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Bulandshahr Gangrape

बुलंदशहर गैंगरेप केस: आजम खान का SC में माफीनामा मंजूर, आगे से ऐसी बयानबाजी न करने की हिदायत

बुलंदशहर गैंगरेप केस: आजम खान का SC में माफीनामा मंजूर, आगे से ऐसी बयानबाजी न करने की हिदायत

Last Updated: December 15 2016, 12:20 PM

लखनऊ. बुलंदशहर गैंगरेप मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आजम खान का माफीनामा मंजूर कर लिया। साथ ही कोर्ट ने मंत्री को हिदायत दी कि वे आगे से इस तरह की बयानबाजी करने से बचें। याचिकाकर्ता की अपील पर 18 फरवरी को दोबारा सुनवाई होगी। बता दें, NH-91 के पास 29 जुलाई की रात मां और उसकी 14 साल की नाबालिग बेटी से गैंगरेप किया गया था। पिछली सुनवाई में क्या हुआ था...? - पिछली सुनवाई में आजम खान की ओर से दाखिल किए गए माफीनामे के ड्राफ्ट हलफनामे पर केंद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सवाल उठाया था। - रोहतगी का कहना था कि माफीनामे के ड्राफ्ट हलफनामे की भाषाशैली में अंतर है, जबकि इसके पहले हुई सुनवाई के दौरान आजम ने बिना शर्त माफी मांगने की बात कही थी। - इसके बाद जज ने आजम के वकील कपिल सिब्बल से पूछा कि माफीनामा में किंतु और परंतु जैसे शब्द इस्तेमाल क्यों किए गए हैं, जबकि माफीनामा सिर्फ माफी होता है। - इस पर सिब्बल ने दोबारा हलफनामा दायर करने के लिए 12 दिसंबर तक का समय मांगा था। 17 नवंबर की सुनवाई में आजम को कोर्ट ने लगाई थी फटकार - बीते 17 नवंबर को हुई सुनवाई में आजम खान को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी। - कोर्ट ने यूपी के कैबिनेट मिनिस्टर आजम को निर्देश दिया था कि वे कोर्ट में अपना माफीनामा दायर करें। - कोर्ट ने उनसे विक्टिम्स से बिना शर्त माफी मांगने को कहा था, जिसके लिए आजम तैयार भी हो गए थे। - बेंच ने कहा था- आप एफिडेविट में लिखिए कि आपका इरादा विक्टिम्स को दुख पहुंचाने का नहीं था, लेकिन अगर फिर भी उन्हें दुख पहुंचा है या वे अपमानित महसूस करते हैं तो वो (आजम खान) बिना शर्त माफी मांगने को तैयार हैं। केंद्र से मदद करने को कहा... - जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस अमित्व रॉय की बेंच ने केंद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल से कहा था कि रेप और मोलेस्टेशन जैसे मामलों में बड़े सरकारी पदों पर बैठे लोगों की बयानबाजी रोकने के लिए कदम उठाएं। - कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा कि वह गैंगरेप विक्टिम को घर के करीब किसी सेंट्रल स्कूल में एडमिशन दिलाए। उसके एडमिशन और पढ़ाई का खर्च भी यूपी सरकार को उठाना चाहिए। आजम ने क्या कहा था एफिडेविट में? - आजम ने अपने एफिडेविट के साथ एक सीडी भी कोर्ट को सौंपी थी। एफिडेविट में कहा था, मैं कई साल से समाजसेवा में हूं और एक यूनिवर्सिटी भी बनाई है, जो महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम करती है। - मैंने ये कभी नहीं कहा कि ये मामला राजनीतिक साजिश है। मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। दाखिल की गई अर्जी में सारे आरोप बेबुनियाद हैं। अर्जी को खारिज की जाए।; - इसके बाद कोर्ट ने आजम को फटकार लगाई और बिना शर्त माफी मांगने को कहा। कोर्ट ने आजम से कहा था- आरोप पर जवाब दीजिए - आजम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा था- खान ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था कि गैंगरेप राजनीतिक साजिश है। उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। - कोर्ट ने आजम से कहा- आप आरोप का जवाब दीजिए। इतने सारे अखबार कैसे गलत खबर छाप सकते हैं? प्रेस की भी देश के प्रति जवाबदेही होती है। विक्टिम के पिता ने की थी अपील - आजम ने जब मामले को कथित रूप से सियासी साजिश बताया तो विक्टिम के पिता की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और आजम खान को नोटिस जारी किया था। - कोर्ट ने कहा था- क्या प्रशासन या सरकार के अहम ओहदे पर बैठा व्यक्ति ये कह सकता है कि इस तरह की घटनाएं राजनीतिक साजिश के तहत होती हैं? क्या थी विक्टिम के पिता की मांग? - यूपी सरकार ने फ्लैट देने की घोषणा की थी, वह नहीं मिला है। उसे दिलवाया जाए। पढ़ाई-लिखाई पर होने वाला खर्च सरकार दे। बालिग होने के बाद उसे सरकारी नौकरी दी जाए। आजम खान ने विवादास्पद बयान दिया था, उन पर कार्रवाई की जाए।

बुलंदशहर गैंगरेप केस की सुनवाई: अाजम के हलफनामे पर कोर्ट ने पूछा- माफीनामे में किंतु-परंतु जैसे शब्दों का इस्‍तेमाल क्यों?

बुलंदशहर गैंगरेप केस की सुनवाई: अाजम के हलफनामे पर कोर्ट ने पूछा- माफीनामे में किंतु-परंतु जैसे शब्दों का इस्‍तेमाल क्यों?

