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Balochistan

  • पाकिस्तान में 6.3 तीव्रता के भूकंप के झटके, नुकसान की कोई खबर नहीं
    Last Updated: February 08 2017, 09:56 AM

    इस्लामाबाद. पाकिस्तान में अरब सागर के कोस्टल एरिया में बुधवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग (यूएसजीएस) ने बताया कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.3 मापी गई। फिलहाल किसी तरह के जानमान के नुकसान की कोई खबर नहीं है। तुरबत शहर में भूकंप का क्रेंद्र... - यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप का केन्द्र पाकिस्तान में बलूचिस्तान प्रांत के तुरबत शहर से 90 किमी दूर साउथ में समुद्र तल से 10 किमी नीचे था। - ये बलूचिस्तान प्रांत के पसनी शहर, मकरान शहर और चीन द्वारा चलाए जा रहे ग्वादर पोर्ट के बीच वाला इलाका है। - पसनी करीब चार लाख की आबादी वाला काफी छोटा शहर है। - ताजा जानकारी मिलने तक इस भूकंप की वजह से किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। - मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में लोग भूकंप के झटकों के साथ उठे और घर से भागकर बाहर आ गए। - मकरान डिवीजन के कमिश्नर बशीर बनगुलजाई ने बताया कि पूरे इलाके का सर्वे करा लिया गया। कहीं भी कोई नुकसान नहीं हुआ है। - ग्वादर के भी डिप्टी कमिश्नर तुफाली बलोच ने भी इलाके में नुकसान न होने की जानकारी दी है।

  • भारतीय जासूस कुलभूषण के खिलाफ हमारे पास पुख्ता सबूत नहीं: सरताज अजीज
    Last Updated: December 08 2016, 08:47 AM

    इस्लामाबाद. नवाज शरीफ के फॉरेन अफेयर्स एडवाइजर सरताज अजीज ने कहा है कि मार्च में गिरफ्तार किए गए भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव के खिलाफ सरकार और एजेंसियों के पास पुख्ता सबूत नहीं हैं। बता दें कि जाधव को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था। भारत ने उसी वक्त साफ कर दिया था कि जाधव एक बिजनेसमैन है और ईरान में कारोबार करता है। भारत ने ये भी शक जताया था कि शायद जाधव को किडनैप किया गया है। और क्या कहा अजीज ने.... - पाकिस्तानी टीवी चैनल जिओ न्यूज के मुताबिक, अजीज बुधवार को सीनेट चैंबर में सांसदों को ब्रीफ कर रहे थे। उन्होंने साफ कहा, जाधव ने सिर्फ बयान दिया है, लेकिन इसके अलावा उसके खिलाफ हमारे पास कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं। - अजीज ने ये भी कहा कि भारत को दिए जाने वाले डोजियर में जो सबूत हमने रखे हैं, वो काफी नहीं हैं। अब एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वो जाधव के खिलाफ सबूत जुटाने में कितना वक्त लगाती हैं। पाकिस्तान ने जारी किया था जाधव के कबूलनामे का वीडियो - पाकिस्तान आर्मी ने मार्च के आखिर में जाधव के कथित कबूलनामे का वीडियो भी जारी किया था। इसमें उसने माना था कि वह बलूचिस्तान में टेररिस्ट एक्टिविटी में शामिल था। भारत ने इस वीडियो को खारिज कर सवाल उठाया था। भारत ने शक जताया था कि जाधव को ईरान से किडनैप गया है। क्या थे पाकिस्तान के दावे? - पाकिस्तानी आर्मी ने कहा था, कुलभूषण जाधव ने कबूल किया है कि वह रॉ के लिए बलूचिस्तान में काम कर रहा था। - जाधव इंडियन नेवी का सर्विंग अफसर है। उसे सीधे रॉ चीफ हैंडल करते हैं। वो एनएसए के भी टच में है। आपका मंकी (जासूस) हमारे पास है। उसने वो कोड भी बताया है, जिससे वह रॉ से कॉन्टैक्ट करता था। जाधव अब भी इंडियन नेवी का अफसर है। वह 2022 में रिटायर होने वाला है। भारत ने खारिज किए थे आरोप - इंडियन फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा था, वीडियो में यह शख्स (जाधव) जो बातें कह रहा है, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। उसने जो भी कहा है, प्रेशर में कहा है। - हालांकि, भारत सरकार ने ये माना था कि जाधव भारतीय नागरिक ही है और नेवी में अफसर रह चुका है। - मिनिस्ट्री ने कहा था, जाधव कानूनी तौर पर ईरान में बिजनेस करता था। उसे कस्टडी में हैरेस किया गया है। पाकिस्तान में उसकी मौजूदगी सवाल खड़े करती है। इससे ये शक पैदा होता है कि कहीं उसे ईरान से किडनैप तो नहीं किया गया? - भारत ने एम्बेसी के अफसरों की जाधव से मुलाकात कराने की इजाजत मांगी थी। पाकिस्तान ने भारत की मांग को ठुकरा दिया था। वीडियो में जाधव ने क्या कहा था? - जाधव के मुताबिक, वे दिसंबर 2001 तक इंडियन नेवी में रहे। पार्लियामेंट अटैक के बाद डोमेस्टिक इंटेलिजेंस जुटाई। 2003 में इंडियन इंटेलिजेंस सर्विस ज्वाइन की। - अफसर यह भी कहता है कि वह ईरान से बलूचिस्तान में टेररिस्ट एक्टिविटीज को बढ़ावा दे रहा था। - जाधव के बयान के मुताबिक, वे 2013 में रॉ में आए। ईरान के चाबहार इलाके में 10 साल पहले रॉ का बेस बनाया। कराची और बलूचिस्तान का दौरा किया। - अफसर ने बताया कि उसे नेवी से 2022 में रिटायर होना है। मां के नाम पर है फ्लैट - जाधव का एक पासपोर्ट 2014 में मुंबई के ठाणे से जारी हुआ था। इसका नंबर L9630722 है। - इस पासपोर्ट पर जसदनवाला कॉम्पलेक्स ओल्ड मुंबई-पुणे रोड का ऐड्रेस दर्ज है। - म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के रिकॉर्ड्स के मुताबिक, जिस फ्लैट में वह रहता था, वह उसकी मां अवंति जाधव के नाम पर रजिस्टर्ड है।

