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गुरमेहर कौर

  • मैंने नहीं मेरे हाथों ने ट्वीट किया: सहवाग और हुड्डा पर गुरमेहर कौर का तंज
    Last Updated: March 10 2017, 09:59 AM

    नई दिल्ली. ABVP के खिलाफ सोशल मीडिया पर कैंपेन छेड़कर सुर्खियों में आई गुरमेहर कौर ने ट्वीट कर वीरेंद्र सहवाग और एक्टर रणदीप हुड्डा पर चुटकी ली। दरअसर, पिछले दिनों दोनों ने डीयू विवाद में शहीद की बेटी को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया था। गुरुवार को गुरमेहर ने हुड्डा की एक खबर को रिट्वीट करते हुए लिखा- मैंने ट्वीट नहीं किया, मेरे हाथों ने किया है। इस खबर में हुड्डा ने गुरमेहर पर किए अपने ट्वीट पर सफाई दी है। क्या है पूरा विवाद... - डीयू विवाद के दौरान गुरमेहर का एक पुराना वीडियो वायरल हो गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं, जंग ने मारा है। - इस पर सहवाग ने चुटकी लेते हुए लिखा था, मैंने रन नहीं बनाए, मेरे बल्ले ने बनाए हैं। इसी ट्वीट को बाद में हुड्डा ने रिट्वीट किया था। - गुरमेहर लेडी श्रीराम कॉलेज में इंग्लिश लिटरेचर की स्टूडेंट हैं। वे मूल रूप से जालंधर की रहने वाली हैं। पिता कैप्टन मंदीप सिंह राष्ट्रीय राइफल्स के कैम्प में तैनात थे। करगिल जंग के दौरान वे शहीद हो गए थे। उस वक्त गुरमेहर महज 2 साल की थीं। एक्टर ने सफाई में क्या कहा? - बुधवार को एक टीवी शो में हुड्डा ने कहा, उन्हें गुरमेहर से जुड़े अपने ट्वीट पर सावधानी बरतनी चाहिए थी। यह जेंडर सेंट्रिक नहीं था। मैं निजी विचारों पर राजनीति करने के खिलाफ था और हूं। देश में महिलाओं को लेकर माहौल को देखते हुए लगता है कि मुझे और ज्यादा सतर्क रहना चाहिए था। - एक एक्टर के तौर पर वह अकसर सोशल मीडिया में ट्रोलिंग का शिकार होते हैं, लेकिन गुरमेहर के लिए यह दुखद रहा होगा, ऐसा नहीं होना चाहिए था। जब मैंने ट्वीट किया तो मुझे नहीं पता था कि लड़की को किसी तरह की धमकी मिली है। लोगों ने ट्वीट का गलत मतलब निकाला और मेरे पीछे पड़ गए। DU में कॉन्ट्रोवर्सी कब और कैसे शुरू हुई? इसमें गुरमेहर की एंट्री कैसे हुई? - दिल्ली के रामजस कॉलेज में एक सेमिनार होने वाला था। इसमें जेएनयू के स्टूडेंट लीडर उमर खालिद और शहला राशिद को इनवाइट किया गया था। ABVP ने इसका जमकर विरोध किया, क्योंकि खालिद पर जेएनयू में देशविरोधी नारेबाजी करने का आरोप है। - इसके बाद AISA और ABVP के सपोर्टर्स के बीच भारी हिंसा हुई। कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन को सेमिनार कैंसल करना पड़ा। - इस कॉन्ट्रोवर्सी में गुरमेहर की एंट्री तब हुई, जब उन्होंने 22 फरवरी को अपना फेसबुक प्रोफाइल पिक्चर बदला और सेव डीयू कैम्पेन; शुरू किया। - वे एक तख्ती पकड़ी हुई नजर आईं। #StudentsAgainstABVP हैशटैग के साथ लिखा- मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ती हूं। ABVP से नहीं डरती। मैं अकेली नहीं हूं। भारत का हर स्टूडेंट मेरे साथ है। ABVP के खिलाफ नहीं, बल्कि PAK के बारे में गुरमेहर का कौन-सा पोस्टर सबसे ज्यादा वायरल हुआ? - दरअसल, पिछले साल 28 अप्रैल को गुरमेहर कौर ने सोशल मीडिया पर चार मिनट का वीडियो अपलोड किया था। इसमें उन्होंने एक-एक कर 36 पोस्टर दिखाए थे। लेकिन पोस्टर नंबर 13 वायरल हो गया। इसमें उन्होंने लिखा था कि पाकिस्तान ने मेरे पिता को नहीं मारा, बल्कि जंग ने मारा है। जब गुरमेहर ने एबीवीपी के खिलाफ कैम्पेन शुरू किया तो ट्रोलर्स ने उनके इसी पोस्टर नंबर 13 को वायरल कर दिया। - बाद में गुरमेहर ने यह आरोप भी लगाया कि उन्हें एबीवीपी की ओर से रेप की धमकियां मिल रही गुरमेहर ने कैम्पेन क्यों छोड़ा? - विवाद बढ़ने के बाद गुरमेहर को सोशल मीडिया पर रेप की धमकी मिलने लगीं। शिकायत वुमन कमीशन तक पहुंची। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की। साथ ही उन्हें पूरी सिक्युरिटी देने का भरोसा दिलाया।

  • निडरता मेरे खून में है, मोदी इंटरनेट पर ट्रोलिंग के खिलाफ सख्त कानून बनाएं: गुरमेहर
    Last Updated: March 08 2017, 10:50 AM

    जालंधर. दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कालेज में विवाद के बाद सोशल मीडिया पर कैम्पेन चलाने वाली गुरमेहर कौर इन दिनों जालंधर में हैं। रोजाना उनके समर्थन में कार्यक्रम हो रहे हैं। इस बीच, माना जा रहा है कि गुरमेहर ने खुद को कैम्पेन से अलग कर लिया। महिला दिवस से एक दिन पहले दैनिक भास्कर ने उनसे खास बातचीत की। गुरमेहर ने बेबाकी से कहा - निडरता मेरे खून में है। मैं डरी नहीं। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कानून को सख्त करें। इंटरनेट पर ट्रोलिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। भास्कर के सवालों का जवाब गुरमेहर ने कुछ इस तरह दिया... Q- महिला दिवस पर लड़कियों को क्या नहीं करने की सलाह देंगी? A- वो जो कुछ करना चाहती हैं, उसे खुल कर करें। डरें नहीं। ये आप पर निर्भर है कि घर में बैठना है या बाहर निकलकर कुछ खास करना है। बाउंडेशन में न रहें। पेरेंट्स को चाहिए वह बेटियों की भावना को समझें। पुरुषों को भी ये चीज समझनी चाहिए। सबको पुराने थॉट्स को तोड़ना पड़ेगा। Q- आप दिल्ली में हैं और मम्मी राजविंदर कौर चंडीगढ़ में तैनात हैं, लड़की होने के नाते दिल्ली में मुश्किल महसूस करती हैं? A- दिल्ली में हमारे काॅलेज के आसपास माहौल ही ऐसा है कि विभिन्न शहरों की लड़कियां रहती हैं। सभी एक-दूसरे का ख्याल रखती हैं। स्वाभाविक सिस्टरहुड होता है। मम्मी ने मुझे अकेले पाला। उन्हीं से मैंने जीना सीखा है। Q- आपके पापा मंदीप सिंह देश के लिए शहीद हुए। आपको अगर सेना, राजनीति या सरकारी नौकरी में एक को चुनना पड़े तो किसे चुनेंगी? A- आपकी दिए गए तीनों आप्शन में मेरी तरजीह सेना है। मेरा सपना है कि मैं लेखन करूं। मेरी अपनी मैगजीन हो। Q- डीयू कैम्पेन से खुद को क्यों अलग किया? कहीं आप डर तो नहीं गईं? भविष्य में डीयू या समाज के लिए किसी आंदोलन का हिस्सा बनेंगी? A- मेरा कैम्पेन आज सोसाइटी चला रही है। निडरता मेरे खून में है। मैं डरी नहीं। मैं किसी संगठन के खिलाफ नहीं हूं। मेरा काम शांति के लिए है। मैं हिंसा के खिलाफ हूं। चाहे कोई भी संगठन हो, शांति के लिए मेरी आवाज हमेशा बुलंद रहेगी। Q- आपने सोशल मीडिया पर कैम्पेन क्यों स्टार्ट किया? A- मेरी कुछ फ्रेंड्स को धमकी दी गई थी। एक दिन पूर्व की घटनाओं के लिए उन्हें परेशान किया गया। इसीलिए मैंने कैम्पेन शुरू किया। Q- आपके मुताबिक आप किसी संगठन विशेष से नहीं, बल्कि डीयू में गुंडागर्दी के खिलाफ हैं। क्या आप लेफ्ट विचारधारा का समर्थन करती हैं? क्या आपका आम आदमी पार्टी से कनेक्शन है? A- मैं स्टूडेंट हूं। मैं पेसिफिस्ट (शांतिवादी) हूं। मैं न लेफ्टिस्ट हूं और न किसी राजनीतिक विचारधारा से संबंध है। Q- आपके पहले वीडियो के डायरेक्टर सुब्रह्मण्यम की नजदीकियां आम आदमी पार्टी के साथ हैं। इसी के जरिए आपको भी इसी पार्टी के साथ समझा जा रहा है? A- नहीं। मेरा आम आदमी पार्टी से संबंध नहीं। मैंने पहले ही कहा कि स्टूडेंट हूं। सुब्रह्मण्यम जी का जहां तक सवाल है, जो उन्हें पसंद है, वो उनका ही हक है। आप अखबार में कार्यरत हैं, तो जो आपके बाॅस को पसंद है, ये तय नहीं है कि वो आपको भी पसंद ही हो। Q- आपके वीडियो को लेकर जो देश में बहस छिड़ी, आप क्या कहना चाहेंगी? A- आधी नॉलेज हमेशा खतरनाक होती है। पहले पूरी बात जाननी चाहिए। मेरे वीडियो की एक स्लाइड सोशल मीडिया पर वायरल की गई। मैंने जो वीडियो में पूरी बात की, उस पर ध्यान नहीं दिया गया। पिता की शहादत के बाद मैंने जिंदगी के 18 साल में जो कुछ झेला, मैं नहीं चाहती कि दूसरे किसी बच्चे के साथ भी ऐसा हो। मैंने पहले वीडियो में दोनों देशों के बीच शांति की बात की थी। बात ये है कि न युद्ध हो और न ही किसी से उनके पिता छिनें। आप सभी स्लाइड एक साथ देखें। सब क्लियर हो जाएगा। Q- देश में भाजपा सरकार है, जिसका संगठन एबीवीपी है। महिला दिवस पर मोदी जी से कुछ कहना चाहेंगी? A- पीएम मोदी जी ऑनलाइन ट्रोलिंग पर सख्त कार्रवाई करें। महिलाओं को सेफ्टी मिले। कानून सख्त किए जाएं। डिजिटल इंडिया की बात हो रही है। महिलाएं समाज में असुरक्षा का स्ट्रेस झेलती हैं, दूसरा इंटरनेट पर दिया जाने वाला स्ट्रेस होता है। सरकार की सख्ती ही इसे रोक सकती है।

