रसरंग
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  • कहानी: व्यथा का सरगम
    सुरेश्वर रेलवे के एक ऑफिस में क्लर्क है। रेलों की घड़घड़ाहट और फाइलों की थकान को अपनी बीन के स्वरों में बांधकर उसने उन्हें नया ही रूप दे दिया है। दिन-भर की दौड़-धूप के बाद रात को यही उसकी शांति का निर्झर है... ...हां, सचमुच वीनस...उर्वशी...तक्षशिला की सुन्दरी...सरो के पेड़ की-सी सुघड़ लम्बाई, स्वस्थ यौवन से भरपूर छरहरा शरीर, सीमांत के कागजी बादाम जैसी ही आंखें, चंदन-सा गौर, सुसंस्कृत मुखमंडल, लम्बी-सी वेणी। मगर सबके ऊपर अंगराग के स्थान पर उदासी का एक गहरा लेप जो चेहरे के भाव को आमूल बदल देता है... गहरी। काली।...
    June 19, 10:34 AM
  • पाकिस्तान डायरी: जोगी का शहर में ठिकाना क्या है
    यह गज़ल आप लोगों ने कभी न कभी सुनी ज़रूर होगी। इस शायर का असली नाम शेर मोहम्मद खान था। ब्रिटिश इंडिया के शहर जालंधर में 15 जून 1927 को पैदा हुए। बंटवारे के बाद पाकिस्तान आ गए। यहां उन्होंने शायरी की और इब्न-ए-इंशा के नाम से मशहूर हुए और शोहरत भी ऐसी कि उनका असली नाम किसी को याद तक नहीं रहा। उन्होने कॉलम लिखे, सफरनामे लिखे। उनकी हास्य की समझ गज़ब की थी। औरंगज़ेब के बारे में उन्होंने लिखा कि हज़रत बादशाह सलामत इतने परहेज़गार थे कि टोपियां सीकर अपनी दो वक्त की रोटियां खाया करते थे और नमाज़ी ऐसे कि जि़ंदगी...
    June 19, 10:16 AM
  • पाकिस्तान डायरी: रमजान और गर्मी की शिद्दत
    बरसों बाद ऐसा हुआ है कि पाकिस्तान भर में रमज़ान एक ही दिन शुरु हुए हैं, वर्ना हर बार ऐसा होता है कि कई इलाकों में रमज़ान एक दिन पहले ही शुरु हो जाते थे और फिर ईद भी एक दिन या दो दिन पहले ही मन जाती थी। यूं महसूस होता था जैसे पाकिस्तान कई टुकडों में बंटा हुआ मुल्क है, जिसके हर हिस्से में चांद किसी मौलवी या किसी मुफ्ती की मर्जी से उगता है और डूबता है। इस बात से क्या पढ़े लिखे और क्या देहाती सभी लोग बहुत नाराज़ होते थे कि यह आखिर क्या मामला है। हमारे मौलवी अगर रमज़ान और ईद के चांद के मामले में एकमत नहीं हो...
    June 12, 04:33 PM
  • कहानी: यह स्वतंत्रता
    पाठक को यहां पर सांस लेना कठिन हो गया। वह रात को प्रतिदिन अपने नगर के स्वप्न देखा करताऔर वहां जाने की इच्छा करता रहता। उसको वह स्थान याद आता जहां वह पतंग उड़ाता था और जहां वह जब कभी चाहता जाकर स्नान करता था... पाठक चक्रवर्ती अपने मुहल्ले के लड़कों का नेता था। सब उसकी आज्ञा मानते थे। यदि कोई उसके विरुध्द जाता तो उस पर आफत आ जाती, सब मुहल्ले के लड़के उसको मारते थे। आखिरकार बेचारे को विवश होकर पाठक से क्षमा मांगनी पड़ती। एक बार पाठक ने एक नया खेल सोचा। नदी के किनारे एक लकड़ी का बड़ा लट्ठा पड़ा था, जिसकी...
