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Kashmir Unrest

ये हैं कश्मीर के 'हिंदू' आतंकवादी, खौफनाक है कई आतंकियों की दास्तान

ये हैं कश्मीर के 'हिंदू' आतंकवादी, खौफनाक है कई आतंकियों की दास्तान

Last Updated: October 20 2016, 04:58 AM

जम्मू. आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने एक वीडियो मैसेज जारी कर कश्मीर पंडितों को वापस आने की अपील की है। संगठन के कमांडर जाकिर रशीद उर्फ मूसा ने वीडियो मैसेज में सिखों से संगठन ज्वाइन करने की अपील भी की। यह पहला मौका नहीं है जब आतंकी संगठन ने दूसरे धर्म के लोगों को कथित कश्मीर की आजादी के लिए साथ आने का न्यौता दिया है। बता दें कि एक दौर में कश्मीर में कई ऐसे आतंकी थे जो दूसरे धर्मों (हिंदू) से थे। हालांकि ज्यादातर ने इस्लाम धर्म अपनाकर आतंकी संगठन ज्वॉइन किया था। किसी ने मोहब्बत के लिए उठाई बंदूक, खौफ का दूसरा नाम थे ये आतंकी... - खुलासा हुआ है कि एक हिंदू महज इसलिए आतंकी बन गया था, क्योंकि उसे मुस्लिम लड़की से मोहब्बत हो गई थी। - इस वजह से उसने इस्लाम स्वीकार कर लिया और कश्मीर की कथित आजादी के लिए बंदूक उठा ली। - कई रिपोर्ट्स में भी इस बात का खुलासा हुआ है कि कश्मीर की कथित आजादी की लड़ाई में दर्जनों हिंदू आतंकी संगठन में शामिल हो गए थे। - ये सभी आतंकी पुलिस की लिस्ट A में शामिल थे। लिस्ट A में सबसे खतरनाक आतंकी होते हैं। - कई ने बकायदा इस्लाम धर्म भी अपना लिया था। इनमें से कुछ पुलिस एनकाउंटर में मारे गए। - सूत्र बताते हैं कि कई आज भी एक्टिव हैं। - पुलिस की माने तो पैसा और पावर इन हिंदू लड़कों को आतंकवादी संगठन की तरफ अट्रैक्ट करते हैं। dainikbhaskar.com आगे की स्लाइड्स पर बता रहा है ऐसे आतंकियों की चुनिंदा कहानी...

