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Kolar (MP) News (कोलर न्यूज़)

सीवेज लाइन अोवर फ्लो, घरों में जा रहा गंदा पानी

सीवेज लाइन अोवर फ्लो, घरों में जा रहा गंदा पानी
अरेरा रिपोर्टर. अरेरा कॉलोनी ई 2 के रहवासियों के लिए यहां की 50 साल पुरानी सीवेज लाइन लंबे समय से परेशानी का सबब बनी हुई है। सीवेज लाइन ओवर फ्लो होने से आए दिन घरों में गंदा पानी जा रहा है। रहवासियों ने विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह और क्षेत्रीय पार्षद प्रद्युम्न मोनू गोहिल को कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक समस्या जस की तस है।। जिम्मेदारों की इस लापरवाही के कारण यहां के करीब तीन हजार से अधिक रहवासी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ई 2 रहवासी कल्याण समिति के सचिव अनिल मोहबे ने बताया कि कॉलोनी में एक समानांतर...
May 20, 07:08 AM

कोलार से सिर्फ टैक्स वसूली, काम कब होंगे

कोलार से सिर्फ टैक्स वसूली, काम कब होंगे
कोलार रिपोर्टर. विधायक रामेश्वर शर्मा ने महापौर आलोक शर्मा पर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को रोकने का आरोप लगाया है। विधायक के मुतबिक महापौर जानबूझ कर जोन 19 के साथ सौतेला व्यवाहार कर रहे है, पिछले दो सालों से वार्ड 81, 84 और 85 में लगभग 12 करोड़ के कार्य मंजूरी न मिलने के कारण अटके हुए है। विधायक ने निगम आयुक्त छवि भारद्वाज को उन कार्याें की सूची भी सौंपी है जो मंजूरी न मिलने के कारण अटके हुए है। उधर इन वार्डों के पार्षदों का भी कहना है कि निगम जोन-19 के साथ शुरू से ही भेदभाव कर रहा है, जिसका...
May 20, 07:01 AM

कैसा नंबर 2...बोर्ड हटा लो या गंदगी साफ कर दो

कैसा नंबर 2...बोर्ड हटा लो या गंदगी साफ कर दो
कोलार.चूना भट्टी स्थित दीपक सोसायटी मेन रोड पर नगर निगम ने शहर को सफाई में दूसरा स्थान मिलने पर धन्यवाद का बोर्ड लगा रखा है। ठीक उसी के पीछे कई सालों से मैदान में सीवेज भर रहा है। स्थानीय रहवासी अरविंद शोले का कहना है कि निगम यहां से ये बोर्ड हटा ले या सफाई करवा दे।
May 20, 06:59 AM

संसाधन ही कम हैं, परेशानी तो होगी, जवाब दे रहे हैं एमआईसी सदस्य महेश मकवाना

संसाधन ही कम हैं, परेशानी तो होगी, जवाब दे रहे हैं एमआईसी सदस्य महेश मकवाना
भोपाल.कोलार में आंतरिक कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट अक्सर बंद रहती है। इसके चलते शाम के बाद यहां अंधेरा हो जाता है। आखिर क्यों निगम इस ओर ध्यान नहीं दे रहा? जवाब देने के लिए हाजिर है नगर निगम में विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के एमआईसी सदस्य महेश मकवाना... Q. मेन रोड को छोड़कर अधिकांश कॉलोनियों की स्ट्रीट लाइट बंद रहती हैं क्यों ? A. अमले और संसाधन कम है, परेशानी तो होगी ही, हम समस्या दूर करने का प्रयास करते हैं। कहां काम हो रहा है, बंद स्ट्रीट लाइट भी नहीं बदली जाती, क्यों? {लाइटें लगातार दुरुस्त की जा...
May 13, 08:29 AM

