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अभिमन्यु सिंह

  • HC की बढ़ी खबरें: 63 अपराधों में लिप्त दबंग के जेल से बाहर होने पर कोर्ट ने लगाई फटकार
    Last Updated: March 10 2017, 21:07 PM

    इलाहाबाद. हाईकोर्ट ने एक के बाद एक 63 अपराधों में शामिल जालौन के दबंग अभिमन्यु सिंह को हत्या केस में गिरफ्तार करने के बजाए बचाने के प्रयास पर पुलिस को कड़ी फटकार लगायी है। कोर्ट ने 20 मार्च को डीआईजी को कोर्ट में हाजिर रहने का निर्देश देते हुए इस दौरान कृत कार्यवाही का हलफनामा मांगा है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डी.बी.भोसले तथा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खण्डपीठ ने विवेक कुमार की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि एक अपराध के बाद दूसरा अपराध करने वाले की जमानत निरस्त कराने का पर्याप्त आधार हैै। कोर्ट ने पूछा है कि 11 हत्या सहित 63 अपराधों में शामिल अभिमन्यु सिंह की जमानत निरस्त करने की अर्जी क्यों नहीं दी गयी। कोर्ट ने याची को भी आपराधिक मामले में पुलिस के समक्ष पेश होकर बयान दर्ज कराने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि जब अपराधी जेल से बाहर है तो उसके खिलाफ गवाही कैसे हो सकेगी। यही वजह है कि 11 मामलों में वह बरी हो चुका है। 1. पुलिस की निगरानी में होंगी 16 मार्च के एग्जाम इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हड़ताली कर्मचारियों व उनके समर्थकों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह 16 मार्च से होने वाली परीक्षा को शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मुहैया कराये और किसी भी हड़ताली कर्मचारी को विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश न करने दे। कानून हाथ में लेने वालों को सख्ती से निपटा जाए। वह हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन सहित अनुशासनिक कार्यवाही करे। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 27 मार्च नियत करते हुए जिलाधिकारी, एसएसपी व विश्वविद्यालय प्रशासन से उठाये गये कदमों सहित आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने बी.ए. के दो छात्रों निखिल कुमार सिंह व अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका में 16 मार्च से होने वाले परीक्षा को शान्तिपूर्ण ढंग से कराने तथा कक्षा चलने में व्यवधान डालने वाले हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गयी है। याची का कहना है कि छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित कुमार मिश्र कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। कुलपति के तबादले की मांग में दो हफ्ते से हड़ताल चल रही है जिसके चलते छात्रों को परीक्षा प्रवेश पत्र जारी नहीं हो पा रहा है। कोर्ट ने विश्वविद्यालय की स्थिति को अफसोसजनक माना और कहा कि हड़ताली कर्मचारियों व छात्रसंघ अध्यक्ष की उचित मांग पूरी की जानी चाहिए किन्तु इसका मतलब यह नहीं है कि कर्मचारी विश्वविद्यालय की पढायी एवं परीक्षा के अधिकार को विधि विरुद्ध गतिविधियों से बाधित करे। 2. हाईकोर्ट ने पूछा, शराब की दुकान पर पुलिस का छापा कैसे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झांसी के गढ़मऊ मुहल्ले में शराब की दुकान पर बड़गांव थाना पुलिस द्वारा छापा मारने की वैधता के खिलाफ याचिका पर एक्साइज विभाग व गृह विभाग के प्रमुख सचिव से जवाबी हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि किस कानून के तहत शराब की दुकान पर पुलिस को छापा डालने का अधिकार है। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र ने विष्णुकांत शर्मा व श्रीमती सुषमा राय की याचिका पर दिया है। याची की दुकान पर पुलिस इंस्पेक्टर ने छापा डाला और अवैध शराब के साथ शराब बनाने की सामग्री बरामद की। पुलिस ने अवैध शराब बेचने व धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की। जिलाधिकारी ने याची को कारण बताओ नोटिस दी और लाइसेंस निरस्त कर दिया। अपील रिवीजन भी खारिज हो गयी तो यह याचिका दाखिल की गयी है। याची का कहना है कि एक्साइज एक्ट की धारा 48 के तहत सीओ रैंक का अधिकारी विभागीय अधिकारियों के साथ छापा डाल सकता है। ऐसा न कर पूरी कार्यवाही अवैध है। 3.अल्पसंख्यक संस्थानों को झटका, विशेष अपील खारिज इलाहाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट से अल्पसंख्यक संस्थानों को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने एकलपीठ के फैसले के खिलाफ विशेष अपील खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति वी.के.शुक्ला तथा न्यायमूर्ति अशोक कुमार की खण्डपीठ ने एकलपीठ के आदेश के खिलाफ विशेष अपील खारिज करते हुए दिया है। कोर्ट ने एकलपीठ के फैसले को बरकरार रखा है। एकलपीठ ने अल्पसंख्यक कालेजों को तकनीकी प्रशिक्षण कोर्स में 50 फीसदी सीटें अपनी मर्जी तथा शेष 50 फीसदी केन्द्रीय काउंसिलिंग से भरने का निर्देश दिया था। साथ ही 90 दिनों में गलत प्रवेश लिये छात्रों की जमा फीस मय ब्याज के साथ लौटाने का निर्देश दिया था। संस्थानों का कहना था कि अल्पसंख्यक संस्थाओं को अपनी मर्जी से छात्रों का प्रवेश लेने व प्रबंधन का अधिकार है। शिक्षा अधिकारी उसके संवैधानिक अधिकारांे में हस्तक्षेप कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि सरकारी सहायता ले रहे कालेजों को शिक्षा गुणवत्ता के नियम मानने होंगे।

