रसरंग
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  • 1965 Recall: जहां युद्ध हुआ था वहां आज बासमती की फसल लहलहा रही है..
    1965 की लड़ाई में मोहम्मद नसीम, वीर अब्दुल हमीद की आरसीएल जीप के ड्राइवर थे। इसी जीप से अब्दुल हमीद ने पाकिस्तान के अमेरिकी पैटन टैंकों को उड़ाया था। उस साहसिक युद्ध के गवाह नसीम को उनके घर सुल्तानपुर से हम उसी बैटल ग्राउंड में लेकर गए जहां उन्होंने बयां की 50 साल पहले हुई शहादत की कहानी... पांच सितंबर की सुबह हमें अंबाला छावनी में ख़बर मिली कि खेमकरण सेक्टर से पाकिस्तानी सेना बॉर्डर लाइन क्राॅस कर अंदर घुस आई है। हम बटालियन के साथ खेमकरण के लिए रवाना हुए और 4 बजे वहां पहुंच गए। बटालियंस का बंटवारा...
    August 31, 12:40 PM
  • 1965 के हीरो:  परमवीर अब्दुल हामिद और लेफ्टिनेंट कर्नल ए.बी. तारापोर
    परमवीर अब्दुल हामिद उस दिन के बाद हम नहीं रोए... हमने रेडियो पर सुना कि कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद शहीद हो गए हैं। सुनकर हम रोने लगे, लगा कि वे अब नहीं लौटेंगे। हमें याद आया उनका जंग पर जाना। उन्हें खबर मिली कि जंग छिड़ गई है तो जाने के लिए सामान बांधने लगे। बांधने वाली रस्सी टूटी तो सब बोले-ये तो अपशगुन है, लेकिन वे माने नहीं। घर से निकल पड़े। रास्ते में उनकी साइकिल की चेन टूटी, सब ने फिर उन्हें रोका। लेकिन वे कहां रुकने वाले थे, बस चल दिए कभी न लौटने के लिए। 11 सितंबर के दिन रेडियो पर खबर...
    August 30, 12:12 AM
  • 50 वर्ष पर विशेष: 1965 भारत-पाकिस्तान युद्ध, ताकत और जज्बे की जंग
    1965 में हुए भारत-पाक युद्ध के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। सैन्य वीरता, कूटनीति और युद्ध के मैदान में दिखाए शौर्य से लेकर शांति की चाह तक के साक्षी बने कुछ लोगों की जुबानी उस दौर की कहानी इस अंक में। साथ ही परमवीरता के क्षणो का टोटल रीकॉल भी... कहानी 1965 के युद्ध की किस्से शौर्य व पराक्रम के बात शांति और समझौते की.... 1965 की लड़ाई को कश्मीर का दूसरा युद्ध भी कहा गया। 1 से 22 सितंबर तक के मुख्य युद्ध ने कहां कैसे क्या मोड़ लिया बता रहे हैं युद्ध के गवाह व पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह... 1965 का युद्ध...
    August 30, 12:12 AM
  • 1965 समझौता ताशकंद: भुट्टो बोले गलती हुई, कुलदीप नय्यर की जुबानी
    मैंने जन्म पाकिस्तान में लिया और जीवन हिंदुस्तान में जिया। मैं युद्ध का साक्षी हूं और शांति का पैरोकार। मैं समझता हूं कि जैसे भारत एक सच है वैसे ही पाकिस्तान भी एक सच है। युद्ध दोनों के लिए अच्छी बात नहीं है। मैं इन दिनों पचास साल पहले हुए युद्ध के कुछ इश्तेहार और कार्यक्रमों के बारे में देख सुन रहा हूं। तो वो दौर मेरी आंखों के सामने ताज़ा है। मैं 1965 में यूएनआई का चीफ़ हो चुका था। सीज़फायर और ताशंकद समझौता मेरे सामने ही हुआ। 23 सितंबर 1965 को युद्धविराम हुआ और दोनों देश चुप हो गए। जमीन के साथ-साथ...
    August 30, 12:12 AM
  • MUSIC MANTRA:  हैप्पी बर्थ-डे पर किसका अधिकार...?
    दुनिया का सबसे पापुलर गाना सबसे विवादित भी है। इस गाने के अिधकार को लेकर बहुत लोगों के केस चल रहे हैं। अभी भी कॉपीराइट को लेकर अमरिका में एक वाद शुरू है। अपनों के जन्मदिन पर हम हैप्पी बर्थ-डे टू यू ही गाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि हम जिस गाने को बड़े जोर-शोर से गाते हैं, उसे पब्लिक में गाने के लिए पैसे भी चुकाने पड़ते हैं? जी हां! यह गाना जितना लोकप्रिय भी है, उतना विवादित भी। यही वजह है कि आज भी इस गाने के अधिकार को लेकर अमेरिकी न्यायालय में विवाद चल रहा है। 18 भाषाओं में अनुवादित इस गाने का...
