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अखिलेश यादव

  • अखिलेश सरकार में 924 PPS अफसरों के 3921 बार हुए थे ट्रांसफर, RTI में हुआ खुलासा
    Last Updated: March 26 2017, 22:15 PM

    लखनऊ. यूपी में प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) अफसरों की कुल संख्या 924 है। अखिलेश यादव के शासन काल में मार्च 2012 से मार्च 2017 तक में यूपी में कुल 3921 पीपीएस अधिकारियों के तबादले हुए थे। आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर द्वारा प्राप्त सूचना के अनुसार सपा सरकार के पहले ही साल 1199 पीपीएस अफसरों के तबादले हुए थे। आईजी प्रशासन ने दी आरटीआई में ये सूचना आईजी प्रशासन, यूपी प्रकाश डी ने नूतन ठाकुर को 21 मार्च 2017 को भेजी गई 524 पृष्ठों की सूचना के अनुसार, इस दौरान शासन ने 480 मामलों में अपना ही तबादला आदेश निरस्त या बदल दिया गया। इनमें 123 आदेश रद्द किए गए, जबकि 357 आदेश बदले गए। एक ही आदेश में बदले गए 100 अफसर के तबादले आरटीआई सूचना के अनुसार, 4 बार शासन के एक ही आदेश में 100 से अधिक पीपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया। इसके अलावा 4 अन्य अवसरों पर 50 से अधिक पीपीएस अधिकारियों का तबादला एक ही आदेश पर हुआ। अखिलेश यादव के 15 मार्च 2012 को सीएम बनने के बाद 27 मार्च को 120, 1 अप्रैल को 153, 7 अप्रैल को 110 और 16 अक्टूबर 2012 को 121 पीपीएस अफसरों के तबादले एक ही आदेश पर हुए थे। चुनाव में हुआ सिर्फ 8 तबादला विधानसभा चुनाव के समय पुलिस अधिकारियों को बहुत राहत थी। विधानसभा चुनाव 2017 में चुनाव आयोग के निर्देशों पर मात्र 08 पीपीएस अफसरों का तबादला किया गया। सपा सरकार बनने के बाद पहला तबादला 17 मार्च 2012 को बीपी अशोक का एसपी सिटी मेरठ से आरटीसी चुनार हुआ था, जबकि उस सरकार में पीपीएस अफसरों का अंतिम तबादला 25 दिसंबर 2016 को 25 अफसरों का हुआ था। क्या कहती हैं नूतन ठाकुर नूतन ठाकुर के अनुसार, इन भारी तबादलों का परिणाम यह रहा कि इस 5 सालकी अवधि में औसतन 2 पीपीएस अफसर प्रतिदिन की दर से तबादला हुए, जो औसतन 4.25 तबादला प्रति पीपीएस अफसर रहा।

  • बेहद करीबियों ने मुझे धोखा दिया, जमीनी हकीकत से दूर रखा गया: अखिलेश यादव
    Last Updated: March 26 2017, 19:51 PM

