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Bhopal Murder Mystery

मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश को दफनाया था ऐसे

मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश को दफनाया था ऐसे

Last Updated: March 13 2017, 11:50 AM

भोपाल (मप्र). यहां के <a href='http://www.bhaskar.com/news-campaign/bhopal-murder-mystery/'>हाईप्रोफाइल मर्डर केस</a> में नया खुलासा हुआ है। गर्लफ्रेंड का मर्डर कर उसकी लाश को बक्से में डालकर सीमेंट का चबूतरा बनाने वाले आरोपी ने अपने मां-बाप की हत्या करने की बात भी कबूल की है। आरोपी उदयन दास (32) ने शनिवार को पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया। उसने बताया कि रायपुर में 2011 में माता-पिता की हत्या करने के बाद उसने उनकी लाश घर के आंगन में ही गाड़ दी थी। क्या है यह मर्डर केस, अब क्या हुआ खुलासा... - पश्चिम बंगाल के बांकुरा में रहने वाले देवेंद्र कुमार शर्मा की बेटी आकांक्षा उर्फ श्वेता (28) की 2007 में उदयन नाम के लड़के से ऑरकुट पर दाेस्ती हुई थी। - जून 2016 में घर से नौकरी करने की बात कहकर अाकांक्षा भोपाल आ गई। यहां वह उदयन के साथ रहने लगी। उसने परिवारवालों को बताया कि मैं अमेरिका में नौकरी कर रही हूं। - जुलाई 2016 के बाद आकांक्षा के परिवारवालों से बात होनी बंद हो गई। भाई ने नंबर ट्रेस कराया तो लोकेशन भोपाल की निकली। - परिवार के लोगों को शक था कि आकांक्षा उदयन के साथ रह रही है। दिसंबर 2016 में आकांक्षा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई। - एक महीने की जांच के बाद पुलिस उसके ब्वॉयफ्रेंड उदयन के घर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। - पूछताछ में उसने आकांक्षा की हत्या की बात कबूली। माता-पिता के बारे में क्या बोला उदयन? - उदयन ने पुलिस को बताया कि, 2011 में वो अपने मां-बाप का भी मर्डर कर चुका है। - इसके बाद रायपुर (छत्तीसगढ़) में शांति नगर स्थित अपना मकान बेच दिया था। - आरोपी के मुताबिक, दोनों की लाशें उसने आंगन में ही गाड़ दी थीं। -रविवार को रायपुर पहुंची पुलिस ने उदयन के पुराने मकान में खुदाई के दौरान दो नर-कंकाल बरामद किए है। - शनिवार को आकांक्षा का सुभाष नगर विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उसके परिवार के लोग मौजूद थे। मां का फोन नंबर देने को राजी नहीं था, इसलिए गहराया शक - उदयन के पिता वीके दास भेल में फोरमैन थे। उदयन की मां विध्यांचल भवन में एनालिस्ट की पोस्ट से रिटायर हुई थीं। - मां की पेंशन लगभग 30 हजार रुपए आती है। फेडरल बैंक एमपी नगर शाखा में पिता के साथ उदयन का ज्वाइंट अकाउंट है। - उदयन मां की पेंशन हर माह निकालता था। लेकिन वह कहां हैं, यह बताने को तैयार नहीं था। मां का नंबर भी देने को तैयार नहीं था। उदयन ने आकांक्षा की हत्या क्यों की थी? - आकांक्षा अपने एक दोस्त से फोन पर अक्सर बात करती थी। यह बात उदयन को नागवार गुजरती थी। - 14 जुलाई 2016 की रात आकांक्षा और उदयन के बीच जमकर बहस हुई थी। आकांक्षा सो गई, लेकिन उदयन रातभर जागता रहा। मारने की प्लानिंग करता रहा। - 15 जुलाई की सुबह वह आकांक्षा के सीने पर बैठ गया और तकिए से उसका तब तक मुंह दबाता रहा, जब तक कि उसकी सांसें नहीं थम गईं। - इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसने हाथ से उसका गला घोंट दिया। बॉडी सीमेंट के चबूतरे में दफन कर दी - आकांक्षा के मर्डर के बाद उसकी बाॅडी को उदयन दूसरे कमरे में ले गया। पुराना बॉक्स खाली कर उसमें शव डाल दिया। - करीब एक घंटे बाद उसने बॉक्स में सीमेंट का घोल भर दिया। फिर उसे एक सीमेंट के चबूतरे में दफन कर दिया। - बॉक्स में कंक्रीट भरने और चबूतरा बनाने में आरोपी उदयन ने कुल 14 बोरी सीमेंट का इस्तेमाल किया था। - उदयन ने बताया कि शव काे बॉक्स में दफनाने का आइडिया इंग्लिश चैनल पर वॉकिंग डेथ सीरियल से मिला था। इसमें उसने एक ऐसी ही मर्डर मिस्ट्री देखी थी। - हत्या के बाद वह चबूतरे पर ही गद्दा बिछाकर सो जाता था। चबूतरे पर परफ्यूम भी छिड़कता था। गुरुवार को हुआ था खुलासा - सब इंस्पेक्टर सतेन्द्र सिंह कुशवाह ने बताया, गुरुवार को जब हम उदयन के घर पहुंचे तो वहां बाहर से ताला लगा था। - मैं दूसरे छज्जे से चढ़कर दरवाजे पर पहुंचा। माहौल देखकर कुछ अजीब-सा लग रहा था। - धीमे से आवाज लगाई। अंदर से थोड़ा-सा दरवाजा खुला। मैंने तुरंत एक लड़के को कॉलर पकड़कर बाहर खींच लिया। यह उदयन था। - उससे आकांक्षा के बारे में पूछा। पहले तो उसने जवाब नहीं दिया, लेकिन सख्ती से पूछा तो उसने कहा- हां, मैंने आकांक्षा को मार दिया। वह चबूतरे के नीचे है। - मैंने उससे पूछा कि यह चबूतरे के ऊपर फंदा क्यों लगाया है। उसने कहा- मैं भी जान देना चाहता था। - आकांक्षा की बॉडी सीमेंट में चिपकी हुई थी। सीमेंट के चलते चबूतरा इतना मजबूत हो गया था कि ड्रिल मशीन भी टूट गई थी। - उदयन के घर में इतनी गंदगी थी कि बदबू के कारण अंदर जाना मुश्किल था। - आकांक्षा का शव ममी जैसा था। दफनाने से पहले उसका चेहरा एक पॉलिथीन से ढका गया था। नशे का आदी है साइको किलर - भोपाल की साइकोलॉजिकल एनालिस्ट डॉ. प्रीति माथुर ने कहा, मैंने आकांक्षा जैसी अच्छे घर की पढ़ी-लिखी लड़की की मेंटल सिचुएशन का एनालिसिस किया। उसमें फाइनेंशियल इनसिक्योरिटी का भाव नहीं था। उदयन नशे का आदी था, बेरोजगार था, अकेला था। आकांक्षा को बातों ही बातों में अपने अकेलेपन के इमोशंस के चलते फंसाया होगा। - आकांक्षा को लगा होगा कि उसके इमोशनल सपोर्ट की उदयन को जरूरत है। वह उसे सुधार पाएगी। उसने उदयन को आर्थिक रूप से सपोर्ट भी किया। कई लड़कियां इमोशनल होकर ऐसी गलतियां करती हैं। उन्हें पता नहीं होता कि वे क्या कर रही है। जबकि उन्हें किसी भी अजनबी से नजदीकी बढ़ाने में बहुत सावधान होना चाहिए। अपनों के साथ जानकारी शेयर करना चाहिए। पर्दाफाश मगर उसके चेहरे पर शिकन तक नहीं इतनी बड़ी वारदात के खुलासे के बावजूद उदयन के चेहरे पर कोई शिकन नजर नहीं आई। पुलिस ने शुक्रवार को उसे अदालत में नकाब में पेश किया था। मजिस्ट्रेट के सामने पहुंचा तो नकाब हटाया गया। पुलिस से बातचीत में भी वह घबराया हुआ नजर नहीं आ रहा था।

हाइप्रोफाइल ट्रिपल मर्डर: कहीं उदयन ने जिंदा ही तो नहीं दफना दिया था मां को!

हाइप्रोफाइल ट्रिपल मर्डर: कहीं उदयन ने जिंदा ही तो नहीं दफना दिया था मां को!

