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Adityanath Yogi (योगी आदित्यनाथ)

Read Adityanath Yogi Latest News in Hindi. पढ़ें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ताज़ा खबरें दैनिक भास्कर के इस पेज पर.

योगी ने दी हजरत अली के जन्मदिन की बधाई, लोग बोले- जीतते ही मौलाना बने

योगी ने दी हजरत अली के जन्मदिन की बधाई, लोग बोले- जीतते ही मौलाना बने

Last Updated: April 11 2017, 13:52 PM

लखनऊ. योगी आदित्यनाथ के ट्विटर हैंडल से मंगलवार को हजरत अली के जन्मदिन की बधाई दी गई। उनके बधाई देने के बाद से ही ट्विटर यूजर्स इस ट्वीट पर रिप्लाई दे रहे हैं। कई यूजर्स ने उनसे ट्वीट कर पूछा- योगी जी आप ये क्या कर रहे हैं। वहीं कई लोग उनके इस ट्वीट का विरोध करते दिखे। एक यूजर ने लिखा, जीतने के बाद मौलाना बन गए। सेक्युलर वाला रोग योगी जी को भी लग गया... - हजरत अली को जन्मदिन की बधाई वाले ट्वीट के बाद कई लोगों ने ट्वीट किए। #आदित्य कुमार नाम के यूजर ने लिखा- सर आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी! #अंकित कुमार मिश्रा ने लिखा- देखकर दुख हो रहा है कि सेक्युलर वाला रोग हमारे योगी जी को भी लग गया है। #जय तिवारी ने लिखा- योगी जी आप ये क्या कर रहे हैं? #हिंदू राष्ट्र नाम के एक ट्विटर हैंडल से लिखा गया- जीतने के बाद आप मौलाना बन गए? #एस.एन झा ने लिखा- यही होना बाकी था, मैं आपको अनफॉलो करने जा रहा हूं। #संतोष वर्मा ने लिखा- माननीय योगी जी, ये हजरत अली कहां से आ गए, हमारे देश का ताल्लुक हनुमान जी से है। #सत्या शर्मा ने लिखा- आपसे निवेदन है कि किसी अली-खां के जन्मदिन या ईद, ताजिया की बधाई जैसा कुछ न बोलें। हिन्दुत्व पर कायम रहें, सत्ता बची रहेगी। #अवधेश शर्मा ने कहा- ओवैसी, गिलानी, आजम, महबूब मुफ़्ती या अन्य मुस्लिम नेता हनुमान जयंती की बधाई तो नहीं देते, आप क्यों दे रहे हैं? कौन थे हजरत अली? - हजरत अली इस्लाम धर्म के संस्थापक पैगम्बर हजरत मुहम्मद के दामाद थे। वे अपनी दरियादिली और मोटिवेशनल बातों के लिए जाने जाते थे। - हजरत मुहम्मद की मौत के बाद जिन लोगों ने हजरत अली को अपना इमाम (धर्मगुरु) और खलीफा (नेता) चुना वो लोग शिया कहलाते हैं। - शिया विचारधारा के अनुसार हजरत अली, जो मुहम्मद साहब के चचेरे भाई और दामाद दोनों थे, वही हजरत मुहम्मद के उत्तराधिकारी थे। - उनके मुताबिक हजरत अली को ही पहला खलीफा बनना चाहिए था। हालांकि ऐसा हुआ नहीं और उन्हें तीन और लोगों के बाद खलीफा बनाया गया। पॉलिटिकल एक्सपर्ट बोले- योगी सबका साथ-सबका विकास के एजेंडे पर काम कर रहे हैं - पॉलिटिकल एक्सपर्ट हेमंत तिवारी ने योगी के ट्विट को लेकर कहा- सीएम योगी पर इस वक्त बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उनकी पुरानी छवि से अब सफल नहीं हुआ जा सकता। वो खुद में आज की राजनीतिक सोच के हिसाब से परिवर्तन ला रहे हैं। - मुख्यमंत्री बनने के बाद से वो पूरी तरह से चेंज हो गए हैं। वो (योगी) किसी दल के मुख्यमंत्री नहीं हैं, पूरे यूपी के मुख्यमंत्री हैं। - कुर्सी का दायित्व बहुत बड़ा होता है, तो उस हिसाब से काम करना होता है। - लोगों के कमेंट उन्हें अगली सरकार बनाकर नहीं देंगे। उन्हें पांच साल काम करना होगा और सबका साथ-सबका विकास वाले एजेंडे पर काम करना होगा। - योगी उसी दिशा में काम कर रहे हैं और यह ट्वीट भी यही इशारा कर रहा है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें- योगी के ट्वीट पर किस तरह के रिप्लाई आए...

