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PIL:भोपाल एनकाउण्टर के मृतकों को आतंकी न बोला जाए, कोर्ट का दखल से इनकार

PIL:भोपाल एनकाउण्टर के मृतकों को आतंकी न बोला जाए, कोर्ट का दखल से इनकार

Last Updated: January 03 2017, 06:55 AM

जबलपुर/खंडवा. हाईकोर्ट ने सोमवार को उस जनहित याचिका का निराकरण कर दिया, जो भोपाल के बहुचर्चित एनकाउण्टर में मारे गए सिमी कार्यकर्ताओं को आतंकी बोले जाने के खिलाफ दायर की गई थी। एक्टिंग चीफ जस्टिस राजेन्द्र मेनन और जस्टिस अंजुली पालो की युगलपीठ ने विस्तृत आदेश सुनाते हुए कहा है कि इस मसले पर हम मीडिया को कोई भी निर्देश नहीं दे सकते। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को स्वतंत्रता दी है कि प्रेस काउंसिल एक्ट के तहत वो चाहे तो प्रेस काउंसिल को आवेदन दे सकता है। - युगलपीठ ने यह फैसला भोपाल के हम्मालपुरा में रहने वाले शमशुल हसन की ओर से दायर याचिका पर दिया। - याचिका में कहा गया था कि भोपाल में 8 सिमी कार्यकर्ताओं के एनकाउण्टर के बाद मीडिया में उन्हें आतंकी बताया जा रहा है। - आवेदक का कहना था कि मारे गए सभी लोग एक ही समुदाय के थे और उनके खिलाफ कोर्ट में ट्रायल चल रहा था। - उन सभी को कोर्ट ने सजा नहीं दी और न वो आतंकी साबित हुए, ऐसे में मीडिया द्वारा बार-बार उन्हें आतंकी बोलना अनुचित है। - इस बारे में प्रिंट और इलेक्ट्राॅनिक मीडिया को आवश्यक निर्देश दिए जाने की राहत चाहते हुए ये जनहित याचिका दायर की गई थी। - मामले पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने याचिका में उठाए गए तथ्यों को हस्तक्षेप अयोग्य पाया। - युगलपीठ ने कहा कि इस बारे में कार्रवाई का एक विकल्प प्रेस काउंसिल एक्ट में मौजूद है, लिहाजा याचिकाकर्ता वहां पर शिकायत देकर अपनी बात रख सकते हैं। - इस मत के साथ युगलपीठ ने याचिका का निराकरण कर दिया। युगलपीठ द्वारा सुनाए गए विस्तृत आदेश की फिलहाल प्रतीक्षा है। राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने पक्ष रखा। जांच में दखल से इनकार - वहीं एनकाउण्टर की जांच की निष्पक्षता को कठघरे में रखने वाले पत्रों का भी पटाक्षेप युगलपीठ ने कर दिया है। - भोपाल जेल में बंद सिमी कार्यकर्ताओं, बंदियों व उनके रिश्तेदारों की ओर से ये पत्र हाईकोर्ट को भेजे गए थे। - एक्टिंग चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बैंच ने कहा है कि एनकाउण्टर से संबंधित दो याचिकाएं पूर्व में निराकृत हो चुकी हैं। चूंकि इस मसले पर आयोग की जांच चल रही है, इसलिए मामले में दखल देना अनुचित होगा। - युगलपीठ द्वारा इस पत्रों पर भी सुनाए गए विस्तृत आदेश की फिलहाल प्रतीक्षा है।

भोपाल एनकाउंटर मामले में याचिका दायर, दखल देने से हाईकोर्ट का इनकार

भोपाल एनकाउंटर मामले में याचिका दायर, दखल देने से हाईकोर्ट का इनकार

Last Updated: December 29 2016, 06:56 AM

जबलपुर. भोपाल जेल से भागे 8 आतंकियों के एनकाउण्टर में मारे जाने की जांच किसी स्वतंत्र एजेन्सी से कराए जाने को लेकर दायर मामले पर हाईकोर्ट ने दखल से इनकार कर दिया है। मारे गए एक आतंकी के भाई की याचिका पर फैसला देते हुए जस्टिस संजय यादव की एकलपीठ ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के मुताबिक हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज का एक आयोग गठित हो चुका है, इसलिए मामले पर दखल देना उचित नहीं है। - इस मत के साथ अदालत ने मामले का निराकरण कर दिया। यह याचिका उज्जैन के महिदपुर में रहने वाले अब्दुल राशिद की ओर से दायर की गई थी। - आवेदक का कहना था कि भोपाल जेल से भागे 8 आतंकियों को पुलिस ने एनकाउण्टर में मार गिराया था, जिसमें से एक उसका भाई अब्दुल माजिद भी था। - इस एनकाउण्टर को फर्जी बताते हुए याचिका में राहत चाही गई थी कि मामले की जांच किसी ऐसी स्वतंत्र एजेन्सी को सौंपी जाए, जिस पर राज्य सरकार का नियंत्रण न हो। - साथ ही दोषी पुलिस वालों पर हत्या का मुकदमा चलाने, जांच आयोग की प्रक्रिया में आवेदक के वकील को शामिल कराने, आयोग की जांच एक तय समयसीमा में पूरी कराने, एनकाउण्टर से जुड़े सबूतों को सीलबंद लिफाफे में -रखने और आयोग की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में कराने के भी निर्देश अनावेदकों को दिए जाएं। - मामले पर हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने पक्ष रखा। - उन्होंने युगलपीठ को बताया कि पूर्व में भी अवधेश भार्गव की ओर से एक जनहित याचिका इन्हीं मुद्दों को लेकर दायर की गई थी, जो हाईकोर्ट ने जांच आयोग के गठित हो जाने के मद्देनजर 11 नवम्बर को निराकृत कर दी थी। - इस आधार पर उन्होंने इस याचिका को भी खारिज किए जाने की प्रार्थना अदालत से की। - सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले से जुड़े घटनाक्रमों और जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस की नियुक्ति किए जाने को देखते हुए मामले पर दखल से इनकार कर दिया।