सुहागपुर से गुराड़ी तक दो किमी की सड़क बदहाल

सुहागपुर से गुराड़ी तक दो किमी की सड़क बदहाल
सुहागपुर | कोलार रिपोर्टर.सुहागपुर से गुराड़ी जाने वाली लगभग 2 कि.मी लंबी सड़क पूरी तरह ऊबड़-खाबड़ और जर्जर हो चुकी है। आलम यह है कि सड़क पर पत्थर और धूल के कारण पैदल चलना तो दूर, वाहन से निकलने में भी लोगों को परेशानी होती है। बारिश में यह रास्ता दो-तीन महीने के लिए बंद हो जाता है। जबकि इस रास्ते से हिनौतिया, सुहाग पुर, और मंडीदीप जाने के लिए सैकड़ों लोग दिनभर में गुजरते हैं। कई बार निगम प्रशासन को सड़क बनवाने भेजा प्रस्ताव ^मैं कई बार निगम प्रशासन कोे सड़क निर्माण के लिए कई बार प्रस्ताव भेज चुका हूं,...
May 13, 08:28 AM

साइलेंट जोन में आए दिन होते हैं बड़े टूर्नामेंट, शोर ऐसा न बुजुर्ग सो पा रहे, न बच्चे पढ़ पा रहे

साइलेंट जोन में आए दिन होते हैं बड़े टूर्नामेंट, शोर ऐसा न बुजुर्ग सो पा रहे, न बच्चे पढ़ पा रहे
पंकज श्रीवास्तव | अरेरा रिपोर्टर.अरेरा कॉलोनी ई-2 के ओल्ड कैम्पियन ग्राउंड में आए दिन हो रही खेल गतिविधियों के कारण यहां आसपास के रहवासी पिछले 15 साल से परेशान हंै। ग्राउंड के ठीक सामने ही अस्पताल भी हैं। ग्राउंड में बजने वाले डीजे और कॉमेंट्री के कारण आसपास रहने वाले बुजुर्गों को भी परेशानी हो रही है। 4 माह पहले ही इस क्षेत्र को कलेक्टर ने साइलेंट जोन घोषित किया था, लेकिन इसके बाद भी ग्राउंड में हो रही खेल गतिविधियों के दौरान जमकर ध्वनि प्रदूषण किया जाता है। इसका कारण यह है कि इस ग्राउंड में कई...
May 13, 08:14 AM

सड़कें बदहाल, खुले में सीवेज, रहवासी बोले- बंद करो हैंडओवर का ड्रामा, खुद करा लेंगे काम

सड़कें बदहाल, खुले में सीवेज, रहवासी बोले- बंद करो हैंडओवर का ड्रामा, खुद करा लेंगे काम
राजहर्ष | कोलार रिपोर्टर.कॉलोनियों के विकास न होने के पीछे निगम अफसर अक्सर कॉलोनी हैंडओवर न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं, लेकिन हैंडओवर कॉलोनियों में निगम अफसर कितना ध्यान दे रहे हैं इसका अंदाजा कोलार की राजहर्ष व रामजानकी कॉलोनी की बदहाली देखकर लगाया जा सकता है। इन कॉलोनियों को निगम में हैंडओवर हुए बरसों बीत गए, लेकिन आज भी इनकी हालत किसी गांव से भी बदतर है। सड़कें बदहाल, सीवेज चैंबर ओवरफ्लो, न पीने का पानी न स्ट्रीट लाइट। अब रहवासियों का कहना है कि निगम ये हैंडओवर का खेल बंद करे। हम...
May 6, 07:29 AM

सीपीए की लापरवाही... दो साल पहले बन चुकी सड़क, फिर भी ‘रास्ता बंद है’ का लगा है बोर्ड

सीपीए की लापरवाही... दो साल पहले बन चुकी सड़क, फिर भी ‘रास्ता बंद है’ का लगा है बोर्ड
शाहपुरा। शाहपुरा से चूना भट्टी चौराहे की तरफ जाने वाला सड़क बनने के दो साल बाद भी बंद है। ऐसा हम नहीं बोल रहे बल्कि राजधानी परियोजना प्रशासन द्वारा सेंट्रल वर्ज पर लगाया गया सूचना बोर्ड में लिखा हुआ है। दरअसल दो साल पहले उक्त सड़क का निर्माण सीपीए ने कराया था। पिछले साल इस सड़क पर एक बार फिर डामरीकरण भी हुआ है। जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही का आलम यह है कि वह यहां लगे बोर्ड को हटाना भूल गए। अब सीपीए अधीक्षण यंत्री कह रहे हैं कि बोर्ड तुरंत हटा दिया जाएगा।
May 6, 07:27 AM

