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अजहर

कैफ ने पूजा तो अगरकर ने फातिमा से, इन 10 क्रिकेटर्स ने की दूसरे धर्म में शादी

कैफ ने पूजा तो अगरकर ने फातिमा से, इन 10 क्रिकेटर्स ने की दूसरे धर्म में शादी

Last Updated: April 26 2017, 11:11 AM

स्पोर्ट्स डेस्क. पूर्व इंडियन क्रिकेटर जहीर खान एक्ट्रेस सागरिका घाटगे से इंगेजमेंट कर चुके हैं। सगाई के बाद सागरिका ने कहा, टूर्नामेंट के बीच में शादी के बारे में बात करना ठीक नहीं होगा। 21 मई के बाद पूरे सेलिब्रेशन से फिर से सगाई होगी। बता दें कि जहीर मुस्लिम हैं, जबकि सागरिका मराठी फैमिली से आती हैं। जहीर और सागरिका के अलावा क्रिकेट वर्ल्ड में ऐसे कई और कपल्स हैं, जिन्होंने दूसरे धर्म में शादी की। मोहम्मद कैफ ने की पूजा यादव से शादी... - आईपीएल-10 में गुजरात लायंस के कोच मोहम्मद कैफ ने साल 2011 में पूजा यादव से शादी की। नोएडा में ये शादी बहुत जल्दबाजी में हुई और इसमें सिलेक्टेड गेस्ट को ही बुलाया गया था। पूजा दिल्ली में बतौर जर्नलिस्ट काम करती थीं। दोनों की मुलाकात एक फ्रेंड के जरिए हुई थी। चार साल की डेटिंग के बाद इस कपल ने शादी का फैसला किया था। कपल के दो बच्चे हैं। आगे की स्लाइड्स में जानें ऐसे ही 9 और क्रिकेट कपल्स के बारे में....

फरहान से रणबीर तक, जब फिल्मों में किरदार के लिए स्टार्स ने बदला Look

फरहान से रणबीर तक, जब फिल्मों में किरदार के लिए स्टार्स ने बदला Look

Last Updated: April 13 2017, 16:03 PM

मुंबई। हाल ही में संजय दत्त पर बन रही बायोपिक के सेट से रणबीर कपूर का नया लुक सामने आया है। इसमें रणबीर हूबहू संजय दत्त की तरह दिख रहे हैं। वैसे, यह पहला मौका नहीं है जब किसी स्टार ने बायोपिक के लिए लुक बदला हो। इससे पहले भी कई बायोपिक के लिए स्टार्स अपना लुक बदल चुके हैं। फिर चाहे बात भाग मिल्खा भाग में फरहान के लुक की हो, या नीरजा में सोनम की। हाल ही में आई फिल्म एमएस धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी में सुशांत सिंह ने रियल दिखने के लिए काफी मेहनत की थी। रियल लाइफ से इंस्पायर होकर बनाई गई इन फिल्मों के लिए एक्टर्स को सामान्य फिल्मों से कहीं ज्यादा मेहनत करनी होती है। इस पैकेज में हम बता रहे हैं कुछ ऐसी ही बायोपिक्स के बारे में... आगे की स्लाइड्स में जानें, बायोपिक्स पर बनी कुछ और फिल्मों के बारे में...

मसूद अजहर पर चीन का वीटो भी नहीं रोक पाएगा कार्रवाई से : निक्की हेली

मसूद अजहर पर चीन का वीटो भी नहीं रोक पाएगा कार्रवाई से : निक्की हेली

Last Updated: April 05 2017, 10:35 AM

इंटरनेशनल डेस्क. अमेरिका ने कहा है कि आतंकियों पर प्रतिबंध लगाने के मामले में जो देश वीटो का उपयोग कर रहे हैं वे जान लें कि वीटो के बावजूद वे अमेरिका को आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने से नहीं रोक पाएंगे। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने यह धमकी सीधे चीन को दी है। चीन जैश-ए-मुहम्मद के सरगना मसूद अजहर को प्रतिबंधित सूची में शामिल किए जाने के प्रस्ताव पर लगातार वीटो कर रहा है। भारत यह प्रस्ताव ला रहा है। कोशिश कामयाब नहीं हुई तो अकेले ही करेंगे कार्रवाई... निक्की हेली ने अमेरिका की ओर से सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभालते हुए यह चेतावनी दी है। अप्रैल माह के लिए अमेरिका अध्यक्ष है। निक्की हेली ने पद संभालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, (ट्रम्प) प्रशासन सब देख रहा है। कौन प्रतिबंधित सूची में है, कौन नहीं है, क्यों नहीं है, हम उसे कैसे ठीक कर सकते हैं आदि।; उन्होंने कहा कि पहले हम सबके साथ मिलकर काम करने की कोशिश करेंगे, अगर कुछ नहीं हुआ तो वही काम हम अकेले दम पर करेंगे। अल्ताफ हुसैन ने मोदी से भी की थी हिंदुओं का मुद्दा उठाने की मांग एमक्यूएम के चीफ अल्ताफ हुसैन ने पीएम नरेंद्र मोदी से भी मांग की थी कि वे विभाजन के समय पाक में रह गए हिंदुओं की रक्षा के लिए कदम उठाएं। इन हिंदुओं को वहां मोहाजिर कहते हैं। इनके साथ दोयम दर्जे का सलूक होता है। अल्ताफ हुसैन ने लिखा था कि आप बलूचिस्तान का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने के बजाय पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं का मुद्दा उठाएं। एमक्यूएम ने कहा- पाकिस्तान में सरकारी हत्याएं रोके अमेरिका पाक की चौथी सबसे बड़ी पार्टी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) ने अमेरिका से मांग की है कि वह पाक में दखल देकर सरकारी हत्याएं रुकवाए। एमक्यूएम के कार्यकर्ताओं ने व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि नवाज सरकार नरसंहार कर रही है, कानून से इतर लोगों की हत्याएं करवा रही है। पार्टी के नेता के बोलने पर रोक लगी हुई है। विदेश मंत्री बनना चाहती थी, ट्रम्प ने मना कर दिया निक्की हेली ने बताया कि उन्हें ट्रम्प टावर से बुलावा विदेश मंत्री बनाने पर चर्चा के लिए आया था। ट्रम्प के चुनाव जीतने पर नवंबर में ट्रम्प से मुलाकात हुई थी। मैं विदेश मंत्री बनना चाहती थी, लेकिन ट्रम्प ने देने की पेशकश ही नहीं की।; बाद में उन्हें संयुक्त राष्ट्र में राजदूत बनाया गया और विदेश मंत्री पद रैक्स टिलरसन को दे दिया गया। निक्की हेली ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद को युद्ध अपराधी बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को असद से प्यार नहीं है। असद ने जो कुछ अपने ही लोगों के साथ किया है वह शर्मनाक है। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने अंकारा में कहा था कि असद का भविष्य सीरिया के लोग ही तय करेंगे। मेरे भारतीय माता-पिता ने काम करना सिखाया निक्की हेली ने कहा, मैंने जो भी पद संभाले लोग सोचते हैं मैं और बड़ा पद पाने के लिए काम करती हूं। जबकि असलियत यह है कि मेरे भारतीय माता-पिता ने मुझे सिखाया है तुम जो कुछ भी बड़ा काम करो यह सुनिश्चित करो कि लोग उस काम के लिए तुम्हें याद रखें। इसलिए मैं उसी तरह से काम करने की कोशिश करती हूं।

चीन के वीटो के बावजूद आतंकियों पर एक्शन होगा: ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन

चीन के वीटो के बावजूद आतंकियों पर एक्शन होगा: ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन

Last Updated: April 04 2017, 16:53 PM

वॉशिंगटन. डोनाल्ड ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा है कि अगर कोई देश यूएन में टेररिस्ट सेंक्शंस पर वीटो भी करता है तो उस स्थिति में भी अमेरिका आतंकियों पर कार्रवाई करेगा। ये बात यूएन में यूएस एम्बेसडर निक्की हेली ने कही है। बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर के मुद्दे पर चीन यूएन में लगातार विरोध कर रहा है। वहीं, भारत यूएन में अजहर पर बैन लगाने की बात कर रहा है। सिक्युरिटी काउंसिल के रोल को लेकर बोलीं हेली... - हेली ने मंगलवार को सिक्युरिटी काउंसिल प्रेसिडेंट के आगामी दिनों में होने वाले रुख को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। - उन्होंने कहा, ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन सभी मुद्दों पर नजर रख रहा है। कुछ सेंक्शंस पर हम चर्चा कर चुके हैं। ये बात भी हुई है कि हम उन पर क्या एक्शन लेंगे। - चीन का बिना नाम लिए हेली ने कहा, हम आतंकियों खासकर साउथ एशियाई रीजन में उन पर लगे सेंक्शंस की बात कर रहे हैं। यूएन सिक्युरिटी काउंसिल का कोई परमानेंट मेंबर कैसे वीटो पावर का इस्तेमाल कर उन पर कार्रवाई को बाधित कर सकता है। - एक बात तो तय है कि अमेरिकी की कार्रवाई ऐसे किसी वीटो से बेअसर रहेगी। हम अपने रुख में कोई बदलाव नहीं करेंगे। अगर हम साथ रहेंगे तो मकसद जल्दी पूरा होगा बजाय इसके कि अमेरिका अलग से कोशिश करे। भारत-पाक के बीच मीडिएटर बन सकता है यूएस - हेली ने कहा- यह बिलकुल सही है कि ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन भारत और पाकिस्तान के बीच रिलेशन को लेकर चिंता रखता है। हम चाहते हैं कि किसी भी विवाद को आगे बढ़ने से रोकने में हम किस तरह का रोल निभा सकते हैं। - मुझे उम्मीद है कि अमेरिकी सरकार दोनों देशों से बातचीत करेगी और तनाव को कम करने के लिए कोशिशें करेगी। हमें नहीं लगता कि कुछ होने तक हमें इंतजार करना चाहिए। - बता दें कि हेली से मीडिया ने कश्मीर मुद्दे पर सवाल किए और पूछा कि क्या अमेरिका भारत-पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता के लिए कोई कोशिश कर सकता है। इसके जवाब में हेली ने कहा कि हां बिलकुल ऐसा लगता है कि हमें इसमें एक्टिव रोल निभाना चाहिए। दोनों देशों के बीच तनाव और विवाद बढ़ रहा है, इसलिए हम यह देखना चाहते हैं कि इसका किस तरह हिस्सा बन सकते हैं। - हेली ने कहा- नेशनल सिक्युरिटी काउंसिल के मेंबर्स को इसमें भागीदारी करनी चाहिए। मैं इस बात से भी सरप्राइज नहीं होंगी कि प्रेसिडेंट भी इसमें कोशिश करें। ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन काफी अग्रेसिव - हेली ने ये कहा, मुझे लगता है कि ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन काफी अग्रेसिव है। क्योंकि हम एक्शन लेने और लीड करने के बारे में सोचते हैं। इसके लिए हम नेशनल सिक्युरिटी काउंसिल से बात कर रहे हैं। - मुझे लगता है कि मेरे यूएन एम्बेसडर बनने के बीते दो महीने के दौरान काफी काम हुआ है और आगे भी ये जारी रहेगा। - खुद के भारतीय पेरेन्ट्स होने पर निक्की ने कहा, अब तक मैं जिस भी पोजिशन पर रही हूं, लोगों को लगता है कि मैं आगे का सोचती हूं। सच्चाई ये है कि मेरे माता-पिता भारतीय हैं। उन्होंने मुझसे एक ही बात कही कि जहां भी रहो, तुम्हें लोग काम से पहचानें। बस, मैं अपना काम शिद्दत से करने की कोशिश करती हूं।

लखनऊ एनकाउंटर की जांच में जुटी NIA की टीम, खंगाले गए संदिग्ध आतंकी गौस मोहम्मद-फैसल के घर

लखनऊ एनकाउंटर की जांच में जुटी NIA की टीम, खंगाले गए संदिग्ध आतंकी गौस मोहम्मद-फैसल के घर

Last Updated: March 28 2017, 19:59 PM

कानपुर. संदिग्ध आतंकवादी गौस मोहम्मद उर्फ जीएम और फैसल को एनआईए की टीम लेकर मंगलवार को चकेरी में जांच करने पहुंची। वहीं एनआईए की टीम ने इनके घरवालों से पूछताछ की। गौस मोहम्मद के बेटे के मुताबिक, पिता से जुड़े हर सामान को बहुत बारीकी से देखा और उनके कमरे की तलाशी भी ली। साथ ही अपने साथ कुछ लेकर भी गए। वो कहां जाते थे, उनसे कौन मिलने आता था, सभी मामलों की बारीकी से जांच की। इसके बाद एनआईए की टीम ने फैसल को लेकर उसके घर पहुंची और उनसे मिलवाया। बता दें, 28 फरवरी की रात संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह को यूपी एटीएस ने लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में 11 घंटे चले एनकाउंटर के बाद मारा गया। साथ ही इसकी डायरी में गौस मोहम्मद का नाम सामने आया था। इनकी 2 मार्च को गिरफ्तार हुई थी। घरवालों से की बारीकी से पूछताछ... - गौस मोहम्मद के बेटे अब्दुल कादिर के मुताबिक, एनआईए की टीम ने घर के हर सदस्य से पूछताछ की। पिता से जुड़े हर सामान को बहुत बारीकी से देखा और उनके कमरे की तलाशी भी ली। साथ ही अपने साथ कुछ लेकर भी गए। - इसके बाद एनआईए की टीम फैसल को लेकर उसके घर पहुंची और उनसे मिलवाया। - संदिग्ध आतंकी फैसल के पिता नसीम के मुताबिक, बेटे को लेकर आई टीम ने कई सवाल किए, साथ ही घर के सभी से सदस्य से बात की। - अभी तक ये यकीं नहीं हो रहा कि मेरे तीनों बेटे आतंकी गतिविधियों में लिप्त हैं। वो आज भी अपने बेटों को बेक़सूर मानते हैं। क्या कहना है पुलिस का ? - एसपी सोमेन वर्मा का कहना है कि पकड़े गए सस्पेक्ट को रिमांड पर लेकर एनआईए कानपुर आई। - एनआईए की टीम ने पुलिस बल मांगी थी, जिसे मुहैया करवा दिया गया था। पुराना टेक्निकल मैन है गौस - गिरफ्तारी के बाद एडीजी लॉ एंड ऑर्डर दलजीत सिंह चौधरी ने बताया था कि गौस 1978 में एयरफोर्स में था। 1993 में उसने नौकरी छोड़ दी थी। गौस ने पहचान बदलने के लिए अपना नाम करण खत्री कर लिया था। वो कानपुर के जाजमऊ इलाके में रहता था। - जीएम खान काफी समय से इस काम में लगा था। वो पुराना टेक्निकल मैन है। इसी से वो पुराने कनेक्शन स्थापित करता था। परिवार से अलग रह रहा था गौस - मामला सामने आने के बाद गौस के बेटे अब्दुल कादिर ने बताया था कि, मेरे और मेरे भाई की लखनऊ में दुकान है। हमें इस घटना के बारे में बिल्कुल जानकारी नहीं है। 28 मार्च की रात 12.30 हम अपने गांव बछरावां में पिता के साथ थे। उसके बाद से वे गायब थे। पिता की गिरफ्तारी की बात न्यूज देखकर पता चली, जिसके बाद हम वापस कानपुर लौट आए। - मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि ऐसा भी कुछ हो सकता है। अगर मेरे पिता इसमें शामिल हैं तो गिरफ्तारी सही है। - एयरफोर्स से रिटायर होने के बाद पिता कुछ नहीं करते थे। इसके बावजूद हम लोगों से अलग करीब 2 साल से लखनऊ में रहते थे। इसी बात को लेकर घर में अनबन भी होती थी। - हमें आज तक नहीं पता कि लखनऊ में वो कहां रहते थे। इस्लामी किताबें पढ़ने का उन्हें बहुत शौक था। खुरासान मॉड्यूल का नाम आया था सामने - संदिग्धों ने इसी से प्रभावित होकर खुरासान नाम का ग्रुप तैयार किया। यूपी के एडीजी (लॉ ऐंड ऑर्डर) दलजीत सिंह चौधरी ने बताया था कि इन लड़कों ने सोशल मीडिया के जरिए ही अपना ग्रुप खड़ा किया। - पुलिस ये भी दावा कर रही था कि सोशल मीडिया के जरिए ही ये लोग एक-दूसरे के कॉन्टैक्ट में रहकर ही आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। आगे की स्लाइड्स में देखिए फोटोज...

