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Kanpur train accident

  • उन्नाव में मालगाड़ी के 12 डिब्बे पटरी से उतरे, दो भागों में बटी ट्रेन
    Last Updated: January 12 2017, 20:52 PM

    उन्नाव. यूपी के उन्नाव जिले में गुरुवार को कानपुर से लखनऊ जा रही माल गाड़ी के 12 डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। हादसे में कोई भी घायल नहीं हुआ है। जानकारी के मुताबिक मालगाड़ी में टाइल्स भरे हुए थे। हादसा करीब शाम के 5:30 बजे हुआ है। घटना को 3 घंटे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। इस हादसे में मालगाड़ी दो भागों में बट गई है। वहीं ट्रेन की पटरियां और लाइन धवस्त हो चुकी है। माल गाड़ी के ड्राइवर आलोक शुक्ला और गार्ड बीके शुक्ला मौके से फरार हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले ही रेलवे ट्रैक की मरम्मत की गई थी। कानपुर में ट्रेन हादसों का कहर जारी... # 20 नवंबर - यहां पुखरायां के पास रविवार सुबह करीब 3.15 बजे इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन डिरेल हो गई थी। हादसे में 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। - इसमें 131 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 175 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। # 28 दिसंबर - कानपुर देहात के पास बुधवार की सुबह करीब 5.30 बजे अजमेर-सियालदह ट्रेन (12988) के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। - इस हादसे में 52 यात्री घायल हुए थे। #2 जनवरी - पीएम मोदी की लखनऊ में रैली से पहले 31 दिसंबर को कानपुर बिठूर थानाक्षेत्र नारामऊ और मंधना के बीच रेलवे ट्रैक को अज्ञात लोगों द्वारा काटने की कोशिश का मामला भी सामने आया था। - पेट्रोलिंग मैन के वहां पहुंचते ही बदमाश भाग निकले। आगे की स्लाइड्स में देखिए रिलेटेड PHOTOS...

  • बिहार पुलिस का दावा: कानपुर रेल हादसे के पीछे था ISI का हाथ, आरोपी बोला- बम लगाकर उड़ाई थी पटरी
    Last Updated: January 18 2017, 09:20 AM

    कानपुर. बिहार पुलिस ने दावा किया है कि 20 नवंबर को कानपुर के पुखरायां के पास हुआ रेल हादसा ISI की साजिश का नतीजा था। मोतिहारी के एसपी जितेंद्र राणा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों ने ये खुलासा किया है। पूछताछ में पता चला है कि कानपुर रेल हादसे का मास्टर माइंड दुबई में बैठा नेपाल का कारोबारी शम्शुल होदा है। उसी ने इसके लिए फंडिंग की। जांच में सामने आया कि ये कारोबारी ISI को भी फंडिंग करता है। बता दें, 20 नवंबर 2016 को हुए कानपुर ट्रेन हादसे में पटना-इंदौर एक्स्प्रेस पटरी से उतर गई थी। इसमें 150 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। आरोपी बोला- बम लगाकर उड़ाई थी पटरी... - राणा ने बताया कि मोती पासवान समेत तीन आरोपियों ने कानपुर रेल हादसे से जुड़े कई बड़े खुलासे किए हैं। - SP के मुताबिक, शम्शुल ने नेपाल के बृजकिशोर गिरी उर्फ बाबा के जरिए कानपुर रेल हादसे की साजिश रची। - मोती ने पुलिस को बताया, पुखराया के पास रेलवे ट्रैक को बम लगाकर उड़ा दिया था। इसके चलते 20 नवंबर की सुबह पटना-इंदौर एक्सप्रेस पुखरायां के पास हादसे का शिकार हो गई। घोड़ासहन में भी थी पैसेंजर ट्रेन उड़ाने की साजिश - मोती ने बताया, इस साजिश में कारोबारी शम्शुल का भतीजा जियाउल हक और एक अन्य व्यक्ति भी शामिल था। इनके साथ राकेश यादव, गजेंद्र यादव और बृजकिशोर गिरी के अलावा दूसरे लोग पूर्वी चंपारण से गए थे। - इसी ग्रुप ने पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन में भी अक्टूबर में IED लगाकर पैसेंजर ट्रेन उड़ाने की कोशिश की थी। अब तक 8 गिरफ्तारियां - इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मोती पासवान, मुकेश यादव, उमाशंकर पटेल को घोड़ासहन से। बृजकिशोर, मुजाहिर अंसारी और शंभु गिरी को नेपाल से पकड़ा गया। जुबैर और जियाउल को दिल्ली से पकड़ा गया। गजेंद्र शर्मा और राकेश यादव की तलाश जारी है। कैसे हुआ साजिश का खुलासा? - घोड़ासहन से 25 दिसंबर को अरुण राम और दीपक राम लापता हुए थे। 28 दिसंबर को नेपाल के जंगलों में इनकी हत्या कर दी गई। जांच में शक के आधार पर मुजाहिर अंसारी को पकड़ा गया। - मुजाहिर ने पुलिस को बताया कि रक्सौल-दरभंगा रेल ट्रैक पर घोड़ासहन के पास IED से ट्रेन को उड़ाने की साजिश थी। - शम्शुल होदा ने ये प्लान किया और इसमें बृजकिशोर, उसका साला शंभु और मुजाहिर शामिल थे। - ट्रैक उड़ाने के लिए शम्शुल ने अरुण और दीपक को 20-20 लाख और स्कॉर्पियो देने का वादा किया था। शम्शुल ने बृजकिशोर के जरिए 3-3 लाख एडवांस भेजे थे। - दीपक और अरुण ने ट्रैक पर विस्फोटक तो प्लांट कर दिए, लेकिन IED का तार नहीं जोड़ा। प्लान फेल हो गया। दोनों ने पैसे नहीं लौटाए, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। एनआईए, आईबी और रॉ की टीमें मोतिहारी पहुंचीं - मोती पासवान की गिरफ्तारी और खुलासे के बाद NIA और दूसरी खुफिया एजेंसियां मोतिहारी पहुंच गई हैं। आईबी, रॉ, एटीएस, स्पेशल ब्रांच अलग-अलग मोती से पूछताछ में जुटी हैं। - माना जा रहा है कि इस पूछताछ में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

  • पटना-इंदौर एक्सप्रेस हादसे के ISI कनेक्शन की जांच को पहुंचीं ATS, पूछे ये सवाल
    Last Updated: January 21 2017, 04:22 AM