Last Updated: February 10 2017, 18:56 PM

भोपाल। प्रेमिका और माता-पिता की हत्या कर उन्हें दफनाने वाले उदयन दास के खुलासे से पुलिस भी परेशान हो गई है। बंगाल पुलिस आकांक्षा की हत्या के कारण जानने में लगी है। वहीं, रायपुर पुलिस इस बात की जानकारी जुटा रही है कि उदयन ने जब दास दंपति को दफनाया, तो उनमें से कोई जिंदा तो नहीं थी? पुलिस को है शक इंद्राणी दास को दफनाया जिंदा... यह है पूरा मामला - पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दास दंपति मामले की जांच कर रही टीम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पुलिस को शक है कि, उदयन ने जब दास दंपति को दफनाया था, तब इंद्राणी दास की सांस चल रही थी। - इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के फोरेंसिक लैब में एक्सपर्ट काम कर रहे हैं। जैसा कि उदयन ने अपने बयान में कहा था कि, उसने मां इंद्राणी का गला आलमारी में कपड़ा रखते वक्त दबाया था। - इससे संभावना जताई जा रही है कि बेहोश इंद्राणी दास को उदयन ने मृत समझकर दफना दिया होगा। एक्सपर्ट कर रहे हैं जांच एक्सपर्ट के अनुसार कब्र से निकली हड्डियों में मांस नहीं बचा था। इसलिए हड्डियों को साफ कर चोट के निशान ढूंढने के लिए बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। कंकाल के बालों और दांतों के आधार पर डीएनए टेस्ट किया जा रहा है, हालांकि अभी उदयन दास के सैंपल नहीं लिए गए हैं। इसलिए की थी प्रेमिका की हत्या -पूछताछ में उदयन ने बंगाल पुलिस को बताया है कि आकांक्षा को उसके फर्जीवाड़ों के बारे पता चल गया था। -इस बात को लेकर आकांक्षा और उदयन के बीच बहुत लड़ाई हुई थी। -उदयन को डर था कि आकांक्षा अपने घर वालों से बात करके सारी सच्चाई उनको बता देगी। -सच्चाई बाहर आने के डर से उसने आकांक्षा की हत्या कर दी। पुलिस ने बनाया था वाट्सएप ग्रुप- -उदयन को पकड़ने के लिए गठित एसआईटी ने वाट्सएप ग्रुप बनाया था। -इस ग्रुप में पुरानी बस्ती सीएसपी राजीव शर्मा, टीआई पृथ्वी दुबे, वीरेंद्र चतुर्वेदी, सतीश सिंह, कलीम खान और उपनिरीक्षक चंद्रशेखर श्रीवास शामिल थे। -इस ग्रुप में हर पल की सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा था, जिसके एडमिन कलीम खान है। आगे की स्लाइड्स पर देखें तस्वीरें... यह भी पढ़ें <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-high-profile-murder-mystery-psycho-lovers-story-bp0828-NOR.html'>मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश पर चबूतरा बनाने वाले का खुलासा</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-high-profile-murder-mystery-psycho-lovers-story-bp0828-NOR.html'>मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश पर चबूतरा बनाने वाले का खुलासा</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-girlfriends-murder-sensational-crime-bp0828-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर: इतनी मजबूत बनाई प्रेमिका की कब्र, ड्रिल मशीन तक टूट गई</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-boyfriend-admitted-murder-of-his-girlfriend-bp0851-NOR.html'>आईआईटीयन ने किया पत्नी का मर्डर, घर में ही चबूतरा बनाकर दफन कर दिया</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-many-girls-were-with-regard-to-accused-bp0851-NOR.html'>इस साइको किलर की थीं कई GF, एक प्रपोजल ठुकराने पर खौला था खून</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-udayan-das-was-inspired-by-the-walking-dead-tv-series-bp0851-NOR.html'>ये सीरियल देख प्रेमी ने किया था प्रेमिका का मर्डर, ऐसे लगाई थी लाश ठिकाने</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-without-any-document-municipality-had-issued-a-death-certificate-bp0851-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर: इंद्राणी की मौत का कोई दस्तावेज नहीं, फिर भी मृत्यु प्रमाण पत्र बना</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-accused-udayan-killed-his-parents-in-2011-bp0851-NOR.html'>नर-कंकाल के साथ मिली सोने की चूडिय़ां, खुदाई के लिए बुलानी पड़ी थी जेसीबी</a>

भोपाल के साइको किलर की थीं 12 GF: 10 अब भी लापता

भोपाल के साइको किलर की थीं 12 GF: 10 अब भी लापता

Last Updated: February 09 2017, 17:22 PM

भोपाल. लिव-इन पार्टनर और माता-पिता की हत्या के आरोपी उदयन दास को बांकुरा (पश्चिम बंगाल) कोर्ट ने 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। उधर, रायपुर पुलिस टीम उदयन की मां इंद्राणी दास और पिता वीके दास की हत्या मामले की जांच के लिए बुधवार को भोपाल पहुंची। वहीं, भोपाल पुलिस उदयन के मोबाइल से मिले लड़कियों के नंबर की जांच भी कर रही है। अब तक पता चला है कि उदयन की 12 गर्लफ्रेंड थीं। इनमें से 2 के ही बारे में मालुम चल सका है। साकेत नगर के घर से मिल सकते हैं अहम सुराग... - पुलिस सूत्रों के अनुसार रायपुर और भोपाल पुलिस मिलकर उदयन के साकेत नगर स्थित घर में पड़ताल करेंगी। - रायपुर पुलिस का अनुमान है कि भोपाल स्थित घर से वीके दास और इंद्राणी दास की बैंक डीटेल और प्रॉपर्टी का ब्योरा मिल सकता है। - इस जानकारी के आधार पर पुलिस उदयन से ट्रिपल मर्डर केस के साथ ही साथ प्रॉपर्टी, बैंक बैलेंस सहित अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ करेगी। 12 लड़कियों के कॉन्टेक्ट में था उदयन - भोपाल पुलिस ने उदयन की कॉल डिटेल के आधार पर 12 लड़कियों के फोन नंबर निकाले हैं, जो लगातार उससे कॉन्टैक्ट में थीं। - इन 12 लड़कियों में से दो से भोपाल पुलिस ने कॉन्टेक्ट कर लिया है, जल्द ही उनसे पूछताछ की जाएगी। - जबकि अन्य 10 लड़कियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। - जानकारी के अनुसार ये लड़कियां आकांक्षा की हत्या के पहले तक उदयन के कॉन्टेक्ट में थीं। मां के डेथ सर्टिफिकेट की जांच में जुटी पुलिस - बुधवार को रायपुर पुलिस की एक टीम ने इंद्राणी दास के डेथ सर्टिफिकेट की जांच शुरू की। बता दें कि उदयन ने इटारसी नगर पालिका से जारी डेथ सर्टिफिकेट में मां की मौत नर्स हेलिना दास के घर 5 फरवरी 2013 को होना बताया था। - 8 फरवरी को उसने आवेदन देकर सर्टिफिकेट बनवाया था। इसमें उसने मूल निवास सुंदर नगर रायपुर बताया था। हेलिना इटारसी के श्यामाप्रसाद मुखर्जी अस्पताल में पोस्टेड थी। अभी वह जिला अस्पताल होशंगाबाद में है। - इस मामले में हेलिना का कहना है कि वह कभी उदयन से मिली तक नहीं, न ही उसको जानती है। - माता-पिता की हत्या के बाद उदयन ने मां के नाम रजिस्टर्ड रायपुर के मकान को बेचने की तैयारी कर ली थी। इसी के लिए उसने इटारसी, होशंगाबाद नगर पालिका से मां के नाम का डेथ सर्टिफिकेट बनवाया था। - डेथ सर्टिफिकेट में इंद्राणी की मौत 05-02-2013 को होनी बताई गई है, जबकि सर्टिफिकेट बनवाने की तारीख 08-02-2013 दर्ज है। - भोपाल पुलिस भी इस सर्टिफिकेट की जांच कर रही है। अगर सर्टिफिकेट फर्जी तरीके से बनवाया गया होगा तो उदयन और नगर पालिका के इम्प्लॉई के खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा। क्या था मामला? - सीरियल किलर उदयन ने 2 फरवरी को प्रेमिका आकांक्षा की हत्या का जुर्म कबूल करने के बाद अपने माता-पिता की हत्या करने की बात भी कही थी। - आरोपी के बताए अनुसार पुलिस ने भोपाल से प्रेमिका और रायपुर से उसके माता-पिता के शव बरामद किए थे। यह भी पढ़ें... <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-high-profile-murder-mystery-psycho-lovers-story-bp0828-NOR.html'>मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश पर चबूतरा बनाने वाले का खुलासा</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-high-profile-murder-mystery-psycho-lovers-story-bp0828-NOR.html'>मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश पर चबूतरा बनाने वाले का खुलासा</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-girlfriends-murder-sensational-crime-bp0828-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर: इतनी मजबूत बनाई प्रेमिका की कब्र, ड्रिल मशीन तक टूट गई</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-boyfriend-admitted-murder-of-his-girlfriend-bp0851-NOR.html'>आईआईटीयन ने किया पत्नी का मर्डर, घर में ही चबूतरा बनाकर दफन कर दिया</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-many-girls-were-with-regard-to-accused-bp0851-NOR.html'>इस साइको किलर की थीं कई GF, एक प्रपोजल ठुकराने पर खौला था खून</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-udayan-das-was-inspired-by-the-walking-dead-tv-series-bp0851-NOR.html'>ये सीरियल देख प्रेमी ने किया था प्रेमिका का मर्डर, ऐसे लगाई थी लाश ठिकाने</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-without-any-document-municipality-had-issued-a-death-certificate-bp0851-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर: इंद्राणी की मौत का कोई दस्तावेज नहीं, फिर भी मृत्यु प्रमाण पत्र बना</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-accused-udayan-killed-his-parents-in-2011-bp0851-NOR.html'>नर-कंकाल के साथ मिली सोने की चूडिय़ां, खुदाई के लिए बुलानी पड़ी थी जेसीबी</a>