  • ABVP अध्यक्ष बोले- ऐसी स्वतंत्रता नहीं चाहिए, जो राष्ट्रहित को नुकसान पहुंचाए
    Last Updated: March 06 2017, 07:55 AM

    शिमला. डीयू और रामजस कॉलेज में चल रहे विवाद पर एबीवीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नागेश ठाकुर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को एचपी यूनिवर्सिटी में एबीवीपी की ओर से आयोजित वरिष्ठ कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि हमें ऐसी किसी भी स्वतंत्रता की जरूरत नहीं है, जो राष्ट्र हित को नुकसान पहुंचाती हो। रामजस कॉलेज में चल रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें देश के खिलाफ साजिशें कर रहे हैं। ऐसे में जब एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें बेनकाब किया तो बेवजह मामले को तूल दिया गया। प्रतिष्ठित संस्थानों में कुछ देश विरोधी तत्व कई तरह की देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। डॉ. ठाकुर का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की देश विरोधी गतिविधियां ठीक नहीं है। एबीवीपी इसका विरोध करती आई है और आने वाले समय में भी यह क्रम जारी रहेगा। बांटने या कश्मीर की आजादी की बात करने वाले हमारे देश में रहकर ही इस तरह की साजिशें रचते हैं। जब एबीवीपी कार्यकर्ता उन्हें रोकने का प्रयास करते हैं तो इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमले का नाम दिया जाता है। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने साझे किए अपने विचार एबीवीपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं ने अपने विचारों को सांझा किया। इस दौरान शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज, एचपीयू के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. शशिकांत लोमेश, नितिन व्यास, पूर्व प्रिंसिपल नरेश महाजन और विवि एससीए महासचिव रह चुके संजीव देष्टा, यशपाल शर्मा भी मौजूद थे। डॉ. शशिकांत लोमेश ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि एबीवीपी एक ऐसा संगठन है, जिसने देश भर को कई तरह के बुद्धिजीवी दिए हैं। ऐसे में यह संगठन सिर्फ छात्रों की मांगों को लेकर कैंपस में लड़ाई नहीं लड़ता है, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनका कहना है देश की राजनीति में सक्रिय जेपी नड्डा जैसे व्यक्ति भी एचपीयू से निकले हैं। उन्होंने संगठन में रहकर जिस अनुशासन से काम किया है, वह आज की युवा पीढ़ी के लिए बहुत बड़ा उदाहरण है। संगठन निभा रहा अपनी पूरी जिम्मेवारी एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री कौल नेगी ने कार्यकर्ताओं काे संबोधित करते हुए कहा कि संगठन का कार्यकर्ता अपने जीवन में संगठन के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करता रहता है। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का संगठन में अहम योगदान होने के कारण ही संगठन आगे बढ़ रहा है। इस प्रकार के सम्मेलन प्रदेश और जिला स्तर पर आयोजित किए जाते रहेंगे। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का विद्यार्थी जीवन में महत्त्वपूर्ण योगदान रहता है। वर्तमान समय में एबीवीपी विभिन्न क्षेत्रों में योगदान प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया की पहले के समय में और वर्तमान में कामकाज करने के तरीकों में बदलाव आया है। प्रदेश में इस समय 250 इकाई काम कर रही हैं और जिनमें करीब 70 हजार कार्यकर्ता अब तक संगठन से जुड़ चुके हैं। 25 हजार कार्यकर्ता आएंगे शिमला 30 मार्च को प्रदेश भर से लगभग 25 हजार स्टूडेंट शिमला में जुटेंगे। इस दौरान विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा। वरिष्ठ कार्यकर्ता सम्मेलन में निर्णय हुआ कि यह रैली सरकार के खिलाफ आक्रोश रैली के तौर पर की जाएगी। अभी तक इसके लिए धन संग्रह के तौर पर पांच लाख रुपए एकत्रित किए जा चुके हैं।

  • 2 करोड़ लोग देख चुके हैं इस लड़की का वीडियो, गुरमेहर के नाम पर हुआ वायरल
    Last Updated: March 05 2017, 22:11 PM