    मुजफ्फरपुर/मोतिहारी. कानपुर के पुखराया में रेल ट्रैक को विस्फोट कर पटना-इंदौर एक्सप्रेस ट्रेन को बेपटरी करने का खुलासा होने के बाद एनआईए की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। मोतिहारी पुलिस के हत्थे चढ़े मोती पासवान व उसके साथियों से पूछताछ करने के लिए शुक्रवार को मध्यप्रदेश, गुजरात व हैदराबाद एटीएस की टीम भी पहुंची। एनआईए ने संदिग्ध आतंकी मोती से ये किए सवाल... - टीम ने मोतिहारी पुलिस लाइन से सटे बंद कमरे में रिमांड पर लिए गए संदिग्ध आतंकियों से लंबी पूछताछ की। - एनआईए यह जानने की कोशिश कर रही है कि मोती पासवान वास्तव में पटना-इंदौर एक्सप्रेस को विस्फोट कर डिरेल करने में शामिल रहा है या नहीं? - छह दिन के लिए रिमांड पर लिए गए मोती, उमा शंकर व मुकेश से एमपी व गुजरात एटीएस ने लंबी पूछताछ की। - मोती पासवान ने पूछताछ में बताया कि पहली अक्टूबर को घोड़ासहन में रेल पटरी को आईईडी विस्फोट कर उड़ाने की घटना में वह खुद शामिल नहीं था। उस वक्त वह जेल में बंद था। लेकिन, प्लानिंग की पूरी जानकारी उसे थी। - कानपुर देहात के पुखराया में पहली नवंबर को आईईडी से रेल ट्रैक को क्षतिग्रस्त करने की घटना के लिए वह खुद पहुंचा था। एनआईए के एसपी ने पूछे कई सवाल - एनआईए के एसपी आर सिंह के नेतृत्व में टीम मोती पासवान के कबूलनामे की कड़ी दर कड़ी जोड़ने के लिए कई सवाल पूछे। देशभर में नक्सल कनेक्शन की जांच में हैदराबाद एटीएस को एक्सपर्ट माना गया है। - पुलिस के हत्थे चढ़े मोती पासवान का नक्सली से संबंध का पहले ही खुलासा हो चुका है। - इसके बाद हैदराबाद एटीएस के डीएसपी जे रमेश रेड्डी के नेतृत्व टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि मोती व उसके साथियों को विस्फोट की ट्रेनिंग कहां से मिली? - कहीं इंडियन मुजाहिद्दीन, नक्सली व अपराधी गठजोड़ से तो घटना को अंजाम नहीं दिया गया। नेपाल बॉर्डर से पूर्व में आईएम संस्थापक यासिन भटकल व आईएम के प्रमुख साथियों की गिरफ्तारी हुई थी। एनआईए ने संदिग्ध आतंकी मोती से ये किए सवाल : - मोती पुखराया ट्रेन या बस से पहुंचा? - ट्रेन डिरेल करने के लिए सिग्नल से कितनी दूरी पर था? - सिग्नल किस ओर दिख रहा था? - वहां और कौन-कौन लोग मौजूद थे? - कौन-कौन ट्रेन उस दौरान गुजरी? - ट्रेन डिरेल करने की घटना में खुद शामिल था या नहीं? नेपाल में सांसद का चुनाव भी लड़ा था शम्शुल - सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में शम्शुल होदा के संबंध में कई जानकारियां मिली हैं। शम्शुल नेपाल में सांसद का भी चुनाव लड़ चुका है। - चुनाव हारने के बाद ही उसने दुबई में अपना कारोबार फैलाया। वह जाली नोट के कारोबार से भी जुड़ा है। - मोतिहारी के ढाका के शमीम नामक हिस्ट्रीशीटर भारत-नेपाल बॉर्डर पर शम्शुल से जाली नोट की खेप लेकर सप्लाई करता है। - यूपी के हरदोई एसपी की गाड़ी चोरी में पिछले साल शमीम की नेपाल में गिरफ्तारी हुई थी। शमीम वाहन चोरी के बड़े रैकेट से जुड़ा हुआ है। - नवंबर माह में नेपाल पुलिस ने शमीम को हेरोइन, हथियारों की खेप व चोरी के वाहन के साथ गिरफ्तार किया था। - शमीम अब भी नेपाल की जेल में बंद है। सुरक्षा एजेंसी दुबई में बैठे शम्शुल व उसके भतीजे मुजाहिर अंसारी का आईएसआई से कनेक्शन तलाश रही है। - शम्शुल व उसका भतीजा नेपाल का रहने वाला है। एनआईए टीम में इंस्पेक्टर अजय कुमार, वीरेंद्र वर्मा और केसी मिश्रा शामिल हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज...

  • कानपुर ट्रेन एक्सीडेंट: IG बोले- आरोपी के बयान का नहीं हो रहा सत्यापन, जांच जारी
    Last Updated: January 20 2017, 18:20 PM

    कानपुर. 20 नवंबर को पुखराया के पास हुए रेल हादसे में पकड़े गए आरोपी मोतीलाल पासवान के बयान की जांच की जा रही है। शुक्रवार को प्रभाकर चौधरी, पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात के नेतृत्व में जीआरपी द्वारा पुखराया हादसे का वैज्ञानिक परीक्षण किया गया। आईजी एटीएस असीम अरुण के मुताबिक, आरोपी के बयान के अनुसार 10 लीटर के एक प्रेशर कुकर में विस्फोटक भरा गया था तो जमीन में गड्ढा होना चाहिए था,लेकिन उन्हें ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला। आगे पढ़िए पूरा मामला... - विधि विज्ञान प्रयोगशाला, लखनऊ की विस्फोटक विशेषज्ञ टीम (श्री मुकेश शर्मा के नेतृत्व में) द्वारा पूरे घटनास्थल पर परीक्षण किया गया। - परीक्षण में कानपुर नगर और देहात जनपदों की विधि विज्ञान इकाइयां, बम डिस्पोजल टीम व श्वान दल शामिल रहे। - आईजी एटीएस असीम अरुण के मुताबिक, 10 लीटर के एक प्रेशर कुकर में विस्फोटक भरा गया था तो जमीन में गड्ढा होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं मिला है। - वहीं घटना का मास्टरमाइंड ब्रज किशोर गिरि से केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से पूछताछ का प्रयास किया जा रहा है - मोती द्वारा बताए गए साथियों के फोन डिटेल से उनकी लोकेशन का परीक्षण किया जा रहा है। - इसके साथ ही टूटी हुई पटरियों को भी कब्जे में लेकर उनका वैज्ञानिक परीक्षण कराया जा रहा है। मामले की पूरी जांच अभी जारी है। प्रेशर कुकर से दिया था घटना को अंजाम - बता दें कि कानपुर रेल हादसे के आरोपी मोतीलाल पासवान को बिहार के मोतीहारी से गिरफ्तार किया गया था। - पूछताछ में खुलासा हुआ था कि ट्रेन की पटरी को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रेशर कुकर का प्रयोग किया गया था। - पासवान के इस खुलासे के बाद एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पासवान के बयान की जांच की जा रही है। इसके लिए पुखराया और रूरा में एक बार फिर फोरेंसिक टीम जांच करने में जुटी हुई है। - इस घटना का मास्टरमाइंड ब्रज किशोर गिरि है और वहीं 7 लोगों की टीम को लीड कर रहा था। गौरतलब है कि गिरि को हत्या के आरोप में नेपाल में गिरफ्तार किया गया है। - इस हादसे के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ माना जा रहा है। - गौरतलब है कि इंदौर-पटना एक्सप्रेस का 20 नवंबर को कानपुर के पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास एक्सीडेंट हुआ था। इसमें करीब 150 लोगों की मौत हुई थी।