ISIS के खुरसान मॉड्यूल का सरगना गौस मोहम्मद और उसका साथी UP से गिरफ्तार

ISIS के खुरसान मॉड्यूल का सरगना गौस मोहम्मद और उसका साथी UP से गिरफ्तार

Last Updated: March 09 2017, 19:56 PM

लखनऊ. ISIS के खुरसान (एशिया) मॉड्यूल के सरगना गौस मोहम्मद उर्फ जीएम और उसके साथी अजहर को गुरुवार गिरफ्तार कर लिया। अजहर का नाम संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह की डायरी में भी सामने आया था। बुधवार को यूपी से दो और मध्यप्रदेश से 3 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। बता दें, मंगलवार की रात संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह को यूपी एटीएस ने लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में 11 घंटे चले एनकाउंटर के बाद मार गिराया था। इस घटना में खुरासान मॉड्यूल का नाम सामने आया था, जो आईएसआईएस से प्रेरित बताया गया। पुलिस का कहना है कि सैफुल्लाह और गौस के रिश्ते हो सकते हैं। क्या कहना है यूपी पुलिस का? - एडीजी लॉ एंड ऑर्डर दलजीत सिंह चौधरी ने बताया, गौस 1978 में एयरफोर्स में था। 1993 में उसने नौकरी छोड़ दी थी। गौस ने पहचान बदलने के लिए अपना नाम करण खत्री कर लिया था। वो कानपुर के जाजमऊ इलाके में रहता था। - जीएम खान काफी समय से इस काम में लगा था। वो पुराना टेक्निकल मैन है। इसी से वो पुराने कनेक्शन स्थापित करता था। इस पूरे मॉड्यूल को प्रेरणा देना, लिटरेचर उपलब्ध कराना, आतंकी दिशा में ले जाने में जीएम खान का ही हाथ था। - दूसरा संदिग्ध अजहर इटावा का रहने वाला है। वो हथियारों का सप्लायर था। अब बाकी चीजें इन्वेस्टिगेशन में साफ होंगी। क्या कहना है गौस के बेटे का? - गौस के बेटे अब्दुल कादिर ने बताया, मेरे और मेरे भाई की लखनऊ में दुकान है। हमें इस घटना के बारे में बिल्कुल जानकारी नहीं है। मंगलवार की रात 12.30 हम अपने गांव बछरावां में पिता के साथ थे। उसके बाद से वे गायब थे। पिता की गिरफ्तारी की बात न्यूज देखकर पता चली, जिसके बाद हम वापस कानपुर लौट आए। - मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि ऐसा भी कुछ हो सकता है। अगर मेरे पिता इसमें शामिल हैं तो गिरफ्तारी सही है। - एयरफोर्स से रिटायर होने के बाद पिता कुछ नहीं करते थे। इसके बावजूद हम लोगों से अलग करीब 2 साल से लखनऊ में रहते थे। इसी बात को लेकर घर में अनबन भी होती थी। - हमें आज तक नहीं पता कि लखनऊ में वो कहां रहते थे। इस्लामी किताबें पढ़ने का उन्हें बहुत शौक था। सैफुल्लाह के पिता ने क्या कहा? - एनकाउंटर के दौरान मारे गए आतंकी सैफुल्लाह के पिता मोहम्मद सरताज ने कहा है कि वो भी अपने बेटे से प्रेम करते थे, उसके गुमराह होने का पता ही नहीं चला। घर में सैफुल के नाम से पुकारे जाने वाले इस संदिग्ध आतंकी के पिता ने राजनाथ सिंह द्वारा उन्हें संसद में याद किए जाने पर कहा- उन्होंने हम जैसे छोटे आदमी को याद किया, इसके लिए हम शुक्रगुजार हैं। सरताज ने कहा- सरकार को वॉट्सऐप जैसी चीजों पर फौरन रोक लगानी चाहिए। - सैफुल्लाह के पिता ने आगे कहा, आतंकियों का कोई मजहब नहीं होता। फिर चाहे वो हिंदू परिवार से हो या मुस्लिम परिवार से। बचपन से नजर रखें तो बच्चों बचाया जा सकता है। उसके पास जो मोबाइल था, उसमें स्क्रीन नहीं थी। वो सिर्फ बटन दबाता रहता था। एक बात मैं जरूर कहना चाहता हूं कि मोबाइल पर वॉट्सऐप वगैरह की वजह से बच्चे गलत संगत में पढ़ जाते हैं। मैं भारत सरकार से मांग करता हूं कि वो इस तरह की चीजों पर फौरन रोक लगाए। खुरासान मॉड्यूल का नाम आया सामने - पुलिस के मुताबिक, संदिग्धों ने इसी से प्रभावित होकर खुरासान नाम का ग्रुप तैयार किया। यूपी के एडीजी (लॉ ऐंड ऑर्डर) दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि इन लड़कों ने सोशल मीडिया के जरिए ही अपना ग्रुप खड़ा किया। - पुलिस ये भी दावा कर रही है कि सोशल मीडिया के जरिए ही ये लोग एक-दूसरे के कॉन्टैक्ट में रहकर ही आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। क्या है खुरासान और क्या है उसका मंसूबा? - इस्लामिक स्टेट ने 2020 तक भारत समेत दुनिया के कई देशों पर कब्जे का प्लान तैयार किया है। इसके तहत आईएस यूरोप, चीन, भारत और नॉर्थ अफ्रीका तक अपना राज फैलाना चाहता है। - अपने मंसूबे को अंजाम तक पहुंचाने के लिए आईएस ने एक नक्शा बनाया है। नक्शे में स्पेन, पुर्तगाल और फ्रांस के हिस्से को अरबी में अंदालुस नाम दिया गया है। इस पर मूरों ने आठवीं से 15वीं सदी के बीच कब्जा किया था, जबकि भारत समेत एशिया के बड़े हिस्से को खुरासान नाम दिया गया है।