जेल में इस एक्ट्रेस का बना था अश्लील MMS, बाथरूम में लगे थे CCTV

जेल में इस एक्ट्रेस का बना था अश्लील MMS, बाथरूम में लगे थे CCTV

Last Updated: December 11 2016, 14:10 PM

भोपाल। आतंकवादियों के भागने के बाद MP की यह ISO जेल एक बार फिर से कुख्यात हो गई है। यह वही जेल है, जहां के जेलर (अब सस्पेंड जेल अधीक्षक) पुरुषोत्तम सोमकुंवर आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में 3 नवंबर तक जेल में हैं। इस जेल में जब मोनिका बेदी कैद थी, तभी इसी सोमकुंवर ने उसके बाथरूम में CCTV लगवा दिए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह ISO जेल सुरक्षा के लिहाज से कैसी होगी? जानें मोनिका बेदी की कहानी... आतंकियों के फरार होने के बाद फिर बदनाम हुई जेल... कहने को तो भोपाल की सेंट्रल जेल को ISO सर्टिफिकेट मिला हुआ है, लेकिन इस पर कलंक भी बहुत लगते रहे हैं। आतंकियों के भागने के बाद यह फिर से कुख्यात हुई है। यह वही जेल है, जहां 2005-06 में जेलर रहते हुए पुरुषोत्तम सोमकुंवर ने जेल में बंद बॉलीवुड एक्ट्रेस मोनिका बेदी के बाथरूम में CCTV कैमरे लगवा दिए थे। विपक्ष ने इस बात को लेकर सरकार को भी घेरा था। यहां तक कि कांग्रेस ने सीसीटीवी की कथित फोटोज भी मीडिया को जारी कर दी थीं। हालांकि इस मामले में तो सोमकुंवर बच गए, लेकिन वे भ्रष्टाचार के आरोप में खुद को नहीं बचा पाए और इसी जेल में उन्हें कैद नसीब हुई। 2005 में मोनिका को शिफ्ट किया गया था भोपाल जेल 2005 में बॉलीवुड एक्ट्रेस मोनिका बेदी को जब एक मामले में भोपाल लाया गया, तो एमपी पुलिस के कई अधिकारियों ने अपनी ड्यूटी उस जगह लगवा ली थी, जहां डॉन की माशूका को रखा गया था। यहीं नहीं इसके लिए बाकायदा खुद ही एक रोस्टर तैयार कर लिया था। हर दिन एक अलग अफसर मोनिका बेदी के लिए भोपाल की एक थ्री स्टार होटल से उसकी पसंद की खाना लेकर जाते और साथ में डिनर करते थे। -2005 में पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भारत के मोस्ट वॉन्टेड अबु सलेम और बॉलीवुड एक्ट्रेस मोनिका बेदी को गिरफ्तार किया गया था। -इसके कुछ समय बाद दोनों को फर्जी पासपोर्ट मामले में मुंबई पुलिस ने मध्य प्रदेश पुलिस को सौंप दिया। -इस दौरान सलेम को सेंट्रल जेल में और मोनिका बेदी को भोपाल के जहांगीराबाद थाने में रखा गया था। -मोनिका की सुरक्षा के चलते पूरे इलाके हाई सिक्युरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया था। -मोनिका की सुरक्षा का जिम्मा राउंड द क्लाक टीआई स्तर के अधिकारियों के पास था। -अफसर बारी-बारी से अपनी ड्यूटी लगवाते और समय से करीब एक घंटे पहले ही पहुंच जाते थे। -2005-06 के दौरान भोपाल की सेंट्रल जेल के जेलर रहे पुरुषोत्तम सोमकुंवर पर कांग्रेस ने मोनिका बेदी के बाथरूम में कैमरे लगाने और उनका अश्लील एमएमएस बनाने के आरोप लगाए थे। -मोनिका बेदी को भोपाल के जहांगीराबाद थाने की दूसरी मंजिल पर रखा गया था। -मोनिका बेदी के साथ डॉन अबु सलेम का नाम जुड़ा होने के कारण उन दिनों महिला पुलिस के साथ पुरुष पुलिस अफसरों की भी ड्यूटी लगाई गई थी। आगे की स्लाइड्स पर पढ़ें बेदी के साथ क्या हुआ था इस जेल में...

आतंकियों के जनाजे के दौरान चले पत्थर तो कलेक्टर ने थामा डंडा और फिर...

आतंकियों के जनाजे के दौरान चले पत्थर तो कलेक्टर ने थामा डंडा और फिर...

Last Updated: December 11 2016, 14:02 PM

खंडवा/इंदौर। भोपाल एनकाउंटर में मारे गए सिमी आतंकियों को मंगलवार शाम सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया। मारे गए आठ में से 6 आतंकवादी मालवा-निमाड़ से ताल्लुक रखते थे। इनमें से तीन पूर्व में खंडवा जेल से भागने में कामयाब हुए थे। जनाजे को ले जाने के दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे। इस दौरान कुछ लोगों ने नारे लगाते हुए पथराव कर दिया। इसके बाद कलेक्टर स्वाति मीणा ने डंड़ा थामा और खुद ही भीड़ को तितर-बितर करने लगीं। - आतंकियों के मारे जाने के बाद उनके शव मंगलवार देर शाम खंडवा लाए गए। इन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुलमोहर कॉलोनी ले जाया गया। - गुलमोहर कॉलोनी से रात करीब 10.30 बजे सिमी आतंकी अकील, जाकिर, मेहबूब, अमजद और सलीक के जनाजे एक साथ निकाले गए। - जनाजा जब टपालचाल क्षेत्र पहुंचा तो यहां कुछ लोगों ने नारेबाजी के साथ पथराव शुरू कर दिया। - भीड़ देख कलेक्टर ने खुद मोर्चा संभाला और फिर फालतू बैठे लोगों को भगाना शुरू किया। - कलेक्टर के कहने के बाद भी लोग जाने को तैयार नहीं थे। इस पर कलेक्टर ने डंडा थामा और फिर पुलिस की मदद से लोगों को खदेड़ना शुरू कर दिया। - कहारवाड़ी के पास कलेक्टर स्वाति मीणा ने भी कुछ असामाजिक तत्वों पर लाठियां भांजी। - लोहारी नाके से गुलमोहर कॉलोनी तक करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात रहे। एम्बुलेंस के लिए पुलिस ने आसपास के रास्ते ब्लॉक कर दिए थे। - कलेक्टर और एसपी जनाजे के साथ पैदल चले और रात 11 बजे रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। आगे की स्लाइड्स पर देखें फोटोज...

