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अभय चौटाला

  • 73 समर्थकों के साथ 4 दिन बाद केस वापस हुआ तो सरकार पर बरसे INLD नेता अभय
    Last Updated: February 27 2017, 16:30 PM

    पानीपत/पटियाला। एसवाईएल की खुदाई के लेकर 23 फरवरी को पंजाब सीमा से गिरफ्तार किए गए इनेलो नेता अभय चौटाला व उनके 73 समर्थकों को सोमवार को पटियाला सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। बता दें कि एसवाईएल की खुदाई को लेकर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अब राजपुरा के एसडीएम की मानें तो इन सबके खिलाफ दर्ज केस को वापस ले लिया गया है। रिहाई के बाद अभय सीधे चंडीगढ़ पहुंचे। अभय बोले-हमने किसी से माफी नहीं मांगी... - पटियाला से चंडीगढ़ पहुंचने के बाद इनेलो नेता अभय चौटाला ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि इनेलो के किसी भी नेता और कार्यकर्ता ने जमानत नहीं ली बल्कि पंजाब सरकार ने उनको रिहा किया है। हमनें किसी से माफी नहीं मांगी है। - उधर राजपुरा के SDM हरप्रीत सिंह ने बताया कि पंजाब पुलिस की तरफ से एक अर्जी उन्हें मिली थी, जिसमें इनेलो कार्यकर्ताओं द्वारा किसी तरह की शांति भंग न होने और किसी तरह का खतरा न होने की बात कही थी और उसी के आधार पर अभय चौटाला और इनेलो कार्यकर्ताओं पर दर्ज केस वापिस लेने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इन मुद्दों पर किया सरकार को विधानसभा में घेरने का ऐलान उन्होंने कहा कि सरकार को विधानसभा में घेरेंगे। हर सवाल का जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे सरकार में बैठे लोग हों या पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सभी ने सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए उन पर तरह-तरह के कटाक्ष किए। - साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुझसे कोई सवाल-जवाब होंगे तो मैं हर बात का प्रॉपर जवाब देने को तैयार हूं। - चौटाला ने कहा कि सरकार को सत्र में घेरेंगे, जिसमें एसवाईएल, जाट आरक्षण आंदोलन, टीचर्स की मांग, जमीन घोटाले और कर्मचारियों की मांगों पर जवाब मांगेंगे। - एसवाईएल पर अगला पड़ाव 15 मार्च को संसद के घेराव करने का है। अगर संसद के घेराव के बाद भी कदम नहीं उठाया तो इससे बड़ी मुहीम चलाई जाएगी। - एसवाईएल पर सीएम का समय नहीं ले पाएं, लेकिन सीएम से इसका जवाब सदन में मांगेंगे और ऐसे सीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए। अब अगर सीएम का समय लेते है तो इनेलो उनके साथ पीएम से मिलने नहीं जाएगी और पीएम इनेलो को 15 मार्च से पहले समय दें। - इसके बाद नेता प्रतिपक्ष ने अपनी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल के विधायकों के साथ बैठक करके सरकार के खिलाफ अगली रणनीति पर विचार किया। ये था 23 फरवरी का पूरा घटनाक्रम - वे हरियाणा की सीमा में लगे तीन नाके तोड़कर पंजाब में प्रवेश कर गए। लेकिन पहले से सील किए गए बॉर्डर को पार नहीं कर सके। - गुस्साए नेताओं कार्यकर्ताओं ने जीटी रोड के डिवाइडर को कस्सी फावड़ों से खोद दिया। इसके बाद अभय कार्यकर्ताओं समेत बेरिकेड्स के पास धरने पर बैठ गए। - पंजाब पुलिस धारा 144 का हवाला देकर रोड खाली करने की बात कहती रही। प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पंजाब पुलिस के एडीजीपी हरदीप ढिल्लों की अगुवाई में इनेलो के करीब 75 नेताओं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। - इसके बाद उन्हें राजपुरा एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया था, जहां उन्होंने जमानत नहीं ली, जिसके बाद उन्हें पटियाला सेंट्रल जेल में 27 फरवरी तक भेज दिया गया था। - अब विधानसभा के सत्र की वजह से उन्होंने जमानत ली है और रिहाई हो सकी है। क्या है सतलुज-यमुना विवाद? - 1966 में पंजाब का बंटवारा करके अलग राज्य हरियाणा बनाया गया। इसके बाद दोनों राज्यों में पानी के बंटवारे को लेकर विवाद शुरू हुआ। - 1976 में केंद्र ने पंजाब के 7.2 एमएएफ यानी (मिलियन एकड़ फीट) पानी में से 3.5 रूप्स हिस्सा हरियाणा को देने की अधिसूचना जारी की गई। - पंजाब से हरियाणा के हिस्से का पानी लाने के लिए सतलुज से यमुना को जोड़ने वाली एक नहर की योजना बनी, इसे ही सतलुज-यमुना लिंक कहते हैं। 1996 में सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला - 1996 में SYL नहर का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब को 2002 और 2004 में निर्देश दिए कि वो अपने हिस्से में नहर का काम पूरा करे। - 12 जुलाई 2004 को पंजाब विधानसभा ने एक बिल पास किया, जिसमें पंजाब के पानी को लेकर पुराने सभी समझौतों को रद्द कर दिया गया। - 2004 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी अंतर-राज्यीय समझौते समाप्त कर दिए। बादल ने 11 मार्च 2016 को अधिगृहीत 5326 एकड़ जमीन वापस करने संबंधी बिल विधानसभा में पास कर दिया। रातोंरात नहर पाट दी गई। - सुप्रीम कोर्ट ने 17 मार्च 2016 को नहर विवाद में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए। कोर्ट ने केंद्रीय गृह सचिव, पंजाब के मुख्य सचिव और पंजाब पुलिस के डीसीपी को ज्वाइंट रिसीवर नियुक्त किया था। - पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि तीनों अफसर संयुक्त न्यायिक रिसीवर होंगे, जो नहर क्षेत्र के कस्टोडियन होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? - हाल ही में इनेलो के आंदोलन से एक दिन पहले 22 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार से कहा कि सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद को और ज्यादा लंबित नहीं रखा जा सकता। - SC ने कहा, हर हाल में नहर का निर्माण होना ही चाहिए। पानी कितना है और कहां से आएगा, ये बाद में तय किया जाएगा। सभी फोटोः राजेश कश्यप, अम्बाला आगे की स्लाइड्स में जानें गिरफ्तार किया गया कौन इनेलो वर्कर कहां का है...

