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अखिलेश यादव

अखिलेश को करना चाहिए आराम, जल्‍दी-जल्‍दी दे रहे बयान: केशव प्रसाद मौर्य

अखिलेश को करना चाहिए आराम, जल्‍दी-जल्‍दी दे रहे बयान: केशव प्रसाद मौर्य

Last Updated: April 26 2017, 20:22 PM

आगरा. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बुधवार को ताजनगरी पहुंचे। उन्होंने कहा, जिस दिन मैं डिप्टी सीएम बना, मैंने पार्टी अध्यक्ष को अपना प्रदेश अध्यक्ष पद का इस्तीफा सौंप दिया था। अब जैसे ही प्रदेश में नए अध्यक्ष का चयन होगा, मैं उसको चार्ज सौंप दूंगा। अखिलेश को करना चाहिए आराम केशव मौर्य ने अखिलेश यादव के पत्रकार पर भड़कने के सवाल पर कहा, अखिलेश को जनता नकार चुकी है। वह जल्दी-जल्दी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उन्हें कुछ दिन आराम करना चाहिए। जनता उनकी बातों को सीरियसली नहीं ले रही है। आगरा हिंसा पर हुई चर्चा - केशव ने यहां सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान जिले के विकास कार्य की समीक्षा हुई और पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। - शाम को वह भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह में पहुंचे। उनसे मिलने के लिए भाजपा के सांसद और विधायक पहुंचे। उन्होंने फतेहपुर सीकरी और थाना सदर में हुई बवाल पर चर्चा की। - नेताओं ने शिकायत की कि इस मामले में पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के नेताओं व कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बेरहमी से पीटा है। इलाज भी ठीक से नहीं मिल रहा है। निष्पक्षता से जांच का दिया भरोसा - बाद में उन्होंने आगरा बवाल पर मीडिया से कहा, हिंदूवादियों पर गलत मुकदमे की जांच निष्पक्षता से होगी। आवश्यक कार्रवाई होगी। दोषी पुलिसकर्मी और थानेदार पर जरुरत पड़ने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का भी मनोबल नहीं गिरने दिया जाएगा। दोनों के बीच में सामंजस्य बनाए रखते हुए हमारी सरकार का प्रयास है कि जो घटना घटी वह दुर्भाग्यपूर्ण थी। - उन्होंने कहा, अधिकारियों व जनप्रतिनिधि के साथ बैठक में आगरा को मॉडर्न जिला बनाने पर चर्चा हुई है। भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के लिए ही ई-टेंडरिंग करवाई जा रही है। - प्रदेश में जिन भू-माफियाओं ने सरकारी जमीनों पर अवैध रुप से कब्जा किया है उन सबको चिन्हित करके उन पर भी कदम उठाने का फैसला हुआ है। आगे की स्लाइड्स में देखें केशव मौर्य की कॉन्फ्रेंस की 2 फोटोज...

सहारनपुर बवाल में कई पत्रकारों के कैमरे तोड़े गए, ताकि सच्चाई सामने न आए; मामले की हो जांच: अख‍िलेश

सहारनपुर बवाल में कई पत्रकारों के कैमरे तोड़े गए, ताकि सच्चाई सामने न आए; मामले की हो जांच: अख‍िलेश

Last Updated: April 26 2017, 16:46 PM

लखनऊ. अखिलेश यादव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पिछले 10 साल से जुलूस की परमिशन नहीं दी गई थी, लेकिन इस बार बीजेपी के सांसद जानबूझकर सहारनपुर में जुलूस निकालने पर तुले रहे। प्रशासन की चेतावनी और मना करने के बावजूद जुलूस निकाला गया। बवाल के दौरान कई चैनल्स के पत्रकारों के कैमरे तोड़े गए, ताकि उनकी काली करतूतें सामने न आ सकें। कमेटी के जो लोग मौके पर गए थे और सहारनपुर के सपा विधायक ने जो रिपोर्ट दी, वो बेहद गंभीर है। इसलिए उसमें हम न्यायिक जांच की मांग करते हैं। और क्या बोले अखिलेश? - अखिलेश ने आगे बताया, समाजवादी पार्टी ने मामले में अपनी जांच कमेटी में मूलचंद चौहान, विधायक संजय गर्ग काे मुख्य रूप से शामिल किया। इसमें पाया गया कि केसरिया गमछा डाले 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ और मारपीट की। - राजनीतिक लाभ लेने के लिए ही बाबा साहब का इस्तेमाल किया गया। हम सहारनपुर के सांसद और सभी केसरियाधारी कार्यकर्तओं की गिरफ्तारी की मांग करते हैं। अगर बीजेपी में अंबेडकर जी के लिए थोड़ी सी भी इज्जत है तो वह कानूनी तौर पर दोषी लोगों को सजा दे और अपने सांसद को गिरफ्तार करे। पत्रकारों से मारपीट की गई - अखिलेश ने कहा, भगवाधारियों ने पुलिसवालों को मारा। वो अधिकारी (एसएसपी लव कुमार) अच्छा है। जिलों में राजनीतिक रूप से समस्याएं पैदा होती हैं, लेकिन वो अधिकारी सही है। - जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल बीजेपी कर रही है, वो लाेकतंत्र के लिए बहुत खतरा है। हम पर आरोप लगता था कि सपा के गुंडे थाने चला रहे हैं, लेकिन अब क्या हो रहा है? कई जगहों पर रेप हुआ तो मेरी सरकार में प्रेस वालों ने मेरी फोटो लगाकर सपा की छवि को खराब किया। लेकिन अब जो घटनाएं हो रही हैं, उनमें बीजेपी के सीएम की तस्वीर लगाओ तो जानें। ये मीडिया नहीं दिखा पाएगी। - हमारा गुंडाराज और जंगलराज था, लेकिन आज तो लोगों का भरोसा ही खत्म हो गया है। लोग 100 नंबर पर कॉल करने से भी डर रहे हैं, यूपी के लोग खौफ में हैं। बीजेपी के लोग डरकर, गुस्सा दिलाकर और सांप्रदायिकता फैलाकर वोट लेने में विश्वास करते हैं।