शहीद की बेटी की शादी में पिता की भूमिका में दिखे CM, कमियों के लिए मांगी माफी

शहीद की बेटी की शादी में पिता की भूमिका में दिखे CM, कमियों के लिए मांगी माफी

Last Updated: December 10 2016, 18:23 PM

भोपाल। सिमी आतंकियों के हमले में शहीद हुए रमाशंकर यादव की इकलौती बेटी सोनिया की शादी शुक्रवार को अलग अंदाज में हुई। शहीद हो चुके पिता तो इस शादी में शरीक न हो सके, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनकी जगह ले ली। ग्वालियर जाने से पहले वे उस मैरिज गार्डन जा पहुंचे, जहां शादी समारोह होना तय था। गार्डन के गेट और स्टेज में कुछ कमियां नजर आईं, तो मुख्यमंत्री ने उन्हें बेहतर करवा दिया। CM ने खुद देखे इंतजाम... खाने-पीने के इंतजाम देखे... CM ने शादी से पहले बारातियों के लिए खाने का जायजा लिया और ग्वालियर के लिए रवाना हो गए। इससे पहले कुछ अफसरों को छोटी-छोटी बातों का भी ख्याल रखते हुए पाबंद कर गए। शाम को मुख्यमंत्री ग्वालियर से लौट आए। राज्यमंत्री विश्वास सारंग भी साथ थे। दोनों फिर शादी में पहुंचे। बारात का स्वागत किया, कमियों के लिए क्षमा भी मांगी बारात मैरिज गार्डन पहुंची तो मुख्यमंत्री ने बारातियों को स्वागत किया। दूल्हे को घोड़ी से उतारा, द्वार पूजा करवाई और फिर हाथ पकड़कर स्टेज तक ले गए। वरमाला के दौरान भी स्टेज पर बेटी के पिता की तरह मौजूद रहे। सोनिया को भेंट स्वरूप जीएडी में सहायक ग्रेड-3 का नियुक्ति पत्र भी दिया। बारातियों से घूमकर खाने के लिए कहा और कुछ कमियों को लेकर हाथ जोड़कर क्षमा भी मांग ली। सरकार करवाएगी हर शहीद की बेटी की शादी एक महिला एसडीएम को सोनिया की साज-सज्जा की जिम्मेदारी दे दी। आठ सरकारी वाहन नाते-रिश्तेदारों को घर से मैरिज गार्डन तक लाने ले जाने के लिए लगा दी गई थीं। हर कोई हैरान था, क्योंकि शिवराज को मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ पिता की जिम्मेदारी निभाते हर किसी ने नहीं देखा था। मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम ने एक बड़ा ऐलान भी किया। कहा कि प्रदेश के हर शहीद की बेटी की शादी सरकार करवाएगी। सीएम यहां करीब एक घंटे तक रहे। आगे देखें संबंधित PHOTOS यह भी पढ़ें <a href='http://m.bhaskar.com/news/c-58-3210942-bp0851-NOR.html'>अगले महीने है शहीद की बेटी की शादी, CM ने रखा सिर पे हाथ, तो रो पड़ी</a> <a href='http://m.bhaskar.com/news/c-58-3213251-bp0851-NOR.html'>Bhopal encounter: शहीद की बेटी की चिंता, पिता के जाने के बाद कौन रखेगा परिवार का ध्यान</a>

शहीद की पत्नी के खाते में 30 लाख ट्रांसफर, बेटी बोली,'मीडिया और सरकार को थैंक्यू'

शहीद की पत्नी के खाते में 30 लाख ट्रांसफर, बेटी बोली,'मीडिया और सरकार को थैंक्यू'

Last Updated: December 01 2016, 10:11 AM

भोपाल। सेंट्रल जेल से 30-31 अक्टूबर की दरमियानी रात भागे 8 सिमी आतंकियों को रोकने पर शहीद हुए हवलदार रमाशंकर यादव की फैमिली को आखिरकार महीने भर बाद आर्थिक मदद मिल गई। 9 दिसंबर को उसकी बेटी की शादी है। मीडिया ने मदद में देरी होने की बात प्रमुखता से उठाई थी। बेटी बोली, थैंक्यू... शिवराज सिंह को दिया शादी का न्योता... पिछले महीने भोपाल जेल ब्रेक कर भाग रहे सिमी के आठ आतंकवादियों को जेल में हवलदार रमाशंकर यादव ने रोकने की कोशिश की थी। इस मुठभेड़ में आतंकवादियों ने गला काटकर उनकी हत्या कर दी थी। घर के मुखिया की मौत के बाद यादव परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था। घटना के वक्त मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि यादव के परिवार को अनुग्रह राशि के रूप में 10 लाख रुपए और बेटी की शादी के लिए अलग से 5 लाख रुपए दिए जाएंगे। सीएम की घोषणा के महीने भर बाद भी यादव के परिवार को कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई थी। यादव परिवार की परेशानी का सबब यह था कि 9 दिसंबर को उनकी बेटी की शादी है। हालांकि, जब मीडिया ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया, तो सरकार ने शहीद की पत्नी के खाते में 30 लाख रुपए ट्रांसफर करा दिए। इसकी पुष्टि शहीद की बेटी सोनिया ने की है, जिसकी शादी होनी है। सोनिया ने इसके लिए मीडिया और सरकार दोनों को थैंक्यू बोला। उसने अपनी शादी का निमंत्रण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भेजा है। मीडिया के जरिये उसने कहा कि मुख्यमंत्री उसकी शादी में आएंगे, तो उसे बहुत खुशी होगी। नोटबंदी के कारण हुई दिक्कत... दरअसल, नोटबंदी के कारण फिलहाल पैसों पर संकट गहरा है। बैंक से भी लेन-देन करने में समस्या आ रही है। इस वजह से यादव का परिवार शादी को लेकर दुविधा में था। जैसे-जैसे शादी की तारीख नजदीक आ रही थी, परिवार की परेशानी बढ़ती जा रही थी। परिजनों का मानना है कि रमाशंकर यादव होते तो ये नौबत नहीं आती। लेकिन अब घर का मुखिया नहीं होने से शादी की तैयारियों में व्यवधान आ रहा है। हालांकि, जब इसकी जानकारी कलेक्टर निशांत बरवड़े को मिली, तो उन्होंने मामले को फॉलो कराने की बात कही थी। शहीद के बेटे शंभूनाथ यादव ने मुताबिक, जब वो मुख्यमंत्री को बहन की शादी का न्योता देने गया, तब उन्होंने भरोसा दिया था कि सोमवार या मंगलवार तक खाते में पैसा आ जाएगा।