योगी ने किया किसानों का कर्ज माफ, टीवी पर खबर सुन पति ने लगा ली फांसी

योगी ने किया किसानों का कर्ज माफ, टीवी पर खबर सुन पति ने लगा ली फांसी

Last Updated: April 10 2017, 14:26 PM

झांसी. योगी सरकार ने यूपी के 2.15 करोड़ स्मॉल-मार्जिनल (लघु-सीमांत) किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ किया है। लेकिन जहां किसानों का एक पक्ष 36 हजार 359 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किए जाने की तारीफ कर रहा है, वहीं बुंदेलखंड में कई ऐसे किसान हैं, जो सरकार के इस फैसले को नाकाफी बता रहे हैं। उन्होंने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है। कहा- सरकार ने सिर्फ लघु-सीमांत किसानों का कर्ज माफ किया है, लेकिन राज्य के सबसे पिछड़े हिस्से बुंदेलखंड जैसी जगह पर चार-पांच लाख रुपए कर्ज वाला किसान भी परेशान है। जो मुसीबत सीमांत किसानों के सामने हैं, वही ज्यादा कर्जदार किसानों के सामने भी है। DainikBhaskar.com के जर्नलिस्ट जीशान अख्तर ने बुंदेलखंड के कुछ किसान परिवारों से बात की। भास्कर उस किसान के घर भी पहुंचा, जिसने कर्ज माफी के एलान से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। लघु-सीमांत ही नहीं, हम भी गरीब हैं... - बुंदेलखंड रीजन में जिन किसानों की मौत हुई है, उनके घर वालों का कहना है कि सरकार ने भेदभाव किया है। ऐसे किसानों की कमी नहीं है, जिनके ऊपर 3 से 5 लाख का कर्ज है। 30 बीघा खेती के मालिक रहे और सदमे से मरने वाले एक किसान के बेटे ने बताया, पिता जी चले गए, लेकिन कर्ज बाकी रह गया। 30 बीघा जमीन कहने के लिए है, लेकिन बंजर जमीन कुछ नहीं उगाती है। ऐसे में लघु-सीमांत ही नहीं, बल्कि हम भी गरीब ही हैं। कर्ज माफी के दायरे से बाहर होने पर की आत्महत्या - बुंदेलखंड के बांदा जिले के मटोंध कस्बे में किसान कुलदीप सिंह (36) ने कर्ज माफी के एलान के बाद आत्महत्या कर ली। उनके भाई योगेंद्र ने बताया, कुलदीप के पास 22 बीघा जमीन थी। करीब 7 साल पहले उसने इलाहाबाद ग्रामीण बैंक से एक लाख रुपए कर्ज लिया था, जो बढ़कर साढ़े तीन लाख रुपए हो गया। - कुलदीप की पत्नी बीना ने कहा, मेरे पति ने टीवी पर खबर सुनी कि कर्ज माफ किया गया है, लेकिन सिर्फ लघु-सीमांत किसानों का। 22 बीघा जमीन होने के कारण कुलदीप कर्ज माफी के दायरे से बाहर हो गए। इससे दुखी होकर उन्होंने फांसी लगा ली। कर्ज माफी करनी थी तो सबकी करते। परेशान सभी हैं। - बांदा के किसान प्रेम सिंह कहते हैं, ऐसी घटनाएं आगे भी हो सकती हैं। जिनके पास ज्यादा जमीन है, वो भी खुश नहीं हैं। बुंदेलखंड में छोटे-बड़े को देखकर सूखा नहीं पड़ता। अगर लघु सीमांत के दायरे में नहीं, तो इसका ये मतलब नहीं कि हम बड़े किसान हैं - झांसी के मऊरानीपुर इलाके के जावन गांव के मुन्ना लाल कुशवाहा की 2015 में ओले गिरने से फसल खराब होने के कारण सदमे से खेत में ही मौत हो गई। उनकी 15 बीघा से ज्यादा खेती है। उनके बेटे प्रकाश बताते हैं, पिता जी ने 2007 में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर करीब 90 हजार रुपए का कर्ज लिया था, जो बढ़कर कई लाख हो गया। पंजाब नेशनल बैंक से भी करीब 2 लाख कर्ज लिया था। - तीन बच्चों के पिता और रोजाना मजदूरी कर 200 रुपए कमाने वाले प्रकाश का कहना है कि कर्ज माफी के एलान के बारे में उन्हें ज्यादा पता नहीं है, लेकिन वह चाहते हैं कि उनका कर्ज माफ हो जाए, वरना वे इतना पैसा कैसे और कहां से लाएंगे। - घर में मुन्ना लाल की तस्वीर लिए बैठीं उनकी पत्नी भुवन कहती हैं, अगर हम लघु सीमांत के दायरे में नहीं आते हैं तो इसका मतलब ये नहीं है कि हम बड़े किसान हैं। मुन्ना लाल की बहू सुनीता बताती हैं कि उनके पास गरीबी रेखा से नीचे वाला बीपीएल कार्ड तक नहीं है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, जब एक किसान की तेरहवीं भी उधार के पैसों से करनी पड़ी...

CM से मिनिस्टर तक बन चुके हैं ये संन्यासी, कोई करोड़पति तो कोई लखपति

CM से मिनिस्टर तक बन चुके हैं ये संन्यासी, कोई करोड़पति तो कोई लखपति

Last Updated: April 10 2017, 15:05 PM

लखनऊ. एक संन्यासी भी सत्ता संभाल सकता है, यूपी के सीएम इसका एग्जाम्पल हैं। 22 की उम्र में योगी बने आदित्यनाथ अपने मिनिस्टर्स से लेकर अधिकारियों तक की खबर रखते हैं। कभी वे औचक निरीक्षण करते हैं तो कभी संपत्ति शो करने के ऑर्डर देते हैं। dainikbhaskar.com अपने रीडर्स को कुछ ऐसे नेताओं के बारे में बता रहा है जो योगी की तरह संन्यासी हैं या स्पिरिचुअल गुरु हैं। बचपन से संन्यासिनी हैं उमा... - मप्र के टीकमगढ़ में एक किसान परिवार में जन्मीं उमा भारती बचपन से ही स्पिरिचुअल चाइल्ड के रूप में जानी गईं। - राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने उन्हें 1984 के लोकसभा इलेक्शन में उतारा, लेकिन वो हार गईं। - 1989 में खजुराहो लोकसभा सीट से चुनाव लड़ीं और जीतीं। 1991 से 1998 तक लगातार इस सीट से जीतीं। - 8 दिसंबर 2003 से 22 अगस्त 2004 तक मप्र की सीएम रहीं। - 2014 में यूपी की झांसी सीट से सांसद बनीं। मोदी सरकार में वाटर रिसोर्सेस, रिवर डेवलपमेंट और गंगा रिजुविनेशन मिनिस्टर हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें पॉलिटीशियन बने देश के संन्यासी और गुरु हैं कितने अमीर...