वंदेमातरम चौराहा : सड़क पर खड़ी हो रही गाड़ियां

वंदेमातरम चौराहा : सड़क पर खड़ी हो रही गाड़ियां
अरेरा रिपोर्टर. अरेरा कॉलोनी स्थित वंदेमातरम चौराहे से बिट्टन हाट बाजार की तरफ जाने वाली सड़क लंबे समय से अतिक्रमण की चपेट में है। खास बात यह है कि उक्त स्थान पार्किंग के लिए था, लेकिन नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से हुई सांठगांठ के बाद यहां पक्के निर्माण हो गए। इसके चलते रोड पर वाहन खड़े किए जाते हैं। इससे शाम को यहां रोजाना ट्रैफिक जाम रहता है। आलम यह है कि उक्त सड़क से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। वार्ड-45 जांच करवाता हूं, कार्रवाई जरूर होगी मेरे संज्ञान में मामला नहीं था, यदि ऐसा है तो...
May 6, 07:16 AM

बैंड-बाजों के साथ निकली दूल्हों की सामूहिक बरात, 26 जोड़ों ने लिए सात फेरे,

भोपाल. राम मंदिर कोटरा में सोमवार को 26 जोड़े एक ही पंडाल के नीचे दाम्पत्य सूत्र में बंधे। राजीव नगर शिक्षा व समाज कल्याण समिति ने बाबुल की भूमिका अदा करते हुए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत ये विवाह संपन्न कराए। इसके पूर्व पाताल भैरवी मैदान कोटरा से सभी दूल्हों की सामूहिक बारात निकाली गई। बैंड-बाजों के साथ बारात विवाह स्थल पहुंची। यहां मंत्रोच्चार के बीच वैवाहिक रस्में पूरी की गईं। इस दौरान सभी जोड़ों के चेहरों पर दाम्पत्य सूत्र में बंधकर नए संसार में प्रवेश करने की खुशी झलक रही थी।...
April 28, 11:21 PM

पिछले 50 सालों से लगा रहे प्याऊ, अपने पैसों से कर रहे समाज सेवा

भोपाल. सरकारी स्कूल से रिटायर हुए हेड मास्टर बृजेंद्र कुमार शर्मा पिछले 50 साल से पिपलानी पेट्रोल पंप चौराहे पर अपने पैसों से प्याऊ लगाकर लोगों की प्यास बुझा रहे हैं। खासियत यह है कि इसके लिए मटके, पानी की टंकी व अन्य व्यवस्थाएं स्वयं ही करते हैं।वे कहते हैं कि बचपन से ही उन्हें अपने पैसों से समाज सेवा का शौक रहा है। इसलिए पिछले 50 साल में किसी से कोई सहयोग नहीं लिया। शर्मा ने बताया गर्मी शुरू होते ही प्याऊ में डेढ़ सौ लीटर पानी वाले बड़े मटके रखते हैं। इन्हें भरने के लिए टंकी की व्यवस्था भी खुद...
April 28, 10:34 PM

बचपन में खोई आंखों की रोशनी, 7 एलबम में चुकी हैं प्लेबैक सिंगिंग

भोपाल. महज सात साल की उम्र में आंखों में खराबी के चलते रोशनी खो दी, लेकिन हौंसला नहीं खोया और बचपन के शौक को पूरा करने के लिए गायन को करियर बना लिया। आज वे 2700 से अधिक मंच पर संगीत के कार्यक्रम पेश कर चुकी हैं। राष्ट्रपति सम्मान समेत कई पुरस्कार से उन्हें नवाजा जा चुका है। अपनी मेहनत और लगन की दम पर यह मुकाम हासिल किया है कोलार के यशोदा परिसर में रहने वाली डॉक्टर दिव्यता जैन गर्ग ने। दरअसल रेटिना पिगमेंट टोसा बीमारी के कारण सात साल की उम्र में ही उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी। लेकिन सिंगिग का शौक...
April 28, 09:38 PM

