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अर्चना

  • लड़की ने किया रिसर्च, पता चला- रेडियेशन से गर्भ में पल रहा जीव होता है प्रभावित
    Last Updated: March 21 2017, 07:34 AM

    रतनगढ़. कस्बे की बहू डॉ. अर्चना पचलंगिया ने रेडियशन का प्रभाव जानने के लिए चूहों पर शोध किया है। शोध के परिणाम भी चौंकाने वाले आए हैं। मूलत: बानूड़ा सीकर की बेटी का यह शोध यूरोप और अमेरिका में भी काफी चर्चित हो रहा है। राजस्थान विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग में किए गए डॉ. अर्चना के चूहों पर किए शोध में पता लगा है कि लगातार रेडियेशन में रहने वाली गर्भवती महिलाएं के साथ-साथ पेट में पल रहे बच्चे की विकृतियां आने की शंका बनी रहती है। साथ ही जन्म लेने के बाद जीव की मस्तिष्क सरचंना गड़बड़ा जाती है और गर्भ में पल रहे बच्चे की सोचने और समझने की शक्ति पर पूरा असर पड़ता है। समय से पहले ऐसे बच्चों को बुढ़ापा घेर लेता है। चूहे पर किए गए शोध में आई इस तरह की बाते इंसान जाति पर भी यूं की यूं असर करती है। वैज्ञानिक भी इसे मानते है। खास बात ये है कि डॉ. अर्चना का यह शोध दुनिया के प्रतिष्ठित जनरल ऑफ अमेरिका के ताजे अंक जनरल फिजियोलॉजी एंड बॉयोफिजिक्स; में प्रकाशित हुआ है। यूरोप अमेरिका के वैज्ञानिकों ने भी रेडियनशन पर किए गए शोध को महत्वपूर्ण मानते हुए इसे गंभीर शोध बताया है। जानिए, पूरी रिसर्च, किस तरीके से किया पूरा शोध डाॅ.शर्मा ने रिसर्च में जन्म से पहले चूहों के डवलपमेंट पर 10 गीगाहर्टज माइक्रोरेडिशियन का प्रभाव विषय पर किया गया है, जिसके द्वारा यह जानने का प्रयास किया गया कि क्या वास्वत में रेडियेशन जीव-जंतुओं के गर्भावस्था में उसके विकास पर असर डालता है। रिसर्च के परिणाम में पता लगा कि गर्भाश्य के दौरान रेडियेशन का जीवों के विकास पर वास्तव में बुरा असर पड़ता है। रिसर्च में चुहियां को रेगूलर रेडियेशन के प्रभाव में रखा गया। इसका असर चुहियां के गर्भ में पल रहे जीव पर 11वें दिन से ही दुष्प्रभाव पड़ने की बात सामने आई। इतना ही नहीं जब चुहियां का प्रसव हुआ, तब तक जांच में सामने आया कि जीव के दिमाग की कौशिकाओं के न्यूरोंस खराब हो गए हैं। इतना ही नहीं कई चुहियों में इसके प्रभाव से गर्भपात जैसे हालात पैदा हो गए। नए जन्में चूहों के मष्तिस्क के अंदर का स्ट्रेक्चर भी देखा, प्रभावित मिला शोध के दौरान नए जन्में चूहों के मष्तिस्क के अंदर का स्ट्रेक्चर भी देखा गया। शोध टीम ने पाया कि इसमें भी स्पष्ट क्षति थी। यह दिमाग का वह हिस्सा है, जहां से सोचने-समझने की क्षमता विकसित होती है। डॉ. अर्चना ने बताया कि अध्ययन में यह साबित हुआ है कि रेडियेशन का दुष्प्रभाव पड़ रहा है, इसे नकारना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि मोबाइल टावर, रडार, मोबाइल, मौसम विभाग द्वारा छोड़े जाने वाले आसमान में यंत्र, ब्लूटूथ वाईफाई जैसी सुविधाओं से रेडियेशन निकलता है।

  • मथुरा: जवाहरबाग कांड में मारे गए SP की पत्नी ने हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका, CBI जांच की मांग
    Last Updated: February 16 2017, 14:32 PM

    इलाहाबाद. मथुरा के जवाहरबाग कांड में मारे गए पुलिस अधीक्षक स्वर्गीय मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर जवाहर बाग कांड की सीबीआई जांच की मांग किया है। उन्होंने कहा है कि स्व. जियाउल हक की पत्नी के कहने पर सीएम अखिलेश यादव ने कुंडा कांड की सीबीआई जांच का आदेश दे दिया, लेकिन उनके बार-बार निवेदन के बाद भी सीएम ने मथुरा कांड की सीबीआई जांच का आदेश नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस मामले में रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव शामिल हैं, इसीलिये सपा सरकार सीबीआई जांच का विरोध कर रही है।

  • इन गुज्जू बहनों ने तीरंदाजी में मारे कई ‘तीर’, जीते 4 गोल्ड मेडल
    Last Updated: February 10 2017, 17:10 PM