सेब किसानों की हुई दुर्दशा, कश्‍मीर में हिंसा तो हिमाचल में मौसम से 50%  नुकसान

सेब किसानों की हुई दुर्दशा, कश्‍मीर में हिंसा तो हिमाचल में मौसम से 50% नुकसान

Last Updated: September 30 2016, 00:02 AM

नई दिल्ली। सेब किसानों पर इस बार का सीजन मायूसी लेकर आया। हिमाचल में शुरूआत में मौसम की मार से पैदावार में लगभग 50 फीसदी की गिरावट आई। वहीं, कश्मीर में पैदावार अच्छी रही तो वहां लगभग 3 महीने से जारी हिंसा ने बाजार को प्रभावित कर दिया। कुल मिलाकर कश्मीर में भी पिछले साल की तुलना में लगभग 50 फीसदी फसल मुख्य बाजारों में नहीं पहुंच पाई। अब सीजन का अंत है और फेस्टिव सीजन भी तैयार है। ऐसे में सेब के आयात की ओर देखना पड़ रहा है। कश्मीर में हिंसा से नुकसान में रहे सेब किसान गत 8 जुलाई को आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में उपजे बवाल से वहां की आम जनता परेशानी में आई ही। इसका सबसे बुरा असर जिन पर पड़ा वो हैं घाटी के सेब किसान। कश्मीर घाटी में हर साल लगभग 20 से 22 लाख टन सेब की पैदावार होती है। इस बार कश्मीर का मौसम ठीक रहा और अन्य सालों की अपेक्षा ठंड बहुत बेहतर हुई। लिहाजा उत्पादन 25 लाख टन से अधिक होने की आशंका थी। जिस समय कश्मीर में यह घटना हुई उसी वक्त सेब की फसल की आवक शुरू हो गई थी। लेकिन, हिंसा के बाद करफ्यू और बार्डर एरिसाज में अलर्ट ने ट्रकों की आवाजाही को प्रभावित कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली जाने वाले ट्रकों पर पथराव किया जिससे सेब को मुख्य बाजारों तक नहीं जाने दिया गया। लगभग 4000 करोड़ का राज्य सरकार को नुकसान कश्मीर से सेब की आवक प्रभावित होने से किसानों को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ रहा है। एक अनुमान के तहत कश्मीर से सिर्फ 8 से 10 लाख टन सेब ही मुख्य बाजारों व मंडियों तक पहुंच सका है। ऐसे में किसानों की बेहतर फसल भी बागों में पड़ी रहकर सड़ने को मजबूर हो गई। इसके अलावा सरकार को भी लगभग 4 हजार करोड़ के रिवेन्यू का नुकसान है। हर साल जम्मू;कश्मीर सरकार को सेब से लगभग 8 हजार करोड़ रुपए का रिवेन्यू प्राप्त होता है। अगली स्लाइड में जानिए हिमाचल में क्या रही स्थिति...

कश्मीर में स्कूल-कॉलेज और इंटरनेट बंद, महबूबा ने कैबिनेट की मीटिंग बुलाई

कश्मीर में स्कूल-कॉलेज और इंटरनेट बंद, महबूबा ने कैबिनेट की मीटिंग बुलाई

Last Updated: April 18 2017, 12:03 PM