  • महिलाओं के लिए नर्क से कम नहीं ये जगह, पाक सेना यहां ऐसे ढा रही जुल्म
    Last Updated: November 23 2016, 10:48 AM

    इंटरनेशनल डेस्क. पाकिस्तान में बलूच महिला आसी (26 साल) के मौत का मामला चर्चा में है। आसी बहुत ही खराब हालत में बलूचिस्तान के रिमोट एरिया से कराची के अस्पताल पहुंची थी। प्रेग्नेंसी के दौरान सही हेल्थकेयर फैसिलिटी न मिलने के चलते उसने दम तोड़ दिया। रिमोट एरिया से आने के चलते उसे पहले ही मेडिकल सुविधा नहीं मिली। कराची के अस्पताल पहुंचने के बाद भी ट्रीटमेंट के लिए डॉक्टर मौजूद नहीं थे। लिहाजा खराब हालत में महिला ने दम तोड़ दिया। ये सिर्फ एक आसी की ही कहानी नहीं। तकरीबन ऐसी स्थिति से बलूचिस्तान की ज्यादातर महिलाएं गुजर रही हैं। खराब मेडिकल फैसिलिटी के साथ ही ये अपने इलाकों में पाक सेना के भी अत्याचारों से सबसे ज्यादा जूझ रही हैं। इन्हें आएदिन रेप और किडनैपिंग का शिकार होना पड़ता है। ऐसे में हम यहां हर स्तर पर बलूचिस्तान में महिलाओं की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें बलूच महिलाओं के लिए पाक फौज ने बना रखी हैं रेप सेल....

  • बलूच नेताओं ने कहा- बलूचिस्‍तान के हीरो हैं मोदी, हमारी आजादी के बाद पहला स्‍टैच्‍यू लगेगा उनका
    Last Updated: November 06 2016, 15:19 PM

    वाराणसी. यहां एक प्राइवेट प्रोग्राम में शामिल होने पहुंचीं विश्व बलूच लीडर और महिला बलूच मंच की प्रेसिडेंट नायला कादरी बलोच ने कहा, नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान ही नहीं, बलूचिस्तान के भी हीरो हैं। वो पहले इंडियन है, जिन्होंने 70 सालों बाद हमारी आजादी की बात की। बलूच की आजादी के बाद पहला स्टैच्यू मोदी का ही लगेगा। पाक को नहीं देंगे अपनी आजादी... - बलूच नेता मीर मजदक दिलशान खान ने कहा, हम इंडिया में शामिल हो सकते हैं, पाकिस्तान को अपनी आजादी नहीं देंगे। - 70 सालों से हम लड़ रहे हैं। 20 हजार से ज्यादा लोग आज भी गायब हैं। - मां-बहनों को उठा ले जाकर पाकिस्तानी सेना रेप करती है। चीन भी अपना अड्डा बना रहा है। - पाकिस्तान से आजादी हम छीन कर लेंगे, इंडिया हमारी मदद करे। - सोशल मीडिया, मोरल, इकोनॉमिकल, लाउडीस्पकर, जैसे हो इंडिया सपोर्ट करे और एक-एक लोगों को फैक्ट बता दे, कैसे आजाद हों। - पूरा हिंदुस्तान हमारे लिए खड़ा हो जाए तो, हमें किसी और की जरुरत नहीं है। - पाकिस्तानी सेना हमारे ऊपर बम गिराती है। बच्चों को उठा ले जाती है। - हमारे लोगों की लाशें हेलीकॉप्टर से फेंकती है।

  • राम मंदिर बनाने की घोषणा करें मोदी; वो बलूचिस्तान में दीवाली मनाएं तो कोई आश्चर्य नहीं: शिवसेना का PM पर कमेंट
    Last Updated: October 08 2016, 07:59 AM

    लखनऊ. नरेंद्र मोदी के लखनऊ में दशहरा मनाए जाने को लेकर शिवसेना ने अपने माउथपीस सामना में कटाक्ष किया है। शिवसेना ने लिखा है, लखनऊ जाकर नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर बनाने की घोषणा करनी चाहिए। पीएम का अगला लक्ष्य पीओके और बलूचिस्तान की आजादी है, इसलिए अगर मोदी बलूचिस्तान में दीवाली मनाएं तो हमें कोई आश्चर्य नहीं होगा। - माउथपीस के एडिटोरियल में शिवसेना ने लिखा है, अपोजिशन का का मानना है कि अगर मोदी यूपी की यात्रा करते हैं तो वहां एक पॉलिटिकल माहौल पैदा होगा। - लेकिन शिवसेना चाहती है कि मोदी लखनऊ जाएं, मगर किसी राजनीतिक फायदे के लिए नहीं। मोदी वहां जाकर अयोध्या में राम मंदिर बनाने की घोषणा करें। यूपी चुनाव में बीजेपी को नहीं होगा कोई फायदा - शिवसेना ने ये भी कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को कोई फायदा नहीं होगा। यहां भी बिहार जैसा ही हाल हो सकता है। - बिहार चुनाव के दौरान बीजेपी ने मोदी की छवि का दांव पर लगा दिया था, लेकिन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। - अगर इस तथ्य पर विचार किया जाए तो यह मानने का कोई कारण नहीं है कि मोदी के लखनऊ में रावण दहन प्रोग्राम में हिस्सा लेने से बीजेपी को कोई राजनीतिक फायदा होगा। बीजेपी जीती भी तो वो असली जीत नहीं होगी - शिवसेना के मुताबिक, यूपी में कांग्रेस की हालत पहले से बेहद खराब है। मायावती की बसपा का कोई भविष्य नहीं है, जबकि सपा पारिवारिक झगड़े में व्यस्त है। - ऐसे में अगर बीजेपी कुछ सीटें जीत भी लेती है तो उसे असली जीत नहीं कहा जा सकता है। उद्धव ठाकरे यूपी में करेंगे चुनावी शंखनाद - शिवसेना यूपी विधानसभा चुनाव में अपनी सहयोगी पार्टी बीजेपी से दो-दो हाथ करने की तैयारी में है। - शिवसेना ने पहले ही यूपी में 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है। अब पार्टी ने ये भी तय किया है कि उद्धव ठाकरे सीधे तौर पर यूपी चुनाव की कमान संभालेंगे। - उद्धव अयोध्या में रामलला के दर्शन करेंगे और वाराणसी में गंगा आरती कर चुनावी बिगुल फूंकेंगे। - बता दें, शिवसेना के इतिहास में ये पहला मौका होगा जब पार्टी अध्यक्ष महाराष्ट्र के बाहर किसी राज्य में चुनाव प्रचार करेंगे। - कहा जा रहा है कि इससे बीजेपी को काफी नुकसान हो सकता है। ये है मोदी का प्रोग्राम - नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को ऐशबाग की रामलीला देखने लखनऊ आएंगे। वे यहां शाम 6 बजे से 7 बजे तक रुकेंगे। इसके बाद दिल्ली रवाना हो जाएंगे। - गौरतलब है कि परंपरा को तोड़ते हुए मोदी लखनऊ की रामलीला में हिस्सा लेंगे। आमतौर पर प्रधानमंत्री दिल्ली में ही दशहरा मनाते हैं।