  • HC NEWS: प्रदेश में अपराधियों की खैर नहीं, अतीक के बाद हाईकोर्ट में जालौन के अभिमन्यु का मामला
    Last Updated: March 03 2017, 21:34 PM

    इलाहाबाद. प्रदेश में अब अपराधियों की खैर नहीं है। पूर्व सांसद अतीक अहमद को जेल भेजने के बाद हाईकोर्ट ने जालौन के अभिमन्यु सिंह उर्फ डंपल की गिरफ्तारी न होने पर एसपी जालौन से पूछा है कि दर्जनों आपराधिक मामलों में संलिप्तता के बावजूद उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही है। यही नहीं, हाईकोर्ट ने जालौन के एसपी को निर्देश दिया है कि अपराधों में जमानत पर छूटे अभिमन्यु सिंह की जमानत निरस्त करने के लिए संबंधित अदालतों में अर्जी दाखिल की जाए। हाईकोर्ट ने एसपी को आदेश दिया है कि अभिमन्यु की जमानत निरस्त करने की अर्जी दाखिल कर 10 मार्च को हलफनामे के साथ कोर्ट को अवगत कराया जाए। कोर्ट का कहना था कि एक के बाद एक अपराध करने वाले बदमाशों के खिलाफ उनकी जमानत निरस्त कराने की कार्रवाई जरूरी हो गई है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले एवं न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने जालौन के ब्लाक नदी गांव निवासी विवेक कुमार की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता अजय सेंगर का कहना था कि अभिमन्यु सिंह के खिलाफ छोटे बडे़ कुल 64 आपराधिक मामले दर्ज है। इनमें आधा दर्जन हत्या, डकैती, लूट सहित तीन दर्जन संगीन अपराध शामिल हैं। अभिमन्यु पर रासुका व गैगस्टर एक्ट भी लग चुका है। याचिका में कहा गया है कि 2013 में हाईकोर्ट से हत्या के प्रयास के मामले में उसकी जमानत मंजूर हुई। वह जमानत पर इस शर्त के साथ रिहा है कि किसी अन्य अपराध में संलिप्त नहीं होगा। आरोप है कि इसके बाद उसके खिलाफ 2015 व 2016 में हत्या व हत्या के प्रयास के मुकदमे नदी गांव जालौन थानों में दर्ज हुए हैं। पुलिस इन मामलों की अब तक विवेचना ही कर रही है लेकिन ब्लाक प्रमुख रह चुके अभिमन्यु को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेेते हुए एसपी जालौन को सख्त निर्देश दिया है। 2. ऋण वसूली अधिकार खरीद पर स्टैम्प का मुद्दा पूर्ण पीठ सुनेगी इलाहाबाद हाईकोर्ट की पूर्णपीठ इस मुद्दे की सुनवाई कर रही है कि यदि एक बैंक दूसरे बैंक को अपना ऋण वसूली अधिकार बेच देता है तो उस पर किस दर से स्टैम्प शुल्क लगेगा। कोटक महिन्द्रा बैंक ने सौ रूपये के स्टैम्प पर ऋण वसूली का अधिकार खरीदा है। स्टैम्प विभाग ने यह कहते हुए आपत्ति की है कि इस खरीद डीड पर बैनामे के लिए निर्धारित स्टैम्प फीस लगेगे। इसी मुददे को 1992 के बाद पहली बार सीसीआरए ने हाईकोर्ट को संदर्भित किया है। याचिका की सुनवाई 31 मार्च को होगी। न्यायमूर्ति भारती सपू्र, न्यायमूर्ति सुनीत कुमार तथा न्यायमूर्ति एसडी सिंह की पूर्णपीठ के समक्ष ऋण वसूली अधिकार की खरीद पर लगने वाले स्टैम्प शुल्क पर फैसला सुनाना है। राज्य सरकार के अधिवक्ता का कहना है कि बैंक अपना ऋण वसूली अधिकार देते समय बंधक भूमि या सम्पत्ति का पूरा अधिकार सौंप देता है। यदि क्रेता बैंक चाहे तो बंधक जमीन ऋण के बदले ले सकता है। ऐसे में बिना स्टैम्प शुल्क दिए उस बैंक को जमीन का स्वामित्व प्राप्त हो जायेगा। अधिकार के साथ अचल सम्पत्ति का संबद्ध होने के कारण ऐसा बिक्रीनामा, बैनामा माना जायेगा और ऋण वसूली अधिकार की डीड पर बैनामे के लिए निर्धारित स्टैम्प लगेगा। जब कि बैंक का कहना है कि उसने केवल ऋण वसूली अधिकार खरीदा है। किसी अचल सम्पत्ति का बैनामा नहीं लिया है। इसलिए 100 रुपए का स्टैम्प पर्याप्त है।

