April 17, 04:29
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मुकेश गुप्ता -!- बागली महंगाई ने किसी को नहीं छोड़ा है। महंगाई की मार का भील, भिलाला, बारेला आदिवासी समाज में प्रचलित झगड़ा प्रथा पर भीजबर्दस्त असर पड़ा है। दो वर्ष पूर्व जो झगड़े 10-20 हजार रुपए में टूट जाते थे, वे अब 50 से 1 लाख रुपए तक के समझौते सेटूट रहे हैं। इससे संबंधित परिवार और अधिक कर्ज के गर्त में डूबा जा रहा है। फिर भी लड़का-लड़की भागने-भगाने की परंपरा जारी है। भास्कर की पड़ताल में...