  • चीन को अब बलूचिस्तान में अपने कर्मचारियों की चिंता सताई
    Last Updated: September 30 2016, 10:41 AM

    बीजिंग. चीन को अब पाकिस्तान के बलूचिस्तान में काम कर रहे अपने नागरिकों की चिंता सताने लगी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गैंग शुआंग ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बलूच उग्रवादी नेता ने परियोजना पर हमला करने की धमकी दी है। चीन पाकिस्तान में 46 अरब डॉलर की लागत से इकोनॉमिक कॉरिडोर बना रहा है। इसे बनाने में चीन के वर्कर्स लगे हैं। यह चीन से पीओके होते हुए बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह तक पहुंच रहा है। शुआंग ने पाकिस्तान द्वारा सुरक्षा इंतजामों की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि यह गलियारा चीन और पाकिस्तान के नेता सर्वसम्मति से बना रहे हैं। डॉक्टर से छापामार नेता बने बलूच नेता अल्लाह नजर ने कहा है, हम केवल यह नहीं चाहते कि भारत बलूच राष्ट्रीय आंदोलन को कूटनीतिक और वित्तीय समर्थन दे बल्कि चाहते हैं कि यह समर्थन पूरी दुनिया दे।;

  • ईरान के बॉर्डर गार्ड्स ने बलूचिस्तान में दागे मोर्टार: लोगों में दहशत, फोर्सेज अलर्ट
    Last Updated: September 28 2016, 22:56 PM

    क्वेटा. ईरान के बॉर्डर गार्ड्स ने बुधवार सुबह पाकिस्तानी क्षेत्र में तीन मोर्टार शेल दागे। ये मोर्टार पंजगूर डिस्ट्रिक्ट में गिरे। प्रोविंशियल गवर्नमेंट के एक ऑफिशियल ने यह जानकारी दी। बता दें कि पाकिस्तान का ईरान के साथ 900 km लंबा बॉर्डर है। बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ऑफिशियल ने बताया कि दो मोर्टार फ्रंटियर कॉर्प्स की सुरक्षा चौकी के पास गिरे जबकि तीसरा किल्ली करीम दाद के पास। - इस हमले से यहां रहने वाले दहशत में आ गए। फिलहाल इस हमले में किसी के मारे जाने की खबर नहीं है। - फ्रंटियर कॉर्प्स पर्सनल्स ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। - सिक्युरिटी फोर्सेज ने घटना के बाद बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। - बता दें कि दोनों देशों ने 2014 में बॉर्डर इलाके से आतंकवादियों का सफाया करने के लिए इंटेलिजेंस कोऑर्डिनेशन को बढ़ाने का फैसला किया था। पहले भी ऐसा कर चुका है ईरान - ईरान के बॉर्डर गार्ड्स पाकिस्तान की सीमा में ऐसी कार्रवाई पहले भी कर चुके हैं। - पिछले साल 17 अक्टूबर को ईरान के बॉर्डर गार्ड्स ने 8 मोर्टार दागे थे। - उस हमले में भी कोई हताहत नहीं हुआ था। - इसके बाद पिछले साल ही 21 नवंबर को भी 4 मोर्टार दागे गए थे।

  • पाकिस्तान ने कैसी बदहाल कर रखी है बलूचिस्तान की LIFE, देखें 10 फोटोज
    Last Updated: September 28 2016, 13:43 PM

    इंटरनेशनल डेस्क. पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण में बलूचिस्तान के जिक्र के बाद वहां विरोध से सुर तेज हो गए हैं। दुनिया भर में बलूच नेता वहां पर हो रहे ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। ये प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है, लेकिन इसके बावजूद बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे गरीब प्रांत है। पाक सेना कर रही आम जनता का शोषण... - बलूच नेताओं का आरोप है कि पाकिस्तान की केंद्रीय सरकार उन्हें प्रताड़ित कर रही है और उन्हें उनके वाजिब हक नहीं दे रही। - इसके विरोध में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी और लश्कर-ए बलूचिस्तान जैसे अलगाववादी समूह लगातार आजादी के लिए जंग लड़ रहे हैं। - वहीं, पाक सेना ने अलगावादियों के खिलाफ लड़ाई छेड़ रखी है और कई बड़े सैन्य अभियान चला रखे हैं। - नतीजा ये है कि पाक सेना यहां अपहरण, उत्पीड़न और हत्याएं कर रही है और इसे लेकर पाकिस्तान के खिलाफ विरोध के सुर तेज हो रहे हैं। - बलूच नेता नायला कादरी ने कहा था कि बलूचिस्तान में पाकिस्तान केमिकल वेपन्स का इस्तेमाल कर रहा है। यहां बच्चों तक को मारा जा रहा है। - बलूचिस्तान में लोगों की नाराजगी कई दशकों से चली आ रही है। गरीबी और बेरोजगारी चरम पर - बलूचिस्तान में गरीबी और बेरोजगारी की तस्वीर और भी ज्यादा चौंकाने वाली है। - 2013 में पब्लिश हुई एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां की 46.68 फीसदी आबादी गरीबी रेखा से नीचे जिंदगी गुजार रही है। - बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों के मामले में सबसे धनी है, लेकिन इसके बावजूद ये पाकिस्तान का सबसे गरीब प्रांत है। - पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटेस्टिक्स के आंकड़ों के मुताबिक, प्रांत में रोजगार के मौके बमुश्किल 4 फीसदी हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज...