श्रीनगर. कश्मीर के विरोध प्रदर्शन में कॉलेज और यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स शामिल भी हुए। सोमवार को घाटी के सभी 10 जिलों में स्टूडेंट्स सड़क पर उतर आए। ये शनिवार को पुलवामा डिग्री कॉलेज में हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। स्टूडेंट्स ने पत्थरबाजी भी की। इसमें एक थाना इंचार्ज, 24 पुलिसकर्मी और करीब 36 स्टूडेंट्स घायल हो गए। घाटी में एहतियातन इंटरनेट सर्विस बंद कर दी गई है। मंगलवार को सभी स्कूल-कॉलेज भी बंद रहे। तनाव को देखते हुए सीएम महबूबा मुफ्ती ने कैबिनेट की मीटिंग बुलाई है। स्टूडेंट्स के खिलाफ फोर्स का एक्शन गलत... - सत्तारूढ़ पीडीपी-बीजेपी गठबंधन सरकार और जम्मू-कश्मीर के विपक्ष ने स्टूडेंट्स के खिलाफ फोर्स की कार्रवाई की निंदा की है। - वहीं, स्टूडेंट्स ने अपनी क्लासेस का बायकॉट किया। शनिवार को पुलवामा में सिक्युरिटी फोर्सेस और स्टूडेंट्स के बीच झड़प में 20 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। - पीडीपी स्पोक्सपर्सन के मुताबिक, पार्टी ने फोर्स के कॉलेज में जाने और स्टूडेंट्स-स्टाफ पर एक्शन लेने की जांच कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही शांति भंग करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी बात कही है। - पीडीपी ने ये भी कहा कि फोर्स के एक्शन से स्टूडेंट्स का भड़क जाना सामान्य बात है। लेकिन स्टूडेंट्स से अपील भी की कि वे अपने इंस्टीट्यूट्स में शांति बनाए रखें। - जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के चीफ जीए मीर के मुताबिक, सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर लोगों पर जुल्म ढा रही है। मौजूदा सरकार टॉर्चर की हर हद पार कर चुकी है। पत्थरबाजों से निपटने के लिए अब प्लास्टिक बुलेट का इस्तेमाल - कश्मीर घाटी में पत्थरबाजों से निपटने के लिए अब प्लास्टिक बुलेट का इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, होम मिनिस्ट्री ने सिक्युरिटी फोर्सेस को पैलेट गन का इस्तेमाल लास्ट ऑप्शन के तौर पर करने का ऑर्डर दिया है। - लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज के ऑफिशियल सोर्स के मुताबिक, घाटी में हजारों प्लास्टिक बुलेट कश्मीर वैली में भेज दी गई हैं। - सूत्रों के मुताबिक, प्लास्टिक बुलेट बॉडी में नहीं घुसती और इसे INSAS रायफल से भी फायर किया जा सकता है। - बता दें कि सिक्युरिटी फोर्सेस को कश्मीर घाटी में आए दिन जबर्दस्त प्रोटेस्ट का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर उस वक्त, जब फोर्सेस की आतंकियों से मुठभेड़ हो रही हो। उस वक्त पथराव का फायदा उठाकर आतंकी भाग जाते हैं। SC ने केंद्र से ऑप्शन तलाशने को कहा था - बता दें कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने पैलेट गन से होने वाले नुकसान को जीवन और मौत का मुद्दा बताया था। - कोर्ट ने सरकार से कहा था कि वह पैलेट गन के इफेक्टिव ऑप्शंस लेकर आए। - पिछले महीने कश्मीर के चदूरा में प्रदर्शन के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई थी। वो इलाके में आतंकियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का विरोध कर रहे थे।