    लखनऊ. अखिलेश यादव के मुताबिक, असेंबली चुनाव में हार की बड़ी वजह, उनके वो बेहद करीबी लोग थे, जिन्होंने जमीनी हकीकत से उन्हें दूर रखा। रविवार को पार्टी नेताओं के साथ मीटिंग के दौरान अखिलेश ने कहा, मेरे बेहद करीबियों ने मुझे धोखा दिया, वे बताते कुछ और थे और जमीन पर हकीकत कुछ और ही थी। समाजवादी रहे अति पिछड़ों को साथ जोड़ने में कमी रह गई। यूपी के पूर्व सीएम जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में ऑर्गनाइज किए गए एक प्रोग्राम में बोल रहे थे। भितरघात करने वालों पर होगी कार्रवाई .... - अखिलेश ने कहा, हार के कारणों की गहराई से समीक्षा हो रही है। भितरघात करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। उनपर कार्रवाई भी की जाएगी। समय रहते अगर सच्चाई बताई होती तो चुनाव के नतीजे कुछ और होते। - अखिलेश ने सपा सदस्यता अभियान पर जोर देते हुए कहा, पार्टी संघर्ष के बल पर सत्ता में लौटती रही है, और फिर लौटेगी। - जनता के बीच संघर्ष का संदेश जाएगा। सदस्यता अभियान पर ध्यान दिया जाए। अब संघर्ष का समय आया है। बड़े नेता रहे दूर - बता दें, अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी जहां हार की समीक्षा करने की बात कर रही है। वहीं, इन समीक्षा बैठकों से सपा के बड़े नेता दूरी बनाए हुए हैं। - शनिवार को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो या फिर रविवार को जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की बैठक, दोनों ही मीटिंग्स में मुलायम सिंह और शिवपाल यादव नहीं पहुंचे। वहीं, रामगोपाल राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तो पहुंचे लेकिन जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में नहीं आए। जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में हुई मीटिंग - अखिलेश ने जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में जो मीटिंग की उसमें उनकी टीम के मेंबर मौजूद रहे। - बता दें, अखिलेश ने परिवार के झगड़े के बीच जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट को अपनी टीम के लिए नए ऑफिस के तौर पर बनाया था। - जब अखिलेश गुट के लोगों को सपा से बर्खास्त किया गया था तो वे सपा ऑफिस की जगह जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में बैठा करते थे। 2022 में फायरब्रिगेड में गंगाजल भरकर धुलवाऊंगा CM हाउस: अखिलेश - शनिवार को नेशनल एग्जीक्युटिव्स की मीटिंग में अखिलेश ने कहा था, 2022 में हम आएंगे तो फायर ब्रिगेड में भरकर गंगाजल लाएंगे और 5 केडी (CM हाउस) को धुलवाएंगे। - मुझे शुद्धिकरण से कोई तकलीफ नहीं है। मैं उम्मीद करता हूं कि योगीजी मोर का ख्याल रखेंगे, जो वहां रहते हैं। - स्लॉटर हाउस बंद किए जाने पर अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा था, हमारे शेर बहुत भूखे हैं, नजदीक मत जाना। योगी उम्र में भले ही बड़े होंगे, लेकिन काम में बहुत पीछे हैं।

  • अखिलेश ने कहा- योगी जी मेरी शादी न होने देते, अच्छा हुआ जो...
    Last Updated: March 26 2017, 13:55 PM

    लखनऊ. यूपी में चल रहें एंटी रोमियो को लेकर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा- अच्छा हुआ मैने पहले ही शादी कर ली नहीं तो योगी जी मेरी शादी न होने देते। अखिलेश ने ये बातें शनिवार को मीडिया से बातचीत में कही। बता दें, योगी आदित्यनाथ के सीएम बनते ही प्रदेश में मनचलों पर नकेल कसने के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड बनाया गया है। कुछ ऐसी रही अखिलेश-डिंपल की लव स्टोरी... - अखिलेश की डिंपल से मुलाकात इंजीनियरिंग के दिनों में हुई थी। - वे तब महज 21 साल के थे और डिंपल 17 की। - डिंपल तब स्कूल में पढ़ती थीं। - दोनों की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के घर पर हुई। - पहली ही मुलाकात में दोनों के बीच अच्छी कैमिस्ट्री जम गई। 4 साल तक अखिलेश ने की थी डेटिंग - अखिलेश की लाइफ पर किताब लिखने वाली सुनीता एरन ने उनकी लाइफ से जुड़े पर्सनल फैक्ट्स उजागर किए हैं। - सुनीता की किताब अखिलेश यादव - बदलाव की लहर में उन्होंने डिंपल के साथ रिलेशनशिप का भी जिक्र किया है। - पहली मुलाकात में अच्छी दोस्ती होने के बाद अखिलेश और डिंपल में रेग्यूलर बातचीत होने लगी। - जल्द ही ये दोस्ती प्यार में बदल गई। - सुनीता की किताब के मुताबिक अखिलेश और डिंपल फ्रेंड से मिलने का बहाना बनाकर एकदूसरे से छुपकर मिलते थे। - वे कभी लखनऊ के मोहम्मद बाग क्लब, तो कभी कैंट सूर्या क्लब में। - इंजीनियरिंग पूरी होने के बाद अखिलेश ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटी से मास्टर्स डिग्री लेने सिडनी निकल गए। - अखिलेश के हवाले से किताब में लिखा है कि सिडनी जाने के बाद भी अखिलेश डिंपल से लगातार कॉन्टेक्ट में रहे। वे डिंपल को लेटर्स लिखते थे, ग्रीटिंग कार्ड्स भेजते थे। - यह सिलसिला अखिलेश की मास्टर्स डिग्री पूरी होने तक चला। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें अखिलेश ने कब किया शादी का फैसला....