  • UN में सुषमा के पलटवार से बौखलाया PAK, भारत के आरोपों को बताया झूठ का पुलिंदा
    Last Updated: September 27 2016, 11:59 AM

    न्यूयॉर्क. यूएन में सुषमा स्वराज के पलटवार से पाकिस्तान बौखला गया है। सुषमा के बयान को पाकिस्तान की यूएन रिप्रेजेंटेटिव ने कश्मीर से ध्यान भटकाने वाला और झूठ का पुलिंदा करार दिया है। नवाज शरीफ की यूएन में स्पीच के 5 दिन बाद सुषमा स्वराज ने सोमवार को उन्हें करारा जवाब दिया था। कहा था कि कश्मीर भारत का हिस्सा है और रहेगा। पाकिस्तान को ख्वाब देखना बंद कर देना चाहिए। बलूचिस्तान का मुद्दा उठाए जाने से पाक भड़का... - यूएन में पाक की रिप्रेजेंटेटिव मलीहा लोधी ने सुषमा के बयान के जवाब में कहा, भारत की विदेश मंत्री का बयान झूठा और निराधार है। उनके आरोप गलत हैं। - भारत की ओर से यूएन में उसके आंतरिक मामले बलूचिस्तान को उठाना इंटरनेशनल रूल्स का वॉयलेशन है। - कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा नहीं है और न कभी होगा, बल्कि यह विवादित मामला है जो सब मानते हैं। - मलीहा ने राइट टु रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए भारत पर निशाना साधा। - बता दें कि यूएन में कश्मीर में ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन होने के पाकिस्तान के आरोपों पर सुषमा ने कहा था- जिनके घर शीशे के हों, उन्हें दूसरों के घर पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। नवाज के एडवाइजर ने कहा- पाकिस्तान को अलग-थलग नहीं कर पाया भारत - पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ के विदेश मामलों के एडवाइजर सरताज अजीज ने कहा है कि पाकिस्तान को कूटनीतिक स्तर पर अलग-थलग करने की भारत की कोशिशों को झटका लगा है। - डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, अजीज ने कहा कि 56 देशों के संगठन इस्लामिक कॉरपोरेशन ऑर्गनाइजेशन (आईसीओ), यूएन और दुनिया की कई संस्थाएं पाकिस्तान के कश्मीर संबंधी रुख का सपोर्ट कर रही हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ेंः यूएन में सुषमा ने कैसे दिया शरीफ को जवाब...

  • बलूच नेता ने कहा- पाकिस्तान फैला रहा है वर्ल्‍ड में टेरर, खत्म करना चाहता है हमारी नस्ल
    Last Updated: September 25 2016, 14:44 PM