Last Updated: December 07 2016, 13:17 PM

लखनऊ/नई दिल्ली. बुलंदशहर गैंगरेप मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में आजम खान की ओर से दाखिल किए गए माफीनामे के ड्राफ्ट हलफनामे पर केंद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सवाल उठाया। रोहतगी के मुताबिक, माफीनामे के ड्राफ्ट हलफनामे की भाषाशैली में अंतर है, जबकि पिछली सुनवाई के दौरान आजम खान ने बिना शर्त माफी मांगने की बात कही थी। इसके बाद जज ने आजम के वकील कपिल सिब्बल से पूछा कि माफीनामा में किंतु और परंंतु जैसे शब्द इस्तेमाल क्यों किए गए हैं, जबकि माफीनामा सिर्फ माफी होता है। इस पर सिब्बल ने दोबारा हलफनामा दायर करने के लिए 12 दिसंबर तक का समय मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 15 दिसबंर को होगी। बता दें, NH-91 के पास 29 जुलाई की रात मां और उसकी 14 साल की नाबालिग बेटी से गैंगरेप किया गया था। पिछली सुनवाई में क्या हुआ...? - बीते 17 नवंबर काे हुई सुनवाई में आजम खान को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी। कोर्ट ने यूपी के कैबिनेट मिनिस्टर आजम को निर्देश दिया था कि वे कोर्ट में अपना माफीनामा दायर करें। कोर्ट ने उनसे विक्टिम्स से बिना शर्त माफी मांगने को कहा था, जिसके लिए आजम तैयार भी हो गए थे। - बेंच ने कहा था- आप एफिडेविट में लिखिए कि आपका इरादा विक्टिम्स को दुख पहुंचाने का नहीं था, लेकिन अगर फिर भी उन्हें दुख पहुंचा है या वे अपमानित महसूस करते हैं तो वो (आजम खान) बिना शर्त माफी मांगने को तैयार हैं। केंद्र से मदद करने को कहा... - जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस अमित्व रॉय की बेंच ने केंद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल से कहा कि रेप और मोलेस्टेशन जैसे मामलों में बड़े सरकारी पदों पर बैठे लोगों की बयानबाजी रोकने के लिए कदम उठाएं। - कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा कि वह गैंगरेप विक्टिम को घर के करीब किसी सेंट्रल स्कूल में एडमिशन दिलाए। उसके एडमिशन और पढ़ाई का खर्च भी यूपी सरकार को उठाना चाहिए। आजम ने क्या कहा था एफिडेविट में? - आजम ने अपने एफिडेविट के साथ एक सीडी भी कोर्ट को सौंपी थी। एफिडेविट में कहा, मैं कई साल से समाजसेवा में हूं और एक यूनिवर्सिटी भी बनाई है, जो महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम करती है। - मैंने ये कभी नहीं कहा कि ये मामला राजनीतिक साजिश है। मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। दाखिल की गई अर्जी में सारे आरोप बेबुनियाद हैं। अर्जी को खारिज की जाए।; - इसके बाद कोर्ट ने आजम को फटकार लगाई और बिना शर्त माफी मांगने को कहा। कोर्ट ने आजम से कहा था- आरोप पर जवाब दीजिए - आजम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा था- खान ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था कि गैंगरेप राजनीतिक साजिश है। उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। - कोर्ट ने आजम से कहा- आप आरोप का जवाब दीजिए। इतने सारे अखबार कैसे गलत खबर छाप सकते हैं? प्रेस की भी देश के प्रति जवाबदेही होती है। विक्टिम के पिता ने की थी अपील - आजम ने जब मामले को कथित रूप से सियासी साजिश बताया तो विक्टिम के पिता की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और आजम खान को नोटिस जारी किया था। - कोर्ट ने कहा था- क्या प्रशासन या सरकार के अहम ओहदे पर बैठा व्यक्ति ये कह सकता है कि इस तरह की घटनाएं राजनीतिक साजिश के तहत होती हैं? क्या थी विक्टिम के पिता की मांग? - यूपी सरकार ने फ्लैट देने की घोषणा की थी, वह नहीं मिला है। उसे दिलवाया जाए। पढ़ाई-लिखाई पर होने वाला खर्च सरकार दे। बालिग होने के बाद उसे सरकारी नौकरी दी जाए। आजम खान ने विवादास्पद बयान दिया था, उन पर कार्रवाई की जाए।

बुलंदशहर गैंगरेप केस: SC की फटकार के बाद आजम बिना शर्त माफी मांगने को तैयार

बुलंदशहर गैंगरेप केस: SC की फटकार के बाद आजम बिना शर्त माफी मांगने को तैयार

Last Updated: November 17 2016, 18:09 PM

नई दिल्ली/लखनऊ. बुलंदशहर गैंगरेप को सियासी साजिश करार दे चुके आजम खान को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यूपी के कैबिनेट मिनिस्टर आजम से कहा कि वे विक्टिम्स से बिना शर्त माफी मांगें। आजम इसके लिए तैयार भी हो गए हैं। बेंच ने कहा- आप एफिडेविट में लिखिए कि आपका इरादा विक्टिम्स को दुख पहुंचाने का नहीं था लेकिन अगर फिर भी उन्हें दुख पहुंचा है या वे अपमानित महसूस करते हैं तो वो (आजम खान) बिना शर्त माफी मांगने को तैयार हैं।; मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी। बता दें, NH-91 के पास 29 जुलाई की रात मां और उसकी 14 साल की नाबालिग बेटी से गैंगरेप किया गया था। केंद्र से मदद करने को कहा.. - जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस अमित्व रॉय की बेंच ने केंद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल से कहा कि रेप और मोलेस्टेशन जैसे मामलों में बड़े सरकारी पदों पर बैठे लोगों की बयानबाजी रोकने के लिए कदम उठाएं। - कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा कि वह गैंगरेप विक्टिम को घर के करीब किसी सेंट्रल स्कूल में एडमिशन दिलाए। उसके एडमिशन और पढ़ाई का खर्च भी यूपी सरकार को उठाना चाहिए। आजम ने क्या कहा था एफिडेविट में? - आजम ने अपने एफिडेविट के साथ एक सीडी भी कोर्ट को सौंपी थी। एफिडेविट में कहा, मैं कई साल से समाजसेवा में हूं और एक यूनिवर्सिटी भी बनाई है, जो महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम करती है। मैंने ये कभी नहीं कहा कि ये मामला राजनीतिक साजिश है। मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। - दाखिल की गई अर्जी में सारे आरोप बेबुनियाद हैं। अर्जी को खारिज की जाए।; - इसके बाद कोर्ट ने आजम को फटकार लगाई। और बिना शर्त माफी मांगने को कहा। कोर्ट ने आजम से कहा था- आरोप पर जवाब दीजिए - आजम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा था- खान ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था कि गैंगरेप राजनीतिक साजिश है। उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। - कोर्ट ने आजम से कहा- आप आरोप का जवाब दीजिए। इतने सारे अखबार कैसे गलत खबर छाप सकते हैं? प्रेस की भी देश के प्रति जवाबदेही होती है। विक्टिम के पिता ने की थी अपील - आजम ने जब मामले को कथित रूप से सियासी साजिश बताया, तो विक्टिम के पिता की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और आजम खान को नोटिस जारी किया था। - कोर्ट ने कहा था- क्या प्रशासन या सरकार के अहम ओहदे पर बैठा व्यक्ति ये कह सकता है कि इस तरह की घटनाएं राजनीतिक साजिश के तहत होती हैं? क्या थी विक्टिम के पिता की मांग? - यूपी सरकार ने फ्लैट देने की घोषणा की थी, वह नहीं मिला है। उसे दिलवाया जाए। पढ़ाई-लिखाई पर होने वाला खर्च सरकार दे। बालिग होने के बाद उसे सरकारी नौकरी दी जाए। आजम खान ने विवादास्पद बयान दिया था, उन पर कार्रवाई की जाए।

बुलंदशहर गैंगरेप केस: आजम के बयान मामले में SC अब दूसरे देशों के कानून-सिद्धांतों पर करेगा विचार

बुलंदशहर गैंगरेप केस: आजम के बयान मामले में SC अब दूसरे देशों के कानून-सिद्धांतों पर करेगा विचार

