• देखिये ट्रेनडिंग न्यूज़ अलर्टस

अब्बास

  • इस एक्टर की फिल्म देखने पहुंचा सिर्फ 1 शख्स, ये हैं बॉलीवुड के फ्लॉप Star Kid
    Last Updated: March 27 2017, 12:49 PM

    मुंबई। बॉलीवुड को अब तक कई हिट फिल्में देने वाली जोड़ी अब्बास-मस्तान की हालिया रिलीज मूवी मशीन बुरी तरह फ्लॉप हो गई। हाल ही में मुंबई के जुहू इलाके में स्थित पीवीआर में सिर्फ एक शख्स इस फिल्म को देखने पहुंचा। बॉलीवुड के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी फिल्म को देखने महज 1 आदमी पहुंचा हो। पीवीआर में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि 25 करोड़ की लागत से बनी इस फिल्म को देखने के लिए सिर्फ एक आदमी ने टिकट खरीदा, इसलिए उस दिन के सभी शो कैंसिल करने पड़े। फिल्म में अब्बास के बेटे मुस्तफा ने किया है काम... इस फिल्म में अब्बास के बेटे मुस्तफा बर्मावाला ने काम किया है। इसके अलावा फिल्म में कियारा आडवाणी, दलीप ताहिल और रोनित रॉय भी हैं। थ्रिलर ड्रामा मूवी के लिए पॉपुलर अब्बास-मस्तान की इस फिल्म में ना तो कहानी में दम है और ना ही सस्पेंस में। अब्बास-मस्तान की जोड़ी ने बाजीगर से खिलाड़ी तक दीं सुपरहिट फिल्में... अपने 27 साल के फिल्मी करियर में 17 से ज्यादा फिल्में बनाने वाली जोड़ी अब्बास-मस्तान ने शाहरुख के साथ बाजीगर बनाई। सही मायनों में इसी फिल्म के बाद शाहरुख का करियर तेजी से आगे बढ़ा। इसके अलावा इस जोड़ी ने अक्षय के साथ खिलाड़ी जैसी सुपरहिट फिल्म बनाई और उन्हें खिलाड़ी नाम दिया। वैसे, बॉलीवुड में ऐसे कई स्टार्स रहे हैं, जिन्होंने अपने दौर में फिल्म इंडस्ट्री में काफी नाम कमाया। इनकी पॉपुलैरिटी का आलम यह था कि फिल्में सिर्फ इनके नाम से चलती थीं। इनमें हेमा मालिनी, मिथुन चक्रवर्ती, फिरोज खान, विनोद खन्ना और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे कई नाम हैं। हालांकि जितनी सक्सेस इन्हें मिली उतनी इनके बच्चों को कभी नहीं मिली। फिर चाहे फिरोज के बेटे फरदीन खान हों या हेमा मालिनी की बेटी ईशा देओल। बॉलीवुड में ऐसे कई एक्टर और एक्ट्रेसेस हैं, जो किसी न किसी नामी स्टार के बच्चे हैं लेकिन इंडस्ट्री में कोई खास मुकाम नहीं बना पाए। इस पैकेज के जरिए हम बता रहे हैं कुछ ऐसे ही स्टार किड्स के बारे में... फरदीन खान पिता - फिरोज खान साल 1998 में फिल्म प्रेम अगन; के जरिए अपना एक्टिंग करियर शुरु करने वाले फरदीन मशहूर फिल्म एक्टर-डायरेक्टर फिरोज खान के बेटे हैं। अपने 12 साल के बॉलीवुड करियर में उन्होंने जंगल;, प्यार तूने क्या किया;, फिदा;, देव; और ऑल द बेस्ट; जैसी हिट फिल्मों में काम किया है, लेकिन उनका करियर कुछ खास नहीं रहा। आगे की स्लाइड्स में जानें, बॉलीवुड के कुछ और Flop स्टार किड्स के बारे में...

  • Politician Marriage: किसी ने फैमिली के खिलाफ, किसी ने भागकर की शादी
    Last Updated: March 19 2017, 08:18 AM

    नवजोत सिंह सिद्धू मंत्री बनने के बावजूद कपिल शर्मा का शो जारी रखेंगे। उनका कहना है कि मैंने सियासत को धंधा नहीं बनाया है, बल्कि मेहनत से पैसे कमाता हूं। दिन में यहां तीन बजे तक काम करूंगा। तीन बजे फ्लाइट से मुंबई जाऊंगा। रात को टीवी शो की शूटिंग पूरी कर सुबह 5 बजे की फ्लाइट पकड़कर 7 बजे चंडीगढ़ पहुंच जाऊंगा। बता दें कि सिद्धू की गिनती उन पॉलिटिशियन्स में की जाती हैं, जिन्होंने लव मैरिज की है। जानते हैं ऐसे राजनेताओं के बारे में, जिन्होंने लव मैरिज की है... नवजोत सिंह सिद्धू और नवजोत कौर सिद्धू को नवजोत कौर से पहली नजर में ही प्यार हो गया था। मगर उन्हें मनाने में उन्हें काफी वक्त लगा। नवतोज जहां से रोज निकलती थीं, वहां एक चिकन की दुकान थी। वो रोज वहां चिकन खाते थे और उनका इंतजार करते रहते थे। वो जैसे ही वहां से अपनी एक सहेली के साथ निकलती थीं, वो उनके पीछे-पीछे चलने लगते थे। पीछे से सिद्धू उन्हें कहते थे हां कर दो, हां कर दो, मगर वो ना, ना कहते हुए आगे निकल जाती थीं। ये सिलसिला काफी दिनों तक चलता रहा, मगर आखिरकार नवजोत कौर ने सिद्धू को हां कर दी। फिर दोनों ने शादी कर ली। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें ऐसे ही सेलेब्स के बारे में...

