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के॰ चंद्रशेखर राव

  • अलग राज्य की मन्नत पूरी हुई, तिरुपति में 5.6 Cr की ज्वैलरी चढ़ाएंगे तेलंगाना CM
    Last Updated: February 21 2017, 17:33 PM

    हैदराबाद. तेलंगाना के सीएम बनने के बाद पहली बार के. चंद्रशेखर राव (KCR) फैमिली और कुछ कैबिनेट मेंबर्स के साथ तिरुपति पहुंचे हैं। यहां वे बुधवार को आंध्र प्रदेश के मशहूर बालाजी मंदिर में खास पूजा करेंगे और भगवान वेंकटेश्वर-देवी पद्मावती को 5.6 करोड़ रुपए कीमत की ज्वैलरी भेंट करेंगे। केसीआर के करीबियों की मानें तो तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के लिए सीएम ने मन्नत मांगी थी। बता दें कि पिछले साल भी राव ने वारंगल के एक मंदिर में 3.6 करोड़ का मुकुट चढ़ाया था। ज्वैलरी में 3.7 करोड़ का हार शामिल... - तेलंगाना सरकार के एडवाइजर और टीटीडी के पूर्व एक्जीक्यूटिव अफसर केवी रामनाचार्य ने बताया कि अलग तेलंगाना राज्य के लिए सीएम ने मन्नत मांगी थी। - इसीलिए शुद्ध सोने की ज्वैलरी भगवान को गिफ्ट कर रहे हैं। इसमें 14.20 kg का सलिग्राम हरम (3.70 करोड़), 4.65 किलो का सोने का हार (1.20 करोड़) शामिल है। इसके अलावा देवी पद्मावती के लिए सोने की एक नथ भी भेंट करेंगे। - पिछले साल केसीआर ने वारंगल के देवी भद्रकाली मंदिर में 11.70 kg सोने का मुकुट चढ़ाया था। जिसकी कीमत 3.65 करोड़ थी। दूसरा सबसे अमीर मंदिर है तिरुमाला - केरल के पद्मनाथ स्वामी मंदिर के बाद तिरुपति बालाजी देश का दूसरा सबसे अमीर मंदिर है। हुंडी में आने वाला गुप्त दान मंदिर की इनकम का बड़ा सोर्स है। - हुंडी के अलावा मंदिर को टिकट, प्रसाद, ब्याज और जमीन की रजिस्ट्रियां भी मिलती हैं। - एक अनुमान के मुताबिक, मंदिर की कुल प्रॉपर्टी 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। बताया जाता है कि मंदिर के खजाने में 7 टन से ज्यादा सोना और 30 टन से ज्यादा चांदी जमा है। - इसमें हीरे, मोती, माणिक समेत करीब 1 टन वजन के बेशकीमती पत्थर भी हैं। बालाजी मंदिर का डीमैट अकाउंट भी खुला है। पिछले साल कितने भक्त और चढ़ावा आया? - टीटीडी के एक्जीक्यूटिव अफसर डी. संबाशिवा राव ने बताया कि 2016 में तिरुपति बालाजी मंदिर में 2.6 करोड़ भक्त पहुंचे। - हुंडी में 1018 करोड़ रुपए कैश चढ़ावे के साथ सोना और दूसरे कीमती मेटल्स के सामान भी मिले। - मंदिर में खास दर्शन के लिए 67 लाख टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग हुई। इससे भी 200 करोड़ से ज्यादा की कमाई हुई। - सालभर में मंदिर में 10 करोड़ लड्डू बांटे गए। इन्हें मंदिर में ही बनाया जाता है।

  • हैदराबाद में भारी बारिश से IT कंपनियां बेहाल, NDRF और आर्मी स्टैंडबाय पर
    Last Updated: September 24 2016, 16:22 PM

    हैदराबाद. हैदराबाद में शनिवार को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। एनडीआरएफ और आर्मी को स्टैंडबाय पर रखा गया है। गुरुवार से शुक्रवार रात 8.30 तक यहां 28 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस भारी बारिश का असर यहां के आईटी सेक्टर पर पड़ा है। ज्यादातर लोग ऑफिस की बजाय घर से ही काम करते रहे। तेलंगाना के चीफ मिनिस्टर के. चंद्रशेखर राव ने अफसरों को रिलीफ वर्क तेज करने के ऑर्डर दिए हैं। क्या कर रही है तेलंगाना सरकार... - शुक्रवार रात तेलंगाना के सीएम ने कंट्रोल रूम में इमरजेंसी मीटिंग की। इसके बाद सीएम ने अफसरों से कहा कि वो बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में तेजी से मदद पहुंचाएं। - आर्मी की एक टीम ने शनिवार सुबह रंगा रेड्डी जिले के अलवल में रेस्क्यू ऑपरेशन किया। - सीएम ऑफिस से जारी एक स्टेटमेंट में कहा गया है कि एनडीआरएफ के 60 मेंबर्स की टीम और आर्मी की 8 टास्क फोर्स टीम को स्टैंडबाय पर रखा गया है ताकि हालात बिगड़ने पर उनकी मदद ली जा सके। जरूरत पड़ने पर आर्मी के और जवानों को बुलाया जा सकता है। - तेलंगाना सरकार ने बारिश की वजह से होने वाली बीमारियों से निपटने की भी तैयारी की है। मलकानगिरी, हकीमपेट, अलवल और निजामपेट में हालात ज्यादा खराब हैं। भारी बारिश का अलर्ट - मौसम विभाग ने शनिवार को भी राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। - हैदराबाद में बारिश से बिगड़े हालात का असर यहां के आईटी सेक्टर पर भी पड़ा है। ज्यादा आईटी प्रोफेशनल्स शुक्रवार और शनिवार को ऑफिस नहीं पहुंच पाए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन लोगों ने विशाखापत्तनम और बेंगलुरु से मदद लेकर घर पर ही काम निपटाया। - शनिवार को एक स्कूल बस पानी में फंस गई। इसमें 40 बच्चे थे जिन्हें स्थानीय लोगों ने निकाला।