भागे हुए कैदी की FB पर पोस्ट: भोपाल एनकाउंटर की तरह मारे जाएंगे लड़के

भागे हुए कैदी की FB पर पोस्ट: भोपाल एनकाउंटर की तरह मारे जाएंगे लड़के

Last Updated: November 28 2016, 14:53 PM

चंडीगढ़। जेल से भागने वालों में से एक गैंगस्टर कुलप्रीत नीटा दियोल का FB अकाउंट उसका कोई भाई अपडेट कर रहा है। उसने कुलप्रीत नीटा दियोल की फेसबुक में अपनी पोस्ट में दावा किया है कि हमारे लड़के जेल से भाग नहीं सकते, पोस्ट में आरोप लगाया है कि पंजाब पुलिस भोपाल एनकाउंटर की तर्ज पर ड्रामा कर रही है। पढ़ें पूरी खबर.. कैदियों के भागने के लिए सरकार और पुलिस जिम्मेदार... -कुलप्रीत की FB पर कैदियों के भागने के लिए पुलिस और सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए दावा है किया है और लिखा है हमारे लड़के जेल से नहीं भाग सकते। -लिखा है कि पुलिस भोपाल एनकाउंटर की तरह ड्रामा करना चाहती है। -हमारे लड़कों के भागने की कोई भी वजह नहीं दिखाई देती। बरी होने वाले थे भागे हुए कैदी... -ये बरी हो जाने थे क्योंकि पुलिस के पास इनके बारे कोई भी सबूत नहीं है। -पोस्ट पर आशंका जाहिर की है कि पुलिस किसी भी लड़के के घर वालों पर कोई फेक केस डाल सकती है। -लिखा कि इससे पहले भी मेरे भाई और पिता पर जाली केस डाल दिया था। -उसने पोस्ट के द्वारा कहा कि हमारे लड़के हमें सही सलामत वापस चाहिए। -यह सब लिखने के बाद लिखने वाले ने पोस्ट के नीचे नाम की जगह Neetaz brother लिखा है। -इस पोस्ट को 104 लोगों ने शेयर किया है और अपने कमेंट में भागे हुए कैदियों का एनकाउंटर करने की आशंका जाहिए की है। आगे की स्लाइड में देखें फोटोज...