मोदी से योगी तक, BJP के Top 10 नेताओं में किसके पास कितनी संपत्ति

मोदी से योगी तक, BJP के Top 10 नेताओं में किसके पास कितनी संपत्ति

Last Updated: April 11 2017, 11:08 AM

लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी ने 6 अप्रैल को स्थापना दिवस मनाया। इस साल बीजेपी को सबसे बड़ी जीत उत्तर प्रदेश में ही मिली है। यूपी असेंबली इलेक्शन में 312 सीटों के साथ सरकार बनाकर भगवा पार्टी ने राज्यसभा में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। dainikbhaskar.com उन 10 स्टार नेताओं के बारे में बता रहा है, जिन्हें BJP का फेस कहा जाता है। हम यहां उनकी संपत्ति के बारे में बात कर रहे हैं। जानें बीजेपी के 10 स्टार लीडर्स में कौन है कितना अमीर...

UP में 84 आईएएस-39 IPS अफसरों के ट्रांसफर, लखनऊ में मंजिल सैनी की जगह लेंगे तेजतर्रार दीपक कुमार

UP में 84 आईएएस-39 IPS अफसरों के ट्रांसफर, लखनऊ में मंजिल सैनी की जगह लेंगे तेजतर्रार दीपक कुमार

Last Updated: April 26 2017, 23:52 PM

लखनऊ. राजधानी लखनऊ समेत यूपी के 36 जिलों के डीएम का ट्रांसफर करते हुए योगी सरकार ने 84 आईएएस और 39 आईपीएस अफसरों को इधर से उधर किया है। पूर्व में सीडीओ रहे कौशल राज शर्मा लखनऊ के नए डीएम और दीपक कुमार नए एसएसपी होंगे। वहीं, सीएम के सचिव मृत्यृंजय नारायण को राज संपत्ति विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 39 आईपीएस अफसरों में गाजियाबाद एसएसपी रहे दीपक कुमार बने एसएसपी लखनऊ। एएसपी आगरा से एसपी उत्तरी लखनऊ बने अनुराग वत्स, एएसपी बरेली से डॉ. सतीश कुमार बने एसपी ग्रामीण लखनऊ। कौन हैं नए एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार ? दीपक कुमार को एसएसपी लखनऊ बनाया गया है। इससे पहले वह गाजियाबाद के एसएसपी रहे। इससे पहले पीएसी की 32वीं वाहिनी में कमाडेंट के पद पर तैनात थे। ईमानदार छवि वाले दीपक कुमार को दबाव न मानने वाले अधिकारी के तौर पर जाना जाता है। वह 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। बेगुंसराय बिहार के रहने वाले दीपक ने अपनी स्कूली शिक्षा लातेहार में पूरी करने के बाद बनारस विश्वविद्यालय से इकॉनॉमिक्स में बीए की डिग्री पूरी की। फिर मुंबई चले गए। यहां से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। दानिक्स कैडर में भी हुए थे सिलेक्ट बता दें, दीपक कुमार आईपीएस चुने जाने से पहले दानिक्स कैडर में भी सिलेक्ट हुए थे। दानिक्स कैडर में इन्हें दिल्ली पुलिस में एसीपी बनाया गया था। एसीपी के पद पर कार्य करते हुए इन्होंने सिविल सर्विस का एग्जाम दिया और आईपीएस में सिलेक्ट हो गए। दीपक ने दिल्ली पुलिस में भी खासा नाम कमाया था। दिल्ली पुलिस में थी दीपक की गिनती बहुत ही तेज तर्रार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में होती थी। आगे की स्लाइड्स में देखें कौन हैं एसएसपी दीपक कुमार, और 84 आईएएस अफसरों की ट्रांसफर लिस्ट...

CM योगी ने देखी 4 विभागों की प्रेजेंटेशन, खिलाड़ियों को नौकरी-मंदिरों को चारदीवारी का फैसला

CM योगी ने देखी 4 विभागों की प्रेजेंटेशन, खिलाड़ियों को नौकरी-मंदिरों को चारदीवारी का फैसला

