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अश्वनी कुमार

  • बतौर मिनिस्टर मैं फेल हो गया: बुजुर्गों की सेफ्टी के बारे में SC से बोले पूर्व कानून मंत्री
    Last Updated: February 28 2017, 11:17 AM

    नई दिल्ली. यूपीए सरकार में कानून मंत्री रहे अश्विनी कुमार ने कहा है कि बतौर मिनिस्टर और सांसद वो फेल रहे। कुमार ने सीनियर सिटिजन्स के राइट्स की हिफाजत के लिए सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की थी। इस मामले में सोमवार को हुई सुनवाई में उन्होंने कहा कि इस मामले में वे मंत्री और सांसद के तौर पर तो फेल हो गए, लेकिन एक सिटिजन के तौर पर फेल नहीं होना चाहते। PIL की सुनवाई के दौरान जब जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की बेंच ने उनसे पूछा कि कैसे फेल हुए? तो कुमार ने कहा, कलेक्टिवली फेल। सरकार देखे, स्कीम्स इफेक्टिवली कैसे काम करेंगी- SC... - कुमार ने PIL में देशभर के जिलों में ओल्ड एज होम बनाने, सीनियर सिटिजन्स के हक की हिफाजत के लिए रास्ते खोजने और स्कीम्स लाने का मुद्दा उठाया था। - SC की बेंच ने अश्विनी कुमार को सुनने के बाद कहा, सरकार इस मामले में स्कीम्स पर विचार करे और ये बताए कि इन्हें देशभर में असरदार तरीके से कैसे लागू किया जाएगा। इस बारे में हमारे पास कोई आइडिया तभी आएगा, जब सरकार हमें स्कीम्स के बारे में बताएगी और ये भी बताएगी कि ये स्कीम्स कैसे काम करती हैं। सरकार बताए तो हमें कुछ अंदाजा होगा- SC - SC ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद से कहा, ऐसी 10 स्कीम्स हो सकती हैं। आप (केंद्र) ऐसी पोजिशन में हैं कि हमें लिस्ट दे सकते हैं, जिनमें स्कीम्स और उन्हें असरदार तरीके से लागू करने के जिम्मेदार लोगों के नाम हों। - केंद्र सरकार जब बताएगी कि ये स्कीम्स क्या हैं और कैसे काम करती हैं, तब हमें इसके बारे में कुछ अंदाजा लग सकेगा। योजना पर चर्चा चल रही है- केंद्र - सरकार की ओर से पिंकी आनंद ने कहा, अश्विनी कुमार ने जो मुद्दा उठाया है, सरकार उसे देख रही है। इस बारे में एक पॉलिसी है, जिस पर चर्चा चल रही है। - जब बेंच ने नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी (NALSA) की स्कीम्स के बारे में कुमार से पूछा तो उन्होंने कहा कि ये बड़ी परेशानी है और एक मेकैनिज्म तो जरूर होना चाहिए। - एक पार्टी ने जब ये कहा कि स्कीम्स में कुछ खामियां हैं, तो बेंच ने कहा, यहां मसला किसी की बुराई करने का नहीं, बल्कि सुधार का है। हमें आगे बढ़ना होगा। अप्रैल में होगी सुनवाई - सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर अप्रैल में सुनवाई करेगा। बता दें कि पहले इस मामले में SC ने NGO हेल्प एज इंडिया और NALSA से भी राय मांगी थी। NALSA कमजोर तबकों को फ्री लीगल सर्विस भी मुहैया कराती है। - PIL में बुजुर्गों की सेफ्टी के लिए बजट बढ़ाए जाने की बात भी कही गई है। गरीबी है, सिर पर छत नहीं है- कुमार - कुमार ने कहा, देश में ऐसे बुजुर्गों की तादाद बढ़ रही है, जो गरीबी में जी रहे हैं और उनके सिर पर छत भी नहीं है। ना तो उनके पास ढंग का खाना है और ना कपड़े। बुजुर्गों की बेहतरी के लिए बजट भी बेहद मामूली ही है। कुछ कानून है और स्कीम्स भी हैं, लेकिन या तो वो लागू नहीं की गईं या फिर बेकार हो गईं। देशभर में 11 करोड़ ऐसे लोग हैं, जिन्हें उनके अधिकार नहीं मिल रहे हैं।