Last Updated: November 15 2016, 11:16 AM

बुलंदशहर. बुलंदशहर गैंगरेप मामले में कैबिनेट मंत्री आजम खान के दिए गए बयान को क्राइम की श्रेणी में रखने और उस आधार पर दोषी ठहराए जाने के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दूसरे देशों में प्रचलित कानून और सिद्धांतों पर विचार करने का फैसला किया है। मामले की जांच में होती है बाधा... - मामले में न्यायिक निर्णय के लिए कोर्ट ने 4 सवाल फ्रेम किए हैं। - इसमें एक ये कि उस स्थिति में क्या होना चाहिए था जब कोर्ट को ये पता चलता है कि पब्लिक पर्सनैलिटी द्वारा ऐसे बयान देने पर मामले की जांच में बाधा होती है। - साथ ही पीड़ित महिला का भी इससे उत्पीड़न होता है। पीड़ित परिवार के रिश्तेदार ने दायर की पिटीशन - सुप्रीम कोर्ट ने आजम के बयान पर चिंता जाहिर की, जब पीड़ित परिवार के एक रिश्तेदार ने मामले में पिटीशन दायर की। - इसके बाद कोर्ट ने आजम और यूपी सरकार से जवाब मांगा। साथ ही सीनियर एडवोकेट फाली एस नरीमन को पीड़ित पक्ष की मदद के लिए अप्वाइंट किया। मीडिया ने आजम के बयान को किया पब्लिश - जहां आजम ने गैंगरेप को पॉलिटिकल साजिश बताने वाले बयान से इनकार किया, तो वहीं नरीमन ने राय दी कि इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया ने इस बयान को पब्लिश किया। - इन्हें भी केस में पार्टी बनाना चाहिए और सबूत को रिकॉर्ड के तौर पर रखना चाहिए। नरीमन ने यूके और कनाडा के कानून की जानकारी दी - नरीमन ने यूके और कनाडा में कानून के बारे में सुप्रीम कोर्ट के सामने जानकारी दी। - उन्होंने बताया कि यूके के एक पूर्व पीएम ने वहां के पब्लिक लाइफ के संबंध में जो कानून बनवाए थे, वो वहां जारी है। - कुछ ऐसा ही कानून भारत के मंत्रियों के लिए भी लाया जाना चाहिए। - वहीं, उन्होंने कनाडा के सुप्रीम कोर्ट के बारे में कहा कि वहां का कोर्ट नेग्लीजेंट इन्वेस्टीगेशन पर एक्शन लेता है, जिससे टोर्ट के सिद्धांत के मुताबिक पीड़ित को इंसाफ मिलने में मदद मिलती है। आजम खान ने क्या दिया था बयान? - बुलंदशहर गैंगरेप मामले के बाद आजम ने कहा था- जब सत्ता के लिए बेगुनाहों की जान ली जा सकती है, सत्ता के लिए गुजरात हो सकता है, कांग्रेस के जमाने में 42 हजार दंगे हो सकते हैं, वोट लेने के लिए मुजफ्फरनगर, शामली, कैराना हो सकता है। वोट के लिए इतना गिर सकते हैं। बापू को आरएसएस की विचारधारा ने ही मार दिया। - बात इतनी नहीं है कि तीन बलात्कार हो गए। इसके पीछे का सच क्या है, वो मालूम हो जाए तो अच्छा रहे। चुनाव करीब हैं। समाजवादी पार्टी को बदनाम करने का इसके अलावा कोई रास्ता विपक्ष के पास नहीं है। मुख्यमंत्री पर कोई एक आरोप हो तो बताइए।

#बुलंदशहर गैंगरेप केस: रोए जा रही थी मां-बेटी, बुरी तरह गंदे थे दोनों के कपड़े

#बुलंदशहर गैंगरेप केस: रोए जा रही थी मां-बेटी, बुरी तरह गंदे थे दोनों के कपड़े

Last Updated: August 28 2016, 09:58 AM

बुलंदशहर. यहां एनएच-91 पर दरिंदों ने मां-बेटी के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। घटना के बाद मां-बेटी इस कदर दहशत में थी कि मेडिकल जांच के दौरान भी उनके चेहरों पर खौफ साफ नजर आ रहा था। लेडी डॉक्टर के अनुसार, मां और बेटी दोनों रोए जा रही थी। (चौथी स्लाइड - वीडियो में देखें गैंगरेप विक्टिम का मेडिकल करने वाली डॉक्टर का क्या है कहना...) मेडिकल जांच करने वाली डॉ बोली- बुरी तरह गंदे थे दोनों के कपड़े... - जिस समय पुलिस रेप पीड़िता मां और बेटी को लेकर मेडिकल जांच के लिए आई, उस वक्त भी दोनों के चेहरों पर खौफ था। - मेडिकल स्टाफ की मानें तो दोनों बेहद डरी हुई थी। उनकी हालत भी बेहद खराब थी। - मेडिकल जांच करने वाली लेडी डॉक्टर का कहना है कि दोनों की बुरी हालत थी। - मां और बेटी दोनों के ही कपड़े बुरी तरह से मैले और गंदे हो गए थे। - दोनों रोए जा रही थी। उन्हें पानी पिलाया गया और उसके बाद उनका इलाज किया गया। - लेडी डॉक्टर ने मां और बेटी का मेडिकल जांच करने के बाद पुलिस को अपनी रिपोर्ट दे दी है। - जांच के लिए स्लाइड रिपोर्ट लैब भेजी गई हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रथम दृष्टया रेप की पुष्टि हुई है। सुबह साढ़े 6 बजे लेकर पहुंची थी पुलिस - पीड़िता मां और बेटी को पुलिस शनिवार की सुबह करीब साढ़े 6 बजे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लेकर पहुंची थी। - मेडिकल ड्यूटी पर तैनात लेडी डॉक्टर ने बताया कि मेडिकल परीक्षण करीब साढ़े 9 बजे तक पूरा हुआ। - उन्होंने बताया कि बच्ची लगातार रोए जा रही थी, उनकी हालत बेहद खराब थी। ये है पूरा मामला - घटना वाली जगह दिल्ली से महज 65 किमी दूर है। महिला का परिवार रिश्तेदार की तेरहवीं के लिए शाहजहांपुर से नोएडा जा रहा था। - रास्ते में बदमाशों ने उनकी कार रोककर परिवार के लोगों को बंधक बना लिया। - लड़की के पिता ने बताया- मेरी बेटी को मार्शल आर्ट्स आता था। उसने हमलावरों का जमकर सामना किया। - मेरी बेटी करीब आंधे घंटे तक उनसे जूझती रही। जब बदमाश उससे जीत नहीं सके तो उन्होंने मुझ पर और मेरे बेटे पर बंदूक तान दी। - इसके बाद वह हार गई। उसने स्कूल में मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली थी। - उन लोगों ने मां-बेटी के साथ करीब तीन घंटे रेप किया। वे कैश और कीमती सामान लेकर भाग गए। - बता दें कि आरोपियों को 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया है। उधर, केंद्र ने यूपी सरकार से मामले में रिपोर्ट मांगी है। अब तक पांच लोग अरेस्ट, जेल भेजा - मेरठ रेंज के डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि आरोपियों रहीसुद्दीन, शहवाज और जबर सिंह सहित पांच को अरेस्ट कर लिया गया है। पीड़ित परिवार ने इनकी पहचान भी कर ली है। - पीड़ित परिवार ने बताया, एनएच-91 पर दोस्तपुर गांव के पास डकैतों ने सड़क पर एक लोहे की रॉड को फेंक दिया था। हमें लगा कि कार का एक्सेल टूट गया है, इसलिए कार को सड़क किनारे रोका। - तभी झाड़ियों से करीब एक दर्जन हथियारबंद डकैत बाहर निकल आए। ये लोग परिवार को कार समेत हाईवे से करीब 50 मीटर दूर खेतों में ले गए और बंधक बनाकर कैश, लाखों रुपए का सामान और महिलाओं के जेवर लूट लिए। - कार में बैठी परिवार की महिला और उसकी बड़ी बेटी से गैंगरेप किया। - कार में एक महिला, उसकी दो बेटियां और परिवार के तीन पुरुष मौजूद थे। आगे की स्लाइड्स में देखिए अन्य फोटोज...