  • रिहा हुए इनेलो नेता, अभय चौटाला बोले, ना माफी मांगी और ना ही जमानत कराई
    Last Updated: February 27 2017, 14:32 PM

    पटियाला। एसवाईएल नहर खुदाई मामले में गिरफ्तार किए गए इनेलो नेताओं को 4 दिन बाद सोमवार को पटियाला जेल से रिहा कर दिया गया। विपक्ष के नेता अभय चौटाला ने यहां मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्होंने ना तो जमानत करवाई और ना ही पंजाब सरकार से किसी तरह की कोई माफी मांगी। पढ़ें पूरी खबर... -जबकि अब तक जितने भी आंदोलन हुए हैं उनमें भाजपा कांग्रेस के लोग माफी मांग कर ही जेलों से बाहर आए हैं। -उन्होंने कहा कि इनेलो एसवाईएल के मुद्दे को तब तक नहीं छोड़ेगी जब तक कि हरियाणा को उसका हक नहीं मिल जाता है। -इस कड़ी में अब 15 मार्च को संसद का घेराव किया जाएगा। -पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्ष के नेता अभय चौटाला ने आरोप लगाया की इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस दोनों बेनकाब हो गए हैं। -पर बोले हम हरियाणा के हितों के लिए पंजाब की सीमा पर नहर खोदने जा रहे थे लेकिन हरियाणा की भाजपा सरकार ने उन्हें वहां जाने से रोकने की कोशिश की। -कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर राजनीति करने के सिवाय कोई काम नहीं किया -इससे पहले इनेलो के तमाम नेताओं को पटियाला जेल से सुबह रिहा किया गया। -पंजाब पुलिस ने अपनी बसों में बैठाकर पहले उन्हें मोहाली तक छोड़ा। -शेर देश भगत यूनिवर्सिटी की बसों के माध्यम से सेक्टर 3 स्थित इनेलो कार्यालय तक पहुंचाया गया। खट्टर के साथ अब प्रधानमंत्री से नहीं मिलेगी इनेलोः -विपक्ष के नेता अभय चौटाला ने कहा कि एसवाईएल के मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मिलने के लिए अब वे हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर के साथ नहीं जाएंगे। -बल्कि इसके लिए प्रधानमंत्री से अलग मिलने का टाइम मांगा जाएगा। -उन्होंने कहा कि सीएम मनोहर लाल खट्टर हरियाणा के हितों की रक्षा करने में कामयाब नहीं रहे हैं। कोर्ट के बहाने एसवाईएल मुद्दे को टाल रही है भाजपाः -इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि कोर्ट के बहाने भाजपा जानबूझकर एसवाईएल के मुद्दे को टाल रही है। -उन्होंने कहा कि अगर यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है तो मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने क्यों तो सर्वदलीय मीटिंग बुलाई और क्यों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए समय मांगा? -इतना ही नहीं ऑल पार्टी डेलीगेशन लेकर सीएम फिर राष्ट्रपति से मिलने क्यों गए? -भाजपा को राजनीति छोड़ कर केंद्र पर दवा बनाने के लिए इन दलों का साथ देना चाहिए।

  • SYL विवादः 27 फरवरी तक पटियाला सेंट्रल जेल भेजे गए अभय और 72 कार्यकर्ता
    Last Updated: February 24 2017, 10:55 AM

    अम्बाला। एसवाईएल की खुदाई के लिए गुरुवार को पंजाब सीमा में घुसे इनेलो नेता अभय चौटाला व 72 कार्यकर्ताओं को रात 10 बजे राजपुरा एसडीएम हरप्रीत सिंह सूदन की कोर्ट में पेश किया गया। जमानत न देने पर सभी को 27 फरवरी तक पटियाला सेंट्रल जेल भेज दिया गया। इन्होंने दी है गिरफ्तारी... - प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, सांसद चरणजीत रोडी, राज्यसभा सांसद राजकुमार कश्यप और 18 विधायक शामिल हैं। - अभय चौटाला समेत कुल 73 लोगों पर माहौल बिगाड़ने के आरोप में धारा 107, 151 के तहत और 7 लोगों पर धारा 144 का उल्लंघन के आरोप में धारा 188 के तहत केस दर्ज हुआ। 23 फरवरी को ये रहा पूरा घटनाक्रम - इनेलो की जल युद्ध रैली में करीब एक बजे रैली में पहुंचे विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने कार्यकर्ताओं से एसवाईएल से पानी लाने का आह्वान किया। इसके बाद अभय के साथ पार्टी नेता कार्यकर्ता करीब 2 बजे पंजाब की तरफ बढ़े। - वे हरियाणा की सीमा में लगे तीन नाके तोड़कर पंजाब में प्रवेश कर गए। लेकिन पहले से सील किए गए बॉर्डर को पार नहीं कर सके। - गुस्साए नेताओं कार्यकर्ताओं ने जीटी रोड के डिवाइडर को कस्सी फावड़ों से खोद दिया। इसके बाद अभय कार्यकर्ताओं समेत बेरिकेड्स के पास धरने पर बैठ गए। - पंजाब पुलिस धारा 144 का हवाला देकर रोड खाली करने की बात कहती रही। प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पंजाब पुलिस के एडीजीपी हरदीप ढिल्लों की अगुवाई में इनेलो के करीब 73 नेताओं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। क्या है सतलुज-यमुना विवाद? - 1966 में पंजाब का बंटवारा करके अलग राज्य हरियाणा बनाया गया। इसके बाद दोनों राज्यों में पानी के बंटवारे को लेकर विवाद शुरू हुआ। - 1976 में केंद्र ने पंजाब के 7.2 एमएएफ यानी (मिलियन एकड़ फीट) पानी में से 3.5 रूप्स हिस्सा हरियाणा को देने की अधिसूचना जारी की गई। - पंजाब से हरियाणा के हिस्से का पानी लाने के लिए सतलुज से यमुना को जोड़ने वाली एक नहर की योजना बनी, इसे ही सतलुज-यमुना लिंक कहते हैं। 1996 में सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला - 1996 में SYL नहर का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब को 2002 और 2004 में निर्देश दिए कि वो अपने हिस्से में नहर का काम पूरा करे। - 12 जुलाई 2004 को पंजाब विधानसभा ने एक बिल पास किया, जिसमें पंजाब के पानी को लेकर पुराने सभी समझौतों को रद्द कर दिया गया। - 2004 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी अंतर-राज्यीय समझौते समाप्त कर दिए। बादल ने 11 मार्च 2016 को अधिगृहीत 5326 एकड़ जमीन वापस करने संबंधी बिल विधानसभा में पास कर दिया। रातोंरात नहर पाट दी गई। - सुप्रीम कोर्ट ने 17 मार्च 2016 को नहर विवाद में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए। कोर्ट ने केंद्रीय गृह सचिव, पंजाब के मुख्य सचिव और पंजाब पुलिस के डीसीपी को ज्वाइंट रिसीवर नियुक्त किया था। - सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि तीनों अफसर संयुक्त न्यायिक रिसीवर होंगे, जो नहर क्षेत्र के कस्टोडियन होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? - बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार से कहा कि सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद को और ज्यादा लंबित नहीं रखा जा सकता। - SC ने कहा, हर हाल में नहर का निर्माण होना ही चाहिए। पानी कितना है और कहां से आएगा, ये बाद में तय किया जाएगा। सभी फोटोः राजेश कश्यप, अम्बाला आगे की स्लाइड्स में देखें अन्य फोटो....