  • कानपुर रेल हादसे के आरोपी का खुलासा: 10 Lt. के प्रेशर कुकर में विस्फोटक भरकर तैयार किया गया था IED
    Last Updated: January 20 2017, 11:44 AM

    लखनऊ. कानपुर ट्रेन हादसे (पुखरायां-रूरा) के मामले में यूपी एटीएस और आईजी रेलवे 18 और 19 जनवरी को बिहार के मोतिहारी में आरोपियों से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी मोती लाल पासवान ने बताया कि उसने 7 अन्य लोगों के साथ मिलकर 2 बार कानपुर के पास रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाया। उसने बताया कि इसके लिए प्रेशर कुकर (10 Lt.) में विस्फोटक भरकर इम्प्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) तैयार किया गया था। इस खुलासे के बाद इस बात के और संकेत मिलने लगे हैं कि इस हादसे के पीछे ISI की साजिश हो सकती है। बता दें, 20 नवंबर 2016 को हुए कानपुर ट्रेन हादसे में पटना-इंदौर एक्सप्रेस ट्रैक से उतर गई थी। इसमें 150 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। मामले का मास्टरमाइंड 7 लोगों को कर रहा था लीड... - आरोपी मोती पासवान के मुताबिक, पूरे मामले का मास्टरमाइंड ब्रज किशोर गिरि है। वह खुद 7 लोगों को लीड कर रहा था। - मोती ने बताया कि ब्रज किशोर को नेपाल पुलिस ने हत्या के आरोप में अरेस्ट किया है। वह काठमांडू में अस्पताल में है। इस हादसे में वह कि तरह से शामिल है, इस बारे में जानकारी करने की कोशिश की जा रही है। - उसके अलावा 6 अन्य लोग (जिनमें से मोती केवल 2 को जानता है- राकेश यादव और गजेंद्र शर्मा) की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, ताकि उनसे पूछताछ की जा सके। - मामले में एलवी एंटनी देवाकुमार, एटीएस के पुलिस उपाधीक्षक मनीष सोनकर और जीआरपी के दूसरे अधिकारियों ने भी पूछताछ की है। दोबारा होगी फॉरेंसिक जांच - जानकारी के मुताबिक, पुखराया और रूरा में दोबारा फोरेंसिक जांच से पता किया जाएगा कि क्या वहां विस्फोटक के इस्तेमाल के कोई प्रमाण हैं। - आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि मोतीहारी में गिरफ्तार मोतीलाल से पूछताछ की गई है। - मिली जानकारी को फोरेंसिक जांच, रेल विभाग की जांच, फोन विश्लेषण और दूसरे लोगों के बयानों से वेरीफाई कराया जा रहा है। सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बिहार पुलिस ने किया था दावा- रेल हादसा ISI की साजिश - इससे पहले 17 जनवरी को बिहार पुलिस ने दावा किया था कि 20 नवंबर को कानपुर के पुखरायां के पास हुआ रेल हादसा ISI की साजिश का नतीजा था। - मोतिहारी के एसपी जितेंद्र राणा ने बताया था कि गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों ने ये खुलासा किया है। - पूछताछ में पता चला है कि रेल हादसे का मास्टरमाइंड दुबई में बैठा नेपाल का कारोबारी शम्शुल होदा है। उसी ने इसके लिए फंडिंग की। जांच में सामने आया कि ये कारोबारी ISI को भी फंडिंग करता है। आईएसआई के इशारे पर इंडियन रेलवे को किया टारगेट - पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि आईएसआई के इशारे पर उन्होंने इंडियन रेलवे को टारगेट किया। - एटीएस ने बताया कि शम्सुल होदा नाम के शख्स ने पूरे हादसे की 25 लाख रुपए में प्लानिंग की थी। - उसका आईएसआई से लिंक है और वह दिल्ली में रहता है। उसके ऑर्डर पर ही ब्रजकिशोर गिरी और कुछ दूसरे लोगों ने ट्रैक पर IED प्लांट किया था। मोती ने आरोप लगाया कि ब्रजकिशोर ने उन्हें पैसा दिया था। अब तक 8 गिरफ्तारियां - इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मोती पासवान, मुकेश यादव, उमाशंकर पटेल को घोड़ासहन से। बृजकिशोर, मुजाहिर अंसारी और शंभु गिरी को नेपाल से पकड़ा गया। जुबैर और जियाउल को दिल्ली से पकड़ा गया। गजेंद्र शर्मा और राकेश यादव की तलाश जारी है।

  • कानपुर रेल हादसाः मोतिहारी पहुंची IB और NIA की टीम, मोती ने उगले कई राज
    Last Updated: January 19 2017, 16:14 PM

