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आरक्षण (हिंदी फ़िल्म)

  • कोर्ट केसों पर लगा ब्रेक, मुल्जिम और एवीडेंस दोनों नहीं पहुंच रहे अदालत
    Last Updated: March 01 2017, 06:09 AM

    हिसार. जाट आरक्षण आंदोलन के तहत शुरू किए गए धरने को सोमवार को 30 दिन हो जाएंगे। इन धरनों पर जमा होने वाली भीड़ के कारण पिछली बार की तरह हालात ना बिगड़े, इसके मद्देनजर न सिर्फ पुलिस फोर्स को विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है बल्कि पैरामिलिट्री फोर्स भी बुलाई गई है। इसके चलते अदालत में पेश किए जाने वाले अभियुक्तों का काम काफी हद तक लटका है। यही कारण है अदालत विचाराधीन में मामले प्रभावित हो रहे हैं। केसों में हर रोज सुनवाई के लिए अगली तिथियां निर्धारित की जा रही है। पुलिस कर्मी ड्यूटी में लगे हैं... कोर्ट के विभिन्न अदालतों में करीब 350 मुकदमे हर रोज सुनवाई के लिए लगते हैं। पुलिस सूत्रों की माने इनमें क्रिमिनल और सिविल के मामले होते हैं। सुनवाई के दौरान पुलिस केसों से संबंधित मुल्जिमों को जो जेलों में बंद हैं उन्हें पेशी के लिए लिए लाती है। अदालती कामकाज प्रभावित हैं... इसके अलावा केसों में पुलिस कर्मियों की गवाहियां भी होती हैं। आरक्षण आंदोलन के चलते पुलिस कर्मी ड्यूटी में लगे हैं। एेसे में न तो मुल्जिमों की पेशी अदालत में हो पा रही है और पुलिस कर्मी केसों में गवाहियां देने पहुंच रहे हैं। इसके चलते अदालती कामकाज प्रभावित हैं। यहां तक केसों के निस्तारण भी नहीं हो पा रहे हैं। प्रत्येक अदालतों में विचाराधीन केसों में सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित करने के अलावा काम नहीं पा रहा है। तीन राउंड में 150 मुल्जिम इस तरह पहुंचते हैं कोर्ट... सेंट्रल जेलों में बंद मुल्जिमों को अदालत लाने के लिए तीन राउंड में कोर्ट लाया जाता है। इसके लिए पहले जेल से हर रोज जिन मुल्जिमों की पेश होती है। उनका पूरा चिट्ठा जेल से पुलिस लाइन भेजा जाता है। मुल्जिमों की संख्या के मुताबिक ही फोर्स की तैनाती बक्शी खाने पर तैनाती की जाती है। पुलिस कर्मी पहले प्रोडक्शन वारंट वाले , फिर रुटीन मामलों के उसके बाद एवीडेंस के मुल्जिमों को अदालत लाती है। हार्ड कोर क्रिमिनलों की वीसी से करायी जा रही पेशी... अदालत में विचाराधीन संगीन मामलों में जेल बंद मुल्जिमों को पेशी के लिए नहीं लाया जा रहा है। उनकी पेशी जेलों से वीसी के जरिए करायी जा रही है। जबकि अन्य मुल्जिमानों के पेशी के लिए वारंटों पर तारीखे ली जा रही हैं। बजह पुलिस कर्मियों का अभाव। मुल्जिम व गवाहों के बिनाह पर ही चलती है अदालत... करन सिंह तंवर, अधिवक्ता ने कहा कि अदालती कार्रवाई मुल्जिम और गवाहों की मौजूदगी में ही चलती है। इनमें से कोई एक नहीं है तो अदालती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती है। छोटी अदालतों में मुकदमों और मुल्जिमों संख्या ज्यादा है। इनमें अधिकांश मुल्जिम जमानत पर हैं लेकिन केसों पुलिस कर्मी गवाह उनके न पहुंचने प्रक्रिया वधित है। इसी तरह सेशन कोर्ट में मुल्जिमों की पेशी नहीं हो पा रही और गवाही को भी पुलिस कर्मी नहीं पहुंच रहे। केसों में तारीखे लगना स्वाभाविक है।

  • डीसी ने जाट नेताओं के लिए बुलाया, गिरफ्तारियों के मसले पर होनी है बातचीत
    Last Updated: March 09 2016, 05:03 AM