  • नहर खोदना तो बहाना है, लक्ष्य केवल फोटो खिंचवाना है: विज अभय का जवाब- बयानबाजी छोड़ खुदाई को आगे आएं मंत्री
    Last Updated: February 21 2017, 04:24 AM

    सिरसा/अम्बाला. पंजाब में इनेलो के एसवाईएल नहर खोदने के कार्यक्रम को लेकर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और विपक्ष के नेता अभय चौटाला में जुबानी जंग तेज हो गई है। विज ने इनेलो के कार्यक्रम को महज राजनीतिक स्टंट बताया तो अभय ने मंत्री से नहर खुदाई में सहयोग करने अपील कर डाली। स्वास्थ्य मंत्री ने सोमवार को कहा कि इनेलो का नहर खुदाई का तो बहाना है, लेकिन लक्ष्य केवल फोटो खिंचवाना; है। पंजाब में अकाली और हरियाणा में इनेलो एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, इसलिए वे एक फिक्स मैच खेल रहे हैं। इनेलो नोटंकी कर रहा है। पहले से निर्धारित है कि किस व्यक्ति ने कस्सी चलानी है, किसने डंडे मारने हैं, किसने लाल रंग लगाना है और किसने फोटो खींचनी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि इनेलो तब तक खुदाई करे जब तक प्रदेश को पानी नहीं मिल जाता। यदि वे एसवाईएल का पानी लाने में सफल होते हैं तो वे स्वयं जाकर उनके गले में माला डालेंगे। हमारी सरकार द्वारा की गई मामले की पैरवी से ही सर्वोच्च न्यायालय ने प्रदेश के हक में फैसला दिया है, जबकि इनेलो इसमें मात्र राजनीति जमीन तलाशने का प्रयास कर रहा है। अभय ने विज के जवाब में कहा कि बेशक पंजाब सरकार सेना को तलब कर ले, लेकिन इनेलो 23 फरवरी को नहर की खुदाई करेगा। किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेगा। अभय सिरसा में अपने आवास पर सोमवार को कार्यकर्ताओं की मीटिंग के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। अभय ने कहा कि सरकार के मंत्री सुर्खियों में रहने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। विज को अगर हरियाणा के हितों की चिंता है तो वे बयानबाजी छोड़कर एसवाईएल नहर खुदाई के लिए आगे आएं। इधर, पूर्व सीएम हुड्डा ने इनेलो से कांग्रेस के साथ मिलकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की अपील की है। 23 की रैली के लिए कंडीशनल मंजूरी : डीसी ने लगाईं 13 शर्तें इनेलो की 23 फरवरी को एसवाईएल पर सिटी की नई मंडी में होने वाली रैली को कंडीशनल मंजूरी मिली है। इससे पहले जिला प्रशासन ने इनेलो नेताओं को को सेक्टर-8 स्थित हुडा मैदान या फिर नन्यौला की अनाज मंडी में रैली करने की अपील की थी, लेकिन इनेलो सब्जी मंडी पर ही अड़ी हुई थी। डीसी प्रभजोत सिंह ने इनेलो के जिला अध्यक्ष शीशपाल जंधेड़ी को 13 शर्तों पर रैली की मंजूरी दी। रैली में कोई लाठी या हथियार लेकर नहीं आएगा। कोई वाहन जीटी रोड पर खड़ा नहीं होगा। एनएच पर लगी रेलिंग को नुकसान नहीं होना चाहिए। रैली स्थल पर कोई नुकसान नहीं होगा, के साथ अन्य शर्तें रखी गई हैं। शीशपाल ने कहा कि रैली को अभय चौटाला संबोधित करेंगे। इसके बाद पंजाब में घग्गर सराय की तरफ कूच करेंगे, जहां एसवाईएल की खुदाई की जाएगी। पंजाब में इनेलो के प्रवेश को लेकर जीटी रोड पर खोद दिए गड्ढे अम्बाला में इनेलो के 23 फरवरी को पंजाब में एसवाईएल खोदने को लेकर अम्बाला-राजपुरा हाइवे पर डिवाइडर के बीच में गड्ढे खोद दिए गए। यही नहीं एक लंबी चौड़ी दीवार भी खड़ी कर दी। हालांकि यातायात प्रभावित नहीं हुआ है, लेकिन इनेलो इसे पंजाब की सोची-समझी साजिश बता रही है। हाइवे पर इस तरह की गतिविधि देखते ही पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचा। फिलहाल प्रशासन ने गड्ढा बंद करवा दिया है, लेकिन दीवार नहीं ढहाई गई। हालांकि पता नहीं चल पाया कि यह काम किसने किया, इसे लेकर पुलिस की जांच जारी है। पूरे प्रदेश से इनेलो कार्यकर्ता अम्बाला सब्जी मंडी में इकट्ठा होंगे। फिर वहां से घग्गर सराय पहुंचेंगे। वहां पहुंचकर एसवाईएल को खोदने का कार्यक्रम है। मगर इस पर पंजाब के तेवर साफ नहीं हैं।

  • समाज को समर्थन तो उसी दिन से है जब चौधरी देवीलाल के परिवार में पैदा हुआ था : अभय
    Last Updated: February 08 2017, 06:24 AM