'4 घंटे घुमाते रहे कार, बेटी को लिया गन प्‍वांइट पर, मैं रोती रही वो करते रहे रेप'

'4 घंटे घुमाते रहे कार, बेटी को लिया गन प्‍वांइट पर, मैं रोती रही वो करते रहे रेप'

Last Updated: August 15 2016, 13:03 PM

मेरठ. बुलंदशहर केस के बाद मेरठ में मां-बेटी को किडनैप कर चलती कार में गैंगरेप की घटना सामने आई है। महिला का आरोप है कि शुक्रवार को कार सवार 4 युवकों ने पता पूछने के बहाने उसको और उसकी 12 साल की बेटी को किडनैप कर लिया। इसके बाद कार सवार युवकों ने उसकी बेटी को गन प्वाइंट पर लेकर चलती कार में उसके साथ रेप किया। इस दौरान वह गिड़गिड़ाती रही, लेकिन दरिंदे रेप करते रहे। बाद में आरोपी उसे कब्रिस्तान के सामने छोड़ कर फरार हो गए। एक आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया... - काशीराम कॉलोनी निवासी महिला की शिकायत पर पुलिस ने मेडिकल कराकर केस दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी। - महिला का कहना है कि बेटी के साथ शुक्रवार सुबह पीवीएस के पास शेरगढ़ी में दवा लेने आई थी। - पता पूछने के बहाने चार युवकों ने पीवीएस रोड पर उन्हें रोका और मौका देख उसे और उसकी बेटी को कार में खींच लिया। - महिला का आरोप है कि उसके साथ कार में ही मारपीट की गई और उसकी बेटी को गन प्वाइंट पर ले लिया। - इसके बाद आरोपी कार को हाईवे पर दौड़ाते रहे और उसके साथ कार में ही रेप करते रहे। - दोहपर में करीब एक बजे आरोपी उसे कचहरी के पास कब्रिस्तान के बाहर कार से उतार कर चले गए। - बाद में उसकी बेटी को जेलचुंगी पर कार से उतार दिया और आरोपी फरार हो गए। - महिला का कहना है कि कुछ देर बाद उसे एक आरोपी आस मोहम्मद दिखाई दिया, जिससे देखकर उसने शोर मचा दिया। - मौके पर पहुंची पुलिस ने आस मोहम्मद को अपनी हिरासत में ले लिया। - पीड़िता ने चार आरोपियों आस मोहम्मद निवासी किठौर, आसिफ, नईमुद्दीन, एक अन्य के खिलाफ नौचंदी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। अपहरण और रेप की कहानी पर सवाल - महिला द्वारा लगाए गए किडनैपिंग और रेप के आरोप पर सवाल उठ रहे हैं। - पुलिस का कहना है कि यदि पीवीएस मॉल पर उनको किडनैप किया गया तो वहां शोर क्यों नहीं मचाया गया। - रास्ते में पुलिस की चेक पोस्ट भी थी वहां, क्यों महिला ने शोर नहीं मचाया। - महिला का कहना है कि उसे चार घंटे पर हाईवे पर इधर से उधर कार में ले जाया गया। कहना पुलिस अधिकारियों का - एसपी सिटी ओमप्रकाश का कहना है कि महिला जो आरोप लगा रही है उनकी जांच कराई जा रही है। - प्रथम दृष्टया महिला द्वारा लगाए गए आरोप सही नहीं लग रहे हैं। - एसपी सिटी के अनुसार, आरोपी आस मोहम्मद की बहन का साल 2013 में किडनैपिंग कर गैंगरेप किया गया था। - इस मामले में एक महिला समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। - इस मामले में कोर्ट में सुनवाई चल रही है, केस में समझौते के लिए आस मोहम्मद पर भी दबाव बनाया जा रहा है। - आस मोहम्मद शुक्रवार को भी कोर्ट आया था, उसके कोर्ट में उसके आने की पुष्टि हुई है। - एसपी सिटी का कहना है कि महिला के आरोप सही है या नहीं इसके लिए चौराहों पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच करायी जा रही है। कहना आस मोहम्मद का - आस मोहम्मद का कहना है कि कोर्ट में तारीख की सुनवाई के बाद वह कब्रिस्तान के पास बने पीर पर बैठा था। - वह जब भी केस के सिलसिले में मेरठ आता है इस पीर पर कुछ देर बैठकर जरूर जाता है। - शुक्रवार को भी वह पीर पर बैठा था, तभी एक महिला बाइक सवार के साथ यहां आई। - कुछ देर बाद इस महिला ने शोर मचा दिया और रेप का आरोप लगाते हुए पुलिस बुला ली।