Last Updated: April 26 2017, 23:35 PM

लखनऊ. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 4 विभागों की प्रेजेंटेशन देखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इसमें लखनऊ और वाराणसी में नए स्टेडियम दिए गए। साथ ही खिलाड़ियों को नौकरी की व्यवस्था पर जल्द फैसलों पर सहमति हुई। सभी प्रमुख मंदिरों को जोड़ने वाली सड़कों को चार लेन बनाया जाएगा और उनकी चारदीवारी सुनिश्चित होगी। किस प्रेजेंटेशन में क्या बताया गया? - सीएम योगी को कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अधिकारियों द्वारा विभाग की प्रेजेंटेशन दी गई, जिसमें चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के तहत चलने वाले कॉलेजों का विवरण दिया गया। - इसके तहत स्थापित शोध केन्द्रों, शोध एवं प्रसार गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों ने बताया कि फसलों की उन्नतशील प्रजातियों तथा कृषि की नवीन तकनीकों के विकास के लिए 11 शोध एवं उप शोध केन्द्र संचालित हैं। - नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय फैजाबाद के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके तहत स्थापित विभिन्न विज्ञान केन्द्रों तथा संचालित कालेजों में कराए जा रहे पठन-पाठन में गुणवत्ता सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है। - उन्होंने मेरठ, बांदा तथा इलाहाबाद के कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों के विषय में भी जानकारी ली तथा इन्हें और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। - सीएम ने कहा कि अगले 5 वर्षों तक प्रत्येक वर्ष कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों के अधिक से अधिक काॅलेज प्रोग्राम का आईसीएआर से एक्रिडिटेशन कराया जाए। जिससे इन्हें आईसीएआर और अन्य संस्थाओं से अधिक से अधिक अनुदान प्राप्त हो सके और विश्वविद्यालयों को ब्राण्ड के रूप में पहचान मिले। - कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों की क्षमता के अनुरूप प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक-एक सेण्टर आॅफ एक्सीलेन्स की स्थापना के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी। उन्होंने भारत सरकार द्वारा प्रदेश के 20 जनपदों में चिन्हित कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्थापना हेतु निशुल्क भूमि के चिन्हीकरण एवं इसकी उपयुक्तता के सम्बन्ध में आईसीएआर की निरीक्षण समिति से निरीक्षण कराए जाने के प्रस्ताव पर भी अपनी सहमति जताई। सीएम योगी ने दिए ये निर्देश - मजदूरों के बच्चों में खेलों के प्रति रुझान पैदा करने हेतु कानपुर एवं वाराणसी में खेल कॉलेजों की स्थापना हेतु कार्य योजना बनाने के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश। - युवाओं को स्वस्थ रहने हेतु शारीरिक शिक्षा के साथ, योग शिक्षा को जोड़ने हेतु व्यापक कार्य योजना बनायी जाए, हर स्कूलों में फिजीकल एजूकेषन का समय निधार्रित जरूर किया जाए। - लखनऊ में स्पोट्र्स विश्वविद्यालय की स्थापना, हेतु व्यापक कार्य योजना तैयार की जाए।। - मुख्यमंत्री ने जूनियर फुटबॉल विश्वकप 2017 के दृष्टिगत प्रदेश के चिन्हित 32 जनपदों में फुटबाॅल खेल को बढ़ावा देने हेतु कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। सैफई स्पोट्र्स कॉलेज का नाम मेजर ध्यान चंद्र स्पोट्र्स काॅलेज करने के लिए आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता से सुनिश्चित कराएं। - अन्तर्राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के पदक विजेता मूल निवासियों को राज्य सरकार के चिन्हित 11 विभागों में राजपत्रित पदों पर नियुक्त करने सम्बन्धी आवेदनों का प्राथमिकता पर निस्तारण कर कराकर नौकरी प्रदान की जाए। - धार्मिक स्थलों की सुरक्षा हेतु आवश्यकतानुसार बाउण्ड्री निर्माण के साथ-साथ तीर्थ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुये अप्रोच रोड बनाने का कार्य प्राथमिकता पर सुनिश्चित कराया जायेगा। - अयोध्या में कई वर्षों से बन्द चल रहा रामलीला का मंचन प्रारम्भ कराया जाए, मथुरा में रासलीला एवं चित्रकूट में भजन संध्या कार्यक्रम को सुचारु रूप से कराया जाय। सुप्रसिद्ध मंदिरों के संपर्क मार्ग 04 लेन बनाये जाने के साथ-साथ जन सुविधा हेतु बैठने, विश्राम गृह, पेयजल सुविधाओं के विकास कार्य भी प्राथमिकता से सुनिश्चित कराये जायें। - मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए। - सोशल और न्यू मीडिया को प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित किया जाए। सबका साथ, सबका विकास; के मूल मंत्र पर कार्य करते हुए ।

अखिलेश को करना चाहिए आराम, जल्‍दी-जल्‍दी दे रहे बयान: केशव प्रसाद मौर्य

अखिलेश को करना चाहिए आराम, जल्‍दी-जल्‍दी दे रहे बयान: केशव प्रसाद मौर्य

Last Updated: April 26 2017, 20:22 PM

आगरा. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बुधवार को ताजनगरी पहुंचे। उन्होंने कहा, जिस दिन मैं डिप्टी सीएम बना, मैंने पार्टी अध्यक्ष को अपना प्रदेश अध्यक्ष पद का इस्तीफा सौंप दिया था। अब जैसे ही प्रदेश में नए अध्यक्ष का चयन होगा, मैं उसको चार्ज सौंप दूंगा। अखिलेश को करना चाहिए आराम केशव मौर्य ने अखिलेश यादव के पत्रकार पर भड़कने के सवाल पर कहा, अखिलेश को जनता नकार चुकी है। वह जल्दी-जल्दी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उन्हें कुछ दिन आराम करना चाहिए। जनता उनकी बातों को सीरियसली नहीं ले रही है। आगरा हिंसा पर हुई चर्चा - केशव ने यहां सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान जिले के विकास कार्य की समीक्षा हुई और पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। - शाम को वह भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह में पहुंचे। उनसे मिलने के लिए भाजपा के सांसद और विधायक पहुंचे। उन्होंने फतेहपुर सीकरी और थाना सदर में हुई बवाल पर चर्चा की। - नेताओं ने शिकायत की कि इस मामले में पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के नेताओं व कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बेरहमी से पीटा है। इलाज भी ठीक से नहीं मिल रहा है। निष्पक्षता से जांच का दिया भरोसा - बाद में उन्होंने आगरा बवाल पर मीडिया से कहा, हिंदूवादियों पर गलत मुकदमे की जांच निष्पक्षता से होगी। आवश्यक कार्रवाई होगी। दोषी पुलिसकर्मी और थानेदार पर जरुरत पड़ने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का भी मनोबल नहीं गिरने दिया जाएगा। दोनों के बीच में सामंजस्य बनाए रखते हुए हमारी सरकार का प्रयास है कि जो घटना घटी वह दुर्भाग्यपूर्ण थी। - उन्होंने कहा, अधिकारियों व जनप्रतिनिधि के साथ बैठक में आगरा को मॉडर्न जिला बनाने पर चर्चा हुई है। भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के लिए ही ई-टेंडरिंग करवाई जा रही है। - प्रदेश में जिन भू-माफियाओं ने सरकारी जमीनों पर अवैध रुप से कब्जा किया है उन सबको चिन्हित करके उन पर भी कदम उठाने का फैसला हुआ है। आगे की स्लाइड्स में देखें केशव मौर्य की कॉन्फ्रेंस की 2 फोटोज...