  • पनामा पेपर्स लीक: आइसलैंड के पीएम का इस्तीफा; अमिताभ ने क्या दी सफाई
    Last Updated: April 06 2016, 07:30 AM

    लंदन/नई दिल्ली. टैक्स बचाने के लिए दूसरे देशों में पैसा छिपाने के मामले में नाम सामने आने के बाद आइसलैंड के पीएम डेविड गुनलाउगसन ने इस्तीफा दे दिया है। वहां के एग्रीकल्चर मिनिस्टर ने नेशनल टीवी पर कहा कि अब वे पीएम की जिम्मेदारी संभालेंगे। दूसरी ओर, भारत से इस मामले में कई नाम सामने आए हैं। इन्हीं में शामिल अमिताभ बच्चन ने कहा है कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। डेविड पर क्या हैं आरोप.... - आरोप है कि गुनलाउगसन और उनकी पत्नी ने ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में एक कंपनी खड़ी की थी। - उन्होंने ये कंपनी पनामा की लॉ फर्म मोसेक फोंसेका की मदद से ऐसा किया था। इसी कंपनी के डॉक्युमेंट्स लीक हुए हैं। - जैसे ही डेविड का नाम सामने आया, विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग करने लगा। - हालांकि, सोमवार रात तक डेविड इस्तीफा देने से इनकार करते रहे थे। दबाव बढ़ा तो उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ी। अमिताभ का नाम सामने आया तो दी सफाई - इस लीक में भारत के जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या राय शामिल हैं। - दो दिन की चुप्पी के बाद अमिताभ मंगलवार को बोले। उन्होंने कहा कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल हो रहा है। - ऐश्वर्या पहले ही आरोपों को गलत करार दे चुकी हैं। - मंगलवार को ही अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस; ने इस मामले में दूसरी लिस्ट जारी की। जो नए नाम सामने आए हैं, उनमें एक पूर्व क्रिकेटर अशोक मल्होत्रा का भी है। कैसे शुरू हुआ मामला - दरअसल पनामा की लॉ फर्म के 1.15 करोड़ टैक्स डॉक्युमेंट्स लीक हुए हैं। इसके कारण सवालों के घेरे में आए बड़े भारतीय नामों में अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय और डीएलएफ के प्रमोटर केपी सिंह शमिल हैं। - पेपर लीक के एक दिन बाद अमिताभ ने कहा, मैं इंडियन एक्सप्रेस द्वारा बताई गई कंपनी सी बल्क शिपिंग कंपनी लिमिटेड, लेडी शिपिंग लिमिटेड और ट्रैम्प शिपिंग लिमिटेड में से किसी को भी नहीं जानता। मैं कभी ऐसी कंपनीज का डायरेक्टर नहीं रहा। - जाहिर है मेरे नाम का गलत इस्तेमाल हो रहा है। मैंने हमेशा टैक्स पे किया है। इसमें ओवरसीज में खर्च किए पैसे भी शामिल हैं। इसके अलावा जो भी पैसे ओवरसीज भेजे गए, वो कानून का पालन करते हुए भेजे गए। - इंडियन एक्सप्रेस में पब्लिश हुई रिपोर्ट में मेरी ओर से किसी भी गैरकानूनी चीज का जिक्र तक नहीं है। इससे पहले उनकी बहू ऐश्वर्या भी डॉक्युमेंट्स को खारिज कर चुकी हैं। - दूसरी ओर, आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि वे भी जांच टीम में शामिल हैं। - राजन ने मंगलवार को कहा- अभी नहीं कह सकते कि पैसा गैरकानूनी है कि नहीं। इस मामले में जो जांच की जा रही है, हम भी उसका हिस्सा हैं। जांच के बाद ही मामला साफ हो पाएगा। दूसरी लिस्ट में भारत के इन लोगों के नाम - अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने टैक्स हैवन देशों में कंपनियां खरीदने वालों की दूसरी लिस्ट जारी की है। 1. अश्विनी कुमार मेहरा: मेहरा सन्स ज्वैलर्स के मालिक हैं। इनके दो बेटे भी पार्टनर के तौर पर काम करते हैं। इनके नाम विदेशों में सात कंपनियां रजिस्टर्ड पाई गई हैं। ये कंपनियां ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड और बहामास में हैं। 