    August 23, 04:04 PM
  • Personality Test: आप बहिर्मुखी हैं या अंतर्मुखी
    मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। उसको अपने व्यक्तित्व का ज्ञान रहता है, जिस वजह से वह समाज में आसानी से घुल-मिल जाता है। यहां प्रस्तुत हैं कुछ प्रश्न और फिर उनके निष्कर्ष जिनके आधार पर आप अपने व्यक्तित्व के बारे में पता कर सकते हैं... प्रश्न- क्या आप अपने विचार लिखने से ज़्यादा संवाद के द्वारा अच्छे से व्यक्त कर पाते हैं? उत्तर : अ) हां। ब) नहीं। निष्कर्ष : अ : अगर आपका जवाब हां है, तो आपका व्यक्तित्व बहिर्मुखी हो सकता है। आमने-सामने बात करने से आपकी विचारधारा में वृद्धि होती है और आप अपने विचार दूसरों...
    August 23, 12:51 PM
  • HOME DECOR: दीवारों पर भी तैयार कर सकते हैं वर्टिकल गार्डन
    शहरों में जगह की कमी के चलते लोग दीवार, पिलर और बाड़ों को ही गार्डन बनाया जा सकता है। जानिए हम इसे कैसे अपने घर में बना सकते हैं.. वर्टिकल गार्डन को ग्रीन वॉल या लीविंग वॉल के नाम से भी जाना जाता है। वर्टिकल गार्डन में सामान्य गार्डन की तरह ही रंगबिरंगे फूल, तरह-तरह की घासें, कई तरह के शो-प्लांट के अलावा किचन में प्रयोग होने वाले पौधों को भी लगाया जा सकता है। आइए जानते हैं वर्टिकल गार्डन के बारे में... शुरुआत इलिनॉय यूनिवर्सिटी, अमेरिका में लैण्डस्केप आर्किटेक्चर विषय के प्रोफेसर स्टैनली हार्ट...
    August 23, 12:12 AM
  • Big Story मायावी संन्यासिन: क्यों जाते हैं लाखों लोग इनके पास?
    एक विशाल मैदान। भव्य राजसी माहौल और चारों ओर हजारों लोगों का हुजूम। सभी की नजरें सिर्फ एक शख्सियत पर टिकी हैं, जिनके मुख से निकले हर शब्द को वे सीधे दिल में उतार रहे हैं। ये आज के संत और संन्यासिन हैं। सब जानते हैं कि ये रूखी-सूखी रोटी खाने वाले सात्विक संत नहीं हैं। विवाद इनके संग लगे ही रहते हैं। फिर भी इनके साथ इतनी भीड़ हरदम जुटी रहती है। सवाल यही उठता है कि आिखर लोग क्यों जाते हैं इनके पास? इनसे लोगों को क्या मिलता है? जानी-मानी टेरो रीडर आरती राजदान, जो राधे मां की पिछले आठ साल से भक्त हैं, की...
    August 23, 12:12 AM
  • आखिर किसके लिए लड़ रहे हैं ये अफसर?
    आजकल अफसरों में पब्लिक हीरो बनने का कल्चर पनप रहा है। अपने किसी न किसी मामले को लेकर वे सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं। उनको लगता है कि जितने ज़्यादा लोगों की सहानुभूति साथ रहेगी, उतनी मजबूती से उन्हें समर्थन भी मिलेगा। आज उन चार अफसरों से मुलाकात जो सुर्ख़ियों में रहकर पब्लिक कॉज के लिए लड़ने की बात कर रहे हैं... इन अफ़सरों के मामलों को बारीकी से देखें तो सभी के कारण अलग लेकिन उद्देश्य एक ही नज़र आता है। ये अधिकारी सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए लड़ रहे हैं। कोई क्षेत्रवाद और भेदभाव के नाम पर तो कोई सुर्खियों...
    August 9, 12:00 AM
  • बढ़ती असुरक्षा फैलता बाजार
    सीसीटीवी की आंख सिर्फ आतंकवाद से बचाने के लिए ही नहीं बल्कि अपराधियों से निपटने का भी कारगर और मुफीद तरीका है... पिछले 10 वर्षों में जिन नए उद्योगों ने भारत में रफ्तार पकड़ी है उनमें से एक इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा का बाजार भी है। यह बाज़ार डर, भय और संदेहों की दूर तक फैली और लगातार बढ़ती ज़मीन पर व्यापक विस्तार ले रहा है। हर वर्ष 30 फीसदी की वृद्धि के साथ छलांग लगा रहा यह सुरक्षा उद्योग इस साल के आख़िर तक 15 हज़ार करोड़ की उंचाई छूने वाला है। भारत में अब तक हुए बम धमाकों के इतिहास को देखें तो वर्ष 2008 में...