जाधव के मुद्दे का अंजाम सोच ले PAK: सुषमा; अपील के लिए मिले 60 दिन

जाधव के मुद्दे का अंजाम सोच ले PAK: सुषमा; अपील के लिए मिले 60 दिन

Last Updated: April 12 2017, 10:54 AM

नई दिल्ली. पाकिस्तान ने कहा है कि कुलभूषण जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा के खिलाफ 60 दिन के अंदर अपील की जा सकती है। जाधव को जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट ने सोमवार को यह सजा सुनाई थी। इस मुद्दे पर मंगलवार को संसद में सभी राजनीतिक दल एकजुट नजर आए। सुषमा स्वराज ने कहा कि कुलभूषण भारत का बेटा है। उसे हम हर कीमत पर बचाएंगे और उसके लिए आउट ऑफ द वे जाकर कोशिश करेंगे। पाक इस दिशा में अगर आगे बढ़कर जाधव को फांसी देता है तो उसे इसके अंजाम के बारे में सोच लेना चाहिए। संसद में क्या हुआ... - लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, सरकार को जाधव को बचाना चाहिए। अगर उसे फांसी होती है तो हम उसे सोचा-समझा मर्डर कहेंगे। अगर उसे बचा नहीं पाए तो ये सरकार की कमजोरी होगी। - इस पर राजनाथ सिंह ने कहा, कुलभूषण के पास वैलिड भारतीय वीजा मिला था। ऐसी स्थिति में वह जासूस कैसे हो सकता है? उसे बचाने के लिए जो बन पड़ेगा, वो सरकार करेगी। मैं आश्वस्त करता हूं कि उसके साथ अन्याय नहीं होगा। जाधव बहुत पहले ही नेवी छोड़ चुका था। उसका बिजनेस था। इसी सिलसिले में वह ईरान के चाबहार आया-जाया करता था। वहां से उसे अगवा किया और बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया हुआ दिखाया गया। - असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, पाक मिलिट्री कोर्ट में बिना किसी सबूत के किसी को भी सजा दे देते हैं। सरकार को अपने रसूख का इस्तेमाल कर जाधव को सुरक्षित वापस लाना चाहिए। क्या बोलीं सुषमा? - राज्यसभा में लीडर ऑफ अपोजिशन गुलाम नबी आजाद ने कहा, हम सरकार के साथ हैं। जाधव को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का अच्छे से अच्छा वकील किया जाना चाहिए। - इस पर सुषमा ने कहा, ये पक्ष-विपक्ष का मसला नहीं है। मैं गुलाम नबी को धन्यवाद देना चाहती हूं कि वे इस मसले पर सरकार के साथ हैं। हिंदुस्तान के इस बेटे को बचाने के लिए अच्छा वकील खड़ा करना तो छोटी बात है, हम राष्ट्रपति तक भी बात करेंगे। - पाक ने जाधव को जो सजा सुनाई है, वो सोचा-समझा मर्डर है। उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। सरकार आउट ऑफ द वे जाकर मदद करेगी। अगर जाधव को फांसी होती है तो पाकिस्तान को गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। इसका असर बाइलैटरल रिलेशन पर भी पड़ेगा। क्या है मामला? - पाक आर्मी ने वहां की जेल में बंद भारतीय अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। पाक ने आरोप लगाया था कि जाधव भारतीय जासूस है। - पाक मिलिट्री के अफसर मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट किया था कि पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत जाधव का फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) किया गया और फांसी की सजा सुनाई गई। - इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित को तलब किया। उन्हें डिमार्शे (डिप्लोमैटिक डिमांड लेटर) सौंपा। इसमें कहा गया- अगर सजा पर अमल होता है तो ये कानून के बुनियादी नियमों के खिलाफ होगा। इसे सोचा-समझा कत्ल कहा जाएगा। - डिमार्शे में आगे कहा गया- ये ध्यान रखा जाना चाहिए कि पाकिस्तान में इंडियन हाई कमीशन को ये बताने