देर रात डिंपल के साथ रेस्टोरेंट पहुंचे अखिलेश, कुछ ऐसा रहा अंदाज

देर रात डिंपल के साथ रेस्टोरेंट पहुंचे अखिलेश, कुछ ऐसा रहा अंदाज

Last Updated: April 26 2017, 14:45 PM

लखनऊ. पूर्व सीएम अखिलेश यादव शनिवार को एक रेस्टोरेंट के उद्धाटन कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी डिंपल यादव और बच्चे भी मौजूद थे। साथ ही पार्टी में पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन भी मौजूद रहे। रेस्टोरेंट में अखिलेश यादव ने परिवार के साथ खाना भी खाया। मौजूद लोग अपने बीच पूर्व सीएम को देख काफी खुश नजर आए और उनकी तस्वीरें लेते दिखे। रेस्टोरेंट के एक पार्ट का उद्धाटन करने पहुंचे थे अखिलेश - बता दें, अखिलेश अपने परिवार के साथ रेस्टोरेंट के एक पार्ट का उद्धाटन करने पहुंचे थे। - इस कार्यक्रम में वे बेहद हल्के मूड में नजर आए। वहीं उनके बच्चे यहां खूब मस्ती करते दिखे। - बता दें, अखिलेश सार्वजनिक तौर पर अपने परिवार के साथ कम ही नजर आते हैं। - इस रेस्टोरेंट के मालिक का नाम पूजा वैद है। आगे की स्लाइड्स में देखें रिलेटेड 7 फोटोज...

कभी पल्लू सही करते तो कभी मुस्कुराते नजर आईं जया बच्चन, देखें PHOTOS

कभी पल्लू सही करते तो कभी मुस्कुराते नजर आईं जया बच्चन, देखें PHOTOS

Last Updated: April 26 2017, 11:57 AM

लखनऊ. यूपी के लखनऊ में मंगलवार को समाजवादी पार्टी की महिला सभा की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में सपा की राज्यसभा सांसद जया बच्चन भी पहुंची। यहां वो कभी मुस्कुराते तो कभी अपना पल्लू सही करते नजर आईं। वहीं इस मौके पर अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव भी अपने डिसेंट लुक दिखीं। आप भी देखें डिंपल यादव के साथ जया का स्टाइलिश अंदाज... आगे की स्लाइड्स में देखें जया-डिंपल के स्टाइलिश अंदाज की फोटोज...