गैंगरेप पर आजम बोले- हो सकता है विपक्ष सरकार को बदनाम कर रहा हो

गैंगरेप पर आजम बोले- हो सकता है विपक्ष सरकार को बदनाम कर रहा हो

Last Updated: August 12 2016, 16:15 PM

नोएडा/बुलंदशहर. यहां एनएच-91 के पास 29 जुलाई की रात मां और उसकी 14 साल की नाबालिग बेटी से गैंगरेप किया गया। इसे यूपी सरकार में मंत्री आजम खान ने विपक्ष की साजिश बताने की कोशिश की है। कहा- हमें इस तरह से भी देखना चाहिए कि कहीं कोई विपक्षी विचारधारा जो सत्ता में आना चाहती है, सरकार को बदनाम करने के लिए कोई कुकर्म तो नहीं कर रही? कुछ भी हो सकता है। इस पर पीड़ित लड़की के पिता ने जवाब दिया, अगर आजम की बेटी के साथ ऐसा हुआ होता तो क्या वे ऐसा बयान देते? पीड़िता के पिता ने कहा- दोषियों को फांसी नहीं हुई, तो फैमिली सहित कर लूंगा सुसाइड... - पीड़ित परिवार ने कहा है कि अगर आरोपियों को सजा नहीं दी गई तो वे सुसाइड कर लेंगे। पीड़ित ने प्रदेश सरकार और पुलिस को 3 महीने का समय दिया है। - पीड़िता के पिता ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, घटना वाली रात मैंने आरोपियों से कहा था कि पहले मुझे मारो, उसके बाद जो करना है करो। - उस रात की दास्तां को सोचकर ही दिल कांप उठता है। उस समय परिवार के 6 सदस्य साथ में थे। पहले आरोपियों ने महिलाओं के जेवर उतरवाए, फिर करीब 50 मीटर दूर खेत में ले जाकर रेप किया। - हम आरोपियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन वह रेप करते रहे। घटना के बाद पानी मांगने पर पूरे परिवार को मारा। बोलने पर भी बदसलूकी की। - घटना के बाद से ही बच्ची सदमे में है, उसकी हालत नाजुक बनी है। वो किसी से बातचीत करने और किसी के सामने आने से भी घबरा रही है। उसकी काउंसिलिंग की जा रही है। विवाद के बाद आजम की सफाई उधर, विवादित बयान पर आजम ने सफाई दी, मैंने विरोधियों की साजिश नहीं कहा था (गैंगरेप को)। मैंने कहा था, यूपी में चुनाव नजदीक हैं और इस तरह की बहुत सी घटनाएं हो रही हैं। इसलिए इनकी जांच की जरूरत है। मैं निजी रूप से पीड़ित परिवार के साथ हूं। क्या कहना है पुलिस का? - मेरठ रेंज की डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने कहा, यहां अफवाहें बहुत फैलाई जा रही हैं। हम यह कबूल करते हैं कि कुछ गलती हुई है, जिस वजह से दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। - हम दोषियों को सजा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक 6 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। - अपराधी हों या लापरवाह पुलिसवाले, बख्शे नहीं जाएंगे। गैंगरेप में उत्तर प्रदेश पहले नंबर पर - NCRB (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) की रिपोर्ट के मुताबिक, गैंगरेप के मामले उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा हैं। यहां 2014 में सबसे ज्यादा 762 गैंगरेप हुए थे। - वहीं, रेप के मामले में उत्तर प्रदेश देश में तीसरे नंबर पर है। 2014 में यहां रेप के 3467 केस सामने आए थे। - 2014 में देश में रेप के 36735 केस सामने आए थे। इनमें मध्य प्रदेश पहले (5076 केस) और राजस्थान (3759 केस) दूसरे नंबर पर है। आजम खान के बयान पर विवाद - यूपी में 48 घंटे में तीन जगह गैंगरेप होने के सवाल पर आजम खान के बयान से विवाद खड़ा हो गया है। - आजम ने कहा- जब सत्ता के लिए बेगुनाहों की जान ली जा सकती है, सत्ता के लिए गुजरात हो सकता है, कांग्रेस के जमाने में 42 हजार दंगे हो सकते हैं, वोट लेने के लिए मुजफ्फरनगर, श्यामली, कैराना हो सकता है। वोट के लिए इतना गिर सकते हैं। बापू को आरएसएस की विचारधारा ने ही मार दिया। - बात इतनी नहीं है कि तीन बलात्कार हो गए। इसके पीछे का सच क्या है, वो मालूम हो जाए तो अच्छा रहे। चुनाव करीब हैं। समाजवादी पार्टी को बदनाम करने का इसके अलावा कोई रास्ता विपक्ष के पास नहीं है। मुख्यमंत्री पर कोई एक आरोप हो तो बताइए। - यूपी बीजेपी का एक डेलिगेशन गाजियाबाद में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। - यूपी बीजेपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। कहा, आजम ऐसे मंत्री हैं जो कुछ भी बयान दे रहे हैं। सपा को चहिए वह ऐसे लोगों को समझाए जो कभी भी कुछ भी बोल देते हैं। यूपी में हाईवे पर फिर गैंगरेप, दी फोटो इंटरनेट पर डालने की धमकी - बरेली में भी एक टीचर को किडनैप कर गैंगरेप का मामला सामने आया है। बदमाशों ने टीचर की अश्लील फोटोज क्लिक कर इंटरनेट पर डालने की धमकी भी दी। इसके बाद उसे खेत में छोड़कर बदमाश फरार हो गए। - घटना एनएच-24 लखनऊ-दिल्ली हाईवे से सटे लिंक रूट सीबीगंज थाना क्षेत्र के खड़ुआ रोड की है। - मंगलवार की सुबह टीचर, स्कूल जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में मारुति कार सवार 3 बदमाशों ने टीचर का रास्ता रोक लिया। - इसके बाद उसे कार में खींचकर खेत में ले गए और वहां गैंगरेप किया। (<a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/UP-LUCK-teacher-gangraped-on-lucknow-delhi-highway-news-hindi-5387177-PHO.html'>यहां पढ़ें पूरी खबर</a>) यह भी पढ़ें : <a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/UP-MEER-robbery-and-gangrape-on-national-highway-news-hindi-5384875-NOR.html'>UP में हाईवे पर गैंगरेपः मार्शल आर्ट्स जानने वाली बेटी ने की थी आधे घंटे फाइट, भाई-पिता पर बंदूक तानने से हुई मजबूर</a> आगे की स्लाइड्स में पढ़ेंः कुछ दिन पहले एक महिला के साथ खेत में देखे गए थे अज्ञात युवक...

मां-बेटी के सम्मान में 500 मीटर भी नहीं चल सके बीजेपी कार्यकर्ता

मां-बेटी के सम्मान में 500 मीटर भी नहीं चल सके बीजेपी कार्यकर्ता

Last Updated: August 11 2016, 17:57 PM

लखनऊ. बुलंदशहर घटना के विरोध में माँ बेटी के सम्मान में विरोध प्रदर्शन पर उतरे बीजेपी के कार्यकर्ता शुक्रवार को महज 500 मीटर भी पैदल न चल सके। राजधानी में मेयर डॉ. दिनेश शर्मा की अगुआई में बेगम हजरत महल पार्क से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन कलेक्ट्रेट पर जाकर सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार को ज्ञापन देकर सम्पन्न हो गया। खास बात यह रही कि बेगम हजरत महल पार्क के सामने से जुलूस के चलते ही कुछ लोग इधर उधर होने लगे। कलेक्ट्रेट पर 300 से 350 के बीच कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ही रही। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के चलते जाम लगने की वजह से एक रिक्शा चालक को रोडवेज की बस ने टक्कर मार दी, जिससे उसका रिक्शा क्षतिग्रस्त हो गया। रिक्शा क्षतिग्रस्त होने के बाद कभी व बीजेपी को तो कभी रोडवेज की बस को कोसते हुए रह गया। इस दौरान किसी कार्यकर्ता या नेता ने उसकी मदद करने की नहीं सोची। पूर्व र्निधारित कार्यक्रम में संशोधन कर मेयर की अगुवाई में कलेक्ट्रेट तक निकाला जुलूस -मां बेटी के सम्मान में भाजपा यह प्रदर्शन पहले केडी सिंह बाबू स्टेडियम से लेकर कलेक्ट्रेट तक होना था। -बाद में सड़क पर जाम की स्थिति को देखते हुए विरोध जुलूस का स्थान बेगम हजरतमहल पार्क कर दिया। -पार्क से 300 से 350 सौ की संख्या में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मेयर डा दिनेश शर्मा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। -इस मौके पर सुरेश श्रीवास्तव, विद़या सागर गुप्ता, नीरज बोरा, महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा सहित सैकडों कार्यकर्ता उपस्थित थे। -जुलूस के शुरू होते ही कई कार्यकर्ता इधर उधर होने लगे। कलेक्ट्रेट तक पहुंचते पहॅुचते पहले की संख्या में कमी आ गयी। -कलेक्ट्रेट पर 15 मिनट के प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार को ज्ञापन सौंप कर चल दिये। जुलूस को लेकर जाम ने छीन ली रिक्शेवाले की रोजी-रोटी -कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान जाम लगने की वजह से स्वास्थ्य भवन की तरफ से कैसरबाग जा रही रोडवेज की बस ने वजीरहसन रोड निवासी सलीम के रिक्शे को ठोकर मार दी। -बस से ठोकर लगने के बाद रिक्शा के पहिए क्षतिग्रस्त हो गये। रिक्शा क्षतिग्रसत होने के बाद कभी वह रोडवेज की बस को तो कभी बीजेपी को कोसता नजर आया। -क्षतिग्रस्त रिक्शे की मरम्मत को लेकर उसने कई बीजेपी कार्यकर्ताओं से आर्थिक मदद की मांग की, लेकिन सभी ने अनसूना कर दिया।

बुलंदशहर गैंगरेप: इलाहाबाद हाईकोर्ट में SSP ने पेश की जांच रि‍पोर्ट, 12 अगस्‍त को होगी सुनवाई