की जरूरत भी नहीं समझी गई कि कुलभूषण पर केस चल रहा है। भारत के लोग और सरकार इसे सोचा-समझा कत्ल ही मानेंगे। भारत ने टाली पाक कैदियों की रिहाई - भारत सरकार ने पाकिस्तान के 11 कैदियों की बुधवार को होने वाली रिहाई टाल दी। - एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी पाकिस्तान के फैसले पर तल्ख टिप्पणी की। कहा- पाकिस्तान के मिलिट्री कोर्ट में आरोपी के खिलाफ क्या आरोप लगाए जाते हैं या सबूत पेश किए जाते हैं, इनको कभी पब्लिक नहीं किया जाता। - पाकिस्तानी सेना के कानून के तहत आए इस फैसले पर 90 दिनों के भीतर अमल होना तय है। पाक आर्मी चीफ बाजवा इसे मंजूरी दे चुके हैं। ऐसे में, इसके खिलाफ अपील की कोई गुंजाइश नहीं रहती। जाधव को फांसी की सजा से बचाना मुश्किल होगा। वीडियो में 105 कट - जाधव के कथित कबूलनामे का एक वीडियो भी पाकिस्तान ने जारी किया था। DainikBhaskar.com ने जब इस 6 मिनट (358 सेकंड) के वीडियो की पड़ताल की तो उसमें 105 कट नजर आए। कबूलनामे को देखकर ऐसा लग रहा था कि जाधव टेलीप्रॉम्प्टर पर बयान पढ़ रहे हों। - पाक मामलों के एक्सपर्ट कमर आगा ने DainikBhaskar.com को बताया, शक है कि कुलभूषण को टाॅर्चर करके या फिर ड्रग्स देकर कुछ भी कहलवाया गया और वीडियो बनाया गया। - एक और एक्सपर्ट कर्नल यूएस राठौर कहते हैं कि पाक मिलिट्री कोर्ट की कार्यवाही के दौरान इतना टॉर्चर किया जाता है कि वहां 90% लोग अपने गुनाह कबूल कर लेते हैं। भोपाल में बंद पाक जासूस मुनीर को वापस भेजने में लगी है पुलिस - 12 साल पहले जासूसी में गिरफ्तार किए गए साजिद मुनीर को सजा पूरी होने के बाद पाकिस्तान भेजने की कोशिश की जा रही है। - सरकार ने इसके लिए अपील भी की लेकिन पाकिस्तान की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। वह फिलहाल पुलिस की देख-रेख में है। - भोपाल और ग्वालियर की जेल में पाकिस्तान के दो जासूस इमरान बारसी और अब्बास अली भी बंद हैं। दोनों को सजा भी हुई, लेकिन इनके साथ आम कैदियों की तरह की बर्ताव हो रहा है। हर रविवार इन्हें खाने में खीर दे रहे हैं। रोजाना सुबह नाश्ते में मीठा दलिया और पोहा दिया जाता है। - भोपाल में बंद इमरान 2008 में पकड़ा गया था। ये भी पढ़ें <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-pak-says-indian-spy-kulbhushan-jadhav-given-death-sentence-news-hindi-5571446-NOR.html'>- जाधव को PAK में फांसी मर्डर मानेंगे: भारत; कैदियों की रिहाई भी रोकी</a> - <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-102-cuts-in-kulbhushan-jadhavs-confession-video-news-hindi-5571512-NOR.html?ref=ht'>जाधव को 90 दिन में फांसी दे सकता है PAK, कबूलनामे में थे 105 कट </a> - <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-sharif-says-pak-forces-fully-capable-and-prepared-to-respond-to-any-threats-news-5572320-PHO.html?ref=ht'>धमकियों का जवाब देने में PAK फोर्सेस पूरी तरह सक्षम और तैयार: नवाज</a> <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-parliament-kulbushan-jadhav-govt-congress-news-and-update-news-hindi-5572068-NOR.html?ref=ht'>- कुलभूषण हिंदुस्तान का बेटा, हर कीमत पर बचाया जाएगा: संसद में बोलीं सुषमा</a> <a href='http://www.bhaskar.com/news/MH-PUN-HMU-kulbhushan-jadhav-family-leave-mumbai-news-hindi-5572147-PHO.html?ref=ht'>- जाधव की फैमिली मुंबई से कहीं और शिफ्ट हुई, फार्म हाउस पर भी लगा है ताला</a>