एक्टिंग में दिलचस्पी के चलते बचपन में हुई थी पिटाई, फिर उसी ने दिलाई पहचान

एक्टिंग में दिलचस्पी के चलते बचपन में हुई थी पिटाई, फिर उसी ने दिलाई पहचान
भोपाल.पूत के पांव पालने में नजर आ जाते हैं। कुछ ऐसा ही साबित किया है भारतीय स्टेट बैंक में प्रबंधक (आई.टी.) के पद पर कार्यरत असीम कुमार दुबे ने। क्योंकि पिताजी जब उन्हें पहली कक्षा में एडमीशन दिलाने गए तो टीचर के कुछ पूछने से पहले ही उन्होंने पूछ लिया कि यहां नाटक की क्लास लगती है क्या ? इस प्रश्न से नाराज होकर पिताजी ने उसी समय पिटाई कर दी। लेकिन आज नाटकों की वजह से ही असीम को रंगकर्मी के रूप में खास पहचान मिली है। अब पिताजी भी गर्व से कहते हैं कि उनका बेटा रंगकर्मी है आए दिन उसका नाम अखबारों में छपता...
April 22, 10:24 PM

खुद सफाई-पुताई कर बदल दी तस्वीर, मिसाल बन गया महिला वार्ड

खुद सफाई-पुताई कर बदल दी तस्वीर, मिसाल बन गया महिला वार्ड
भोपाल. सरकारी अस्पताल का जिक्र आते ही कुछ ऐसा चित्र सामने आता है जिसमें चारो ओर गंदगी और अव्यवस्थाओं का आलम दिखाई देता है। प्रदेश का बड़ा अस्पताल हमीदया भी इससे अछूता नहीं। लेकिन यहां एक महिला वार्ड ऐसा है जहां मरीजों की देखभाल से लेकर साफ-सफाई के ऐसे चाक-चौबंद इंतजाम हैं कि लोग तारीफ किए बिना नहीं रहते। जी हां, महिला वार्ड नंबर- 6 की इंचार्ज सिस्टर रानी सिंह के नेतृत्व में महिला स्टाफ ने वार्ड की पूरी तस्वीर ही बदल दी है। सिस्टर रानी सिंह ने बताया कि छह साल पहले जब वे अस्पताल के महिला वार्ड में...
April 22, 09:46 PM

69 साल की उम्र में करती हैं मरीजों का मुफ्त इलाज, मिल चुके हैं कई सम्मान

69 साल की उम्र में करती हैं मरीजों का मुफ्त इलाज, मिल चुके हैं कई सम्मान
भोपाल.नौकरी के दौरान अस्पताल में मरीजों की सेवा करना उनकी आदत सी हो गई थी, इसलिए साेचा कि आगे भी ऐसा ही किया जाए। इसी उद्देश्य से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने मरीजों की सेवा को ही अपना धर्म मान लिया।आज 69 वर्ष की उम्र में भी वे लोगों की तीमारदारी करने में लगी हैं। हम बात कर रहे हैं ई 6 अरेरा कॉलोनी में रहने वाली श्रीमती स्वतंत्र तिवारी की, जो हमीदिया अस्पताल में पैथालॉजी डिपार्टमेंट में कैमिस्ट पद से रिटायर्ड हुईं। वह आज लोगों को होम्योपेथी की मीठी दवाई देकर न सिर्फ उनकी तकलीफों को दूर करती हैं...
April 22, 11:14 AM

नर्सरी गार्डन और खाली प्लॉट बने डंपिंग यार्ड, निगम कर्मी नहीं दे रहे ध्यान

नर्सरी गार्डन और खाली प्लॉट बने डंपिंग यार्ड, निगम कर्मी नहीं दे रहे ध्यान
भोपाल. शहर की पॉश कॉलोनी ई 2 जैसे इलाके में नियमित कचरा नहीं उठाए जाने के कारण यहां के नागरिक परेशान हैं। आलम यह है कि नर्सरी गार्डन के समीप कचरे का ढेर अक्सर लगा रहता है, तो वहीं दूसरी तरफ कई खाली प्लॉट कचराघर बने हुए हैं। - ऐसा इसलिए कि कचरा डंप करने वाले लोग कोई और नहीं बल्कि निगम के सफाई कर्मी हैं, जो कचरा एकत्र करने के बाद नर्सरी गार्डन के पास कचरा डंप कर जाते हैं। - इस वजह से यहां हमेशा गंदगी और दुर्गंध का वातावरण रहता है। दुर्गंध घरों के अंदर तक अाती है, मच्छर भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
April 9, 10:56 AM