  • यहां लगा है साउथ इंडिया का सबसे ऊंचा तिरंगा, जानें बाकी झंडों की खासियत
    Last Updated: August 12 2016, 18:02 PM

    हैदराबाद/नई दिल्ली. देश का दूसरा सबसे ऊंचा तिरंगा तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में फहराया गया। मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने गुरुवार को राज्य की दूसरी सालगिरह पर इसका उद्घाटन किया। हुसैन सागर झील के किनारे लगे राष्ट्रध्वज के लिए सरकार ने 3 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। जो अब तक का सबसे बड़ा और खर्चीला प्रोजेक्ट है। ये साउथ इंडिया का सबसे ऊंचा तिरंगा है। जो देश के सबसे ऊंचे तिरंगे (293 फीट, रांची) से 2 फीट छोटा है। रात में भी लहराएगा तिरंगा... - इसे दिन और रात में कभी भी फहराया जा सकेगा। दरअसल, 2009 में कांग्रेस नेता नवीन जिंदल ने होम मिनिस्ट्री को लेटर लिखकर प्रस्ताव रखा था कि देश में रात के समय ऊंचाई पर लगा तिरंगा फहराने की इजाजत मिलनी चाहिए। जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया था। - फरीदाबाद का तिरंगा फिलहाल लिम्का बुक ऑफ रिकॉड्स में शामिल है। इसकी ऊंचाई कुतुबमीनार से 12 फुट ज्यादा है। - बता दें कि दुनिया का सबसे ऊंचा फ्लेग पोल जेद्दाह (सऊदी अरब) में 561 फीट पर लगा है, जो गिनीज बुक में दर्ज है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, यहां भी ऊंचाई पर लगे हैं राष्ट्रध्वज...

  • PM ने तेलंगाना और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को सूखे पर चर्चा करने के लिए बुलाया
    Last Updated: May 10 2016, 10:19 AM

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 सूखा प्रभावित राज्यों में हालात का जायजा लेने के तहत तेलंगाना और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को आज बैठक के लिए बुलाया है। पीएम ने शनिवार को उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से मिल चुके हैं। सूखा प्रभावित राज्यों से सीएम से मिल रहे हैं पीएम... -11 सूखा प्रभावित राज्यों में हालात की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री की कोशिश के तहत ये बैठकें होंगी। -शनिवार को हुई बैठकों के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा था कि केंद्र और राज्यों को सूखा से लोगों को पेश आ रही समस्याओं को कम करने के लिए मिलकर काम करना होगा। -उन्होंने मीडियम और लॉन्ग टर्म सॉल्यूशंस पर जोर देने की वकालत की थी। -मोदी ने वाटर कंजरवेशन और रिचार्ज स्ट्रक्चर के प्लान के लिए रिमोट सेंसिंग जैसी टेक्निक और सैटेलाइट से ली गई फोटोज का इस्तेमाल करने पर जोर दिया। -उन्होंने साइंटिफिक एवीडेंस पर बेस्ड फसल पद्धति में बदलाव करने, वाटर यूज एफीशेंसी बढ़ाने के लिए ड्रिप एंड स्प्रिंकलर सिंचाई का इस्तेमाल किए जाने, बेहतर वाटर मैनेजमेंट के लिए सामुदायिक और खासतौर पर महिलाओं की भागीदारी की जरूरत पर जोर दिया था। महाराष्ट्र में क्या हैं हालात? - मराठवाड़ा के 15 हजार गांव सूखे की गिरफ्त में हैं। इनमें से लातूर, बीड़ और औरंगाबाद जिले में हालात ज्यादा खराब हैं। - केंद्र यहां 50 और 10 वाटर टैंकर वाली दो ट्रेन लातूर भेज चुका है। - सरकार ने कहा है कि जब तक मानसून नहीं आ जाता। तब तक वाटर ट्रेन से लोगों को पानी मुहैया कराया जाएगा। 16 साल में सबसे बड़ा सूखा, इसलिए कानून बनाने की तैयारी में केंद्र सरकार - देश के कई हिस्सों में टेम्परेचर 40 डिग्री पार हो चुका है। वहीं, महाराष्ट्र के कई इलाके सूखे की चपेट में हैं। - भारत में पानी को लेकर बीते 16 साल में सबसे बुरे हालात हैं। वाटर रिसोर्स और रिवर डेवलपमेंट सेक्रेटरी शशि शेखर के मुताबिक, हालात और खराब हों, इसके पहले सरकार वाटर मैनेजमेंट के नए तौर-तरीके बनाने का प्लान कर रही है। सरकार किसानों को ड्रिप इरिगेशन के लिए फंड देगी। साथ ही, ग्राउंड वाटर के ज्यादा दोहन के लिए पेनल्टी लगाई जाएगी। इसके लिए एक मॉडल वाटर लॉ बनाया जाएगा।

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