    June 12, 04:28 PM
  • Cover Story: क्या आतंकियों को बचाने के लिए बदली जा रही है जांच की दिशा...
    2007 समझौता बम धमाके में शामिल आतंकियों को लेकर अबतक चली जांच को एनआइए पलटने में लगा है। एनआइए ने धमाके में लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने की आशंका जताई है और यूपीए के समय हुई गिरफ्तारी पर प्रश्न खड़ा किया है। ऐसे में इस मामले की जांच कर चुके हरियाणा के पूर्व डीजी विकास नारायण राय बता रहे हैं कि किस तरह जांच को बदला जा रहा है वहीं आरोपी पक्ष के वकील जे.एस. राणा ने असीमानंद और अपने अन्य मुवक्किलों पर लगे आरोपो को बेबुनियाद बता रहे हैं... क्या आतंकियों को बचाने के लिए बदली जा रही है जांच की दिशा... विकास...
    June 12, 11:17 AM
  • कहानी: लड़कियां
    श्यामा की जली हुई लाश थाने पहुंची तो वहां पहले से ही दो नवविवाहिता लड़कियों की जली हुई लाशें रखी थीं। थाने में शांति थी। पीपल के पत्ते हवा में खड़खड़ा रहे थे और जीप का इंजन लंबी-लंबी सांसें ले रहा था... श्यामा की जली लाश आगे बढ़ी। और अधकि हड़कम्प मच गया। उच्च स्तरीय सचिवों की बैठक बुला ली गयी और तय पाया कि श्यामा को प्रधनमंत्री के सामने पेश करने से पहले गृहमंत्री, विदेश मंत्री, वित्त मंत्री, समाज कल्याण मंत्री आदि का बुला लिया जाये। नहीं तो न जाने श्यामा प्रधनमंत्री से क्या पूछ ले कि जिसका उत्तर...
    June 5, 12:08 PM
  • COVER STORY: पाकिस्तान में महिलाओं को पीटने का तुगलकी फरमान
    आमने-सामने पाकिस्तान में महिलाओं को पीटने के सुझाव पर हुई बहस सभी ने इसे बेतुका कहा,संस्था पर प्रतिबंध की उठी मांग कानून पत्नी को पीटने का अधिकार दें, जैसी वाहियात मांग करने वाली पाकिस्तानी संस्था के खिलाफ दुनियाभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। पाकिस्तान की महिलाओं ने सोशल ​मीडिया पर मौलवियों को ललकारा है। भारत में भी बहस जारी है। वैसे भी हमारी अदालतें मुस्लिम महिलाओं के हक में ऐतिहासिक फैसले दे रही हैं। ऐसे में दैनिक भास्कर ने दोनों देशों की वरिष्ठ महिला पत्रकारों से यह जानने की कोशिश की...
    June 5, 10:57 AM
  • मैंने 12 वर्ष बगैर  पद के काम किया तब जाकर आज ये पद मिला Anurag Thakur
    दुनिया के सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड में शुमार भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष पद पर अनुराग ठाकुर को निर्विरोध रूप से चुन लिया गया है। ऐसे में कई सवाल भी उठे कि आखिर वो इस पद पर कैसे और किसकी बदौलत पहुंचे? यह जानने के लिए भास्कर ने उनसे खास बात कर कई सवालों के जवाब जाने। पेश हैं मुख्य अंश... विक्रम ढटवालिया, हमीरपुर नुराग का मानना है कि क्रिकेट बोर्ड भाजपा या कांग्रेस का कोई खेल नहीं है। यहां खेल को तवज्जो दी जाती है। बोर्ड में सुधारों के लिए बहुत कुछ किया जाना है और इसकी शुरुआत पहले ही हो चुकी है। आम...
