नई दिल्ली. जहां एक ओर पूरी दुनिया इस 'महात्मा' के असामयिक निधन से स्तब्ध थी, वहीं एक कृतज्ञ राष्ट्र अपने 'बापू' के मौन हो जाने पर अवाक था. महात्मा गांधी की 'अंतिम यात्रा' ही इस देश की जनता के लिए वह अंतिम रास्ता था, जहां वह अपनी श्रध्दा को आंसुओं में व्यक्त कर सकती थी. इस वीडियो में उमड़े जनसैलाब को देख आप अंदाजा लगा सकते हैं कि क्यों एक व्यक्ति जो...मास्टरजी (संता) ने छात्रों से कहा कि कल गाय पर निबंध लिखकर ही आना। दूसरे दिन मास्टरजी ने पूछा कौन निबंध लिखकर नहीं आया है।