  • CM योगी ने गायों से की ऐसी बातचीत, रिएक्शन देख आश्चर्य में पड़ गए लोग
    Last Updated: March 26 2017, 09:42 AM

    गोरखपुर. सीएम बनने के बाद पहली बार गोरखपुर पहुंचे आदित्यनाथ योगी ने रविवार को तड़के मठ स्थित गौशाला केंद्र पहुंचे। उनके राधा-कान्हा और नंदी पुकाराते ही उनकी ओर दौड़ पड़े। नंदी और भोले शंकर ने तो अपनी जगह से ही हुंकार भरी। योगी ने सभी को गुड़ और बिस्किट के बाद हरा चारा खिलाया। योगी बोले- कान्हा तूने दूध पिया। तेरी मां ने पिलाया कि नहीं। पशुपालकों की ओर इशारा कर बोले- इसे फिर से दूध पिला, ये राधा तू ठीक तो है ना। क्या सोकनी। ये उंटवा क्या कर रहा है। अरे नंदी तू खाना क्यों नहीं खा रहा। उसने सिर नीचे झुका लिया। एक-एक गाय और बछड़े तथा बैल से योगी मिले। उनके सिर पर हाथ रखकर सहलाया। उनसे बात की और फिर उन्हें गुड़ खिलाया। योगी और इन पशुओं के प्रेम को देखकर योगी के साथ बाहर से आये लोग आश्चर्य में पड़ गए। आगे की स्लाइड्स में फोटोज में देखें कैसे गायों के साथ नजर आए योगी आदित्यनाथ...

  • 2022 में फायरब्रिगेड में गंगाजल भरकर धुलवाऊंगा CM हाउस: अखिलेश
    Last Updated: March 25 2017, 18:03 PM

    लखनऊ. अखिलेश यादव ने सीएम हाउस का शुद्धिकरण करवाए जाने के बाद योगी पर कमेंट किया। अखिलेश ने कहा, 2022 में हम आएंगे तो फायर ब्रिगेड में भरकर गंगाजल लाएंगे और 5 केडी (CM हाउस) को धुलवाएंगे। मुझे शुद्धिकरण से कोई तकलीफ नहीं है। मैं उम्मीद करता हूं कि योगीजी मोर का ख्याल रखेंगे, जो वहां रहते हैं। हमारे शेर भूखे, नजदीक मत जाना- अखिलेश... - स्लॉटर हाउस बंद किए जाने पर अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर कमेंट किया कि हमारे शेर बहुत भूखे हैं, नजदीक मत जाना। उन्होंने कहा कि योगी उम्र में भले ही बड़े होंगे, लेकिन काम में बहुत पीछे हैं। अखिलेश शनिवार को पार्टी की नेशनल एक्जिक्यूटिव मीटिंग के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। मालूम होता तो हम भी अधिकारियों से झाड़ू लगवाते - अखिलेश ने कहा, हमें नहीं मालूम था कि हमारे अधिकारी इतनी अच्छी झाड़ू लगाते हैं। मालूम होता तो हम भी खूब झाड़ू लगवाते। - मुझे अब उस दिन का इंतजार है कि जब आप लोग यूपी में होने वाली हत्या-रेप की घटनाओं पर उसी तरह योगीजी की फोटो के साथ खबरें दिखाएंगे, जैसे मेरी दिखाया करते थे। - एक जाति विशेष के अधिकारियों को ट्रांसफर और सस्पेंड किया जा रहा है। लेकिन, आप लोग उसकी खबर नहीं लगाएंगे. 30 सितंबर से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव - अखिलेश ने कहा, हार का रिव्यू हमने किया है और अभी ये चल रहा है। 15 अप्रैल से हमारा सदस्यता अभियान शुरू होगा और पूरे यूपी में चलाया जाएगा। 30 सितंबर से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा।

  • यूपी के IPS हिमांशु सस्पेंड, अखिलेश बोले- एक ही जाति के अफसरों पर हो रही कार्रवाई
    Last Updated: March 25 2017, 15:30 PM

