बड़बड़ाया। मंगते के बोल उसके हृदय पर शूल की तरह गड़े फिर भी लौटने की इच्छा नहीं हुई। जब मंगता मार खाकर भी नहीं लौटा तो वे क्यों लौटें? चुपचाप आगे बढ़ गए... कई दिन तक मगजमारी करते-करते एक मन-लहरी राजा को हठात् तक गहरे मर्म की बात सूझी कि गुरु के बिना ज्ञान असंभव है बस, फिर क्या ढील! राजा पर न राम का वश चले न रहीम का। उसने अदेर दीवान को...
    September 25, 12:00 AM
  • Cover Story कश्मीर मैपिंग : इस तरह से घिरी है घाटी...फिर भी!
    1984 में कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के संस्थापक मकबूल बट्ट को दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी देने के कुछ समय बाद कश्मीर में हथियार बंद संघर्ष की शुरुआत हुई। भास्कर आपको कश्मीर मैपिंग के जरिए वहां सेना और सुरक्षा बलों की तैनाती की स्थिति व इंटेलिजेंस स्ट्रक्चर के बारे में जानकारी दे रहा है... कश्मीर वादी में सिक्योरिटी सिस्टम विभिन्न हिस्सों में बंटा हुआ है और मल्टी टायर सुरक्षा ग्रिड रहता है। जम्मू कश्मीर में 770 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सेना के जवान तैनात हैं। कश्मीर के अंदरूनी हिस्सों...
    September 25, 12:00 AM