    हिसार। जाट आरक्षण आंदोलन के बाद गिरफ्तारियों के विरोध में मंगलवार को पूरे दिन भगाना में होने वाली पंचायत तैयारियां चलती रहीं। मगर शाम होते-होते जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेताओं ने जिला प्रशासन द्वारा जाट समुदाय के निर्दोष लड़कों को गिरफ्तार नहीं करने का आश्वासन देने की बात कहते हुए पंचायत को स्थगित करने की घोषणा कर दी। वहीं डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने कहा है कि उन्होंने समिति के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुधवार को अपने कार्यालय में बुलाया है। वहीं, रेलवे ने ट्रैक की सुरक्षा के लिए फोर्स बुला ली थी। जाट आरक्षण आंदोलन के बाद तोड़फोड़ करने के मामले में गिरफ्तारियां होने के विरोध में जाट समाज ने बुधवार को भगाना गांव में पंचायत बुलाई थी। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर सरकार ने बेकसूर युवकों को रिहा नहीं किया तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे। यह पंचायत अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति सांगवान गुट की ओर से बुलाई गई थी।

  • हरियाणा के सीएम को उम्मीद, आज खत्म हो जाएगा जाट आंदोलन
    Last Updated: February 19 2016, 13:29 PM

    चंडीगढ़. ओबीसी कोटे में 10 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन से हरियाणा ठप हो गया है। वहीं, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर को उम्मीद है कि जाट अपना आंदोलन आज वापस ले लेंगे। जाट आंदोलन की वजह से पूरे हरियाणा में बंद चल रहा है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों में कई जगह झड़प हुई है जिसमें कई लोग घायल हुए हैं। वहीं 70 से ज्यादा ट्रेनें रद्द होने से मुसाफिर परेशान हैं। चंडीगढ़ में हुई सर्व दलीय बैठक... आरक्षण मुद्दे पर जाट नेता लामबद्ध हैं। शुक्रवार सुबह 10 बजे चंडीगढ़ में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के निवास पर जाट मंत्री व विधायकों की बंद कमरे में मीटिंग हुई । करीब एक घंटे तक चली इस मीटिंग में वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ व बाढड़ा विधायक सुखविंद्र मांढ़ी शामिल हुए। मीटिंग में जाट आरक्षण को लेकर हुई चर्चा। सांसद राजकुमार सैनी द्वारा दिए जा रहे बयानों पर भी हुई चर्चा। पूरा मामला केंद्रीय नेतृत्व संज्ञान में लाने की हुई बात। उधर, मीटिंग के बाद हरियाणा के कलायत से निर्दलीय विधायक जयप्रकाश ने कहा कि बजट सत्र में एसबीसी के लिए बिल लाया जाएगा। इसके लिए सर्व दलीय बैठक में सहमति बन गई है। - जाट आरक्षण को लेकर सरकार जो भी रास्ता है वो अपनाने को तैयार है। इसके लिए वे विधानसभा में भी प्रस्ताव लाना पड़ा तो वो भी लाया जाएगा। - 31 मार्च तक एक कमेटी जाट आरक्षण पर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के बाद ही सरकार निर्णय लेगी। - आज सर्वदलीय बैठक के बाद कैबिनेट बैठक भी की जाएगी।

  • पटेल आरक्षण : जब तक हार्दिक की रिहाई नहीं होती स्कूल नही जाएंगे बच्चे !
    Last Updated: January 02 2016, 18:34 PM

    मेहसाणा। आरक्षण को लेकर गुजरात में लगातार हो रहे पटेल आंदोलन में नया ट्विस्ट आया है। हार्दिक और पटेल आरक्षण मुद्दे से जुड़े अन्य नेताओं की रिहाई के लिए पटेल समाज ने अपने बच्चों को स्कूल न भेजने की धमकी दी है। मेहसाणा में विसनगर के उमाता, वालमगांव और कान्सा गांव के पटेलों ने इसकी घोषणा की है। यहां 10 प्राइमरी और मिडल स्कूल हैं और पटेल कम्यूनिटी की संख्या ज्यादा है। स्कूलों में अब एक चिंता का विषय यह आंदोलन बना हुआ है। जहां पटेल समुदाय के बच्चे स्कूल छोड़कर चले गए हैं वहीं शिक्षक उनके परिजनों को समझाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

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