    August 2, 12:00 AM
  • एक ही कलम दो ब्लॉकबस्टर
    बॉक्स ऑफिस वॉर बाहुबली और बजरंगी भाईजान दोनों एक दूसरे से शत प्रतिशत अलग फिल्में। दोनों को लिखा है राजमौली के पिता 72 वर्षीय विजयेंद्र प्रसाद ने। इनमें समानताएं भी हैं और विभिन्नताएं भी। जानते हैं इनकी बारीकियों के बारे में। स्टोरी बाहुबली और बजरंगी भाईजान दोनों की कथा, निर्देशक राजमौली के पिता, विजयेंद्र प्रसाद ने लिखी है। कई सालों बाद ऐसा हुआ है कि एक ही साल में एक कथा-पटकथाकार ने दो सुपरहिट फिल्में दी हों। इससे पहले सलीम-जावेद ने शोले और दीवार एक ही साल में लिखी थीं जो सुपरहिट रही थीं।...
    July 26, 12:00 AM
  • किसकी होंगी दो टीमें? बीसीसीआई या बिजनेसमैन
    आज गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में आईपीएल की दो नई टीमों पर फैसला हो सकता है। यदि दो नई टीमें आईपीएल में आती हैं तो क्या अनिल अंबानी और सचिन तेंडुलकर इन टीमों पर दांव लगाएंगे या बोर्ड ख़ुद दो टीमें बनाएगा। हालांकि इस बार कोई भी ज्यादा पैसों में टीम फ्रेंचाइजी खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहा है। राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स को आईपीएल से दो साल के लिए सस्पेंड करते ही क्रिकेट जगत में नई अटकलें शुरू हो गई हैं। अटकलें हैं कि अगली दाे टीमें कौन-सी होंगी? क्या आईपीएल का सीजन 9, छह टीमों के साथ ही...
    July 19, 12:00 AM
  • सिर्फ बाढ़ नहीं शेरों की मौत की वजह!
    मध्यप्रदेश द्वारा लंबे समय से गुजरात के गिर के शेरों को यहां लाने की मांग की जा रही है। इसका एकमात्र उद्देश्य विलुप्त हो रही शेरों की इस प्रजाति के अस्तित्व को बचाए रखना है। 1995 में डब्ल्यू डब्ल्यू एफ और सेंटर फॉर एनवायरमेंट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर इन शेरों को मध्यप्रदेश में शिफ्ट कराने के लिए याचिका लगाई थी। एशिया के शेर सिर्फ गुजरात के गिर के जंगलों में पाए जाते हैं। गिर के वनों में रहने वाले बब्बर शेर को भारतीय शेर या एशियाई शेर के रूप में जाना जाता है। भारतीय शेर की एकमात्र...
    July 12, 12:00 AM
  • नेताओं की 'बदनाम गली'
    बीसीसीआई की तीस इकाइयों में से लगभग दो तिहाई पर किसी न किसी दल का शिकंजा है... लगभग 10 इकाइयों पर सत्तारूढ़ भाजपा का कब्ज़ा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, अरुण जेटली, शरद पवार, लालू यादव, राजीव शुक्ला व ज्योतिरादित्य सिंधिया आदि क्रिकेट की राजनीति के बड़े खिलाड़ी हैं। दुनिया के अधिकांश लोकतांत्रिक राष्ट्रों में किसी नेता का खेल संगठन का पदाधिकारी बनना अपवाद है। यूरोपीय देशों में पेशेवर प्रशासक या पूर्व खिलाड़ी खेल संगठन चलाते हैं। भारत में स्थिति उलट है। यहां यदि कोई खेल संगठन नेताओं...
    July 5, 12:00 AM
  • मोदी में बहुत कुछ इंदिरा गांधी जैसा
    इमरजेंसी के 40 साल कोई सरकार आपातकाल लगाकर लोकतंत्र को खत्म नहीं कर पाती और वह आपातकाल देश के मुश्किल वक्त की जरूरत है, फिर इसमें मुझे कोई बुराई नहीं जान पड़ती। 25 जून को इमरजेंसी के 40 बरस पूरे हुए। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी पिछले दिनों कहा कि देश में फिर से आपातकाल लग सकता है। इमरजेंसी की चर्चा के बीच हमने बात की वरिष्ठ एडवोकेट शांतिभूषण से जिनकी पैरवी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 जून 1975 को 1971 के लोकसभा चुनाव को अमान्य करार दिया। इसके बाद बौखलाई तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा...