    जालंधर। सोशल मीडिया पर अक्सर यूजर्स बिना सच्चाई जाने कुछ भी शेयर करने लगते हैं। पिछले कुछ महीनों में यूजर्स द्वारा बिना जानकारी शेयर किए गए कई फोटोज और वीडियो काफी वायरल हुए हैं। हाल ही में विवादों में आई डीयू की कॉलेज की स्टूडेंट गुरमेहर के नाम से यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक लड़की कार में नुसरत फतेह अली खान की मश्हूर कवाली मेरे रश्के कमर पर झूमती नजर आ रही है। इस वीडियो को यूट्यूब पर अबतक करीब 2 करोड़ लोग देख चुके हैं। पढ़े क्या है इस वायरल हुए <a href='http://dbvideos.bhaskar.com/trending/reality-of-gurmehar-kaur-viral-video-42925.html?100'>वीडियो की सच्चाई</a>... - वीडियो का दावा कर रहे लोगों का मानना है कि इस वीडियो में जो लड़की मस्ती कर रही है वह कोई और नहीं गुरमेहर कौर है। जो मिनरल वॉटर की बोतल में शराब पी रही हैं। - वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लोग गुरमेहर पर कई तरह के आरोप लगा रहे हैं, और कौर की देशभक्ति पर सवाल भी उठा रहे हैं। जबकि कुछ लोग कह रहे हैं कि इस तरह का किसी अनजान लड़की वीडियो डालना सही नहीं इससे बदनामी होती है। इस वीडियो को देख चुके 2 करोड़ लोग - ये वीडियो अगस्त में यूट्यूब पर अपलोड किया गया था, इसे लोगों ने अलग-अलग जगहों का बताकर शेयर किया है। - यह लड़की पाकिस्तानी सिंगर नुसरत फतेह अली खान की मश्हूर कवाली मेरे रश्के कमर तूने पहली नजर पर कार के अंदर डांस कर रही है। - वायरल वीडियो में लड़की औऱ उसके दोस्त डांस करते समय सोडा भी पी रहे हैं। इस कार में दो लड़के और दो लड़कियां बैठे हुए हैं। गुरमेहर कौर ने बताई वायरल वीडियो की सच्चाई एक टीवी चैनल पर बातचीत करते हुए गुरमेहर ने बताया की यह वीडियो उनका नहीं है। यह मेरे नाम पर वायरल किया जा रहा है। उन्होंने कहा की वीडियो में मैं नहीं हूं, और कार के अंदर जो लड़की डांस कर रही है वह भी भारत की नहीं हैं। गुरमेहर ने वीडियो को वायरल करने वालो को यह भी कहा की आंख खोलकर देखो इसमे में नहीं हूं। क्या है वीडियो में ? - वीडियो में दो कपल कार से कहीं जा रहे हैं। इस दौरान नुसरत फ़तेह अली का एक पॉपुलर सूफी गाना बज रहा है। - ड्राइव सीट के बगल बैठी एक लड़की जिसकी उम्र करीब 20-25 साल के बीच है, डांस करते नजर रही है। - कार में बैठे दूसरे लोग भी लड़की को इनकरेज कर रहे हैं। लड़की गाने से मदहोश होकर झूम रही है। इस दौरान वे कोई ड्रिंक भी करते नजर आते हैं। - नुसरत के पॉपुलर गाने के बोल हैं- मेरे रश्क-ए-कमर तूने पहली नजर, जब नजर से मिलाई मजा आ गया....। भारत का नहीं है यह वीडियो - वायरल हो रहा वीडियो को कुछ लोग बांग्लादेश तो कुछ यूजर्स इसे यूएई का भी बता रहे हैं। हालांकि यह कन्फर्म नहीं है। - वैसे ये वीडियो भारत का नहीं है क्योंकि कार की ड्राइव सीट राइट की बजाय लेफ्ट ओर है। हो सकता है कि ये यूएई का भी हो। कुछ यूजर्स ने इस लिखा भी है कि यह दुबई का है। - कार ड्राइव होते समय रास्ते में एक बोर्ड दिखाई देता है जिसमे यातायात के नियम लिखे हुए हैं उस बोर्ड पर अरबी भाषा की लिखावट है। जिससे यह साफ जाहिर होता है कि यह भारत का नहीं है। - कार की पीछे वाली सीट पर एक लड़का और लड़की बैठे हुए हैं जो बार-बार बोलत से कुछ पी रहे हैं। इस बोतल में जिस कंपनी का नाम लिखा वह भी भारत की कंपनी नहीं हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें कार के अंदर डांस कर रही लड़की की चुनिंदा फोटोज...

  • गुरमेहर को मिला 'पाकिस्तानी भाई', वीडियो के जरिए भेजा संदेश
    Last Updated: March 04 2017, 10:55 AM

    फयाज खान नाम का युवक गुरमेहर कौर का भाई बनना चाहता है। उससे वीडियो के जरिए संदेश दिया है कि मैं आपको आपके पापा का प्यार नहीं दे सकता, लेकिन आपको एक भाई जरुर मिल गया है। गुरमेहर कौर पर लोग दो गुट में बंट गए है। कोई उनका पक्ष ले रहा है तो कोई उनकी आलोचना कर रहा है। इस बीच पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से भी गुरमेहर कौर के लिए संदेश आया है।

  • ये हैं गुरमेहर के दादा, पोती की चिंता में आखों हुई नम, बोले- उसे कोई आंच ना आए
    Last Updated: March 03 2017, 11:57 AM

    जालंधर। दिल्ली के रामजस कॉलेज में कंट्रोवर्सी के बाद अपने शहर लौटी गुरमेहर कौर के समर्थन में आम आदमी पार्टी ने वीरवार को मार्च निकाला। देशभगत यादगार हाल से शुरू हुआ मार्च बीएमसी चौक, कचहरी चौक होते हुए डीसी ऑफिस पहुंचा। यहां पर गुरमेहर कौर के दादा कमलजीत सिंह ने डीसी केके यादव को ज्ञापन देकर पोती की जान बचाने के लिए कहा। डीसी ने उनको भरोसा दिलाया कि प्रशासन की तरफ से कोई ढील नहीं बरती जाएगी। आप ने निकाला रोष मार्च... -उधर एबीवीपी ने भाजपा नेता अमरजीत सिंह अमरी, अजय चोपड़ा की अगुवाई में कचहरी चौक से डीसी ऑफिस तक रोष मार्च निकाला। -उनका कहना था आप नेता अपनी सियासत चमकाने के लिए देश विरोधी कार्य कर रही है। -उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता विदेशी ताकतों के इशारे पर देश को तोडऩे का काम कर रहे हैं। इसे किसी हालत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। -आप के बलजीत सिंह आहलूवालिया ने कहा भारत में सभी को समानता का अधिकार है। हर कोई अपने हक के लिए अपनी आवाज उठा सकता है। -लेकिन एबीवीपी गुरमेहर कौर की आवाज दबाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। संस्था द्वारा भद्दे कमेंट रेप जान से मारने की धमकी देना निदंनीय है। -उन्होंने प्रशासन से जान से मारने की धमकी देने वाले परिषद के सदस्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। -डीसी ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा प्रशासन की ओर से उन्हें हर प्रकार की सुविधा दी जाएगी। भाजपा ने किया रोष मार्च का विरोध -भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सचिव और प्रवक्ता दीवान अमित अरोड़ा ने आम आदमी पार्टी के रोष मार्च पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। -दीवान अरोड़ा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को ट्वीट करके कहा है कि आप महिला वर्करों के अपमान पर चुप क्यों रहते है। कांग्रेस ने मांगा रिज्जू से इस्तीफा... उधर कांग्रेस नेताओं ने शहीद मनदीप सिंह हैरी की बेटी गुरमेहर कौर मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिज्जू से इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस के प्रदेश जनरल सेक्रेटरी अरुण वालिया, सेक्रेटरी अशोक गुप्ता, सतीश मल्होत्रा ने कहा कि गुरमेहर कौर के लोकतांत्रिक हक को दबाने की कोशिश की जा रही है। आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज

  • लोग मुझे सीरियस समझते हैं लेकिन मैं हूं...पढ़ें अरबाज खान के इंटरेस्टिंग जवाब
    Last Updated: March 02 2017, 19:49 PM

    लखनऊ. बॉलीवुड एक्टर अरबाज खान की फिल्म जीना इसी का नाम है 3 मार्च को रिलीज होने वाली है। ऐसे में फिल्म के प्रमोशन के लिए बुधवार को हीरोइन मंजरी फडनिस के साथ लखनऊ पहुंचे। यहां अरबाज ने अपने फैंस से बताया कि उन्हें लोग सीरियस टाइप का समझते हैं, लेकिन वो फन लविंग हैं। वहीं फिल्म की एक्ट्रेस मंजरी नें कहा, लखनऊ वो पहली बार आई हैं, सुना है यहां के लोग बड़े ही हम्बल हैं। dainikbhasakar.com आपको एक्टर अरबाज खान से हुई बातचीत के बारे में बता रहा है। Q. जीना इसी का नाम है फिल्म की शूटिंग के लिए कानपुर को ही क्यों चुना गया, कहीं और क्यों नहीं ? A.कभी-कभी डुप्लीकेट सेट्स से आप वैसी लोकेशन नहीं दिखा पाते। फिल्म के कुछ सींस के लिए कानपुर की लोकेशन की रिक्वायरमेंट थी। इसलिए वहीं शूट के लिए जाना पड़ा। Q. सलमान के शूट में क्राउड कंट्रोल करना होता है मुश्किल हो जाता है अपने पिछले दिनों कहे इस बयान पर क्या कहेंगे? A. सलमान जैसे स्टार के लिए सिर्फ यूपी ही नहीं कोई भी लोकेशन पर शूटिंग करना मुश्किल होता है। उन्हें देखकर लोग बहुत एक्साइटेड हो जाते हैं। तब क्राउड को कंट्रोल करना मुश्किल होता है, लेकिन फिल्म की नीड को देखते हुए कभी-कभी ऐसी जगह जाना ही पड़ता है। Q आपको किस तरह के किरदार निभाना पसंद है ? A. डायरेक्टर को मैं जिस रोल में पसंद आता हूं वो दे देते हैं। वैसे मुझे कॉमेडी और हल्के-फुल्के रोल करना ही पसंद है। लोगों को लगता है मैं बहुत सीरियस टाइप का हूं, लेकिन मैं फन लविंग बंदा हूं। मुझे कॉमेडी करना अच्छा लगता है। आगे की स्लाइड में पढ़े फिल्म दबंग 3 की शूटिंग पर क्या बोले अरबाज...