जर्नल‍िस्ट पर भड़के अख‍िलेश, बोले- तुम जैसे लोगों की वजह से देश बर्बाद होगा

जर्नल‍िस्ट पर भड़के अख‍िलेश, बोले- तुम जैसे लोगों की वजह से देश बर्बाद होगा

Last Updated: April 25 2017, 17:19 PM

लखनऊ. अखिलेश यादव यहां एक जर्नलिस्ट के सवाल पर भड़क गए। जब उनसे पूछा गया कि शिवपाल आपका इस्तीफा मांगकर मुलायम सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के लिए कह रहे हैं। क्या आप ऐसा करेंगे? इस पर अखिलेश ने कहा, तुम अपनी बात बताओ, हमें क्या करना है, वो न पूछो। तुम भगवा पत्रकार हो। तुमने वही कपड़े भी पहने हैं। रोज-रोज परिवार पर सवाल मत पूछो। एक दिन तय कराे, उस दिन मैं भी तैयार होकर आउंगा और सारे पारिवारिक सवालों के जवाब दूंगा। मुझे राजनीति करने दो। इन सबमें रोके रखोगे तो पूरा देश बर्बाद हो जाएगा। तुम जैसे लोगों की वजह से ही देश बर्बाद होगा। मैं दावे से कह सकता हूं कि तुमने मुझे वोट नहीं किया होगा। अब दोबारा ऐसे सवाल मत पूछना। बीजेपी पर अखिलेश ने किया कमेंट... - समाजवादी पार्टी आॅफिस में मंगलवार को महिला सभा की मीटिंग हुई। इस दौरान पार्टी के मेंबरशिप कैम्पेन में डिंपल यादव और जया बच्चन ने प्राथमिक सदस्यता ली। इस मौके पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर भी कमेंट किया। - उन्होंने कहा, आजकल भगवा रुमाल रख लेना ही सत्ता के लिए काफी है। थानों में भी भगवा अंगौछों की पहुंच बढ़ गई है। बीजेपी की पोल एक महीने में ही खुल गई है। - क्या बीजेपी को आगरा और सहारनपुर की घटनाएं नहीं दिखाई दे रही हैं। इसी तरह इलाहाबाद में बेटियों का गैंगरेप करने के बाद पूरे परिवार को मार डाला गया। सपा सरकार में तो झूठा बदायूं केस बहुत उछाला गया। 15 अप्रैल से शुरू हुआ था सपा का मेंबरशिप कैम्पेन - बता दें, अखिलेश यादव ने 15 अप्रैल से सपा के मेंबरशिप कैम्पेन की शुरुआत की थी। इस प्रोग्राम से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव पूरी तरह गायब रहे थे। मौजूदगी तो दूर, होर्डिंग​-पोस्टर में भी मुलायम की तस्वीर नजर नहीं आई थी। जबकि पोस्टर पर लोहिया और जनेश्वर की फोटो थीं। सपा में इस बदलाव पर पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स ने DainikBhaskar.com से कहा था कि अखिलेश अब नेशनल लेवेल पर मुलायम की जगह लेना चाहते हैं। शिवपाल ने की थी मुलायम को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग - बीते दिनों शिवपाल यादव ने मैनपुरी में एक प्रोग्राम में कहा था कि अगर अखिलेश यादव ने उनकी बात मान ली होती तो वो फेल नहीं होते। अब अखिलेश को अपने वादे पूरे करने चाहिए। उन्हें पार्टी और परिवार को एक करना चाहिए। - उन्होंने कहा था कि अखिलेश ने जो कहा है, उसे पूरा करें। नैतिकता भी दिखाएं। उन्होंने चुनाव से पहले जो कहा, अब 3 महीने हो चुके हैं। नेताजी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दें। पूरा घर एक हो जाए। मुलायम ने भी बेटे पर कसा था तंज - 16 अप्रैल को मुलायम सिंह ने भी बेटे अखिलेश यादव के उस प्रपोजल को ठुकरा दिया था, जिसमें उन्होंने बीजेपी को रोकने के लिए किसी भी पार्टी से अलायंस की बात कही थी। - मुलायम ने कहा था - महागठबंधन की कोई जरूरत नहीं है। समाजवादी अकेले ही सक्षम है। बता दें, मुलायम ने यूपी असेंबली इलेक्शन के दौरान भी कांग्रेस से गठबंधन का विरोध किया था। मुलायम ने सार्वजनिक तौर पर इस गठबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी। - हालांकि, मुलायम की नाराजगी के बावजूद अलायंस जारी रहा और असेंबली इलेक्शन में सपा-कांग्रेस अलायंस को हार मिली।

योगी ने डिंपल, आजम की Z+ स‍िक्युर‍िटी हटाई; BJP के कट‍ियार की सुरक्षा बढ़ी

योगी ने डिंपल, आजम की Z+ स‍िक्युर‍िटी हटाई; BJP के कट‍ियार की सुरक्षा बढ़ी

Last Updated: April 23 2017, 09:17 AM

लखनऊ. योगी सरकार ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव की पत्नी सांसद डिंपल यादव, पूर्व मंत्री आजम खान, शिवपाल यादव और एसपी महासचिव रामगोपाल यादव की Z+ सिक्युरिटी को घटाकर Y कैटेगरी कर दिया गया है। इसके अलावा सपा सरकार के करीबी 100 अन्य लोगों की सुरक्षा भी वापस ले ली गई है। हालांकि, सरकार ने मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और मायावती की जेड प्लस सिक्युरिटी को जारी रखा है। वहीं, बीजेपी के सीनियर नेता और राज्यसभा मेंबर विनय कटियार की सिक्युरिटी Y कैटेगरी से बढ़ाकर Z कैटेगरी की कर दी गई है। नेताओं की सुरक्षा के संबंध में मांगी गई रिपोर्ट... - बता दें, हाल ही में होम डिपार्टमेंट की मीटिंग के बाद पूर्व सरकार में नेताओं और मंत्रियों को दी गई सिक्युरिटी के संबंध में रिपोर्ट मंगाई गई थी। इसके बाद डिंपल यादव, आजम खान, शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव की सुरक्षा घटाई गई। - वहीं, बदायूं के सांसद धर्मेंद्र यादव की Y+ कैटेगरी की सिक्युरिटी जारी रखी गई है। बसपा के पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को भी Y+ कैटेगरी सुरक्षा दी गई है। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना को Y कैटेगरी सुरक्षा दी गई है। इन नेताओं की सिक्युरिटी वापस ली गई - आशु मलिक, राकेश यादव, अतुल प्रधान समेत सपा सरकार के 100 से ज्यादा करीबियों की कैटेगरीवाइज सिक्युरिटी वापस ले ली गई है। बता दें, वीआईपी कल्चर खत्म करने के तहत सीएम योगी ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी होम को सिर्फ जरूरत के मुताबिक सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सभी वीवीआईपी और वीआईपी को मिली सिक्युरिटी का रिव्यू किया गया। किसे मिलती है जेड और जेड प्लस सिक्युरिटी? - सीएम, कैबिनेट रैंक के मिनिस्टर्स, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज और कुछ ऑफिसर्स को ही यह जेड या जेड प्लस कैटेगरी की सिक्युरिटी दी जाती है। - जेड़ प्लस सिक्युरिटी की जिम्मेदारी यूनियन होम मिनिस्ट्री के अंडर में होती है। इसके लिए वहीं से जरूरी गाइडलाइंस दी जाती है। सिक्युरिटी की कैटेगरी SPG : स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की कैटेगरी की सिक्युरिटी पीएम और उनके परिवारवालों को दी जाती है। एक्स पीएम के लिए यह 6 महीने तक रहती है। इसके अलावा स्पेशल लॉ के तहत यह फैसेलिटी राजीव गांधी के परिवार वालों को दी गई है। Z Plus : इसमें 36 जवानों को तैनात किया जाता है। इनमें 10 से ज्यादा एनएसजी कमांडो और पुलिस ऑफिसर्स होते हैं। एनएसजी कमांडो मार्शल आर्ट माहिर होते हैं और बगैर हथियारों के भी दुश्मन से लड़ सकते हैं। वो MP 5 गन्स और कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस होते हैं। काफिले में जैमर भी होता है। Z : खतरा जेड प्लस से कुछ कम हो तो, जेड कैटेगरी की सिक्युरिटी दी जाती है। इसमें सीआईएसएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ या पुलिस के 22 जवान तैनात रहते हैं। इनमें 5 एनएसजी कमांडो के साथ पुलिस ऑफिसर्स होते हैं। Y : इसमें 11 जवान रहते हैं। इनमें 1 या 2 एनएसजी कमांडो होते हैं। X : सिक्युरिटी की इस कैटेगरी में 2 जवान रहते हैं, जो आमतौर पर स्टेट पुलिस के होते हैं। इन्हें पीएसओ कहा जाता है।

