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Bihar Toppers Scam

  • तलाशी लेने आई पुलिस पर भड़की फर्जी टॉपर रूबी राय, कहने लगी अपशब्द
    Last Updated: August 26 2016, 14:23 PM

    पटना. पॉलिटिकल साइंस को प्रोडिकल साइंस कहने वाली इंटर आर्ट्स की फर्जी टॉपर रूबी राय बाल सुधार गृह से जमानत पर छूटकर इन दिनों वैशाली जिले के भगवानपुर में स्थित अपने घर में रह रही है। बुधवार को घर की तलाशी लेने पहुंची एसआईटी की टीम और पुलिस पर रूबी भड़क गई। उसने पुलिस को घर से चले जाने के लिए कहा। करीब एक घंटे तक चली बहस के बीच रूबी ने SIT, पुलिस और वहां मौजूद अन्य लोगों को अपशब्द तक कहे। रूबी ने नहीं लेने दी घर की तलाशी... - एसआईटी की टीम भगवानपुर थाने की पुलिस के साथ रूबी राय के घर पहुंची। टीम को रूबी के विरोध का सामना करना पड़ा। - जैसे ही एसआईटी ने रूबी राय से घर की तलाशी लेने की बात की एकाएक रूबी आक्रामक तेवर में आ गई और भला बुरा कहने लगी। - रूबी का तेवर देख पुलिस भी सहम गई। उसने पुलिस को अपने घर की तलाशी नहीं लेने दी। - स्थिति को भांपते हुए एसआईटी ने भगवानपुर के थानाध्यक्ष विक्रम आचार्या को इसकी सूचना दी। - विक्रम ने रूबी को काफी समझाया तब वह पहले लिखी गई अपनी दो कॉपी लाकर पुलिस को दे दी। - लाख प्रयास के बाद भी रूबी ने पुलिस को घर में घुसने नहीं दिया। थक हारकर एसआईटी को घर की तलाशी लिए बिना ही लौटना पड़ा। क्या है मामला? - इंटर आर्ट्स और साइंस के रिजल्ट में वैशाली के भागलपुर के VR कॉलेज के स्टूडेंट सौरभ श्रेष्ठ, राहुल कुमार और रूबी राय ने टॉप किया था। - एक टीवी चैनल ने साइंस टॉपर सौरभ और आर्ट्स टॉपर रूबी राय का स्टिंग किया। - वीडियो फुटेज में रूबी राय पॉलिटिकल साइंस को प्रोडिकल साइंस कहती हुई सुनी गई। सौरभ को साइंस का बेसिक नॉलेज तक नहीं था। - इसके बाद बिहार बोर्ड ने 3 जून को 1 से 5 रैंक तक टॉप किए स्टूडेंट्स को इंटरव्यू के लिए बुलाया। - रूबी राय इस इंटरव्यू में नहीं आई। वहीं, सौरभ ने इंटरव्यू के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा था कि सवाल नहीं पूछिए, सुसाइड कर लूंगा। - रूबी राय 25 जून को बोर्ड ऑफिस में टेस्ट देने आई थी। टेस्ट के बाद रूबी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। - इस केस में VR कॉलेज के प्रिंसिपल बच्चा राय और बिहार बोर्ड के पूर्व डायरेक्टर लालकेश्वर प्रसाद सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है।

  • टॉपर घोटाला: पत्नी के साथ UP में छिपे थे बिहार बोर्ड के एक्स डायरेक्टर, दोनों अरेस्ट
    Last Updated: June 20 2016, 12:40 PM