भारत सीखे कि US से फायदा लेने के लिए हम कैसे बैक सीट पर रहते हैं: चीन

भारत सीखे कि US से फायदा लेने के लिए हम कैसे बैक सीट पर रहते हैं: चीन

Last Updated: February 28 2017, 10:25 AM

बीजिंग. चीन ने भारत से कहा है कि वह अपने फायदे के लिए चीन के साथ अपने रिलेशन में आई कमी को माने। चीन के स्टेट मीडिया ने कहा है कि भारत को चीन से यह सीखना चाहिए कि वह अमेरिका के साथ बाइलेटरल रिलेशन से ज्यादा फायदा लेने के लिए कैसे बैक सीट पर रहना पसंद करता है। बता दें कि न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में मेंबरशिप और आतंकी मसूद अजहर पर यूएन में बैन को लेकर चीन भारत का विरोध करता रहा है। खुद के साथ ईमानदार रहें... - चीन के स्टेट मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने एक आर्टिकल में लिखा, भारत चीन से एक सबक यह ले सकता है कि खुद के साथ ईमानदार रहें। - इकोनॉमिक और जियो पॉलिटिकल पावर में एक समान न होना किसी भी बाइलेटरल रिलेशन के लिए स्वाभाविक बात है। - अखबार ने 22 फरवरी को हुई चीन-भारत स्ट्रैटजिक डायलॉग के नतीजों का एनालिसिस करते हुए ये आर्टिकल लिखा। - इस डायलॉग का मकसद भारत-चीन के बाइलेटरल रिलेशन को सुधारना, साथ ही एनएसजी और मसूद अजहर के मुद्दे को लेकर मतभेदों को दूर करना था। और क्या कहा गया आर्टिकल में? - भारत-चीन के बीच किसी भी तरह के मतभेदों को डेवलप हो रहे रिलेशन में रुकावट नहीं बनना चाहिए। - ग्लोबल टाइम्स ने ये भी लिखा, अमेरिका के साथ रिलेशन में पीछे की सीट पर होने को लेकर चीन ने शायद ही कभी शिकायत की हो। - चीन ने भारत को यह सलाह भी दी है कि उम्मीदों को कम करे और बाइलेटरल रिलेशन को ज्यादा तरजीह दे। - ग्लोबल टाइम्स ने ये भी लिखा, कहानी का सार सीधा-सा है। मौजूदा खाई (हालांकि यह चौड़ी दिखती है) ज्यादा चिंता की बात नहीं है। अहम बात ये है कि कैसे इस खाई को पाटा जाए। भारत-चीन, दोनों को एक दूसरे के विकास का काफी फायदा मिला है। भारत-चीन के बीच पहली बार स्ट्रैटजिक डायलॉग - 22 फरवरी को चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के एग्जीक्यूटिव वाइस मिनिस्टर और अपने काउंटरपार्ट जांग येसूई के साथ स्ट्रैटजिक डायलॉग के पहले जयशंकर की चीन के फॉरेन मिनिस्टर वांग यी से मुलाकात हुई। - वांग ने कहा, भारत-चीन दोनों बड़े डेवलपिंग कंट्री हैं। दोनों देशों का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। हम लोग मीटिंग करते रहे हैं। - वांग ने स्ट्रैटजिक डायलॉग को कामयाब बताया। उन्होंने कहा, बातचीत का मकसद दोनों देशों के बीच तनाव कम कर स्ट्रैटजिक को-ऑपरेशन को मजबूत करना है। - इससे हमारे रिलेशन भी मजबूत होंगे और क्षेत्र में स्टेबिलिटी आएगी। - जयशंकर ने कहा, ये पहली बार है जब दोनों देशों के बीच रीस्ट्रक्चर्ड स्ट्रैटजिक डायलॉग हुआ। दोनों देश जी-20, शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO), ब्रिक्स, ईस्ट एशिया समिट के मेंबर्स हैं। लिहाजा, दोनों के मुद्दे भी एक से ही हैं। भारत के लिए सॉवेरनिटी बड़ा मुद्दा - चीन के स्टेट मीडिया ग्लोबल टाइम्स के साथ बातचीत में जयशंकर ने चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) और आतंकी मसूद अजहर का मुद्दा भी उठाया। - जयशंकर ने कहा, हमारे लिए सॉवेरनिटी (संप्रभुता) से बड़ी कोई चीज नहीं। बता दें कि CPEC पाक के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरेगा। - आतंकवाद रोकने के लिए भारत-चीन को साथ मिलकर लड़ना चाहिए। चीन बहुत मजबूत है। वह जिस स्थिति में है, उसमें काउंटर टेररिज्म बेहतर तरीके से किया जा सकता है। - बता दें कि जयशंकर चीन के एक्सपर्ट माने जाते हैं। वे सबसे लंबे वक्त तक चीन के एम्बेसडर रहे थे।

मसूद अजहर पर भारत से बातचीत जारी है, इसमें वक्त लगेगा: चीन के राजदूत

मसूद अजहर पर भारत से बातचीत जारी है, इसमें वक्त लगेगा: चीन के राजदूत

Last Updated: February 24 2017, 19:29 PM

नई दिल्ली. चीन के राजदूत लुओ झाओहुई ने कहा कि भारत के साथ मसूद अजहर के मुद्दे पर बातचीत चल रही है। लुओ ने कहा कि जैश ए मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर को बैन किए जाने के मुद्दे पर बातचीत चल रही है और ऐसी बातचीत में वक्त लगता है। उन्होंने कहा कि चीन हर तरह के टेररिस्ट ग्रुप और हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ है। टेररिज्म के खिलाफ हम भारत के साथ- चीन... - लुओ ने कहा, भारत के फॉरेन सेक्रेटरी दो दिन पहले बीजिंग में थे। उनके साथ काफी अच्छी बातचीत हुई और हमने सभी मुद्दों पर चर्चा की। - हालांकि, लुओ ने इस पर कोई कमेंट नहीं किया कि क्या कारण है, जो चीन मसूद अजहर पर बैन लगाने का विरोध कर रहा है। - लुओ ने कहा, इंतजार करिए, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम भारत और बाकी सभी देशों के साथ हैं। - मसूद अजहर जैसे मुद्दों पर बातचीत में वक्त लगता है और इस पर लगातार बातचीत जारी है। NSG पर भी जारी है बातचीत - लुओ ने कहा, आतंकवाद के मुद्दे पर हम इंटरनेशनल कम्युनिटी के साथ हैं और सही रास्ता निकाला जाएगा। - न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप में इंडिया की एंट्री पर भी बातचीत चल रही है। चीन-भारत को मिलकर लड़ना चाहिए- जयशंकर - भारत के फॉरेन सेक्रेटरी एस. जयशंकर चीन-भारत स्ट्रैटजिक डायलॉग के लिए बीजिंग दौरे थे। - चीन में जयशंकर ने कहा, आतंकवाद रोकने के लिए भारत-चीन को साथ मिलकर लड़ना चाहिए। चीन बहुत मजबूत है। वह जिस स्थिति में है, उसमें काउंटर टेररिज्म बेहतर तरीके से किया जा सकता है। चीन ने मांगे थे भारत से पुख्ता सबूत - एस जयशंकर की चीन यात्रा से पहले चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन गेंग शुआंग ने अजहर मसूद पर अपने देश का पक्ष रखा था। - शुआंग ने कहा था, दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दे एेसे हैं, जिनका हल निकाला जाना जरूरी है। हालांकि, दो पड़ोसियों के बीच इस तरह की चीजें होना नई बात नहीं है। - मसूद अजहर पर गेंग ने कहा, चीन इस मसले पर भारत का सपोर्ट कर सकता है लेकिन इसके लिए पुख्ता सबूत जरूरी हैं। हम अपने सिद्धांतों के आधार पर अगला कदम उठाएंगे।

रियल लाइफ में 1 बहन के भाई हैं तारक मेहता के 'पिंकू', देखें फैमिली फोटोज

रियल लाइफ में 1 बहन के भाई हैं तारक मेहता के 'पिंकू', देखें फैमिली फोटोज

Last Updated: February 19 2017, 15:40 PM

मुंबई. पॉपुलर टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा पिछले 8 सालों से ऑडियंस को एंटरटेन कर रहा है। शो का एक एक किरदार अब लोगों की जुबान पर चढ़ चुका है। ऐसा ही एक टापू सेना का केरेक्टर पिंकू है। जो थोड़ा सा मिस्टीरियस है। शो की गोकुलधाम सोसाइटी में रहने वाले पिंकू 8 सालों से शो का हिस्सा हैं लेकिन शो में अभी तक उनकी फैमिली को इंट्रोड्यूज नहीं कराया गया है। लेकिन हमने हाल ही में पिंकू उर्फ अजहर शेख रियल फैमिली को ढूंढ निकाला है। साथ ही इस मौके पर हमने अजहर से काफी सारी बातचीत भी की है। ऐसी है पिंकू की रियल फैमिली... रील लाइफ में भले ही पिंकू उर्फ अजहर की फैमिली को कोई नहीं जानता है। लेकिन रियल लाइफ में वो अपने मम्मी-पापा के साथ मुंबई में रहते हैं। अजहर के पापा का नाम मुख्तार शेख है जो कि पुलिस मैन हैं। वहीं अजहर की मम्मी का नाम नजमा शेख है वो हाउस वाइफ हैं। अजहर की एक छोटी बहन असफिया शेख है जो कि फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रही हैं। शो में आपके पेरेंट्स को अब तक क्यों नहीं दिखाया गया है? अजहर बताते हैं, ये एक ऐसा सवाल है जो सब लोग मुझसे पूछते हैं कि तुम्हारे पेरेंट्स कहां हैं। मैं उन्हें यही कहता हूं कि वो घर में हैं(हंसते हुए)। मुझे पता है सब लोग मेरे ऑनस्क्रीन पेरेंट्स को देखने के लिए काफी एक्साइटेड है। मेरे प्रोड्यूसर असित मोदी जल्द ही अलग अंदाज में मेरे पेरेंट्स से इंट्रोड्यूज कराएंगे। उनके पास ऑडियंस के लिए सरप्राइजेस का भंडार है जल्द ही इस सरप्राइज को भी सामने लाएंगे। पापा का ड्रीम है अजहर को एक्टर बनाना अजहर आगे बताते हैं, मेरे पापा का ड्रीम था कि वो मुझे एक्टर बनता देखें। बल्कि मेरे पापा खुद एक एक्टर थे लेकिन फैमिली की जिम्मेदारी के चलते उन्हें एक्टिंग छोड़नी पड़ी। उनके सपोर्ट के बिना में यहां कभी नहीं पहुंच पाता। मैं सिर्फ उनके सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहा हूं। मेरे मम्मी हाउस वाइफ हैं। वो मेरी दोस्त की तरह हैं। घर में मेरी छोटी सिस्टर है जो फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रही है। मैं काफी खुश हूं हम सब एक ही छत के नीचे रहते हैं। ये है अजहर का सपना अजहर को एक्टिंग करना काफी पसंद है और वो एक दिन बड़े एक्टर और मिलेनियर बनना चाहते हैं। अजहर बताते हैं, सभी को अपनी लाइफ में बड़े ड्रीम रखने चाहिए। मैं एक ड्रीमर हूं साथ ही अचीवर भी। मेरे सपने काफी बड़े हैं जिन्हें मैं जरूर फुल फिल करूंगा। आगे की स्लाइड्स में देखें अजहर के रियल फैमिली मेंबर्स और घर की INSIDE PHOTOS...