    पटना. कानपुर रेल हादसा में बिहार के अपराधियों की संलिप्तता और आईएसआई का हाथ होने की बात सामने आने के बाद देश की कई जांच और खुफिया एजेंसिया मोतिहारी पहुंच गई हैं। मोतिहारी पुलिस के पकड़ में आये तीनों अपराधियों को सिविल कोर्ट से 6 दिनों की रिमांड मिलने पर स्थानीय पुलिस के साथ-साथ मोतिहारी आयी जांच टीमें भी सभी से पूछताछ करेगी। अब जांच एजेंसियों को स्लीपर सेल की है तलाश... अब एजेंसियां इनके स्लीपर सेल की तलाश में जुट गई हैं। पूरे मामले को दरभंगा माॅड्यूल से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। तहसीन उर्फ माेनू के पकड़े जाने के बाद नेपाल बॉर्डर से लेकर उत्तर बिहार में नेटवर्क ठप पड़ गया था। लेकिन, दुबारा नए लड़कों की भर्ती कर घोड़ासहन या कानपुर जैसी विध्वंसक घटना काे अंजाम देने का प्लान बनाया गया। मोती ने उगले कई और राज कानपुर के पुखराया ट्रेन हादसे के बाद इंदौर और दिल्ली में सीरियल ब्लास्ट करने की साजिश रची गई थी। घोड़ासहन में रेल पटरी पर आईईडी विस्फोट नहीं होने के बाद कानपुर घटना को अंजाम दिया गया था।मोतिहारी पुलिस के हत्थे चढ़े मोती पासवान ने बुधवार को केंद्रीय एजेंसियों की पूछताछ में ये खुलासा किया है। मोती ने बताया कि वह नेपाली व्यवसायी शम्शुल होदा को नहीं पहचानता है। लेकिन, नेपाल के वीरगंज में रहने वाले उसके भाई को पहचानता है। नेपाल पुलिस के हत्थे चढ़े ब्रज किशोर गिरी उर्फ बाबा के माध्यम से उसकी जान-पहचान हुई थी। शम्शुल का भाई दुबई से भेजा करता था पैसा शम्शुल के भाई के माध्यम से उसके खाते में दुबई से पैसा आता है। पूछताछ में उसके पाकिस्तान कनेक्शन से लेकर डी कंपनी से शम्शुल के रिश्ते पर भी कई सवाल किए गए हैं। केंद्रीय एजेंसी अब सारे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी है। नाम छापने की शर्त पर कहा कि कई बातें सामने आई हैं, जिसका कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है। संभव है कि मोती बहुत बातें छिपा रहा है या उसे पूरी योजना की कुछ बातें ही पता हैं। उधर, गिरफ्तार मोती सहित मुकेश उमाशंकर पटेल का कोर्ट से छह दिन का रिमांड मिला है। तीनों को गुप्त स्थान पर भारी सुरक्षा के बीच रखा गया है। मोबाइल पर की जा रही है छानबीन दिल्ली के जामिया नगर बाटला हाउस से मोतिहारी पुलिस के आग्रह पर जुबैर जियाउल को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दोनों को सोमवार की शाम पकड़ा था। जुबैर यूपी और जियाउल नेपाल का रहने वाला है। हालांकि पूछताछ में दोनों के खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिले हैं। दोनों को दिल्ली नहीं छोड़ने की हिदायत देते हुए मोबाइल की छानबीन की जा रही है। बता दें कि मोती ने दोनों के वीडियो देख कर बताया था कि पुखराया में पटरी उड़ाने में दोनों साथ था। बिहार या राज्य के बाहर भी कौन-कौन लाेग जुड़े हैं। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। यूपी पुलिस के डिप्टी एसपी संजीव कुमार दीक्षित, यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी मनीष सोनकर, जीरपी गोरखपुर के सुधीर कुमार सिंह सहित सभी एजेंसियों के अधिकारी ने तीनों से अलग-अलग पूछताछ की। बाबा पटेल ने फोन पर दी एक-दूसरे को देख लेने की धमकी मोतिहारी पुलिस के पास ब्रजकिशोर गिरी उर्फ बाबा उमाशंकर पटेल के बीच बातचीत का एक आॅडियो टेप भी मौजूद है। इसमें दोनों एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दे रहे हैं। घोड़ासहन रेल ट्रैक पर विस्फोट नहीं होने पर बाबा उससे पैसे लौटाने की बात बोल रहा है। उमाशंकर का कहना है कि उसने काम कर दिया था। फिर भी समय दो, पैसे वापस कर देंगे। संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ करने के लिए एनआईए, रॉ, आईबी, यूपी एटीएस, बिहार एटीएस, सेंट्रल आईबी, रेलवे विजिलेंस, जीआरपी कानपुर, जीआरपी गोरखपुर टीम मोतिहारी पहुंची हैं।

  • भयानक एक्सीडेंट में ऐसे कबाड़ बन गए ट्रेन के 14 डिब्बे, देखें PHOTOS
    Last Updated: December 31 2016, 11:49 AM

    कानपुर. यहां कानपुर देहात के पास बुधवार की सुबह करीब 5.30 बजे अजमेर-सियालदह ट्रेन (12988) के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। इसमें 40 से ज्यादा लोगों के जख्मी होने की सूचना है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ये काफी भयानक हादसा था। घटना के वक्त मौके पर चीख-पुकार मच गई। इसके बाद हमने ट्रेन में फंसे लोगों की मदद की। दिल्ली-हावड़ा रूट बंद... - यह हादसा कानपुर से करीब 70 किमी दूर रूला इलाके में हुआ। हादसे की वजह से दिल्ली- हावड़ा रूट बंद हो गया है। - कानपुर के एसपी ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब तक 23 लोगों को नजदीक के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बाकी कई लोगों को मामूली चोट आई हैं। - बता दें कि इससे पहले पुखरायां में 20 नवंबर को हुए हादसे में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। आगे की स्लाइड्स में देखिए, हादसे की फोटोज...

  • 39 दिन पहले इसी रेलवे ट्रैक पर कुछ यूं था मौत का मंजर, देखें PHOTOS
    Last Updated: December 30 2016, 12:00 PM

    कानपुर. यहां कानपुर देहात के पास बुधवार की सुबह करीब 5.30 बजे अजमेर-सियालदह ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। इसमें 40 से ज्‍यादा लोगों के जख्मी होने की सूचना है। ट्रेन के 2 डिब्बे नहर में भी गिर गए। बता दें, ये उस रूट पर हाल में हुआ दूसरा बड़ा ट्रेन हादसा है। इससे पहले पुखरायां के पास 20 नवंबर की सुबह करीब 3.15 बजे इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन डिरेल हो गई थी। उस हादसे में भी ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, करीब 175 से ज्‍यादा लाेग घायल हो गए थे।    आगे की स्‍लाइड्स में देखिए, ट्रेन हादसे की फोटोज...

  • कानपुर ट्रेन एक्‍सीडेंट: TOILET गए थे तभी पलट गई ट्रेन,जानें कैसे निकले बाहर
    Last Updated: December 29 2016, 14:25 PM