    हांसी रामायण रेलवे ट्रैक पर चल रहे धरने के दसवें दिन समर्थन देने पहुंचे इनेलो नेता व नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने लोगों को यह अहसास कराने का प्रयास किया कि जाट समुदाय के असली हिमायती वही हैं। उन्होंने कहा कि वह यहां समर्थन देने के लिए नहीं आए हैं। उनका समाज को समर्थन उसी दिन प्राप्त हो गया था, जिस दिन उन्होंने चौधरी देवी लाल परिवार में जन्म लिया। उनके निशाने पर विरोधी दलों के जाट नेता ही रहे। कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर उन्होंने सबसे अधिक निशाना साधा। भाजपा के कैप्टन अभिमन्यु, ओम प्रकाश धनखड़ और सुभाष बराला को भी कठघरे में खड़ा किया। चौटाला ने संबोधन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि दस साल राज किया और जाते-जाते पांच जातियों को आधा-अधूरा आरक्षण दे गए। मगर दस्तावेज पूरे नहीं किए। हमने कई बार कहा कि विधानसभा के पटल पर रखो, लेकिन उन्हें पांच जातियों के वोट बटोरने की चिंता थी। वही हुआ, जिसके बारे में कहा जा रहा था। दस्तावेज पूरे न होने पर मामला सुप्रीम कोर्ट में फंस गया। उन्होंने कहा कि हुड्डा अब भी अखबारों में बयान छपवाने के अलावा कुछ नहीं कर रहे। जाट का खून है, समाज के हिमायती हैं और लोगों से सहानुभूति है तो आप लोगों के बीच आकर समर्थन दें। उन्होंने कहा कि विधानसभा में उन्होंने बात रखी तो कैप्टन अभिमन्यु, ओम प्रकाश धनखड़ और सुभाष बराला उनकी तरफ देखने लगे। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में गूंगे-बहरे लोग बैठे हैं। आप लोग इकट्ठे होकर उन्हें बैठने के लिए नहीं, बल्कि सोचने के लिए मजबूर करें। धरने पर संख्या को लगातार बढ़ाते जाओगे तो जीत हासिल होगी। अभय चौटाला ने कहा कि आंदोलन के चलते सरकार लोगों को डराने के प्रयास कर रही है। बात करते हैं कि जाट अकड़ दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि जाटों की सारी जमीनें तो पिछली सरकार ने ले ली। मौजूदा सरकार में नौकरी नहीं मिल रही। जाटों के पास सिर्फ अकड़ ही बची है। पहले देश, फिर प्रदेश, तब कौम इनेलो नेता चौटाला ने कहा कि दसवां हिस्सा जनता फौज में है। देश की रखवाली में जी-जान से जुटे हैं। उनके लिए देश पहले है। फिर प्रदेश है और इसके बाद कौम है। उन्होंने कहा कि कौम के हितों को नजरअंदाज करने वाले कभी सफल नहीं होते। अंत में उनका बुरा ही होता है। दो घंटे इंतजार, भीड़ बनाए रखने को करनी पड़ी मशक्कत हांसी में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के रामायण में रेलवे ट्रैक के पास धरने पर बैठे लोगों को नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने जमकर इंतजार कराया। धरना शाम 4 बजे समाप्त हो जाता है। इसे देखते हुए चौटाला ने तीन बजे पहुंचने का समय दिया। धरने पर बैठे व अन्य लोगों को उनके आगमन का समय ढाई बजे बताया गया। मगर अभय चौटाला पांच बजे के बाद पहुंचे। करीब चार बजे तक लोग चुपचाप बैठे रहे और मंच पर वक्ताओं की बात सुनते रहे। साढ़े चार बजे के आसपास उनका धैर्य जवाब देने लगा। लोग उठ-उठकर जाने लगे। लोगों को जाते देख समिति व जाट नेताओं के होश उड़ने लगे। लोगों को फिर से फिर बिठाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पांच-पांच मिनट का समय मांग कर बिठाए रखने का प्रयास किया। समिति नेताओं की इज्जत की दुहाई दी। मगर काफी लोग तब तक धरनास्थल छोड़कर जा चुके थे। चौटाला के आने के बाद पंडाल में भीड़ फिर से जुटी तो समिति नेताओं की जान में जान आई। दरअसल, अभय चौटाला के साथ और उनके आगमन के मद्देनजर पहुंचे लोगों ने धरनास्थल पर कम हुई भीड़ की कमी को पूरा कर दिया। अभय चौटाला के पहुंचते ही आयोजकों ने बिना किसी इंतजार के उन्हें माइक थमा दिया। पांच बजकर सात मिनट पर चौटाला ने बोलना शुरू किया। सबसे पहले देरी से आने के लिए माफी मांगी। कहा कि दिल्ली से चंडीगढ़ जाना पड़ा, यहां आते हुए कैथल में धरने पर रुका। वहां लोगों ने रोक लिया, इसलिए यहां पहुंचने में देरी हो गई। चौटाला के आने से पहले मंच से विचार रखने वालों को थोड़ा-थोड़ा समय दिया गया, ताकि सभी वक्ताओं को अपनी बात रखने का अवसर मिल सके। बीच-बीच में महिलाएं गीतों के माध्यम से अपनी बात रखती रहीं। अभय चौटाला 2 घंटे लेट हुए तो स्थिति ऐसी पैदा हो गई कि आयोजकों को नेताओं को बोलने के लिए फिर बुलाना पड़ा। लोग धरनास्थल से उठकर जाने लगे को सुरेश कोथ ने तीसरी बार मंच संभाला। माइक से बोले कि चौटाला साहब बस पहुंचने वाले हैं। मगर धरनास्थल छोड़ने वाले कई लोग नहीं रुके। इसे देखते हुए उन्होंने समिति नेताओं की इज्जत की दुहाई दी। बोले-धरनास्थल पर भीड़ ही नहीं होगी तो समिति के प्रदेश महासचिव महेंद्र सिंह पूनिया, प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक और जिला प्रधान कृष्ण किरमारा किस तरह गर्दन ऊंची करके नेताओं से बात करेंगे। भीड़ ही नहीं होगी तो कोई समर्थन देने के लिए क्यों आएगा। उन्होंने एकता पर जोर दिया और कहा कि यही वक्त है आपसी एकजुटता दिखाने का। घर में काम सभी को हैं, पांच-दस मिनट में फर्क नहीं पड़ता। पांच-पांच इंतजार की बात कहते हुए कोथ और किरमारा ने लोगों के तीस मिनट ले लिए। अभय पहुंचे तो उनके चेहरे खिले दिखाई दिए। आगे की स्लाइड्स में देखें, फोटोज