    लखनऊ. डीजीपी जावीद अहमद ने यूपी पुलिस के आईपीएस हिमांशु कुमार को सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने डीजीपी समेत पुलिस डिपार्टमेंट के कई अफसरों पर गंभीर लगाए थे। इसके बाद अखिलेश यादव ने कहा, यूपी में जाति विशेष के अफसरों का ट्रांसफर और सस्पेंशन हो रहा है, ये सभी जानते हैं। सस्पेंड होने के बाद हिमांशु ने ट्वीट किया, सत्य की ही जीत होती है। जाति के आधार पर भेदभाव का आरोप लगाया था... - बता दें, 2010 बैच के IPS ऑफिसर हिमांशु कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए डीजीपी ऑफिस पर जाति के आधार पर भेदभाव करने के आरोप लगाए थे। - हिमांशु पर दहेज उत्पीड़न का मामला भी दर्ज है। आईपीएस ने ट्वीट कर बताया था कि उन्हें पत्नी 10 करोड़ रुपए के लिए ब्लैकमेल कर रही है। - मामला मीडिया में आने के बाद हिमांशु ने कुछ ट्वीट्स डिलीट कर दिए और सफाई भी दी थी कि कुछ लोगों ने मेरे पर्सनल लीगल केस को सोशल मीडिया में लाने की कोशिश की है। इलेक्शन के बाद डीजीपी हेडक्वार्टर्स के साथ अटैच किया - हिमांशु को अब तक छह जिलों महराजगंज, श्रावस्ती, हापुड़, कासगंज, मैनपुरी और फिरोजाबाद में एसपी बनाकर भेजा जा चुका है। - यूपी इलेक्शन से पहले वे फिरोजाबाद के एसपी थे। इलेक्शन रिजल्ट के बाद उन्हें लखनऊ डीजीपी हेडक्वार्टर्स के साथ अटैच कर दिया गया।

  • योगी के राज में हुआ अखि‍लेश के उत्तम प्रदेश का प्रचार, देखते रहे अधि‍कारी
    Last Updated: March 24 2017, 15:36 PM

    आगरा. यूपी में योगी राज आने के बाद भी आगरा में ताज महोत्सव के दौरान अखिलेश यादव और उनके उत्तम प्रदेश का प्रचार हुआ। अब इसे अधिकारियों का अखिलेश मोह कहें या लापरवाही, लेकिन ऐसा हो रहा है। बता दें, गुरुवार को सरकार के अकेले मुस्लिम मंत्री मोहसिन रजा ने अपने ऑफिस में मुलायम सिंह यादव और आजम खान की फोटो देख अफसरों को फटकार लगाई थी। उन्होंने पूछा था- सरकार किसकी है? जब सही जवाब नहीं मिला तो बोले- यहां पीएम और सीएम की तस्वीर लगाइए। अखिलेश का प्रचार देखते रहे पुलिस-प्रशासन और पर्यटन विभाग के अधिकारी... - दरअसल, आगरा में इन दिनों 9 दिवसीय ताज महोत्सव का 26वां वार्षिक आयोजन चल रहा है। - गुरुवार शाम को भजन सम्राट अनूप जलोटा के कार्यक्रम से पहले मंच पर प्रोजेक्टर स्क्रीन पर कई बार उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के उत्तम प्रदेश का एड चलता रहा। - मंच के सामने पुलिस-प्रशासन और पर्यटन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन किसी ने भी इसे हटवाने की कोशिश नहीं की। आजम की फोटो देख भड़क गए बीजेपी के इकलौते मुस्लिम मंत्री - हज मंत्री मोहसिन रजा अपने ऑफिस में आने से पहले हज हाउस पहुंच गए। - वहां पर ऑफिस में मुलायम और आजम खान की फोटो देख भड़क गए। उन्होंने अपने मातहतों से कहा- क्या आपको पता नहीं क्या कि सरकार बदल चुकी है। इनकी फोटो उतारकर नरेंद्र मोदी और आदित्यनाथ की फोटो लगाइए। वहीं, हेल्थ मिनिस्टर सिद्धार्थनाथ सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस में अनाउंस किया था कि अब 108 और 102 एम्बुलेंस से समाजवादी शब्द हटाया जाएगा। डिप्टी सीएम ने कहा- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे की होगी जांच - डिप्टी सीएम केशव मौर्य पीडब्लूडी विभाग में स्वच्छता की शपथ दिलाने पहुंचे थे। - मीडिया से औपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे की फाइल तलब की गई है। - जल्द ही उसकी शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की जाएगी। अभी एक्सप्रेस वे 35 फीसदी ही काम हुआ है।

  • जयाप्रदा संग अनुष्ठान करने आए अमरसिंह, बोले- UP में पूरी हो गई मन्नत
    Last Updated: March 23 2017, 15:31 PM