    पटना. बिहार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह और उनकी पत्नी व पूर्व जदयू MLA उषा सिन्हा गिरफ्तार हो गए हैं। दोनों पर बिहार टॉपर घोटाले में शामिल होने का आरोप है। सोमवार को एसआईटी की एक टीम ने दोनों को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से अरेस्ट किया। लालकेश्वर से पूछताछ करेगी SIT... - एसएसपी मनु महाराज ने कहा- दोनों को पटना लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। - लालकेश्वर और उषा को सीजेएम के कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद उन्हें रिमांड पर लेकर पुलिस पटना लाएगी। - पटना लाने के बाद एसआईटी की एक अलग टीम इनसे पूछताछ करेगी। - लालकेश्वर की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी की टीम उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में छापेमारी कर रही थी। 10 दिन से वाराणसी में छुपे थे लालकेश्वर - वाराणसी SSP आकाश कुलहरी ने कहा कि लालकेश्वर और उनकी पत्नी पिछले 10 दिन से यहां छुपे थे। - 5-6 दिन पहले बिहार SIT की टीम आई थी और उनसे लालकेश्वर के यहां छुपे होने की सूचना दी थी। - बिहार SIT और यूपी क्राइम ब्रांच की टीम इनकी तलाश कर रही थी। - सोमवार सुबह दोनों को उनके रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया गया। - बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। टॉपर घोटाले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। क्या है मामला? - इंटर आर्ट्स और साइंस के रिजल्ट में वैशाली के भागलपुर के VR कॉलेज के स्टूडेंट सौरभ श्रेष्ठ, राहुल कुमार और रूबी राय ने टॉप किया था। - एक टीवी चैनल ने साइंस टॉपर सौरभ और आर्ट्स टॉपर रूबी राय का स्टिंग किया। - वीडियो फुटेज में रूबी राय पॉलिटिकल साइंस को प्रोडिकल साइंस कहती हुई सुनी गई। सौरभ को साइंस का बेसिक नॉलेज तक नहीं था। - इसके बाद बिहार बोर्ड ने 3 जून को 1 से 5 रैंक तक टॉप किए स्टूडेंट्स को इंटरव्यू के लिए बुलाया। - रूबी राय इस इंटरव्यू में नहीं आई। वहीं, सौरभ ने इंटरव्यू के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा था कि सवाल नहीं पूछिए, सुसाइड कर लूंगा। लालकेश्वर और उनकी पत्नी पर क्या हैं आरोप - लालकेश्वर सिंह पर इंटर टॉपर घोटाले में साजिश करने का आरोप है। - उनपर टॉपरों की कॉपियों को बदलवाने, मनमाने अंक दिलाने, परीक्षा में फर्जी स्टूडेंट्स को बैठाने, अपने हिसाब से कुछ इंटर कॉलेजों को मनचाहा इवैल्यूएशन सेंटर देने, सेंटर डायरेक्टर चुनने और एग्जामिनर चुनने की सुविधा देने का आरोप है। - इस पूरे घोटाले में गंगा देवी महिला कॉलेज की पूर्व प्रिंसिपल व लालकेश्वर की पत्नी डॉ. उषा सिन्हा की भी इन्वॉलवमेंट सामने आई है। - आरोप है कि वो इंटर कॉलेजों के प्रिंसिपल को अपने घर पर बुलाकर मनमाना रिजल्ट दिलाने की डील करतीं थी। - पैसे की डिमांड उनकी तरफ से की जाती थी। बिहार बोर्ड की कोई भी फाइल बिना उषा की रिकमंडेशन के आगे नहीं बढ़ती थी। कौन हैं लालकेश्वर? - बिहार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर सिंह पटना यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर रहे हैं। इन्हें पटना कॉलेज का प्रिंसिपल भी बनाया गया था। - हालांकि, लगातार विवादों में रहने के कारण 6 महीने में इन्हें पद छोड़ना पड़ा था। - 2008 में पटना कॉलेज में इनके खिलाफ हंगामा मचा था। - यूनिवर्सिटी से रिटायर होने के बाद इनको पॉलिटिकल कनेक्शन के तहत 2014 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के चेयरमैन का पद मिला था। - इसमें तत्कालीन विधायक और इनकी पत्नी डॉ. उषा सिन्हा का हाथ बताया जाता है। - डॉ. उषा सिन्हा भी पटना के गंगादेवी महिला कॉलेज की प्रिंसिपल थीं।

  • इंटर टॉपर घोटाला: 8 साल की उम्र में मैट्रिक की परीक्षा पास कर गई थी लालकेश्वर की पत्नी
    Last Updated: June 15 2016, 18:24 PM