    May 29, 12:00 AM
  • कहानी: मेरी मां
    सड़क के किनारे-किनारे मौत की गोदी में सिमटे हुए गांव, लहलहाते खेतों के आस-पास लाशों के ढेर। कभी-कभी दूर से आती हुई अल्ला-हो-अकबर और हर-हर महादेव की आवाजें। हाय, हाय...पकड़ो-पकड़ो...मारो-मारो... सनसनाती हवा में कब्रिस्तान में उसकी फूल-सी बहिन मौत के दामन में हमेशा-हमेशा के लिए दुनिया से बेखबर...और उस पुरानी याद में कांपता हुआ यूनस खां का दिल-दिमाग। दिन के बाद उसने चांद-सितारे देखे हैं। अब तक वह कहां था? नीचे, नीचे, शायद बहुत नीचे...जहां की खाई इंसान के खून से भर गई थी। जहां उसके हाथ की सफाई बेशुमार गोलियों...
    May 29, 12:00 AM
  • पाकिस्तना डायरी: गैरत के नाम पर
    पाकिस्तान के खैबर पख़्तोन्ख़्वा में ऐबटाबाद को उस वक़्त बहुत शोहरत हासिल हुई थी जब अमेरिकी फौजों ने इसकी एक इमारत पर छापा मारा था और यहां बरसों से अंडरग्राउण्ड रहने वाले ओसामा बिन लादेन को कत्ल किया और उसकी लाश को साथ ले गए। 29 अप्रैल 2016 से यह शहर फिर ख़बरों में है। इसके एक करीबी कस्बे से दिल चीर देने वाली ये खबर आई कि 16 साल की एक लड़की अंबरीन को कबाइली लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया। उस पर इल्ज़ाम यह था कि उसने अपनी एक सहेली को उसके पसंद के लड़के से शादी करने के लिए घर से फरार होने में मदद की थी। ये कोई...
    May 22, 03:28 PM
  • कहानी: गर्मियों की एक रात
    मुंशी बरकत अली इशा की नमाज पढ़कर चहलकदमी करते हुए अमीनाबाद पार्क तक चले आए। गर्मियों की रात, हवा बंद थी। शर्बत की छोटी-छोटी दुकानों के पास लोग खड़े बातें कर रहे थे। चौराहे पर तांगा और इक्का वालों की लगातार पुकार जारी थी। चौक। एक सवारी। चौक, मियां चौक पहुंचा दूं? ऐ हुजूर, कोई तांगा-वांगा चाहिए? हार बेले के, गजरे मोती के। क्या मलाई की बरफ है! मुंशी जी ने एक हार खरीदा, शरबत पिया और पान खाकर पार्क के अंदर दाखिल हुए। बेंचों पर जगह न थी। लोग नीचे घास पर लेटे हुए थे। चंद बेसुरे गाने के शौकीन शोर मचा रहे थे।...
    May 22, 10:57 AM
  • BIG Question: क्या बिना जांचे ही प्रदूषित घोषित कर दिए गए शहर
    पिछले दिनों जब वायु प्रदूषण को लेकर डब्ल्यूएचओ ने दुनियाभर का आंकड़ा प्रस्तुत किया तो उसमें ग्वालियर, इलाहाबाद, पटना और रायपुर का नाम भी प्रदूषित शहरों की सूची में काफी ऊपर था। लेकिन भास्कर ने पड़ताल कर यह जाना कि कैसे डब्ल्यूएचओ के इन आंकड़ों पर विश्वास नहीं किया जा सकता... पहली दफा है जब विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ की ​किसी रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठा है। इससे पहले तक उसकी रिपोर्ट को हमारी सरकारें सिर-माथे पर लगाती थीं और बिना जांच-पड़ताल के मीडिया से लेकर सामाजिक संगठनों में...
    May 22, 09:58 AM
  • ईडीएम क्या है, कब इसकी शुरूआत हुई, यहां कैसे आया जानने के लिए पढ़िए...