    कानपुर. यूपी में कानपुर देहात के पास बुधवार की सुबह करीब 5.30 बजे अजमेर-सियालदह ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। इसमें 40 से ज्यादा पैसेंजर्स गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। कुछ घायलों के होश में आने के बाद dainikbhaskar.com की टीम हैलेट हॉस्पिटल पहुंचकर उनसे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ट्रेन हादसे का अलग-अलग दर्द बयां किया। कोई टॉयलेट हो गया बेहोश, तो काई दबा था सीट के नीचे... -हादसे में घायल हैलेट हॉस्पिटल में भर्ती मोसीन शेख (37) ने बताया कि वह मालदा के रहने वाले हैं। मजदूरी करे के लिए अजमेर जा रहे थे। -जब ट्रेन हादसा हुआ तब वह बाथरूम के लिए गए थे। तभी अचानक जोरदार आवाज हुई। -कुछ समझ पाते, तब तक अचानक ट्रेन की बोगी पलट गई और वह बाथरूम में ही बंद हो गए। -काफी देर तक उन्होंने निकले का प्रयास किया, लेकिन बाथरूम का दरवाजा नहीं खुला। -ऐसे में चोट लगने की वजह से वो उसी में बहोश गए। जब होश में आया तो ट्रैक के बाहर किनारे पड़ा था। -वहां मौजूद 2 लोगों ने बताया कि उन्होंने मुझे ट्रेन के टॉयलेट से बाहरन निकाला है। -टॉयलेट से बाहर खून निकल रहा था ऐसे में उनलोगों को लगा कोई अंदर है। इसके बाद उन्होंने बाथरूम का दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला। -उनके चेहरे पर करीब 20 टांके लगे हैं, जबकि हाथ-पैर में गंभीर चोटे आई हैं। प्रेग्नेंट पत्नी के ऊपर गिरे पड़े थे लोग -सलमा (21) और उनके पति महाबुल शेख ने बताया कि दोनों लोग अपने दो बच्चे रवि और सब्बी के साथ में सलमा के मायके मोसीदाबाद भारमपुर से वापस जयपुर अपने घर जा रहे थे। जनरल बोगी में थे। -अचानक ट्रेन में जोर से आवाज आई तो आंख खुली। देखा कि एक के ऊपर एक लोग गिरे पड़े हैं। -मेरी पत्नी छह महीने की प्रेग्नेंट थी। किसी तरह उसके ऊपर से लोगों को हटाया और बाहर निकाला। वहीं, मेरे दो बच्चे सीट के नीचे दबे थे। -लोगों की मदद से सभी को हॉस्पिटल पहुंचाया गया, सभी की हालत ठीक है। -अब कोई ट्रेन के बारे में पूछता है तो सीन याद करके रूह कांप जाती है। ऐसा लगता है कि अब कभी ट्रेन से सफर नहीं करूं। किसी के हाथ टूटे थे तो किसी के पैर, खून से लथपथ थी बोगी -उपेंद्र यादव (21) वर्ष ने बताया कि वह एस-12 बोगी में थे और झारखंड-कोडरमा से जयपुर एसएससी का पेपर देने जा रहे थे। -ऊपर के बर्थ में थे। अचानक खड़खड़ाहट की आवाज आई। जब तक कुछ समझ पाते ट्रेन पलट चुकी थी और बोगी के अंदर लोग दब गए थे। -कई लोगों के चेहरे से खून निकल रहा था तो कई लोगों के हाथ-पैर टूट गए थे। बोगी में कोहराम मच गया था। -किसी तरह आपातकालीन खिड़की से बहार निकले तो रेलवे के तार टूटे हुए थे। फिर अपने को बचाते हुए किनारे आए। -लोग चीख-पुकार कर रहे थे। सैकड़ों की संख्या में लोग खून से लथपथ बोगियों से निकल रहे थे। -पुलिस करीब आधे घंटे बाद पहुंची और लोगों को तुरंत वहां से जिला अस्पताल भेजा। -अगर गांव वाले मदद नहीं करते तो कई लोगों की मौत हो जाती। क्या कहते हैं डॉक्टर -हैलेट हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर गजेन्द्र ने बताया कि यहां पर मरीजों का विशेष इलाज किया जा रहा है। -यहां कुल 14 मरीज भर्ती हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है। एक महिला प्रेग्नेंट है, जिसका दो बार अल्ट्रासाउंड कराया। जच्चा-बच्चा दोनों की हालत ठीक है। आगे की स्लाइड्स में देखिए अन्य फोटोज...

  • कानपुर में अजमेर-सियालदाह ट्रेन एक्सीडेंट, इन नंबरों पर जानें राजस्थान के यात्रियों के हाल
    Last Updated: December 29 2016, 08:57 AM

    जयपुर-अजमेर। सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में 13 डिब्बे पटरी से उतरने के बाद अजमेर और जयपुर स्टेशनों पर हलचल बढ़ गई है। यात्रियों के परिजनों की चिंता के साथ ही रेलवे ने हेल्प लाइन शुरू कर दी है। इस हेल्पलाइन से सभी घायलों व केजुअल्टी के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। कानपुर देहात के पास बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे हादसा हो गया था, जिसमें अभी तक की सूचना के अनुसार 2 की मौत बताई गई है और 48 यात्रियों के घायल हुए हैं। हालांकि रेलवे ने इस तरह की किसी मौत होने की खबर से इनकार किया है। ये हैं हेल्पलाइन नंबर, यूं बढ़ी चिंता... - हादसा कानपुर से करीब 50 किमी दूर रूला इलाके में हुआ। - यह ट्रेन अजमेर-जयपुर की ओर आ रही थी कि सुबह डिरेल हो गई। - अजमेर और जयपुर के यात्री भी बड़ी संख्या में इस ट्रेन में सवार थे। इनमें अजमेर के यात्रियों की संख्या 457 और जयपुर के यात्रियों की संख्या 527 थी। - अपने परिजनों व हादसे की जानकारी के लिए यात्रियों के परिजनों की चिंता बढ़ गई है। ये हैं हेल्पलाइन नंबर - जयपुर और अजमेर रेल मंडल ने इस हादसे को देखते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इन नंबरों पर बड़ी संख्या में कॉल्स आ रही हैं। - अजमेर- 0145-2429642, 0145-2421187 - जयपुर- 0141-2201043 - मुगलसराय- 05412 251258, 254145, रेलवे-025-73677 - गया-0631 2221249, रेलवे-025 74523 - धनबाद-0326 2209880 रेलवे- 02542685 - कॉमर्शियल कंट्रोल-06224 273293 - कानपुर- 0512-2323015, 2323016, 2323018 - इलाहाबाद- 05322408149, 2408128, 2407353 - टूंडला- 05612-220338, 220339 - अलीगढ़- 0571-2404056,2404055 वसुंधरा राजे ने जताई संवेदना राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर दुर्घटना पर संवेदना व्यक्त की है। यात्रियों को बसों व ट्रेनों से जयपुर-दिल्ली लाने की व्यवस्था - रेलवे के अनुसार ट्रेन हादसे में फंसे राजस्थान के यात्रियों को लाने के लिए कानपुर की ओर से दिल्ली और जयपुर आने वाली ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने का फैसला किया गया है। - इन ट्रेनों के जरिए ही उन्हें लाने का काम शुरू किया जा रहा है। - इसके अलावा आसपास के रेलवे स्टेशनों पर या शहरों में ले जाने के लिए रेलवे ने कुछ रारी बसों की व्यवस्था भी जुटाई है।

  • सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस से अजमेर आ रहे थे 458 पैसेंजर, सभी सुरक्षित
    Last Updated: December 29 2016, 06:44 AM