    इंदौर/नलखेड़ा। यूपी चुनाव के नतीजे आने के 10 दिन बाद ही एसपी के पूर्व नेता अमर सिंह तांत्रिक सिद्धी के लिए प्रसिद्ध मां बगुलामुखी मंदिर पहुंचे। उनके साथ एक्ट्रेस जयाप्रदा भी थीं। अनुष्ठान के बाद अमरसिंह ने कहा कि मेरी मनोकामना पूरी हो गई है। यूपी में दुष्टों का नाश होना शुरू हो गया है। मां ने मेरी मन्नत पूरी की है इसलिए उनका धन्यवाद करने आया हूं। - पूर्व सांसद अमरसिंह नलखेड़ा स्थित बगुलामुखी के अनन्य भक्त हैं। पिछले एक साल में वे तीन बार यहां आ चुके है। दो बार जयाप्रदा भी उनके साथ थी, जबकि एक बार वे सांसद सुभाषचंद्र को लेकर यहां आए थे। - बुधवार रात वे एक बार फिर जयाप्रदा के साथ यहां आए। मंदिर में दर्शन और पूजन करने के बाद उन्होंने रात में एक विशेष अनुष्ठान करवाया। - मंदिर में दर्शन के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए अमरसिंह ने पहले तो अखिलेश की हार पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन आखरी में उन्होंने अखिलेश पर जमकर निशाना साधा। - अमरसिंह ने कहा कि मंदिर में उनकी मनोकामना पूरी हो गई। इसलिए वे माता के चरणों में शीश नवाने आए हैं। मनोकामना के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि दुष्टों का नाश शुरू हो गया। 11 पंडितों ने किया हवन, दो घंटे चला अनुष्ठान - मंदिर में पूजन और दर्शन के बाद अमरसिंह और जयाप्रदा ने मंदिर के पास बने एक आश्रम में हवन करवाया। - इस अनुष्ठान में 11 पंडितों ने भाग लिया। अनुष्ठान करीब ढाई घंटे तक चला। इस दौरान अमरसिंह जयाप्रदा और उनके एक सहयोगी के अलावा और कोई मौजूद नहीं था। - अनुष्ठान के बारे में पूछने पर अमरसिंह ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। ये माना जा रहा है कि उन्होंने अपने और जयाप्रदा के राजनीतिक पुनर्वास के लिए अनुष्ठान करवाया है। पीएम मोदी और योगी का किया गुणगान - अमरसिंह ने चर्चा के दौरान पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी दोनों की तारीफ़ में जमकर कसीदे काडे़। - उन्होंने कहा कि योगी युवा भी हैं और अनुभवी भी। वे संकल्प के पक्के हैं और यूपी को नई दिशा देंगे। - उन्होंने कहा कि अखिलेश ने मोदी पर जो कमेंट किए उन्होंने बहुत गरिमा के साथ उसका जवाब दिया और पांसा पलट दिया। - अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता माखन सिंह से भी मुलाक़ात की। - उनके भाजपा में जाने की अटकलों के बारे में पूछने पर अमरसिंह बोले कि इस बारे में भाजपा आलाकमान ही कुछ बता सकता है। - मंदिर समिति ने अमरसिंह और जयाप्रदा का सम्मान करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। (फोटो- राहुल जोशी) आगे की स्लाइड्स पर देखें फोटोज...

  • पहले मैं राजनीति की बातें करती थी, आज लोग मेरी बातें करते हैं: UP मिनिस्टर बोलीं
    Last Updated: March 23 2017, 13:20 PM