मसूद अजहर पर UN के जरिए बैन लगवाना है तो भारत पुख्ता सबूत दे: चीन

मसूद अजहर पर UN के जरिए बैन लगवाना है तो भारत पुख्ता सबूत दे: चीन

Last Updated: February 17 2017, 17:23 PM

नई दिल्ली/बीजिंग. भारत और चीन के बीच अगले हफ्ते होने वाले स्ट्रैटेजिक डॉयलाॅग (रणनीतिक वार्ता) के पहले चीन ने कहा है कि भारत अगर आतंकी मसूद अजहर पर यूएन के जरिए दुनियाभर में बैन लगवाना चाहता है तो उसे पुख्ता सबूत देने होंगे। बातचीत 22 फरवरी को बीजिंग में होगी। इसमें भारत की तरफ से फॉरेन सेक्रेटरी एस. जयशंकर और चीन की ओर से झांग इसोई भाग लेंगे। और क्या चीन ने... - चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन गेंग शुआंग ने शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग में अपने देश का पक्ष रखा। - शुआंग ने कहा- दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दे एेसे हैं जिनका हल निकाला जाना जरूरी है। हालांकि, दो पड़ोसियों के बीच इस तरह की चीजें होना नई बात नहीं है। - गेंग से जब मसूद अजहर के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा- चीन इस मसले पर भारत का सपोर्ट कर सकता है लेकिन इसके लिए पुख्ता सबूत जरूरी हैं। हम अपने सिद्धांतों के आधार पर अगला कदम उठाएंगे। - बता दें कि चीन ने पिछले साल मसूद अजहर को बैन किए जाने के प्रपोजल को होल्ड कर दिया था। इस साल अमेरिका ने यूएन सिक्युरिटी काउंसिल में अजहर को बैन किए जाने का प्रपोजल रखा है। इस पर भी चीन ने अड़ंगा लगा दिया। - भारत की एनएसजी मेंबरशिप का विरोध करने के सवाल पर उन्होंने कहा- हमने कई बार कहा है कि इसके पीछे कई वजह हैं। भारत को एनपीटी पर साइन करने होंगे। इसके बाद बात आगे बढ़ेगी। अगर बिना एनपीटी के भारत दावा करता है तो दूसरे देश भी यही चाहेंगे। हालिया तनाव - चीन और ताईवान के बीच रिश्ते काफी खराब हैं। हाल ही में ताईवान के सांसदों का एक डेलिगेशन भारत आया था। चीन इससे नाराज हो गया था। उसने कहा था कि भारत तनाव बढ़ा रहा है और ये रास्ता खतरनाक साबित हो सकता है। क्या है मसूद अजहर का मुद्दा? - बता दें कि अमेरिका ने पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर पर बैन लगाने के लिए मंगलवार को UN में अर्जी दी थी। चीन ने अमेरिका के इस कदम का विरोध कर दिया। उसने UNSC में अपनी वीटो का इस्तेमाल करते हुए अजहर पर बैन के प्रपोजल पर टेक्निकल होल्ड लगा दिया। - चीन फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन लू कांग ने मीडिया से कहा, जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर को इंटरनेशनल टेररिस्ट घोषित करने के प्रपोजल को बीजिंग इसलिए मंजूरी नहीं दे सकता, क्योंकि इसके लिए हमारी शर्तें अभी पूरी नहीं हुई हैं। - लू ने कहा, हमने इस कदम पर इसलिए रोक लगा दी, क्योंकि हम चाहते हैं कि इस मसले से जुड़े पक्ष आम राय बना लें। चीन ने इस प्रपोजल पर टेक्निकल होल्ड इसलिए लगाया ताकि आम राय बन सके। - उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि ताजा घटनाओं का कोई निगेटिव असर भारत और चीन के रिश्तों पर पड़ेगा। आतंकी घोषित होने पर क्या होगा? - अजहर मसूद को आतंकियों के लिए लिस्ट में डाला जाता है तो यह भारत के लिए कामयाबी होगी। - अजहर मसूद की प्रॉपर्टी जब्त की जा सकेगी। वह खुलेआम पाकिस्तान में रैलियां नहीं कर सकेगा, जैसा कि अभी वह करता है। - एक देश से दूसरे देश की आवाजाही पर रोक होगी। बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद पर पहले से ही बैन लगा है।

आतंकियों का गढ़ बन चुका है कराची, मदरसे करते हैं जमकर सपोर्ट: थिंक टैंक की रिपोर्ट

आतंकियों का गढ़ बन चुका है कराची, मदरसे करते हैं जमकर सपोर्ट: थिंक टैंक की रिपोर्ट

Last Updated: February 17 2017, 15:31 PM

नई दिल्ली. ब्रसेल्स के थिंक टैंक का दावा है कि पाकिस्तान का कराची टेररिस्ट्स एक्टिविटीज का गढ़ बन चुका है। उन्हें यहां पाक आर्मी का भी सपोर्ट मिला हुआ है। इन आतंकी गुटों को मदरसों का भी खुला सपोर्ट मिल रहा है। ब्रसेल्स के इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप का दावा... - ब्रसेल्स के इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप (आईसीजी) नामक थिंक टैंक ने पाकिस्तान: स्टॉकिंग द फायर कराची नाम से एक रिपोर्ट जारी की है। - इसके मुताबिक, आतंकी गुट जैसे लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जमात-उद-दावा (JuD), मौलाना मसूद अजहर का गुट जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और एंटी-शिया गुट लश्कर-ए-झांगवी कराची से जमकर अपनी गतिविधियां चला रहे हैं। उन्हें मदरसों का सपोर्ट मिल रहा है। - थिंक टैंक का कहना है, पाक के सबसे खतरनाक आतंकी गुट कराची में खुलकर काम कर रहे हैं। ये आतंकी मदरसे चलाते हैं और पाक अफसरों के सामने चैरिटी का बहाना करते हैं। और क्या है रिपोर्ट में? - आईसीजी की रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे नस्लीय, राजनीतिक और संप्रदायों की लड़ाई और जिहादी विचारधारा पाक के सबसे बड़े और पैसे वाले शहर कराची में फल-फूल रही है। - ये एक प्रेशर कुकर की तरह है, जो कभी भी फट सकता है। - रिपोर्ट में ये भी कहा गया है, जब आतंकी गुटों पर कार्रवाई करने की बारी आती है तो अफसर कराची के बाहरी इलाकों में चल रहे आतंकी गुटों और क्रिमिनल गैंग्स को छोड़ देते हैं। लश्कर-जमात और जैश जैसे आतंकी गुटों को तो अच्छा जिहादी करार दिया जाता है। - रिपोर्ट में कई चुने गए रिप्रेजेंटेटिव्ज, सीनियर ऑफिशियल्स, जर्नलिस्ट्स और एक्टिविस्ट्स के बयानों को शामिल किया गया है। कई आतंकी तो भाग चुके हैं - आईसीजी की रिपोर्ट के मुताबिक, कई आतंकी मास्टरमाइंड तो सितंबर, 2013 में पाक से भाग चुके थे। चूंकि उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा लौट सकते हैं। - रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर अफसर ने बताया, किसी भी वक्त भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव भड़क सकता है। आतंकी गुट कराची के बीचोंबीच अपनी एक्टिविटी चलाते हैं। लेकिन लश्कर-जैश जैसे आतंकी गुटों के साथ दोस्त जैसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। - कराची के एक पुलिस अफसर का कहना है, हम शहर में लॉ एंड ऑर्डर बहाल करना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर सकते। हमें अपनी फॉरेन पॉलिसी का भी ध्यान रखना पड़ता है। - रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकियों को सपोर्ट करने वाले मदरसे धड़ल्ले से चल रहे हैं। - यह भी बताया गया है, आतंकी संगठन ऐसे युवाओं को टारगेट करते हैं, जिनके पास कोई काम नहीं होता। उन्हें बताया जाता है कि जिहाद भी एक काम ही होता है।