तीन महिलाओं ने बिना मदद आशा कार्यकर्ताओं को बना दिया आत्मनिर्भर

तीन महिलाओं ने बिना मदद आशा कार्यकर्ताओं को बना दिया आत्मनिर्भर
भोपाल.राजधानी का मिसरोद स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। यहां महीने के पांच दिन स्पेशल क्लास लगती है। जहां करीब 50 आशा कार्यकर्ताओं को इंग्लिश, कम्प्यूटर के साथ ही गाड़ी चलाना भी सिखाया जाता है। ये सब किसी सरकारी कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बल्कि उन तीन महिलाओं का प्रयास है जो इन आशा कार्यकर्ताओं को आत्मनिर्भर बना देना चाहती हैं और इनके प्रयास में सहयोग करते हैं स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. योगेश सिंह कौरव। मिसरोद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही कार्यरत एएनएम देवीराजा चौरसिया, किरण...
April 8, 10:38 AM

40 साल से मशहूर है ये कचौड़ियां, प्रेसिडेंट हाउस तक जा चुका है इनका स्वाद

40 साल से मशहूर है ये कचौड़ियां, प्रेसिडेंट हाउस तक जा चुका है इनका स्वाद
भोपाल. पीरगेट चौराहे पर भोपाल नमकीन सेंटर नाम से संचालित 40 साल पुरानी दुकान पर बनी सीहोर की कचौड़ी राष्ट्रपति भवन तक पहचान बना चुकी है। दरअसल डॉ. शंकर दयाल शर्मा इन कचौड़ियों के काफी शौकीन थे। जब वे राष्ट्रपति बने तब भी वे यहां से कचौड़ी मंगवाते रहे। आज भी यहां की बनी कचौड़ियां खाने दूर-दराज से लोग भोपाल आते हैं। - दुकान के संचालक शिवनारायण राठौर ने बताया कि शुरुआती दौर में सीहोर की कचौड़ी भोपाल में बहुत मशहूर थी। इसके लिए बाकायदा सीहारे से ही कारीगर बुलवाए गए। -आज भी यहां कचौड़ी बनाने वाले कारीगर...
April 8, 10:25 AM

पेंटिंग्स से बनाई पहचान, मिले पैसों से कराते हैं HIV पीड़ित बच्चों का इलाज

पेंटिंग्स से बनाई पहचान, मिले पैसों से कराते हैं HIV पीड़ित बच्चों का इलाज
भोपाल.बसंत भार्गव अपनी लैंड स्केप पेंटिंग्स के कारण देश-विदेश में अलग ही पहचान रखते हैं। देश में कला के कुछ कद्रदान उनकी पेंटिंग्स को विशेष रूप से अपनी गैलेरी में सजा रहे हैं। बसंत की पेंटिंग्स देश की बड़ी आर्ट गैलेरी के साथ ही न्यूयार्क, पेरिस और जर्मनी में भी एग्जीबिट हो चुकी हैं। प्रकृति को ही पेंटिंग्स में उकेरने वाले बसंत करीब डेढ़ दशक से लैंड स्केप पेंटिंग्स बना रहे हैं। इतना ही नहीं वे इन पेंटिंग्स से मिलने वाली राशि का बड़ा हिस्सा जरूरतमंदों की सहायता में खर्च कर देते हैं। आर्ट बायर...
April 1, 11:28 PM

स्टोर में खुले में पड़ी हैं कई टन लकड़ी, हादसे के अंदेशे के साथ बिगड़ रही खूबसूरती

स्टोर में खुले में पड़ी हैं कई टन लकड़ी, हादसे के अंदेशे के साथ बिगड़ रही खूबसूरती
भोपाल.शाहपुरा लेक के आसपास जहां नगर निगम ने सौंदर्यीकरण पर लाखों रुपए खर्च किए हैं वहीं खुद निगम लापरवाही बरत रहा है। इसका उदाहरण नगर निगम का लकड़ी स्टोर है। यहां तालाब किनारे ही नगर निगम ने अपना काष्ठगार बना रखा है। जहां कई टन लकड़ी खुले मैदान में पड़ी है। जहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। अगर आग लगने जैसी घटना होती है तो वातावरण के साथ सौंदर्यीकरण को भी खतरा हो सकता है। स्टोर से सटा है बिजली सब स्टेशन निगम ने जहां यह लकड़ी स्टोर बनायाा है उसी के ठीक बगल में ही बिजली कंपनी का सब स्टेशन है। जहां...
April 1, 11:05 PM
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