आजम को अब Z श्रेणी की जगह दी जाएगी Y श्रेणी की स‍िक्युर‍िटी, इनकी भी सुरक्षा हुई कम

आजम को अब Z श्रेणी की जगह दी जाएगी Y श्रेणी की स‍िक्युर‍िटी, इनकी भी सुरक्षा हुई कम

Last Updated: April 22 2017, 22:39 PM

लखनऊ. योगी सरकार ने सुरक्षा समिति की बैठक के बाद कई विधायकों की सुरक्षा कम कर दी है। इसके तहत पूर्व मंत्री और सपा विधायक आजम खान की सुरक्षा में कटौती की गई है। उन्हें जेड श्रेणी की जगह अब वाई श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी। आगे पढ़िए और किस-किस की घटाई गई सिक्युरिटी... -सूत्रों के मुताबिक, आजम खान सहित करीब सौ नेताओं की सुरक्षा में कटौती की गई है। बीजेपी नेता विनय कटियार की सुरक्षा में भी कमी की गई है। इन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली है। -जानकारी के अनुसार, सपा नेता आशू मलिक, राकेश यादव और अतुल प्रधान समेत 100 नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली गई है। जबकि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव, मायावती और अखिलेश यादव को जेड प्लस सुरक्षा दी गई है। जानें कौन सी सिक्युरिटी में कितने जवान रहते हैं तैनात # जेड प्लस सिक्युरिटी- 08 # जेड सिक्युरिटी- 13 # वाई प्लस सिक्युरिटी- 14 # वाई सिक्युरिटी- 40 # एक्स सिक्युरिटी- 57 Z प्लस श्रेणी -यह हाई सिक्युरिटी श्रेणी की सुरक्षा है। जेड प्लस में 36 बेहतरीन जवान सुरक्षा देते हैं। इन्हें मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग मिली होती है। -ये बिना हथियार के भी दुश्मन से लड़ सकते हैं। अत्याधुनिक एमपी-5 बंदूकों और कम्युनिकेशन के साधनों से भी लैस होते हैं। सुरक्षा काफिले में जैमर, रोड ओपनिंग गाड़ियां इन्हें दी जाती है। Z श्रेणी -जिस मामले में खतरे का आंकलन जेड प्लस से थोड़ा कम होता है, उन्हें जेड श्रेणी की सुविधा दी जाती है। इसमें सीआईएसएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ या दिल्ली पुलिस के 28 जवान तैनात रहते हैं। Y श्रेणी -यह तीसरे स्तर की सुविधा है, जिसमें 11 जवान रहते हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान यह सुरक्षा प्रदान करते हैं। X श्रेणी -चौथी श्रेणी की इस सुरक्षा में 2 जवान रहते हैं, जो आमतौर पर राज्य पुलिस बलों से ही लिए जाते हैं। इन्हें पीएसओ कहा जाता है। SPG सिक्युरिटी -स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की कैटेगरी की सिक्युरिटी पीएम और उनके परिवारवालों को दी जाती है। एक्स पीएम के लिए यह 6 महीने तक रहती है। इसके अलावा स्पेशल लॉ के तहत यह फैसिलिटी राजीव गांधी के परिवार वालों को दी गई है।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर योगी सरकार की टेढ़ी नजर, दिए जांच के आदेश

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर योगी सरकार की टेढ़ी नजर, दिए जांच के आदेश