  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी अपने हक का पानी नहीं ले पा रहे मुख्यमंत्री : अभय चौटाला
    Last Updated: February 04 2017, 06:51 AM

    गुड़गांव। हरियाणा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी अपने हक का पानी नहीं ले पा रहा है। एसवाईएल का पानी छीनने से मिलेगा कि बातों से। भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर सबसे कमजोर मुख्यमंत्री हैं। यह बात शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष ऐलनाबाद विधायक अभय सिंह चौटाला ने कही। वे हेलीमंडी में एसवाईएल मुद्दे को लेकर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एसवाईएल के पानी पर हरियाणा का अधिकार है, लेकिन अब अधिकार आसानी से नहीं मिले तो उन्हें छीना जाता है और अब वह समय गया है जब हमें अपनी लड़ाई तेज कर पानी हरियाणा में लाना है। एसवाईएल का फायदा दक्षिण हरियाणा को ज्यादा मिलना है, ऐसे में आप लोगों को ही ठोस फैसला लेना होगा। प्रधानमंत्रीनहीं दे रहे हैं हमें मिलने का समय उन्होंनेकहा कि बीते 2 माह से ज्यादा समय से हम प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय मांग रहे हैं, लेकिन वो समय नहीं दे रहे हैं, जबकि राष्ट्रपति ने उनको मिलने के लिए बुला लिया। सोहना | इनेलोविधायक अभय सिंह चौटाला शुक्रवार दोपहर सोहना आए और क्षेत्र के लोगों को अपने साथ 23 फरवरी को एसवाईएल नहर की खुदाई के लिए अंबाला के इस्लामपुर गांव चलने का न्यौता दिया। चौटाला ने सोहना में कपड़ा कारोबारी दीपक सिंगला और गल्ला व्यापारी राकेश सिंगला पर गोली चलाए जाने वाले बदमाशों अभी तक नहीं पकड़े जाने चिंता जताई। उन्होंने पटौदी के मंदपुरा में बदमाशों के एक फार्म हाउस में घुसकर लूटपाट करने और 2 महिलाओं के साथ गैंगरेप मामले को लेकर प्रशासन और सरकार की निंदा की।

  • एसवाईएल के मुद्दे पर भाजपा के साथ कांग्रेस भी कर रही राजनीति: चौटाला
    Last Updated: January 21 2017, 06:23 AM

    गुड़गांव. इनेलो नेता अभय चौटाला ने एसवाईएल मसले पर भाजपा के साथ कांग्रेस की भी खिंचाई की। शुक्रवार को इनेलो के जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में चौटाला ने कहा कि इस मुद्दे पर दोनों पार्टी केवल वोट की राजनीति कर रही है, जबकि इनेलो जमीन पर लड़ाई लड़ रही है। चौटाला ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत हरियाणा की जनता को एसवाईएल के पानी से वंचित रखना चाहती है, लेकिन इनेलो इस षड्यंत्र को सफल नहीं होने देगी और इनेलो कार्यकर्ता आगामी 23 फरवरी को इस्माईलपुर पहुंचकर एसएवाईएल की खुदाई करके पानी हरियाणा में लाएंगे। उन्होंने कहा कि एसवाईएल मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा की नियत साफ नहीं है। प्रधानमंत्री भी एसवाईएल के मुद्दे पर बात नहीं करना चाहते। इससे स्पष्ट है कि भाजपा नहीं चाहती कि हरियाणा के हिस्से का पानी उसको मिले। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने अब तक केवल 3 ही योजनाएं प्रदेश में बनाई हैं। पहली योजना प्रदेश को बांटने की, जोकि जाट आरक्षण आंदोलन की आड़ चलाई गई, लेकिन प्रदेश के लोग आपसी भाईचारा पसंद करते हैं और उन्होंने भाजपा को इस योजना में सफल नहीं होने दिया। दूसरी योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा के नाम पर किसानों को लूटने की बनाई। इसके तहत बड़े-बड़े उद्योगपतियों अंबानी जैसों को लाभ पहुंचाया गया। तीसरी योजना किसानों को धान व बाजरे की खरीद में लूटने की बनाई। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि एसवाईएल नहर की खुदाई के साथ-साथ कांग्रेस तथा भाजपा की जड़ें खोखली करने का काम करेंगे। इस अवसर पर इनेलो के वरिष्ठ नेता एंव पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल हो गई है और भाजपा ने लोगों से किया कोई भी वायदा अभी तक नहीं निभाया जिसके चलते सरकार के प्रति समाज के हर वर्ग में भारी रोष और गुस्सा है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हरियाणा के पक्ष में आने के बावजूद अभी तक नहर का निर्माण न होना न सिर्फ सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना है बल्कि यह भी दर्शाता है कि कांग्रेस व भाजपा इस मुद्दे पर गम्भीर नहीं है और केवल एसवाईएल पर राजनीति कर रही है। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अंतराम तंवर, जिलाध्यक्ष एंव पूर्व विधायक गंगाराम, जिला प्रधान महासचिव रमेश दहिया, हल्काध्यक्ष शमशेर कटारिया, शैलेश खटाणा चैयरमैन, रीशिराज राणा, महेश चौहान, शशी धारीवाल, राजेन्द्र धनखड़ उपस्थिति थे।

  • अभय बोले; गोदारा पर नहीं, चौटाला परिवार पर हमला, कांडा और बराड़ पर जताया शक
    Last Updated: January 15 2017, 06:59 AM