मोदी के रैली के लिए 3 साल पहले बुक करवाई थी ट्रेन, रेलवे ने मांगा 12 लाख

मोदी के रैली के लिए 3 साल पहले बुक करवाई थी ट्रेन, रेलवे ने मांगा 12 लाख

Last Updated: April 26 2017, 18:38 PM

आगरा. साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी की रैली के लिए ट्रेन बुक करवाकर भाजपा नेता विनोद सामरिया परेशान हैं। रेलवे ने चौथा नोटिस भेजकर सामरिया से 12.29 लाख रुपए का बिल जल्द जमा करवाने को कहा है, लेकिन पार्टी अब साथ नहीं दे रही है। अब तीसरी बार वह पार्टी फंड से रुपए दिलाने के लिए यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मिलने पहुंचे, लेकिन उन्हें इसका भरोसा नहीं मिला। क्या है पूरा मामला? - दरअसल, भाजपा ने दो मार्च 2014 को लखनऊ में नरेंद्र मोदी की रैली आयोजित की थी। - आगरा से लोगों को रैली में ले जाने के लिए भाजपा ने पूर्व नगर अध्यक्ष विनोद सामरिया के नाम पर ट्रेन बुक करवाई। - फतेहपुर सीकरी से लखनऊ जाने की यह स्पेशल ट्रेन 19 बोगियों की थी और इसे 18.39 लाख रुपए में बुक करवाया गया। - भाजपा ने पार्टी फंड से यह एडवांस रकम ट्रेन चलने से पहले रेलवे को दे दी। - इसी बीच भाजपा ने रेलवे से अनुरोध किया कि ट्रेन को किरावली, मिढ़ाकुर, पथौली और एत्मादपुर स्टेशन पर स्टॉपेज किया जाए। ऐसा ही हुआ। - इसके बाद रेलवे ने इस स्टॉपेज का अतिरिक्त बिल 12.29 लाख रुपये बना दिया। ज्ञापन ले लिया, लेकिन भरोसा नहीं दिया - विनोद सामरिया का कहना है कि तीन साल हो चुके हैं और रेलवे अब तक चार नोटिस जारी कर चुका है। कई बार पार्टी के नेताओं से बातचीत की, लेकिन किसी ने तवज्जो नहीं दी। - बुधवार को वह प्रदेश अध्यक्ष व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिलने पहुंचे। - सामरिया ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद ने ज्ञापन ले लिया, लेकिन कोई भरोसा नहीं दिया। - उन्होंने बताया कि बिल जमा करने का नोटिस तो आता ही है, साथ में रेलवे के अधिकारियों का बार-बार फोन आता है। यह बकाया मेरे लिए बोझ बन गया है।

मैं ऐसे अफसरों से परेशान, जो बात मनवाने के ल‍िए गिफ्ट लाते हैं: योगी के मंत्री

मैं ऐसे अफसरों से परेशान, जो बात मनवाने के ल‍िए गिफ्ट लाते हैं: योगी के मंत्री

Last Updated: April 26 2017, 13:27 PM

लखनऊ. योगी सरकार के मंत्री सत्यदेव पचौरी ने अफसरों को गुलदस्ता लेकर आने पर चेतावनी दी है। उन्होंने अपने डिपार्टमेंट्स के सभी अफसरों को निर्देश दिए हैं कि उनसे मिलने के लिए आने वाले अफसर किसी तरह का गिफ्ट या गुलदस्ता न लाएं। पैसे काे बेकार में न करें खर्च... - सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक पचौरी ने मंगलवार को कहा कि गिफ्ट लेकर पैसे को बेकार में खर्च न करें। - उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से वह इस तरह के अफसरों से परेशान हो गए हैं, जो कुछ न कुछ लाकर अपनी बात मनवाने की कोशिश करते हैं और अपना और उनका (मंत्री) वक्त बर्बाद करते हैं। जिन्होंने ऐसा किया, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा - राज्य के माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज मिनिस्टर पचौरी ने कहा कि आगे से ऐसा बर्ताव करने वाले अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अफसरों को पूरी निष्ठा और लगन से अपने कर्तव्यों और दायित्वों को निभाना चाहिए। कुछ दिनों पहले मंत्री ने दिया था विवादित बयान - बीते 19 अप्रैल को पचौरी उस समय चर्चा में आए थे, जब वे लखनऊ के डालीबाग स्थित खादी बोर्ड के ऑफिस पर इंस्पेक्शन के लिए पहुंचे थे। - इस दौरान ऑफिस में गंदगी देख मंत्री वे भड़क उठे थे। वहीं, एक दिव्यांग सफाई कर्मचारी को देख उन्होंने कहा था कि लूले लंगड़ों को संविदा पर रख रखा है, ऐसा आदमी क्या सफाई कर पाएगा? योगी सरकार की 4 कैबिनेट मीटिंग में अब तक ये अहम फैसले हो चुके हैं - भू-माफियाओं पर लगाम कसने के लिए टास्क फोर्स का गठन - स्कूल-कॉलेजों में महापुरुषों के जन्मदिन, जयंती और फेस्टिवल पर मिलने वाली 15 छुट्टियां खत्म - दो साल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू होगी। - नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद अथॉरिटी में 10 करोड़ से ऊपर के हुए सभी कामों की जांच होगी। - 15 जून तक सभी सड़के गड्ढा मुक्त करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी है। - डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर्स पर 24 घंटे बिजली के प्रस्ताव पर भी मुहर। - यूपी में करीब 2 करोड़ 30 लाख किसान हैं। लघु और सीमांत किसानों के 1 लाख तक के फसल पर लिए गए कर्ज माफ किए जाएंगे। इससे 2.15 करोड़ किसानों को राहत मिलेगी। कुल 36,359 करोड़ का कर्ज माफ। योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद लिए गए कुछ बड़े फैसले... #सीएम योगी ने अपने पहले आदेश में तमाम मंत्रियों को संपत्ति का ब्योरा देना को कहा। साथ ही, अफसरों को भी संपत्ति का पूरा ब्योरा सीएम ऑफिस को देने को कहा गया। #राज्य में अवैध बूचड़खानों पर नकेल कसी गई। इससे गोहत्या की रोकथाम होने की बात कही गई। #महिलाओं को छेड़छाड़ से बचाने और उनकी सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया गया। #राज्य में सरकारी डिपार्टमेंट्स में वर्किंग ऑवर्स के दौरान पान-गुटखा खाने पर रोक लगाई और प्लास्टिक के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई। #योगी ने अपने मंत्रियों को आदेश दिया कि कोई मंत्री अनाप-शनाप बयानबाजी नहीं करेगा। इसके लिए सरकार के 2 प्रवक्ता अप्वाइंट किए गए हैं, जो मीडिया तक सरकार की बात पहुंचाएंगे। #योगी सरकार ने यूपी के तमाम थानों, पुलिस चौकियों और पुलिस लाइन्स में साफ-सफाई करने का आदेश दिया। #गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच के आदेश दिए गए।