    अहमदाबाद। अरवल्ली जिले की ये गरीब आदिवासी परिवार की इन दो छात्राओं ने अपनी मेहनत और लगन से तीरंदाजी में राज्य का नाम रोशन किया है। लुसडिया हाईस्कूल की ये दो छात्राएं राष्ट्रीय स्तर पर चार बार गोल्ड मेडल भी जीत चुकी हैं। देश के लिए तीरंदाजी करने वाली इन बहनों के पास रहने के लिए पक्का घर तक नहीं है। पिता मजदूरी करते हैं& अरवल्ली जिले के सुदूर गांव के आदिवासी क्षेत्र शामणाजी के पास नाना कंथारिया की रहने वाली हैं। बहुत ही गरीबी में जीने वाली इन बहनों के पिता मजदूर हैं। इन बहनों का नाम पिनल और अर्चना सुवेरा है। रोड से दो कि.मी. दूर पहाड़ी पर इनका एक कच्चा मकान है। अर्चना 12 वीं की छात्रा है पिनल 10 वीं में पढ़ती है। इनकी स्कूल में एक बार तीरंदाजी की कार्यशाला लगी थी, इसमें दोनों ने भाग लिया, धीरे-धीरे उनकी दिलचस्पी इसमें होने लगी। दोनों बहनों की लगन देखकर स्कूल द्वारा उनके लिए राजस्थान से कोच बुलाए। कोच की ट्रेनिंग से इनके प्रदर्शन में निखार आने लगा। महाराष्ट्र में दो बार गोल्ड जीता कोच की तालिम से दोनों बहनों ने राज्यस्तर पर खूब सफलता प्राप्त की। बड़ी बहन अर्चना का चयन नेशनल लेबल पर हुआ। उधर छोटी बहन भी राज्य स्तर तक पहुंच गई। अर्चना ने महाराष्ट्र में दो बार गोल्ड मेडल प्राप्त किया। छोटी बहन ने मध्यप्रदेश में बेहतर प्रदर्शन करते हुए चार बार स्वर्ण पदक प्राप्त किया। गरीबी के कारण दोनों बहनें कई बार खुद को प्रमाणित नहीं कर पाती। अपनी तरफ से तीरंदाजी में दोनों खूब मेहनत कर रहीं हैं, पर सरकार यदि उनकी इस प्रतिभा को और चमकदार बनाने में सहायता करे, तो दोनों बहनें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें PHOTOS...

  • मिलिए नेपाल की सनी लियोनी से, 17 की उम्र में मां के साथ देती है बोल्ड सीन
    Last Updated: February 04 2017, 16:11 PM

    एंटरटेनमेंट डेस्क: पोर्न स्टार्स से बॉलीवुड एक्ट्रेस बनीं सनी लियोनी ने कई लोगों को इन्सपायर किया है। इन्हीं में से एक हैं नेपाली एक्ट्रेस अर्चना पनेरू, जो नेपाल की सनी लियोनी के तौर पर मशहूर हैं। सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक और ट्विटर पर आपत्तिजनक फोटोज शेयर करने के बाद अर्चना सुर्खियों में आई थीं। अर्चना के साथ उनकी मां सुनीता भी एडल्ट इंडस्ट्री से जुड़ी हुई हैं। सिर्फ 9वीं पास हैं अर्चना... - 17 साल की अर्चना भासी, भीमदत्ता (नेपाल) की रहने वाली है। फिलहाल, वे काठमांडू में रहती हैं। - अर्चना सिर्फ 9वीं तक पढ़ी हैं। जब वे लिटिल बुद्ध स्कूल में 10वीं की पढ़ाई कर रही थीं, तब उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था। - अर्चना MNR प्रिंस एंड प्रिंसेस ब्यूटी कॉन्टेस्ट की 2nd रनर अप भी रही हैं। - पढ़ाई छोड़ने के बाद उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। - अपनी हॉट तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लाइमलाइट बटोरी। गिरफ्तार हो चुकीं मां-बेटी - सितंबर 2015 में अर्चना ने सोशल मीडिया पर अपनी सेंसेशनल फोटोज शेयर करना शुरू किया था। - कुछ ही दिनों में वे इंटरनेट पर फेमस हो गईं। वे सनी लियोनी को अपनी रोल मॉडल मानती हैं। - आपत्तिजनक फोटोज शेयर करने के बाद उनके खिलाफ FIR दायर की गई थी। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें और उनकी मां सुनीता को गिरफ्तार भी किया था। - बता दें, 2008 में नेपाल शिफ्ट होने से पहले अर्चना की मां सुनीता ने इंडिया में सालों तक काम किया है। - इंटरनेट पर अर्चना और उनकी मां सुनीता की कई आपत्तिजनक फोटोज भी मौजूद है। एक फिल्म का लेती हैं 4.5 लाख - अर्चना ने अपने मॉडलिंग करियर की शुरुआत म्यूजिक वीडियो से की थी। इसमें वे अपनी मां सुनीता पनेरू और भाई हरीश पनेरू के साथ दिखाई दी थी। - जैसे ही अर्चना ने स्कैंडल्स के चलते सुर्खियां बटोरी, वैसे ही उनकी मां सुनीता ने भी इंटरनेट पर बोल्ड फोटोज शेयर करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद धर्म बदलकर वे हिंदू से क्रिश्चियन बनीं। - उनकी पॉपुलैरिटी और खराब इमेज को देखते हुए दिसंबर, 2015 को उनके समुदाय के लोगों ने अर्चना और उनकी मां सुनीता को जात बिरादरी से बाहर कर दिया था। इसके बाद वे काठमांडू शिफ्ट हुईं। - फरवरी 2016 में उन्होंने डेब्यू फिल्म जिस्म की अनाउंसमेंट ट्विटर पर की, फिल्म 2017 में रिलीज हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक फिल्म के लिए अर्चना 4.5 लाख फीस लेती हैं। - अर्चना बतौर कॉल गर्ल भी काम कर चुकी हैं। ट्वीट कर उन्होंने जानकारी दी थी कि कॉल गर्ल बन उन्होंने महज 2 दिनों में 85 हजार रुपए कमाए थे। आगे की स्लाइड्स पर देख सकते हैं, अर्चना पनेरू और उनकी मां सुनीता की चुनिंदा Photos....