    सिरसा . इनेलो नेता प्रदीप गोदारा के किन्नू प्लांट में दोहरे हत्याकांड को लेकर जहां पुलिस ने दावा किया कि वह खुलासे के करीब पहुंच गई है, वहीं विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला ने पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा और चंद सिंह बराड़ के परिवार पर शक जाहिर किया है। उनका कहना है कि यह प्रदीप गोदारा पर नहीं, चौटाला परिवार पर हमला है। घटना से करीब दस मिनट पहले ही उनके छोटे बेटे अर्जुन चौटाला किन्नू प्लांट से निकले थे। यह प्लांट चौटाला परिवार का वह स्थान है, जहां उनके दोनों बच्चों के अलावा दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला अक्सर ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हैं। इस प्लांट में बुधवार रात को कार में सवार होकर आए बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग करते हुए दो जमींदार सतबीर बिश्नोई और अमित सहारण की हत्या कर दी थी। अभय ने शुक्रवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया कि हमलावरों के निशाने पर प्रदीप गोदारा थे। सौभाग्य से गोदारा कुछ मिनट पहले वहां से निकल गए। चिंतनीय पहलू यह है कि हमलावर जाते वक्त कहकर गए हैं कि अभी तो कुछ नहीं हुआ, आगे भी ऐसी घटनाएं होंगी। अभय चौटाला ने बताया कि कुछ साल पूर्व डबवाली क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ता चंदसिंह बराड़ की किसी ने हत्या कर दी थी। उस मामले में बराड़ परिवार ने प्रदीप गोदारा पर भी केस दर्ज करवाया था। अदालत ने जब गोदारा को क्लीन चिट दे दी तो बराड़ परिवार के निशाने पर प्रदीप गोदारा आ गया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गोपाल कांडा जब गृह राज्यमंत्री थे, तब मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सिरसा आगमन पर इनेलो ने सिरसा बंद का ऐलान कर रखा था। इसी दौरान गोपाल कांडा और प्रदीप गोदारा के बीच झड़प हुई थी। इस झड़प की विडियो क्लिपिंग में गोपाल यह कहता नजर आता है कि मैं तुझे देख लूंगा। संदेह है कि धनबल पर वह ऐसी कार्रवाई करवा सकता है। ऐसे में दोनों पक्षों से पुलिस को पूछताछ करनी चाहिए। कमियां जान लेने वाले पर अभय खुद हमला करवाते हैं: गोपाल पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा ने अभय चौटाला के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अभय सिंह की कमियां जान जाता है, अभय खुद ही मरवाने की कोशिश करता है। अभय ने मुझे भी मरवाने की कोशिश की थी। जहां तक चंद सिंह बराड़ मामले की बात है तो वह खुद बीजेपी सरकार से मांग करते हैं कि इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। एसपी सतेंद्र गुप्ता का दावा : खुलासा करने के करीब पहुंच चुकी है पुलिस गोपाल कांडा और बराड़ परिवार पर इनेलो नेता अभय चौटाला के आरोप को लेकर एसपी सतेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि वे सिर्फ तफ्तीश के बारे में ही बता सकते हैं। जांच सही दिशा में बढ़ रही है। मामले का जल्द खुलासा होगाा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि हमलवारों ने बिलकुल नजदीक से गोलियां चलाईं। सतबीर बिश्नोई और अमित सहारण को दो दर्जन से ज्यादा गोलियां मारी गई। कई सीने से पार हो गईं। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर दीपक के अनुसार सतबीर को डेढ़ दर्जन दर्जन से अधिक गोलियां लगी हुई थी। उसके शव से केवल चार गोलियां निकाली गई जबकि 8 से 10 आरपार थी। पैर से लेकर सिर तक उसका शरीर गोलियों से छलनी था। सबसे अधिक सीने और पेट पर गोलियां लगी हुई थी। पैर और कूल्हे से एक-एक और सीने से दो गोलियां निकाली गई है। डॉ. जगदीप अग्रवाल के अनुसार अमित के शव से एक गोली निकाली गई। शव छलनी था। सीने से 7 से 8 गोलियां आर पार हुईं। बराड़ के भाइयों को दो माह से तलाश रही पुलिस यूथ कांग्रेस नेता व प्रोपर्टी डीलर चंद सिंह बराड़ की 29 अप्रैल 2006 में हत्या हो गई थी। जिसमें इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला का नाम आया था लेकिन तफ्तीश में निकल गया जबकि अभय के नजदीकी विनोद अरोड़ा व प्रदीप गोदारा को कोर्ट ने बरी किया था। चंद सिंह बराड़ के बाद उनके छोटे भाई दारा सिंह व जग्गा सिंह बराड़ हैं। लेकिन करीब दो माह पहले दोनों अलग अलग मामलों में फायरिंग का केस दर्ज हो जाने से गायब चल रहे हैं। पुलिस पहले से ही उनकी तलाश कर रही है।

  • चौटाला-कलमाड़ी को IOA लाइफटाइम प्रेसिडेंट बनाने का फैसला रद्द, एसोसिएशन के प्रेसिडेंट बोले- ऐसा प्रस्ताव ही नहीं था
    Last Updated: January 10 2017, 12:13 PM

    नई दिल्ली. इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (आईओए) के लाइफ टाइम प्रेसिडेंट बनाए गए सुरेश कलमाड़ी और अभय चौटाला का अप्वाइंटमेंट रद्द कर दिया गया है। मामले पर विवाद बढ़ने के बाद आईओए ने यह फैसला किया है। आईओए के प्रेसिडेंट एन. रामचंद्रन ने कहा है कि चेन्नई में हुई एजीएम में कलमाड़ी और चौटाला को आईओए का लाइफटाइम प्रेसिडेंट बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं था। बता दें कि दोनों पर करप्शन और क्राइम के आरोप हैं। सरकार ने फैसला वापस लेने तक IOA को सस्पेंड कर दिया था... - कलमाड़ी और चौटाला को यह जिम्मेदारी सौंपे जाने पर सरकार ने ओलिंपिक एसोसिएशन को 28 दिसंबर को शो-कॉज नोटिस जारी किया था। - तय वक्त में जवाब न दे पाने के बाद आईओए ने सरकार से 15 दिन का वक्त मांगा था। उसका कहना था कि एसोसिएशन के प्रेसिडेंट एन. रामचंद्रन अभी देश से बाहर हैं। - इस पर स्पोर्ट्स मिनिस्टर विजय गोयल ने कहा था, सरकार गलत चीजों का समर्थन नहीं कर सकती। - सरकार के नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया गया, बल्कि 15 दिन का वक्त और मांगा गया। इसलिए सरकार ने फैसला लिया है कि जब तक इन अप्वाइंटमेंट्स (कलमाड़ी और चौटाला) को वापस नहीं लिया जाता, तब तक एसोसिएशन सस्पेंड रहेगा। कलमाड़ी ने ठुकराई थी प्रेसिडेंट पोस्ट - कलमाड़ी पर कॉमनवेल्थ गेम में घोटाले का अारोप है। उन्होंने इस मामले में विवाद बढ़ने के बाद यह आईओए का लाइफटाइम प्रेसिडेंट बनने से मना कर दिया था। - आईओए को भेजे लेटर में उन्होंने लिखा था, मुझे आजीवन अध्यक्ष बनाकर यह सम्मान देने के लिए मैं आईओए काे धन्यवाद देता हूं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस वक्त मुझे यह सम्मान स्वीकार करना चाहिए। मुझे भरोसा है कि मेरा नाम भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त हो जाएगा और तब तक के लिए मैं यह सम्मान स्वीकार नहीं करूंगा। - हालांकि, उस वक्त चौटाला ने अड़े रहे थे अौर उन्होंने यह पद नहीं छोड़ा था। IOC के पास पहुंच गया था मामला - विवाद बढ़ने के बाद यह मामला इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (आईओसी) के सामने पहुंचा था। - इसके बाद आईओसी ने कहा था कि वह इस मामले को देखेगी। चौटाला ने गोयल पर कसा था तंज - हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल के नेता अभय चौटाला ने स्पोर्ट्स मिनिस्टर विजय गोयल पर तंज कसा था। - कहा था- मैं विजय गोयल के बयान से हैरान हूं। उनका दावा है कि मेरे खिलाफ करप्शन के आरोप और क्रिमिनल केस चल रहे हैं। - मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि मेरे खिलाफ पॉलिटिकल केस हैं। गोयल वैसे भी स्पोर्ट्स मिनिस्टर के तौर पर नाकामयाब साबित हुए हैं।

  • इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन को लगा बड़ा झटका, सरकार ने निलंबित की मान्यता
    Last Updated: December 31 2016, 12:26 PM

    स्पोर्ट्स डेस्क. सरकार ने सुरेश कलमाडी और अभय चौटाला को भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) का लाइफ टाइम प्रेसीडेट बनाए जाने के विवादास्पद मामले में कड़ा कदम उठाते हुए उसकी मान्यता को निलंबित कर दिया। निलंबन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि आईओए अपना फैसला नहीं बदलता। सरकार ने इस मामले में 28 दिसंबर को आईओए को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। ईओए को जवाब न देना पड़ा भारी... - आईओए ने इस नोटिस का जवाब देने के लिए 15 जनवरी 2017 तक का समय मांगा, लेकिन सरकार राजी नहीं हुई और उसने आईओए की मान्यता को निलंबित कर दिया। -केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने कहा, आईओए के ये फैसले नैतिकता के खिलाफ थे, इसलिए हमने यह कदम उठाया है।; - सरकार के इस फैसले के बाद अब भारतीय ओलिंपिक संघ राष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (एनओसी) के रूप में सरकार से मिलने वाली तमाम सुविधाओं से वंचित हो जाएगा। कलमाडी-चौटाला पर भ्रष्टाचार के आरोप - सरकार का कहना है कि कलमाडी और चौटाला दोनों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और वह उन्हें आजीवन अध्यक्ष बनाने के खिलाफ है। - आईओए ने 27 दिसंबर को चेन्नई में अपनी वार्षिक आम बैठक में कलमाडी और चौटाला को आजीवन अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया था। - सरकार ने इसके अगले दिन 28 दिसंबर को आईओए को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। नरेंद्र ध्रुव बत्रा ने दिया इस्तीफा - सुरेश कलमाडी और अभय चौटाला को अध्यक्ष बनाए जाने पर अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष नरेन्द्र ध्रुव बत्रा ने आईओए के सह उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। - बत्रा ने एक बयान जारी कर कहा, मैं आईओए की आम सभा में दो आजीवन अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले का समर्थन नहीं करता हूं। हालांकि मैं एक आजीवन अध्यक्ष को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने आईओए के प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

  • CWG स्कैम के आरोपी सुरेश कलमाड़ी इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन के आजीवन संरक्षक बनाए गए; सरकार बोली- ये नामंजूर
    Last Updated: December 28 2016, 11:09 AM

    नई दिल्ली. कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले के आरोपी सुरेश कलमाड़ी को इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) का आजीवन संरक्षक बनाया गया है। उनके अलावा, हरियाणा के नेता अभय चौटाला को IOA का प्रेसिडेंट बनाया गया है। मंगलवार को चेन्नई में IOA की एजीएम में यह फैसला हुआ। कलमाड़ी 2010 के कॉमनवेल्थ घोटाले में आरोपी हैं और 10 महीने जेल में रह चुके हैं। स्पोर्ट्स मिनिस्टर विजय गोयल ने इस फैसले को नामंजूर कर दिया है। क्या है मामला... - मंगलवार को IOA की चेन्नई में मीटिंग हुई। इसके 150 मेंबर्स ने कलमाड़ी को आजीवन संरक्षक और चौटाला को प्रेसिडेंट बनाने के फैसले पर मुहर लगाई। - कलमाड़ी 1996 से 2011 तक IOA के प्रेसिडेंट रह चुके हैं। 2010 में हुए कॉमनवेल्थ खेलों में घोटाले के आरोप में उन्हें 10 महीने के लिए जेल भेजा गया था। इसके बाद उन्हें बेल मिल गई थी। - 72 साल के कलमाड़ी कांग्रेस के सांसद भी रह चुके हैं। वो 2000 से 2013 तक यानी 13 साल एशियन एथेलेटिक्स एसोसिएशन के भी प्रेसिडेंट रह चुके हैं। पिछले साल ही उन्हें एशियन एथेलेटिक्स एसोसिएशन का लाइफ टाइम प्रेसिडेंट बनाया गया था। - कलमाड़ी पर आरोप है कि उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान एक स्विस फर्म को टाइमिंग इक्युपमेंट के लिए 141 करोड़ के ठेके दिए थे। इस मामले में उनके साथ ललित भनोट और वीके. वर्मा के नाम भी सामने आए थे। इन दोनों को भी गिरफ्तार किया गया था। - चौटाला को नवंबर में हरियाणा ओलिंपिक एसोसिएशन का चीफ बनाया गया था। उनके खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति का केस चल रहा है। सरकार ने क्या कहा? - कलमाड़ी और चौटाला के अप्वॉइंटमेंट पर यूनियन स्पोर्ट्स मिनिस्टर विजय गोयल ने कहा- मैं हैरान हूं। इस बारे में रिपोर्ट तलब करूंगा। इन दोनों पर करप्शन के आरोप हैं।

  • दलित साथ दें, सत्ता में आने पर सभी मांगें मानेंगे: अभय
    Last Updated: December 12 2016, 04:34 AM