    मेरठ/बागपत. यूपी के बागपत पहुंचे बचोल नेता मजदक दिलशाद ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया में आतंक फैलाने का काम कर रहा है। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना उन पर जुल्म कर रही है। सेना हमारी नस्ल खत्म कर वजूद ही मिटा देना चाहती है। हम अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं और हमें पूरी उम्मीद है कि भारत के सहयोग से हमें आजादी मिलेगी। आगे पढ़िए और क्या कहा बलूच नेता... 72 साल से लड़ रहे हैं आजादी की जंग - मजदक दिलशाद ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि बलूचिस्तानी पिछले करीब 70 साल से अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं। - यह लड़ाई आजादी मिलने तक जारी रहेगी। उनके पिता ने आजादी की लड़ाई का बीड़ा उठाया था। उनका सपना बलूचिस्तानी जरूर पूरा करेंगे। - शनिवार को बलूच नेता ने पत्नी नायला के साथ बिलोचपुरा और तिलपनी गांव में पहुंचकर वहां के लोगों से समर्थन मांगा। - बता दें कि बिलोचपुरा और तिलपनी में रहने वाले लोगों के पूवर्ज बलूचिस्तान में रहते थे। - मुगलकाल में ये बलूचिस्तानी मुगल सेना के तोपची बनकर भारत में आए थे, और उसके बाद यहीं बस गए। - अंग्रेजों के खिलाफ भी इन बलूचिस्तानियों ने भारतीयों के साथ आंदोलन में हिस्सा लिया। उड़ी हमले में पाकिस्तान का ही हाथ - मजदक दिलशाद के मुताबिक, उड़ी में हुए सैन्य कैंप पर हमले के पीछे पाकिस्तान का ही हाथ है। - पाकिस्तान नहीं चाहता कि दुनिया में शांति कायम रहे, इसलिए वह अपने यहां आतंकी कैंपों का संचालन करता है। - उन्होंने कहा कि उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान का असली चेहरा दुनिया के सामने आ गया है। एक मंच पर लाने का प्रयास - उन्होंने कहा कि वह बलूचिस्तान की आजादी के लिए दुनिया में अलग-अलग जगहों पर रह रहे बलूचिस्तानियों को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। - इसी क्रम में वह भारत में उन सभी स्थानों पर जा रहे हैं, जहां उनके पूर्वजों के वंशज रहते हैं। - मजदक दिलशाद के मुताबिक, बलूचों पर जुल्म हो रहें हैं। दुनिया को अपने ऊपर हो रहे जुल्मों का सच बताने के लिए हम यहां आए हैं। - दिलशाद ने मीडिया को बताया कि पाकिस्तानी सेना और आईएसआई मिलकर हमारी नस्ल को खत्म कर रहे हैं। उनके साथ चाइना भी है। - हमें गैस, बिजली, पानी नहीं दी जाती, यह जुल्म 1948 से सहते आ रहे हैं, लेकिन अब जुल्म नहीं सहेेंगे। दो साल तक पिता को रखा कैद में - मजदक दिलशाद ने बताया कि 2006 में बलूच आंदोलन के सर्वोच्च नेता उनके पिता थे। - आंदोलन के दौरान उनके पिता अचानक लापता हो गए। दो साल तक उनका कुछ पता नहीं चला। - बाद में जब उन्हें पता चला कि उनके पिता पाकिस्तानी सेना की कैद में है। - तब हमनें धरने-प्रदर्शन किए और जुलूस निकाले, उसके बाद सेना ने उन्हें छोड़ा। - दो साल तक अपनी कैद में रखने के बाद उनके पिता को एक मरीज बना दिया गया था। - कैद में पाकिस्तानी सेना उनके पिता को टॉर्चर करते थे। उन्हें मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी जाती थी। मोदी हैं ताकतवर नेता - मजदक दिलशाद ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वह विश्व में ताकतवर नेता हैं। - उन्होंने बलूचिस्तान की आवाज उठाकर दुनिया के सामने उनका दर्द बयां किया। - बलूच नेता ने कहा कि कश्मीर भारत का हिस्सा है और रहेगा। - पाकिस्तान को मिलने वाली मदद पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। - पाकिस्तान को जो आर्थिक मदद मिल रही है, उससे वह हथियार खरीद रहा है। - इन हथियारों का इस्तेमाल वह बलूचिस्तानियों पर कर रहा है। जैन संत से की मुलाकात - दिलशाद ने शनिवार को बड़ौत में जैन संत आचार्य श्री सुभद्र मुनि जी महाराज से मुलाकात की। - जैन संत से मिलकर उन्होंने आशीर्वाद मांगा। इस जैन संत ने कहा कि अहिंसक आंदोलन से उनकी फतेह होगी। - मजदक के मुताबिक जल्द ही वह बलूचिस्तान मूल के लोगों के साथ दिल्ली में पाकिस्तानी दूतावास के सामने प्रदर्शन करेंगे। - इस दौरान उनके साथ अमित राय जैन, बिलोचपुरा के इरफान, अब्बास, आलमगीर आदि मौजूद रहे। आगे की स्लाइड्स में देखिए अन्य फोटोज...

  • मोदी की स्पीच पर PAK बोला- ये कश्मीर से ध्यान भटकाने, हमें बदनाम करने की कोशिश
    Last Updated: September 25 2016, 14:20 PM

    इस्लामाबाद. उड़ी आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान ने कहा है कि भारत दुनिया का ध्यान कश्मीर से हटाने और उसे बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान का रिएक्शन मोदी की शनिवार को केरल के कोझिकोड में दी गई स्पीच के बाद आया है। इसमें मोदी ने कहा था कि देश 18 जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। रविवार को भी मन की बात में भी मोदी ने कहा कि उड़ी के गुनहगार बख्शे नहीं जाएंगे। क्या कहा पाकिस्तान की फॉरेन मिनिस्ट्री ने... - पाकिस्तान की फॉरेन मिनिस्ट्री ने रविवार को जारी बयान में कहा- भारत कश्मीर की निहत्थे लोगों पर जुल्म कर रहा है। महिलाओं और बच्चों को भी बख्शा नहीं जा रहा है। - बयान के मुताबिक, जुलाई में कश्मीरी यूथ लीडर बुरहान वानी की हत्या के बाद जब वहां के लोगों ने आवाज उठाई तो जुल्म बढ़ गए। पिछले 75 दिनों में कश्मीर के करीब 100 लोग शहीद हुए, कई ने आंखें गंवा दी और हजारों जख्मी हुए। - इसी बयान में कहा गया है- ये बदकिस्मती की बात है कि इतने जुल्मों के बाद भी भारतीय नेता पाकिस्तान को बदनाम करने की और कश्मीर से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। हमें अफसोस है कि ये सब टॉप लेवल से किया जा रहा है। - बयान के मुताबिक, दुनिया के कई देश कश्मीर में हो रहे ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन पर नजर रख रहे हैं। हम मांग करते हैं कि कश्मीर में स्वतंत्र जांच दल और फैक्ट फाइंडिंग मिशन भेजे जाएं। - पाकिस्तान ने भारत पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के भी आरोप लगाए हैं। बयान में कहा गया है- इंडियन नेवी के सर्विंग ऑफिसर कुलभूषण यादव की गिरफ्तारी से साफ हो जाता है कि भारत हमारे देश में आतंकवाद फैला रहा है। उड़ी में क्या कहा था मोदी ने? - प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पाकिस्तान पर सबसे तीखा हमला किया था। उड़ी हमले के 7 दिन बाद मोदी ने पड़ोसी देश के हुक्मरानों को सीधे निशाने पर लेते हुए 32 मिनट की स्पीच में उन्होंने 9 बार पाकिस्तान का नाम लिया था। - मोदी ने तीन बड़े बयान दिए थे। पहला- आतंकियों के लिखे भाषण पढ़कर कश्मीर के गीत गाने वाले पाकिस्तान के हुक्मरानों से हमें बात नहीं करनी। दूसरा- आतंकी कान खोलकर सुन लें, हमारा देश उड़ी हमले के शहीदों की कुर्बानी कभी नहीं भूलेगा। तीसरा- हमसे हजार साल लड़ने की बात कहने वाले पाक के हुक्मरानों की चुनौती मैं स्वीकार करता हूं। - इसके बाद रविवार को भी मोदी ने इरादे साफ करते हुए कहा था- हम नागरिकों के लिए, राजनेताओं के लिए, बोलने के कई अवसर होते हैं, हम बोलते भी हैं, लेकिन सेना बोलती नहीं है। सेना पराक्रम करती है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें: उड़ी में दिए गए पीएम के भाषण की 10 बड़ी बातें...