  • कादर खान से रेणुका शहाणे तक, जानिए अब क्या कर रहे हैं 90's के ये 17 स्टार्स
    Last Updated: January 27 2017, 14:10 PM

    एंटरटेनमेंट डेस्क। बॉलीवुड में ऐसे कई सितारे आए जिन्हें बहुत सफलता मिली और लोगों ने उन्हें काफी पसंद भी किया लेकिन समय के साथ धीरे-धीरे ये या तो इंडस्ट्री से गायब हो गए या फिर इन्होंने खुद को एक दायरे में सीमित कर लिया। इस पैकेज में हम ऐसे ही एक्टर और एक्ट्रेसेस की बात करेंगे, जो बॉलीवुड में सफलता का स्वाद चखने के बाद आखिर अब कहां हैं और क्या कर रहे हैं। कादर खान 90 के दशक की फिल्में तो कादर खान के बिना अधूरी ही मानी जाती थीं। उस दौर में कादर खान फिल्मों में अमीर बाप का रोल करते थे, जो अक्सर अपने बच्चों को गलत रास्ते पर जाने से रोकता है। कादर खान आखिरी बार मूवी हो गया दिमाग का दही में नजर आए थे। अब क्या कर रहे... फिलहाल कादर खान की तबीयत बेहतर नहीं है और वो व्हील चेयर पर हैं। कादर खान को मेडिकल ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। हालांकि खबरें ये भी हैं कि कादर खान फिल्म हेरा-फेरी-3 में नजर आ सकते हैं। कौन-कौन हैं कादर खान की फैमिली में... कादर खान की फैमिली में उनकी पत्नी अजरा खान के अलावा तीन बेटे सरफराज, शहनवाज और कुद्दुस हैं। लेकिन उनकी फैमिली का कोई भी मेंबर उनका ख्याल नहीं रखता। उनके जो नौकर हैं वही उनकी देखभाल करते हैं। हालांकि उनका तीसरा बेटा कुद्दुस, जो कि कनाडा में रहता है वह ठीक है। फिलहाल कादर खान कनाडा में उसी के साथ हैं। <a href='http://bollywood.bhaskar.com/news/ENT-BOL-17-talented-stars-of-90s-what-they-are-doing-now-news-hindi-5398998-PHO.html?seq=2'>आगे की स्लाइड्स</a> में जानें, 90s के कुछ ऐसे ही सेलेब्स के बारे में जो अब उतने एक्टिव नहीं हैं...

  • गृहमंत्री की चुनौती पर कांग्रेस मुखर, बयानों में फंसी भाजपा, कटारिया बैकफुट पर
    Last Updated: December 29 2016, 17:12 PM

    जयपुर। बार-बार कांग्रेस को चुनौती देने वाले राज्य के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया बैकफुट पर आ गए हैं। कांग्रेस की ओर से चुनौती स्वीकार करने के बाद भाजपा की ओर से अलग-अलग तरह के बयान तो आए, लेकिन एक भी नेता चुनौती पर बहस को तैयार नहीं हुआ। अब भाजपा अपने नेताओं के बयानों में ही फंस गई है। खुद के बयानों से ही यूं घिरी भाजपा सरकार... - असल में गृहमंत्री कटारिया पिछले कुछ माह से कई सार्वजनिक सभाओं, प्रेस कान्फ्रेंस आदि में राज्य में विकास और कानून व्यवस्था पर कांग्रेस को चुनौती दे रहे थे। - उन्होंने कई बार कहा कि वे हर मुद्दे पर कांग्रेस से बहस को तैयार हैं। - कई बार ऐसी चुनौती देने के बाद कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष व मीडिया सेंटर की चेयरपर्सन डॉ. अर्चना शर्मा ने उनकी इस चुनौती को स्वीकार कर लिया। - कहा कि वे कटारिया के दिए गए समय के अनुसार 27 दिसंबर को जयपुर में रहकर उनसे बहस को तैयार हैं। - इसके बाद कटारिया अचानक बैकफुट पर आ गए। यूं लिया कटारिया ने यू टर्न - कांग्रेस की ओर से डॉ. अर्चना शर्मा प्रेस क्लब में जाकर बैठ गईं। उन्होंने कटारिया को मोबाइल पर एसएमएस कर इसकी एक दिन पहले जानकारी दे दी। - फिर उसी दिन सुबह फोन पर बात भी की। - इसके बावजूद कटारिया नहीं आए। - वे एक दिन पहले बोल गए, अर्चना शर्मा मेरे बराबर कद की नेता नहीं हैं। यदि किसी को बहस करनी है तो अशोक गहलोत, सचिन पायलट या बीडी कल्ला आएं। - यही कहकर वे अपनी ही चुनौती से यू टर्न हो गए। - इस पर कांग्रेस की अर्चना शर्मा ने रिएक्ट किया और बोला, बहस की चुनौती खुद कटारिया ने दी थी। किसी नेता का नाम नहीं लिया था। - कांग्रेस को चुनौती दी तो पार्टी की ओर से अधिकृत मीडिया सेंटर चेयरपर्सन ने बहस की चुनौती को स्वीकार कर लिया। भले ही राजनीति में अनुभव कम हो, लेकिन जब सार्वजनिक बहस की बात हो तो छोटा-बड़ा कुछ नहीं होता। - यदि उनका अनुभव ज्यादा है और राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था है तो वे बहस से भाग क्यों रहे हैं। कम अनुभवियों को भाजपा ने दिया यूं एक्सपोजर, फिर ऐसे बयान क्यों - कटारिया अनुभव को लेकर बहस को तैयार भले ही नहीं हों, लेकिन पूर्व में खुद भाजपा ही ऐसे उदाहरण पेश कर चुकी है, जहां कम अनुभवियों को पार्टी ने बड़े पद से नवाजा है। - ये पद न केवल प्रदेश स्तर पर दिए गए, बल्कि राष्ट्रीय स्तर और अन्य राज्यों में भी दिए गए। - कांग्रेस की अर्चना शर्मा का कहना है कि ऐसे में अनुभव की बात करना भाजपा के लिए बेमानी ही साबित होता है। - असल में राजस्थान में ही भाजपा ने ऐसे दो व्यक्तियों को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की कमान सौंपी थी, जिन्होंने न तो कभी चुनाव लड़ा और न ही किसी बड़े पद पर पार्टी में रहे। - इनमें डॉ. अरुण चतुर्वेदी और डॉ. महेश शर्मा शामिल हैं। पार्टी ने सवाल खड़ा किया है कि क्या उनके अनुभवहीन होने पर वे पार्टी के अध्यक्ष बनने योग्य नहीं थे। ऐसा था तो उन्हें ये पद क्यों दिया गया। - इसके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में बंगारू लक्ष्मण और कुशाभाऊ ठाकरे को भी बिना अनुभव के ही नवाजा गया था। - यही नहीं, जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बनाए गए थे तब उससे पहले वे कभी भी पार्टी की ओर से विधायक नहीं बने थे। पहली बार विधायक बनकर मुख्यमंत्री बनने वालों में मोदी के अलावा अब महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़नवीस और हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर शामिल हैं। कभी परनामी तो कभी सराफ और अब लाहोटी दे रहे बयान - बीते पांच दिनों से चल रहे इस पॉलिटिकल ड्रामे के बीच चुनौती में फंसी भाजपा के नेता अब अलग-अलग तरह के बयान दे रहे हैं। - भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि अर्चना शर्मा दो बार पार्षद का चुनाव ही तो जीती हैं। कांग्रेस ने उन्हें भले ही बड़ा पद दे दिया हो, लेकिन वे अनुभव में तो खासी कम हैं। - चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा था कि गुलाबचंद कटारिया बड़े नेता हैं। उनके सामने सचिन पायलट, अशोक गहलोत या बीडी कल्ला जैसे नेता बहस के लिए आने चाहिए। - अब नए मेयर बने अशोक लाहोटी ने भी मुंह खोला है। कह रहे हैं, वे डॉ. अर्चना शर्मा से कहना चाहते हैं कि वे पार्टी की ओर से बहस को तैयार हैं। - इन सब बयानों पर डॉ. अर्चना शर्मा का कहना है कि भाजपा नेता या गृहमंत्री अनुभव होने जैसे बयानों में क्यों पड़ रहे हैं। - उन्हें तो सरकार के तीन साल के कामकाज पर बहस करनी है। वे इस बहस के जरिए जनता को बता सकते हैं कि सरकार की क्या उपलब्धि रही। - यदि कोई उपलब्धि नहीं रही, कानून व्यवस्था ठीक नहीं रही तो सवालों का जवाब दें। उन्हें अनुभव और गैर अनुभव से क्या करना है। - कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि वे बहस को इसलिए तैयार नहीं हैं क्योंकि सरकार तीन साल में हर मोर्चे पर विफल रही है। - यदि यूडीएच, चिकित्सा आदि विभागों में कामकाज बेहतर होता तो दोनों विभागों से मंत्रियों को क्यों बदलना पड़ता। - यदि नगर निगम का कामकाज बेहतर होता तो निर्मल नाहटा को क्यों हटाया जाता। आगे की स्लाइड्स में देखिए और फोटो फोटो महेंद्र शर्मा