जम्मू-कश्मीर में 24 घंटे में तीन स्कूलों को जलाया गया, दो महीने में हो चुकी हैं 20 घटनाएं

जम्मू-कश्मीर में 24 घंटे में तीन स्कूलों को जलाया गया, दो महीने में हो चुकी हैं 20 घटनाएं

Last Updated: October 31 2016, 07:32 AM

अनंतनाग. जम्मू-कश्मीर में तनाव के बीच सरकारी स्कूलों को निशाना बनाया जा रहा है। रविवार को भी तीन स्कूलों को नुकसान पहुंचाया गया। 24 घंटे के भीतर तीन स्कूलों को जला कर खाक करने का मामला सामने आया। पिछले दो महीन में यहां 20 से ज्यादा स्कूलों को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके पीछे अलगाववादियों का हाथ बताया जा रहा है। स्कूल बंद होने से यहां के लोग नाराज हैं। बता दें कि जुलाई में आर्मी ने हिजबुल कमांडर आतंकी बुरहान वानी का एनकाउंटर किया था जिसके बाद से यहां तनाव है। कई इलाकों में आज भी कर्फ्यू है। लोगों ने कहा- अलगाववादी अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं, हमारे बच्चे घर में बैठे हैं... - हिंसा और तनाव की वजह से घाटी में स्कूल बंद पड़े हैं। इस हिंसा में अब तक 92 लोग मारे जा चुके हैं। - स्कूल लगातार बंद होने से बच्चे और उनके पैरेंट्स परेशान हैं। - खासकर 10 वीं और 12वीं में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की दिक्कत काफी बढ़ गई है। क्योंकि फाइनल एग्जाम अक्टूबर-नवंबर में होना होता है। - श्रीनगर के एक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे के पिता ने कहा, 12वीं के प्रदर्शन के आधार पर बच्चे प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षाओं में बैठते हैं। - यह परीक्षाएं पूरे देश में तयशुदा वक्त पर होती है। मेरे बेटे की वजह से तो यह बदलेगा नहीं। हमे नुकसान हो रहा है। अलगाववादियों के खिलाफ प्रदर्शन - अलगाववादी अपने विरोध से स्कूल को अलग करने के लिए तैयार नहीं हैं। - उनका कहना है कि अशांति के इस दौर में स्कूलों को खोलना बच्चों की जान को खतरे में डालना है. लेकिन, उनका कहना है कि विद्यालयों में आग लगाने की घटनाओं से उनका कोई वास्ता नहीं है। - अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने कहा कि स्कूलों में आग लगाने वाले कश्मीर की जनता के दुश्मन हैं। - इस बीच घाटी में अलागवादियों के खिलाफ भी प्रदर्शन हो रहे हैं। - चेहरे पर नकाब विरोध कर रहे एक पैरेंट्स ने कहा,अगाववादियों के बच्चे विदेश में पढ़ते हैं। यहां जो हैं भी केवल उनके बच्चे ही स्कूल जा रहे हैं। - गिलानी की पोती एग्जाम दे रही है। मेरी बच्ची घर में बैठी है। - आरोप ये भी है कि कश्मीर में गिलानी की बेटी का स्कूल चल रहा है, बाकी सरकारी स्कूलों को जबरन बंद करा दिया गया है। पुलिस ने क्या कहा? - पुलिस ने बताया कि अनंतनाग जिले के एशमुकाम में केंद्रीय सरकार की ओर से चलाए जा रहे जवाहर नवोदय विद्यालय में आग देखी गई। - आग पर जल्द काबू पा लिया गया और भवन को किसी बड़े नुकसान से बचा लिया गया। - पुलिस अफसरों का कहना है कि इस मामले में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है। ये वो गुट है जो साजिश के तहत विद्यालयों में आग लगा रहा है।

पाकिस्तान से कई गुना ताकतवर है भारत, जानिए दोनों देशों की सैन्य ताकत

पाकिस्तान से कई गुना ताकतवर है भारत, जानिए दोनों देशों की सैन्य ताकत

Last Updated: September 24 2016, 06:39 AM

श्रीनगर. उड़ी आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान की सीमा पर तनाव एकाएक बढ़ गया है। पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों के बीच भारत भी सीमा पर अपनी सामरिक तैयारी मजबूत करने लगा है। 778 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सैनिकों की नई सिरे से और ज्यादा संख्या में तैनाती की जा रही है। साथ ही हथियार और ईंधन भंडार भी जमा किया जा रहा है। यह सभी तैयारियां युद्ध जैसे हालात की तरफ इशारा कर रही हैं। बता दें कि भारत की सैन्य शक्ति पाकिस्तान से कई गुना ज्यादा है। dainikbhaskar.com आपको बता रहा है भारत और पाकिस्तान की ताकत। आगे की स्लाइड्स में जानिए दोनों देशों की सैन्य ताकतों के बारे में...

इन 5 तरीकों से बिना हमला किए पाकिस्तान को तबाह कर सकता है भारत

इन 5 तरीकों से बिना हमला किए पाकिस्तान को तबाह कर सकता है भारत

Last Updated: September 23 2016, 13:56 PM

इंटरनेशनल डेस्क. भारत चाहे तो पाकिस्तान पर बिना बॉर्डर क्रॉस किए जबरदस्त हमले कर सकता है। इन हमलों से पाकिस्तान की रीढ़ की हड्डी टूट जाएगी। हालांकि, इसके लिए भारत को दुनिया के साथ थोड़ा डिप्लोमेटिक तरीका अपनाना होगा और और थोड़ा डर पैदा करना होगा। आइए जानते हैं कौन से हैं वो तरीके जिन्हें अपनाने के बाद पाकिस्तान जबरदस्त परेशान हो जाएगा। आगे की स्लाइड्स में जानिए कौन से हैं वो तरीके...