    अजमेर. उत्तर प्रदेश के कानपुर के नजदीक रूरा में दुर्घटनाग्रस्त हुई सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस में अजमेर उतरने वाले यात्रियों की संख्या 458 थी। इनमें से 391 यात्री दुर्घटनाग्रस्त हुए डिब्बों में सवार थे। बुधवार सुबह 5.20 बजे सियालदह-अजमेर ट्रेन के रूरा में एस 1 से एस 13 तक के कोच और इनके अतिरिक्त 2 जनरल कोच पटरी से उतर गए। ट्रेन के दो कोच नहर में भी गिर गए थे। अजमेर रेल मंडल के अनुसार अभी तक मिली 60 घायलों की सूची में अजमेर जिले का एक भी यात्री सामने नहीं आया है। घटनास्थल से घायलों को कानपुर के हल्लेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया और मामूली चोट आने वाले यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी भी दे दी गई। ट्रेन नंबर 12987 सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस सियालदह स्टेशन से चैक होने के बाद ही रवाना की गई थी। करीब 24 घंटे का सफर तय करने के बाद यह ट्रेन कानपुर के नजदीक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। माना जा रहा है कि दुर्घटना संभवतया तेज रफ्तार में संतुलन खोने या ट्रैक फ्रैक्चर होने से हो सकता है। ट्रेन के पहले 5 और आखिरी 3 कोच सुरक्षित थे। हालांकि अजमेर रेल मंडल को प्रारंभिक कारणों के बारे में रिपोर्ट नहीं मिली है। दुर्घटना इलाहबाद रेल मंडल कार्यालय क्षेत्र की है, मगर यह ट्रेन अजमेर रेल मंडल की ओर से नियमित संचालित की जाती है। इधर, अजमेर रेलवे स्टेशन पर यात्री हेल्प डेस्क की शुरुआत सुबह से ही कर दी गई, जो 24 घंटे काम करेगी। हेल्प डेस्क पर दुर्घटना से संबंधित जानकारी के लिए पूरे दिन फोन आते रहे। डीआरएम पुनीत चावला, सीनियर डीसीएम जसराम मीणा तथा डीसीएम अतुल श्रीवास्तव पूरे दिन मामले पर नजर बनाए हुए थे। रेलवे ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर अजमेर : 0145-2429642,2421187 जयपुर : 0141-2201043 कानपुर : 0512-2323015, 2323016, 2323018 इलाहाबाद : 05322408149, 2408128, 2407353 टूंडला : 05612-220338, 220339 अलीगढ़ : 0571-2404056, 2404055 12.45 बजे सुरक्षित डिब्बे हुए रवाना ट्रेन के पहले के 3 और आखिरी के 5 डिब्बों को कानपुर-कासगंज रेल मार्ग से अजमेर के लिए रवाना किया गया। इनमें एसी डिब्बे भी शामिल हैं। इनमें बैठे सभी यात्री सुरक्षित थे। दुर्घटना का इन डिब्बों में सवार यात्रियों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। रेलवे स्टेशन पर हेल्प डेस्क शुरू : डीआरएम सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस में अजमेर शहर में निवास करने वाले यात्रियों को दुर्घटना से नुकसान नहीं हुआ है। यह जानकारी अजमेर रेल मंडल के डीआरएम पुनीत चावला ने बुधवार शाम प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि अजमेर से सियालदह एक्सप्रेस को तीन दिन पहले चैक करने के बाद ही रवाना किया गया था। सियालदह से करीब 24 घंटे चलने के बाद ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हुई है। इलाहाबाद डीआरएम से वे संपर्क में हैं। इस ट्रेन में अजमेर के 458 तथा जयपुर के 527 यात्री सवार थे। इन यात्रियों में से दुर्घटनाग्रस्त हुए 13 स्लीपर क्लास कोच तथा 2 जनरल कोच में अजमेर के 391 तथा जयपुर के 419 यात्री शामिल थे। अजमेर शहर के पते वाले सभी यात्रियों की बुधवार रात तक सकुशल होने की सूचना है। इसके अलावा अजमेर रेल मंडल के भीलवाड़ा के 3 तथा डूंगरपुर के 2 यात्रियों के घायल होने की सूचना मिली है। वे कोच जो दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुए, उन कोच एवं उनमें सवार यात्रियों को दोपहर 12.50 बजे जयपुर तथा अजमेर के लिए रवाना कर दिया गया। अजमेर रेलवे स्टेशन पर बनाई गई हेल्प डेस्क 24 घंटे काम करेगी। यात्रियों के परिजनों, रिश्तेदारों, परिचितों को यहां पूरी जानकारी दी जा रही है। 355 मिनट देरी से चली थी ट्रेन, 24 घंटे चलने के बाद हुई दुर्घटनाग्रस्त सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस सियालदह से अपने निर्धारित समय से 355 मिनट देरी से रवाना हुई थी और लगातार 24 घंटे चलने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। ट्रेन को 26 दिसंबर को रात 11.5 मिनट पर रवाना होना था, मगर यह ट्रेन 27 दिसंबर को सुबह 5 बजे यानी अपने निर्धारित समय से 355 मिनट देरी से रवाना हो सकी। ट्रेन करीब 24 घंटे लगातार चलने के बाद 28 दिसंबर यानी बुधवार सुबह 5.20 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुई। दोपहर 3.05 बजे स्पेशल ट्रेन भी रवाना घायल एवं दुर्घटनाग्रस्त कोच में सवार यात्रियों को लेकर एक स्पेशल ट्रेन दोपहर में 3.05 मिनट पर रवाना हुई। यह कोच अन्य ट्रेनों से जुड़कर जयपुर के यात्रियों को उतारकर अजमेर पहुंचेगी।

  • अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस दुर्घटना: NER की ये ट्रेनें रहेंगी निरस्त, बदले रूट से चलेंगी ये ट्रेनें
    Last Updated: December 28 2016, 20:18 PM