    भारत में पहली बार टूमारोलैंड (दुनिया का सबसे बड़ा ईडीएम इवेंट) सफल होने के बाद यह आयोजन एक बार फिर हमारे यहा वापसी कर रहा है। ईडीएम क्या है, कब इसकी शुरूआत हुई, हमारे यहां कैसे आया जानने के लिए पढ़िए... बड़ी एलईडी स्क्रीन, कान का पर्दा हिला देने वाले हजारों वाट के स्पीकर्स, दर्जनों डीजे और हजारों युवा श्रोता कुछ ऐसा ही माहौल होता है, ईडीएम का। वैसे भी हमें तो थिरकने का मौका चाहिए फिर वो भजन संध्या हो या शादी समारोह या और भी कोई खुशनुमा पल। संगीत और नृत्य हमारा अपना भव्य इतिहास है लेकिन पिछले कुछ...
    May 15, 04:34 PM
  • कहानी: इंस्टालमेंट
    चाय का प्याला मैंने होंठों से लगाया ही था कि मुझे मोटर का हार्न सुनाई पड़ा। बरामदे में निकल कर मैंने देखा, चौधरी विश्वम्भर सहाय अपनी नई शेवरले सिक्स पर बैठे हुए बड़ी निर्दयता से इलेक्ट्रिक हार्न बजा रहे हैं। मुझे देखते ही वह हैलो, गुड ईवनिंग, सुरेश! - कहकर कार से उतर पड़े। गुड ईवनिंग, चौधरी साहब! अभी चाय पीने बैठा ही था। बड़े मौके से आए। चौधरी विश्वम्भर सहाय गठे बदन के लंबे-से युवक थे। उम्र करीब पच्चीस वर्ष की थी। रंग सांवला, चेहरा लंबा और मुख की बनावट बहुत सुंदर। बाल बीच से खिंचे हुए, कलम कान के...
    May 15, 01:05 PM
  • BIG QUESTION: एयरपोर्ट से भेड़-बकरियां भगाना क्या हमारा काम है
    देशभर में कई हवाई अड्डे ऐसे हैं, जहां से एक भी फ्लाइट का संचालन नहीं किया जाता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि एयरपोर्ट में मौजूद कर्मचारी करते क्या हैं? यह जानने के लिए पढ़िए तीन राज्यों से.. भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट राजस्थान सात अधिकारी-कर्मचारी हर दिन खोलते-बंद करते हैं एयरपोर्ट। बीकानेर का नाल सिविल एयरपोर्ट। सुबह लगभग 10 बजे यहां एक बस आकर रुकती है। इसमें से छह लोग उतरते हैं। गाड़ी पार्क कर ड्राइवर भी इनके साथ आ जाता है। ताला खुलता है। अधिकारी अपने कैबिन में, कर्मचारी काउंटर पर जा बैठते हैं।...
    May 15, 12:38 PM
  • सावन कुमार के जज़्बात:  मीना जी मेरी गुरु थीं, जो कुछ भी हूं उनकी वजह से
    शायर-गीतकार- कहानीकार एवं निर्माता-निर्देशक अस्सी वर्षीय सावन कुमार टाक अपने ज़माने के हिट निर्देशकों में से रहे हैं। सावन कुमार के करिअर में गुज़रे ज़माने की ख़्यात अभिनेत्री मीना कुमारी का बड़ा योगदान रहा है। गौरतलब है कि मीना कुमारी की पुण्यतिथि के अवसर पर सावन कुमार ने उसी दिन अपने जज़्बात इस तरह बयां किए थे मैं आज जो कुछ भी हूं , उसे मीना जी की मेहरबानी मानता हूं। कह सकता हूं कि वे मेरी बड़ी मेहरबान और क़रीबी रही हैं। उन्होंने मुझे डायरेक्टर बनाया। डायरेक्टर बनने से पहले मैं निर्माता था और...