बुलंदशहर गैंगरेप: इलाहाबाद हाईकोर्ट में SSP ने पेश की जांच रि‍पोर्ट, 12 अगस्‍त को होगी सुनवाई

Last Updated: August 11 2016, 17:39 PM

इलाहाबाद. बुलंदशहर गैंगरेप कांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुरुवार को बुलंदशहर के SSP ने हलफनामे के साथ जांच रिपोर्ट पेश की। चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की बेंच ने इसे देखा। उन्होंने इसकी अगली सुनवाई के लिए 12 अगस्त का डेट दिया है। कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर इस केस में पहल की है। क्या है पूरी घटना - पीड़ित परिवार ने बताया, 29 जुलाई की रात वे सभी नोएडा से शाहजहांपुर जा रहेे थेे। एनएच-91 पर दोस्तपुर गांव के पास डकैतों ने सड़क पर एक लोहे की रॉड को फेंक दिया था। हमें लगा कि कार का एक्सेल टूट गया है, इसलिए कार को सड़क किनारे रोका। - तभी झाड़ियों से करीब एक दर्जन हथियारबंद डकैत बाहर निकल आए। ये लोग परिवार को कार समेत हाईवे से करीब 50 मीटर दूर खेतों में ले गए और बंधक बनाकर कैश, लाखों रुपए का सामान और महिलाओं के जेवर लूट लिए। - कार में बैठी परिवार की महिला और उसकी बड़ी बेटी से गैंगरेप किया। - कार में एक महिला, उसकी दो बेटियां और परिवार के तीन पुरुष मौजूद थे। <a href='http://www.bhaskar.com/news/UP-MEER-story-about-bulandshahr-gang-rape-case-news-hindi-5387143-PHO.html'>बुलंदशहर गैंगरेप केस Timeline: जानें 4 दिन में क्या रहा केस का अपडेट</a> फोटो: इलाहाबाद हाईकोर्ट (फाइल)।

बुलंदशहर गैंगरेप के सभी आरोपी: IG ने जाहिर कर दी पीड़िता की पहचान, विवाद होने पर दी सफाई

बुलंदशहर गैंगरेप के सभी आरोपी: IG ने जाहिर कर दी पीड़िता की पहचान, विवाद होने पर दी सफाई

Last Updated: August 09 2016, 14:57 PM

बुलंदशहर. यहां 20 जुलाई की रात हाईवे पर एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी से गैंगरेप के मुख्य आरोपी और बावरिया गैंग के सरगना सलीम को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ दो और आरोपी भी पकड़े गए हैं। मंगलवार को आईजी ने प्रेस कांफ्रेंस में पीड़ित फैमिली की पहचान बता दी है। आपत्ति पर कहा- परिवार का नाम ले सकते हैं, पीड़ित का नहीं। 9 से 22 जुलाई तक बदमाशों ने की थी रेकी... - मेरठ आईजी सुजीत पांडेय ने मंगलवार को बताया कि वारदात की साजिश किठ्ठौर में रची गई। 9 से 22 जुलाई तक बदमाशों ने कई जगहों की रेकी की थी। - वारदात के वक्त सभी आरोपी नशे में थे। उनसे राजस्थान के हनुमानगढ़ में हुई इसी तरह की एक वारदात के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। - सलीम के पास से जींस, टी-शर्ट और 3400 रुपए मिले हैं। इसके अलावा दो टॉर्च, मोबाइल फोन और विक्टिम्स की जूलरी बरामद की गई है। - सलीम सहारनपुर का रहने वाला है। उसके साथी जुबेर (कन्नौज) और साजिद (बुलंदशहर) के हैं। - सलीम यूपी, राजस्थान, उत्तराखंड, झारखंड, बिहार जैसे राज्यों में 2 दर्जन से ज्यादा वारदातें कर चुका है। आईजी ने पीड़ित की पहचान बता दी - मंगलवार को मेरठ के आईजी सुजीत पांडेय प्रेस कांफ्रेंस में इस घटना की जानकारी देे रहे थे। - इस दौरान उन्होंने पीड़िता के पिता का नाम ले लिया। - इस पर मीडिया ने आपत्ति जताते हुए उनसे कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार रेप पीड़ित की पहचान उजागर नहींं होनी चाहिए थी। - इस पर आईजी का जवाब था कि परिवार का नाम ले सकते हैं, पीड़ित का नहीं। कैसे पकड़े गए आरोपी - बुलंदशहर क्राइम ब्रांच और एसटीएफ नोएडा को रविवार रात इन्फॉर्मेशन मिली कि सलीम मवाना में एक गैंग मेंबर के घर मौजूद है। - देर रात तक दी गई दबिश में तीनों को पकड़ लिया गया। क्या था पूरा मामला? - 29 जुलाई की रात एक फैमिली अंतिम संस्कार में शामिल होने कार से नोएडा से शाहजहांपुर जा रही थी। - एनएच-91 के पास कुछ बदमाशों ने कार को रोक लिया। 35 साल की महिला और उसकी 14 साल की बेटी से खेत में गैंगरेप किया। - दो घंटे तक फैमिली को बंधक बनाकर रखा। पैसे और जूलरी लूट ली। आगे की स्लाइड्सस में इन्फोग्राफिक्स में जानिए, पूरी घटना का अपडेट...