  • 'मशीन' पर एक्सपर्ट की राय : निराश करती है अब्बास-मस्तान की यह फिल्म
    Last Updated: March 17 2017, 16:07 PM

    मशीन रिलीज हो गई है। इसपर जानी-मानी फिल्म क्रिटिक अनुपमा चोपड़ा से dainikbhaskar.com ने जाना, कैसी है ये फिल्म... कैरेक्टर मुस्तफा बरमावाला - फिल्म में मुस्तफा ने रंश का रोल प्ले किया है। जो कि एक कार ड्राइविंग हीरो है। कियारा आडवाणी - फिल्म में कियारा ने सारा का रोल प्ले किया है। जो कि काफी ब्यूटीफुल और स्टाइलिश होती है। फिल्म में उसके पीछे सारे लड़के दीवाने होते हैं। डायरेक्शन और एडिटिंग फिल्म की शुरुआत एक कॉलेज गर्ल के सीन से होती है। जो एक नन को बड़ी राशि का दान करती है। लड़की का लुक ठीक वैसा होता है जैसे किसी फैशन मैग्जीन के शूट से आई हो। हाई हील्स, शॉर्ट स्कर्ट एंड लिपिस्टिक..। ये इमेजिन करने में थोड़ा मुश्किल हैं लेकिन एक टाइम था जब अब्बास मस्तान बॉलीवुड जॉनर में थे। उन्होंने चीजी थ्रिलर बताया है। देखा जाए तो स्टोरीज ज्यादातर हॉलीवुड से चोरी की होती हैं लेकिन उनमें दोनों भाई इंडियन तड़का लगा देते हैं। अब फिल्म बाजीगर, खिलाड़ी, ऐतराज और रेस को ही देख लीजिए। जिसमें बड़े स्टार्स आपको ब्यूटीफुल कपड़ों में दिखे हैं, अच्छे सॉन्ग हैं और साथ ही एक सॉलिड ट्विस्ट। जिसे देखकर सभी खुश हुए। फिल्म मशीन तीसरे भाई को सामने लाई है। जिनका नाम हुसैन बरमावाला है इन्होंने फिल्म की एडिटिंग की है। जिससे फिल्म का पूरा मैजिक कहीं गुम दिखा है। इसका मतलब ये नहीं कि फिल्म बुरी है। इसमें बिना मतलब का फन है ऐसा कुछ नहीं है जो सेंस में हो। कहानी फिल्म में मुस्तफा बरमावाला ने रंश का रोल प्ले किया है। जो कि अमीर है और कार ड्राइविंग हीरो है। कहानी का कोई सेंस नहीं है। फिल्म की शुरुआत में ही आउट ऑफ कंट्रोल हो जाती है। फिल्म में एक सीन है जहां कॉलेज टीचर रोमियो-जूलियट प्ले के लिए ऑडिशन कराते हैं। इस दौरान रंश सारा को देखता है और कहता है, तुम्हारे होठों की लिपिस्टिक जरूर खराब करूंगा, पर तुम्हारी आंखों का काजल कभी नहीं। फिल्म की एंडिंग स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी और स्टीव जॉब्स के विचारों से हुई है। जैसे कि कहा फिल्म में कुछ भी ऐसा नहीं है जिसका सेंस हो। हालांकि मुस्तफा ने काफी कोशिश की है लेकिन उनकी एक्टिंग स्किल लिमिटेड हैं। जिससे कोई सेंस और इंपेक्ट नहीं दिखा है। फिल्म में दो और नए हीरो हैं। दोनों को इसलिए कास्ट किया गया है क्योंकि वो मुस्तफा से भी गए बीते हैं। फिल्म में कियारा ने सारा का रोल प्ले किया है। जिसके लिए सारे मैन्स में होड़ रहती है। कियारा फिल्म एमएस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी में देखने लायक रही हैं लेकिन इस फिल्म में तो जैसे वो भी बुरी एक्टिंग के ओलंपिक में शामिल रहीं। फिल्म में अब्बास मस्तान ने दिलीप ताहिल और जॉनी लीवर को दिखाया है। फिल्म की ओपनिंग क्रेडिट शाहरुख खान, सलमान खान और प्रियंका चोपड़ा को मिला है। सोचा था वो कहीं दिखेंगे तो थोड़ा अच्छा लगेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रेटिंग मैं फिल्म देखते वक्त बहुत हंसी। लेकिन मशीन ने मुझे निराश भी किया है। मैंने पहले अब्बास मस्तान की कई फिल्में एन्जॉय की हैं। मैं आशा करती हैं कि भाईयों की ये जोड़ी फिर से कुछ अच्छा लेकर आएगी। मैं इस फिल्म को 1 स्टार दे रही हूं।