  • गृहमंत्री कटारिया का इंतजार करती रही कांग्रेस, अपनी ही चुनौती पर बहस को नहीं आए गृहमंत्री
    Last Updated: December 27 2016, 19:20 PM

    जयपुर। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया की ओर से कांग्रेस को दी जा रही बहस की चुनौती को पार्टी ने स्वीकार कर लिया, लेकिन बहस का इंतजार कर रही कांग्रेस इंतजार ही करती रह गई और गृहमंत्री कटारिया नहीं पहुंचे। वे बहस से बचते रहे और बहाना बनाते रहे कि जो भी बहस के लिए आया है, वह उनके कद का नहीं है। कांग्रेस उपाध्यक्ष व मीडिया सेंटर की चेयरपर्सन डॉ. अर्चना शर्मा अन्य नेताओं के साथ पिंकसिटी प्रेस क्लब में कटारिया का इंतजार करती रही। यह है पूरा मामला... - कटारिया ने कांग्रेस को प्रदेश की कानून व्यवस्था पर चुनौती देते हुए कई बार सार्वजनिक मंचों से कहा भी था कि इस पर वे कांग्रेस से बहस को तैयार हैं। - इसके बाद कांग्रेस की ओर से चुनौती स्वीकार करते हुए डॉ. अर्चना शर्मा ने कटारिया से बहस के लिए समय बताने को कहा था। - कटारिया ने भास्कर को बताया कि वे 26 और 27 दिसंबर को जयपुर में रहेंगे। - इसी कारण कांग्रेस की ओर से अधिकृत डॉ. अर्चना शर्मा ने चुनौती को स्वीकार करते हुए मंगलवार को पिंक सिटी प्रेस क्लब में बहस करने की बात कही। - अब कटारिया इस मामले पर पीछे हट गए। कटारिया से की अर्चना शर्मा ने फोन पर बात - अर्चना शर्मा ने प्रेस क्लब में पहुंचने के बाद गृहमंत्री कटारिया से बातचीत की। - इस पर कटारिया ने फिर यही दोहराया कि बहस के लिए अनुभव की जरूरत होती है। - अर्चना शर्मा ने जवाब में कहा कि वे कांग्रेस की ओर से अधिकृत नेता हैं इस बहस के लिए। राजनीति में अनुभव की नहीं, बल्कि तथ्यों की जरूरत होती है। यदि आपके पास अनुभव और तथ्य हैं तो बहस में शामिल हों। - डॉ. अर्चना शर्मा का कहना है कि कटारिया बैकफुट पर आ गए हैं। जबकि वे अब तक कटारिया समेत भाजपा के कई मंत्रियों के साथ टीवी चैनल्स पर बहस कर चुकी हैं और उनकी हर चुनौती को स्वीकार करती रही हैं। - यह सब अपनी ही चुनौती से पीछे हटने की बात है। - राज्य की भाजपा सरकार ने कानून व्यवस्था से लेकर सभी मामलों में किसी प्रकार का ठोस काम नहीं किया है, ऐसे में कांग्रेस का हर छोटे से छोटा कार्यकर्ता भी कटारिया की चुनौती को स्वीकार कर बहस कर सकता है। - कांग्रेस की ओर से वे अधिकृत होने के नाते ही बहस करने को तैयार हैं। - कटारिया से बहस के लिए पिंकसिटी प्रेस क्लब में जिलाध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास, पूर्व मंत्री ब्रजकिशोर शर्मा, प्रहलाद रघु, शंकरलाल मीणा आदि पहुंचे।