  • वीरू-गंभीर से ज्वाला गुट्टा तक, जानें गुरमेहर विवाद पर किसने क्या कहा
    Last Updated: March 02 2017, 18:01 PM

    स्पोर्ट्स डेस्क. पिछले दिनों नई दिल्ली के रामजस कॉलेज में हुए विवाद के बाद चर्चा में आई गुरमेहर कौर के सपोर्ट में गौतम गंभीर आ गए हैं। उन्होंने हाल ही में एक वीडियो शेयर कर गुरमेहर को सपोर्ट किया है। वहीं, इस मामले में अपने ट्वीट को लेकर कई लोगों की आलोचना झेल रहे वीरेंद्र सहवाग ने भी सफाई दी है। गंभीर बोले, देशभक्ति साबित करने के लिए गुटबाजी सही नहीं... - गंभीर ने ट्वीट करते हुए लिखा, मैं इंडियन आर्मी का बहुत सम्मान करता हूं। देश के लिए उनका बलिदान हम सब के बलिदान से कहीं बड़ा है। हालांकि हाल की घटनाओं ने मुझे बहुत निराश किया है। हम एक ऐसे देश में रह रहे हैं, जहां सभी को अपनी बात कहने की आजादी है। - गंभीर ने लिखा, अगर एक बेटी, जिसने जंग में पिता को खोया है और वो जंग को छोड़ शांति की बात करती है, तो उसे पूरा हक है अपनी बात रखने का। - यह सही नहीं है कि खुद को देशभक्त साबित करने के लिए एक गुट बना लिया जाए और उसका मजाक उड़ाया जाए। यह जरूरी नहीं है कि सभी उससे सहमत हों। लेकिन उसका मजाक उड़ाना गलत है। - इस खबर में dainikbhaskar.com आपको इस विवाद को लेकर अलग-अलग स्पोर्ट्स स्टार्स के बयान ही दिखा रहा है। - गुरमेहर के खिलाफ ट्वीट करने वाले पहलवान योगेश्वर दत्त ने भी कहा कि वे उनके खिलाफ नहीं हैं। ज्वाला गुट्टा और महावीर फोगाट भी इस विवाद में उतर गए हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें, गुरमेहर विवाद को लेकर बाकी स्पोर्ट्स स्टार्स ने कैसे रिएक्ट किया...

  • चेतन भगत की जुबानी पढ़ें दिल्ली यूनिवर्सिटी में डिसिप्लिन क्यों है जरूरी?
    Last Updated: March 02 2017, 12:23 PM

    पढ़ें, जाने-माने नॉवेलिस्ट चेतन भगत का दैनिक भास्कर में छपा आर्टिकल कई दशकों पहले आईआईटी दिल्ली के छात्र के रूप में मेरे दोस्त और मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) के कॉलेजों से बहुत ईर्ष्या करते थे। न सिर्फ उनके यहां छात्र-छात्राओं का अनुपात हमारे यहां से बेहतर था बल्कि जब अनुशासन की बात आती थी तो उनके कॉलेज हमारी तुलना में कहीं ज्यादा तनावमुक्त नज़र आते थे। आईआईटी तो हमें काम की चक्की में पीसता रहता था। हर सेमेस्टर में चालीस से ऊपर तो हमारे टेस्ट, क्विज और मिड टर्म टेस्ट होते थे। कोई सप्ताह ऐसा नहीं होता था, जब किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की अंतिम समय-सीमा न हो या कोई क्लास टेस्ट न हो। ये सब हमारे ग्रेड पॉइंट के अौसत में जुड़ते थे। कक्षा में हाजिरी पर भी कड़ी निगरानी रखी जाती थी और कई बार फाइनल स्कोर में इसका भी ध्यान में रखा जाता था। दोस्तों के लिए कॉलेज का मतलब था लॉन में अड्डा जमाना... - उधर, दिल्ली यूनिवर्सिटी के हमारे दोस्तों को पार्टियों से ही फुर्सत नहीं मिलती थी। वे शायद ही कभी क्लास में हाजिरी देते थे। कॉलेज का उनके लिए मतलब था लॉन में अड्डा जमाना। कुछ थोड़े से एलीट क्लास के डीयू कॉलेज छोड़ दें (जैसे स्टीफन्स या एसआरसीसी) तो एकेडमिक एक्टीविटीज दूसरी प्रॉयोरिटी पर थीं। पढ़ाई-लिखाई के लिए कड़ी मेहनत के अलावा जब अनुशासन की बात आती तो आईआईटी में अलग ही माहौल था। - कक्षाओं में गैर-हाजिरी, कागज चुराने के लिए प्रोफेसर के ऑफिस में घुसना (हां, एेसा हुआ था), हुड़दंग या परिसर में महिला के साथ अनुचित व्यवहार यानी छात्र अनुशासनहीनता की कोई भी प्रमुख घटना हो उसका एक ही नतीजा था- डिस्को (DisCo) यानी डिसिप्लीनरी कमेटी से सामना। यह अनुशासन समिति कभी छोड़ती नहीं है, यह जुमला चलता था। डिस्को की सजा का मतलब आईआईटी से निष्कासन भी हो सकता था, जिसका मतलब होता था अंधकारमय भविष्य। इसलिए आईआईटी की प्रतिष्ठा अनुशासित छात्रों की थी। हम भी मौज-मजे करते थे, जिसमें बहुत-सी ऐसी हरकतें भी होती थीं, जो शायद ही जायज कही जा सकती है पर कॉलेज लाइफ का आंशिक अर्थ यही तो है। लेकिन हम पढ़ाई पर भी उतना ही ध्यान देते थे और शरारतों में कभी मर्यादा नहीं लांघते थे। डीयू के दोस्त घूमते थे और हम लाइब्रेरी में सिर खपाते थे - बेशक, डीयू के छात्रों पर कोई रोक-टोक नहीं थी। वे तनावमुक्त नज़र आते और हमेशा कक्षाओं में न जाकर दिल्ली की सबसे दिलचस्प जगहों पर मंडराते दिखते, जबकि हम लाइब्रेरी में अपना सिर खपा रहे होते थे। उनके पास तो राजनीति करने और कैम्पस चुनावों को गंभीरता से लेने का भी वक्त होता था। राष्ट्रीय दलों से समर्थन पाने वाली छात्र शाखाओं का चुनाव में दबदबा होता था। छात्र नेताओं के माथे पर कोई बैंड बंधा हुआ है, बदलाव के समर्थन में नारे लगाए जा रहे हैं। बस भरकर जा रहे छात्रों में शामिल होकर प्रचार के लिए कॉलेज दर कॉलेज घूमना, अगली अप्लाइड मैकेनिक्स क्विज की तैयारी करने से तो ज्यादा मजेदार लगता था। - आईआईटी में भी छात्र संघ के चुनाव होते थे लेकिन, वह शांति से होने वाला मामला था। हमें तो कैम्पस में पोस्टर तक लगाने की इजाजत नहीं थी। राजनीति हॉस्टल्स के बीच होने वाली हॉर्स ट्रेडिंग तक सीमित थी। यह डीयू के अत्यधिक सनसनी वाले माहौल से बिल्कुल अलग था। किंतु हम आश्वस्त होकर कह सकते हैं कि हमारे छात्रों ने वाकई अच्छा प्रदर्शन किया और बहुत अच्छे जॉब हासिल किए और इसीलिए तो वे कैम्पस में आए थे। हमारे यहां वैसी हिंसा भी नहीं होती थी जैसी डीयू कॉलेजों में होती रहती थी। जैसा हाल ही में रामजस कॉलेज में हुआ। डीयू के 95% स्टूडेंट सिर्फ अपना भविष्य बनाना चाहते हैं - हमने रामजस घटना पर अंतहीन चर्चा की लेकिन, गलत मुद्दों पर। हमने इसे सहिष्णुता-असहिष्णुता का मुद्दा बना दिया। एबीवीपी बनाम एआईएसए अथवा भाजपा बनमा कांग्रेस का मामला बना दिया और आखिरकार वही हुआ जो भारत में अंतत: हर राजनीतिक बहस का होता है- मोदी समर्थक अथवा मोदी विरोधी मुद्दा। यह मूर्खतापूर्ण है, क्योंकि मुख्य मुद्दा तो यह है- दिल्ली यूनिवर्सिटी बेकाबू हो गई है। मौजूदा मैनेजमेंट, जिसमें कुलपति, डीन और विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, सब आते हैं; यूनिवर्सिटी को काबू में रख ही नहीं पा रहा है। हमने इसे उदारवादी-परम्परावादी, वाम-दक्षिणपंथी का मु्दा बना दिया। ऐसा है नहीं। मुद्दा तो यह है- हमारे सामने एक ऐसी यूनिवर्सिटी है, जिसमें सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी आते हैं लेकिन, वहां शैक्षिक परिश्रम अथवा अनुशासन के लिए थोड़ा भी सम्मान नहीं है। डीयू में आने वाले 95 फीसदी से अधिक विद्यार्थी सिर्फ पढ़ना और अच्छा भविष्य बनाना चाहते हैं। - शेष पांच प्रतिशत अराजक तत्वों पर लगाम लगाने में नाकामी यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा व परिसर के माहौल को नुकसान पहुंचा रही है अौर वहां पढ़ने वाले सारे युवाओं के भविष्य को जोखिम में डाल रही है। इसे ठीक किया जा सकता है, यदि ऐसा करने की इच्छाशक्ति हो। क्योंकि ऐसी व्यवस्था होनी ही क्यों चाहिए, जिसमें कक्षा में गैर-हाजिर होने से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि साल के अंत में आप परीक्षा में पूछी जाने वाली चीजें रटकर याद कर सकते हैं? अनुशासन समितियां इतनी शिथिल क्यों हैं? पिछले कुछ वर्षों में हिंसा में शामिल कितने छात्रों को कॉलेज से निकाला गया? वहां फालतू के लोग कैंटीनों में मंडराते क्यों रहते हैं? यह कॉलेज है या कोई अड्डा? यह सब डीयू में ही क्यों होता है, सारे आईआईटी, आईआईएम, एनडीए या एम्स में क्यों नहीं होता? हिंसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए - छात्रों के राजनीतिक दृष्टिकोण रखने या राजनीति में रुचि लेने में भी कोई बुराई नहीं है। मर्यादा तो तब टूटती है जब हिंसा की धमकियां दी जाती हैं या हिंसा ही हो जाती है। एेसा होने पर तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि कोई भी ऐसे हथकंडों का फिर इस्तेमाल करने की हिम्मत न कर सके। पाठ्यक्रम की पूरी अवधि में छात्रों को व्यस्त रखा जाना चाहिए और बाहरी लोगों की कोई जरूरत नहीं है। अब वक्त आ गया है कि डीयू को चलाने का दावा करने वाले लोग वाकई सारा मामला अपने हाथों में लें और इस प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी को बेकाबू होने से बचाए। - छात्रों को तो यही सलाह है कि वे अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करें। राष्ट्रीय मुद्दों पर अपना दृष्टिकोण होना अच्छी बात है लेकिन, अपने जीवन के उद्देश्य की अनदेखी न करें। मीडिया या नेताओं के हाथों अपना इस्तेमाल और इस तरह अपने कॅरिअर का कबाड़ा न होने दें। कॉलेज लाइफ का अधिकतम लाभ उठाएं और यह तभी संभव है, जब आप इसका इस्तेमाल अपना भविष्य बनाने में करेंगे। (ये राइटर के अपने विचार हैं)