    लखनऊ. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है। इसमें मिनिस्टर ऑफ स्टेट स्वाति सिंह को एनआरआई, वुमन एंड फैमिली वेलफेयर, फ्लड कंट्रोल (बाढ़ नियंत्रण), एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट, एग्रीकल्चर मार्केटिंग जैसे विभागों की जिम्मेदारी मिली है। बता दें कि स्वाति सिंह मायावती के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर चर्चा में आए दयाशंकर सिंह की पत्नी हैं। DainikBhaskar.com से बातचीत में स्वाति सिंह ने कहा, मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, उसे पूरी तरह से निभाऊंगी। उन्होंने यह भी कहा, जब मैं पढ़ाती थी, तब राजनीति की सिर्फ बातें करती थी, आज राजनीति में हूं और लोग मेरी बातें करते हैं। पढ़ें स्वाति सिंह ने और क्या कहा...? #आपको कई विभागों की जिम्मेदारियां मिली हैं, आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं? - पार्टी ने मुझ पर विश्वास करके कई जिम्मेदारियां दी हैं। उससे मुझे जितनी खुशी है, उससे कहीं ज्यादा बड़ी जिम्मेदारी है कि उन्हें मुझे पूरा करना है। प्रदेश भर में किसी को भी खासकर गरीब या महिला को इंसाफ में देरी न हो, उस पर ध्यान देना है। यही मेरी प्राथमिकता है और यही संकल्प लेकर आखिर तक काम करूंगी। #सपा के करप्शन और लॉ एंड ऑर्डर को टारगेट करके बीजेपी को इतना बड़ा बहुमत मिला। सरकार बदल गई, लेकिन क्या स्थितियां बदलेंगी? - सपा और बसपा की तुलना हमसे हो ही नहीं सकती है, क्योंकि मायावती तानाशाही चलाती हैं। वहीं, सपा में परिवार बढ़ता है। बीजेपी में लोकतंत्र है। पार्टी में भी और सरकार में भी होगा। स्थितियां बदल चुकी हैं, वादों पर काम शुरू हो गया है। एंटी रोमियो स्क्वॉड इसका उदाहरण है। #आपकी राजनीतिक शुरुआत बसपा की खिलाफत करके हुई। अब सरकार आपकी है। क्या इस सरकार में सब कुछ बदल जाएगा? - हमने कभी किसी व्यक्ति की मुखलाफत नहीं की। हमने काले साम्राज्य, तानाशाही, भ्रष्टाचार और गुंडाराज की खिलाफत की थी। गरीब परेशान हो चुका था, उसे बीजेपी के तौर पर ऑप्शन मिला। हम इस विश्वास को बरकरार रखेंगे। #आपके परिवार पर टिप्पणी करने को लेकर बीजेपी ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को जेल भेजने के लिए काफी प्रदर्शन किया था। क्या उनकी गिरफ्तारी होगी? - नसीमुद्दीन ही नहीं, बल्कि उसके साथ रहे सभी नेताओं और अफसरों की भूमिका की जांच होगी। ये बात उस वक्त मीडिया को सपा सरकार से, मायावती से पूछनी चाहिए थी, लेकिन किसी ने आवाज नहीं उठाई। इस बारे में तो जांच अधिकारी अशोक वर्मा से सवाल किया जाना चाहिए। वो सच बताएं कि किसके कहने पर उन्होंने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। हमें टालने के लिए सबूत मांगे गए, दबाव बनाया गया, उस वक्त सब चुप थे। लेकिन अब जनता ने सच्चाई का साथ दिया है। सपा सरकार में गरीबों के साथ हुए हर उत्पीड़न की जांच होगी। गायत्री प्रजापति की गिरफ्तारी इसी का सबूत है। नसीमुद्दीन भी जरूर जेल जाएंगे। #आप प्रोफेसर रही हैं। पहले और अब पॉलिटिक्स में आने के बाद कितना बदलाव आया है? - जब मैं पढ़ाती थी, तब राजनीति की सिर्फ बातें करती थी, आज राजनीति में हूं और लोग मेरी बातें करते हैं। जब आपकी बातें होने लगती हैं तो जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। पहले से कहीं ज्यादा आपकी जवाबदेही हो जाती है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, लॉ एंड ऑर्डर को लेकर स्वाति सिंह ने क्या कहा...

  • कभी ऐसे दिखते थे CM योगी, एक बार में नहीं पहचान पाएंगे आप
    Last Updated: March 23 2017, 09:45 AM

    गोरखपुर. योगी आदित्यनाथ यूपी के 32वें सीएम चुने गए हैं। उन्होंने 22 साल की उम्र में ही घर छोड़ दिया था। बुधवार को सोशल मीडिया पर योगी के स्कूल टाइम की एक फोटोज शेयर की गई, जिसमें उनको पहचानना मुश्किल है। योगी अपने स्कूल फ्रेंड्स के साथ ब्राउन कलर के पैंट और ब्लू शर्ट में दिख रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें सीएम योगी आदित्यनाथ की रेयर फोटोज...

  • समाजवादी एम्बुलेंस पर चढ़ सकता है BJP का रंग, जानें क्या हो सकता है चेंज
    Last Updated: March 22 2017, 20:15 PM