  • कटारिया: बराबरी का नेता अाए तो बहस, अर्चना शर्मा :बहाने ढूंढ़ रहे हैं कटारिया
    Last Updated: December 27 2016, 10:18 AM

    उदयपुर। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया की बहस की चुनौती को स्वीकार करने वाली कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अर्चना शर्मा को अब कटारिया ने कम अनुभव वाला बताकर एक और नई बहस छेड़ दी है। रविवार को आयुर्वेद कॉलेज में प्रतिभावान छात्र, छात्रों के सम्मान समारोह के बाद पत्रकारों से औपचारिक बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कटारिया ने कहा है कि बहस के लिए मेरे स्तर का नेता चाहिए। यह है पूरा मामला... - उनको (अर्चना शर्मा) भले ही पार्टी ने पदाधिकारी बना दिया होगा, मगर उनका उतना राजनीतिक अनुभव नहीं है। - कटारिया ने कहा कि मेरे बराबरी के किसी नेता को भेजें तो मैं जहां चाहे वहां बहस करने के लिए तैयार हूं। इधर कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. अर्चना शर्मा ने कहा कि कटारिया बहस से बचने के लिए बहाने ढूंढ़ रहे हैं। - कटारिया के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. अर्चना शर्मा का कहना है कि कटारिया जी विपक्ष में रहकर मेरे से कई बार विभिन्न मुद्दों पर टीवी चैनल्स पर बहस कर चुके हैं। - चूंकि वे अब बहस नहीं करना चाहते, इसलिए बहाने ढूंढ रहे हैं। आज उन्हें मेरा राजनीतिक अनुभव याद क्यों अा रहा है। मेरा अनुभव भले कम है लेकिन राजनीतिक समझ मेरी परिपक्व है। -फिर भी मेरा उनसे विनम्र आग्रह है कि कांग्रेस ने जयपुर प्रेसक्लब में 27 दिसम्बर को 12 बजे से बहस की तिथि निर्धारित की है उस दिन हम बहस के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वे बहस से पीछे हटेंगे तो उनका राजनीतिक सम्मान कम होगा। -अर्चना शर्मा ने शुक्रवार को बयान जारी किया था कि कटारिया कामकाज को छोड़ बहस की झूठी चुनौतियां दे रहे हैं। अर्चना शर्मा ने शनिवार को फिर समय और स्थान बताकर कटारिया को बहस के लिए ललकारा था। आगे की स्लाइड्स में देखिए और फोटोज...

  • कांग्रेस : कटारिया जी, आप बताएं कब करेंगे बहस कटारिया : 26-27 को जयपुर हूं, फोन पर तय कर लें
    Last Updated: December 25 2016, 12:14 PM

    उदयपुर। भाजपा के दिग्गज नेता और गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया द्वारा कांग्रेस को दी बहस की चुनौती को कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रवक्ता अर्चना शर्मा ने स्वीकार कर लिया है। शर्मा ने पलट कर चुनौती दी है कि कटारिया समय और स्थान तय कर लें, हम उनसे बहस को तैयार हैं। जयपुर में करेंगे बहस.... - गौरतलब है कि गत दिनों सीएम के उदयपुर कार्यक्रम के दौरान कहा था कि प्रदेश में अपराध नियंत्रण और विकास के कामों को लेकर कांग्रेस मुझ पर नाहक ही झूठी वाहवाही बटोरने के आरोप लगा रही है। कांग्रेस चाहे तो बहस कर ले। कटारिया बोले : मैं बहस के लिए तैयार, जयपुर में करेंगे बहस - भास्कर ने जब गृह मंत्री के सामने कांग्रेस का प्रस्ताव रखा तो वे बाेले - मैं उदयपुर गया, लेकिन 26-27 दिसंबर को जयपुर ही हूं। जगह फोन करके कांग्रेस के नेता तय कर लें। मैं अपने विभाग पर भी बोलूंगा और पार्टी के कामकाज पर भी। मेरे पास कांग्रेस के 50 साल के झूठ और निकम्मेपन का पूरा हिसाब है। कांग्रेस उपाध्यक्ष बोलीं, हम जवाब देकर वास्तविकता बताएंगे - डॉ.अर्चना शर्मा ने कहा - गृहमंत्री को बयानबाजी करने के स्थान पर प्रदेश की बिगड़ी कानून-व्यवस्था को सुधारना चाहिए। कटारिया पहले भी कांग्रेस को बहस की चुनौती दे चुके हैं। हम 26 को व्यस्त हैं, राहुल गांधी रहे हैं। यदि गृहमंत्री बहस करना चाहते है तो 27 को 12 बजे से पांच बजे तक कटारिया जी का जयपुर के प्रेस क्लब में हम बहस के लिए इंतजार करेंगे। आगे की स्लाइड्स में देखिए और फोटोज...

  • अलावलपुर से कॉल आई- अर्चना एक्सप्रेस में बम है, कैंट रेलवे स्टेशन पर 6 घंटे सर्च
    Last Updated: November 30 2016, 07:14 AM