NSG और मसूद अजहर के मुद्दे पर पहली बार आमने-सामने बात करेंगे भारत-चीन

NSG और मसूद अजहर के मुद्दे पर पहली बार आमने-सामने बात करेंगे भारत-चीन

Last Updated: February 16 2017, 20:21 PM

नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच 22 फरवरी को बीजिंग में पहली बार स्ट्रैटेजिक डॉयलाॅग (रणनीतिक वार्ता) होगा। बातचीत में भारत की एनएसजी मेंबरशिप और मसूद अजहर पर बैन लगाने के मुद्दे भी उठ सकते हैं। भारत की तरफ से इस बातचीत में फॉरेन सेक्रेटरी एस. जयशंकर जबकि चीन की तरफ से एग्जीक्युटिव वाइस चेयरमैन हांग इसोई भाग लेंगे। फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन विकास स्वरूप ने गुरुवार को यह जानकारी दी। दोनों देशों की दिक्कतों के हल पर विचार होगा.... - स्वरूप ने माना कि दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दे ऐसे हैं जिन पर विवाद काफी गहरे हैं। उन्होंने कहा- बातचीत में कोशिश की जाएगी कि किस हद तक दोनों देश इन मुद्दों को सुलझा सकते हैं। हल खोजने के लिए एक-दूसरे की आपत्तियों और हितों को समझना होगा। - विकास ने कहा, विकास के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच करीबी रिश्ते हैं। लेकिन कुछ मसले ऐसे भी हैं जिन्हें बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए। दोनों देश इस बातचीत में पूरी कोशिश करेंगे कि किस हद तक जाकर मसलों को हल किया जाए। - बता दें कि चीन के फॉरेन मिनिस्टर वांग यी पिछले साल अगस्त में भारत आए थे। तब दोनों देशों के बीच विवादित मुद्दों के हल के लिए स्ट्रेटेजिक डॉयलॉग पर सहमति बनी थी। चीन ने दो मुद्दों पर अड़ंगा लगाया - चीन एनएसजी में भारत की मेंबरशिप को लेकर अड़ंगा लगाता रहा है। उसकी आपत्ति ये है कि भारत ने अब तक एनपीटी (परमाणु अप्रसार संधि) पर दस्तखत नहीं किए हैं। चीन का कहना है कि अगर भारत को एनएसजी मेंबरशिप मिलती है तो फिर पाकिस्तान को भी ये दी जानी चाहिए। - दूसरा मुद्दा आतंकी मसूद अजहर पर यूएन में बैन को लेकर है। कंधार प्लेन हाईजैक का आरोप अजहर पाकिस्तान में है। भारत उस पर यूएन के जरिए बैन लगवाना चाहता है जबकि चीन पाकिस्तान की मदद के नाम पर इसमें रोढ़े लटका रहा है। हालिया तनाव - चीन और ताईवान के बीच रिश्ते काफी खराब हैं। हाल ही में ताईवान के सांसदों का एक डेलिगेशन भारत आया था। चीन इससे नाराज हो गया था। उसने कहा था कि भारत तनाव बढ़ा रहा है और ये रास्ता खतरनाक साबित हो सकता है।

उम्मीद है UNSC मेंबर्स रूल्स नहीं तोड़ेंगे: मसूद को बैन करने के प्रपोजल पर बोला चीन

उम्मीद है UNSC मेंबर्स रूल्स नहीं तोड़ेंगे: मसूद को बैन करने के प्रपोजल पर बोला चीन

Last Updated: February 10 2017, 20:27 PM

नई दिल्ली/बीजिंग. मसूद अजहर पर बैन की अपील पर चीन के अड़ंगा लगाने का भारत ने डिप्लोमैटिक प्रोटेस्ट किया, जिसके बाद अब बीजिंग ने इस मामले में दबाव बढ़ा दिया है। चीन ने शुक्रवार को कहा, उम्मीद है कि एंटी-टेररिज्म कमेटी में शामिल यूएन सिक्युरिटी काउंसिल (UNSC) के सभी मेंबर्स नियमों का पालन करेंगे। बता दें कि भारत ने चीन से कहा था कि वह पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड और टेरर ग्रुप जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर को बैन करने के अमेरिकी प्रपोजल का सपोर्ट करे। बता दें कि अजहर पाकिस्तानी आतंकी है। उसे 1999 में कंधार प्लेन हाईजैकिंग केस के वक्त छोड़ा गया था। भारत के डिप्लोमैटिक प्रोटेस्ट से जुड़ी रिपोर्ट चेक करेंगे... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक चीन के विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन लु कांग ने कहा, हम भारत के डिप्लोमैटिक प्रोटेस्ट से जुड़ी रिपोर्ट चेक करेंगे। - चीन ने दो दिन पहले ही अपना रुख क्लियर कर दिया था कि इस मामले में टेक्निकल होल्ड के अपने फैसले पर हम कायम हैं। - चीन यूएन सिक्युरिटी काउंसिल (UNSC) का एक जिम्मेदार सदस्य और मददगार हिस्सा है। - हमने हमेशा UNSC के रेजोल्यूशंस और नियमों के मुताबिक काम किया है। हमें उम्मीद है कि यूएनएससी के सारे मेंबर्स और इससे जुड़े देश रूल्स और प्रॉसिजर्स के हिसाब से चलेंगे। दो दिन पहले चीन ने क्या कहा था? - 8 फरवरी को लू कांग ने अमेरिकी प्रपोजल को यूएन में ब्लॉक करने के चीन के कदम का बचाव किया था। - कहा था, मसूद अजहर को यूएन की लिस्ट में शामिल करने के लिए रखी गई शर्तों पर अमल होना अभी बाकी है। - बीजिंग को अपना फैसला बदलने के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है। - चीन अजहर को इंटरनेशनल टेररिस्ट घोषित करने के रास्ते पर तभी आगे बढ़ेगा जब इस मामले से जुड़े सभी पक्षों में रजामंदी बन जाए। - अमेरिका ने मसूद अजहर पर बैन लगाने के लिए बीते मंगलवार को UN में अर्जी दी थी। - चीन ने वीटो का इस्तेमाल करते हुए अजहर पर बैन के प्रपोजल पर टेक्निकल होल्ड लगा दिया था। भारत ने क्या कहा था? - विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन विकास स्वरूप ने कहा गुरुवार को कहा था कि चीन के राजदूत के सामने यह मुद्दा उठाया गया है। चीन को यह बताया गया है कि इस बार अजहर पर बैन का प्रपोजल भारत ने नहीं, बल्कि यूनाइटेड नेशंस सिक्युरिटी काउंसिल के तीन परमानेंट मेंबर्स यूएस, यूके और फ्रांस की तरफ से आया है। - यह पूरी तरह से काउंटर टेररिज्म प्रपोजल है। उम्मीद है कि चीन भी इस नजरिए को मंजूर करेगा। - स्वरूप ने कहा कि भारत इस मुद्दे को भारत-पाकिस्तान का बायलैटरल मुद्दा नहीं मानता। यह ग्लोबल काउंटर टेररिज्म से जुड़ा मुद्दा है। हमें उम्मीद है कि चीन इस बात को समझेगा। अगर चीन के रुख में तब्दीली आती है तो वह आम राय भी बना सकता है। चीन बार-बार डालता है अड़ंगा - चीन यूनाइटेड नेशन्स (यूएन) में भारत के उस प्रपोजल को बार-बार अटका देता है जिसमें अजहर को आतंकी डिक्लेयर करने की मांग की जाती है। - चीन अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल कर यूएन की 1267 कमेटी में अजहर के खिलाफ प्रपोजल को टेक्निकल होल्ड पर डाल देता है। क्या है 1267 कमेटी? - आतंकियों और आतंकी संगठनों पर बैन लगाने का फैसला यूएनएससी की 1267 कमेटी ही करती है। अक्टूबर 1999 में यूएन सिक्युरिटी काउंसिल ने 1267 रेजोल्यू्शन पास किया था। - इसी के तहत ओसामा बिन लादेन को आतंकी घोषित करने के बाद उस पर और उसके संगठन अल कायदा पर बैन लगाया गया था। आतंकी घोषित होने पर क्या होगा? - अजहर मसूद को आतंकियों के लिए लिस्ट में डाला जाता है तो यह भारत के लिए कामयाबी होगी। - अजहर मसूद की प्रॉपर्टी जब्त की जा सकेगी। वह खुलेआम पाकिस्तान में रैलियां नहीं कर सकेगा, जैसा कि अभी वह करता है। - एक देश से दूसरे देश की आवाजाही पर रोक होगी। बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद पर पहले से ही बैन लगा है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, पठानकोट आतंकी हमले में क्या है मसूद अजहर का रोल....

पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड अजहर पर अपना रुख बदलें : भारत ने चीन से कहा

पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड अजहर पर अपना रुख बदलें : भारत ने चीन से कहा

Last Updated: February 09 2017, 22:14 PM

नई दिल्ली. भारत ने चीन से कहा है कि वह पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड और टेरर ग्रुप जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर को बैन करने के अमेरिकी प्रपोजल का सपोर्ट करे। दरअसल, चीन ने यूनाइटेड नेशंस में यूएस के प्रपोजल का यह कहते हुए विरोध किया था कि अजहर को बैन करने के मामले में आम राय नहीं बन पाई है। इस पर भारत ने कहा है कि अगर चीन के रुख में तब्दीली आई है तो वह आम राय भी बना सकता है। बता दें कि अजहर पाकिस्तानी आतंकी है। उसे कंधार प्लेन हाईजैकिंग केस के वक्त छोड़ा गया था। विदेश मंत्रालय ने क्या कहा... - विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि चीन के राजदूत के सामने यह मुद्दा उठाया गया है। चीन को यह बताया गया है कि इस बार अजहर पर बैन का प्रपोजल भारत ने नहीं, बल्कि यूनाइटेड नेशंस सिक्युरिटी काउंसिल के तीन परमानेंट मेंबर्स यूएस, यूके और फ्रांस की तरफ से आया है। यह पूरी तरह से काउंटर टेररिज्म प्रपोजल है। उम्मीद है कि चीन भी इस नजरिए को मंजूर करेगा। - स्वरूप ने कहा कि भारत इस मुद्दे को भारत-पाकिस्तान का बायलैटरल मुद्दा नहीं मानता। यह ग्लोबल काउंटर टेररिज्म से जुड़ा मुद्दा है। हमें उम्मीद है कि चीन इस बात को समझेगा। अगर चीन के रुख में तब्दीली आती है तो वह आम राय भी बना सकता है। क्या है मसूद अजहर का मुद्दा? - बता दें कि अमेरिका ने पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर पर बैन लगाने के लिए मंगलवार को UN में अर्जी दी थी। चीन ने अमेरिका के इस कदम का विरोध कर दिया। उसने UNSC में अपनी वीटो का इस्तेमाल करते हुए अजहर पर बैन के प्रपोजल पर टेक्निकल होल्ड लगा दिया। - चीन फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन लू कांग ने मीडिया से कहा, जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर को इंटरनेशनल टेररिस्ट घोषित करने के प्रपोजल को बीजिंग इसलिए मंजूरी नहीं दे सकता, क्योंकि इसके लिए हमारी शर्तें अभी पूरी नहीं हुई हैं। - लू ने कहा, हमने इस कदम पर इसलिए रोक लगा दी, क्योंकि हम चाहते हैं कि इस मसले से जुड़े पक्ष आम राय बना लें। चीन ने इस प्रपोजल पर टेक्निकल होल्ड इसलिए लगाया ताकि आम राय बन सके। - उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि ताजा घटनाओं का कोई निगेटिव असर भारत और चीन के रिश्तों पर पड़ेगा। पठानकोट हमले में क्या है अजहर का रोल - 2-3 जनवरी 2016 की दरमियानी रात पाकिस्तान से आए आतंकियों ने पंजाब में एयरफोर्स के बेस पर हमला किया था। - इसमें 7 जवान शहीद हुए थे। 4 दिन तक चले कॉम्बिंग ऑपरेशन में जवानों ने चारों आतंकियों को मार गिराया था। - एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकियों ने पाकिस्तान के बहावलपुर में अजहर के संगठन जैश से सैटेलाइट फोन के जरिए बातचीत की थी। - एयरबेस अटैक के टेररिस्ट ने जिन नंबरों से बात की थी, वे पाकिस्तान को पिछले साल दिए जा चुके हैं। - यह भी खुफिया जानकारी मिली थी कि अजहर ने 2016 में पठानकाेट हमले के बाद फोन के जरिए एक बड़ी रैली को ऐड्रेस किया था, जिसमें उसने भारत के खिलाफ फिर से जिहाद शुरू करने का एलान किया था। - अजहर का अड्डा पाकिस्तान के पंजाब प्रोविन्स का बहावलपुर है। वह यहीं जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को ट्रेनिंग देता है। - मंगलवार को पठानकोट अटैक मामले में एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने मसूद अजहर और जैश-ए-मोहम्मद तीन लीडर्स के खिलाफ प्रोक्लैमेशन ऑर्डर्स जारी किए हैं। - पठानकोट अटैक के मामले में NIA की चार्जशीट में भी उसी का नाम है। 18 साल पहले इस प्लेन हाईजैकिंग केस में मसूद को छोड़ा गया था - 24 दिसंबर,1999 को पांच हथियारबंद आतंकवादियों ने इंडियन एयरलाइन्स के IC-814 प्लेन को काठमांडू से हाईजैक किया था। इसमें 178 पैसेंजर सवार थे। - हाईजैक करने के बाद प्लेन को अमृतसर, लाहौर और दुबई के रास्ते अफगानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट ले जाया गया था। दुबई में कुछ पैसेंजर्स को छोड़ दिया गया। - 25 साल के भारतीय नागरिक रूपिन कत्याल की लाश को आतंकियों ने प्लेन से बाहर फेंक दिया था। - आतंकियों ने भारत के सामने 178 पैसेंजरों की हिफाजत के बदले तीन आतंकियों की रिहाई का सौदा किया। - उस वक्त की अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पैसेंजरों की जान बचाने के लिए तीनों आतंकियों को छोड़ने का फैसला किया। - भारत की जेलों में बंद आतंकी मौलाना मसूद अजहर, मुश्ताक अहमद जरगर और अहमद उमर सईद शेख को कंधार ले जाया गया था। - इसी मसूद अजहर ने 2000 में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद बनाया था। चीन बार-बार डालता है अड़ंगा - चीन यूनाइटेड नेशन्स (यूएन) में भारत के उस प्रपोजल को बार-बार अटका देता है जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर अजहर को आतंकी डिक्लेयर करने की मांग की जाती है। - चीन अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल कर यूएन की 1267 कमेटी में अजहर के खिलाफ प्रपोजल को टेक्निकल होल्ड पर डाल देता है। क्या है 1267 कमेटी? - आतंकियों और आतंकी संगठनों पर बैन लगाने का फैसला यूएनएससी की 1267 कमेटी ही करती है। अक्टूबर 1999 में यूएन सिक्युरिटी काउंसिल ने 1267 रेजोल्यू्शन पास किया था। - इसी के तहत ओसामा बिन लादेन को आतंकी घोषित करने के बाद उस पर और उसके संगठन अल कायदा पर बैन लगाया गया था। आतंकी घोषित होने पर क्या होगा? - अजहर मसूद को आतंकियों के लिए लिस्ट में डाला जाता है तो यह भारत के लिए कामयाबी होगी। - अजहर मसूद की प्रॉपर्टी जब्त की जा सकेगी। वह खुलेआम पाकिस्तान में रैलियां नहीं कर सकेगा, जैसा कि अभी वह करता है। - एक देश से दूसरे देश की आवाजाही पर रोक होगी। बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद पर पहले से ही बैन लगा है।