    पटना.  बिहार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लालकेश्वर प्रसाद सिंह की पत्नी डॉ. उषा सिन्हा का किस्सा भी अजीब है। महज 18 माह में उनकी उम्र छह साल बढ़ गई। मतलब, हर तीन माह पर एक साल की बढ़ोतरी। उसके बाद सबकुछ सामान्य रहा। दरअसल, वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव के दौरान दायर हलफनामे में उन्होंने अपनी उम्र 49 साल बताई। महज 18 माह बाद वर्ष 2011 में ही अपनी संपत्ति का विवरण जमा करने के दौरान उन्होंने अपनी उम्र 55 साल बताई।     10 वर्ष की उम्र में पास की इंटर की परीक्षा डॉ. सिन्हा ने विधानसभा चुनाव 2010 के दौरान 19 अक्टूबर को अपना नामांकन हिलसा विधानसभा क्षेत्र के जदयू उम्मीदवार के रूप में दाखिल किया था। इसमें उन्होंने अपनी उम्र 49 वर्ष बताई। इसके मुताबिक 1961 में उनका जन्म हुआ। इस हिसाब से महज आठ वर्ष की उम्र में 1969 में वे उत्तर प्रदेश बोर्ड से मैट्रिक की परीक्षा पास की। 10 वर्ष की उम्र में 1971 में उत्तर प्रदेश बोर्ड से ही इंटर की परीक्षा पास की। 1973 में 12 वर्ष की उम्र में स्नातक और 13 वर्ष की उम्र में बीएड उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से पास कर लिया। 15 वर्ष की उम्र में 1976 में अवध विश्वविद्यालय से पीजी की डिग्री हासिल कर ली। वे इतनी मेधावी थीं कि 23 वर्ष की उम्र में मगध विश्वविद्यालय से उन्होंने पीएचडी की उपाधि हासिल कर ली।      सवालों के घेरे में आ गई उषा सिन्हा की डिग्रियां हालांकि, 31 दिसंबर 2011 को दाखिल शपथ पत्र में उन्होंने अपनी उम्र 55 वर्ष बताई। इस हिसाब से उनका जन्म 1956 में हुआ माना जाएगा। इस हिसाब से वह 13 वर्ष में मैट्रिक, 15 वर्ष में इंटर, 17 वर्ष में स्नातक, 18 वर्ष में बीएड, 20 वर्ष में पीजी और 28 वर्ष की उम्र में पीएचडी उत्तीर्ण मानी जाएगी। इस संबंध में शिक्षाविदों का कहना है कि या तो डॉ. सिन्हा एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी स्टूडेंट रही होंगी या फिर उनकी डिग्री में कोई गड़बड़ी है। इतनी कम आयु में इतनी अधिक डिग्री लेना संभव नहीं दिखता है। इंटर टॉपर घोटाले में नाम आने के बाद उषा सिन्हा की डिग्रियां भी सवालों के घेरे में आ गई है।   लालकेश्वर की पत्नी के कॉलेज पर छापा, कर्मचारी गिरफ्तार  इंटर टॉपर घोटाला में पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह की पत्नी प्रो. उषा सिन्हा के साथ ही उनके कॉलेज के कई अन्य चेहरों ने भी कदाचार की दरिया में डुबकी लगाई थी। जांच के बाद एसआईटी ने सोमवार को गंगा देवी महिला कॉलेज के स्टाफ देव नारायण सिंह को हिरासत में ले लिया। एसआईटी प्रमुख एसएसपी मनु महाराज के मुताबिक कॉलेज में हुई छापेमारी के दौरान उसके पास के कई अहम दस्तावेज भी मिले हैं।    पूर्व विधायक संस्कृत शिक्षा बोर्ड की सदस्य रहीं प्रो. उषा सिन्हा फिलहाल गंगा देवी कॉलेज की प्रिंसिपल हैं। रविवार को प्रो. उषा के करीबी संस्कृत शिक्षा बोर्ड के क्लर्क संदीप झा और लालकेश्वर के खास ‘दलाल’ प्रो. अजित शक्तिमान (पटना कॉलेज में एडहॉक प्रोफेसर) को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। इस बीच एसआईटी अफसरों ने स्पष्ट किया कि प्रो. उषा के खिलाफ कोई नया मामला नहीं दर्ज होगा बल्कि पहले से कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी में ही उनका नाम सह अभियुक्त के रूप में जोड़ा गया है।