गर्लफ्रेंड और पैरेंट्स के कथित किलर उदयन दास पर बांकुरा में भीड़ ने हमला किया

गर्लफ्रेंड और पैरेंट्स के कथित किलर उदयन दास पर बांकुरा में भीड़ ने हमला किया

Last Updated: February 08 2017, 19:28 PM

भोपाल. यहां गर्लफ्रेंड और रायपुर में कथित तौर पर मां-बाप की हत्या के आरोपी उदयन दास पर मंगलवार को वेस्ट बंगाल के बांकुरा में भीड़ ने हमला कर दिया। पथराव भी किया गया। पुलिस बमुश्किल उदयन को कोर्ट में पेश कर पाई। बता दें कि भोपाल और रायपुर में जांच के बाद उदयन को ट्रांजिट रिमांड पर बांकुरा पुलिस को सौंपा गया है। उदयन ने गर्लफ्रेंड आकांक्षा शर्मा का भोपाल में मर्डर करने के बाद उसे घर में चबूतरा बनाकर दफना दिया था। मां-बाप को रायपुर में मारकर कथित तौर पर उन्हें भी घर के गार्डन में दफनाया था। 8 दिन की पुलिस रिमांड पर उदयन... - बांकुरा कोर्ट में पेशी के बाद अदालत ने उदयन को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। भीड़ की वजह से पुलिस को उदयन के साथ 10 मीटर की दूरी भी वाहन से तय करनी पड़ी। - भीड़ में से किसी ने उदयन को पत्थर भी मारा। इसके बाद उसकी सिक्युरिटी बढ़ा दी गई। - रिमांड के दौरान पुलिस उदयन से ये पता लगाने की कोशिश करेगी कि कहीं उसने कोई और मर्डर तो नहीं किया। - उदयन को सोमवार देर रात रायपुर से कोलकाता और फिर बांकुरा लाया गया। बांकुरा थाने के सामने मंगलवार सुबह से भीड़ जुट गई। थाने का गेट बंद कर दिया गया। - पुलिस ने उसका मेडिकल कराया। फिर उसे रात का खाना दिया गया। खाने में मछली की मांग - पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उदयन ने सोमवार रात खाने में साधारण खाने की बजाए मछली मांगी। पुलिस ने इसे नकार दिया। इसके बाद उसने वही खाया जो उसे दिया गया था। ट्रिपल मर्डर मिस्ट्री: साइको किलर के प्रेम में फंस चुकी थी प्रेमिका की सहेली -उदयन दास को आकांक्षा की फ्रेंड से भी प्यार हो गया था। आरोपी ने उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। -इस मामले को लेकर उदयन और आकांक्षा के बीच झगड़ा भी होता रहता था। -उदयन आकांक्षा की फ्रेंड से मिलने कोलकाता भी गया था। - बांकुरा(पश्चिम बंगाल) पुलिस अब आकांक्षा की उस दोस्त को तलाश रही है। यह सारी बातें उदयन के मोबाइल से मिली कॉल डिटेल में सामने आई हैं। -ASP बांकुरा सुकंदुा हिरा के मुताबिक, आरोपी बांकुरा में रहने वाले आकांक्षा के माता-पिता से मिला था। -उसके बाद ही आकांक्षा के परिजनों को उस पर शक हो गया था। उसके जाते ही परिजनों ने थाने में FIR दर्ज कराई थी। -उदयन ने पूछताछ में बंगाल पुलिस को बताया कि, लगभग 7 महीने पहले उसने भोपाल के एक ज्वैलर को मां की पुरानी ज्वैलरी बेची थी। -उधर, भोपाल पुलिस ने उदयन की कॉल डिटेल के आधार पर 12 लड़कियों के फोन नंबर निकाले हैं, जो लगातार उससे संपर्क में थी। -इन 12 लड़कियों में से दो से भोपाल पुलिस ने संपर्क कर लिया है, जल्द ही उनसे पूछताछ की जाएगी। क्या था मामला.. 2 फरवरी को प्रेमिका आकांक्षा की हत्या का जुर्म कबूल करने के बाद सीरियल किलर ने अपने माता-पिता की हत्या करने की बात भी स्वीकार की थी। आरोपी के बताए अनुसार पुलिस ने भोपाल से प्रेमिका एवं रायपुर से उसके माता-पिता के शव बरामद कर किए थे। फिलहाल आरोपी बांकुरा(पश्चिम बंगाल) पुलिस की हिरासत में है। आगे की स्लाइड्स पर देखें तस्वीरें... यह भी पढ़ें... <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-high-profile-murder-mystery-psycho-lovers-story-bp0828-NOR.html'>मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश पर चबूतरा बनाने वाले का खुलासा</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-high-profile-murder-mystery-psycho-lovers-story-bp0828-NOR.html'>मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश पर चबूतरा बनाने वाले का खुलासा</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-girlfriends-murder-sensational-crime-bp0828-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर: इतनी मजबूत बनाई प्रेमिका की कब्र, ड्रिल मशीन तक टूट गई</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-boyfriend-admitted-murder-of-his-girlfriend-bp0851-NOR.html'>आईआईटीयन ने किया पत्नी का मर्डर, घर में ही चबूतरा बनाकर दफन कर दिया</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-many-girls-were-with-regard-to-accused-bp0851-NOR.html'>इस साइको किलर की थीं कई GF, एक प्रपोजल ठुकराने पर खौला था खून</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-udayan-das-was-inspired-by-the-walking-dead-tv-series-bp0851-NOR.html'>ये सीरियल देख प्रेमी ने किया था प्रेमिका का मर्डर, ऐसे लगाई थी लाश ठिकाने</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-without-any-document-municipality-had-issued-a-death-certificate-bp0851-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर: इंद्राणी की मौत का कोई दस्तावेज नहीं, फिर भी मृत्यु प्रमाण पत्र बना</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-accused-udayan-killed-his-parents-in-2011-bp0851-NOR.html'>नर-कंकाल के साथ मिली सोने की चूडिय़ां, खुदाई के लिए बुलानी पड़ी थी जेसीबी</a>

उदयन जैसे ही खतरनाक थे ये 10 साइको-सीरियल किलर, जानें पूरी कहानी

उदयन जैसे ही खतरनाक थे ये 10 साइको-सीरियल किलर, जानें पूरी कहानी

Last Updated: February 07 2017, 13:54 PM

भोपाल। भोपाल में प्रेमिका की हत्या के बाद लाश पर चबूतरा बनाने और रायपुर में मां-बाप को मारकर घर में ही दफन करने वाले उदयन दास ने और भी कई साइको किलर की रौंगटे खड़े कर देने वाली यादें ताजा कर दीं। मर्डर का मकसद भले ही सबका अलग-अगल रहा हो, लेकिन सबने जितनी क्रूरता से इन्हें अंजाम दिया, उनसे ये खूनी इतिहास का हिस्सा बन गए। ज्ञात इतिहास में ठग बेहराम सबसे बड़ा सीरियल किलर... पहले जानें उदयन की कहानी... तीन हत्याओं के बाद लाश को घर में ही दफन करने के कारण कुख्यात हुए उदयन दास को साइको-किलर माना जा रहा है। उसने साल 2011 में माता-पिता की हत्या के बाद शव रायपुर के अपने घर में दफनाने की बात कबूली है। रमन राघव से लेकर ठग बेहराम तक.. जून महीने में 1960 के दशक में मुंबई के सीरियल किलर राघव रमन की कहानी पर पर्दे पर आई फिल्म रमन राघव आई थी। इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने रमन राघव की भूमिका निभाई थी। भारत में सीरियल किलर्स का इतिहास बहुत पुराना है। ज्ञात इतिहास में ठग बेहराम ही अब तक का सबसे बड़ा सीरियल किलर है,जिसने 50 सालों में 931 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। बेहराम ने यह हत्या मप्र के जबलपुर से ग्वालियर और नई दिल्ली के रास्ते में की थी। dainikbhaskar.com उदयनदास का संदर्भ लेते हुए आपको बता रहा है भारत के 10 सबसे खूंखार सीरियल किलर्स के बारे में। इनके हत्या करने का कारण और तरीका भी बेहद घिनौना था। इनके बारे में जानकर एक सिहरन-सी पैदा हो जाती है। अगली स्लाइड्स में पढ़ें इन सीरियल किलर की कहानी... उदयन दास के बारे में पढ़ने करें क्लिक <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-high-profile-murder-mystery-psycho-lovers-story-bp0828-NOR.html'>मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश को दफनाया था ऐसे</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-girlfriends-murder-sensational-crime-bp0828-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर: इतनी मजबूत बनाई प्रेमिका की कब्र, ड्रिल मशीन तक टूट गई</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-10-important-things-pertaining-to-aakanksha-murder-bp0851-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर केस की 10 खास बातें, ऐसे खुलता जा रहा है डरावना रहस्य</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-boyfriend-admitted-murder-of-his-girlfriend-bp0851-NOR.html'>आईआईटीयन ने किया पत्नी का मर्डर, घर में ही चबूतरा बनाकर दफन कर दिया</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-girlfriends-murder-several-sensational-revealed-bp0828-NOR.html'>GF की कब्र पर छिड़कता था परफ्यूम, फिर कॉल गर्ल के साथ बिताता था समय</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-sensational-revelations-in-bhopal-high-profile-murder-mystery-bp0828-NOR.html'>बहन का अंतिम संस्कार करने गए भाई से घक्कामुक्की, ऐसे बच छुड़ाया पीछा</a>

हाईप्रोफाइल मर्डर: इंद्राणी की मौत का कोई दस्तावेज नहीं, फिर भी मृत्यु प्रमाण पत्र बना

हाईप्रोफाइल मर्डर: इंद्राणी की मौत का कोई दस्तावेज नहीं, फिर भी मृत्यु प्रमाण पत्र बना