bhopal encounter का एक और सनसनीखेज video, पोस्टमार्टम रूम की कहानी

bhopal encounter का एक और सनसनीखेज video, पोस्टमार्टम रूम की कहानी

Last Updated: November 13 2016, 11:27 AM

भोपाल। 30 अक्टूबर की रात ISO सर्टिफाइड सेंट्रल जेल से भागे 8 सिमी आतंकियों के एनकाउंटर से जुड़ा एक और सनसनीखेज वीडियो सामने आया है। पोस्टमार्टम के दौरान कर्मचारी मुस्कराते हुए आतंकियों की बॉडी के सामने खड़े होकर फोटो और वीडियो खिंचाते रहे। साथ ही हाइजीन को भी ताक पर रख दिया गया। जानें पूरा मामला... लाशों के साथ मुस्कराते रहे कर्मचारी... जेल से भागे आतंकियों के एनकाउंटर के कई वीडियो अब तक सामने आ चुके हैं, लेकिन हम आपको जो दिखाने जा रहे हैं, उसे देखकर आप भी चौंक जाएंगे। ये वीडियो एनकाउंटर के बाद हुए एक्सरे रूम के हैं। इसमें सभी सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर मृतकों का एक्स रे किया गया। वहीं बेहद शर्मनाक तरीके से कर्मचारी लाशों के साथ वीडियो और फोटो खिंचवाते रहे। यह वो वीडियो है, जो मृतकों की पोस्टमार्टम व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है। आप देख सकते हैं कि कैसे सुरक्षा उपायों को दरकिनार करते हुए एनकाउंटर में मृत सिमी कार्यकर्ताओं का एक्सरे किया गया। एनकाउंटर के बाद पोस्टमार्टम से पहले जब आतंकियों का एक्सरे किया जा रहा था, तब न तो कर्मचारियों के चेहरे पर मास्क था, न एप्रेन और न ही गम बूट। जानते हैं, कितना बड़ा खतरा... आप पूछ सकते हैं कि इसमें क्या गलत है? तो आपको बता दें कि संक्रमण से बचने के लिए और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मृतकों के पोस्टमार्टम अथवा एक्सरे के लिए कर्मचारियों को कुछ सुरक्षा उपाय अपनाने होते हैं। लेकिन आप स्वयं ही देख लीजिए कैसे असुरक्षित तरीके से कर्मचारी यहां मौजूद हैं और खिलखिलाकर मुस्कुराते हुए फोटो खिंचवा रहे हैं। भोपाल में एकमात्र हमीदिया अस्पताल ही ऐसा है, जहां पोस्टमार्टम के लिए मृतकों को लाया जाता है। यहां की पोस्टमार्टम व्यवस्था पर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। लेकिन ऐसे समय जबकि दुनिया की निगाहें एनकाउंटर के बाद हर स्थिति पर लगी हुई हैं, तब भी कर्मचारियों का ये रवैया पोस्टमार्टम व्यवस्था में व्यापक सुधार की ओर इशारा करता है। इस बारे में मेडिको लीगल एक्सपर्ट डॉ. डीके सत्पथी (रिटायर्ड डायरेक्टर, मेडिको लीगल इंस्टीट्यूट) कहते हैं कि, अगर पोस्टमार्टम रूम में ऐसा हो रहा है, तो यह बेहद गंभीर बात है। क्या होना चाहिए था ? कर्मचारियों को अपने सिर ढांकने चाहिए थे। कर्मचारियों को मुंह पर मॉस्क पहनना था। पैरों में गम बूट होना चाहिए। शरीर पर सीने से लेकर कमर तक एप्रॉन होना चाहिए। हाथों में डबल ग्लोब होना चाहिए थे। ऐसे भागे थे -आईजी(भोपाल)रमन सिंह के मुताबिक,रविवार-सोमवार(30 अक्टूबर) की दरमियानी रात 2-3 बजे के बीच आतंकी भागे। -आतंकियों ने ड्यूटी बदलते वक्त दो गार्ड पर हमला किया। पहले हेड गार्ड रमाशंकर यादव की हत्या कर दी। उनका गला रेत दिया। हमले के लिए स्टील की प्लेट और ग्लास का इस्तेमाल किया। -इसके बाद जेल में ओढ़ने के लिए मिली चादरों की रस्सी बनाई। उसी के सहारे दीवार फांदी। दूसरा गार्ड को घायल किया। कौन-कौन आतंकी भागे थे? मोहम्मद खालिद अहमद(सोलापुर,महाराष्ट्र), मोहम्मद अकील खिलजी(खंडवा,मध्य प्रदेश), मुजीब शेख(अहमदाबाद,गुजरात), मोहम्मद सलिक, जाकिर हुसैन सादिक, मेहबूब गुड्डू, अमजद और अब्दुल मजीद(महिदपुर,उज्जैन।)। एनकाउंटर लीड करने वाला पुलिस अफसर अनफिट! 8 घंटे के अंदर आंतकियों का एनकाउंटर करने वाले क्राइम ब्रांच के DSP डीएस चौहान टीम को लीड कर रहे थे। इन्हें डीआईजी रमन सिंह सिकरवार ने अपने पत्र में अनफिट बताया था। एक मीडिया खबर के अनुसार, डीआईडी 8 अगस्त को पुलिस मुख्यालय को एक पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि चौहान अनफिट हैं। उन्हें भोपाल जिले से बाहर पदस्थ किया जाना ज्यादा उचित होगा। बताया जाता है कि चौहान को स्पाइनल यानी रीढ़ में परेशानी है। वकील को नहीं दिया गया मिलने... इस बीच हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सिमी संदिग्धों के वकील परवेज आलम को जेल में मुलाकात नहीं करने दी गई। उनके मुताबिक, वे शुक्रवार और शनिवार दो दिन जेल गए, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। अगली स्लाइड्स में देखें संबंधित PHOTOS यह भी पढ़ें <a href='http://m.bhaskar.com/news/MP-BPL-HMU-simi-terrorist-encounter-in-bhopal-news-hindi-5450513-NOR.html'>Photos: रहस्य से नहीं उठा पर्दा, आखिर सिमी आतंकियों ने कहां बदले थे कपड़े</a> <a href='http://m.bhaskar.com/news/NAT-NAN-simi-terrorists-flee-from-bhopal-jail-news-hindi-5450279-NOR.html'>भोपाल सेंट्रल जेल से फरार 8 सिमी आतंकी मारे गएः गार्ड का मर्डर कर भागे थे, चादर की रस्सी बनाकर फांदी थी दीवार</a>

bhopal encounter: HC ने खारिज की उच्चस्तरीय जांच कराने की याचिका

bhopal encounter: HC ने खारिज की उच्चस्तरीय जांच कराने की याचिका

Last Updated: November 12 2016, 11:05 AM

भोपाल। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल में सिमी आतंकियों के एनकाउंटर की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग संबंधी जनहित याचिका खारिज कर दी। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस राजेन्द्र मेनन और जस्टिस अंजलि पालो की बेंच में जवाब दिया गया कि इसकी जांच पहले ही सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के मुताबिक हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज एसके पाण्डे को सौंपी जा चुकी है। यह कहा कोर्ट ने... जनहित याचिका में मांग की गई थी कि राज्य सरकार द्वारा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस एसके पांडे की अध्यक्षता में बनाई गई एक सदस्यीय जांच सीमित के बजाए हाईकोर्ट की सिंटिंग जज द्वारा यह जांच हो। हाईकोर्ट की बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा कि उनके द्वारा याचिका में उठाए गए मुद्दे-जेल अधिकारियों की जेल ब्रेक में भूमिका और उनकी संपत्ति की सीबीआई से जांच, एनकाउंटर के फर्जी होने से संबधित सभी मांगें पाण्डे की जांच सीमित के सामने उठाएं।