  • Movie Review : 'मशीन' की न कहानी में दम और ना ही सस्पेंस में
    Last Updated: March 17 2017, 10:07 AM

    क्रिटिक रेटिंग 1/5 स्टार कास्ट मुस्तफा, कियारा आडवाणी, दलीप ताहिल, रोनित रॉय डायरेक्टर अब्बास मस्तान प्रोड्यूसर पेन मूवीज, अब्बास मस्तान प्रोडक्शन म्यूजिक तनिष्क बागची, डॉक्टर ज्यूस जॉनर थ्रिलर ड्रामा अब्बास मस्तान ने अक्षय कुमार और शाहरुख खान जैसे सुपरस्टार्स के साथ काम किया है। हाल ही में उन्होंने कॉमेडियन कपिल शर्मा को लेकर एक कॉमेडी फिल्म भी बनाई है। अब अब्बास ने अपने बेटे मुस्तफा को लेकर फिल्म मशीन बनाई है। कैसी बनी है यह फिल्म, आइए पता करते हैं... कहानी... फिल्म की कहानी हिमाचल प्रदेश के कॉलेज में पढ़ने वाली सारा (कियारा आडवाणी) और रंच (मुस्तफा) की है। दोनों की मुलाक़ात एक रोडसाइड स्टाइल में होती है। उसके बाद आंखें मिलती हैं, प्यार होता है, शादी होती है। हालांकि अब्बास मस्तान की फिल्मों में जो कुछ भी होता है वो सस्पेंस से भरपूर होता है और आगे कहानी में रोनित रॉय और दलीप ताहिल की एंट्री होती है। कुछ खून खराबे तो कुछ मिस्ट्री वाली वारदातों के साथ कहानी में कई मोड़ आते हैं और आखिर में रिजल्ट आता है, जिसे जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी। डायरेक्शन... फिल्म का डायरेक्शन और लोकेशन बेहतरीन हैं, सिनेमेटोग्राफी भी कमाल की है। फिल्म की कहानी काफी पुरानी है, जो 90 के दशक की फिल्मों की याद दिलाती हैं और ख़ास तौर पर अब्बास मस्तान की ही खिलाड़ी और बाजीगर जैसी फिल्मों का सीक्वेंस है। जब एक बार आपने सिमिलर कहानी अक्षय कुमार और शाहरुख खान के साथ देख रखी है तो दुबारा उसे देखना काफी बोरियत से भरा अनुभव लगता है। इतने अच्छे लोकेशन पर कहानी के ऊपर और काम किया जाता तो फिल्म और बेहतर लगती। बड़े-बड़े गाने भी फिल्म का मजा खराब करते हैं। स्टारकास्ट की परफॉर्मेंस... डेब्यू कर रहे मुस्तफा का काम ठीक है लेकिन उन्हें आने वाले प्रोजेक्ट्स पाने के लिए खुद को और तैयार करना पड़ेगा। कियारा आडवाणी का काम सहज है और उनके एक्सप्रेशन देखने लायक हैं। वहीं रोनित रॉय, जॉनी लीवर, दलीप ताहिल और बाकी को-स्टार्स का काम भी अच्छा है। फिल्म का म्यूजिक... फिल्म का म्यूजिक अच्छा है, खासतौर पर तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त बढ़िया लगता है। देखें या नहीं... डायरेक्टर जोड़ी अब्बास-मस्तान के बहुत बड़े दीवाने हैं तो एक बार ट्राय कर सकते हैं।

  • इस DON का ऐसा है जलवा, जेल में बंद होकर भी 5वीं बार बना MLA
    Last Updated: March 15 2017, 09:28 AM