योगी का ये भी है एक रूप, गाड़ी रोककर गरीब बच्चों को ऐसे बांटते थे टॉफी

योगी का ये भी है एक रूप, गाड़ी रोककर गरीब बच्चों को ऐसे बांटते थे टॉफी

Last Updated: April 26 2017, 10:45 AM

गोरखपुर. ये बात तो सभी जानते हैं कि योगी आदित्यनाथ शादीशुदा न होकर आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले सन्यासी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नेहरू जी की तरह इन्हें भी नन्हें-मुन्ने बच्चों से बेहद प्यार है। वो जब उन्हें टॉफियां खिलाते हैं, तो बच्चे उन्हें चाचा नेहरू तो नहीं लेकिन प्यार से योगी महराज बुलाते हैं। बच्चों को टॉफी खिलाने के लिए रुकवा देते थे गाड़ी... - सांसद रहते योगी जब भी पूर्वांचल के दौरे पर निकलते थे, उनके सहयोगियों में से किसी एक के पास टॉफी का पैकेट जरूर रहता था। - गांव में, बांध पर, स्कूल में या फिर मंदिर परिसर में दौरे के दौरान उनके सामने यदि कोई बच्चा आ गया तो वो उसे दुलार करना और टॉफी खिलाना नहीं भूलते थे। - रास्ते में भी कहीं उन्हें गरीब बच्चों का झुंड दिख गया तो वे गाड़ी रुकवा लेते और उनसे मिलने के बाद ही आगे जाते थे। ऐसे बात करते थे बच्चों से - सीएम की भाषा-शैली साधु-सन्यासियों वाली ही होती है। वो बच्चों से भी ऐसे ही बात करते हैं। जैसे- तेरा क्या नाम है। पढ़ाई करता है या नहीं। स्कूल जरूर जाया कर। टॉफी खाएगा। ये ले टॉफी खा। - बच्चों के सिर पर हाथ फेरना या उन्हें गोद में लेकर दुलारना उनकी आदतों में शुमार है। अभी कुछ दिन पहले झांसी दौरे के दौरान भी सीएम ने प्राथमिक स्कूल के बच्चों से बातचीत की थी। गोद में उठा लिया था मेरे बच्चे को - योगी के अखबार हिंदवी के रिपोर्टर रहे वेद प्रकाश पाठक ने कहा कि महराज जी बेहद संवेदनशील हैं। बच्चों, गरीबों से उन्हें बेहद प्यार रहता है। - एक किस्सा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि उनके बेटे के जन्मदिन पर योगी जी पहुंचे तो उन्होंने मेरे बच्चे को गोद में ले लिया और प्यार किया। - बच्चों की पीड़ा उनसे सही नहीं जाती। वे इन्सेफलाइटिस पीड़ित बच्चों को देखने के लिए हर 15 दिन में मेडिकल कॉलेज जरूर जाते थे। आगे की 5 स्लाइड्स में देखें योगी की बच्चों के साथ फोटोज...

ऊर्जा मंत्री ने कहा- सब अपना बिल भरना शुरू कर दें, हम देंगे 24 घंटा बिजली

ऊर्जा मंत्री ने कहा- सब अपना बिल भरना शुरू कर दें, हम देंगे 24 घंटा बिजली

Last Updated: April 25 2017, 18:15 PM

वाराणसी. वाराणसी. ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल मंगलवार को वाराणसी आईपीडीएस के कार्यों का निरीक्षण करने भेलूपुर पावर स्टेशन पहुंचे। उन्होंने कहा, हम कल से 24 घंटे बिजली दे सकते हैं, अगर सब लोग अपना बिजली का बिल भरना शुरू कर दें। घाटों की सफाई देख गोयल बोले- बदलाव हुआ है गोयल ने कहा, वाराणासी आईपीडीएस का काम मार्च 2018 तक पूरा काम करने का टारगेट था, लेकिन अभी और इलाके भी जुड़ेंगे, इसलिए समय सीमा बढ़ेगी। अगर बिजली की समस्या हो तो टोल फ्री नंबर 1912 पर कंप्लेन लिखवाएं। इसके बाद उन्होंने दशाश्वमेध घाट का दौरा किया। घाटों की सफाई देखकर बोले कि पहले से अब में काफी बदलाव हुआ है। गंगा में सीवेज का बहना जल्द रुकेगा। वहीं, छत्तीसगढ़ में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और कहा, जवानों की कुर्बानी देश व्यर्थ नहीं जाने देगा।