    June 28, 12:00 AM
  • दुर्गति के दौर में सांस्कृतिक संस्थान
    पुणे के फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान के अहाते में आम का एक पुराना, घना पेड़ है जो अपनी शाखाएं बाहों की तरह फैलाए दिखता है। प्रभात स्टूडियो के ज़माने के इस पेड़ का किसी दंतकथा जैसा महत्व है और इसे एक पवित्र दर्ज़ा मिला हुआ है। यह मान्यता भी इससे जुड़ी है कि अगर कोई छात्र ग्यारह घंटे लगातार इसके नीचे बैठा रहे तो उसे फ़िल्मी दुनिया में ज़रूर कामयाबी हासिल होगी। इस पेड़ से सिनेमा के छात्रों के जज़्बाती लगाव का आलम यह है कि वे दिन भर और रात-रात भर भी इसकी छाया में बैठे रहते हैं। इस पेड़ का एक और ऐतिहासिक महत्व यह...
    June 21, 12:00 AM
  • मिलावट के कई और मोड
    नेता, नौकरशाह और उद्योगपति मिलावट पर अफसोस जता रहे हैं और उपभोक्ताओं के समक्ष ऐसे पेश आ रहे हैं मानो मिलावटखोरी के लिए वे नहीं, अदृश्य शक्तियां जिम्मेदार हैं। पर सच में ऐसा है क्या? क्या मिलावटखोरी कोई नया संकट है या मैगी पहला उदाहरण। सवाल यह भी है कि क्या हमारे देश में मिलावटखोरी का कोई एक रूप है या फिर मिलावटखोरी की इतनी किस्में और तरीके हैं कि गिनती की जाए तो कई शाखाएं-उपशाखाएं बन जाएं... नूडल्स का पर्याय बन चुकी मैगी में मिलावट के खिलाफ उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से जांच की जो लहर चली है, उसे...
    June 14, 12:00 AM
  • सिनेमा का महाकुंभ
    68वां कान फिल्मोत्सव इस बार भारत के लिए अच्छा रहा। इसमें प्रदर्शित दाे भारतीय फिल्मों ने एक नई तरह के सिनेमा की ओर संकेत दिया है... रत के लिए 68वें कान फिल्मोत्सव का ख़ासा महत्व दो कारणों से है। पहला यह कि भारतीय सिनेमा के इतिहास में पहली बार कोई पंजाबी फिल्म दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्मोत्सव के ऑफिशियल सेलेक्शन में दिखाई गई। 15 मई 2015 को शाम 4:30 बजे कान के विशाल डेबुसी थिएटर में गुरविंदर सिंह की पंजाबी फिल्म चौथी कूट(Chouthi Koot-The Fourth Direction) के प्रदर्शन के बाद दर्शक दस मिनट तक खड़े होकर ताली बजाते रहे। भारत...
    June 7, 12:00 AM
  • चिट्टियां कलाइयां क्यों!
    आप भला किस आधार पर कह सकते हैं कि किसी ख़ास रंग का इंसान बेहतर हो सकता है। कंगना की बहन रंगोली सांवली हैं। साफतौर पर कंगना ऐसा कोई विज्ञापन कर अपनी बहन या उनके जैसी रंगत वाले करोड़ों लोगों को अपमानित नहीं करना चाहतीं... क्या ख़ूबसूरत अदाकारा करीना कपूर ने ज़ीरो साइज़ फिगर हासिल करने के लिए किसी दवा का सहारा लिया था? ख़ुद करीना से जानिए इसका जवाब, पिछले दिनों एक यात्रा के दौरान मुझे किसी ने इस बकवास दावे के बारे में बताया। ये पूरी तरह बेबुनियाद बात है। मैं न सिर्फ उस प्रोडक्ट को तैयार करने वाली...
    May 31, 09:21 AM
  • वैज्ञानिक काम पर अवैज्ञानिक नजरिया क्यों ?
    देश भर के काॅलेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर अनुसंधान एवं प्रयोग के लिए जीव-जंतुओं की चीरफाड़ पररोक लगा दी गई है। इसके पीछे तर्क यह है किरिसर्च के नाम पर जीव-जंतुओं के साथक्रूरतम व्यवहार किया जाता है। मारे यहां स्कूलों में इंटरकाॅलेज और काॅलेजों में अंडरग्रेजुएट लेवल पर जीव-जंतुओं की चीरफाड़ पर पहले से ही रोक लगा दी थी, लेकिन पोस्ट ग्रेजुएशन में डिसेक्शन वैकल्पिक था। अगस्त 2014 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने निर्देश जारी कर सभी विश्वविद्यालयों में डिसेक्शन पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया...
    May 24, 01:00 AM