  • पॉलिटिक्स में नहीं जाऊंगी, दिल्ली जाकर पढ़ाई करना चाहती हूं: शहीद की बेटी गुरमेहर
    Last Updated: March 02 2017, 11:45 AM

    नई दिल्ली. दिल्ली यूनिवर्सिटी में ABVP के खिलाफ सोशल मीडिया पर कैम्पेन चलाकर सुर्खियों में आई गुरमेहर कौर अब कॉन्ट्रोवर्सी से बचना चाहती हैं। मंगलवार को दिल्ली से वे जालंधर अपने घर पहुंचीं। गुरमेहर के घर होने के बारे में जानकारी मिलते ही मीडिया का वहां जमावड़ा लग गया। थोड़ी ही देर के लिए घर से बाहर आईं गुरमेहर बोलीं- अब मैं दिल्ली जाकर पढ़ाई करना चाहती हूं। उन लोगों का शुक्रिया, जिन्होंने मेरा साथ दिया। विरोध करने वालों से नहीं डरती हूं। मैं पॉलिटिक्स में नहीं जाना चाहती। जालंधर पुलिस ने दिए दो महिला गार्ड... - जालंधर में बुधवार शाम गुरमेहर के एक रिश्तेदार उन्हें मिलने आए थे। उनके साथ गुरमेहर घर से बाहर आईं। उन्होंने चंद पल ही बात की। - उनकी कोशिश ये थी कि एक छोटी-सी बात के साथ मीडिया का जमावड़ा खत्म हो जाएगा। प्रशासन ने उन्हें दो महिला बाॅडीगार्ड मुहैया कराया है। SGPC ने किया सपोर्ट - शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) गुरमेहर कौर के सपोर्ट में उतर आई है। कमेटी ने गुरमेहर को मिल रही धमकियों की निंदा करते हुए कहा कि एबीवीपी की सोच इंसानियत के खिलाफ है। कमेटी के प्रधान प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर ने कहा कि देश में रहने वाले हर धर्म के बाशिंदे की आजादी का हक सुरक्षित रखना चाहिए। खासकर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। कमिश्नर से मिले गुरमेहर के दादा - गुरमेहर के दादा कमलजीत सिंह ने बुधवार को जालंधर के डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर से मुलाकात कर पोती को धमकी देने वालों को गिरफ्तार करने की मांग की। - इसी दौरान, मीडिया की खबरों के आधार पर पुलिस कमिश्नर ने दो महिला कॉन्स्टेबल को गुरमेहर की सुरक्षा में लगा दिया। - कमलजीत सिंह ने डीसी से कहा कि जिन लोगों ने सोशल मीडिया पर मेरी पोती को धमकियां दी हैं, उन्हें गिरफ्तार करें। डीसी केके यादव ने कहा कि वह उनकी डिमांड दिल्ली सरकार में अथाॅरटीज के सामने रखेंगे। - कमलजीत ने कहा कि गुरमेहर के बयानों को तोड़-मरोड़ दिया गया। गुरमेहर की पढ़ाई के दौरान कोई अप्रिय घटना न घटे, इसलिए डीसी यादव से सुरक्षा की मांग की है। - कमलजीत ने कहा, मेरी पोती नेे कहा कि कैम्पस में हिंसा नहीं होनी चाहिए। इसमें गलत क्या है। लोग कुछ भी बोले जा रहे हैं। एक मंत्री ने कहा ये देशद्रोह का काम है, कौन उसके दिमाग में जहर भर रहा है। मुझे कोई चिंता नहीं है। क्या कर लेंगे ये? बेटा चला गया। ज्यादा से ज्यादा ये उसे मार ही डालेंगे ना। सुनो तो पोती क्या कह रही है। गुरमेहर के हक में पूर्व सैनिक - पंजाब में पूर्व सैनिकों के संगठन ने कहा- वे गुरमेहर की लड़ाई लड़ेंगे। वहीं, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गुरमेहर के पक्ष में है। कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने गुरमेहर के हक में हर तरह की मदद करने का एलान किया है। कहां से शुरू हुई कॉन्ट्रोवर्सी? - दिल्ली के रामजस कॉलेज में एक सेमिनार होने वाला था। इसमें जेएनयू के स्टूडेंट लीडर उमर खालिद और शहला राशिद को इनवाइट किया गया था। ABVP ने इसका जमकर विरोध किया, क्योंकि खालिद पर जेएनयू में देशविरोधी नारेबाजी करने का आरोप है। - इसके बाद बीते बुधवार को AISA और ABVP के सपोर्टर्स के बीच भारी हिंसा हुई। कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन को सेमिनार कैंसल करना पड़ा। एबीवीपी ऐसा शेर जो सिर्फ एक बार दहाड़ता है - अंग्रेजी अखबार एचटी से बातचीत में गुरमेहर ने कहा कि मैं साफ कर देना चाहती हूं कि पॉलिटिक्स में नहीं जाना चाहती। मैं बात करने की स्थिति में नहीं हूं। मैं एबीवीपी के साथ भी लड़ाई नहीं चाहती, लेकिन ये कहना चाहती है कि एबीवीपी ऐसा शेर है, जो सिर्फ दहाड़ता है। कौन हैं गुरमेहर? - गुरमेहर लेडी श्रीराम कॉलेज में इंग्लिश लिटरेचर की स्टूडेंट हैं। वे मूल रूप से लुधियाना की रहने वाली हैं। पिता कैप्टन मंदीप सिंह कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स के कैम्प पर 1999 में आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। उस वक्त गुरमेहर महज 2 साल की थीं। 36 पोस्टर का वीडियो पिछले साल शेयर किया था, कॉन्ट्रोवर्सी में अब कैसे आईं? - इस कॉन्ट्रोवर्सी में गुरमेहर की एंट्री तब हुई, जब उन्होंने 22 फरवरी को अपना फेसबुक प्रोफाइल पिक्चर बदला और सेव डीयू कैम्पेन; शुरू किया। - वे एक तख्ती पकड़ी हुई नजर आईं। #StudentsAgainstABVP हैशटैग के साथ लिखा- मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ती हूं। ABVP से नहीं डरती। मैं अकेली नहीं हूं। भारत का हर स्टूडेंट मेरे साथ है। - हालांकि, इसके तुरंत बाद पाकिस्तान के बारे में उनका एक पोस्टर वायरल हुआ और वे ट्रोल होने लगीं। - दरअसल, पिछले साल 28 अप्रैल को गुरमेहर कौर ने चार मिनट का वीडियो अपलोड किया था। इसमें उन्होंने एक-एक कर 36 पोस्टर दिखाए थे। लेकिन पोस्टर नंबर 13 वायरल हो गया। इसमें उन्होंने लिखा था कि पाकिस्तान ने मेरे पिता को नहीं मारा, बल्कि जंग ने मारा है। जब गुरमेहर ने एबीवीपी के खिलाफ कैम्पेन शुरू किया तो ट्रोलर्स ने उनके इसी पोस्टर नंबर 13 को वायरल कर दिया। - बाद में गुरमेहर ने यह आरोप भी लगाया कि उन्हें एबीवीपी की ओर से रेप की धमकियां मिल रही हैं।