Bhopal Encounter के बाद चर्चा में हैं देश के ये 10 एनकाउंटर स्पेशलिस्ट

Bhopal Encounter के बाद चर्चा में हैं देश के ये 10 एनकाउंटर स्पेशलिस्ट

Last Updated: November 09 2016, 10:04 AM

भोपाल। इन दिनों हर तरफ भोपाल एनकाउंटर की ही चर्चा हो रही है। कुछ लोग एनकाउंटर को जायज बता रहे तो कुछ इसे फर्जी साबित करने पर अड़े हैं। आरोप-प्रत्यारोप के बीच मप्र सरकार ने घटना की न्यायिक जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। गौरतलब है कि भोपाल केंद्रीय जेल से 30 और 31 अक्टूबर की दरम्यानी रात सिमी के आठ आतंकवादी फरार हो गए थे, जिन्हें भोपाल पुलिस ने एनकाउंटर कर मार गिराया था। एनकाउंटर के बाद से ही मप्र के जाने-माने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट डॉ. गाजीराम मीणा एक बार फिर चर्चा में है। मीणा अपनी कार्यशैली की वजह से कई बार विवादों में भी रहे हैं। dainikbhaskar.com आपको बता रहा है देश के 10 सबसे मशहूर 10 एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के बारे में... नाम- डॉ. गाजीराम मीणा। एनकाउंटर- 65 से ज्यादा। खास बातें- -मध्य प्रदेश पुलिस के एडीजी डॉ. गाजीराम मीणा ने 1990 में भारतीय पुलिस सेवा में करियर शुरू किया। - 2012 तक 22 साल में 65 से ज्यादा डकैतों को मुठभेड़ में मार गिराया। झाबुआ, भिंड, रीवा, सतना की 31 मुठभेड़ में इन डकैतों को मारा गया। - दिसंबर 2011 में किए एनकाउंटर में डकैत सुंदर पटेल गैंग का सफाया करने के लिए उन्हें प्रेसिडेंट ब्रेवरी अवार्ड के लिए चुना गया था। - मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मीणा जब 1990 में बेतिया पश्चिमी चंपारण में ट्रेनिंग पर थे, तब उन्होंने एक बदमाश का सरिये से एनकाउंटर किया था। आगे की स्लाइड्स पर पढ़ें देश के सबसे मशहूर एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के बारे में विस्तार से...

bhopal encounter: आखिर 8 आतंकियों को शूट करने की जरूरत क्यों पड़ी, होगी जांच

bhopal encounter: आखिर 8 आतंकियों को शूट करने की जरूरत क्यों पड़ी, होगी जांच

Last Updated: November 09 2016, 10:03 AM

भोपाल। सेंट्रल जेल भोपाल से 30-31 अक्टूबर की दरम्यानी रात को आठ विचाराधीन बंदियों के जेल से भागने और मुठभेड़ में मृत्यु होने की घटना की जांच के बिन्दु तय किए गए हैं। उधर, मंगलवार को सरकार ने जेल ब्रेक करने के मामले में DIG जेल मंशाराम पटेल सस्पेंड कर दिया है। यह है मामला... मुख्यमंत्री चौहान ने घटना की जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एसके पाण्डे की अध्यक्षता में एक-सदस्यीय जांच आयोग गठित करने की घोषणा की थी। जांच आयोग का मुख्यालय भोपाल होगा। आयोग अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से 3 माह के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा। अधिसूचना जारी राज्य शासन ने जांच आयोग और उसके जांच के बिन्दु की अधिसूचना सोमवार को जारी की है। जांच आयोग जेल से विचाराधीन बंदियों के फरार होने और ग्राम मनीखेड़ा थाना गुनगा जिला भोपाल के निकट पुलिस मुठभेड़ में बंदियों की मृत्यु की घटना की जांच निम्न बिन्दुओं पर करेगा- दिनांक 30-31 अक्टूबर की दरम्यानी रात में केन्द्रीय जेल भोपाल से आठ विचाराधीन बंदी किन परिस्थितियों एवं घटनाक्रम में जेल से फरार हुए? उक्त घटना के लिये कौन अधिकारी एवं कर्मचारी उत्तरदायी हैं? ग्राम मनीखेड़ा थाना गुनगा जिला भोपाल के निकट 31 अक्टूबर को फरार आठ बंदियों के साथ हुई पुलिस मुठभेड़, जिसमें सभी आठ बंदियों की मृत्यु किन परिस्थितियों एवं घटनाक्रम में हुई? क्या मुठभेड़ में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई बाजिब थी? कारागार से बंदियों के फरार होने की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके संबंध में सुझाव। ऐसा अन्य विषय, जो जांच के लिए जरूरी हों। आगे की स्लाइड्स पर देखें तस्वीरें...

भोपाल एनकाउंटर का बदला यूपी से ले सकते हैं सिमी आतंकी, ATS के रडार पर 40 संदिग्‍ध

भोपाल एनकाउंटर का बदला यूपी से ले सकते हैं सिमी आतंकी, ATS के रडार पर 40 संदिग्‍ध

Last Updated: November 07 2016, 14:44 PM

लखनऊ. भोपाल जेल से फरार हुए सिमी आतंकियों के एनकाउंटर का बदला लेने के लिए यूपी को निशाना बनाया जा सकता है। डीजीपी जाविद अहमद ने यूपी में अलर्ट जारी किया है। एटीएस ने भोपाल एनकाउंटर के बाद से सिमी के सक्रिय 40 सदस्यों पर निगरानी कड़ी कर दी है। सोशल मीडिया और गुप्त मीटिंग के जरिए टीम बना रहे आतंकी - एटीएस के एक आधिकारी के मुताबिक भोपाल इनकाउंटर के बाद सिमी के सक्रिय सदस्य सोशल मीडिया साइट और गुप्त मीटिंग के जरिए नए लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। - इनकी इस हरकत से लग रहा है कि ये भोपाल एनकाउंटर का बदला लेने के लिए यूपी को निशाना बना सकते हैं। - इसके चलते डीजीपी जाविद अहमद ने प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। एटीएस खासतौर से यूपी के कई शहरों में एक्टिव सिमी के सक्रिय सदस्यों पर निगरानी रखे हुए है। - वहीं, पिछले दस वर्षों से वीजा लेकर अलग-अलग कारणों से पाकिस्तान से भारत आए नागरिक भी सुरक्षा एजेंसी के रडार पर हैं। ये था भोपाल एनकाउंटर - भोपाल पुलिस के मुताबिक, 30 अक्टूबर की देर रात आठ आतंकी भोपाल जेल से फरार हो गए। - भागने से पहले उन्होंने एक जेल गार्ड का मर्डर किया था। एक और गार्ड को उन्होंने बांध दिया था। - आतंकियों के भागने के साथ ही पुलिस हरकत में आई। पुलिस के मुताबिक, सुबह उन्हें आतंकियों की लोकेशन पता लगी। - इसके बाद एसटीएफ वहां पहुंची। आतंकियों से सरेंडर करने को कहा। लेकिन उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। - एसटीएफ की जवाबी फायरिंग में आठों आतंकी मारे गए।