जो मसूद अजहर पर बैन चाहते हैं, वे खुद नियमों का ध्यान रखें : चीन की US को सलाह

जो मसूद अजहर पर बैन चाहते हैं, वे खुद नियमों का ध्यान रखें : चीन की US को सलाह

Last Updated: February 08 2017, 17:05 PM

नई दिल्ली. मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किए जाने के अमेरिकी प्रपोजल पर चीन ने टेक्निकल होल्ड लगा दिया है। अपने इस कदम पर चीन ने अमेरिका का नाम लिए बगैर कहा कि जो बैन चाहते हैं वो पहले खुद काउंसिल के नियमों का ध्यान रखें। बता दें कि अमेरिका से पहले चीन इंडिया के प्रपोजल पर भी दो बार टेक्निकल होल्ड लगा चुका है। चीन बोला- अभी पूरी नहीं हुईं शर्तें... - चीन फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन लू कांग ने मीडिया से कहा, जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर को इंटरनेशनल टेररिस्ट घोषित करने के प्रपोजल को बीजिंग इसलिए मंजूरी नहीं दे सकता, क्योंकि इसके लिए हमारी शर्तें अभी पूरी नहीं हुई हैं। - लू ने कहा, हमने इस कदम पर इसलिए रोक लगा दी, क्योंकि हम चाहते हैं कि इस मसले से जुड़ी पार्टियां एक सहमति तक पहुंच सकें। - पिछले साल यूएन सिक्युरिटी काउंसिल की 1267 कमेटी ने मसूद अजहर को इस लिस्ट में डालने पर चर्चा की, लेकिन इस पर अलग नजरिए सामने आए और सभी की सहमति नहीं बन पाई। - इससे जुड़े देशों ने बाद में फिर से मसूद अजहर को इस लिस्ट में डालने की मांग की। मैं कहना चाहता हूं कि अभी वो शर्तें पूरी नहीं हुई हैं, जिनसे कमेटी किसी नतीजे पर पहुंच सके। चीन ने क्या दी सफाई? - लू ने कहा, चीन ने इस प्रपोजल पर टेक्निकल होल्ड इसलिए लगाया ताकि इस मुद्दे से जुड़ी पार्टियों को एक-दूसरे से बात करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। इसके साथ ही ये उन नियमों के संबंध में भी है, जिसके तहत सिक्युरिटी काउंसिल में डिस्कशन होता है। - मैं यहां बताना चाहता हूं कि किसी मुद्दे पर बहस के लिए भी सिक्युरिटी काउंसिल के अपने रूल्स हैं। इसलिए जो भी ऐसे प्रपोजल दे रहा है, वो इन नियमों का भी ध्यान रखें। इंडिया से रिश्तों पर नहीं पड़ेगा असर- चीन - एक सवाल के जवाब में लू कांग ने कहा, इस मुद्दे पर पहले भी दिल्ली और बीजिंग अपने-अपने पक्ष एक-दूसरे के सामने रख सकते हैं। - मुझे नहीं लगता कि ताजा घटनाओं का कोई निगेटिव असर भारत और चीन के रिश्तों पर पड़ेगा। - चीन ने सिक्युरिटी काउंसिल के नियमों और प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए टेक्निकल होल्ड लगाया। इससे पहले हमने इस मुद्दे पर भारत के साथ भी चर्चा की। - टेक्निकल होल्ड के पीछे हमारा मकसद केवल इतना है कि सभी पक्षों को बातचीत के लिए पर्याप्त मौका मिले। जिससे सभी की सहमति से कमेटी का फैसला सुनिश्चित हो सके। - बता दें कि अमेरिका ने पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर पर बैन लगाने के लिए मंगलवार को UN में अर्जी दी थी। चीन ने अमेरिका के इस कदम का विरोध कर दिया। पठानकोट हमले में क्या है अजहर का रोल - 2-3 जनवरी 2016 की दरमियानी रात पाकिस्तान से आए आतंकियों ने पंजाब में एयरफोर्स के बेस पर हमला किया था। - इसमें 7 जवान शहीद हुए थे। 4 दिन तक चले कॉम्बिंग ऑपरेशन में जवानों ने चारों आतंकियों को मार गिराया था। - एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकियों ने पाकिस्तान के बहावलपुर में अजहर के संगठन जैश से सैटेलाइट फोन के जरिए बातचीत की थी। - एयरबेस अटैक के टेररिस्ट ने जिन नंबरों से बात की थी, वे पाकिस्तान को पिछले साल दिए जा चुके हैं। - यह भी खुफिया जानकारी मिली थी कि अजहर ने 2016 में पठानकाेट हमले के बाद फोन के जरिए एक बड़ी रैली को ऐड्रेस किया था, जिसमें उसने भारत के खिलाफ फिर से जिहाद शुरू करने का एलान किया था। - अजहर का अड्डा पाकिस्तान के पंजाब प्रोविन्स का बहावलपुर है। वह यहीं जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को ट्रेनिंग देता है। - मंगलवार को पठानकोट अटैक मामले में एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने मसूद अजहर और जैश-ए-मोहम्मद तीन लीडर्स के खिलाफ प्रोक्लैमेशन ऑर्डर्स जारी किए हैं। - पठानकोट अटैक के मामले में NIA की चार्जशीट में भी उसी का नाम है। 18 साल पहले इस प्लेन हाईजैकिंग केस में मसूद को छोड़ा गया था - 24 दिसंबर,1999 को पांच हथियारबंद आतंकवादियों ने इंडियन एयरलाइन्स के IC-814 प्लेन को काठमांडू से हाईजैक किया था। इसमें 178 पैसेंजर सवार थे। - हाईजैक करने के बाद प्लेन को अमृतसर, लाहौर और दुबई के रास्ते अफगानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट ले जाया गया था। दुबई में कुछ पैसेंजर्स को छोड़ दिया गया। - 25 साल के भारतीय नागरिक रूपिन कत्याल की लाश को आतंकियों ने प्लेन से बाहर फेंक दिया था। - आतंकियों ने भारत के सामने 178 पैसेंजरों की हिफाजत के बदले तीन आतंकियों की रिहाई का सौदा किया। - उस वक्त की अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पैसेंजरों की जान बचाने के लिए तीनों आतंकियों को छोड़ने का फैसला किया। - भारत की जेलों में बंद आतंकी मौलाना मसूद अजहर, मुश्ताक अहमद जरगर और अहमद उमर सईद शेख को कंधार ले जाया गया था। - इसी मसूद अजहर ने 2000 में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद बनाया था। चीन बार-बार डालता है अड़ंगा - चीन यूनाइटेड नेशन्स (यूएन) में भारत के उस प्रपोजल को बार-बार अटका देता है जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर अजहर को आतंकी डिक्लेयर करने की मांग की जाती है। - चीन अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल कर यूएन की 1267 कमेटी में अजहर के खिलाफ प्रपोजल को टेक्निकल होल्ड पर डाल देता है। क्या है 1267 कमेटी? - आतंकियों और आतंकी संगठनों पर बैन लगाने का फैसला यूएनएससी की 1267 कमेटी ही करती है। अक्टूबर 1999 में यूएन सिक्युरिटी काउंसिल ने 1267 रेजोल्यू्शन पास किया था। - इसी के तहत ओसामा बिन लादेन को आतंकी घोषित करने के बाद उस पर और उसके संगठन अल कायदा पर बैन लगाया गया था। जैश आतंकी गुट, लेकिन अजहर आतंकी नहीं - जैश-ए-मोहम्मद पर यूएनएससी ने बैन लगा रखा है, लेकिन इसके चीफ मसूद अजहर पर कोई बैन नहीं है। - टेक्निकल होल्ड तभी लगाया जाता है जब सिक्युरिटी काउंसिल के मेंबर को और ज्यादा जानकारी चाहिए होती है। लेकिन कभी-कभी यह परमानेंट ब्लॉकिंग या प्रपोज्ड ब्लैकलिस्टिंग में तब्दील हो जाता है। आतंकी घोषित होने पर क्या होगा? - अजहर मसूद को आतंकियों के लिए लिस्ट में डाला जाता है तो यह भारत के लिए कामयाबी होगी। - अजहर मसूद की प्रॉपर्टी जब्त की जा सकेगी। वह खुलेआम पाकिस्तान में रैलियां नहीं कर सकेगा, जैसा कि अभी वह करता है। - एक देश से दूसरे देश की आवाजाही पर रोक होगी। बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद पर पहले से ही बैन लगा है।

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