आगरा बवाल: जेल में बंद हिंदूवादियों से मिलने पहुंचे भाजपा सांसद-विधायक, पुलिस पर फोड़ा ठीकरा

आगरा बवाल: जेल में बंद हिंदूवादियों से मिलने पहुंचे भाजपा सांसद-विधायक, पुलिस पर फोड़ा ठीकरा

Last Updated: April 25 2017, 17:54 PM

आगरा. फतेहपुर सीकरी और थाना सदर में पुलिस पर हमले और लूट के मामले में जेल में बंद हिंदूवादियों से मिलने को मंगलवार को भाजपा सांसद और विधायक पहुंचे। आरएसएस के पदाधिकारी के आगरा पहुंचने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का रुख बदल गया। वे बयानों से अब पुलिस अधिकारियों पर हमलावर हो गए हैं। क्या बोले भाजपा नेता? - सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेताओं ने कहा कि अगर गलती हुई है तो इसका मतलब यह नहीं कि अपने लोगों को इतनी बड़ी सजा दी जाए। - आरएसएस के पदाधिकारी का इशारा मिलने के बाद भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया, विधायक योगेंद्र उपाध्याय, जगन प्रसाद गर्ग, रामप्रताप सिंह चौहान, चौधरी उदयभान सिंह, डॉ. जीएस धर्मेश, जितेन्द्र वर्मा और महेश गोयल जिला जेल पहुंच गए। - इन सांसद व विधायकों के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी थे। सभी ने जेल में बंद हिंदूवादी नेताओं से मुलाकात की। - बाहर आने के बाद सांसद कठेरिया ने कहा, इस मामले में एसएसपी सहित सभी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। बेगुनाह हिंदूवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बर्बर अत्याचार किया है। - सांसद व विधायकों ने कहा कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं की बर्बरता के साथ पिटाई की है। इस प्रकरण में पुलिस कर्मियों के साथ कुछ पुलिस अधिकारी भी दोषी है। सीएम को दी जाएगी जानकारी - आगरा के इस कांड की सच्चाई से सीएम योगी आदित्यनाथ को भी अवगत कराया जाएगा। - सांसद के अनुसार, जेल में बंद हिंदूवादी नेताओं ने उन्हें बताया है कि पुलिस ने उन्हें फतेहपुर सीकरी थाने में पीटा। इसके बाद आगरा लाकर सदर और छत्ता थाने में बेरहमी से पिटाई लगाई। पुलिस वालों ने अभ्रद गालियां देते हुए मुंह में जूते और डंडे भी घुसा दिए। पुलिस की पिटाई से हिंदूवादियों को गम्भीर चोटें आईं। दो कार्यकर्ताओं ने अपने सूजे हुए हाथ दिखाते हुए कहा कि हड्डी टूट जाने पर भी इलाज नहीं करवाया जा रहा है। क्या है मामला? - दरअसल, 22 अप्रैल की रात को हिन्दूवादियों ने अपने गिरफ्तार साथियों को छुड़ाने के लिए बवाल किया था। - इस दौरान हिन्दूवादियों ने सीओ को थप्पड़ मारा, दरोगा की रिवॉल्वर लूट ली और बाइक में आग लगा दी थी। - पुलिस ने इस मामले में विहिप और बजरंग दल के 14 नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। योगी सरकार के इस रुख के बाद से भाजपा नेता चुप थे।

कृष्ण, सुदामा के समय हुई थी कैशलेस की शुरुआत; योगी ने सुनाया इंटरेस्टिंग किस्सा

कृष्ण, सुदामा के समय हुई थी कैशलेस की शुरुआत; योगी ने सुनाया इंटरेस्टिंग किस्सा

Last Updated: April 24 2017, 18:35 PM

लखनऊ. सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को पंचायती राज दिवस के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। यहां उन्होंने कैशलेस से संबधित द्वापर युग की एक कहानी सुनाई। इस कहानी से वे लोगों को कैशलेस के प्रति जागरूक करना चाहते थे। उन्होंने बताया कि कैसे कैशलेस की शुरुआत भगवान कृष्ण और सुदामा के समय ही हो गई थी। योगी ने सुनाई कृष्ण और सुदामा की कहानी - योगी ने कैशलेस का जिक्र करते हुए कहा कि, पंचायतों को कैशलेस की ओर बढ़ना चाहिए। - उन्होंने सुदामा और कृष्ण से संबंधित एक कहानी का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे कैशलेस की शुरुआत द्वापर युग में ही हो गई थी। - योगी ने कहा- सुदामा जी जब भगवान कृष्ण के यहां जाते हैं, तो कृष्ण उन्हें कुछ नहीं देते। - इसपर सुदामा सोचते हैं कि भगवान कृष्ण तो राजा बनने के बाद अहंकारी हो गए हैं। - इसके बाद जब वह घर पहुंचते हैं तो देखते हैं कि उनकी आशा से कहीं ज्यादा उन्हें मिला है। वहां तो महल बना हुआ था। - इस तरह बिना कैश लिए और दिए कृष्ण ने सुदामा की सहायता की थी। - इसके बाद योगी ने ग्राम पंचायत के सदस्यों को भीम एप को यूज करने की भी सलाह दी। पीएम ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने को भीम ऐप लॉन्च किया - बता दें, डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2016 में मोबाइल ऐप भीम लॉन्च किया था। - मोदी ने इस मौके पर कहा था- सरकार ऐसी टेक्नोलॉजी ला रही है, जिसके जरिए बिना इंटरनेट के भी आपका पेमेंट हो सकेगा। अंगूठा जो कभी अनपढ़ होने की निशानी था, वह डिजिटल पेमेंट की ताकत बन जाएगा। आपका अंगूठा ही डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए काफी होगा। - वहीं उन्होंने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने वाले लोगों और कलेक्टरों को सम्मानित भी किया। लकी ग्राहक योजना के तहत लातूर की श्रद्धा ने जीता 1 करोड़ - वहीं नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए लकी ग्राहक योजना और डिजिधन व्यापारी योजना शुरू की थी। - इनमें लकी ग्राहक योजना कस्टमर्स के लिए थी, जबकि डिजिधन व्यापारी योजना शॉपकीपर्स के लिए थी। - 10 अप्रैल को प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी के हाथों इन स्कीम्स का लकी ड्रा निकालवाया गया था, इसके बाद अंबेडकर जयंती के मौके पर विनर्स के नाम डिक्लेयर नहीं किए गए थे। - इसमें लातूर की श्रद्धा ने एक करोड़ का इनाम जीता है। उन्हें सिर्फ 1590 रुपए का डिजिटल पेमेंट करने पर यह इनाम मिला है। - वह मैकेनिकल इंजीनियरिंग की स्टूडेंट हैं। उसके पिता किराने छोटी-सी दुकान चलाते हैं।