    वाराणसी. मुख्तार अंसारी ने जेल में बंद होने के बावजूद लगातार 5वीं बार विधानसभा चुनाव जीता। पहली बार चुनावी मैदान में उतरे उनके बेटे अब्बास और बड़ा भाई सिबगतुल्ला को भले ही हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मुख्तार फेल नहीं हुए। सबसे ज्यादा क्रिमिनल केस वाले विनर...   - मुख्तार अंसारी ने मऊ की सदर सीट से 96,793 वोट हासिल किए। - उनके अपोनेंट बीजेपी समर्थन वाली भारतीय समाज पार्टी के महेंद्र राजभर को 88,095 वोट मिले। - 2017 के यूपी इलेक्शन्स में 107 विनिंग कैंडिडेट्स पर संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। - क्रिमिनल केस की लिस्ट में टॉप पर मुख्तार अंसारी का नाम है, जिनके खिलाफ 16 केस दर्ज हैं। - बसपा के नेता मुख्तार पर 5 अटैम्प्ट टूर मर्डर और इतने ही मर्डर के आरोप हैं।    इन कारणों से मिली जीत   - रॉबिनहुड की इमेज है, जिसका फायदा इस इलेक्शन में मिला है। - पेयजल समस्या को दूर करने के लिए 500 से ऊपर हैण्डपम्प लगवाए थे। ऐसे गुड वर्क्स ने पे किया। - बुनकर क्षेत्रों में अधिकारियों पर दबाव बनाकर बिजली के ट्रांसफार्मरों को बदलवाया।    इसलिए हार गया बेटा   - मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी के पास भी जीत दर्ज करने का मौका था, लेकिन वो महज 7 हजार वोटों से चूक गए। - घोसी सीट से लड़े अब्बास को 81,295 वोट मिले, वहीं बीजेपी के विनर फागू चौहान 88,298 वोट ले गए। हार के कारण  - बीएसपी ने इकबाल अहमद का टिकट काटकर अब्बास को दिया। इसलिए सुन्नी मुस्लिम वोटर्स दूर हो गए। - डॉन के बेटे की इमेज और साथ में पॉलिटिक्स में एक्सपीरियेंस की कमी दिखी। विरोधियों ने शूटर नाम से नेगेटिव कैंपेनिंग की। - अब्बास का ईगो वाला नेचर भी उनकी हार का कारण है। अब्बास लोगों से मिलनाजुलना पसंद नहीं करते और झुंझलाहट भरे अंदाज में बात करते हैं।  - लापरवाह एटीट्यूड रहा। अपने क्षेत्र में पूरी कैंपेनिंग भी नहीं की। इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। - हिन्दू वोटरों से दूर रहकर मुस्लिम वोटरों को रिझाने में लगे रहे, जिससे 2 लाख 70 हजार के करीब हिंदू वोटर्स को नाराज किया।    बुरी तरह हारे बड़े भईया   - मुख्तार के बड़े भाई सिबगतुल्ला मोहम्मदाबाद सीट से लड़े। - उन्हें बीजेपी की अल्का राय ने 32,727 वोटों से हराया। - अल्का को जहां 1,22,156 वोट मिले, वहीं सिबगतुल्ला कुल 89,429 वोट ही जुटा सके।   आगे की स्लाइड्स में देखें मुख्तार अंसारी की प्रॉपर्टी की डीटेल्स...

  • एक्टिंग के लिए घटाया 50 kg वजन, अब इस फिल्म में आएंगे नजर
    Last Updated: March 04 2017, 08:54 AM

    मुंबई. अब्बास-मस्तान की अपकमिंग फिल्म मशीन का ट्रेलर रिलीज हो गया है। 17 मार्च को रिलीज होने जा रही इस फिल्म से अब्बास बर्मावाला के बेटे मुस्तफा डेब्यू करने जा रहे हैं। भरपूर एक्शन और रोमांस से भरी इस फिल्म के लिए मुस्तफा ने अपना 50 किलो वजन कम किया है। अब वे 70 किलो के हो गए हैं। जानिए, पहले मुस्तफा का वजन कितना था... - एक्टर मुस्तफा बर्मावाला का वजन पहले 120 किलोग्राम के थे और अब वे 70 किलो के हो गए हैं। - 6 साल के कठिन परिश्रम और नियमित दिनचर्या के बलबूते मुस्तफा ने 50 किलो वजन कम कर लिया। - इतने साल में कई घंटे की जिमिंग और डायटिंग के दम पर यह संभव हो पाया। - अपना अनुभव शेयर करते हुए मुस्तफा ने बताया कि अच्छी बॉडी बनाने के लिए इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं था। उन दिनों मैंने यह डिसाइड कर लिया कि अब वजन कम करके ही रहूंगा। इसके लिए मैं हमेशा अपनी डाइट के प्रति सख्त रहने लगा था। - अपने काम पर जाने से पहले मैं खुद डाइट के हिसाब से अपना खाना पकाता था और जहां कहीं भी जाऊं, अपने साथ ही ले जाता था। - मैं खाने में 6-7 चीजें ही लेता था, जिसमें बराबर मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर होता था। 3 बजे सोकर उठते थे - मुस्तफा सुबह 3 बजे ही सोकर उठ जाते थे और शूटिंग पर जाने से पहले ही अपने पूरे काम निपटा लेते थे। - इसके अलावा जब वे ऐसी जगह शूटिंग करने जाते थे जहां कोई जिम की कोई सुविधा नहीं होती थी, तो वे दूसरे तरीकों से जिमिंग करते थे। - एक्टर मुस्तफा के मुताबिक, मेरा सोचना है कि हेल्दी रहना हर किसी के लिए बेहद जरूरी है। यही कारण है कि मैंने वर्कआउट करने के लिए कुछ बिंदु तय कर रखे थे और उसी हिसाब से काम करता था। - अपना वजन कम करने और बॉडी को फिट बनाने के लिए जिमिंग करने वाले एक्टर मुस्तफा ने एक विडियो भी इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। इस वीडियो में बहुत कुछ सिखाने वाला और प्रेरणा देने वाला है। मशीन के बारे में - अपकमिंश मशीन फिल्म में मुस्तफा की लेडी लव का किरदार कियारा आडवाणी ने निभाया है। - कियारा इससे पहले एमएस धोनी में अपनी अदाकारी दिखा चुकी हैं। अब ये जोड़ी निश्चित रूप से एक अलग अंदाज में दिखेगी। - अपकमिंग मूवी में इनके अलावा कार्ला डेनिस और जहां शंकर भी अहम किरदार में हैं। आगे की स्लाइड् में देखिए, मुस्तफा और कियारा के फोटोज....