  • EU की PAK को चेतावनी-बलूचिस्तान में अत्याचार बंद करो नहीं तो लगा देंगे प्रतिबंध
    Last Updated: September 24 2016, 12:59 PM

    जेनेवा (स्विट्जरलैंड). पाकिस्तान का अत्याचार झेल रहे बलूचिस्तान के लोगों के साथ यूरोपियन यूनियन ने एकजुटता दिखाई है। ईयू के वाइस प्रेसिडेंट आर. जारनेकी ने इस पर पाकिस्तान को चेतावनी दी है। इन्होंने शुक्रवार को कहा- पाकिस्तान अगर बलूच लोगों के साथ की जा रही ज्यादती पर रोक नहीं लगाता है और वहां ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन जारी रहता है तो ईयू इस्लामाबाद पर आर्थिक और राजनीतिक पाबंदिया लगा सकता है। ईयू ने और क्या कहा... - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जारनेकी ने कहा- ह्यूमन राइट्स पर डिबेट के दौरान मैंने ईयू से कहा कि अगर हमारे सहयोगी देश ह्यूमन राइट्स और उसके मानकों को एक्सेप्ट नहीं करते हैं तो ऐसी स्थिति में हमें इस पर ध्यान देना चाहिए और इकोनॉमिक फील्ड्स में कुछ पाबंदियां लगाने के बारे में सोचना चाहिए। - बलूचिस्तान में पाकिस्तान के अत्याचारों के खिलाफ एक प्रदर्शन में शामिल हुए जारनेकी ने कहा- यह वक्त कुछ बोलने का नहीं, बल्कि कुछ करने का है। - इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के अत्याचारों की आलोचना की। जारनेकी बलूचिस्तान में जान गंवानों को श्रद्धांजलि दी। ...तो हमें बदलना पड़ेगा नजरिया - जारनेकी ने कहा- पाकिस्तान के साथ हमारे आर्थिक और राजनीतिक रिश्ते हैं। पाकिस्तान अगर बलूचिस्तान को लेकर अपनी पॉलिसी नहीं बदलता है तो हमें इस्लामाबाद और पाकिस्तान सरकार के बारे में अपना नजरिया बदलना पड़ेगा। - इस्लामाबाद का दोहरा रवैया है, एक तरफ तो वह दुनिया के सामने अपना साफ चेहरा दिखाता है जबकि दूसरी ओर वह ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन में शामिल है। ईयू के सभी 28 मेंबर्स को करनी चाहिए कार्रवाई - ईयू के वाइस प्रेसिडेंट ने कहा- यूरोपीय यूनिययन के सभी 28 मेंबर्स को बलूच लोगों पर पाकिस्तान की क्रूरता के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। - पाकिस्तान की सरकार पर वहां की सेना का कंट्रोल है। बलूचिस्तान के लोगों को यह समझना चाहिए कि ईयू उनके साथ है। मोदी ने उठाया था मुद्दा, भारत के सपोर्ट में लग चुके हैं नारे - बलूचिस्तान के सुई, डेरा बुगती, जाफराबाद, नसीराबाद समेत कई इलाकों में सालों से पाकिस्तान के अत्याचार की खबरें हैं। - नरेंद्र मोदी ने इसी साल 15 अगस्त को लाल किले से अपनी स्पीच में बलूचिस्तान का मसला उठाया था। - इसके बाद बलूचिस्तान में आजादी समर्थक अब तक कई बार पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं। - बलूचिस्तान में न केवल कई बार भारत का राष्ट्रीय झंडा तिरंगा लहराया गया है बल्कि लोगों ने बलूचिस्तान के शहीद माने जाने वाले दिवंगत नेता अकबर बुगती के साथ पीएम मोदी की फोटो भी लहराई है। - भारत ने कुछ दिनों पहले जेनेवा में यूनाइटेड नेशन्स ह्यूमन राइट्स काउंसिल के 33rd सेशन में भी बलूचिस्तान का मुद्दा उठाया था। उसी दौरान न्यूयॉर्क में यूएन हेडक्वार्टर्स के बाहर पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन हुआ था और बलूचिस्तान दूसरा बांग्लादेश के नारे भी गूंजे थे। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, क्या है बलूचिस्तान का विवाद और वहां किसकी सरकार है...

  • #UriAttack: सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा- PAK जंग चाहता है तो अब ये ही सही
    Last Updated: September 18 2016, 21:56 PM

    नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर के उरी में रविवार को हुए आतंकी हमले में हमारे 17 जवान शहीद हो गए। 4 आतंकी भी मारे गए। दिल्ली में सुबह से हाईलेवल मीटिंग्स का दौर जारी है। नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हमले के दोषियों को अब बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन, इस कवायद से दूर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा सरकार और पाकिस्तान पर फूट रहा है। प्रोफेश्नल बॉक्सर विजेंदर सिंह ने तो दो टूक कहा- अगर पाकिस्तान जंग ही चाहता तो अब जंग ही सही। और किसने क्या कहा... - क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने कहा- वो विद्रोही नहीं आतंकवादी हैं। और आतंकवाद को जवाब भी उसी तरीके से दिया जाना चाहिए। - @JhaSanjay हैंडल से कांग्रेस स्पोक्सपर्सन संजय झा ने कहा- नेशनल सिक्युरिटी को लेकर फॉरेन पॉलिसी सही नहीं है। इससे समझौता किया गया है। लीडरशिप में मुकाबले का दम नहीं दिखता। - @ShekharGupta पर जर्नलिस्ट शेखर गुप्ता ने कहा- अगर पाकिस्तान ये सोचता है कि कि उरी अटैक के बाद भी भारत की तरफ से कोई जवाब नहीं मिलेगा तो वो अब गलत सोच रहा है। - @Riteishd ने कहा- अगर मैं आपका कोई भी हमला झेलने की ताकत रखता हूं तो इसका मतलब ये नहीं है कि मैं आप पर पलटवार नहीं कर सकता। भारत माता की जिन्होंने कुर्बानी दी उन्हें श्रद्धांजलि। #UriAttack पाकिस्तान को अब तैयार रहना चाहिए - @iSanjanaPatel पर संजना ने कहा- पाकिस्तान अब बलूचिस्तान को आजाद करने के लिए तैयार हो जाओ। तुम्हारा वक्त अब खत्म हो गया है। हर चीज की हद होती है और ये हद अब लांघी जा चुकी है। - बीजेपी सांसद और पूर्व होम सेक्रेटरी आरके सिंह ने कहा- इस तरह के हमलों से निपटने का एक ही तरीका है और वो ये कि करारा पलटवार किया जाए। - सीताराम येचुरी ने कहा- कश्मीर समस्या का हल टेररिज्म नहीं बल्कि बातचीत है। सभी लोगों से बातचीत होनी चाहिए। ये भी पढ़ें: <a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/JK-OMC-JAM-uri-terror-attack-on-army-base-analysis-news-hindi-5420356-NOR.html'>पीओके से घुसे आतंकी, आर्मी बेस के अंदर टेंट पर फेंके ग्रेनेड- अंदर सो रहे 17 जवान जिंदा जले </a> ये भी पढ़ें: आर्मी ने कहा- <a href='http://www.bhaskar.com/news/JK-OMC-JAM-suicide-attack-at-military-headquaters-in-jammu-and-kashmir-news-hindi-5420229-NOR.html?ref=ht'>जैश के थे सभी आतंकी; पाकिस्तान ने कहा- बिना जांच के हम पर इलजाम लगा रहा भारत</a>

  • PAK मीडिया का दावा- मोदी को सपोर्ट करने वाले बलूच नेता को मिला भारतीय पासपोर्ट
    Last Updated: September 16 2016, 17:20 PM

    इस्लामाबाद. पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि <a href='http://www.bhaskar.com/news-campaign/balochistan/'>बलूचिस्तान</a> रिपब्लिकन पार्टी (बीआरपी) के प्रेसिडेंट ब्राहमदाग बुगती को भारतीय पासपोर्ट दे दिया गया है। उनके करीबियों को भी भारतीय पासपोर्ट दिया जाएगा। इसे लेकर लंबे समय से बुगती और भारतीय अफसरों की बातचीत चल रही थी। जल्द ही उन्हें इंडियन सिटिजनशिप भी दी जा सकती है। इंडिपेंडेंस डे स्पीच में बलूचिस्तान के जिक्र के बाद बुगती ने नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया था। बुगती फिलहाल स्विट्जरलैंड में रह रहे हैं। वहीं, प्रसार भारती शुक्रवार को आकाशवाणी की बलूची सर्विस के लिए एक वेबसाइट और ऐप लॉन्च करने जा रही है। जिओ टीवी ने ये कहा... - ब्राहमदाग बलूचिस्तान के सीएम रहे नवाब अकबर बुगती के पोते हैं। अकबर बुगती की 2006 में हत्या कर दी गई थी। दादा की हत्या के बाद ब्राहमदाग पाकिस्तान से फरार हो गए थे और उन्होंने अफगानिस्तान में राजनीतिक शरण ली थी। 2010 में वह स्विट्जरलैंड पहुंचे थे। तब से वो परिवार के साथ वहीं रह रहे हैं। - जिओ न्यूज की खबर के मुताबिक, भारत ने बुगती और उनके करीबी सहयोगियों को भारतीय पासपोर्ट देने पर सहमति जताई है। - यह भी जानकारी मिली है कि भारत बुगती के दो सहयोगियों मोहम्मद बुगती और अजीजुल्लाह बुगती को भी शरण दे सकता है। - जिओ न्यूज का ये भी कहना है कि बीआरपी नेताओं से 18-19 सितंबर को मुलाकात के बाद वे फॉर्मली भारतीय सिटिजनशिप के लिए अप्लाई करेंगे। - इस बीच बुगती ने एक न्यूज एजेंसी से कहा कि उन्होंने भारत में शरण के लिए अप्लाई नहीं किया। - बता दें कि पिछले दिनों बलूच नेताओं ने न्यूयॉर्क स्थित यूएन हेडक्वार्टर समेत लंदन, जर्मनी, साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया में प्रदर्शन किया था। क्या बोले बुगती के करीबी? - बुगती के एक करीबी की मानें तो भारत सरकार और ब्राहमदाग के बीच इस मुद्दे पर सहमति बन चुकी है। पार्टी से बातचीत के बाद वे जेनेवा में भारतीय एम्बेसी में ऑफिशियल रिक्वेस्ट भेजेंगे। - भारत सरकार ने चीन के दबाव के बावजूद दलाई लामा को पासपोर्ट दिया था। उन्होंने बांग्लादेश के शेख मुजीबुर्ररहमान की मदद भी की थी। हमें उम्मीद है कि वे बुगती और उनके सहयोगियों की मदद भी जरूर करेंगे। बता दें कि इस साल जनवरी में भारतीय अफसरों ने बुगती के साथ सिटिजनशिप के मुद्दे पर बातचीत शुरू की थी। क्यों भारतीय सिटिजनशिप चाहते हैं बुगती? - पिछले दिनों बुगती ने यह आरोप लगाया था कि पाकिस्तान स्विस सरकार पर उन्हें सिटिजनशिप नहीं देने का दबाव डाल रहा है। - बुगती को यह लग रहा है कि उन्हें स्विस पासपोर्ट मिलना मुश्किल है। उन्हें डर है कि उनको स्विट्जरलैंड में ही लंबे समय तक रोका जा सकता है। - बुगती भारत में शरण देने के लिए सरकार से लगातार मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि अगर यूरोप बलूचों को शरण दे सकता है तो फिर भारत क्यों नहीं? - बुगती का इरादा भारत में रहकर बलूचिस्तान की आजादी की मांग जोर-शोर से उठाने और वहां पाक सेना के टॉर्चर के खिलाफ प्रचार करने का है। मोदी ने कहा था- बलूचिस्तान और पीओके के लोगों का तहे दिल से शुक्रिया - मोदी ने लाल किले से दी स्पीच में कहा था, पिछले कुछ दिनों में बलूचिस्तान, गिलगित, पाक के कब्जे वाले हिस्से के लोगों ने मुझे बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है। मेरा आभार व्यक्त किया है। मेरे प्रति सद्भावना जताई है। - दूर-दूर बैठे लोग हैं। जिस धरती को मैंने देखा नहीं, जहां के लोगों से कभी मुलाकात नहीं हुई, वे प्रधानमंत्री का आदर करते हैं तो ये मेरे सवा सौ करोड़ देशवासियों का सम्मान है। मैं गिलगित, बलूचिस्तान और पाक के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, बुगती ने कहा था- बलूचिस्तान में ह्यूमन राइट्स की सुनामी बरपा रहा पाक...