Last Updated: February 07 2017, 13:53 PM

भोपाल/इटारसी। भोपाल में प्रेमिका की हत्या के बाद लाश पर चबूतरा बनाने वाले <a href='http://www.bhaskar.com/news-campaign/bhopal-murder-mystery/'>उदयन</a> के माता-पिता के शवों के अवशेष रविवार को पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। इस मामले में अब इंद्राणी दास के मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच की जा रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि किसी मनीष ठाकुर नाम के व्यक्ति ने यह मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाकर ले गया था। पढ़ें पूरी खबर... परिजनों की सूचना के आधार पर बनता है म़ृत्यू प्रमाण-पत्र इटारसी नगर पालिका के CMO सुरेश दुबे ने कहा है कि, स्वाभाविक मौते के मामले में नगर पालिका द्वारा कोई दस्तावेज नहीं मांगे जाते हैं। ऐसे मामले में म़ृत्यु प्रमाण-पत्र मृतक के परिजनों की सूचना के आधार पर बनाया जाता है। इसके लिए टीम संबंधित के घर पहुंचकर वेरिफिकेशन नहीं करती हैं। ऐसे में कोई फर्जी सूचना देकर मृत्यु प्रमाण-पत्र बना ले जाए, तो उसकी पहचान कर पाना मुश्किल होता है। यदि भोपाल पुलिस हमें इस बारे में मेमो देगी, तो हम नगर पालिका के हवाले से प्रतिवेदन देंगे। हालांकि, हमने पिछले 6 महीने से ये व्यवस्था लागू कर दी है कि स्वाभाविक मौत के मामले में शमशान घाट की रसीद अनिवार्य होगी। आवेदन में उदयन ने बताया था- नर्स हेलिना दास के घर हुई मां की मौत उदयन ने इटारसी नपा में डेथ सर्टिफिकेट के आवेदन में मां की मौत नर्स हेलिना दास के घर 5 फरवरी 2013 में होना बताया था। 8 फरवरी को उसने आवेदन दिया। मूल निवास सुंदर नगर रायपुर बताया था। हेलिना इटारसी के श्यामाप्रसाद मुखर्जी अस्पताल में पदस्थ थी। अभी वह जिला अस्पताल होशंगाबाद में है। डॉक्टर पीएस ठाकुर के माध्यम से बनाया सार्टिफिकेट हेलिना से इस बारे में पुष्टि नहीं हो सकी कि इंद्राणी उसके घर कभी आई भी थी या नहीं। उदयन ने पुलिस के सामने कबूल किया कि डॉक्टर पीएस ठाकुर के माध्यम से डेथ सार्टिफिकेट बनवाया था। बताया जाता है कि कुछ स्थानीय लोगों ने सार्टिफिकेट बनवाने में भी उदयन की मदद की थी। हालांकि उनके नाम के खुलासे अभी नहीं हो पाए। डॉक्टर ठाकुर उस दौरान इटारसी के सरकारी अस्पताल में पदस्थ थे। उन्होंने गांधीनगर इलाके में एक निजी क्लीनिक भी खोल रखी थी। मां को मिलती थी 30 हजार रुपए पेंशन, पिता के साथ ज्वाइंट अकाउंट -उदयन की मां विंध्याचल भवन में एनालिस्ट के पद से रिटायर हुई थी। उनकी पेंशन लगभग 30 हजार रुपए आती है। -उदयन के पिता वीके दास भेल में फोरमैन थे। -फेडरल बैंक एमपी नगर शाखा में पिता स्व. पीके दास के साथ ज्वाइंट खाता है। इस खाते में 8.5 लाख रु. की एफडी है। -आकांक्षा से उदयन कुल 1.20 लाख रु. ले चुका था। -8 नवंबर से पहले आकांक्षा के खाते से दो दिन में 72 हजार रु. निकाले थे। इसी से उसका खर्च चलता था। इटारसी से बनवाया मां का डेथ सर्टिफिकेट -माता-पिता की हत्या के बाद उदयन ने मां के नाम रजिस्टर्ड रायपुर के मकान को बेचने की तैयारी कर ली थी। -इसके लिए उसने इटारसी, होशंगाबाद नगर पालिका से मां के नाम का डेथ सर्टिफिकेट बनवाया था। -डेथ सर्टिफिकेट में इंद्राणी की मौत 05-02-2013 को होनी बताई गई है। जबकि, सर्टिफिकेट बनवाने की तारीख 08-02-2013 अंकित है। -भोपाल पुलिस ने इस सर्टिफिकेट को जांच में ले लिया है। -यदि सर्टिफिकेट फर्जी तरीके से बनवाया गया होगा तो उदयन और नगर पालिका के संबंधित कर्मचारी के खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा। आगे की स्लाइड्स पर देखें तस्वीरें... उदयन दास के बारे में पढ़ने करें क्लिक <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-high-profile-murder-mystery-psycho-lovers-story-bp0828-NOR.html'>मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश को दफनाया था ऐसे</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-girlfriends-murder-sensational-crime-bp0828-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर: इतनी मजबूत बनाई प्रेमिका की कब्र, ड्रिल मशीन तक टूट गई</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-10-important-things-pertaining-to-aakanksha-murder-bp0851-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर केस की 10 खास बातें, ऐसे खुलता जा रहा है डरावना रहस्य</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-boyfriend-admitted-murder-of-his-girlfriend-bp0851-NOR.html'>आईआईटीयन ने किया पत्नी का मर्डर, घर में ही चबूतरा बनाकर दफन कर दिया</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-girlfriends-murder-several-sensational-revealed-bp0828-NOR.html'>GF की कब्र पर छिड़कता था परफ्यूम, फिर कॉल गर्ल के साथ बिताता था समय</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-sensational-revelations-in-bhopal-high-profile-murder-mystery-bp0828-NOR.html'>बहन का अंतिम संस्कार करने गए भाई से घक्कामुक्की, ऐसे बच छुड़ाया पीछा</a>

इस साइको किलर की थीं कई GF, एक प्रपोजल ठुकराने पर खौला था खून

इस साइको किलर की थीं कई GF, एक प्रपोजल ठुकराने पर खौला था खून

Last Updated: February 06 2017, 18:42 PM

भोपाल। भोपाल में प्रेमिका की हत्या के बाद लाश पर चबूतरा बनाने वाले उदयन ने रानी(परवर्तित नाम) नाम की एक अन्य लड़की को अपने प्रेम जाल में फांस रखा था। आकांक्षा की हत्या के बाद उदयन ने रानी को शादी के लिए प्रपोज किया था। लेकिन, उसने शादी से इंकार कर दिया था इस वजह से उदयन ने उसे भी मारने की योजना बना ली थी। पढ़ें पूरी खबर... मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आकांक्षा की मौत के पहले से ही आरोपी एक अन्य लड़की से संपर्क में था। रानी उसके बचपन की दोस्त थी, जिसके साथ वह इन दिनों घूम-फिर रहा था। रानी की फेसबुक फ्रेंडलिस्ट में भी उदयन शामिल है, जिसने उसकी कुछ तस्वीरों पर कमेंट भी किए हैं। रानी के साथ देखी थी फिल्म -गिरफ्तारी से एक दिन पहले उदयन और रानी ने फिल्म काबिल साथ देखी थी। -बताया यह भी जा रहा है कि रानी और उदयन बचपन में साथ पढ़ते थे और रानी की वजह से ही उदयन और आकांक्षा के बीच अकसर लड़ाई होती थी। -पुलिस ने उदयन के मोबाइल से लगभग एक दर्जन लड़कियों के नाम और नंबर निकाले हैं। जिनके बारे में पूछताछ की जा रही है। -उदयन की कॉल डीटेल के आधार पर पुलिस संबंधितों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है, लेकिन सभी के मोबाइल बंद आ रहे हैं। सरकारी मकान में रहता था उदयन का परिवार -उदयन का बचपन शिवाजी नगर स्थित 122/43 के सरकारी मकान में रहता था। -यह मकान इंद्राणी दास को शासकीय नौकरी के दौरान मिला था। -साल 2000 में मप्र से छत्तीसगढ़ के अलग होने के कारण उनको रायपुर जाना पड़ा था। -पड़ोसियों के अनुसार इंद्राणी काफी झगड़ालू स्वभाव की थी। वह उदयन को बाहर अन्य बच्चों के साथ खेलने नहीं देती थी। -उदयन जब भी कोई शरारत करता था इंद्राणी उसे घंटों बाथरूम में बंद करके रखती थी। पहली बीवी की रोम में हत्या -साइको किलर उदयन अब तक कितनी हत्याएं कर चुका है, इसका अभी खुलासा होना बाकी है। -पश्चिम बंगाल पुलिस को प्रारंभिक पूछताछ में उदयन ने बताया था कि उसने एक अन्य लड़की से भी शादी की थी। -हनीमून मनाने वह इटली की राजधानी रोम गया था। वहां सड़क हादसे में पत्नी की मौत हो गई। हालांकि वह सच बोल रहा या झूठ, इसका खुलासा नहीं हो सका है। -चूंकि उसके मां-बाप के कंकाल मिल चुके हैं, इसलिए इस मामले को लेकर भी पुलिस अलर्ट हुई है। यह सवाल अनुत्तरित.. -उदयन के पास से 2014 के अंतिम महीने में बना पासपोर्ट जब्त हुआ है। उसमें पासपोर्ट में विदेश जाने का कोई जिक्र नहीं है। फिर वह रोम, बैंकाक और थाईलैंड किस पासपोर्ट के आधार पर गया था? -आरोपी 2011 तक रायपुर में रहा, कहीं उसने वहां से फर्जी पासपोर्ट तो नहीं बनवा लिया था? आगे की स्लाइड्स पर देखें तस्वीरें... उदयन दास के बारे में पढ़ने करें क्लिक <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-high-profile-murder-mystery-psycho-lovers-story-bp0828-NOR.html'>मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश को दफनाया था ऐसे</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-girlfriends-murder-sensational-crime-bp0828-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर: इतनी मजबूत बनाई प्रेमिका की कब्र, ड्रिल मशीन तक टूट गई</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-10-important-things-pertaining-to-aakanksha-murder-bp0851-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर केस की 10 खास बातें, ऐसे खुलता जा रहा है डरावना रहस्य</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-boyfriend-admitted-murder-of-his-girlfriend-bp0851-NOR.html'>आईआईटीयन ने किया पत्नी का मर्डर, घर में ही चबूतरा बनाकर दफन कर दिया</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-girlfriends-murder-several-sensational-revealed-bp0828-NOR.html'>GF की कब्र पर छिड़कता था परफ्यूम, फिर कॉल गर्ल के साथ बिताता था समय</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-sensational-revelations-in-bhopal-high-profile-murder-mystery-bp0828-NOR.html'>बहन का अंतिम संस्कार करने गए भाई से घक्कामुक्की, ऐसे बच छुड़ाया पीछा</a>