  • बिहार टॉपर स्कैम: 5 लाख रुपए में बिक रहे थे इंटरमीडिएट के जाली सर्टिफिकेट
    Last Updated: June 15 2016, 15:52 PM

    पटना. बिहार टॉपर स्कैम में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। एसआईटी को अपनी जांच में पता चला है कि राज्य में इंटरमीडिएट के जाली सर्टिफिकेट पांच लाख रुपए में बेचे जा रहे थे। मंगलवार को एसआईटी ने कई जगह छापे मारे और इस मामले की सबूत जुटाए। कहां मारे गए छापे... - इंटरटॉपर घोटाले की जांच में लगी एसआईटी की छापेमारी लगातार आठवें दिन मंगलवार को भी जारी रही। इस कड़ी में दो अलग-अलग टीमों ने राजधानी में गंगा देवी महिला कॉलेज आैर हाजीपुर में वीआर कॉलेज को फिर खंगाला। - टॉपर घोटाला के तार पूर्व चेयरमैन की पत्नी प्रो. उषा सिंहा से जुड़ने के बाद गंगा देवी कॉलेज में सबूतों की तलाश की जा रही है। प्रो. उषा गंगा देवी कॉलेज की प्रिंसिपल हैं। - एसआईटी चीफ (एसएसपी) मनु महाराज के मुताबिक दोनों कॉलेजों से कई तरह के कागजात बरामद करके तहकीकात की जा रही है। - इधर गंगा देवी महिला कॉलेज के इम्प्लॉई देव नारायण से पुलिस ने लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ की। उससे मिली जानकारी को परखा जा रहा है। - एक रिपोर्ट के मुताबिक, छापे के दौरान एसआईटी ने एक शख्स को हिरासत में लिया था। इस शख्स ने पूछताछ में बताया कि इंटरमीडिएट का जाली सर्टिफिकेट पांच लाख रुपए में बेचा जाता था। एग्जाम देने की भी जरूरत नहीं - एक अंग्रेजी अखबार ने एसआईटी के सूत्रों के हवाले से इंटरमीडिएट के जाली सर्टिफिकेट्स के बारे में खुलासा किया है। - रिपोर्ट के मुताबिक, जिस शख्स को सोमवार रात हिरासत में लिया गया था, उसने कई बातें एसआईटी को बताई हैं। - इस शख्स ने बताया है कि स्कैम में शामिल लोग पांच लाख रुपए लेकर उन लोगों को भी इंटरमीडिएट के जाली सर्टिफिकेट मुहैया करा देते थे जिन्होंने एग्जाम ही नहीं दिया था और यहां तक कि वो किसी कॉलेज के स्टूडेंट्स भी नहीं थे। - इस शख्स से मिली जानकारी के बाद अब एक पुलिस टीम औरंगाबाद गई है। हालांकि कई जगहों पर छापे मारने के बाद भी एसआईटी अब तक बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड यानी बीएसईबी के चेयरमैन लालकेश्वर प्रसाद सिंह और उसकी पत्नी को पकड़ नहीं पाई है। लालकेश्वर की पत्नी ऊषा सिंह जेडीयू की पूर्व एमएलए और जीडीएमसी कॉलेज की प्रिंसीपल है। - हैरानी की बात ये भी है कि एसआईटी को इन दोनों के खिलाफ अभी तक गिरफ्तारी वारंट भी हासिल नहीं हुए हैं जबकि इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए एक हफ्ता हो गया है। - पुलिस ने विशुन राय कॉलेज के डायरेक्टर बच्चा राय के खिलाफ पुलिस रिमांड मांगा है। उसे शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। 