कैमरों से निगरानी के लिए नाइट शिफ्ट में 1 कर्मचारी, दिवाली की रात उसकी भी छुट्‌टी

कैमरों से निगरानी के लिए नाइट शिफ्ट में 1 कर्मचारी, दिवाली की रात उसकी भी छुट्‌टी

Last Updated: November 06 2016, 10:27 AM

भोपाल. जेल में रात के वक्त सीसीटीवी कैमरों से कैदियों की निगरानी करने वाले एकमात्र कर्मचारी को दिवाली की रात डिप्टी जेलर ने छुट्टी दे दी थी। उसे त्योहार पर छुट्टी इसलिए भी दे दी गई थी, क्योंकि हाई सिक्योरिटी सेल में लगे तीनों कैमरे 9 अक्टूबर से बंद थे। -बैरकों की बाहर से निगरानी वाले अन्य 44 कैमरों में नाइट विजन था ही नहीं। इनमें से भी 8 बंद थे। यानी, रात में कैदियों की कैमरों से निगरानी की पूरी व्यवस्था बंद थी। -यह खुलासा जेल ब्रेक की जांच में हुआ है। जांच अधिकारियों ने वारदात के बाद सीसीटीवी के फुटेज के अलावा अन्य रिकाॅर्ड भी जब्त करने शुरू कर दिए हैं। -पता चला है कि जिस रात आतंकियों ने जेल ब्रेक की वारदात को अंजाम दिया, उस रात सीसीटीवी का कंट्रोल रूम बंद था। -सीसीटीवी फुटेज नहीं होने के कारण छह दिन बाद भी घटना से जुड़ा कोई सबूत हाथ नहीं लग सका है। -यानी बैरक से बाहर निकलने से लेकर जेल की मुख्य दीवार फांदने तक की कोई भी गतिविधि कैमरे में कैद नहीं है। बाहर के कैमरों में सिर्फ सात दिन का डाटा: -अफसरों को इस बात पर भी आश्चर्य है कि जिस बैरक में आतंकियों को रखा गया है, सिर्फ उसमें लगे कैमरों की रिकार्डिंग क्षमता एक माह की है। -बैरक की बाहर से निगरानी करने वाले कैमरों में सिर्फ सात दिन के ही फुटेज स्टोर हो सकते हैं। वह भी सिर्फ दिन की गतिविधियों की। -रात में होने वाले किसी भी मूवमेंट पर कैमरे की नजर नहीं थी। इसका मतलब यह है कि जेल में आतंकी दिन में क्या कर रहे थे, इसका रिकॉर्ड नहीं है। -रात में भागे कैसे- कहां से भागे, इसका भी पता नहीं चल पाएगा। कैमरे बंद रहे, अफसर चिट्ठी लिखकर करते रहे खानापूर्ति -हाई सिक्यूरिटी सेल के कैमरे 21 दिन तक बंद रहे। जांच में यह भी सामने आया है कि इन्हें चालू कराने के लिए जेल प्रशासन ने मेंटनेंस करने वाली कंपनी को चिट्ठी लिखकर खानापूर्ति कर दी। -जबकि जेल अधीक्षक और सीसीटीवी के कंट्रोल रूम में आठ कर्मचारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे। जेल में 47, पीएचक्यू में 120 कैमरे -लगभग डेढ़ किलोमीटर एरिया में फैले जेल के 150 बैरकों में बंद कैदियों की निगरानी के लिए केवल 47 कैमरे लगाए गए हैं, जबकि पुलिस मुख्यालय की 120 कैमरों से सुरक्षा हो रही है। -हालांकि आतंकियों के भागने की घटना के बाद जेल में 30 नए कैमरे लगाए जा रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें, फोटाे...