बुलंदशहर गैंगरेप: हाईकोर्ट ने CBI जांच के लि‍ए यूपी सरकार से मांगा जवाब

बुलंदशहर गैंगरेप: हाईकोर्ट ने CBI जांच के लि‍ए यूपी सरकार से मांगा जवाब

Last Updated: August 09 2016, 08:08 AM

इलाहाबाद. बुलंदशहर गैंगरेप मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को हाईकोर्ट ने इसकी जांच सीबीआई से कराने की मंशा जाहिर की है। इसके लिए एडवोकेट जनरल विजय बहादुर सिंह को यूपी सरकार से सहमति लेने के लिए मंगलवार तक का समय दिया है। साथ ही अगली सुनवाई के लिए 10 अगस्त का डेट दिया है। कोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान... - हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की बेंच ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई का आदेश दिया है। - दोनों जजों ने यह भी कहा है कि वह इस केस की मॉनीटरिंग करेंगे और देखेंगे कि ऐसी कौन-सी व्यवस्था की जाए कि ऐसी घटना फिर न हो। - मीडिया में आ रही खबरों के आधार पर कोर्ट ने इस घटना पर संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस मामले को अतिगंभीर माना है। लखनऊ बेंच में भी एनजीओ की पीआईएल पर हुई सुनवाई... - जस्टिस एपी साही और जस्टिस विजय लक्ष्मी की बेंच ने यूपी सरकार से पूछा है कि इसकी CBI जांच क्यों न कराई जाए? - उन्होंने जवाब के लिए यूपी सरकार को 1 सप्ताह का समय दिया है। - स्थानीय एनजीओ वी द पीपल ने इस संबंध में याचिका दायर की है। - याचिका में सीबीआई जांच, पीड़ितों को अधिक मुआवजा और एनएच पर सुरक्षा व्यवस्था ठीक करने की मांग की गई है। - कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त का डेट दिया है। गोदियाल ने कहा- सीबीआई जांच कराने के लिए हर पहलू को देखना पड़ेगा - लखनऊ बेंच में सरकार की ओर से गोदियाल ने कहा कि सीबीआई को जांच ट्रांसफर करने के लिए हर मामले के अलग-अलग पहलू को देखना पड़ेगा। - हालांकि, उन्होंने सरकार की ओर से सीबीआई जांच पर कोई आपत्ति नहीं जताई। - गोदियाल ने इलाहाबाद में विचाराधीन याचिका के बावत भी कोर्ट को अवगत कराया, जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई टाल दी। कोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान - इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की बेंच ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई का आदेश दिया है। - दोनों जजों ने यह भी कहा है कि वह इस केस की मॉनीटरिंग करेंगे और देखेंगे कि ऐसी कौन-सी व्यवस्था की जाए कि ऐसी घटना फिर न हो। - मीडिया में आ रही खबरों के आधार पर कोर्ट ने 6 अगस्त को इस घटना पर संज्ञान लिया था। कोर्ट ने इस मामले को अतिगंभीर माना है। क्या है पूरी घटना - पीड़ित परिवार ने बताया, 29 जुलाई की रात वे सभी नोएडा से शाहजहांपुर जा रहेे थेे। एनएच-91 पर दोस्तपुर गांव के पास डकैतों ने सड़क पर एक लोहे की रॉड को फेंक दिया था। हमें लगा कि कार का एक्सेल टूट गया है, इसलिए कार को सड़क किनारे रोका। - तभी झाड़ियों से करीब एक दर्जन हथियारबंद डकैत बाहर निकल आए। ये लोग परिवार को कार समेत हाईवे से करीब 50 मीटर दूर खेतों में ले गए और बंधक बनाकर कैश, लाखों रुपए का सामान और महिलाओं के जेवर लूट लिए। - कार में बैठी परिवार की महिला और उसकी बड़ी बेटी से गैंगरेप किया। - कार में एक महिला, उसकी दो बेटियां और परिवार के तीन पुरुष मौजूद थे। <a href='http://www.bhaskar.com/news/UP-MEER-story-about-bulandshahr-gang-rape-case-news-hindi-5387143-PHO.html'>बुलंदशहर गैंगरेप केस Timeline: जानें 4 दिन में क्या रहा केस का अपडेट</a> आगेे की स्लाइड्स में देखिए बुलंदशहर घटना की अन्य तस्वीरें...

बुलंदशहर: पेशी पर खुद को बेगुनाह बताते रहे आरोपी, पुलिस को मिली 3 दिन की रिमांड

बुलंदशहर: पेशी पर खुद को बेगुनाह बताते रहे आरोपी, पुलिस को मिली 3 दिन की रिमांड

Last Updated: August 08 2016, 19:06 PM

बुलंदशहर. कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को बुलंदशहर गैंगरेप कांड के दो आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट-2 के जज ध्रुव कुमार तिवारी की कोर्ट में विवेचनाधिकारी ने शाबेज और जबर सिंह को 10-10 दिनों की रिमांड मांगी थी। कोर्ट के पुलिस को आरोपियों की तीन दिन की रिमांड दी है। दोनों आरोपियों ने अपने आप को बताया बेगुनाह... - कोर्ट में पेशी के दौरान दोनों ने अपने आप को बेगुनाह बताया है। - दोनो आरोपी जबरसिंह और शाजेब जोर-जोर से रोने का नाटक कर रहे थे और अपने आप को बेगुनाह बता रहे थे। - उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें गलत फंसा रही है। दोनों आरोपी मीडिया के कैमरों के सामने अपनी बेगुनाह का इजहार कर रहे थे। - पुलिस करीब 12 बजे गैंग रेप के आरोपी शाहबेज और जबर सिंह को कड़ी सुरक्षा में लेकर कोर्ट पहुंची। - दोनों आरोपियों को जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच सीधे कोर्ट लाया गया। - इस दौरान कचहरी में भी पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। - दोनों आरोपी मीडिया से अपने चेहरे को छिपाते नजर आए। - कोर्ट से बाहर निकले एक आरोपी ने जब मीडियाकर्मी फोटो खींच रहे थे तब हाथ जोड़ कर उन्हें फोटो खींचने से मना किया। तीन आरोपियों को किया था गिरफ्तार - पुलिस ने मुख्य आरोपी रहीसुद्दीन समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था। - कोर्ट से तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। - सोमवार को पुलिस दो आरोपियों को जेल से कोर्ट में पेशी के लिए लेकर पहुंची। आगे की स्लाइड्स में देखिए फोटोज...

गैंगरेप केस: किसी ने कुत्ते की चेन से बांधा तो कोई कनपटी पर बंदूक रख लूटी इज्जत

गैंगरेप केस: किसी ने कुत्ते की चेन से बांधा तो कोई कनपटी पर बंदूक रख लूटी इज्जत

Last Updated: August 06 2016, 18:28 PM

लखनऊ. यूपी के बुलंदशहर में मां बेटी के साथ हुए गैंगरेप ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। मामले में पुलिस के बड़े बड़े अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया। यह पहला मामला नहीं है, जिसकी पूरे देश में चर्चा हो रही हो। dainikbhaskar.com आपको ऐसे ही 10 रेप और गैंगरेप के मामलों के बारे में बताने जा रहा है, जिसने लोगों को अंदर तक झकझोर कर रख दिया। क्या है बलंदशहर गैंगरेप केस: - यूपी के बुलंदशहर में एनएच-91 के करीब एक मां और उसकी नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप की वारदात सामने आई है। - घटना कोतवाली देहात इलाके के पास हाईवे पर शुक्रवार देर रात हुई। - महिला का परिवार नोएडा से शाहजहांपुर जा रहा था। रास्ते में डकैतों ने उनकी कार रोककर परिवार के लोगों को बंधक बना लिया। - इसके बाद हथियारों के बल पर लूट और गैंगरेप को अंजाम दिया। अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है। - पीड़ित परिवार ने बताया, एनएच-91 पर दोस्तपुर गांव के पास डकैतों ने सड़क पर एक लोहे की रॉड को फेंक दिया था। - हमें लगा कि कार का एक्सेल टूट गया है, इसलिए कार को सड़क किनारे रोक लिया। - तभी झाड़ियों से करीब एक दर्जन हथियारबंद डकैत बाहर निकल आए। - ये लोग परिवार को कार समेत हाईवे से करीब 50 मीटर दूर खेतों में ले गए और बंधक बनाकर मौजूद कैश, लाखों रुपए का सामान और महिलाओं के जेवर लूट लिए। - कार में बैठी परिवार की महिला और उसकी बड़ी बेटी से गैंगरेप किया। - कार में एक महिला उसकी दो बेटियां और परिवार के तीन पुरुष मौजूद थे। - एसएसपी वैभव कृष्ण के मुताबिक, 15 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। आगे की स्लाइड्स में इन्फोग्राफिक्स में जानें देश के चर्चित रेप और गैंगरेप केस...