    जालंधर। बम होने की सूचना मिलने पर कैंट स्टेशन पर अर्चना एक्सप्रेस रुकवा ली गई। छह घंटे सर्च चली। लेकिन मिला कुछ नहीं। पता चला है- फिरोजपुर डिविजन के कंट्रोल रूम में बम की सूचना देने वाले शख्स ने अलावलपुर से कॉल की थी। पुलिस की जांच में उक्त नंबर की आखिरी टावर लोकेशन अलावलपुर की आ रही है। अब यह नंबर बंद है। पुलिस मोबाइल कंपनी से मोबाइल सिम लेने में प्रयुक्त डॉक्यूमेंट निकलवा रही है। सिम बिहार के रहने वाले व्यक्ति के नाम पर है। कनेक्शन हरियाणा से लिया गया था। पुलिस ने अलावलपुर एरिया में रेड भी की लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। इस दौरान कैंट स्टेश्न पर यात्री करीब छह घंटे परेशान रहे। दस ट्रेनें भी लेट हो गईं। अर्चना एक्सप्रेस पहले ही थी करीब 34 घंटे लेट फिरोजपुर मंडल के कंट्रोल रूम पर सुबह 9.12 बज कर कॉल आई थी। गाड़ी तब कैंट स्टेशन से तीन मिनट की दूरी पर थी। ड्राइवर को सूचना मिली तो ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर रुकवा ली गई। ट्रेन पहले से ही 33 घंटे 45 मिनट देरी से चल रही थी। सिटी और जीआरपी पुलिस ने ट्रेन खाली करवाई। पौने तीन बजे तक जांच चली। कोई बम नहीं मिला। रिपोर्ट रेल विभाग को देकर 3 बजकर 3 मिनट पर ट्रेन रवाना की गई। 10 ट्रेनें लेट पश्चिम एक्सप्रेस, सरयू यमुना एक्सप्रेस, टाटा मोरी, अंबाला पसिंजर, चंडीगढ़ अमृतसर इंटरसिटी, पठानकोट दिल्ली एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस समेत दसियों अन्य गाड़ियां देरी से चलीं।

  • अर्चना एक्सप्रेस में बम की सूचना से मचा हड़कंप, ट्रेन रोक कर चला सर्च आपरेशन
    Last Updated: November 29 2016, 12:03 PM

    जालंधर। जम्मू से पटना जाने वाली ट्रेन अर्चना एक्सप्रेस में बम की खबर के चलते ट्रेन को जालंधर कैंट स्टेशन पर रोक लिया गया। किसी ने स्टेशन मास्टर को फोन पर सूचना दे कहा कि ट्रेन में तीन बम है। ट्रेन में बम निरोधक दस्ते चेकिंग में जुटे हुए हैं। सर्च अभियान जारी है। पुलिस कमिश्नर अर्पित शुक्ला स्टेशन पर फोर्स के साथ मौजूद हैं। पढ़ें पूरी खबर... -जानकारी अनुसार ट्रेन में बम मिलने की सूचना से दहशत फैल गई। -जिस पर पूरे पुलिस अमले ने स्टेशन को घेर ट्रेन खाली करवा जांच आरम्भ कर दी। -घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सेना के जवानों ने ट्रेन को अपने कब्जे में ले लिया। डॉग स्क्वायड दस्ते केे साथ पुलिस ट्रेन की तलाशी ले रही है। आगे की की स्लाइड्स में देखें फोटोज फोटो: दीपक कुमार

  • महिला ने 40 पेज में बयां किया था दर्द, एक न्यूड फोटो से शुरू हुई थी कहानी
    Last Updated: November 27 2016, 15:33 PM

    इंदौर। नीमच की अर्चना शर्मा सुसाइड मामले में घटना के 22 दिन बाद आरोपी आकाश बैस पकड़ा गया। आकाश के पास अर्चना की आपत्तिजनक फोटो था, जिसके कारण वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था। इसी के बाद अर्चना ने 4 नवंबर को घर में फांसी लगा ली थी। अर्चना ने 40 पेज के सुसाइड नोट में मौत के लिए आकाश बैस को जिम्मेदार ठहराते हुए अपना दर्द बयां किया था। पढ़ें, 40 पेज की डायरी... वह मां को परेशान करता था- बेटा अर्चना के बड़े बेटे दक्ष का कहना है आकाश मेरी मां को दिनभर परेशान करता था। आखिर, मेरी मां ने उसका क्या बिगाड़ा था जो उसने ऐसा किया। मां की बहुत याद आ रही है। आकाश के कारण ही मां हम लोगों को छोड़कर दुनिया से चली गई। उसने मेरे छोटे भाई को भी मारा था। उसे तो फांसी ही होनी चाहिए। आकाश को मेरे हवाले कर दो- पति अर्चना के पति मनोज शर्मा का कहना है कि दो साल से कैसे जी रहा हूं यह मैं ही जानता हूं। मैं रोज मरता हूं और रोज जीता हूं। बच्चे बिना मां के हो गए। उन्हें लेकर बहुत परेशान हूं। आकाश ने मेरी पत्नी के साथ बहुत गलत किया। मेरी पत्नी को इंसाफ नहीं मिला। आज वो हमसे दूर हो गई। पुलिस अगर उसे कड़ी सजा नहीं दिलवा सकती है तो उसे मेरे हवाले कर दे। मेरी बेटी मुझे बता देती तो मैं उसे बचा लेता- पिता अर्चना के पिता शरदकुमार दुबे का कहना है मेरी बेटी बिना गलती की शिकार हुई है। उसकी गलती होती तो मैं इसको हजम कर लेता। अर्चना बहुत मेहनती थी। वह रात-रात तक कपड़े सिलती रहती थी। आकाश ने गलत किया। मेरी बच्ची मुझे मामला बता देती तो मैं उसे बचा लेता। आकाश दिन में घर आकर करता था परेशान- सास सास गायत्री बाई कहती हैं मैं रात में सो नहीं पा रही हूं। बच्चों के चेहरे देखने की हिम्मत नहीं होती। उनके सिर से मां का साया उठ गया। आकाश ने मेरा घर उजाड़ दिया। वह दिन में घर आ जाता था और परेशान करता था। पहले न्याय मिल जाता तो आज मेरी बहू मेरे साथ हाेती। उसने हारकर फांसी लगा ली। सुसाइड नोट में काफी गंभीर आरोप हैं, उसी आधार पर दर्ज किया केस एएसपी राकेश सगर ने बताया सुसाइड नोट में काफी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उसके आधार पर ही अाकाश के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। शुक्रवार को वह कहीं जाने की तैयारी कर रहा था तभी उसे बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया। आगे की स्लाइड्स पर पढ़ें, 40 पेज की डायरी में बयां दर्द...