  • कहीं जेल से डॉन तो कहीं शूटर बेटा है चुनावी मैदान में, ये हैं 6th फेज के 10 चेहरे
    Last Updated: March 03 2017, 18:21 PM

    लखनऊ. यूपी इलेक्शन के छठे फेज के लिए वोटिंग 4 मार्च को होगी। मऊ से डॉन मुख्तार अंसारी और उनका शूटर बेटा अब्बास इस फेज में चुनावी मैदान में हैं। इस फेज में 635 कैंडिडेट्स शामिल हैं, जिनमें से 160 करोड़पति हैं और 126 पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। dainikbhaskar.com इस फेज में कंटेस्ट कर रहे 10 नेताओं के बारे में बता रहा है, जिन पर सभी की निगाहें टिकी हैं। इनमें अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि भी शामिल हैं। आगे क्लिक कर देखिए कौनसे 10 नेता हैं मैदान में...

  • मंत्री नकवी से मिल कमेटी के लोगों ने पांच हजार हाजियों को भेजने की मांग
    Last Updated: March 03 2017, 08:41 AM

    कोटा. राजस्थान के हज आवेदकों का इंतजार 17 मार्च को खत्म हो जाएगा। इस दिन खुशकिस्मत हज आवेदकों के चयन के लिए सचिवालय में लॉटरी निकाली जाएगी। यह घोषणा राज्य हज कमेटी चेयरमैन अमीन पठान ने गुरुवार को केंद्रीय हज कमेटी के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से मुलाकात के बाद की। उन्होंने इस मुलाकात में राजस्थान में लगातार बढ़ रहे हज आवेदकों की संख्या से अवगत कराया और ज्ञापन सौंपकर मांग की कि इस राजस्थान से कम से कम 5 हजार हज यात्रियों को मुबारक सफर पर भेजने की व्यवस्था की जाए। गौरतलब है कि मुस्लिम आबादी के मुताबिक राजस्थान से हज यात्रा का कोटा करीब 3500 है। पठान ने नकवी को बताया- राजस्थान हज कमेटी के इतिहास में पहली बार सबसे ज्यादा 17 हजार 785 फार्म ऑनलाइन व ऑफलाइन भरे गए हैं, इनमें चार साल रिपीटर हाजियों की संख्या 2937 है और ए; केटेगरी के सीनियर सिटीजन 70 साल उम्र वाले 1100 फार्म जमा हुए हैं। पिछले वर्ष कुल 16 हजार 650 आवेदन जमा किए गए थे। उन्होंने बताया कि उनकी मांग पर नकवी ने राजस्थान के हिस्से की सीटें बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

  • यूपी के सीएम में होनी चाहिए तीन खासियत, मैं तीनों में फिट: योगी आदित्यनाथ
    Last Updated: February 28 2017, 14:08 PM

    गोरखपुर. बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ का कहना है कि उनमें यूपी का सीएम बनने के लिए तीन खासियतों की जरूरत है और वो तीनों में फिट हैं। मंगलवार को योगी ने कहा, सीएम स्टेट की सोशल, इकोनॉमिक और कल्चरल विशेषताएं जानने वाला होना चाहिए। उसकी सोच क्रिएटिव होनी चाहिए और लोगों की सिक्युरिटी के साथ स्टेट को डेवलेप करने का जज्बा होना चाहिए। दो देश तोड़ना चाहते हैं, हम उन्हें तोड़ रहे हैं- योगी... - एक न्यूज चैनल पर चल रही देशभक्ति और देशविरोधी बहस में योगी ने कहा, जो लोग देश को तोड़ना चाहते हैं, हम उन्हें तोड़ रहे हैं। इस देश में एक और कश्मीर बनने से रोकना होगा। देश बचाने के लिए स्वार्थ छोड़ना होगा। - कैराना जैसी घटनाओं को रोकना होगा। बीते 15 साल में पश्चिमी यूपी के हालात काफी बिगड़े हैं। अगर हालात नहीं सुधरे तो यहां भी कश्मीर बन जाएगा। - महिला आरक्षण पर बोले, मैं महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हूं। महिलाओं को 33 नहीं, 50 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए। आरक्षण योग्यता के आधार पर दिया जाना चाहिए। हिंदू-मुस्लिम देखकर दी जाती है बिजली - योगी ने कहा, यूपी में बिजली सप्लाई हिंदू-मुस्लिम के आधार पर बिजली बांटी जाती है। हम भेदभाव दूर कर विकास की नीति अपनाएंगे। - मैं चुनाव में हिंदू-मुस्लिम की बात करके वोट नहीं पाना चाहता। हिंदू-मुस्लिम नहीं, जिताऊ कैंडिडेट को टिकट देती है बीजेपी - योगी ने कहा, हिंदू और मुस्लिम के आधार पर हमारी पार्टी टिकट नहीं देती है। बीजेपी ने जिताऊ और टिकाऊ लोगों को टिकट दिया है। - पार्लियामेंट्री बोर्ड की मीटिंग में टिकट बंटवारे पर निर्णय लिया गया। ऐसा नहीं है कि जिन्हें टिकट नहीं मिला, सरकार उनके लिए काम नहीं करेगी। हां, हमारी पार्टी ने पेशेवर अपराधियों को टिकट नहीं दिया है। - सपा-कांग्रेस का अलायंस बेमेल है। इससे बीजेपी के पक्ष में ही लहर पैदा हुई है। सपा-कांग्रेस और बसपा ने यूपी में कोई विकास नहीं किया है। बीजेपी गोरखपुर की सभी पांच सीटें जीतेगी। मुस्लिमों को टिकट न देने पर क्या कहा था नकवी और उमा ने? - बता दें कि मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा था, बेहतर होता कि बीजेपी मुसलमानों को भी टिकट देती। हम सोसाइटी के सभी सेक्शन्स को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। - इससे पहले एक न्यूज चैनल से बातचीत में उमा भारती ने मुसलमानों को टिकट नहीं देने को भूल बताया था। - उन्होंने कहा था, बीजेपी ने यूपी असेंबली इलेक्शन में किसी मुस्लिम कैंडिडेट को नहीं उतारकर बहुत बड़ी भूल की है। - मुझे सच में इस बात का दुख है कि हम किसी मुस्लिम कैंडिडेट को चुनाव मैदान में नहीं उतार सके। राजनाथ ने क्या कहा था? - होम मिनिस्टर और बीजेपी के सीनियर लीडर राजनाथ सिंह ने 22 फरवरी को कहा था, यूपी चुनाव में मुसलमानों को टिकट दिया जाना चाहिए था। - हमने कई राज्यों में माइनॉरिटी को टिकट दिए हैं, यहां (यूपी) भी इस पर बातचीत हुई ही होगी। - मैं वहां नहीं था, मुझे जो बताया गया है, उसके आधार पर कह रहा हूं। हो सकता है, उन्हें (बीजेपी पार्लियामेंट्री कमेटी) को कोई मिला ही न हो। - लेकिन मेरा मानना है कि इसके बावजूद उन्हें (मुसलमानों को) टिकट देना चाहिए था।