  • स्टेज के पीछे ऐसी होती है मॉडल्स की LIFE, फोटोग्राफर ने यूं दिखाई सच्चाई
    Last Updated: October 11 2016, 00:34 AM

    जयपुर. ग्लैमर की चमक-दमक और लगातार फ्लैश मारते कैमरे। एक प्रोफेशनल मॉडल की यही लाइफ होती है। कुछ महीने पहले जयपुर में भी कुछ ऐसा ही देखने के लिए मिला। जब इंडिया इंटरनेशनल स्टाइल वीक में देश-दुनिया की कई बड़ी मॉडल्स पहुंची। इस इवेंट में फोटोग्राफर अभिमन्यु सिंह राठौर भी पहुंचे। उन्होंने अपने कैमरे में इस इवेंट का एक दूसरा पहलू कैद किया। जिसमें मॉडल्स की बैकस्टेज लाइफ को दिखाया गया है। स्टेज के पीछे कैसी होती है लाइफ... - इस फैशन शो में मॉडल्स के साथ कई बॉलीवुड स्टार भी पहुंचे थे। जिसमें सोहा अली खान, मंदना करीमी भी शामिल थीं। - ये फैशन शो जयपुर के जवाहर सर्किल स्थित द ललित होटल में आयोजित किया गया था। - शो में एक तरफ डिजाइनर गजल मिश्रा और डिजाइनर शिविना अगनानी ने अपना कलेक्शन शो केस किया। - वहीं अभिमन्यु स्टेज के पीछे मॉडल्स के हार्ड वर्क को कैमरे में कैद कर रहे थे। - उन्होंने दिखाया की किस तरह मॉडल्स बैकस्टेज तैयार होती हैं। साथ ही दिखाया की स्टेज पर जाने की जल्दी में कैसे ये मॉडल्स अपने सारे काम करते हैं। कौन हैं अभिमन्यु सिंह राठौर - अभिमन्यु का जन्म राजस्थान जयपुर में हुआ। जिसके बाद वे गुजरात रहने चले गए। वे कई सालों से फोटोग्राफी कर रहे हैं। - वे एक प्रोफेशनल फैशन फोटोग्राफर हैं। जो इस्ताइलिस्टा नाम का ब्लॉग भी चलाते हैं। आगे की स्लाइड्स में देखिए स्टेज के पीछे कैसी होती है मॉडल्स की लाइफ। सभी फोटोज- अभिमन्यु सिंह राठौर