  • भगवान बिरसा मुंडा के गांव पहुंची SSB की DG, छात्राओं को बांटी साइकिलें
    Last Updated: November 16 2016, 17:52 PM

    खूंटी (झारखंड)। सशस्त्र सीमा बल (SSB) की महानिदेशक अर्चना रामा सुंदरम ने कहा है कि एसएसबी के जवान ड्यूटी के साथ ही सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन कर रहे हैं। वे सामुदायिक पुलिसिंग के तहत सामाजिक चेतना से जुड़ने का काम कर रहे हैं। एसएसबी की डीजी सुंदरम बुधवार को बेटी बचाओ अभियान के तहत भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू में आयोजित जागरूकता सह सांस्कृतिक कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं। एसएसबी देगी लोगों को सुरक्षा... - इसके पूर्व उन्होंने बिरसा आवासीय विद्यालय परिसर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। डीजी के साथ ही एसएसबी के अन्य अधिकारियों ने उलिहातू स्थित एसएसबी की कंपनी का जायजा लिया और जवानों से मिल कर उनकी समस्याओं से रू-ब-रू हुए। - कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीजी रामा सुंदरम ने खूंटी के लोगों और प्रकृति की सराहना की और कहा कि यहां की प्रकृति और यहां के लोगों का स्वभाव काफी अच्छा है। - उन्होंने कहा कि खूंटी में एसएसबी कंपनी स्थापित करने का उद्देश्य विकास कार्यों को सुरक्षा देना है। उन्होंने कहा कि खूंटी का अड़की प्रखंड नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। यहां सड़क निर्माण सहित कई विकास कार्य हो रहे हैं। एसएसबी उन्हें सुरक्षा देगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन के निर्देश और सहयोग से एसएसबी काम करता है। - मौके पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान डीजी अर्चना रामा सुंदरम ने सामुदायिक पुलिसिंग के तहत मैट्रिक परीक्षा में अव्वल आयी दस छात्राओं को साइकिल देकर उनका उत्साहवर्धन किया। डीजी ने दो मुखिया को सोलर प्लेट दिये। इस अवसर पर जरूरतमंदों के बीच दवाओं का भी वितरण किया गया। - मौके पर पटना फ्रंटियर के आईजी शंकर कुमार, डीआईजी संजय कुमार, गया के डीआईजी जेडी वशिष्ठ, आईजी एके सिंह, कमांडेंट जेपी राणा, खूंटी के एसपी अनीश गुप्ता, प्रशिक्षु आईएएस विजया जाधव, जिला कल्याण पदाधिकारी नीलम सुषमा सोरेंग, एएसपी अभियान अनुराग राज, एसडीपीओ रणवीर सिंह, अड़की बीडीओ रंजीता टोप्पो के अलावा भगवान बिरसा मुंडा के वंशज सुखराम मुंडा सहित काफी संख्या में जवान व ग्रामीण उपस्थित थे। डीजी हेलिकॉप्टर से खूंटी पहुंचे उसके बाद सड़क मार्ग से उलिहातू गईं। डीजी ने दस छात्राओं को दी साइकिल बेटी बचाओ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसएसबी की डीजी ने मैट्रिक की परीक्षा में अव्वल आने वाली दस छात्राओं को साइकिल देकर उनका मनोबल बढ़ाया। जिन छात्राओं को साइकिल दी, उनमें प्रीति सीमा गुडि़या, आश्रिता सांगा, सुधा टोपनो, सारोन पूर्ति, अनिमा पूर्ति, मरियम सोय, बहालेन खलखो, आभा भेंगरा, सुखमणि मुंडू व सेतेंग हंस शामिल हैं। डीजी ने दो मुखिया रेजल मुंडा और सुमन पूर्ति को सोलर प्लेट दिये। आगे की स्लाइड्स पर देखें संबंधित PHOTOS : फोटो : रंजीत प्रसाद।

  • बेटी को बिकनी में देख उड़ गए थे पापा के होश, जानें कैसे किया कन्वेंस
    Last Updated: November 13 2016, 19:51 PM

    लखनऊ. फिट फैक्टर इंडिया 6 प्लेस 2016 कॉम्टीशन की विनर अर्चना तिवारी के लिए बॉडी बिल्डर आसान नहीं था। dainikbhaskar.com ने अर्चना से बातचीत की। उन्होंने बताया, स्पोर्टस में रैंप वॉक के दौरान बिकनी पहनना पड़ता है, जिसके लिए मैं भी कम्फर्टेबल नहीं थीं। मुझे बताया गया, सभी एथलीट यही पहनते हैं, तो मुझे थोड़ा ईजी फील हुआ। लेकिन मुझे इस ड्रेस में देखकर पापा शॉक्ड हो गए थे। उन्होंने मुझपर काफी गुस्सा निकाला लेकिन लास्ट में वो मान गए। मैंने उन्हें बताया कि ये सिर्फ परफॉर्मेंस के टाइम पर होता है। पैशन देख घरवाले मान गए - लखनऊ के इंदिरा नगर की रहने वाली अर्चना जिम में फिटनेस ट्रेनर हैं। - पिता प्राइवेट जॉब करते हैं। घर में दो छोटी बहने हैं। - पहले तो फैमिली ने सपोर्ट नहीं किया, लेकिन जब मेरा पैशन देखा तो कोई रोक नहीं पाया। - दो बातों ने मुझे बॉडी बिल्डर, फिर फिटनेस ट्रेनर बनाया। - पहला, मेरे घर के हालात और दूसरा फिटनेस मॉडल्स ने। - मैंने एक रिसेप्शनिस्ट की जॉब भी की, लेकिन वो बहुत बोरिंग जॉब थी। - शुरू से स्पोर्ट्स में इंटरेस्ट था और कई स्पोर्ट्स कॉम्पटीशन बीट किया और जिम में बतौर ट्रेनर काम करना शुरू किया। लड़कियों को लेना चाहिए ट्रेनिंग - डाइट प्लान के बारे में अर्चना ने बताया, दिनभर में 6 से 7 बार मील लेती हूं, जो कार्बोहाईड्रेट, प्रोटीन और गुड फैट के रूप में होता हैं। - लड़कियों से रिक्वेस्ट है कि फिटनेस ट्रेनिंग लेने से घबराएं नहीं, वेट ट्रेनिंग से फैट भी काम होता है और बॉडी भी मेंटेन होती है। आगे की स्लाइड्स में देखिए अर्चना की फोटोज...