  • BJP अगर UP में मुस्लिमों को भी टिकट देती तो बेहतर होता: उमा के बाद नकवी बोले
    Last Updated: February 28 2017, 10:10 AM

    नई दिल्ली. राजनाथ सिंह और उमा भारती के बाद अब मुख्तार अब्बास नकवी ने यूपी असेंबली चुनाव में मुसलमानों को टिकट नहीं देने पर सवाल उठाया है। केंद्रीय मंत्री नकवी ने सोमवार को कहा, बेहतर होता कि बीजेपी मुसलमानों को भी टिकट देती। नकवी का यह बयान तब सामने आया है, जब यूपी में 5 फेज की वोटिंग हो चुकी है और अब सिर्फ 2 फेज बाकी हैं। हमारी सरकार बनी तो इसकी भरपाई करेंगे... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर माइनॉरिटी अफेयर्स नकवी ने यह भी कहा कि, बीजेपी सोसाइटी के सभी सेक्शन्स को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। - राज्य में बीजेपी की सरकार बनी तो मुस्लिम कम्युनिटी के लोगों को इसकी भरपाई की जाएगी। हम उनकी भी चिंताओं को दूर करेंगे। - जहां तक टिकट का सवाल है, तो स्थिति बेहतर हो सकती थी (अगर मुसलमानों को टिकट दिए जाते)। - बता दें कि यूपी असेंबली चुनाव में सातवें फेज की वोटिंग 8 मार्च को होगी। उमा भारती ने इसे भूल बताया है - उमा भारती ने मुस्लिमों को टिकट नहीं देने को भूल बताया है। - वाटर रिसोर्स मिनिस्टर उमा ने कहा था, बीजेपी ने यूपी असेंबली इलेक्शन में किसी मुस्लिम कैंडिडेट को नहीं उतारकर बहुत बड़ी भूल की है। - एक न्यूज चैनल से बातचीत में बीते रविवार को उमा ने कहा था, मुझे सच में इस बात का दुख है कि हम किसी मुस्लिम कैंडिडेट को चुनाव मैदान में नहीं उतार सके। - मैंने इस बारे में अमित शाह और यूपी बीजेपी प्रेसिडेंट केशव प्रसाद मौर्य से बात की थी कि किस तरह एक मुसलमान को असेंबली में लाया जाए। - उमा भारती ने इस मामले में राजनाथ सिंह के बयान को भी सही ठहराया था। राजनाथ ने क्या कहा था? - होम मिनिस्टर और बीजेपी के सीनियर लीडर राजनाथ सिंह ने कहा था, यूपी चुनाव में मुसलमानों को टिकट दिया जाना चाहिए था। - सिंह ने पिछले हफ्ते गुरुवार को एक इंटरव्यू में कहा था, हमने कई राज्यों में माइनॉरिटी को टिकट दिए हैं, यहां (यूपी) भी इस पर बातचीत हुई ही होगी। - मैं वहां नहीं था, मुझे जो बताया गया है, उसके आधार पर कह रहा हूं। हो सकता है, उन्हें (बीजेपी पार्लियामेंट्री कमेटी) को कोई मिला ही न हो। - लेकिन मेरा मानना है कि इसके बावजूद उन्हें (मुसलमानों को) टिकट देना चाहिए था।

  • VIDEO: एक्शन और रोमांस से भरा है 'मशीन' का ट्रेलर
    Last Updated: February 23 2017, 15:58 PM