  • इस वीडियो की सच्चाई जानकर चौंक जाएंगें आप, इसलिए हो रहा है ये शेयर
    Last Updated: March 02 2017, 09:29 AM

    जयपुर। रामजस कॉलेज की स्टूडेंट गुरमेहर के ट्रोलिंग विवाद के तार अब राजस्थान के सीकर जिले से भी जुड़ गए हैं। गुरमेहर के सपोर्ट और एबीवीपी के विरोध में एक वीडियो पोस्ट किया जा रहा है। यह वीडियो सीकर के लॉ कॉलेज के छात्रसंघ कार्यालय के उद्घाटन समारोह का है। इसमें एक लड़की अश्लील डांस कर रही है। यह है इस वीडियो की सच्चाई... - जिस वीडियो को एबीवीपी यानी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का वीडियो बताकर शेयर किया जा रहा है दरअसल वह अखंड भारतीय विद्यार्थी परिषद का है। - सीकर में छात्रसंघ चुनाव के दौरान टिकट के विवाद को लेकर छात्र नेता श्रीराम पिलानिया, कानाराम जाट, राजू गुर्जर और मोहन गुर्जर ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अलग होकर एक नई पार्टी बनाई थी जिसका नाम रखा अखंड भारतीय विद्यार्थी परिषद रखा। - इस नई पार्टी अखंड भारतीय विद्यार्थी परिषद का शॉर्ट फार्म भी एबीवीपी ही हुआ। - फरवरी में अखंड भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सीकर लॉ कॉलेज में छात्रसंघ कार्यालय का उद्घाटन करवाया। इस कार्यक्रम में लड़कियों से अश्लील डांस करवाया गया। - अब गुरमेहर के ट्रोलिंग विवाद के बाद इस कार्यक्रम के वीडियो को एबीवीपी के वीडियो के नाम से चलाया जा रहा है। विवादों में रहा था उद्घाटन - राजस्थान में सीकर के लॉ कॉलेज का छात्रसंघ उद्घाटन काफी विवादों भरा था। सीकर के लॉ कॉलेज में अध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य हैं। वहीं अखंड भारतीय विद्यार्थी परिषद के रवि प्रकाश सैनी महासचिव और संयुक्त सचिव हैं राहुल बालुका। ये तीनों कार्यालय का उद्घाटन करवाने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम करवाना चहते थे। इनका ये विवाद उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ के पास भी आया था। तब कालीचरण सराफ ने एक ही दिन, लेकिन अलग-अलग समय पर कार्यक्रम करवाने का सुझाव दिया। - और हुआ भी एेसा ही। सीकर के लॉ कॉलेज में अध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा ने सुबह अपने कार्यालय का उद्घाटन करवाया। वहीं अखंड भारतीय विद्यार्थी परिषद के महासचिव रवि प्रकाश सैनी और संयुक्त सचिव राहुल बालुका ने शाम को अपने कार्यालय का उद्घाटन करवाया। इस कार्यक्रम में लड़कियों से अश्लील डांस करवाया गया। - कार्यक्रम से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और अखंड भारती विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता आमने- सामने भी हुए थे। - दरअसल कार्यक्रम के विरोध में नारेबाजी करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंच गए थे। जिसके चलते दोनों एबीवीपी के बीच एकबारगी तनाव की स्थित हो गई। आगे की स्लाइड्स में देखिए और फोटोज...

  • कैसे कॉन्ट्रोवर्सी में आई शहीद की बेटी गुरमेहर, 36 पोस्टर्स में बताई थी अपनी कहानी
    Last Updated: March 02 2017, 00:47 AM