  • भारत ने UN में पहली बार उठाया बलूचिस्तान का मुद्दा,PAK को 3 तरफ से घेरने की तैयारी
    Last Updated: September 15 2016, 15:55 PM

    जेनेवा/न्यूयॉर्क. भारत ने इंटरनेशनल फोरम पर पहली बार बलूचिस्तान का मुद्दा उठाया है। जेनेवा में यूनाइटेड नेशन्स ह्यूमन राइट्स काउंसिल के 33rd सेशन में भारत ने कहा कि पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में बड़े पैमाने पर ह्यूमन राइट्स का वॉयलेशन हो रहा है। इसी बीच, न्यूयॉर्क में यूएन हेडक्वार्टर्स के बाहर पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन हुआ और बलूचिस्तान दूसरा बांग्लादेश का नारा गूंजा। वहीं, भारत ने इसी महीने में पाकिस्तान को तीन तरफ से घेरने की तैयारी कर ली। भारत, अफगानिस्तान और अमेरिका एक साथ मिलकर पाक पर दबाव बनाएंगे। भारत ने कहा- पाक का ट्रैक रिकॉर्ड खराब... - जेनेवा में यूनाइटेड नेशन्स के लिए भारत के परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव अजित कुमार ने कहा, कश्मीर में अशांति का मुख्य कारण सीमा पार से होने वाला आतंकवाद है। पाकिस्तान आतंक को स्पॉन्सर करता है और वहां की अवाम को भड़काता है। पाकिस्तान का खराब ट्रैक रिकार्ड पूरी दुनिया जानती है। - उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से लगातार कहा जा रहा कि वह सीमा पार आतंकवाद रोके, आतंकियों के ठिकाने खत्म करे। - कुमार ने कहा कि भारत अमनपसंद और जम्हूरियत वाला देश है। हम अपनी जनता के वेलफेयर के लिए काम करते हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान में लोकतंत्र नहीं है और बड़े पैमाने पर ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन होते हैं। पाकिस्तान ऐसा देश है जो बड़े सोचे-समझे तरीके से बलूचिस्तान और पीओके के साथ अपने ही लोगों के ह्यूमन राइट्स को कुचल देता है। भारत बलूचिस्तान की मदद करो के नारे - उधर, न्यूयॉर्क में बलूच एक्टिविस्ट्स के एक समूह ने यूएन हेडक्वार्टर्स के बाहर पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किया और आजादी की मांग बुलंद की। यह प्रदर्शन फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट (एफबीएम) की ओर से किया गया। - प्रदर्शनकारियों ने हाथ में बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का उल्लंघन बंद करो, बलूचिस्तान में बमबारी बंद करो और बलूचिस्तान पाकिस्तान नहीं है के नारों वाले बैनर लिए हुए थे। उनके हाथों में अमेरिकी और बलूच झंडे भी थे। - कुछ लोग नारे लगा रहे थे, भारत बलूचिस्तान की मदद करो यूएन, यूएन कहां हो तुम, पाकिस्तान को धन देना बंद करो, बलूचिस्तान दूसरा बांग्लादेश है और बलूचिस्तान को तोड़ना बंद करो। पाकिस्तान को ऐसे तीन तरफ से घेरने की तैयारी - सितंबर के आखिर में यूएन जनरल असेंबली के दौरान न्यूयॉर्क में भारत-अमेरिका-अफगानिस्तान के बीच बातचीत होगी। इससे आतंकवाद के खिलाफ तीनों देशों की स्ट्रैटजी को और मजबूती मिलेगी। (1) भारत: मोदी इंडिपेंडेंस डे पर लाल किले से अपनी स्पीच में बलूचिस्तान और पाक के आतंक फैलाने का मुद्दा उठा चुके हैं। एक महीने से दोनों देशों के बीच कश्मीर और बलूचिस्तान पर बयानबाजी हो रही है। अब भारत ने पहली बार यूएन जैसे फोरम पर बलूचिस्तान का मुद्दा उठा दिया है। (2) अमेरिका: ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन बलूचिस्तान पर भारत के रुख का खुलकर सपोर्ट तो नहीं करता, लेकिन पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड टेररिज्म पर उसका रुख सख्त होता जा रहा है। यूस ने एफ-16 फाइटर प्लेन की बिक्री रोकने के साथ पाक को आतंकवाद के खिलाफ अभियान के लिए 30 करोड़ डॉलर की सालाना मदद भी रोक दी है। (3) अफगानिस्तान: प्रेसिडेंट अशरफ गनी ने बुधवार को दिल्ली में मोदी से मुलाकात की और पाकिस्तान के खिलाफ खुलकर बोले। उन्होंने कहा कि जो हमें रोकने की कोशिश कर रहे हैं, हम उन्हें रोक देंगे। आतंकवाद सांप की तरह डसता है। यह टलने वाला खतरा नहीं है। गनी दूसरी बार भारत के दौरे पर आए थे। अागे की स्लाइड्स में पढ़ें: अफगानिस्तान को 670 करोड़ की मदद देगा भारत...

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