2. अनुराग केजरीवाल: अनुराग केजरीवाल लोक सत्ता पार्टी के दिल्ली के प्रेसिडेंट थे। 2014 के लोकसभा इलेक्शन के दौरान एक स्टिंग सामने आने के बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था। लीक डॉक्युमेंट्स में उनके नाम तीन कंपनियां और दो फाउंडेशन पाए गए हैं। इनकी लोकेशन ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड और पनामा है। (<a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/NAT-NAN-nawaz-family-reacts-to-leak-we-have-done-nothing-wrong-5291467-PHO.html'>ये भी पढ़ें: </a><a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/NAT-NAN-nawaz-family-reacts-to-leak-we-have-done-nothing-wrong-5291467-PHO.html'>जेटली बोले- PM खुद चाहते हैं जांच, ऐश्वर्या-नवाज ने दी सफाई</a><a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/NAT-NAN-nawaz-family-reacts-to-leak-we-have-done-nothing-wrong-5291467-PHO.html'>)</a> 3. गौतम और करण थापर: क्रॉम्पटन ग्रीव्ज के मालिक ब्रजमोहन थापर के बेटे हैं। 1999 में इन्होंने ग्रुप की कमान संभाली। करण साल 2000 से ग्रुप के डायरेक्टर हैं। चार्लवुड फाउंडेशन और निकोम इंटरनेशनल फाउंडेशन के नाम से इनकी पनामा में दो कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। गौतम अपने अंकल ललित मोहन थापर के साथ बलारपुर इंडस्ट्रीज लिमिटेड से जुड़े हैं। 4. सतीश गोविंग समतानी, विश्लव बहादुर और हरीश समतानी: यह फैमिली रेडीमेड गारमेंट्स के कारोबार से जुड़ी है। बहादुर रहने वाले तो लखनऊ के हैं, लेकिन फिलहाल बेंगलुरु में उनका रेसिडेंस है। ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में उनके नाम से दो कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। 5. गौतम सीन्गल: इन्वेस्ट मैनेजमेंट और आईटी कंसल्टेंट हैं। इसके अलावा भी उनकी कंपनियां हैं, जो कई सेक्टर्स में काम करती हैं। इनके नाम से ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में जेफ मोर्गन कैपिटल लिमिटेड रजिस्टर्ड है। 6. प्रभाष संकलेचा: ये मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी करते थे। पत्नी की मौत के बाद फिलहाल इंदौर में रहते हैं। इनके नाम से लोटस होराइजन एसए नाम की कंपनी रजिस्टर्ड है। यह कंपनी पनामा से ऑपरेट करती है। 7. विनोद रामचंद्र जाधव: ये शख्स सावा हेल्थकेयर नाम की कंपनी चलाते हैं। इसकी यूनिट अहमदनगर और बेंगलुरु में हैं। इनके नाम से कई कंपनियां रजिस्टर्ड हैं, जो ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में हैं। 8. अशोक मल्होत्रा: इंडियन क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुके हैं और फिलहाल कोलकाता में क्रिकेट एकेडमी चलाते हैं। इनके नाम से EP Onlookers Limited नाम की कंपनी ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में रजिस्टर्ड है। अशोक कुछ वक्त तक बंगाल और टीम इंडिया के कोच भी रह चुके हैं। मल्होत्रा भारत की तरफ से 7 टेस्ट और 20 वनडे मैच खेल चुके हैं। उन्होंने 1982 में डेब्यू किया था। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, लिस्ट में अमिताभ और ऐश्वर्या के अलावा और किन लोगों के नाम हैं...

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