    नई दिल्ली. ABVP के खिलाफ करगिल शहीद की बेटी गुरमेहर कौर के सोशल मीडिया कैम्पन पर जारी हंगामा थम नहीं रहा। नेताओं से लेकर बॉलीवुड और स्पोर्ट्स सेलिब्रिटीज ने इस मुद्दे पर अपने बयान दिए हैं। हालांकि, इस ताजा कॉन्ट्रोवर्सी से काफी पहले यानी पिछले साल गुरमेहर ने 4 मिनट का वीडियो पोस्ट किया था। इसमें 36 पोस्टर्स के जरिए उन्होंने अपनी कहानी बताई थी। लेकिन DU में कॉन्ट्रोवर्सी शुरू होने के बाद गुरमेहर के इस पुराने वीडियो से सिर्फ एक पोस्टर को वायरल कर उन्हें ट्रोल किया गया। पढ़ें, कहां से शुरू हुई ये कॉन्ट्रोवर्सी और किस सीक्वेंस में था वायरल हुआ पोस्टर नंबर 13... कहां से शुरू हुई कॉन्ट्रोवर्सी? - दिल्ली के रामजस कॉलेज में एक सेमिनार होने वाला था। इसमें जेएनयू के स्टूडेंट लीडर उमर खालिद और शहला राशिद को इनवाइट किया गया था। ABVP ने इसका जमकर विरोध किया, क्योंकि खालिद पर जेएनयू में देशविरोधी नारेबाजी करने का आरोप है। - इसके बाद बीते बुधवार को AISA और ABVP के सपोर्टर्स के बीच भारी हिंसा हुई। कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन को सेमिनार कैंसल करना पड़ा। कौन हैं गुरमेहर? - गुरमेहर लेडी श्रीराम कॉलेज में इंग्लिश लिटरेचर की स्टूडेंट हैं। वे मूल रूप से लुधियाना की रहने वाली हैं। पिता कैप्टन मंदीप सिंह कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स के कैम्प पर 1999 में आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। उस वक्त गुरमेहर महज 2 साल की थीं। 36 पोस्टर का वीडियो पिछले साल शेयर किया था, कॉन्ट्रोवर्सी में अब कैसे आईं? - इस कॉन्ट्रोवर्सी में गुरमेहर की एंट्री तब हुई, जब उन्होंने 22 फरवरी को अपना फेसबुक प्रोफाइल पिक्चर बदला और सेव डीयू कैम्पेन; शुरू किया। - वे एक तख्ती पकड़ी हुई नजर आईं। #StudentsAgainstABVP हैशटैग के साथ लिखा- मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ती हूं। ABVP से नहीं डरती। मैं अकेली नहीं हूं। भारत का हर स्टूडेंट मेरे साथ है।; - हालांकि, इसके तुरंत बाद पाकिस्तान के बारे में उनका एक पोस्टर वायरल हुआ और वे ट्रोल होने लगीं। - दरअसल, पिछले साल 28 अप्रैल को गुरमेहर कौर ने चार मिनट का वीडियो अपलोड किया था। इसमें उन्होंने एक-एक कर 36 पोस्टर दिखाए थे। लेकिन पोस्टर नंबर 13 वायरल हो गया। इसमें उन्होंने लिखा था कि पाकिस्तान ने मेरे पिता को नहीं मारा, बल्कि जंग ने मारा है। जब गुरमेहर ने एबीवीपी के खिलाफ कैम्पेन शुरू किया तो ट्रोलर्स ने उनके इसी पोस्टर नंबर 13 को वायरल कर दिया। - बाद में गुरमेहर ने यह आरोप भी लगाया कि उन्हें एबीवीपी की ओर से रेप की धमकियां मिल रही हैं। मंगलवार को क्या हुआ? गुरमेहर कौर ने खुद को ABVP विरोधी कैम्पेन से अलग कर लिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा- मैं कैम्पेन से अलग हो रही हूं। मैं रिक्वेस्ट करती हूं, मुझे अकेला छोड़ दिया जाए। मुझे जो कहना था, कह दिया। काफी हिम्मत दिखा चुकी हूं। गुरमेहर दिल्ली छोड़कर जालंधर चली गईं। उधर, पुलिस ने गुरमेहर को मिल रही रेप की धमकी मामले में एफआईआर दर्ज कर ली। मंगलवार को ही डीयू में प्रोटेस्ट निकाला गया। एबीवीपी के खिलाफ हुए इस प्रोटेस्ट में डीयू के अलावा जेएनयू और जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स और प्रोफेसर्स भी शामिल हुए। कई नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया। (पूरी खबर <a href='http://www.bhaskar.com/news/c-271-du-left-student-groups-will-take-to-the-streets-on-tuesday-re0096-NOR.html?ref=ht'>यहां पढ़ें</a>) सहवाग से शुरू हुआ रिएक्शंस का दौर, पढ़ें अब तक के बड़े बयान 1) वीरेंद्र सहवाग - कॉन्ट्रोवर्सी शुरू होने के बाद गुरमेहर गुरमेहर का लिखा एक पोस्टर वायरल हो गया था। इस पर लिखा था, मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं, बल्कि जंग ने मारा है।; - इसके बाद वीरेंद्र सहवाग ने गुरमेहर तख्ती वाली पोस्ट का मजाक उड़ाया। सहवाग ने भी ट्विटर पर तख्ती के साथ अपनी एक फोटो पोस्ट डाली। इस पर लिखा, दो ट्रिपल सेन्चुरी मैंने नहीं मारी थी, यह मेरे बैट ने लगाई थी। - बाद में एक न्यूज चैनल से बातचीत में गुरमेहर ने कहा कि वीरेंद्र सहवाग का ट्वीट देखकर मेरा दिल टूट गया। मैं बचपन से उन्हें खेलते हुए देखती आ रही हूं। - विवाद बढ़ा तो सहवाग ने कहा कि मेरा ट्वीट गुरमेहर के लिए नहीं था। वह सिर्फ एक फनी ट्वीट था। लेकिन उसे गलत तरह से लिया गया। 2) योगेश्वर दत्त - रेसलर योगेश्वर ने मंगलवार को गुरमेहर का मजाक उड़ाया। उन्होंने हिटलर, लादेन और हिरण की फोटो पोस्ट की। चिंकारा के फोटो पर लिखा- भाई ने मुझे नहीं मारा, बुलेट ने मारा। वहीं, ओसामा बिन लादेन के फोटो पर लिखा- मैंने लोगों को नहीं मारा, बम ने मारा। हिटलर के फोटो पर लिखा- मैंने यहूदी को नहीं मारा, गैस ने मारा। 3) बबीता फोगाट - रेसलर बबीता ने गुरमेहर के खिलाफ ट्वीट करते हुए लिखा था कि जो अपने जो अपने देश के हक में बात नहीं कर सकते, उनके हक में बात करना ठीक है क्या? अगले ट्वीट में उन्होंने कहा- मैं रेप की धमकियों की निंदा करती हूं, अगर लोग इस तरह से धमकी दे रहे हैं तो ये बहुत ही गलत है, लेकिन मैं अपने देश के खिलाफ एक शब्द भी नहीं सुन सकती हूं। 4) रणदीप हुड्डा - हुड्डा ने भी हाथों की इमोजी और स्माइली डालकर सहवाग के ट्वीट को रिट्वीट किया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर रणदीप जमकर ट्रोल हुए। बाद में फेसबुक पर रणदीप हुड्डा ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि सहवाग ने जाेक किया था। मैं उस पर हंस दिया। लेकिन अब मुझे ही उस लड़की को मिल रही धमकियों का जिम्मेदार माना जा रहा है। कृपया मुझे फांसी पर न चढ़ाएं। 5) किरण रिजिजू - देशद्रोही नारेबाजी के स्टूडेंट्स का ABVP की तरफ से विरोध होने पर और उस पर गुरमेहर के एतराज पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने ट्वीट किए। - रिजिजू ने लिखा, इस स्टूडेंट का दिमाग किसने खराब किया? नेशनलिज्म को डिफाइन नहीं किया जा सकता। लेकिन जिसने अफजल गुरु और आतंकियों की तरह देश बांटने की कोशिश की, उसे तो एंटी-नेशनल ही माना जाएगा। -किरण रिजिजू ने मंगलवार को कहा, वह (गुरमेहर कौर) एक यंग लड़की है। उसके बारे में विवाद सही नहीं है। यह लेफ्टिस्ट हैं जो कि हमारे जवानों की मौत पर खुशी मनाते हैं। वे ही इस लड़की को गुमराह कर रहे हैं।; 6) बीजेपी सांसद - सांसद प्रताप सिम्हा ने भी सहवाग और योगेश्वर की तरह एक फोटो ट्वीट किया। इसमें दाऊद की फोटो पर लिखा था लिखा, मैंने 1993 में लोगों को नहीं मारा। बम ने मारा। ...कम से कम दाऊद अपनी एंटी-नेशनल एक्टिविटीज को अपने पिता का नाम लेकर जस्टिफाई नहीं करेगा। 7) वेंकैया नायडू - केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, आप मेजॉरिटी से अलग बोलते हैं। वहां तक तो ठीक है। लेकिन बांटने की बात करना मंजूर नहीं है। कुछ लोग यंग जनरेशन को बहका रहे हैं। इससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचती है। कोई जम्मू-कश्मीर की आजादी की बात कैसे कर सकता है? क्या आप यूनिवर्सिटीज को अलगाववाद की लैब की तरह बनाना चाहते हैं। ये भी पढ़ें # <a href='http://www.bhaskar.com/news/c-271-wrestler-yogeshwar-dutt-tweets-against-du-student-gurmeharkaur-re0096-NOR.html?ref=ht'>कैसे विवादों में आई शहीद की बेटी गुरमेहर, 36 पोस्टर्स में बताई थी अपनी कहानी</a> # <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-ramjas-college-delhi-row-news-and-updates-news-hindi-5540153-PHO.html?ref=ht'>देशभक्ति किताबों से नहीं आती: शहीद की बेटी को लेकर अख्तर के बयान पर बबीता बोलीं</a> # <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-umar-khalid-syas-virender-sehwag-who-played-for-bcci-not-india-news-hindi-5540208-PHO.html?ref=ht'>सहवाग BCCI को रिप्रेजेंट करते हैं, भारत को नहीं: JNU स्टूडेंट उमर खालिद</a> # <a href='http://www.bhaskar.com/news/c-271-du-left-student-groups-will-take-to-the-streets-on-tuesday-re0096-NOR.html'>एंटी-ABVP कैम्पेन से हटीं शहीद की बेटी, दिल्ली भी छोड़ा; DU में प्रोटेस्ट तेज</a> आगे की स्लाइड्स में पढ़ें ....गुरमेहर के सपोर्ट में इन सेलिब्रिटीज ने दिए बयान...