Last Updated: April 21 2017, 14:08 PM

लखनऊ. गोमती रिवर फ्रंट के बाद योगी सरकार की नजरें अखिलेश सरकार के एक और बड़े प्रोजेक्ट पर टेढ़ी हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपी सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए सर्वे जांच एजेंसी से भी कॉन्टेक्ट किया गया है। 10 जिले के डीएम को भेजा लेटर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लिए ज्यादा मुआवजा पाने के लालच में खेती की जमीन को रिहायशी जमीन की कैटेगरी में दिखाया गया है। इस मामले में प्रदेश सरकार ने 10 जिलों के डीएम को लेटर भी भेजा है और पिछले 18 महीने में हुई जमीन खरीद की रिपोर्ट मांगी है। चुनाव में बना था बड़ा मुद्दा बता दें, एक्सप्रेस-वे को यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने बड़ा मुद्दा बनाया था। एक्सप्रेस-वे के लिए 232 गांवों के 30 हजार से ज्यादा किसानों से लगभग 3,500 हेक्टेयर भूमि 30,456 किसानों की सहमति से खरीदी गई। वहीं, अपोजिशन लगातार अधूरा एक्सप्रेस-वे को मुद्दा बनाकर अखिलेश पर निशाना साध रहा था। 302 किलोमीटर लंबा है एक्सप्रेस-वे सिक्स लेन वाला एक्सप्रेस-वे 302 किलोमीटर लंबा है। लखनऊ-आगरा के बीच उन्नाव में एक्सप्रेस-वे पर हवाई पट्टी बनी है, जहां जरूरत पड़ने पर लड़ाकू विमान भी उतारे जा सकते हैं। ये हवाई पट्टी तीन किलोमीटर लंबी है।

मुलायम अब ज्यादा बिजली का बिल भरेंगे, डिपार्टमेंट ने 5 की जगह 40 किलोवाट किया लोड

मुलायम अब ज्यादा बिजली का बिल भरेंगे, डिपार्टमेंट ने 5 की जगह 40 किलोवाट किया लोड

Last Updated: April 21 2017, 08:21 AM

इटावा. यहां मुलायम सिंह यादव के घर गुरुवार को बिजली विभाग की टीम पहुंची और कनेक्शन लोड बढ़ाया। टीम ने यहां लगा 5 किलोवाट का मीटर हटाकर 40 किलोवाट का मीटर लगा दिया। मुलायम का ये घर 2016 में बनाया गया था, तब से यहां 5 किलोवाट का मीटर लगा हुआ था। बता दें कि लोड एक्सटेंशन के बाद बिल भी ज्यादा भरना होगा। 4 लाख रुपए बिल बकाया ...     - सूत्रों के मुताबिक, मुलायम के इस घर का 4.10 लाख बिजली का बिल बकाया है। जब डिपार्टमेंट के अफसर से इस बारे में सवाल किया गया तो उसने कहा कि बिल कल आकर जमा करवा लूंगा।    मुलायम आवस पर नहीं थे मौजूद   - जब मुलायम के आवास पर बिजली विभाग की टीम पहुंची तो वहां मुलायम सिंह मौजूद नहीं थे। उनके घर के केयर टेकर के देखरेख में मीटर बदला गया।    पुराने मकान को तोड़ कर बना था नया मकान  - इटावा सिविल लाइन में मुलायम सिंह यादव का पुराना मकान तोड़कर नया बनवाया गया था। इस मकान में मुलायम ने अप्रैल 2016 में अपने परिवार के साथ गृह प्रवेश किया था। इस मौके पर अखि‍लेश यादव, शिवपाल सिंह यादव समेत पूरा यादव परिवार मौजूद था।  

लालबत्ती-ब्लैक फिल्म लगी सफारी पर SSP का एक्शन, सपा नेता को जाना पड़ा पैदल

लालबत्ती-ब्लैक फिल्म लगी सफारी पर SSP का एक्शन, सपा नेता को जाना पड़ा पैदल

Last Updated: April 20 2017, 17:57 PM

वाराणसी. लालबत्ती पर पीएम के फैसले के बाद गुरुवार को काशी में एसएसपी में खुद अपनी गाड़ी से उतरकर लालबत्ती लगी गाड़ी के खिलाफ कार्यवाही के आदेश दिए। ढाई घंटे बाद पुलिस ने क्रेन मंगवाई, लेकिन तभी जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर आ धमकी और उन्होंने कहा, गाड़ी मेरी है और 1 मई तक आदेश है, आप नहीं ले जा सकते। पुलिस ने तब भी गाड़ी को अपने जवान के साथ थाने भेज दिया और उन्हें पैदल जाना पड़ा। कार्यवाही के दिए आदेश एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया, ब्लैक फिल्म बैन है। लालबत्ती गाड़ी कैंपस में बेतरकीब खड़ी थी। कार्यवाही का आदेश दे दिया गया है। दिया हूँ। रिपोर्ट के मुताबित, 1 मई से लाल बत्ती गाड़ियों पर कार्यवाही होगी। वहीं, सपा नेता अपराजिता सोनकर ने कहा, गाड़ी हमेशा वहीं खड़ी होती है। आज पुलिस क्यों कार्यवाही कर रही है, समझ में नहीं आया।

योगी के मंत्री ने किया दिव्यांग का अपमान, कहा- ‘लूले लंगड़े क्या सफाई करेंगे'

योगी के मंत्री ने किया दिव्यांग का अपमान, कहा- ‘लूले लंगड़े क्या सफाई करेंगे'