    मुंबई: अब्बास-मस्तान की अपकमिंग फिल्म मशीन का ट्रेलर रिलीज हो गया है। फिल्म से अब्बास के बेटे मुस्तफा बर्मावाला डेब्यू करने जा रहे हैं। उनकी लेडी लव का किरदार कियारा आडवाणी ने निभाया है। जोड़ी के अलावा कार्ला डेनिस और जहां शंकर भी फिल्म में अहम किरदार निभाएंगे। एक्शन, रोमांस और ट्विस्ट से भरी यह फिल्म 17 मार्च को रिलीज होगी। फोटोज के जरिए ट्रेलर की झलक देखने के लिए आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करें... <a href='http://bollywood.bhaskar.com/news/ENT-BNE-machine-trailer-out-news-hindi-5535818-PHO.html?seq=5'>(5वीं स्लाइड पर देखें वीडियो)</a>

  • 115Yr के शख्स ने डाला वोट, करता है 8Km वॉक,बोला- नेताओं से अच्छे थे डकैत
    Last Updated: February 15 2017, 16:08 PM

    बरेली. मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के 115 वर्षीय नाना सैय्यद जुर्रियत हुसैन काजमी ने बुधवार को अपने मत का प्रयोग किया। खास बात ये है कि आज भी वे बिना चश्मे के न्यूज पेपर पढ़ लेते हैं। इसके अलावा रोजाना 8 किमी टहलना उनकी दिनचर्या में शामिल है। सैय्यद जुर्रियत हुसैन ने कहा- आजकल के नेताओं से ज्यादा सच्चे थे पहले के डकैत... -उन्होंने बताया कि वो 7 बार राष्ट्रपति से सम्मानित हो चुके हैं, लेकिन आजकल के नेताओं और राजनीति से खफा हैं। -अपनी नौकरी के दौरान का एक किस्सा बताते हुए कहा कि एक डकैत को पकड़कर कोर्ट में पेश करने ले जा रहे थे। डकैत की बहन की शादी अगले ही दिन थी। -डकैत ने बहन की शादी की दुहाई दी और शादी के बाद खुद समर्पण करने का वादा किया तो उसे छोड़ दिया। -शादी कराने के बाद डकैत ने खुद आकर गिरफ्तारी दी थी, तब डकैतों पर भी भरोसा किया जा सकता था। -लेकिन आज के नेताओं पर भरोसा करना बेमानी है। ये कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं। ऐसे में आजकल के नेताओं से ज्यादा सच्चे पहले के डकैत थे। -जुर्रियत हुसैन का कहना है कि आज महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी काफी बढ़ गई है। -उस समय 10 रुपए वेतन में आधे से ज्यादा बचा लेते थे। आज महंगाई कमर तोड़ रही है। वेतन पाने वाले भी सुखी नहीं है और बेरोजगारी भी बढ़ गई है। अंग्रेजों की सेना में थे फौजी -उन्होंने बताया कि उनका जन्म मुरादाबाद के कुंदरकी में हुआ था। -साल 1922 में अंग्रेजों की सेना में भर्ती हुए थे। उस समय उनकी सैलरी 10 रुपए थी। -आजदी के बाद यूपी पुलिस में शामिल हो गए। आज 11,025 रुपए पेंशन मिल रहा है। -साल 1970 में रिटायर हो गए। अपने कार्यकाल में कई डकैतों को पकड़ने का श्रेय भी मिला। आगे की स्लाइड्स में देखिए अन्य फोटोज...

  • 25 की उम्र में करोड़पति, ऐसी LIFE जीता है 'DON' का 12वीं पास बेटा
    Last Updated: February 14 2017, 18:45 PM

    मऊ. बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे अब्बास चुनावी पिच पर डेब्यू कर रहे हैं। गत 12 फरवरी को 25वां बर्थडे सेलिब्रेट करते ही अब्बास ने यूपी असेंबली इलेक्शन में मऊ की घोसी सीट से नॉमिनेशन फाइल किया। अब्बास नेशनल लेवल शूटर हैं और गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। वो अपना स्पोर्ट्स करियर दांव पर लगाकर पापा की विरासत संभालने उतरे हैं। dainikbhaskar.com इसी बाहुबली बेटे के बारे में अपने रीडर्स को बता रहा है। 12वीं पास हैं अब्बास, तिजोरी में रखते हैं 10 लाख का गोल्ड... - अब्बास अंसारी ने 4.4 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। - उनकी इनकम का सोर्स सोशल वर्क और शूटिंग स्पोर्ट है। - अब्बास ने महज 12वीं तक की पढ़ाई की है। वे कभी कॉलेज नहीं जा सके। - बिना कोई नौकरी या किसी अन्य बिजनेस के बावजूद अब्बास 25 की उम्र में करोड़पति हैं। - उनकी तिजोरी में 10 लाख रुपए की गोल्ड ज्वैलरी है। - अब्बास के पास 25 लाख रुपए की राइफल-पिस्टल रखते हैं। इसमें 2 शॉर्ट गन, 2 राइफल और 1 पिस्टल शामिल हैं। - डॉन के नाम से पॉपुलर उनके पिता मुख्तार अंसारी खुद 18 करोड़ के मालिक हैं। घर पर रखा है कैश - अब्बास अंसारी आज भी घर पर कैश रखना पसंद रखते हैं। - उनके पास घर में 2 लाख रुपए कैश है। - उनके पास 3 बैंक अकाउंट्स हैं जिनमें क्रमशः 201, 3.5 लाख और 1.22 लाख रुपए का बैलेंस है। फेसबुक पर लिखा - फैमिली इज माई लाइफ - अब्बास अंसारी के भाई का नाम उमर अंसारी है। - फेसबुक पर अब्बास की उनके कजिन्स के साथ भी काफी फोटो हैं। - अब्बास अपनी फैमिली से बहुत प्यार करते हैं। - वो अपनी कजिन बहनों का भी ख्याल रखते हैं। - उनकी कैंपेनिंग में उनके भाई उमर भी हेल्प कर रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखिए यूपी इलेक्शन में कंटेस्ट कर रहे DON के बेटे की तस्वीरें...