  • बचपन में मछली पकड़ते थे ये एक्टर, अमिताभ बच्चन के साथ कर चुके हैं काम
    Last Updated: August 15 2016, 13:48 PM

    पटना. फिल्म गुलाल और अक्स फेम अभिमन्यु सिंह को बचपन में पटना की गलियों में घूमना, मछली पकड़ना और नदियों में स्विमिंग करना पसंद था। वे अमिताभ बच्चन और मनोज वाजपेयी जैसे स्टार के साथ स्क्रीन शेयर कर चुके हैं। अभिमन्यु बॉलीवुड के साथ-साथ साउथ की फिल्मों में भी सक्रिय हैं। साथ ही, इन्होंने कई सीरियल्स में भी काम किया है। वाइफ न होती तो छूट जाता एक्टिंग... - अभिमन्यु पटना के लोहानीपुर के रहनेवाले हैं। यहां उनका बचपन गुजरा है। - बचपन में उन्हें दोस्तों के साथ मस्ती करना ज्यादा पसंद था। अभिमन्यु एक अफसर बनना चाहते थे। - एक इंटरव्यू के मुताबिक, वे एक बेहतरीन क्रिकेट प्लेयर भी थे, लेकिन उन्होंने कभी क्रिकेट को अपना फ्यूचर बनाने का नहीं सोचा। (चर्चा में क्यों : अभिमन्यु की नई मूवी मॉम आ रही है जो एक थ्रिलर मूवी है। फिल्म में वे श्रीदेवी के साथ स्क्रीन शेयर करते दिखेंगे।) ऐसे पहुंचे मुंबई - अभिमन्यु ने कॉलेज की पढ़ाई के लिए दिल्ली में एडमिशन लिया। यहीं से उन्होंने थिएटर करना शुरू कर दिया। - वे शेक्सपियर सोसाइटी जाना चाहते थे जहां के हेड महमूद फारुखी थे। महमूद ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया था। - इसके बाद पॉकेट मनी के लिए अभिमन्यु मॉडलिंग करने लगे। इस दौरान उन्हें दिल्ली छोड़ना पड़ा और वे मुंबई में रहने लगे। - अभिमन्यु मुंबई में ही एक अंश नाम के थिएटर से जुड़े थे। यहां उनके प्ले को एक दिन मनोज वाजपेयी ने देखा। - इसके बाद मनोज ने राकेश ओमप्रकाश मेहरा से फिल्म अक्स के लिए बात की। - जब अभिमन्यु राकेश मेहरा से मिले तो उन्होंने कहा था मुंबई इज वेटिंग फॉर यू। बॉलीवुड के अलावा साउथ की फिल्मों में भी सक्रिय - अभिमन्यु गुलाल और अक्स के साथ-साथ ढोल, लक्ष्य जन्नत जैसी कई हिंदी फिल्मों में काम कर चुके हैं। - बॉलीवुड के अलावा वे 20 से ज्यादा साउथ की फिल्मों में भी काम किया है। - गुलाल फिल्म अभिमन्यु के लिए टर्निंग प्वाइंट रहा। - एक फैक्ट ये है कि अभिमन्यु ने अधिकतर फिल्मों में नेगेटिव करेक्टर प्ले किया है। - अभिमन्यु ने सोनी टीवी पर ये नजदीकियां, कुसुम, स्टार प्लस पर कहीं किसी रोज जैसे सीरियल्स में भी काम किया है। करियर के लिए वाइफ को देते हैं क्रेडिट - अभिमन्यु के मुताबिक, उनकी लाइफ में एक समय ऐसा आया जब वे खाली थे। - इस दौरान उन्होंने काफी मुसीबतें झेलीं। इस दौरान उनकी वाइफ सरगम (उस वक्त गर्लफ्रेंड) ने काफी इन्स्पायर किया। - बाद में दोनों ने 2006 में शादी की। दोनों का एक बेटा भी है। रियल लाइफ में ऐसे हैं अभिमन्यु - अभिमन्यु काफी शर्मीले स्वभाव के हैं। इस कारण वे ज्यादा किसी से बातचीत नहीं करते। - अभिमन्यु के दादा का घर जहानाबाद के दाउदपुर में हैं। जबकि उनके पिता चंद्रशेखर सिंह और मां शांति सिंह पटना में साकेतपुरी में रहते हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें अभिमन्यु सिंह की चुनिंदा फोटोज...