Last Updated: April 20 2017, 17:42 PM

लखनऊ. शहर के डालीबाग स्थित खादी बोर्ड के ऑफिस पर कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी बुधवार को इंस्पेक्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान ऑफिस में गंदगी देख मंत्री भड़क उठे। वहीं, एक दिव्यांग सफाई कर्मचारी को देख मंत्री ने कहा, लूले लंगड़ों; को संविदा पर रख रखा है, ऐसा आदमी क्या सफाई कर पाएगा। साथ ही कई कर्मचारियों की गैरहाजिरी पर फटकार लगते हुए कहा, अब लेट-लतीफी का ढर्रा नहीं चलेगा। हमें पूरे प्रदेश को गंदगी मुक्त बनाना है, इसकी शुरूआत हमें अपने घर और ऑफिस से ही करनी होगी। गेट बंद देख लौटी वित्त नियंत्रक ... - मंत्री ने ऑफिस के मेन गेट पर ताला लगवाकर इंस्पेक्शन शुरू किया। वहीं, वित्त नियंत्रक सिंह ताला देख बाहर से ही वापस लौट गई। इसपर मंत्री ने कहा, अब लेट-लतीफी का ढर्रा नहीं चलेगा। गैरहाजिर अफसरों पर कार्यवाही की जाएगी। - इंस्पेक्शन के दौरान ऑफिस में गंदगी देख अफसरों को फटकार लगाई। वहीं, एक दिव्यांग सफाई कर्मचारी को देख उन्होंने कहा, इस लूले लंगड़ों; को संविदा पर रख रखा है, ऐसा आदमी क्या सफाई कर पाएगा। वहीं, जब उसकी सैलरी पूछी तो अफसरों ने 4 हजार रुपए बताया। - इसके बाद मंत्री ने एक-एक केबिन में जाकर जायजा लिया। उन्होंने अफसरों को फटकार लगते हुए कहा, हमें पूरे प्रदेश को गंदगी मुक्त बनाना है, इसकी शुरूआत अपने घर और ऑफिस से ही करनी होगी। जब तक हम खुद नहीं ध्यान देंगे, तब तक दूसरों को कुछ भी कहने का कोई औचित्य नहीं है। गंदगी और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगी। सबको साथ मिलकर सफाई अभियान पर ध्यान देना होगा। - इसी दौरान एक तरफ जहां मंत्री जी फटकार लगा रहे थे वहीं, दूसरी तरफ बाथरूम में अचानक ही सफाई शुरू हो गई। आगे की तीसरी स्लाइड्स में देखिए इंस्पेक्शन की VIDEO...

BJP विधायक ने अस्तपाल में मारा छापा, डॉक्टरों से कहा- सुधर जाओ वरना...

BJP विधायक ने अस्तपाल में मारा छापा, डॉक्टरों से कहा- सुधर जाओ वरना...

Last Updated: April 20 2017, 17:22 PM

चंदौली. यूपी के चंदौली जिले में मुगलसराय से बीजेपी की महिला विधायक साधना सिंह ने गुरुवार को अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोगवारे में छापेमारी की। अचानक छापेमारी से हड़कंप मच गया। अस्पताल में गंदगी देख विधायक ने डॉक्टरों और कर्मचारियों को फटकार लगाई। यही नहीं एक हफ्ते के अदंर अस्पताल को सुधारने की चेतावनी भी दे दी। कहा, एक हफ्ते बाद फिर आऊंगी और अस्पताल का यही हाल रहा तो स्वास्थ्य विभाग के मंत्री और सीएम से मिलकर आप लोगों की लिखित कंप्लेन करूंगी। महिला टॉयलेट में नहीं मिले दरवाजे, कमरों में जमा धूल की मोती परतें मुगलसराय-चहनिया मार्ग पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। 30 बेड के इस स्वास्थ्य केंद्र में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ था। ऑपरेशन थिएटर में धूल भरी हुई थी। कई रूम महीनों से बंद पड़े थे, जहां धूल के मोती परतें जम गई थी। वॉशबेशिन का नल टूटा था। महिलाओं के लिए बने टॉयलेट से दरवाजे गायब थे। हैंडपंप खराब पड़े हुए थे। अस्पताल का यह हाल देखकर बीजेपी विधायक भड़क गईं और मौके पर मौजूद डॉक्टरों को जमकर फटकार लगाई। मेरे विधानसभा में यह सब नहीं चलेगा साधना सिंह ने कहा, मेरे विधानसभा में यह सब नहीं चलेगा। सुधर जाइए, यह सपा-बसपा की सरकार नहीं है। बीजेपी की सरकार है। मोदी जी और योगी जी के नेतृत्व में प्रदेश चल रहा है। सिंह ने बताया, पूरे मामले को सीएमओ को बताया गया है। उन्होंने 3 दिन का समय मांगा है, जिसमें अस्पताल की व्यवस्था सुधारी जाएगी। बता दें, विधायक ने अस्पताल प्रशासन को भी एक सप्ताह का समय दिया है। विधायक ने कहा, एक हफ्ते बाद फिर आऊंगी और अस्पताल का यही हाल रहा तो स्वास्थ्य विभाग के मंत्री और सीएम से मिलकर आप लोगों की लिखित कंप्लेन करूंगी। आगे की 6 स्लाइड्स में देखें बीजेपी एमएलए साधना सिंह ने कैसे किया अस्पताल का इंस्पेक्शन...