    लखनऊ. यूपी में योगी सरकार का गठन हुए 72 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं। नई सरकार अब पूरी तरह से एक्शन में है। एक ओर जहां प्रदेश भर में एंटी रोमियो स्कॉवायड बनाकर मनचलों पर कार्रवाई की जा रही है, वहीं स्लाटर हाउस को भी सील किया जा रहा है। कई नई योजनाओं और सेवाओं में बदलाव की उम्मीद की जा रही हैं। वहीं एक नाम यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट समाजवादी 108 और 102 एम्बुलेंस का भी शामिल है। बताया जा रहा है कि अब किसी भी समय इसके नाम और रंग को बदलने का आदेश जारी हो सकता है। 20 नहीं 15 मिनट में पहुंचेगी एम्बुलेंस... - एम्बुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी, जीवीके, ईएमआरआई के प्रवक्ता अजय यादव के मुताबिक, शहरी इलाकों के लिए अभी तक रिस्पांस टाइम 20 मिनट और ग्रामीण इलाकों के लिए 30 मिनट निर्धारित किया गया था, लेकिन नई सरकार अब इसे घटाकर 15 मिनट करना चाहती है। - एम्बुलेंस का नाम बीजेपी और संघ से जुड़े किसी बड़े नेता के नाम पर रखा जा सकता है। इसका रंग भी बदलकर बीजेपी के चुनावी निशान के रंग पर रखने पर विचार किया जा रहा है। - सरकार ने इसके लिए जीवीके के उच्च अधिकारियों से सुझाव भी मांगे है। साथ ही प्रदेश में एम्बुलेंस की संख्या को बढ़ाने के बारे में भी विचार किया जा रहा है। - इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो गई है। अफसरों से समाजवादी एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कागजात मंगाए गए हैं। प्रदेश सरकार जल्द ही इस पर कोई निर्णय ले सकती है। पहली बार इस सीएम के कार्यकाल में शुरू हुई थी एम्बुलेंस सेवा - साल 2010 में पहली बार मायावती की सरकार में सीएम महामाया सचल अस्पताल योजना के नाम से भी एम्बुलेंस सेवा शुरू हुई थी। - उस पर पार्टी का नारा और तत्कालीन सीएम की फोटो भी लगी हुई थी। तमाम सुविधाओं से लैस इस सचल अस्पताल पर गैर सरकारी संगठन के माध्यम से चिकित्सक समेत एक टीम हमेशा चलती थी। - गांव-गांव में घूमकर प्रोजेक्टर से फिल्म दिखाकर लोगों को जागरूक करने का भी प्रयास किया जाता था। गंभीर रोगियों को इसमें भर्ती कर इलाज के लिए ले जाया जाता था, लेकिन सरकार बदलते ही यह एम्बुलेंस खड़ी हो गई। - एनएचएम की योजना के पैसे से खरीदी गई एम्बुलेंस पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगा। एम्बुलेंस का रंग हल्का नीला हुआ करता था। एक्स सीएम अखिलेश ने भी शुरू की एम्बुलेंस सेवा - 2012 में पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सरकार बनते ही सबसे पहले एम्बुलेंस सेवा शुरू करने का लिया। - उन्होंने मायावती की ओर से चलाए जा रही महामाया सचल अस्पताल को हटाकर 15 सितंबर 2012 को समाजवादी 108 एम्बुलेंस सेवा शुरू की। - इसके बाद 17 जनवरी 2014 को गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए 102 एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत की थी। - सपा की सरकार में एम्बुलेंस का रंग क्रीम कलर और उसपर समाजवादी नाम भी लिखा हुआ था।

  • फोन पर फूट-फूटकर रोने लगा BSP नेता का बेटा, अखिलेश ने दिया ये जवाब
    Last Updated: March 22 2017, 16:41 PM

    इलाहाबाद. गत रविवार हुई बसपा नेता मो. शमी की हत्या सियासी रंग ले रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा मर्डर इन्वेस्टिगेशन के लिए 5 टीमें बनाई जाने के बाद अब पूर्व सीएम ने मदद की बात कही है। अखिलेश यादव ने मंगलवार शाम शमी के बेटे मोहम्मद इम्तियाज से फोन पर बात की। फूट-फूटकर रोने लगा बेटा, अखिलेश ने दिया ये जवाब... - मोहम्मद शमी सपा छोड़कर बसपा में शामिल हुए थे। - मंगलवार को अखिलेश यादव ने फोन कर उनके बेटे इम्तियाज का हालचाल पूछा। - अखिलेश से बातचीत के दौरान इम्तियाज फोन पर फूट-फूटकर रोने लगा। - पूर्व सीएम ने पहले हर संभव मदद करने का वादा किया, फिर इम्तियाज का बुरा हाल देख उन्होंने उसे लखनऊ बुला लिया। - इम्तियाज ने अखिलेश के इन्विटेशन को अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए ठुकरा दिया। - इस पर अखिलेश ने जल्द से जल्द खुद मऊआइमा आने का आश्वासन दिया। आगे की स्लाइड्स में देखें रिलेटेड Photos...