  • कई बाॅलीवुड सेलेब्स गुरमेहर के सपोर्ट में, जब सहवाग और रनदीप ने किया उन्हें ट्रोल
    Last Updated: March 01 2017, 18:36 PM

    मुंबई। डीयू के लेडी श्री राम कॉलेज की स्टूडेंट गुरमेहर कौर को फेसबुक पर वीरेंद्र सहवाग और रनदीप हुड्डा समेत कई सारे लोगों ने ट्रोल किया। लेकिन अब ABVP के खिलाफ उनके ऑनलाइन कैम्पेन को सपोर्ट करने के लिए कई बी-टाउन एक्टर्स, सिंगर्स, राइटर्स और मेकर्स सामने आ रहे हैं। एक्ट्रेस और फिल्ममेकर पूजा भट्ट और एक्टर राेहित रॉय ने क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और रनदीप हुड्डा पर नाराजगी जताई है। पूजा भट्ट ने ट्वीट में लिखा है He who laughs last, laughs alone. Pick on someone your own size boys! This is so NOT cool! गौरतलब है कि गुरमेहर ने कहा था कि पाकिस्तान ने नहीं, वॉर ने मेरे पिता को मारा है। इसी पर इनका मजाक उड़ाया गया था। इनके पिता करगिल वॉर में शहीद हुए थे।

  • गुरमेहर कौर के सपोर्ट में बोलीं विद्या बालन, जानिए क्या कहा?
    Last Updated: March 01 2017, 16:26 PM

    मुंबई। हाल ही में एक बुक लॉन्च के इवेंट में पहुंचीं विद्या बालन ने गुलमेहर कौर को सपोर्ट करते हुए कहा कि हर एक को अपने दिल की बात कहने का हक है और मैं किसी भी तरह की हिंसा के खिलाफ हूं। गौरतलब है कि दिल्ली के रामजस कॉलेज में एबीवीपी और वामपंथी दलों के बीच हुई झड़प के बाद सबकी निगाहें गुरमेहर कौर की तरफ हो गई हैं। दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज में पढ़ने वाली गुरमेहर ने कुछ समय पहले फेसबुक पर अपनी प्रोफाइल पिक चेंज की थी। इस पिक में वह एक पोस्टर पकड़कर खड़ी थी,जिसमें लिखा था, मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा हूं। मैं एबीवीपी से नहीं डरती। मैं अकेली नहीं हूं। भारत का हर छात्र मेरे साथ है। इस पिक की वजह से उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। गुरमेहर करगिल युद्ध में मारे गए मनदीप सिंह की बेटी हैं।

  • मजाक उड़ाना गलत: गुरमेहर के सपोर्ट में आए गंभीर, योगेश्वर बोले- मैं भी खिलाफ नहीं
    Last Updated: March 01 2017, 16:02 PM

    नई दिल्ली. रामजस कॉलेज विवाद मामले में गुरमेहर कौर की पोस्ट का गौतम गंभीर ने सपोर्ट किया है। उन्होंने बुधवार को वीडियो के साथ एक ट्वीट किया और कहा कि हर किसी को अपनी बात रखने की फ्रीडम है। इस बात को हमें समझ लेना चाहिए और रोज इसे प्रैक्टिस में लाना चाहिए। उधर, वीरेंद्र सहवाग और रेसलर योगेश्वर दत्त ने गुरमेहर की पोस्ट को लेकर अपने पहले के बयान पर सफाई देने की कोशिश की। वीरेंद्र ने कहा वह सिर्फ मजाक था। वह किसी के खिलाफ नहीं था। वहीं, योगेश्वर ने भी कहा कि वे गुरमेहर के खिलाफ नहीं हैं। गुरमेहर के किस पोस्ट पर गौतम ने किया सपोर्ट... - ABVP के खिलाफ कैम्पेन चलाते वक्त एक तख्ती वाली पोस्ट में गुरमेहर ने लिखा था- मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं, बल्कि जंग ने मारा है। - इसके बाद वीरेंद्र सहवाग ने गुरमेहर की तख्ती वाली पोस्ट का मजाक उड़ाया था। सहवाग ने भी ट्विटर पर तख्ती के साथ अपनी एक फोटो पोस्ट डाली थी। इस पर लिखा था, दो ट्रिपल सेन्चुरी मैंने नहीं मारी थी, यह मेरे बैट ने लगाई थी। - सहवाग की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर एक तरह की बहस छिड़ गई। रेसलर बबिता फोगाट, योगेश्वर दत्त, रणदीप हुड्डा और मधुर भंडारकर समेत कई लोगों ने सहवाग की पोस्ट का सपोर्ट किया। - वहीं, जावेद अख्तर ने इसका विरोध किया और गुरमेहर के सपोर्ट में आ गए। पूरी खबर यहां पढ़ें: <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-ramjas-college-delhi-row-news-and-updates-news-hindi-5540153-PHO.html?ref=ht'>देशभक्ति किताबों से नहीं आती: शहीद की बेटी को लेकर अख्तर के बयान पर बबिता बोलीं</a> गौतम ने एक वीडियो ट्वीट कर कहा- किसी को भी मजाक उड़ाने का हक नहीं - गौतम ने ट्विटर पर डाले अपने मैसेज में कहा- इंडियन आर्मी के लिए मेरे मन में बहुत ज्यादा इज्जत है। उनकी सर्विस देश के लिए होती है और हममें से कोई उन जैसा नहीं है। हालांकि, हाल की घटनाओं से मुझे निराशा हुई है। हम एक आजाद देश में रहते हैं, जहां हर किसी को अपनी राय रखने का हक है। अगर एक लड़की, जिसने अपने पिता को खोया हो, शांति के इरादे से जंग की दहशत को को लेकर पोस्ट करती है तो उसे ऐसा करने का हक है। -उन्होने आगे लिखा- यह दूसरे लोगों के लिए यह दिखाने का मौका नहीं बनना चाहिए कि वे कितने देशभक्त हैं या उन्हें मिलकर उसका मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। हर आम आदमी की तरह उसे अपनी राय रखने का हक है। हर कोई इस बात से सहमत हो या न हो, लेकिन उसका मजाक उड़ाना गलत है। योगेश्वर ने कहा- मैं गुरमेहर के खिलाफ नहीं हूं - योगेश्वर दत्त ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बुधवार को कहा- मैं गुरमेहर के खिलाफ नहीं हूं, मैं उसका सम्मान करता हैं, वह एक शहीद की बेटी हैं, मेरे सिर्फ विचार उनसे अलग हैं। अगर पाकिस्तान हमारे सैनिकों को नहीं मारता है तो कौन मारता है? हम पाकिस्तान के साथ एक जंग लड़ रहे हैं, क्या हम नहीं लड़ रहे हैं? - बता दें योगेश्वर ने मंगलवार को गुरमेहर की पोस्ट का मजाक उड़ाया था। उन्होंने हिटलर, लादेन और हिरण की फोटो पोस्ट की। चिंकारा के फोटो पर लिखा- भाई ने मुझे नहीं मारा, बुलेट ने मारा। वहीं, ओसामा बिन लादेन के फोटो पर लिखा- मैंने लोगों को नहीं मारा, बम ने मारा। हिटलर के फोटो पर लिखा- मैंने यहूदी को नहीं मारा, गैस ने मारा। हरियाणा के मंत्री ने कहा- पाकिस्तान सपोर्टर्स को देश से बाहर फेंक देना चाहिए - हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा- जो लोग गुरमेहर कौर का समर्थन कर रहे हैं, वे पाकिस्तान समर्थक हैं। ऐसे लोगों को देश से बाहर फेंक देना चाहिए। - उधर, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा- AVBP कौन है जो यह तय करे कि कौन देशद्रोही है और कौन देशभक्त? यह तय करने का अधिकार उनको किसने दिया? एबीवीपी ने दो मेंबर्स को किया सस्पेंड - रामजस कॉलेज विवाद पर हिंसा का आरोप झेल रही ABVP ने अपने दो मेंबर प्रशांत मिश्र और विनायक शर्मा को प्राइमरी मेंबरशिप से सस्पेंड कर दिया है। इन दोनों स्टूडेंट्स पर आरोप है कि इन्होंने मंगलवार को लेफ्ट स्टूडेंट्स के साथ मारपीट की थी। इन्हें मंगलवार को अरेस्ट कर लिया गया था। - एबीवीपी का कहना है कि इंटरनल जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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