  • 40 पन्ने की डायरी में ब्लैकमेलिंग का दर्द, रात की एक 'न्यूड फोटो' ने छीनी जिंदगी
    Last Updated: November 09 2016, 21:43 PM

    नीमच/इंदौर. इंदिरा नगर में रहने वाली 36 वर्षीय अर्चना शर्मा की खुदकुशी के मामले में मंगलवार को पुलिस ने आकाश बैस के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अर्चना ने सुसाइड नोट में आकाश को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था। सुसाइड नोट के मुताबिक आकाश के पास अर्चना का कोई न्यूड फोटो था, जिसे वह नेट पर अपलोड करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करता था। 40 पन्ने की डायरी में अर्चना ने लिखा है कि आरोपी ने उससे पैसे ऐंठा और जबर्दस्ती जिस्मानी रिश्ते भी बनाए। 40 पन्ने की डायरी में बेइंतहा दर्द, इतना शोषण कि चुन लिया मौत का रास्ता... - आकाश के खिलाफ अर्चना ने छेड़छाड़ का केस भी दर्ज कराया था। इस बीच अर्चना के वाइस मैसेज व एक डायरी भी सामने आई है। - वाइस मैसेज में अर्चना सिसकते हुए यह कहते हुए सुनाई देती है कि मेरी मौत का जिम्मेदार सिर्फ आकाश बैस है। डायरी में उसने अपनी जिंदगी की पूरी कहानी लिखी है। - इसमें अपनी शादीशुदा जिंदगी के साथ ही एक अनजाने फोन के माध्यम से आकाश की एंट्री, ब्लैकमेलिंग, बीमारी से परेशानी तक का जिक्र किया है। मौत के लिए आकाश को जिम्मेदार - पीडब्ल्यूडी में ऑपरेटर मनोज शर्मा की पत्नी अर्चना शर्मा ने गुरुवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बेटे ने पिता को फोन कर इसकी सूचना दी थी। - मामले की जांच को लेकर पुलिस ने पति मनोज और बड़े बेटे दक्ष के बयान लिए थे। इसमें भी उन्होंने अर्चना की मौत के लिए आकाश को जिम्मेदार बताया था। - सिटी थाना टीआई हितेश पाटिल ने बताया पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार रहे थे। रिपोर्ट मिल गई है। आकाश के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। इतना शोषण किया कि मौत का रास्ता चुना... - अर्चना के परिवार के लोगों ने बताया कि जिस दिन घटना हुई उसी दिन वो दिन में 2 बजे घर आई थी। करीब 10 मिनट रुकी। - मां और भाभी के कपड़े सिलने के ले गई थी उसे देने आई थी। यह कहकर चली गई कि वीसी में रुपए जमा करना है। अर्चना हर महीने बीसी में 1500 रुपए जमा करती थी। - वहां से बीच में क्या हुआ हमें नहीं पता हम लोगों को तो बस फांसी लगाने की सूचना मिली थी। अर्चना के पति और पिता ने पुराने केस में महिला सेल प्रभारी पर लगाया आकाश को बचाने का अारोप - अर्चना के पति मनोज शर्मा ने बताया कि 2014 में जब मैंने सिटी थाने रिपोर्ट लिखाई थी उस समय महिला सेल प्रभारी पुष्पा राठौर को उस समय जांच सौंपी गई थी लेकिन उन्होंने आकाश बैस के खिलाफ सिर्फ 354 का प्रकरण दर्ज किया था। - पुष्पा राठौर आकाश बैस के दूर के रिश्ते में बुआ लगती है और इसलिए ही उसे बचाया गया है। मैने जांच के लिए वाट्सएप मैसेज भी दिया था लेकिन पुलिस ने सिर्फ धारा 354 के तहत प्रकरण दर्ज किया है जो मामला कोर्ट में चल रहा है। - पुलिस अगर गंभीर धारा लगाती तो कोर्ट में हम मजबूत होते। निर्भया महिला सेल में होने के बावजूद भी एक महिला के मामले को कमजोर किया गया। - आरोपी को पकड़ने के बजाय उल्टा हमें समझाया गया मामला खत्म कर लो, क्यों परेशानी में पड़ रहे हो। अर्चना के पति ने कहा कि मैं अब सिर्फ इस बात की लड़ाई लड़ूगां कि मेरी पत्नी गलत नहीं थी। मुझे जिस हद तक जाना हो मैं जाऊंगा। पिता बोले: बेटी को न्याय मिलना चाहिए - अर्चना के पिता शरद कुमार दुबे ने कहा, ये सही है कि पुष्पा राठौर ने केस काे खराब किया। मामाला कोर्ट में है। मैं कुछ ज्यादा नहीं कहूंगा। उसके सुसाइड नोट पढ़ने के बाद मैं दुखी हूं। - गुस्से में जरूर उसको डांटता था, लेकिन दिल से नाराज नहीं होता था। मेरी बेटी को न्याय मिलना चाहिए। जो सुसाइड नोट मिला है वो उसी की है। - भाषा भी उसी की है। वो बहुत मेहनती थी। बस मेरी बेटी को न्याय मिलना चहिए। महिला सेल प्रभारी: आकाश मेरा रिश्तेदार नहीं - उधर महिला सेल प्रभारी पुष्पा राठौर ने कहा, आकाश से मेरी कोई रिश्तेदारी नहीं है। अर्चना का पति मनोज झूठ बोल रहा है। आकाश को बचाने का आरोप सरासर झूठ है। - मामले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक तरूण नायक जांच कर चुके हैं। इसमें सबकुछ स्पष्ट हो चुका था। अब इस मामले से मेरा कोई लेना देना नहीं है। इस बारे में मुझे अब और कुछ नहीं कहना है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, अर्चना की डायरी की वह बातें जो किसी इंसान को भी हिलाकर रख देंगी...

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