    कैथल . प्रदेश के तीनों मुख्य राजनीतिक दल दलित वोट बैंक को साधने जुटे हैं। कांग्रेस और भाजपा पहले ही आम्बेडकर जयंती के बहाने रैलियां कर चुकी हैं। अब रविवार को इनेलो ने प्रदेशस्तरीय दलित चेतना सम्मेलन किया। रैली में प्रतिपक्ष नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि प्रदेश के 20 प्रतिशत दलित इनेलो को मजबूत करने का काम करें। सत्ता में आने पर दलितों की सभी मांगों को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का 20 प्रतिशत दलित एकत्रित होकर इनेलो का सहयोग करे। सत्ता में आने पर उन्हें पूरा हक दिलाया जाएगा। प्रदेश के सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा और बैक लॉक की सभी सीटें भरी जाएंगी। बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान में समानता के दिए गए संदेश पर चलते हुए इनेलो अनुसूचित जाति के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि चौ. देवीलाल ने जो नीतियां बनाई थीं, उसको कांग्रेस और भाजपा ने अपने सत्ताकाल में सिरे से नकारा है। इनेलो ने उन्हीं नीतियों को फिर से बुलंद करते हुए हाल ही में डा. भीमराव आम्बेडकर के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर सद्भावना सम्मेलन किए। अब कैथल में प्रदेशस्तरीय दलित सम्मेलन किया। इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा व पूर्व संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी का फैसला भारत के लोगों पर थोपकर आम आदमी का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इनेलो एससी सैल के प्रदेशाध्यक्ष बलदेव वाल्मीकि ने मांगपत्र अभय को सौंपा है।

  • सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर की वीडियो दिखा अभय बोले- ऐसे कैसे खत्म होगा कालाधन
    Last Updated: November 21 2016, 05:58 AM

    सिरसा. नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने रविवार को अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर मोबाइल से हरियाणा के सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर की वीडियो क्लिपिंग दिखाई। अभय बोले- ऐसे कैसे कालाधन खत्म होगा, जब मंत्री ही कालाधन वालों का उत्साहवर्धन करते हैं। सिर्फ एक मिनट की वीडियो क्लिपिंग में मनीष ग्रोवर बोल रहे हैं कि कालेधन वालों को डरने की जरूरत नहीं है। हमारे साथ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बैठे हैं, घबराने की बात नहीं है। अभय के साथ इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, एमपी चरणजीत सिंह रोड़ी, फतेहाबाद के विधायक बलवान सिंह दौलपुरिया और पूर्व मंत्री भागी राम भी थे। वीडियो क्लिपिंग दिखाने के बाद इनेलो विधायक अभय चौटाला ने कहा कि जब भाजपा सरकार के मंत्री ही ऐसी बयानबाजी सरेआम कर रहे हैं तो कालाधन कैसे खत्म होगा। वहीं, इनेलो प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के साथ इनेलो ने अपने सियासी रिश्ते तोड़ दिए हैं। क्लिप से तथ्यों के साथ खिलवाड़ कर रहे: सहकारिता राज्य मंत्री अभय जिस भाषण की बात कर रहे हैं तो पहले उस पूरे भाषण की क्लिपिंग को सुन लें। हम काले धन वालों के खिलाफ हैं, इस तरह की क्लिप दिखाकर तथ्यों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी देशभर में काले धन के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। इस अभियान से हर देशवासी खुश है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी अधिकारियों को निर्देश दे रखे हैं कि जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। 30 दिसंबर तक हर आमजन के पुराने नोटों को बदला जाएगा। -मनीष ग्रोवर, सहकारिता राज्य मंत्री।

  • धान खरीद में नमी के नाम पर लूटे जा रहे किसान : अभय चौटाला
    Last Updated: October 10 2016, 05:32 AM

    हिसार | इनेलो विधायकों व नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने चौधरी अभय सिंह चौटाला व प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा के नेतृत्व में सीएम मनोहर लाल खट्टर से दिल्ली में मुलाकात कर धान में नमी के नाम पर एमएसपी पर 75 रुपए प्रति क्विंटल तक कट लगाने के निर्णय को गलत बताया। अभय चौटाला ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से किसानों को लूटा जा रहा है। यह लूट तुरंत बंद होनी चाहिए, यदि ऐसा नहीं हुआ तो इनेलो प्रदेश स्तर पर कार्यक्रम चलाएगी। ज्ञापन में इनेलो ने मांग की कि मापदंडों में ढील देकर 22 प्रतिशत तक नमी वाला धान एमएसपी पर खरीदा जाना चाहिए। धान खरीद में बोगस बिलिंग व फर्जी गेटपास घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। अभय ने कहा कि किसानों से काटी गर्ई रकम उन्हें वापस दिलाई जाए।

  • ढींगरा आयोग बनाकर सरकार ने वाड्रा को बचाने का काम किया : अभय
    Last Updated: July 12 2016, 04:52 AM

    सोहना। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. अभय चौटाला ने कहा कि ढींगरा आयोग बनाकर प्रदेश सरकार ने रार्बट वाड्रा को बचाने का काम किया है। इस आयोग का गठन पूरी तरह से गलत तरीके से किया है। सोमवार को अभय चौटाला सोहना के गांव रिठौज में आयोजित सद्भावना सम्मेलन में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने इस कार्यकाल में कोई विकास कार्य नहीं किया है। आज सरकार से हर वर्ग दुखी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुड्डा पर लगाया दंगा भड़काने का आरोप उन्होंने जाट आरक्षण को लेकर भाजपा व कांग्रेस को आड़े हाथ लिया व सीधे तौर पर दंगा भड़काने का आरोप पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुड्डा पर लगाया। चौटाला ने कहा कि 1990 में जब उप प्रधानमंत्री देवीलाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री हुकुम सिंह से गरीब लोगों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की बात कही व जस्टिस गुरुनाम आयोग का गठन किया। करीब दस जातियों को आरक्षण की श्रेणी में रखा गया, लेकिन आज आरक्षण के नाम पर बीजेपी ने हरियाणा के भाईचारे को खत्म करने का प्रयास किया है। इसको लेकर इनेलो हरियाणा में बाबा साहब अंबेडकर की 125 वीं जयंती को लेकर सद्भावना सम्मेलन कर रही है, ताकि हरियाणा में भाईचारा दोबारा कायम हो सके। इस मौके पर पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपी चंद गहलोत, पलवल के पूर्व विधायक सुभाष चौधरी, पूर्व सोहना मार्केट कमेटी के चेयरमैन शैलेश खटाना, मोहन सैनी, राव मान सिंह आदि मौजूद रहे।

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