पुलिस अपनी कार्य प्रणाली और व्यवहार में लाए परिवर्तन, सीएम योगी ने दी नसीहत

पुलिस अपनी कार्य प्रणाली और व्यवहार में लाए परिवर्तन, सीएम योगी ने दी नसीहत

Last Updated: April 20 2017, 07:49 AM

लखनऊ. सीएम बनने के बाद से लगातार मीटिंग और समीक्षा कर रहे योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गृह विभाग समेत चार विभागों की प्रेजेंटेशन देखी। कानून-व्यवस्था में सुधार और पुलिस की कार्यप्रणाली और बेहतर करने को लेकर प्रजेंटेशन में गंभीर चर्चा हुई। गृह विभाग का प्रेजेंटेशन - पुलिस अपनी कार्य प्रणाली और व्यवहार में परिवर्तन लाए, जिससे जनता को सुरक्षा महसूस हो सके और समाज में शान्ति का वातावरण कायम रहे। पुलिस थानों और यूपी-100 की कार्य प्रणाली को और चुस्त-दुरुस्त बनाने की आवश्यकता है। - अभिसूचना तंत्र को इतना सशक्त बनाया जाए, ताकि किसी घटना के पूर्व प्रभावी कार्यवाही की जा सके। - भ्रष्टाचार निवारण संगठन द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायत करने के लिए जनता को एक टोल फ्री नम्बर उपलब्ध कराया जाए। - नए थानों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को प्रेषित किए जाएं। - पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को भेदभाव रहित और भ्रष्टाचार मुक्त किया जाए। - पुलिस से जुड़े सभी विभाग कार्य योजना बनाकर अच्छी पुलिसिंग की दिशा में कार्य करना सुनिश्चित करे। - राज्य के प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान करना हम सबका नैतिक दायित्व उत्पीड़न, आतंक और एसिड अटैक जैसी घटनाओं पर शीघ्रता से कार्रवाई की जाए। - यूपी-100 द्वारा घटना की जानकारी देने वाले व्यक्ति को किसी भी हाल में परेशान न किया जाए। - तहसीलों में प्राथमिकता के स्तर पर फायर स्टेशन की स्थापना हो - सतर्कता विभाग की कार्य प्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने और जांच संबंधी लम्बित मामलों को शीघ्रता से निपटाने के निर्देश दिए। होम गार्ड्स विभाग का प्रजेंटेशन -नमामि गंगे परियोजना; के तहत प्रदेश में गंगा नदी की निर्मलता के लिए आगामी जून में पड़ने वाले गंगा दशहरा पर्व से एक वृहत अभियान संचालित किया जाए। -इस अभियान की सफलता और स्वच्छता का लक्ष्य प्राप्त करने के उद्देश्य से इसमें होम गार्डाें की सहायता ली जाए। -गंगा किनारे स्थित गांवों को ओडीएफ बनाने की आवश्यकता है, तभी गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाया जा सकता है। हेल्थ मिनिस्टर ने दिए ये निर्देश बता दें, प्रजेंटेशन से पहले हेल्थ मिनिस्टर सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अफसरों को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा, ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों को एडवांस मेडिकल फैसीलिटिज प्रोवाइड कराने के लिए टेलीमेडिसिन को बढ़ावा दिया जाएगा। टेलीमेडिसिन स्मार्ट फोन आधारित सेवा है। इस टेक्नोलोजी का यूज करके आम लोगों को ईजली मेडिकल फैसिलिटीज प्रोवाइड कराई जाएगी। ई-हॉस्पिटल की सुविधा भी प्रस्तावित 30 जिला स्तरीय अस्पतालों में ई-हॉस्पिटल की सुविधा भी उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है, शीघ्र ही इनका संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्ध सुनिश्चित हो, इसके लिए रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है। रिटायर एमबीबीएस डॉक्टर्स की रीजोइनिंग, ईविनिंग ओपीडी का संचालन तथा स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स को अतिरिक्त मानदेय दिए जाने की योजना बनाई जा रही है। ये 5 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - गुर्दा रोग के पेशेंट्स के ट्रीटमेंट के लिए सभी डिस्ट्रिक्टस में हीमो डायलिसिस मशीन की स्थापना कराई जाये। - मेडिसिन्स और मेडिकल डिवाइसेज की पर्चेजिंग के लिए निगम बनाया जाये। ई-टेण्डरिंग के माध्यम से सभी तरह की पर्चेजिंग की जाये। - निजी पैथालाजी से एग्रीमेंट कर प्रत्येक डिस्ट्रिक्टस में एमआरआई सुविधा उपलब्ध कराई जाए। - 108 एम्बुलेंस 15 मिनट के अंदर जरूरतमंद तक पहुंचे, इसके लिए एम्बुलेंस में जीपीएस आधारित स्मार्टफोन एप का इस्तेमाल किया जाये। - एम्बुलेंस में सीसीटीवी के तहत टेलीमेडिसिन की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि पेशेंट्स को प्राइमरी ट्रीटमेंट एम्बुलेंस में ही मिल सके।