ये सीरियल देख प्रेमी ने किया था प्रेमिका का मर्डर, ऐसे लगाई थी लाश ठिकाने

ये सीरियल देख प्रेमी ने किया था प्रेमिका का मर्डर, ऐसे लगाई थी लाश ठिकाने

Last Updated: February 06 2017, 16:32 PM

भोपाल। भोपाल के <a href='http://www.bhaskar.com/news-campaign/bhopal-murder-mystery/'>हाई प्रोफाइल आकांक्षा मर्डर केस</a> में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपी उदयन के अनुसार अंग्रेजी हॉरर टीवी सीरियल वॉकिंग डेड के सीजन-5 से प्रेरित होकर उसने अपनी प्रेमिका की हत्या और बाद में उसकी लाश को ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। जिस तरह सीरियल में प्रेमी अपनी प्रेमिका का मर्डर कर उसकी लाश घर में दफन कर देता है। ठीक उसी तरह उदयन दास ने अपनी प्रेमिका अाकांक्षा की हत्या कर लाश को घर के अंदर ही ठिकाने लगा दिया। पढ़ें जुर्म की पूरी कहानी... सीरियल किलर निकला उदयन भोपाल में अपनी लिव-इन पार्टनर आकांक्षा की गला घोंटकर हत्या करने और घर के चबूतरे में उसकी लाश को दफनाने वाला 32 वर्षीय <a href='http://www.bhaskar.com/news/c-16-bhopal-serial-killer-udayan-killed-his-parents-and-buried-in-raipur-house-ra0352-NOR.html'>उदयन</a> सीरियल किलर निकला। शनिवार को उसने अपना एक और जुर्म कबूल किया था, जिसमें उसने कहा था कि साल 2011 में उसने माता-पिता की भी हत्या की थी और उनकी लाश घर के गार्डन में दफना दी थी। पुलिस ने वहां से भी अवशेष बरामद किए हैं। पढ़ें वॉकिंग डेड सीरीज के बारे में... -द वॉकिंग डेड एक अमेरिकी टेलीविजन सीरिज है। सर्जन फ्रैंक डराबोंट इसके निर्माता रहे हैं। -इस सीरिज के अब तक सात सीजन आ चुके हैं। -इस सीरिज के पांच सीजन बेहद फेमस रहे हैं, जो कि मर्डर, मिस्ट्री से भरे पड़े हैं। -संभवत: उदयन ने इस सीरिज के पांचवे सीजन से इंस्पायर होकर ही आकांक्षा की हत्या की होगी। -इस सीजन 5 में इसी तरह से एक प्रेमी अपनी प्रेमिका की हत्या करता है और उसे दफन कर देता है। -इस सीरिज में नॉर्मन रीडस, एंड्रयू लिंकन, स्टीवन,लॉरेन कोहन और शैंडलर रिग्स जैसे नामी कलाकारों ने काम किया है। -साल 2013 की खबरों के अनुसारवॉकिंग डैड;टीवी सीरीज को दुनियाभर में तकरीबन एक करोड़ लोग देखते हैं। -यह सीरिज रॉबर्ट वर्कमैन, टोनी मूरा और चार्ली एड्लार्ड निर्मित कॉमिक बुक द वॉकिंग डेड पर आधारित है। - द वॉकिंग डेड सीरीज बेस्ट टेलीविजन सीरीज ड्रामा अवार्ड जीत चुकी है। -इस सीरीज के दूसरे सीजन को 9 मिलियन लोगों ने देखा था। जो इतिहास में सबसे अधिक देखे जाने वाली टेलीविजन सीरीज मानी गई। आगे की स्लाइड्स पर देखें तस्वीरें...

नर-कंकाल के साथ मिली सोने की चूडिय़ां, खुदाई के लिए बुलानी पड़ी थी जेसीबी

नर-कंकाल के साथ मिली सोने की चूडिय़ां, खुदाई के लिए बुलानी पड़ी थी जेसीबी

Last Updated: February 06 2017, 15:18 PM

भोपाल। भोपाल में गर्लफ्रेंड का मर्डर कर उसकी लाश को बक्से में डालकर सीमेंट का चबूतरा बनाने वाले आरोपी उदयन कि निशानदेही पर रायपुर के सुंदर नगर स्थित मकान के गार्डन की खुदाई में उसकी मां के कंकाल मिल चुके हैं। खोपडिय़ां दो मिली हैं, जिसमें दूसरी उसके पिता की हो सकती हैं। मां इंद्राणी दास के कंकाल के साथ सोने व कांच की चूडिय़ां मिली हैं। जेसीबी से खोदा गड्ढा... -मकान की खुदाई में पहले मजदूरों को लगाया गया था लेकिन उसमें अधिक समय लगने के कारण जेसीबी की मदद ली गई। -जेसीबी से करीब आधे घंटे की खुदाई में ही कुछ अवशेष मिलने लगे। वापस मजदूरों से खुदाई करने पर कंकाल व कपड़े मिले। -उदयन के दावे के मुताबिक वे अवशेष उसकी मां इंद्राणी दास और पिता वीके दास के ही हैं। -सवाल ये भी है कि अगर ये कंकाल दास कपल के नहीं हुए तो किसके हैं। -मौके पर आर्कियोलॉजिस्ट प्रभात सिंह को भी बुलाया गया है ताकि खुदाई में मिले अवशेषों को नुकसान से बचाया जा सके। आरोपी ने जताई अंतिम संस्कार की इच्छा -माता-पिता की क्रूरता से हत्या कर उसे घर के लॉन में दफनाने वाले उदयन की पुरानी यादें रायपुर आकर ताजा हो गई। -अब उसने पुलिस के सामने इच्छा जताई है कि उसके माता-पिता का अंतिम संस्कार किया जाए। -डीएनए टेस्ट हैदराबाद के लैब में होगा, तभी कन्फर्म होगा कि अवशेष उदयन के माता-पिता के ही हैं या किसी और के। -उदयन के व्यवहार के कारण इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि उसने किसी और की हत्या कर वहां बॉडी दफनाई हो। आगे की स्लाइड्स पर देखें तस्वीरें...

बहन का अंतिम संस्कार करने गए भाई से घक्कामुक्की, ऐसे बच छुड़ाया पीछा

बहन का अंतिम संस्कार करने गए भाई से घक्कामुक्की, ऐसे बच छुड़ाया पीछा

Last Updated: February 05 2017, 15:19 PM

भोपाल। हाईप्रोफाइल मर्डर केस में नया खुलासा हुआ है। गर्लफ्रेंड का मर्डर कर उसकी लाश को बक्से में डालकर सीमेंट का चबूतरा बनाने वाले आरोपी ने अपने मां-बाप की हत्या करने की बात भी कबूल की है। आरोपी उदयन दास(32)ने शनिवार को पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया। शनिवार को हुआ आकांक्षा का अंतिम संस्कार... भाई मायूस बैठा रहा... -एक ओर जहां उदयन पुलिस के सामने एक के बाद एक नये सनसनीखेज खुलासे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शनिवार को आकांक्षा का सुभाष नगर विश्राम घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कर दिया गया। -इस दौरान आकांक्षा का भाई आयुष शर्मा और उसके कुछ अन्य परिजन मौजूद थे। -मृतका आकांक्षा के भाई और एक अन्य रिश्तेदार सुबह 11 बजे हमीदिया मॉर्चुअरी पहुंच गए। -दोनों घंटे भर बात करते रहे कि अंतिम संस्कार भोपाल में करें या कोलकाता ले जाए। अंत में भोपाल में अंतिम संस्कार सुभाष नगर विश्राम घाट पर किया गया। मीडिया से बचकर निकलने के चक्कर में धक्कामुक्की -श्मशानघाट पर बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद थे। हालांकि, आकांक्षा का भाई आयुष किसी से भी बात करने को तैयार नहीं हुआ। वो बहन की अस्थियां लेकर तेजी से अपनी कार की ओर बढ़ा। इस बीच मीडियाकर्मियों ने उसे घेरकर सवाल करना चाहे, तो वो बचते हुए वहां से निकला। वो कार भी में सिर छुपाकर बैठा रहा। अपनी बहन की मौत के सदमे से से जैसे उसके मुंह से शब्द नहीं फूट रहे थे। गुरुवार को हुआ था मामले का खुलासा... -पश्चिम बंगाल के रहने वाले देवेंद्र कुमार शर्मा की 28 साल की बेटी आकांक्षा श्वेत 24 जून 2016 से लापता थी। -उन्होंने इस मामले में केस दर्ज कराया था। उन्हें शक था कि आकांक्षा उदयन के साथ रह रही है। गुरुवार को जब पुलिस उसके घर पहुंची, तब इस मर्डर का खुलासा हुआ। -शुक्रवार को आकांक्षा का पोस्टमॉर्टम किया गया। इस दौरान आकांक्षा का भाई आयुष भी मौजूद रहा। -बॉडी सीमेंट में चिपकी हुई थी। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर किया। वहां से 6 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंप दिया गया। -उदयन दास के साइकोकिलर होने का संदेश गहराने लगा है। पुलिस को उसके मोबाइल फोन से कुछ युवतियों के भी नंबर मिले हैं। अगली स्लाइड्स में देखें संबंधित PHOTOS यह भी पढ़ें <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-high-profile-murder-mystery-psycho-lovers-story-bp0828-NOR.html'>मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश पर चबूतरा बनाने वाले का खुलासा</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-high-profile-murder-mystery-psycho-lovers-story-bp0828-NOR.html'>मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश पर चबूतरा बनाने वाले का खुलासा</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-girlfriends-murder-sensational-crime-bp0828-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर: इतनी मजबूत बनाई प्रेमिका की कब्र, ड्रिल मशीन तक टूट गई</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-boyfriend-admitted-murder-of-his-girlfriend-bp0851-NOR.html'>आईआईटीयन ने किया पत्नी का मर्डर, घर में ही चबूतरा बनाकर दफन कर दिया</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-girlfriends-murder-several-sensational-revealed-bp0828-NOR.html'>GF की कब्र पर छिड़कता था परफ्यूम, फिर कॉल गर्ल के साथ बिताता था स</a>