    May 8, 01:55 PM
  • पाकिस्तान डायरी: जोगिन्दर पाल एक महान लेखक
    बंटवारा हुआ तो जीवन के 22 साल सियालकोट में गुज़ारने के बाद उन्हें अंबाला में पनाह लेनी पड़ी। वहां से चले तो नैरोबी जा पहुंचे फिर औरंगाबाद से गुज़रकर दिल्ली आए और वहीं के होकर रह गए। नेशनल बुक फाउंडेशन के सातवें अंतरराष्ट्रीय किताब मेले का आख़िरी सेशन था। दूसरे अदीबों के साथ मैं भी मंच पर बैठी थी, जब मेरे मोबाइल पर जर्मनी से हैदर क़ुरैशी ने यह बुरी ख़बर सुनाई कि हमारे बहुत बड़े अदीब जनाब जोगिन्दर पाल सिंह जी इस दुनिया से रुख़सत हो गए हैं। यूं महसूस हुआ जैसे दिल पर किसी ने घूंसा मार दिया हो। वो उर्दू...
    May 8, 09:54 AM
  • Art and Culture : कल आज और कल को छूता म्यूज़ियम
    आर्ट एंड कल्चर| इलियाना गूर का नाम कंटेंप्रेरी कला की दुनिया में जाना पहचाना है। लॉस एंजलेस से शुरू हुई उनकी कला यात्रा ने एक आर्ट एंड कल्चर डेस्टीनेशन के तौर पर शुरू किया इलियाना गूर म्यूज़ियम... इलियाना का म्यूज़ियम युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए ख़ास योजनाओं पर काम करता है। वे एक कलाकार के अलावा जुनूनी आर्ट कलेक्टर भी हैं। ब तक आप एक कलाकृति को देखकर हैरान हों, दूसरी चीज़ सामने आती है और आप काफ़ी देर तक तय नहीं कर पाते कि पिछली वाली ज़्यादा प्राचीन और कलात्मक है या यह जो अब हमारे सामने...
    May 8, 12:00 AM
  • Pakistan Diary: जिक्र एक अनोखे जश्न का
    कुछ सालों पहले हमारे रिश्तेदार और दोस्त कराची का रुख तक नहीं करते थे, कुछ तो पाकिस्तान में कदम तक नहीं रखते थे। अमेरिका और यूरोप से एडवाइज़ जारी होती थी कि शहरी पाकिस्तान का सफर न करें, आतंकवादी कभी भी हमला कर सकते हैं। इन खतरों के बावजूद कुछ लोग कराची और पाकिस्तान के बाकी शहरों में आते रहे और हम भी कभी-कभी किताबों, मौसीकी का जश्न मनाते रहे। कुछ दिनों पहले कराची में खुसरो यानी की किन्नरों ने अपना 4 दिनों का जश्न मनाया, जिसमें उनकी मुश्किलों, तौर तरीकों और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर रोशनी डाली...
    May 1, 02:26 PM
  • 150 करोड़ कमा गई ‘द जंगल बुक’, हॉलीवुड ने दी बॉलीवुड फिल्मों को चुनौती...
    हाल ही में आई हॉलीवुड फिल्म द जंगल बुक इस साल भारत में अब तक सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। इसने 150 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की है। इसके पहले भी हॉलीवुड ने बॉलीवुड फिल्मों को चुनौती दी है। ऐसे में ये सवाल जायज है कि क्या हॉलीवुड की फंतासी फिल्में हमारी हिंदी फिल्मों के दर्शकों को अपनी ओर खींच रही हैं। भास्कर के सुनील कुकरेती, अजय कुमार दुबे और महेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट... जंगल बुक ने बॉक्स ऑफिस के इस साल के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। उसके सामने शाहरुख खान की फैन भी पिट गई है। गौरतलब है कि कुछ...
    May 1, 12:00 AM