750 स्कूल और 462 इंटर कॉलेजों में टीचर्स, बिल्डिंग, फर्नीचर सभी की होगी जांच - इंटर टॉपर्स घोटाला की भारी बदनामी और फजीहत के बाद बिहार सरकार ने 750 प्लस टू स्कूल तथा 462 निजी इंटर कॉलेजों की जांच कराने का फैसला किया है। - जांच के लिए सभी डीएम, एसपी और डीईओ को जिम्मेदार बनाया गया है। जिन 750 प्लस टू स्कूल की जांच होनी है, वहां इंटर की पढ़ाई होती है। इन्हें अपग्रेड किया गया है। - इसी तरह 462 निजी इंटर कॉलेजों की भी जांच होनी है। इनके बिल्डिंग, फर्नीचर, छात्र, शिक्षक यानी सबकुछ जांचे जाएंगे। - सरकार जानना चाहती है कि वाकई इन संस्थानों में पढ़ाई होती है या ये बस फर्जी सर्टिफिकेट या डिग्री देने का काउंटर भर हैं? क्या है बिहार टॉपर्स घोटाला? - वैशाली जिले के भगवानपुर में बने बिशुन राय (BR) कॉलेज की आर्ट्स टॉपर रूबी राय ने पॉलिटिकल साइंस को प्रोडिकल साइंस बताया था और साइंस टॉपर सौरभ श्रेष्ठ कुछ सवालों का जवाब नहीं दे पाया था। एक चैनल के स्टिंग ऑपरेशन से यह खुलासा हुआ था। - इसी के बाद टॉपर घोटाला सामने आया। - घोटाले का मास्टरमाइंड बच्चा राय अरेस्ट हो चुका है। बच्चा राय ही बिशुन राय कॉलेज चलाता है। - पुलिस की अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि बच्चा राय एग्जाम होने से पहले ही बिहार बोर्ड के अफसरों के साथ मिलकर इंटर के टॉपर्स के नाम तय कर लेता था। - जिन लड़कों के नाम तय हो जाते थे, उनसे पैसा एडवांस में ही ले लिया जाता था। बाद में मार्कशीट और सर्टिफिकेट का पैसा अलग से लिया जाता था। - इंटर आर्ट्स और साइंस के रिजल्ट में उसके कॉलेज के कई स्टूडेंट टॉप करते आए थे। - आरोप है कि बच्चा फर्जी डिग्रियों के बल पर प्रिसिंपल बना था। कहां हैं लालकेश्वर, जमीं खा गई या आसमां निगल गया? - बिहार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह अब तक लापता हैं। - इंटर टॉपर घोटाले की जांच में सुलगते सवालों के बीच राजधानी के गलियारों से अचानक गायब हुए लालकेश्वर फिलहाल एसआईटी को छकाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। - पूर्व अध्यक्ष की पत्नी और गंगा देवी महिला कॉलेज की प्रिंसिपल की तलाश में भी पुलिस हाथ-पैर मार रही है। - दरअसल 6 जून की आधी रात को कोतवाली में टॉपर घोटाला की एफआईआर दर्ज होने के बाद 7 जून की दोपहर से रात तक लालकेश्वर से पुलिस ने छह घंटे तक पूछताछ की। - इसके बाद ही लालकेश्वर उनकी पत्नी बहादुरपुर इलाके में स्थित घर छोड़ कर अचानक अंडरग्राउंड हो गए। ये हैं आरोपी - अमित कुमार उर्फ बच्चा राय (बिशुन राय कॉलेज का मालिक और प्रिंसिपल)। इसे गिरफ्तार किया जा चुका है। - शैल कुमारी - प्रिंसिपल जीए इंटर स्कूल, हाजीपुर - गिरफ्तार - विशेश्वर यादव -राजेंद्रनगर बॉयज हाईस्कूल के प्रिंसिपल- गिरफ्तार - शालिनी राय -साइंस टॉपर पुलिस के सामने नहीं आए चारों नामजद टॉपर - सौरभ श्रेष्ठ - सेकेंड साइंस टॉपर - राहुल कुमार -चौथा साइंस टॉपर - रुबी राय - आर्ट्स टॉपर

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