हाईप्रोफाइल मर्डर: इतनी मजबूत बनाई प्रेमिका की कब्र, ड्रिल मशीन तक टूट गई

हाईप्रोफाइल मर्डर: इतनी मजबूत बनाई प्रेमिका की कब्र, ड्रिल मशीन तक टूट गई

Last Updated: February 05 2017, 12:54 PM

भोपाल। खुद को IIT दिल्ली में पढ़ा हुआ बताने वाले एक युवक ने लिवइन में साथ रह रही युवती की <a href='http://www.bhaskar.com/news-campaign/bhopal-murder-mystery/'>हत्या</a> कर दी। दो राज्यों की पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण यह वारदात भोपाल के साकेत नगर में हुई। आरोपी का नाम है उदयन दास (32वर्ष)। पश्चिम बंगाल पुलिस ने उसे आकांक्षा (28) पिता शिवेंद्र शर्मा के अपहरण के मामले में गुरुवार को पकड़ा तो इस हत्या का चौंकाने वाला सच सामने आया। <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-boyfriend-admitted-murder-of-his-girlfriend-bp0851-NOR.html'>क्लिक करके पढ़ें मूल कहानी...</a> किसी दूसरे के साथ देख लिया था फोटो उदयन ने गुरुवार रात 11 बजे पुलिस को फिर गुमराह किया। उसने कहा कि जुलाई, 2016 में आकांक्षा की हत्या कर दी थी। उसने हत्या का कारण किसी अन्य लड़के से उसका रिलेशन होना बताया। उदयन ने कहा कि उसने आकांक्षा के फोटो किसी लड़के के पास देख लिए थे। इससे वो गुस्सा था। कई लड़कियों के साथ देखा गया था उदयन एक पड़ोसी के मुताबिक, उदयन को कई बार उसने अलग-अलग लड़कियों के साथ देखा था। आकांक्षा के साथ एक बार वह गणेश चतुर्थी की झांकी में नजर आया था। उसने बताया था कि, आकांक्षा के साथ उसने प्रेम विवाह किया है। करीब तीन महीने पहले इसी मामले में पुलिस उसे पकड़कर ले गई थी कि, लेकिन उसकी मां ने उसे छुड़वा लिया था। मां पुलिस से रिटायर्ड डीएसपी हैं। एक ड्रिल मशीन टूटी, तो दूसरी मंगवाई पुलिस लाश को चबूतरे से निकालने शाम 6 बजे घटनास्थल पर पहुंची थी। चबूतरा करीब 10 बोरी सीमेंट से बनाया गया था। उसे तोड़ने में पुलिस को पसीना छूट गया था। रात 10 बजे पुलिस ने जैक हैमर ड्रिल मशीन बुलवाई। वह मशीन टूट गई। इसके बाद रात 11 बजे दूसरी मशीन बुलानी पड़ी। बेरोजगार होने के बावजूद रईसों जैसी लाइफ स्टाइल -पुलिस के मुताबिक जिस चबूतरे के अंदर शव रखा था उस पर उदयन गद्दा बिछाकर सो भी जाता था। उसने घर का ग्राउंड फ्लोर ब्रह्मकुमारी संस्था को किराए पर दे रखा है। -प्रेमिका की हत्या कर शव को कमरे में ही दफनाने वाले उदयन की लाइफ स्टाइल के बारे में पड़ोसियों ने बताया कि बेरोजगार होने के बावजूद उसका रहन-सहन रईसों जैसा था। मर्सिडीज और ऑडी में घूमता था। महज डेढ़-दो किलोमीटर के लिए ऑटो वालों को पांच-पांच सौ के नेाट इनाम में दे देता था। -परिवार वालों की जुलाई 2016 तक फोन पर बात हुई। फिर केवल चैटिंग होती थी। चैटिंग के दौरान आकांक्षा खुद को न्यूयॉर्क में सेटल होना बताती थी। चैटिंग में भी न्यूयॉर्क की टाइमिंग का ख्याल रखा जाता था। -पुलिस के मुताबिक बैंक मैनेजर उसके पिता शिवेंद्र शर्मा और भाई आयुष को इस बातचीत पर शक होने लगा। पुलिस की मदद से उस नंबर की लोकेशन सर्च करवाई, जिससे आकांक्षा चैटिंग करती थी। पता चला कि वह नंबर साकेत नगर स्थित 3/ए, एमआईजी-62 में इस्तेमाल हो रहा था। -दिसंबर 2016 में शिवेंद्र बेटी को तलाशते हुए भोपाल आए भी, लेकिन न आकांक्षा मिली और न उदयन। अंदाजा था कि बेटी के साथ कुछ गलत हुआ है, इसलिए बीती 5 जनवरी को उन्होंने बांकुरा थाने में बेटी को अगवा करने का केस दर्ज करवाया। आखिर हत्या की वजह क्या थी सूत्रों के मुताबिक आकांक्षा के पास अक्सर उसके एक दोस्त का फोन आता था। उसने आकांक्षा के बैंक अकाउंट से कई बार में काफी रकम भी निकाल ली थी। इस बात पर उदयन का कई बार उससे विवाद भी हुआ था। पुलिस मान रही है कि इसी बात पर उसने आकांक्षा की गला दबाकर हत्या की होगी। बाथरूम की आड़ में मार्बल खरीदे थे उदयन ने पड़ोस में बिल्डिंग मटेरियल बेचने वाले एक सप्लायर से सीमेंट,रेत और मार्बल खरीदा था। आरोपी ने यह कहा था कि, उसकी नई शादी हुई है, इसलिए वह बाथरूम में नहाने के लिए एक अच्छा-सा टब बनवा रहा है। बाद में उसने किसी मिस्त्री को बुलाकर चबूतरे पर मार्बल लगवाए। कार्ल गर्ल बुलाता था भोपाल और कोलकाता की पुलिस से पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वो उसी चबूतरे पर बैठकर शराब पीता था, जिसके नीचे उसने अपनी प्रेमिका को दफन किया था। वह उसी चबूतरे पर कॉल गर्ल के साथ वक्त बिताता था। आरोपी के अनुसार, वह अरेरा कॉलोनी स्थित बंगले में एक कॉल गर्ल के साथ वक्त बिताता था। वह चबूतरे पर परफ्यूम भी छिड़कता था। झांसे में आ गई थी आकांक्षा आकांक्षा की दोस्ती उदयन से 2007 में हुई थी। उदयन ने खुद को अफसर बताया था। उसके झांसे में आकर ही आकांक्षा कोलकता से भागकर भोपाल उसके साथ रहने के लिए आ गई थी। यौन कुंठित आरोपी अपनी प्रेमिका के मर्डर के बाद यौन तृप्ति के लिए कॉलगर्ल को बुलाता था। बहरहाल, आरोपी कितना सच-झूठ बोल रहा है, इसके लिए पुलिस उसके मोबाइल की कॉल डिटेल्स और सोशल साइट्स के मैसेज निकलवा रही है। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने संभवत: 27 दिसंबर की रात को ही कर दी थी। करोड़ों की प्रॉपर्टी का मालिक पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी का एक मकान साकेत नगर, तो दूसरा अरेरा कॉलोनी में है। इसके अलावा मंडीदीप, रायसेन और सीहोर भी संपत्ति है। उसकी मां अमेरिका से भी पैसा भेजती रहती है। करीब 15 दिन पहले उसकी गाड़ी का VIP रोड पर एक्सीडेंट हो गया था। वह गाड़ी अभी मैकेनिक के पास पड़ी हुई है। शुक्रवार का अपडेट -हमीदिया में इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिको लीगल के हेड डॉ. अशोक शर्मा की निगरानी में पोस्टमार्टम। -नायब तहसीलदार रमा कलवा ने आकांक्षा की बॉडी का पंचनामा बनाया। -बॉडी सीमेंट में चिपक गई थी। जिससे वह ममी की तरह प्रतीक हो रही थी। -पोस्टमार्टम के दौरान आकांक्षा का भाई सत्यम भी मौजूद रहा। -पोस्टमार्टम के दौरान स्थानीय गोविंदपुरा पुलिस के अलावा पश्चिम बंगाल की पुलिस भी मौजूद रही। -उदयन के मुताबिक, घटनावाले दिन आकांक्षा किसी दूसरे लड़के के साथ मोबाइल पर चैट कर रही थी। -गुस्से में आकर उसे मोबाइल छीन लिया और चैट पढ़ ली। -इसके बाद दोनों के बीच काफी विवाद हुआ। -उदयन ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी और लाश 2x3 साइज के बॉक्स में रख दी। -दो दिन लाश पड़ी रही। जब बदबू आने लगी, तब उसने उसे दफनाया। -उदयन ने शुक्रवार को पुलिस को बताया कि, वो आकांक्षा से बेहद प्यार करता था। उसके लिए कुछ भी करने को तैयार था। -आकांक्षा की बेवफाई ने उसे तोड़ दिया और दिल में आग सुलगा दी। -6 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर उदयन को बंगाल पुलिस को सौंपा। अगली स्लाइड्स में पढ़ें बाकी की कहानी

हाईप्रोफाइल मर्डर केस की 10 खास बातें, ऐसे खुलता जा रहा है डरावना रहस्य

हाईप्रोफाइल मर्डर केस की 10 खास बातें, ऐसे खुलता जा रहा है डरावना रहस्य

Last Updated: February 05 2017, 11:01 AM

भोपाल। हाईप्रोफाइल मर्डर केस में नया खुलासा हुआ है। गर्लफ्रेंड का मर्डर कर उसकी लाश को बक्से में डालकर सीमेंट का चबूतरा बनाने वाले आरोपी ने अपने मां-बाप की हत्या करने की बात भी कबूल की है। आरोपी उदयन दास (32) ने शनिवार को पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया। आकांक्षा का अंतिम संस्कार... भाई मायूस बैठा रहा... -एक ओर जहां उदयन पुलिस के सामने एक के बाद एक नये सनसनीखेज खुलासे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शनिवार को आकांक्षा का सुभाष नगर विश्राम घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान आकांक्षा का भाई और उसके कुछ अन्य परिजन मौजूद थे। माता-पिता के बारे में क्या बोला उदयन? -उदयन ने पुलिस को बताया कि, 2011 में वो अपने मां-बाप का भी मर्डर कर चुका है। -इसके बाद रायपुर(छत्तीसगढ़)में शांति नगर स्थित अपना मकान बेच दिया था। -आरोपी के मुताबिक,दोनों की लाशें उसने आंगन में ही गाड़ दी थीं। -इस बीच,आकांक्षा का सुभाष नगर विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उसके परिवार के लोग मौजूद थे। -DIG रमन सिंह सिकरवार के अनुसार,आरोपी से पूछताछ के बाद एक टीम रायपुर भेजी जा रही है। -यह साफ नहीं है कि क्या सही में उसने माता-पिता की हत्या की है और अगर ऐसा है तो उसकी वजह क्या है? गुरुवार को हुआ था मामले का खुलासा... -पश्चिम बंगाल के रहने वाले देवेंद्र कुमार शर्मा की 28 साल की बेटी आकांक्षा श्वेत 24 जून 2016 से लापता थी। -उन्होंने इस मामले में केस दर्ज कराया था। उन्हें शक था कि आकांक्षा उदयन के साथ रह रही है। गुरुवार को जब पुलिस उसके घर पहुंची, तब इस मर्डर का खुलासा हुआ। -शुक्रवार को आकांक्षा का पोस्टमॉर्टम किया गया। इस दौरान आकांक्षा का भाई आयुष भी मौजूद रहा। -बॉडी सीमेंट में चिपकी हुई थी। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर किया। वहां से 6 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंप दिया गया। -उदयन दास के सायको किलर होने का संदेश गहराने लगा है। पुलिस को उसके मोबाइल फोन से कुछ युवतियों के भी नंबर मिले हैं। आगे की स्लाइड्स पर पढ़ें हत्या से जुड़ी 10 अहम बातें... यह भी पढ़ें... <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-high-profile-murder-mystery-psycho-lovers-story-bp0828-NOR.html'>मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश पर चबूतरा बनाने वाले का खुलासा</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-high-profile-murder-mystery-psycho-lovers-story-bp0828-NOR.html'>मां-बाप को भी मारकर आंगन में गाड़ा: गर्लफ्रेंड की लाश पर चबूतरा बनाने वाले का खुलासा</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-girlfriends-murder-sensational-crime-bp0828-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर: इतनी मजबूत बनाई प्रेमिका की कब्र, ड्रिल मशीन तक टूट गई</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-boyfriend-admitted-murder-of-his-girlfriend-bp0851-NOR.html'>आईआईटीयन ने किया पत्नी का मर्डर, घर में ही चबूतरा बनाकर दफन कर दिया</a> <a href='https://m.bhaskar.com/news/c-58-sensational-revelations-in-bhopal-high-profile-murder-mystery-bp0828-NOR.html'>हाईप्रोफाइल मर्डर: बहन को बेदर्दी से मारने वाले प्रेमी के नाम से रो पड़ता है भाई</a>