  • बीजेपी नेताओं के साथ फोटाे जारी कर कांग्रेस ने कहा दंगा भड़काने वाले कलकल भाजपाई
    Last Updated: April 15 2016, 07:38 AM

    गुड़गांव/पानीपत/रोहतक. आरक्षण आंदोलन की आड़ में रोहतक में जातीय उपद्रव और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी पर आगजनी मामले में कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा जवाबी हमला बोला। हुड्डा के करीबी पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने रोहतक में दंगा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार एडवोकेट सुदीप कलकल को आरएसएस और भाजपा का कार्यकर्ता बताया। सबूत के तौर पर शर्मा ने कुछ तस्वीरें भी पेश कीं। तस्वीरों में कलकल सीएम मनोहरलाल, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, रोहतक विधायक मनीष ग्रोवर, उचाना विधायक प्रेमलता, हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन जवाहर यादव के साथ नजर आ रहा है। गुड़गांव में पत्रकारवार्ता के दौरान रोहतक के पूर्व विधायक बीबी बत्तरा के साथ पहुंचे कुलदीप शर्मा ने पावर प्वाइंट प्रेजेंनटेशन के जरिए इन फोटो का क्लाज पेश कर कई सवाल दागे। शर्मा ने 24 घंटे की मोहलत देते हुए पूछा कि सरकार बताए कि सुदीप कलकल से क्या नाता है? यदि 24 घंटे में भाजपा जवाब नहीं देती तो कांग्रेस और सबूत पेश करेगी। कलकल को 16 मार्च को रोहतक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। स्पेशल जांच टीम का दावा है कि कलकल ने रोहतक में दंगा भड़काया और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की रोहतक स्थिति कोठी में आगजनी का सूत्रधार भी वही है। तो सरकार गिरफ्तार क्यों कराती? यदि कलकल भाजपा या सरकार का करीबी होता तो उसे गिरफ्तार क्यों करवाती, मीडिया के इस सवाल पर कुलदीप शर्मा एकबारगी सकपका गए। फिरे बोले, हमने पर्याप्त सबूत दिए थे, इससे मजबूरन पुलिस को उसे गिरफ्तार करना पड़ा।; हुड्डा घिरे तो खेमे ने शुरू किए काउंटर हमले कलकल की गिरफ्तारी के बाद से ही भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमले बोल रही थी। सीएम मनोहरलाल और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु कह रहे थे कि कलकल का कांग्रेस से नाता है। उसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का करीबी बताया जा रहा था। इसी के जवाब में हुड्डा खेमे ने दो काउंटर हमले बोले। पहले पूर्व विधायक बीबी बत्तरा ने रोहतक के विधायक मनीष ग्रोवर पर मीडिया के माध्यम से 10 सवाल दागकर सात दिन में सवाल पूछे थे। धमेंद्र-मेमन संग सेल्फी एमडीयू से पढ़े एडवोकेट सुदीप कलकल को नेताओं, बड़ी शख्सियतों के साथ फोटो खिंचवाने का शौक रखा है। इस का प्रमाण उसकी फेसबुक वॉल पर भी देखा जा सकता है। उसने अयाज मेमन, नवजोत सिद्धू, फिल्म अभिनेता धमेंद्र, बॉबी देओल, प्रो रेसलिंग लीग के दौरान आए खिलाड़ियों व रेफरी के साथ भी खूब सेल्फी खिंची गई है। इन सब तस्वीरों को फेसबुक वॉल पर भी डाला गया है। आगे की स्लाइड्स में जानिए क्या कहा कैप्टन अभिमन्यु सिंह ने...

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