योगी के मंत्री ने यूपी बोर्ड ऑफिस में मारा छापा, अफसर से कहा- कबाड़खाना बना दिया है

योगी के मंत्री ने यूपी बोर्ड ऑफिस में मारा छापा, अफसर से कहा- कबाड़खाना बना दिया है

Last Updated: April 24 2017, 17:41 PM

वाराणसी. सीएम योगी के साथ-साथ उनके मंत्री भी लगातार एक्शन में दिखाई दे रहे हैं। सोमवार को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनिल राजभर ने यूपी बोर्ड के रीजनल ऑफिस में छापा मारा। फाइलों पर धूल की मोती परतें जमा थी। वहीं, टॉयलेट में पान की पीक को देख उन्होंने क्षेत्रीय उप सचिव बी. भारती से कहा, क्या हालत बना दी है, ऑफिस की हालत कबाड़खाने की तरह कर दिए हो। मंत्री ने कहा- एक हफ्ते में फिर होगी चेकिंग बता दें, सोमवार को जब अचानक मंत्री निरीक्षण के लिए यूपी बोर्ड के रीजनल ऑफिस पहुंचे तो हड़कंप मच गया। उन्होंने यहां कई डिपार्टमेंट्स का जायजा लिया। सालों से अलमारी के रैक में पड़ी फाइलें धूल खा रही थीं। टॉयलेट में पान की पीक पड़ी थी। राजभर ने बताया, ऑफिस में अनियमितता की सूचना मिली थी। फाइलों का रिकॉर्ड अस्त-व्यस्त धूल फांक रहा है। डिपार्टमेंट पुराने सिस्टम में काम कर रहा था। वॉर्निंग दी गई है। एक हफ्ते में फिर चेकिंग की जाएगी। कौन हैं अनिल राजभर ? राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनिल राजभर ने चंदौली के सकलडीहा पीजी कॉलेज से राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। वह 1994 में छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद वह चंदौली जिले के जिला पंचायत सदस्य चुने गए। 2003 में पिता के देहांत के बाद हुए उपचुनाव में वह पिता की सीट से चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन तब 32,00 मतों से पराजय का सामना करना पड़ा। लेकिन, इसके बाद से वह लगातार क्षेत्र में बने रहे और 2017 के चुनाव में जीत हासिल की। आगे की स्लाइड्स में देखें मंत्री के छापे की 3 फोटोज...

जच्चा-बच्चा की मौत के बाद लोहिया पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, कहा- बताऊंगा दोषी के साथ क्या करना है

जच्चा-बच्चा की मौत के बाद लोहिया पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, कहा- बताऊंगा दोषी के साथ क्या करना है

Last Updated: April 24 2017, 15:46 PM

लखनऊ. लोहिया अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह सरप्राइज इंस्पेक्शन के लिए पहुंचे। यहां बंद कमरे में करीब डेढ़ घंटे तक डॉक्टर्स के साथ मीटिंग की। इसके बाद मीडिया से कहा, लापरवाही हुई है, मैंने जांच के आदेश दिए हैं, शाम तक रिपोर्ट आने पर बताऊंगा कि दोषी के साथ क्या करना है। अधिकारियों के साथ की डेढ़ घंटा मीटिंग लोहिया पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सीधे निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक देवेंद्र सिंह नेगी के रूम में पहुंचे, जहां उनकी कुर्सी खाली मिली। हालांकि, सूचना मिलते ही वह राउंड छोड़ कर सीधे मंत्री जी के सामने हाजिर हुए। मीडिया को संबोधित करते हुए सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, रविवार को हुई जच्चा-बच्चा की मौत की जानकारी सुनकर मैंने फैसला किया कि जानकारी लेने के लिए अस्पताल जाऊंगा, जहां पर डीजी हेल्थ सर्विसेज, सीएमओ डॉ. नेगी और एमएस के साथ मिलकर इस दुर्घटना के बारे में बात की। शाम तक का करुंगा इंतजार रिकॉर्ड देख कर अफसोस हुआ कि इस केस में लापरवाही हुई है। आगे ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए डीजी को बोला गया है कि प्रोटोकॉल बनाकर रिपोर्ट मुझे दें और उसी प्रोटोकॉल को आदेश के रूप में डायरेक्टर, सीएमओ, एमएस आदेश मानकर पालन करेंगे और ऐसा नहीं हुआ तो फिर जो कार्रवाई होगी वो क्रिमिनल साईट पर जाएगी, लेकिन उसके लिए मैं शाम तक इंतजार करुंगा।

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