15 बिग डिसीजनः कुछ ऐसा है अखिलेश का 1 साल Vs योगी का 1 महीना

15 बिग डिसीजनः कुछ ऐसा है अखिलेश का 1 साल Vs योगी का 1 महीना

Last Updated: April 19 2017, 12:23 PM

लखनऊ. योगी सरकार ने बुधवार को यूपी में 1 महीने का कार्य कार्यकाल पूरा कर लिया है। बता दें, 19 मार्च को योगी आदित्यनाथ ने यूपी के सीएम पद की शपथ ली थी। हाल ही में योगी ने एक प्रोग्राम में कहा था कि जितना काम हमने एक महीने में यूपी के विकास के लिए किया, उतना पिछली सरकारें 10 साल में नहीं कर पाईं। उनके इस बयान के बाद dainikbhaskar.com ने अखिलेश सरकार के एक साल के फैसलों के साथ योगी के एक महीने के फैसलों को कम्पेयर किया। अखिलेश- 1st डिसीजन: किसानों का 50 हजार तक का कर्ज माफ किया फैक्ट: जिन किसानों ने को-ऑपरेटिव बैंक से कर्ज लिया था, उनका 50 हजार तक का कर्ज माफी का एलान मुलायम के जन्मदिन 22 नवंबर 2012 को किया गया। इस कर्ज माफी का लाभ उन्हें ही मिलना था, जिन्होंने 31 मार्च 2012 तक मूलधन की कम से कम 10 फीसदी रकम जमा की हो। राज्य सरकार ने ऐसे लोगों का मूलधन इंटरेस्ट सहित जमा करने का एलान किया था। योगी- 1st डिसीजन: किसानों की कर्ज माफी फैक्ट: यूपी के करीब 2 करोड़ 30 लाख किसान में से लघु और सीमांत किसानों के 1 लाख तक के फसल पर लिए गए कर्ज माफ किए जाएंगे। इससे 2.15 करोड़ किसानों को राहत मिलेगी। कुल 36,359 करोड़ का कर्ज माफ होगा। इस फैसले के बाद जहां कई किसान खुश हुए तो कई ने कहा कि अगर कर्ज माफ करना ही था तो सभी किसानों का करते। बुंदेलखंड में एक ऐसा भी मामला सामने आया, जिसमें एक किसान ने टीवी पर कर्ज माफी की खबर सुनकर फांसी लगा ली। वजह थी कि वो कर्ज माफी के दायरे से बाहर था। आगे की स्लाइड्स में इन्फोग्राफिक्स में जानिए, अखिलेश के 1 साल और योगी आदित्यनाथ के 1 महीने में लिए गए फैसले...

तीन तलाक के मुद्दे पर यहां लगी कचहरी, पढ़ें क्या बोलीं मुस्लिम महिलाएं

तीन तलाक के मुद्दे पर यहां लगी कचहरी, पढ़ें क्या बोलीं मुस्लिम महिलाएं

Last Updated: April 19 2017, 10:03 AM

वाराणसी. काशी में मंगलवार को विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन ने मुस्लिम महिलाओं संग कचहरी लगाई। यहां महिलाओं ने पातालपुरी मठ के महंत बालक दास को अपनी समस्याएं सुनाते हुए पीएम मोदी से नोटबंदी की तरह कानून लाकर तीन तलाक को बंद करने का कानून पास करने की मांग की। बता दें, पीड़ित महिलाओं में कट्टरपंथियों का इतना खौफ है कि वो नाम और पहचान तक उजागर नहीं करना चाहतीं। ऐसी ही महिलाओं ने dainikbhaskar.com से शेयर की अपनी दास्तां। पति बोला- तुझमें नई दुल्हन जैसी बात नहीं रेहाना (बदला हुआ नाम) ने बताया, मुझे नहीं मालूम था मेरा शौहर पहले से शादीशुदा है। मुझसे शादी कर कुछ सालों बाद मुझे तलाक की धमकी देने लगा। कहता था, मर्द 10 शादी कर सकता। तुझमें नई दुल्हन जैसी बात नहीं। अब तक वो पांच शादी कर चूका है। बच्चा होने के बाद मोटी हो गई तो दिया तीन तलाक कचहरी में आई शबनम (बदला हुआ नाम) ने बताया, शादी को 7 साल हो गए हैं। पति बुनकरी करता है। तीन साल पहले बच्चा हुआ और उसके बाद मैं मोटी हो गई। पति ने कुछ महीनों पहले मुझे तीन तलाक देकर घर से भगा दिया। अब मायके में रहना पड़ रहा है। दहशत में हैं महिलाएं संस्थान के संस्थापक राजीव श्रीवास्तव ने बताया, महिलाओं में काफी दहशत है। कुछ दिनों पहले इस मुद्दे को लेकर समाजसेवी अजरुद्दीन को कट्टरपंथियों ने पीट दिया था। जिन महिलाओं ने मीडिया में बयान दिया उनको घर जाकर दहशतगर्द धमिकयां दे रहे हैं। डरी महिलाएं मीडिया को अपना पति का और पता बताने से डर रही है। महंत बालक दास ने बताया, सीएम और पीएम दोनों मुद्दे पर गंभीर है। सरकार को मुद्दे पर जल्द कोई कानून लाना चाहिए। आगे की 3 स्लाइड्स में देखें कचहरी की PHOTO...

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