रायपुर कम आता था, कहता था कि यूएस और इटली में बिजनेस है, बार-बार नहीं आ सकता...

रायपुर कम आता था, कहता था कि यूएस और इटली में बिजनेस है, बार-बार नहीं आ सकता...

Last Updated: February 05 2017, 05:10 AM

रायपुर. इंजीनियर संदीप श्रीवास्तव के अनुसार उदयन उनके टीचर सुरेश दुआ का स्टूडेंट था। प्रोफेसर दुआ कंप्यूटर कोचिंग देते थे। उदयन सात-आठ साल पहले उनके इंस्टिट्यूट जाता था। अन्य स्टूडेंट की तरह उदयन भी दुआ सर से संपर्क में था। इस दौरान उसने सर से कहा कि सुंदरनगर की प्रापर्टी बेचनी है, ग्राहक बताइये। दुआ सर ने मुझे यह जानकारी दी। तब उदयन कभी-कभी रायपुर आता था और बताता था कि कभी यूएस, कभी इटली और कभी दुबई में रहता है। दिसंबर 2012 में रायपुर आकर उसने मकान बेचने के बारे में फिर बात की। उसने कहा कि मकान जल्दी बेचना है क्योंकि बिजनेस के लिए उसे पैसों की तुरंत जरूरत है। इसीलिए हम सब लोग उसका मकान देखने सुंदरनगर चले गए। इसकी चाबी पड़ोस में रहती थी। उदयन ने पड़ोस से ही चाबी लेकर हम लोगों को मकान दिखाया था। मकान देखने के बाद पहले मैं खुद ही खरीदने के लिए तैयार हो गया। तब वकील हरीश पांडे ने इसमें रुचि दिखाई। उदयन के साथ 31 लाख में सौदा हो गया। उसने कहा कि अक्सर बाहर रहता है, इसलिए दुआ सर को पॉवर ऑफ अटानी दे दी है। इस आधार पर मार्च 2013 में मकान की रजिस्ट्री हुई। निश्चित रूप से मकान गाइडलाइन रेट के हिसाब से ही 52-55 लाख का था। चूंकि बेचने और लेने वाले, दोनों भरोसमंद लगे इसलिए शक या विवाद की वजह नहीं थी। हड़बड़ी में आधे रेट पर बेचा था मकान सुंदरनगर जैसी पॉश कालोनी में 18 सौ वर्गफीट के डुप्लेक्स को उदयन ने महज 31 लाख रुपए में बेचने का सौदा कर लिया। 2013 में सौदे के समय मकान की कीमत कम से कम गाइडलाइन रेट के हिसाब से ही 55 लाख रुपए के आसपास थी। चूंकि विक्रेता तैयार था, उसने पैसों की सख्त जरूरत बताई थी, इसलिए खरीददारों और सौदे में पड़नेवालों ने शक नहीं किया। उदयन ने यह बताकर शक भी नहीं होने दिया कि इंपोर्ट-एक्सपोर्ट के दौरान कुछ माल फंस जाने और दिल्ली में रहनेवाले पिता को गिफ्ट देने के हिसाब से उसे पैसों की तुरंत और सख्त जरूरत है। यह जानने के बाद खरीददार ने 31 लाख रुपए में रजिस्ट्री करवा ली। इसमें से करीब साढ़े 3 लाख रुपए चेक और करीब 28 लाख रुपए कैश उदयन को दे दिया। गेट खोलने के विवाद में 7 साल पहले दास परिवार भिड़ा था निगम वालों से सुंदर नगर की जिस गली में उदयन दास अपने माता-पिता के साथ रहता था, वहां के किसी परिवार से इनके ताल्लुकात या बातचीत तक नहीं थी। सुंदरनगर के पार्षद मृत्युंजय दुबे तथा पड़ोसियों को इतना ही याद है कि इस गली में 2010 में निगम ने कंक्रीटीकरण कराया था, तब दास परिवार का पड़ोसियों और बाद में निगम अफसरों से विवाद हुआ था। लोगों ने बताया कि दास के मकान के बगल में मिश्रा परिवार रहता है। इस मकान के गेट को लेकर उनका दास परिवार से ऐसा विवाद हुआ था कि मिश्रा के मकान के गेट के सामने उन्होंने दीवार उठा दी थी। शिकायत पर निगम का अमला इस दीवार को तोड़ने पहुंचा तो उदयन और उसके पिता ने इंजीनियर से झूमाझटकी की थी। यह मामला पुलिस में चला गया था। दूसरे दिन पार्षद मृत्युंजय और पुलिस अफसरों ने मौके पर जाकर इंद्राणी और वीके दास से बात की थी। इसके बाद समझौता हो गया। पड़ोसियों के मुताबिक दास परिवार किसी से मिलता-जुलता नहीं था। यहां तक कि इंद्राणी भी गली की किसी महिला से बात नहीं करती थीं। बेटा उदयन लेट नाइट आता था। कभी-कभार उसके दोस्त भी आते थे, लेकिन परिवार में तीज-त्योहार में भी कभी रौनक नहीं दिखाई दी। एक बार घर गया था... पार्षद मृत्युंजय दुबे ने बताया कि दास पिता-पुत्र का निगम अमले से विवाद हुआ था। मामला पुलिस में गया तो पार्षद होने के नाते मैं उनके घर गया और बातचीत भी की। पति-पत्नी ने गली में नल और बिजली खंभा लगाने की मांग की। इसके बाद कभी बात नहीं हुई। मकान बिका, तब पता चला... पड़ोसी प्रमोद मिश्रा ने बताया कि गेट को लेकर दास परिवार से विवाद हुआ था। यह परिवार किसी से बातचीत नहीं करता था। वो कब गए, मकान कब बिका, किसी को पता नहीं चला। नए लोग मकान में आए, तब पता चला कि दास दंपत्ति की मौत हो गई। कभी किसी से बात नहीं की पड़ोसी आदित्य सोनी ने बताया कि इंद्राणी दास के बारे में यही पता था कि वे सरकारी नौकरी में हैं। ड्यूटी के अलावा वह सिर्फ बाजार जाती थीं, लेकिन किसी से बातचीत नहीं थी। भोपाल पुलिस के आने की सूचना आईजी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि भोपाल में युवती की हत्या में गिरफ्तार उदयन ने सुंदरनगर में माता-पिता को मारकर दफ्नाने की बात कही है। इसकी जांच के लिए भोपाल पुलिस के आने की सूचना मिली है। खुदाई कराएंगे एसपी डॉक्टर संजीव शुक्ला ने बताया कि भोपाल पुलिस रविवार को आ रही है। आरोपी ने मां-बाप को मारकर गार्डन में दफनाने का बयान दिया है, तो वहां खुदाई कराएंगे। भोपाल की टीम के सामने ही कार्रवाई होगी। डेथ सर्टिफिकेट फर्जी था या फिर बना सांठगांठ से? सुंदर नगर का मकान उदयन की मां इंद्राणी दास के नाम पर था। उदयन ने उसे बेचने के लिए पावर आफ अटार्नी दी थी, अर्थात मकान उसने अपने नाम पर चढ़वा लिया था। यह तभी संभव है, जब उसके पास मां का डेथ सर्टिफिकेट हो तथा यह दस्तावेज हो कि मां का वह अकेला वारिस है। यही नहीं, नामांतरण की प्रक्रिया भी कठिन और काफी वक्त लगता है। अफसरों का ही कहना है कि हत्या और मां को दफन करने के बाद उदयन ने डेथ सर्टिफिकेट जिस तरह बनवाया हो, यह पूरी तरह फर्जी होने का शक है। होशंगाबाद नपा से सर्टिफिकेट भोपाल के एएसपी हितेश चौधरी ने बताया कि मां के नाम रायपुर में रजिस्टर्ड मकान अपने नाम से करके बेचने के लिए उदयन ने होशंगाबाद नगर पालिका से डेथ सर्टिफिकेट बनवाया। सर्टिफिकेट में इंद्राणी दास की मौत की तारीख 5 फरवरी, 2013 दर्ज है। सर्टिफिकेट 08 फरवरी, 2013 यानी तीन दिन बाद ही बन गया। रायपुर के मकान की रजिस्ट्री एक माह के भीतर, यानी 2013 में हो गई। जबकि उसने मां-बाप की हत्या 2011 में कर दी थी। यह डेथ सर्टिफिकेट भी भोपाल पुलिस की जांच के दायरे में है। ऐसे में बन ही नहीं सकता अफसरों के मुताबिक रायपुर ही नहीं, देश के किसी भी नगरीय निकाय में डेथ सर्टिफिकेट तभी बन सकता है, जब किसी व्यक्ति की मृत्यु से संबंधित डाक्टर अथवा अस्पताल के दस्तावेज हों। दोनों नहीं होने की दशा में श्मशान या कब्रिस्तान का प्रमाणपत्र जरूरी है। नैचुरल डेथ की दशा में यह दस्तावेज मिल ही जाते हैं। उदयन ने माता-पिता को मारकर घर में ही दफना दिया, इसलिए डाक्टर श्मशान के दस्तावेज मिल पाना ही संभव नहीं था। इससे दो बड़ी गड़बड़ियां भी सामने आ रही हैं :- 1. डेथ सर्टिफिकेट जहां से भी जारी किया गया, संदेह है कि पूरा काम फर्जी दस्तावेजों या सरकारी अमले की सांठगांठ से हुआ। 2. प्रापर्टी नामांतरण के लिए तहसील के चक्कर लगते हैं। सर्टिफिकेट जांचे बिना तेजी से नामांतरण कैसे हो गया?