SIMI आतंकी दीवार चढ़ने करते थे मटकी फोड़ने की प्रेक्टिस, रोटियां जला बनाईं चाबी

SIMI आतंकी दीवार चढ़ने करते थे मटकी फोड़ने की प्रेक्टिस, रोटियां जला बनाईं चाबी

Last Updated: November 05 2016, 17:39 PM

भोपाल। सिमी आतंकियों के एनकाउंटर के बाद पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश भर की पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। पुलिस को आशंका है कि कुछ जिलों में इस घटना को लेकर सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन सकती है। इसलिए यह अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने भोपाल, उज्जैन, खंडवा, बुरहानपुर, इंदौर और नरसिंहपुर जिलों में अलर्ट घोषित किया है। पुलिस सिमी के नेटवर्क और सोशल मीडिया पर नजर रख रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिमी आतंकियों ने मटकी फोड़ प्रतियोगिता के बहाने दीवार चढ़ने की प्रैक्टिस की थी। वे पिछले कुछ दिनों से अक्सर आपस में मटकी फोड़ प्रतियोगिता रखते थे और खेल-खेल में दीवार चढ़ने की कोशिश करते थे। उनकी इस हरकत पर अधिकारियों को कभी संदेह नहीं हुआ। ऐसे रोटियां जलाकर आतंकियों ने टूथब्रश को बनाया चाबी जांच में जुटे अधिकारियों के अनुसार टूथब्रश से चाबी बनाने के काम को आतंकियों ने रात में ही अंजाम दिया। पिछले कई महीनों से आतंकियों ने जेल में इतना हंगामा मचा रखा था। इसकी वजह से रात तो दूर, दिन में भी इनके बैरक के तरफ कोई जेल कर्मी या अधिकारी नहीं जाता था। रात में आतंकी इन रोटियों को जलाकर टूथब्रश को इतना ही गर्म करते थे, जिससे वे पिघले नहीं, बल्कि मेल्ट हो जाएं। इसके बाद नरम हो चुके टूथब्रश को वे ताले के अंदर डालकर जरूरत अनुसार दांतों से चबा लेते थे। ब्रश पर ताले के शुरुआती हिस्से के हल्के पड़े छाप को वे चाबी की तरह बारिक बनाते थे, इस तरह वे प्लास्टिक की डुप्लीकेट चाबी बनाने में सफल रहे। 4 महीने से नहीं हुई थी बैरक की जांच सिमी के आतंकी खाने के वक्त हमेशा अतिरिक्त रोटी की डिमांड करते थे। वे इन रोटियों को खाने के बजाए सुखाकर रख लेते थे। आतंकियों ने 40 दिनों तक ऐसा किया, जिसके बाद जेल ब्रेक की असली साजिश को अंजाम दिया गया। जांच में यह भी बात सामने आई है कि पिछले चार महीने से आतंकियों के बैरक की जांच नहीं हुई थी। इसी बात का फायदा आतंकियों ने उठाया और वे जेल में चाबी और हथियार बनाने में भी सफल रहे। सस्पेंड एडीजी ने दिए थे समय-समय पर ताले बदलने के निर्देश सिमी आतंकियों की हरकतों की वजह से सस्पेंड हो चुके एडीजी सुशोभन बनर्जी ने भी समय-समय पर बैरक के ताले बदलने के निर्देश दिए थे। लेकिन, उनके निर्देशों का पालन नहीं हुआ। जेल के कई अधिकारियों के आदेश नहीं मानने के कारण ही ऐसा हुआ। फिलहाल एसआईटी टीम इसकी भी जांच कर रही है। आगे की स्लाइड्स पर देखें तस्वीरें...

6 महीने से बात नहीं कर रही थी GF, BF ने बस से उतार के मारे ताबड़तोड़ चाकू

6 महीने से बात नहीं कर रही थी GF, BF ने बस से उतार के मारे ताबड़तोड़ चाकू

Last Updated: November 05 2016, 12:48 PM

भोपाल/सीधी/रीवा। 28 अक्टूबर को एकआदतन अपराधी ने बस में सवार कॉलेज छात्रा पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने बुधवार-गुरुवार देर रात अपराधी को गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि आरोपी ने घटना को अंजाम देने से पहले सड़क पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी और छात्रा को बस से उतारकर उस पर चाकू से हमला कर दिया था। किसी बात को लेकर थी अनबन... पुलिस पूछताछ में आरोपी शिवेंद्र सिंह ने बताया कि छात्रा संजू के साथ उसका प्रेम-प्रसंग चल रहा था। 6 महीने पहले दोनों की किसी बात को लेकर लड़ाई हो गई थी, उसके बाद से छात्रा ने आरोपी से बातचीत बंद कर दी थी। आरोपी ने कई बार छात्रा से मिलने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। गुस्साए शिवेंद्र ने छात्रा की हत्या की योजना बना डाली और 28 अक्टूबर को मौका मिलते ही उसने छात्रा की हत्या कर दी। पढ़ें क्या था पूरा मामला... - पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के कुशमी की रहने वाली कॉलेज छात्रा संजू सिंह 28 अक्टूबर को दिवाली मनाने के लिए अपने घर जा रही थी। उसी वक्त आरोपी शिवेंद्र सिंह ने गोतरा गांव के पास बस को रोक लिया और छात्रा को बस से उतारकर उस पर चाकू से हमला कर दिया था। - हमले में छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया था। हालांकि पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया है, लेकिन अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है कि उसने हत्या क्यों की थी। -फिलहाल पुलिस इसे एकतरफा प्रेम का मामला मानकर जांच कर रही है। बस में छात्रा से की थी छेड़छाड़ -छात्रा रीवा से सीधी पहुंची थी। इसके बाद कुशमी जाने वाली महाबली ट्रेवल्स की बस में सवार हो गई थी। -छात्रा के बारे पूरी जानकारी जुटाने के बाद आरोपी रास्ते में पड़ने वाले स्टॉप भदोरा से बस में सवार हुआ था। -बस में चढ़ते ही आरोपी ने छात्रा के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी थी। -छात्रा ने छेड़छाड़ का विरोध किया तो आरोपी ने बस में उसके साथ मारपीट की थी। -इस दौरान बस में सवार यात्रियों ने आरोपी को पीछे की सीट पर बैठा दिया था। अगले स्टॉप पर आरोपी ने किया हंगामा -आरोपी और छात्रा को अलग-अलग बैठाने के बाद बस अगले स्टॉप के लिए चल पड़ी थी। -जैसे ही बस अगले स्टॉप पर पहुंची आरोपी ने बस से नीचे उतरकर हंगामा शुरू कर दिया। -बस से सामने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और पेट्रोल से भरी गैलन लेकर बस में चढ़ गया था। -आरोपी ने बस में सवार यात्रियों को डराया-धमकाया और छात्रा को नीचे उतारकर उसके साथ मारपीट की। -इस दौरान ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को बचाने की कोशिश की तो आरोपी ने उन पर भी चाकू से हमला कर दिया था। -इस वारदात में कंडक्टर अशोक गुप्ता को गंभीर चोट आई थी। मदद के लिए चिल्लाती रही छात्रा, देखते रहे लोग -आरोपी ने एक के बाद एक छात्रा पर कई हमले किए थे। इस दौरान छात्रा बार-बार लोगों से मदद मांगती रही, लेकिन कोई आगे नहीं आया। -आरोपी के भाग जाने के बाद यात्रियों ने ही डायल 100 को वारदात की सूचना दी थी। -लगातार हमले के कारण छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई थी। -परिजनों ने बताया कि संजू रीवा जिले के एक हॉस्टल में रहकर बीए सेकंड इयर की पढ़ाई कर रही थी। -दिवाली की छुट्टियों में वह घर लौट रही थी, लेकिन रास्ते में शिवेंद्र ने उसकी हत्या कर दी। आगे की स्लाइड्स पर देखें तस्वीरें...

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