  • अखिलेश-डिंपल के रिश्तेदार हैं योगी! CM के भाई ने बताया Viral मैसेज का सच
    Last Updated: March 22 2017, 10:07 AM

    लखनऊ. आदित्यनाथ योगी के सीएम बनते ही सोशल मीडिया पर उनसे जुड़ी अफवाहों की भी बाढ़ आ गई है। व्हॉट्सएप पर योगी और अखिलेश यादव के बीच जीजा-साले के रिलेशन का मैसेज वायरल हो रहा है। एक मैसेज यह भी है कि आदित्यनाथ उर्फ अजय मोहन बिष्ट मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव की बुआ के बेटे हैं। dainikbhaskar.com के साथ बातचीत में योगी के छोटे भाई महेंद्र ने इस मैसेज का सच बताया। जानें क्यों हो रहा है ये मैसेज वायरल... - योगी आदित्यनाथ पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर ब्लॉक के पंचूर गांव के मूल निवासी हैं। - मुलायम फैमिली की दोनों बहुएं डिंपल और अपर्णा भी उत्तराखंड से हैं। - सिर्फ इसी समानता के चलते योगी को अखिलेश यादव की वाइफ डिंपल का भाई बताया जा रहा है। ऐसे मैसेज हैं वायरल - अपर्णा यादव के पिता अरविंद सिंह बिष्ट को योगी आदित्यनाथ का मामा बताया जा रहा है। - कुछ मैसेज में घुमाकर योगी की मां सावित्री को अपर्णा की बुआ बताया जा रहा है। आगे की स्लाइड में पढ़िए, dainikbhaskar.com को योगी के भाई ने बताई सच्चाई...

  • करोड़पति अखिलेश हैं इस मामले में लखपति योगी से पीछे, जानें FACTS
    Last Updated: March 22 2017, 10:06 AM

    लखनऊ. अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ की पहचान सिर्फ यूपी के CM तक सीमित नहीं। दोनों को अलावा देश सबसे युवा नेताओं के रूप में भी जाना जाता है। योगी जहां महज 26 की उम्र में सांसद बन गए थे, वहीं अखिलेश यूपी के यंगेस्ट सीएम (38 साल) रहे। dainikbhaskar.com इन्ही दो डायनेमिक यंग नेताओं के बीच का कंपेरिजन अपने रीडर्स को बता रहा है। करोड़पति होकर भी लखपति योगी से पीछे हैं अखिलेश, जानें किस मामले में... - सरकारी एफिडेविट्स के मुताबिक अखिलेश यादव 8.8 करोड़ के मालिक हैं, वहीं आदित्यनाथ के पास महज 72 लाख रुपए की संपत्ति है। - इसके बावजूद योगी के पास एक्स सीएम से ज्यादा महंगी कारें हैं। - 2012 के ऑफीशियल रिकॉर्ड के मुताबिक अखिलेश यादव के पास सिर्फ एक 20 लाख की पजेरो कार है। - 2014 के एफिडेविट के मुताबिक योगी आदित्यनाथ के पास 3 कारें हैं, जिनकी टोटल कीमत 36 लाख रुपए है। - उनकी 2014 में खरीदी टोयोटा फॉर्च्यूनर अकेली 21 लाख रुपए की है। इनोवा की कीमत 12 लाख और टाटा सफारी की 3 लाख रुपए है। इस मामले में हैं एक जैसे - योगी और अखिलेश के बीच एक बात समान भी है। - दोनों ही सांसद पद से रिजाइन करने के बाद यूपी के सीएम बने। - अखिलेश यादव ने कन्नौज सीट से इस्तीफा देकर सीएम की कुर्सी संभाली थी। - वहीं योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर की सीट छोड़कर सीएम पद संभाला। - योगी लगातार 5 बार सांसद रहे, वहीं अखिलेश MP बनने की हैट्रिक बना चुके हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें किन मामलों में योगी और अखिलेश के बीच है कॉम्पिटीशन...

  • योगी के CM बनते ही बौखलाया पाक, जानें क्या कहा पाक मीडिया ने
    Last Updated: March 21 2017, 10:46 AM

    इंटरनेशनल डेस्क. बीजेपी नेता योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। योगी यूपी के इतने चर्चित और विवादास्पद नेता हैं कि उनके कवरेज से वर्ल्ड मीडिया भी अछूता नहीं रहा। अधिकतर अखबारों ने उनकी कट्टर हिंदुत्व की छवि के बारे में ही लिखा। वहीं, पाकिस्तानी मीडिया की बात करे तो लगभग हरेक अखबार ने योगी पर जमकर निशाना साधा है। पाकिस्तान के फेमस अखबार द डॉन; ने तो साफ शब्दों में लिखा है- भारत के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य का सीएम एक मुस्लिम विरोधी व्यक्ति को चुना गया है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, किसने क्या लिखा...

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