रायपुर के इस घर में दफन है माता-पिता की बॉडी, गर्लफ्रेंड के मर्डर के आरोपी ने कबूला

रायपुर के इस घर में दफन है माता-पिता की बॉडी, गर्लफ्रेंड के मर्डर के आरोपी ने कबूला

Last Updated: February 04 2017, 23:22 PM

रायपुर. भोपाल के हाईप्रोफाइल मर्डर केस के आरोपी उदयन दास ने जिस घर के आंगन में अपने माता-पिता को मारने के बाद दफनाने का दावा किया है, वह रायपुर के सुंदर नगर में है। उदयन ने उस मकान को पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए हरीश कुमार पांडेय नाम के शख्स को बेच दिया था, जो अभी इस मकान में रह रहे हैं। उदयन पर गर्लफ्रेंड आकांक्षा की हत्या का भी आरोप है। आकांक्षा को मारने के बाद उदयन ने उसकी लाश को भोपाल के अपने घर में ही दफना दिया था और उसके ऊपर चबूतरा बना दिया था। पुलिस की पूछताछ में उदयन ने अपना जुर्म कबूल किया है। मकान मालिक शॉक्ड रह गया... - पेशे से वकील हरीश को मामले का पता अचानक तब चला, जब मीडिया उनके घर पहुंचा। - हरीश ने बताया कि 2013-14 में उन्होंने मकान सुरेश दुआ नाम के एक शख्स से खरीदा था। - सुरेश दुआ को उदयन दास ने पॉवर ऑफ अटॉर्नी दे दी थी। रिकॉर्ड में उदयन की मां का नाम इंद्राणी दास बताया गया है। - हरीश और उदयन की मुलाकात कभी नहीं हुई। पड़ोसी बोले- हमें मौत की वजह बीमारी बताई थी - हरीश के घर के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि वे उदयन को जानते हैं। - पता चला कि उदयन रायपुर में अपनी मां और पूर्व पुलिस अफसर इंद्राणी दास और पिता वीके दास के साथ रहता था। - उदयन और उसकी फैमिली पड़ोसियों से ज्यादा घुलती-मिलती नहीं थी। इसलिए लोग ज्यादा कुछ नहीं बता पाए। - उन्होंने कहा कि उन्हें इंद्राणी और उनके पति की मौत की वजह बीमारी बताई गई थी। - अब उदयन द्वारा दोनों की हत्या और उनका उसी घर में दफन होने की कहानी मीडिया के जरिए पहुंची तो सब शॉक्ड रह गए। - बता दें कि भोपाल में पूछताछ में उदयन ने पुलिस को जो कहानी बताई है, उसकी सच्चाई का पता लगाने भोपाल पुलिस की टीम रायपुर आ रही है। माता-पिता के बारे में क्या बोला उदयन? - उदयन ने भोपाल पुलिस को बताया है कि 2011 में वो अपने मां-बाप का भी मर्डर कर चुका है। - इसके बाद रायपुर (छत्तीसगढ़) का अपना मकान बेच दिया था। - आरोपी के मुताबिक, दोनों की लाशें उसने आंगन में ही गाड़ दी थीं। - DIG रमन सिंह सिकरवार के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के बाद एक टीम रायपुर भेजी जा रही है। - यह साफ नहीं है कि क्या सही में उसने माता-पिता की हत्या की है और अगर ऐसा है तो उसकी वजह क्या है? क्या है पूरा मामला? - पश्चिम बंगाल के बांकुरा में रहने वाले देवेंद्र कुमार शर्मा की बेटी आकांक्षा उर्फ श्वेता (28) की 2007 में उदयन दास से ऑरकुट पर दोस्ती हुई थी। - जून 2016 में घर से नौकरी करने की बात कहकर आकांक्षा भोपाल आ गई। यहां वह उदयन के साथ रहने लगी। उसने परिवारवालों को बताया कि मैं अमेरिका में नौकरी कर रही हूं। - जुलाई 2016 के बाद आकांक्षा के परिवारवालों से बात होनी बंद हो गई। भाई ने नंबर ट्रेस कराया तो लोकेशन भोपाल की निकली। - परिवार के लोगों को शक था कि आकांक्षा उदयन के साथ रह रही है। दिसंबर 2016 में आकांक्षा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई। - एक महीने की जांच के बाद पुलिस उसके ब्वॉयफ्रेंड उदयन के घर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। - पूछताछ में उसने आकांक्षा की हत्या की बात कबूली। बाद में अपने माता-पिता की हत्या की बात भी बताई। आगे की स्लाइड्स में देखें और फोटोज... (फोटो- भूपेश केशरवानी)

ऑडी-मर्सिडीज में घूमता था गर्लफ्रेंड का हत्यारा, टिप में बांटता था 500 के नोट

ऑडी-मर्सिडीज में घूमता था गर्लफ्रेंड का हत्यारा, टिप में बांटता था 500 के नोट

Last Updated: February 04 2017, 22:52 PM

भोपाल. खुद को IIT दिल्ली में पढ़ा हुआ बताने वाले एक युवक ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। उसने हत्या के बाद शातिराना तरीके से लाश को ठिकाने लगाया था। लेकिन पुलिस लाश ने लाश को ढूंढ़ निकाला अौर मामले का पर्दाफाश का दिया। खास बात यह है कि हत्या का आरोपी लग्जरी गाड़ियों में घूमता था और तो और टिप में ही 500 के नोट बांटा करता था। नौकरी न होने के बावजूद रईसों जैसा रहन-सहन... - हत्यारे उदयन की लाइफ स्टाइल के बारे में पड़ोसियों ने बताया कि बेराेजगार होने के बावजूद उसका रहन-सहन रईसों जैसा था। वह मर्सिडीज और ऑडी में घूमता था। - वह खाना खाने बड़ी होटलों में जाता था। कभी-कभार कार ड्राइव करने का मन नहीं करता था तो टैक्सी हायर कर ड्राइवर्स को 500 रुपए तक टिप में दे देता था। - महज डेढ़-दो किलोमीटर के लिए ऑटो वालों को पांच-पांच सौ के नोट इनाम में दे देता था। - वह अपने दोनों हाथों की उंगलियों में सोने और हीरे की अंगूठियां पहनता था। साथ ही ब्रांडेड जूते और कपड़े भी मेंटेन करता था। ऐसे हुआ मामले का खुलासा - आरोपी 32 साल के उदयन दास पर पश्चिम बंगाल में 28 साल की आकांक्षा के अपहरण का मामला 05 जनवरी को दर्ज था। मामले में गुरुवार को पुलिस ने उसे पकड़ा तो इस हत्या का चौंकाने वाला सच सामने आया। - दोनों ने जून 2016 में भोपाल बरखेड़ा स्थित काली बाड़ी में शादी कर ली थी। फिर दोनों के रिश्ते बिगड़े। आपसी झगड़े बढ़े। जिसका खात्मा आकांक्षा की हत्या से हुआ। - उदयन ने उसकी लाश को एक बक्से में बंद कर सीमेंट से भर दिया और घर की पहली मंजिल पर एक चबूतरे में दफन कर दिया। - भोपाल में रहते हुए भी आकांक्षा अपने घरवालों से खुद को न्यूयार्क में बताती थी। जुलाई के बाद से उनके बीच कोई कॉन्टेक्ट नहीं था। फैमिली ने उसे लगातार तलाशा। - आखिरकार आकांक्षा के फोन नंबर की लोकेशन भोपाल में मिलने पर उसके पिता दिसंबर में भोपाल आए थे। - मामले में आरोपी का कहना है कि उसने आकांक्षा से पहले भोपाल के ही एक मंदिर में शादी की। फिर न्यूयॉर्क घूमने के दौरान दोबारा शादी की। पड़ोसियों से कहता था मैं आईबी में अफसर हूं - उदयन के पड़ोसी रविंद्र रिंगे के मुताबिक, उसके कमरे से सुबह-सुबह गांजे की महक आती थी। किसी से बात नहीं करता था, आने-जाने का भी कोई ठिकाना नहीं था। - पड़ोसी धनंजय राव जाधव ने बताया कि उदयन कोई नौकरी नहीं करता था, लेकिन खर्च अनाप-शनाप करता था। कभी ऑडी तो कभी मर्सिडीज जैसी कार मेंटेन करता था। - पूछो तो कहता था मैं आईबी में हूं। गैमन इंडिया में भी एक फ्लैट ले लिया है। जल्द ही फॉरेन जाना है। अलग-अलग लड़कियों के साथ देखा गया - पड़ोसियों के मुताबिक, आरोपी को कई बार अलग-अलग लड़कियों के साथ देखा जाता था। अाकांक्षा के साथ उसे आसपास के लोगों ने गणेश चतुर्थी के दौरान देखा गया था। - पूछने पर उसने सबसे कहा कि इस लड़की के साथ उसने लव मैरिज की है। करीब तीन महीने पहले उसे पुलिस पकड़कर ले गई । - छूटकर आने पर उसनेबताया कि उसकी रिटायर्ड डीएसपी मां ने पुलिस अफसरों से रसूख का फायदा उठाते हुए उसे छुड़वा लिया। आगे की स्लाइड्स में देखें, इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस की फोटोज..

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