    गोरखपुर. कानपुर सेंट्रल-टुंडला रेल खंड पर अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस के दुर्घनाग्रस्त होने के कारण इस खंड से गुजरने वाली दर्जनों गाड़ियों को डायवर्ट और कैंसिल किया गया है। सीपीआरओ संजय यादव ने इस मामले में जानकारी दी है। ये रहेगा रूट डायवर्जन - 27 दिसम्बर,2016 को मंडुवाडीह से प्रस्थान कर चुकी 12559 मंडुवाडीह-नई दिल्ली षिवगंगा एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग कानपुर सेण्ट्रल-गाजियाबाद के स्थान पर कानपुर सेण्ट्रल-झांसी-आगरा कैन्ट-पलवल के रास्ते चलाई जा रही है । - 27 दिसम्बर,2016 को मंडुवाडीह से प्रस्थान कर चुकी 12581 मंडुवाडीह-नई दिल्ली एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग कानपुर सेण्ट्रल-गाजियाबाद के स्थान पर कानपुर सेण्ट्रल-झांसी-आगरा कैण्ट-पलवल के रास्ते चलाई जा रही है । - 27 दिसम्बर,2016 को आजमगढ़ से प्रस्थान कर चुकी 12225 आजमगढ़-दिल्ली कैफियात एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग कानपुर सेण्ट्रल-गाजियाबाद के स्थान पर लखनऊ-मुरादाबाद-गाजियाबाद के रास्ते चलाई जायेगी। - 27 दिसम्बर,2016 को दिल्ली से प्रस्थान कर चुकी 12226 दिल्ली-आजमगढ़ कैफियात एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग कानपुर सेण्ट्रल-लखनऊ के स्थान पर चन्दौसी-बरेली-लखनऊ के रास्ते चलाई जा रही है। - 27 दिसम्बर,2016 को मुजफ्फरपुर से प्रस्थान कर चुकी 19040 मुजफ्फरपुर-बांद्रा एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग कानपुर सेण्ट्रल-टुण्डला के स्थान पर लखनऊ-कानपुर सेण्ट्रल-कानपुर अनवरगंज-कासगंज के रास्ते चलाई जा रही है। - 28 दिसम्बर,2016 को नई दिल्ली से प्रस्थान करने वाली 12004 नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग कानपुर सेण्ट्रल-लखनऊ के स्थान पर गाजियाबाद-मुरादाबाद-लखनऊ के रास्ते चलाई जा रही है। - 28 दिसम्बर,2016 को लखनऊ से प्रस्थान करने वाली 12003 लखनऊ-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग कानपुर सेण्ट्रल के स्थान पर लखनऊ-मुरादाबाद-गाजियाबाद के रास्ते चलाई जा रही है। - 28 दिसम्बर,2016 को अमृतसर से प्रस्थान करने वाली 15708 अमृतसर-कटिहार आम्रपाली एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग दिल्ली-कानपुर सेण्ट्रल-लखनऊ के स्थान पर अम्बाला-सहारनपुर-मुरादाबाद-लखनऊ के रास्ते चलाई जायेगी । - 27 दिसम्बर,2016 को कटिहार से प्रस्थान कर चुकी 15707 कटिहार-अमृतसर आम्रपाली एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग गोरखपुर-कानपुर सेण्ट्रल-दिल्ली के स्थान पर गोरखपुर-बुढ़वल-सीतापुर कैण्ट के रास्ते चलाई जा रही है। - 28 दिसम्बर,2016 को दरभंगा से प्रस्थान करने वाली 12565 दरभंगा-नई दिल्ली बिहार सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग गोरखपुर-कानपुर सेण्ट्रल के स्थान पर गोरखपुर-बुढ़वल-सीतापुर कैण्ट के रास्ते चलाई जा रही है। - 28 दिसम्बर,2016 को गोरखपुर से प्रस्थान करने वाली 12555 गोरखपुर-हिसार गोरखधाम एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग गोरखपुर-कानपुर सेण्ट्रल के स्थान पर गोरखपुर-बुढ़वल-सीतापुर कैण्ट के रास्ते चलाई जा रही है। - 28 दिसम्बर,2016 को प्रस्थान करने वाली 12553 बरौनी-नई दिल्ली वैषाली एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग गोरखपुर-कानपुर सेण्ट्रल के स्थान पर गोरखपुर-बुढ़वल-सीतापुर कैण्ट के रास्ते चलाई जा रही है। - 28 दिसम्बर,2016 को प्रस्थान करने वाली 19038 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस अवध एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग कानपुर सेण्ट्रल-टुण्डला-आगरा कैण्ट के स्थान पर कानपुर सेण्ट्रल-झांसी-आगरा कैण्ट के रास्ते चलाई जा रही है। निरस्तीकरण- - 28 दिसम्बर,2016 को आजमगढ़ से प्रस्थान करने वाली 12225 आजमगढ़-दिल्ली कैफियात एक्सप्रेस रेक की अनुपलब्धता के कारण निरस्त रहेगी । - 28 दिसम्बर,2016 को दिल्ली से प्रस्थान करने वाली 12226 दिल्ली-आजमगढ़ कैफियात एक्सप्रेस रेक की अनुपलब्धता के कारण निरस्त रहेगी। - 28 दिसम्बर,2016 को मंडुवाडीह से प्रस्थान करने वाली 12581 मंडुवाडीह-नई दिल्ली एक्सप्रेस निरस्त रहेगी । आंषिक निरस्तीकरण- - 28 दिसम्बर,2016 को आगरा कैण्ट से प्रस्थान करने वाली 12180 आगरा कैण्ट-लखनऊ इण्टरसिटी एक्सप्रेस टुण्डला में समाप्त कर दी जायेगी। यह गाड़ी टुण्डला-लखनऊ के मध्य निरस्त रहेगी । - 28 दिसम्बर,2016 को लखनऊ से प्रस्थान करने वाली 12179 लखनऊ-आगरा कैण्ट इण्टरसिटी एक्सप्रेस टुण्डला से ओरिजनेट होगी । यह गाड़ी लखनऊ-टुण्डला के बीच निरस्त रहेगी । - 28 एवं 29 दिसम्बर,2016 मुरादाबाद से प्रस्थान करने वाली 55309 मुरादाबाद-रामनगर सवारी गाड़ी पीपलसाना से ओरिजनेट होगी । यह गाड़ी मुरादाबाद-पीपलसाना के मध्य निरस्त रहेगी। - 28 एवं 29 दिसम्बर,2016 को रामनगर से प्रस्थान करने वाली 55310 सवारी गाड़ी की यात्रा पीपलसाना में समाप्त कर दी जायेगी । यह गाड़ी पीपलसाना-मुरादाबाद के बीच निरस्त रहेगी । - 28 एवं 29 दिसम्बर,2016 को काषीपुर से प्रस्थान करने वाली 55312 काषीपुर-मुरादाबाद सवारी गाड़ी की यात्रा पीपलसाना में समाप्त कर दी जायेगी । यह गाड़ी पीपलसाना-मुरादाबाद के बीच निरस्त रहेगी । - 28 एवं 29 दिसम्बर,2016 को मुरादाबाद से छूटने वाली 55323 मुरादाबाद-रामनगर सवारी गाड़ी पीपलसाना से ओरिजनेट होगी। यह गाड़ी मुरादाबाद-पीपलसाना के बीच निरस्त रहेगी ।

  • अजमेर-सियालदह हादसे की आंखों देखी: पैसेंजर्स बोले- जोरदार आवाज हुई और हम सीट से नीचे जा गिरे, कुछ फासले पर ही थी मौत
    Last Updated: December 28 2016, 19:28 PM

    कानपुर. अजमेर-सियालदह ट्रेन के 14 डिब्बे कानपुर देहात के पास बुधवार तड़के पटरी से उतर गए। इसमें 50 लोग जख्मी हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा, घटना के बाद चीख-पुकार मच गई। हमने ट्रेन में फंसे लोगों की मदद की। दूसरी ओर, 40 से 50 फैमिलीज को NH-2 पर छोड़ दिया गया, लोग काफी देर तक सड़क पर भटकते रहे। ट्रेन में ट्रैवल कर रहे लोगों ने कहा, जोरदार आवाज हुई और हम बर्थ से नीचे गिर गए, लगा मौत कुछ फासले पर ही है। dainikbhaskar.com आपको उन घायलों की जुबानी बताने रहा है, जिन्होंने बताया कि मौत और उनके बीच केवल एक मिनट का समय था... #केस नंबर 1 - ट्रेन में ट्रैवल कर रहीं शीला की गोद में खेल रहे मासूम को नहीं पता कि उसकी मां और पापा घायल हैं। - शीला ने बताया, मैं अपने पति, ननद और बहनोई के साथ घूमने के लिए गया से जयपुर जा रही थी। - कभी नहीं सोचा था कि इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। जब हादसा हुआ, तब हम सब S-13 कोच में सो रहे थे। - अचानक एक तेज धमाका हुआ और सबकी नींद खुल गई। जब तक हम कुछ समझते, हमारी बोगी एक तरफ पलट गई थी। - बोगी पलटते ही ट्रेन में लाइट चली गई। पूरी बोगी अंधेरे में डूब गई और चीख-पुकार मच गई। - बोगी पलटने से लोग एक दूसरे के ऊपर गिरने लगे। अंधेरे में कुछ भी दिख नहीं रहा था। खिड़की-दरवाजे सब पैक थे। - एक मिनट के लिए तो लगा कि हम सबकी मौत हो गई, लेकिन फिर बोगी में लोगों ने अपना-अपना मोबाइल ऑन किया और किसी तरह बाहर निकले। - मेरे पति राजेश के हाथ और कमर में चोट आई है। मुझे ये तो याद है कि घटना के बाद मैं एंबुलेंस में सवार हुई थी, लेकिन कब अस्पताल पहुंची, ये नहीं याद है। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए, केस नंबर 2...