बुलंदशहर गैंगरेप: जल्‍द मि‍लेंगे अखिलेश, दि‍ए 2 फ्लैट और 3-3 लाख रुपए

बुलंदशहर गैंगरेप: जल्‍द मि‍लेंगे अखिलेश, दि‍ए 2 फ्लैट और 3-3 लाख रुपए

Last Updated: August 05 2016, 13:07 PM

गाजियाबाद. बुलंदशहर गैंगरेप पीड़ित फैमिली से सीएम जल्द मुलाकात कर सकते हैं। शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि यह मुलाकात दिल्ली या शाहजहांपुर में हो सकती है। हालांकि अब पीड़ित पिता का भी कहना है कि जहां सीएम बुलाएंगे, वहां मिलने जाएंगे। मुआवजे से संतुष्ट है फैमिली... - सीएम ने पीड़ितों को तीन-तीन लाख रुपए और दो फ्लैट देने की घोषणा की थी। इससे वे सब संतुष्ट हैं। - फ्लैट के कागज परिवार को मिल गए हैं। उनका कहना है कि इस मामले में अन्य आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए। - इसके बाद जल्द ही यह फैमिली खोड़ा से शिफ्ट कर सकता है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कर रही प्रयास - पीड़ित फैमिली ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। - जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। खुद सीएम पूरे मामले में नजर रख रहे हैं। उन्हें भी इस घटना को लेकर प्रत्येक जानकारी दी जा रही है। सबसे पहले सलीम ने ही लगाया था मेरी कनपटी पर तमंचा - इस मामले में मुख्य आरोपी सलीम की गिरफ्तारी की खबर पर पीड़िता के पिता ने जानकारी दी। - उन्होंने बताया कि सलीम ने ही सबसे पहले उनकी कनपटी पर तमंचा लगाया था। - उसने बेटी से मारपीट भी की थी। आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। - उन्होंने बताया कि सलीम बावरिया की पहचान उन्होंने पुलिस द्वारा दिखाए गए फोटो से ही कर ली थी। खोड़ा में निकाला मौन जुलूस - इस घटना के विरोध में खोड़ा में गुरुवार रात लोगों ने मौन जुलूस निकाला। - इसमें शामिल खोड़ा निवासी नगेंद्र चौहान ने बताया कि इस दौरान लोग मुंह पर कालीपट्टी और हाथ में मोमबत्ती लिए हुए थे। - इस जुलूस से वह लोग सूबे के सीएम को यह संदेश देना चाहते हैं कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से जनता दुखी है। अखिलेश यादव ने क्या कहा -बुलंंदशहर की घटना शर्मनाक और दुखद है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए जल्द सुनवाई करवाएंगे। - बीजेपी के पास विकास का मुद्दा नहीं बचा, वे लोग इस मामले में कमरे में बैठकर राजनीति कर रहे हैं। - यदि वे लोग सीबीआई जांच चाहते हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। हम भी तैयार हैं। - हालांकि यूपी सरकार हर हाल में पीड़ित फैमिली को न्याय दिलवाएगी। क्या है पूरी घटना - पीड़ित परिवार ने बताया, 29 जुलाई की रात वे सभी नोएडा से शाहजहांपुर जा रहेे थेे। एनएच-91 पर दोस्तपुर गांव के पास डकैतों ने सड़क पर एक लोहे की रॉड को फेंक दिया था। हमें लगा कि कार का एक्सेल टूट गया है, इसलिए कार को सड़क किनारे रोका। - तभी झाड़ियों से करीब एक दर्जन हथियारबंद डकैत बाहर निकल आए। ये लोग परिवार को कार समेत हाईवे से करीब 50 मीटर दूर खेतों में ले गए और बंधक बनाकर कैश, लाखों रुपए का सामान और महिलाओं के जेवर लूट लिए। - कार में बैठी परिवार की महिला और उसकी बड़ी बेटी से गैंगरेप किया। - कार में एक महिला, उसकी दो बेटियां और परिवार के तीन पुरुष मौजूद थे। आगे की स्लाइड्स में देखिए घटना से संबंधित तस्वीरें...

बुलंदशहर गैंगरेप मामले की जांच भ्रष्ट अफसर के हाथ, जानें इंस्‍पेक्‍टर लगे ये आरोप

बुलंदशहर गैंगरेप मामले की जांच भ्रष्ट अफसर के हाथ, जानें इंस्‍पेक्‍टर लगे ये आरोप

Last Updated: August 04 2016, 19:14 PM

बुलंदशहर. कई दिनों से विरोधी दलों के हमलों से घिरी यूपी सरकार को बुलंदशहर के नए एसएसपी ने एक नई मुसीबत दे दी है। एसएसपी ने बहुचर्चित हाइवे गैंगरेप, रोड होल्डअप मामले की जांच भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे सिटी कोतवाल इंस्पेक्टर आरके सिंह को दी है। सपा जिलाध्यक्ष समेत कई लोगों की शिकायत पर आरके सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांचें लंबित है। इंस्पेेक्टर रैंक के अधिकारी को दी जानी थी जांच... - कोतवाली देहात से इंस्पेक्टर रामसेन सिंह के निलंबन के बाद हाईवे गैंगरेप मामले की जांच इंस्पेेक्टर रैंक के अधिकारी को दी जानी थी। - नए एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने इस जिम्मेदारी के लिए सिटी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह को चुना है और मामले की जांच उन्हें ट्रांसफर कर दी है। एसएसपी ने खुद इस बात की तस्दीक की है। सपा जिलाध्यक्ष ने की थी भ्रष्टाचार की शिकायत - हाल ही में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष दिनेश गुर्जर ने उत्तर-प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से इंस्पेक्टर आरके सिंह के भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। - इसके अलावा समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह राघव ने भी मुख्यमंत्री को भेजी अपनी लिखित शिकायत में इंस्पेक्टर आरके सिंह के भ्रष्टाचार की जिक्र किया है। - सुमन कुमार सिंह राघव ने आरोप लगाया है कि सिटी कोतवाली में पिछले करीब ढाई साल से तैनात इंस्पैक्टर आरके सिंह ने सिटी में अवैध धंधे चलवा कर उनसे कालाधन अर्जित किया है। - सुमन कुमार सिंह राघव बुलंदशहर बार एसोसिएशन के सेक्रेट्री भी है। - शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए केस नंबर 5712(13)2016-2017 दिनांक-17-06-2016 के संदर्भ से उत्तर-प्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा जारी एक आदेश में आरके सिंह को अपनी शक्तियों का दुरूपयोग करने का दोषी माना गया है। - सिटी में पिछले ढाई सालों में हुए प्रापर्टी डीलर हब्बू हत्याकांड, एमएल ज्वैलर्स डकैती केस, आईटीआई नकल केस समेत कई मामलों में आरके सिंह पर अपराधियों को संरक्षण देकर धन अर्जित करने के आरोप लगे है। - इंस्पेक्टर आरके सिंह को आयोग ने समाज की बुरी शक्तियों को संरक्षण देने का दोषी भी माना है। - आयोग ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी को से इस आदेश की प्रति प्रेषित करते हुए 6 सप्ताह के अंदर आरके सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए अनुरोध किया है। क्या कहते हैं एसएसपी - इस मामले में एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने बताया कि इससे कोई फर्क नही पड़ता कि अधिकारी के खिलाफ क्या जॉचें लंबित है। - उन्हें जॉच ट्रांसफर कर दी गइ्र है और बेहतर तफ्तीश की उम्मीद की गई है। - माना जा रहा है कि नए एसएसपी के इस कदम से प्रदेश सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती है। - सरकार के विरोधी दल उसे इस मुद्दे पर घेर सकते है, जिसके सरकार को विरोधी हमलों का सामना करना पड़ेगा।

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