  • ‘हुनर हाट’ शुरू, 26 फरवरी तक कनॉट प्लेस में लगेगा क्राफ्ट और फूड मेला
    Last Updated: February 11 2017, 16:41 PM

    नई दिल्ली। देश भर के अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों/शिल्पकारों के हुनर को आगे बढ़ाने और उन्हें देशी-विदेशी मार्कट उपलब्ध कराने के मकसद से दूसरे हुनर हाट; की शुरूआत शनिवार को दिल्ली के दिल कनाट प्लेस में हो गई। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने हुनर हाट; का उद्घाटन किया।हुनर हाट; कुल 130 स्टॉल लगाए गए हैं... -हुनर हाट; 11 से 26 फरवरी तक चलेगा। -हुनर हाट; का आयोजन कनॉट प्लेस में स्टेट इम्पोरिया कॉम्प्लेक्स, बाबा खड़ग सिंह मार्ग पर किया गया है। -हुनर हाट; कुल 130 स्टॉल लगाए गए हैं। यहा कला और शिल्प के साथ ही देश अलग-अलग फूड्स के स्टॉल भी हैं। --हुनर हाट; में करीब 100 शिल्पकार और 30 कुक हिस्सा ले रहे हैं। -यहां आप लखनऊ की अवधी मुगलई से लेकर राजस्थान के दाल बाटी चुरमा, बिहार के लिट्ठी चोखा, गुजरात का ढोकला का स्वाद चख सकते हैं। फोटो - भूपिंदर सिंह।

  • कोई पढ़ाई में अव्वल तो कोई है प्लेयर, ऐसे हैं 8 बाहुबलियों के ये बेटे-बहू
    Last Updated: February 10 2017, 10:03 AM

    लखनऊ. यूपी का चुनावी संग्राम इस बार बाहुबलियों के लिए काफी अहम हो गया है। इसमें बाहुबली के बेटे और बहू मैदान में हैं। उनकी साख दांव पर लगी है। ऐसे एक दो नहीं बल्कि आधा दर्जन से ज्यादा हैं। ये बाहुबली 2017 चुनावों में अपने बच्चों का भविष्य तलाश रहे हैं। इस अगली पीढ़ी में कोई पढ़ाई में अव्वल है तो कोई नेशनल प्लेयर है। dainikbhaskar.com इसी नई पीढ़ी के बारे में बता रहा है।    अब्बास अंसारी (बसपा) सीट - घोसी    - बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी नेशनल लेवल के निशानेबाज हैं।  -अब्बास कहते हैं कि 'मेरे पिता ही मेरे कोच है, मेरे मेंटर और मेरे मनोवैज्ञानिक गाइड है, उनके रहते हुए मुझे कभी किसी विदेशी कोच की जरूरत खेल में नहीं पड़ी।'   बाहुबली पिता-मुख़्तार अंसारी   - क्राइम की दुनि‍या में पहली बार उनका नाम 1988 में आया। - उस समय मंडी परिषद की ठेकेदारी को लेकर उन पर लोकल ठेकेदार सच्चिदानंद राय की हत्या का आरोप लगा।  - इसी दौरान त्रिभुवन सिंह के कांस्टेबल भाई राजेंद्र सिंह की हत्या बनारस में कर दी गई। मामले में मुख्तार का ही नाम सामने आया। क्राइम की दुनि‍या में पहली बार उनका नाम 1988 में आया। - उस समय मंडी परिषद की ठेकेदारी को लेकर उन पर लोकल ठेकेदार सच्चिदानंद राय की हत्या का आरोप लगा।  - इसी दौरान त्रिभुवन सिंह के कांस्टेबल भाई राजेंद्र सिंह की हत्या बनारस में कर दी गई। मामले में मुख्तार का ही नाम सामने आया। - अक्टूबर 2005 में मऊ में हिंसा भड़की। इसके बाद उन पर कई आरोप लगे, जिन्हें खारिज कर दिया गया।  - उसी दौरान उन्होंने गाजीपुर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, तभी से वे जेल में बंद हैं। इनके ऊपर कृष्णानंद राय की हत्या का भी आरोप है।   आगे की स्लाइड्स में देखिए बाहुबली नेताओं की नेक्स्ट जनरेशन...

Flicker