  • अजमेर-सियालदह ट्रेन के 14 डिब्‍बे पटरी से उतरे: जिनकी मौत की खबर चली, वो निकले जिंदा
    Last Updated: December 28 2016, 17:24 PM

    कानपुर. यहां कानपुर देहात के पास बुधवार की सुबह करीब 5.30 बजे अजमेर-सियालदह ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। इसमें 40 से ज्यादा लोगों के जख्मी होने की सूचना है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच डीजीपी ऑफिस से ही खबर आई थी कि हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई है, लेकिन डीजीपी ऑफिस की ही ओर से बाद में कहा गया कि डॉक्टरी जांच में दोनों यात्री जीवित निकले हैं। ट्रेन का गार्ड भी हादसे में जख्मी हुआ है। ट्रेन के 2 डिब्बे नहर में गिर गए। राहत और बचाव कार्य शुरू हो गया है। बता दें कि इससे पहले पुखरायां में 20 नवंबर को हुए हादसे में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। दिल्ली- हावड़ा रूट बंद... - यह हादसा कानपुर से करीब 70 किमी दूर रूला इलाके में हुआ। हादसे की वजह से दिल्ली- हावड़ा रूट बंद हो गया है। - कानपुर के एसपी ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब तक करीब 40 लोगों को नजदीक के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। - इसमें 8 की हालत गंभीर है। बाकी कई लोगों को मामूली चोट आई हैं। लोगों को प्रशासन उनके घरों तक भिजवा रहा है। - कानपुर, इटावा, इलाहाबाद से दुर्घटना राहत ट्रेन को रवाना कर दिया गया है। 6 से लेकर 20 तक के डिब्बे पटरी से उतरे - रेलवे के पीआरओ अनिल सक्सेना ने बताया कि आपात सेवा के लिए एंबुलेंस मौके पर हैं। मेडिकल ट्रेन भी मौके पर पहुंच गई है। - डॉक्टर और अन्य राहत एजेंसियां भी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसके बारे में जानकारी फेसबुक और ट्विटर के जरिए भी दी जा रही है। - सक्सेना ने आगे बताया कि छठे से लेकर 20वां डिब्बा यानी 15 डिब्बे पटरी से उतरे हैं। ट्रेन का आधा पोरशन स्टेशन पर था, आधा स्टेशन से बाहर था। - कानपुर देहात के डीएम कुमार रविकांत सिंह ने कहा कि सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है। सुरेश प्रभु का ट्वीट- हालात पर मेरी नजर - रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर बताया, मैं व्यक्तिगत रूप से हालात पर नजर रखे हुए हूं। सीनियर अफसरों को घटनास्थल पर तत्काल पहुंचने का निर्देश दिया है। - घायलों को तत्काल चिकित्सा मदद दी जा रही है। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी। रेलवे ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर- कानपुर रेल हादसे को लेकर रेलवे ने कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं- कानपुर- 0512-2323015, 2323016, 2323018 इलाहाबाद- 05322408149, 2408128, 2407353 टूंडला- 05612-220338, 220339 अलीगढ़- 0571-2404056,2404055 क्या कहना है डीआरएम का? - डीआरएम संजय कुमार पंकज ने बताया कि कमीशन को पावर है कि वो अपनी जांच की रिपोर्ट बताए। हम देख रहे हैं कि कैसे इसे रिस्टोर करना है। वीडियो, फोटोग्राफी कर ली गई है। साइट के एविडेंसेंज को इकट्ठा कर लिया गया है। - इस रूट पर काफी ज्यादा बर्डन है, इस पर कोई संदेह नहीं है। लेकिन मेन्टेनेंस की जो भी रिक्वॉयरमेंट है, उसे हम लगातार पूरी करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में ये कहना कि मेन्टेनेंस नहीं हुआ, ये कहना बहुत प्रिमैच्योर होगा। - अभी जो रिपोर्ट है, उसमें पटरियों का टूटना या ट्रेनों की अनकपलिंग या दाेनों हो सकता है। 24 घंटे तक दिल्ली-हावड़ा रूट के बाधित रहने की संभावना है। - फिलहाल 60 लोग घायल हैं, जिनमें 46 को कानपुर देहात के माती जिला अस्पताल और 14 को कानपुर के हैलट अस्पताल में पहुंचाया गया। क्या कहना है डीएम का? - डीएम डॉ. कौशल राज शर्मा ने बताया कि कानपुर देहात में एंबुलेंस सेवा मुहैय्या करवा दी गई है। जो लोग मामूली रूप से घायल हैं, उनका वहीं पर इलाज किया जा रहा है। - हैलट अस्पताल में एक 7 साल की बच्ची पहुंची है, जिसकी हालात काफी गंभीर है। उसका ऑपरेशन किया जाएगा। बाकी घायलों के भी इलाज की व्यवस्था की गई है। आगे की स्लाइड्स में देखिए, हादसे की फोटोज और घायलों की लिस्ट...

  • मुस्लिम नहीं होने पर इस मासूम को किया गया था टॉर्चर, पढ़ें सबसे चर्चित हादसे
    Last Updated: December 28 2016, 17:05 PM

    कानपुर. साल 2016 देश के सबसे बड़े पॉलिटिकल स्टेट यूपी के लिए कहीं खुशी तो कहीं गम लेकर आया। कानपुर के पास हुए रेल हादसे ने लगभग हर देशवासी की आंखों को नम कर दिया, वहीं फिरोजाबाद की तारिषि को बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले में आतंकियों ने टॉर्चर के बाद मौत के घाट उतार दिया। dainikbhaskar.com ऐसी खबरों का रिकॉल अपने रीडर्स के लिए कर रहा है। मुस्लिम नहीं होने की इस मासूम को मिली थी सजा... - 1 जुलाई को ढाका के हॉली आर्टीसियन बेकरी में हुए ISIS अटैक में मरने वाली 19 साल की तारिषि जैन फिरोजाबाद से ताल्लुक रखती थी। - तारिषि और उसके दोस्तों से आतंकियों ने कुरान पढ़ने के लिए कहा था। - जब वो ऐसा नहीं कर पाई तो उसे फिजिकल टॉर्चर दिया गया। - बाद में उसका गला रेंत कर हत्या कर दी गई। - मौत से पहले तारिषि ने आतंकी हमले के बीच अपनी फैमिली से फोन पर बात की थी। - तारिषि की यह तस्वीर मीडिया में वायरल हुई थी। आगे की स्लाइड्स में देखिए 2016 में ऐसे ही हैरान करने वाले दुखद हादसे...

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