PAK आर्मी ने कवर फायर कर भारत में घुसाए 15 आतंकी, हमारी सेना ने 10 को मार गिराया

PAK आर्मी ने कवर फायर कर भारत में घुसाए 15 आतंकी, हमारी सेना ने 10 को मार गिराया

Last Updated: September 21 2016, 15:55 PM

नई दिल्ली. उड़ी हमले के दो दिन बाद पाकिस्तान ने फिर इसी इलाके में आतंकियों की बड़ी खेप दाखिल कराने की कोशिश की। मंगलवार दोपहर 1.10 बजे पाक ने उड़ी में भारतीय चौकियों पर फायरिंग करनी शुरू की। ये करीब 20 मिनट चली। यह करतूत एलओसी पर घुसपैठ की ताक में बैठे 15 आतंकियों के लिए कवर फायर थी। फायरिंग रुकते ही लछीपुरा इलाके में एलओसी के पास सैनिकों ने हलचल देखी। चेतावनी देने पर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सेना ने जवाबी कार्रवाई कर 10 आतंकियों को मार गिराया। सरकार ले सकती है सख्त फैसले, घाटी में ऑपरेशन जारी ... - सरकार ने कार्रवाई की रूपरेखा तय करने के लिए बुधवार को सिक्युरटी अफेयर्स की कैबिनेट कमेटी की बैठक बुलाई। - मीटिंग के लिए राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और मनोहर पर्रिकर पहुंचे। इसके बाद राजनाथ ने सिक्युरिटी अफसरों से बातचीत की। - इधर, उड़ी समेत घाटी के कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है। मंगलवार देर रात खोज जारी रही। - वहीं, हंदवाड़ा के नौगाम सेक्टर में एक और घुसपैठ की कोशिश हुई। - आतंकियों ने ग्रेनेड फेंके। इसमें एक जवान शहीद हो गया। पाक को कैसे जवाब देने की तैयारी कर रहा है भारत? - सेना पर हुए अब तक के सबसे बड़े हमले पर भारत का माकूल जवाब क्या हो? सरकार में इसपर चर्चा जारी है। - पीएम स्ट्रैटजी को लेकर कई लेवल पर बात कर चुके हैं। इसके बाद चेतावनी दी गई कि पाक को जवाब दिया जाएगा। - इससे पहले सोमवार को दिन में पीएम के घर हुई हाई लेवल मीटिंग में पाकिस्तान को दुनिया में अलग-थलग कर आतंकवादी देश घोषित करवाने की स्ट्रैटजी पर चर्चा हुई। - डिप्लोमैटिक और इकोनॉमिक फ्रंट पर भी पाकिस्तान को एग्रेशन दिखाने पर बात की गई। - सूत्रों के मुताबिक, भारत ने इस स्ट्रैटजी के तहत अमेरिका और रूस के साथ बात भी की है। - विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी यूएन में जोर-शोर से उड़ी हमले का मुद्दा उठाएंगी। भारत के पास ये हैं ऑप्शन - बॉर्डर क्रॉस किए बगैर हमला: बगैर बॉर्डर क्रॉस किए मोर्टार से जोरदार हमला करके पाक के आर्मी पोस्ट्स और बंकर्स को खत्म कर दिया जाए। हालांकि, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इसमें जवाबी हमला भी होगा। - ऑपरेशन पराक्रम-2: भारत सरकार सेना को पाकिस्तान से लगी सीमा पर तैनात कर सकती है, जैसा की 2001 में संसद पर हुए हमले के बाद तब के पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। इसे ऑपरेशन पराक्रम नाम दिया गया था। इसमें सेना 11 महीने तक पाक सीमा पर तैनात थी। आगे की स्लाइड्स में पढ़ेंः भारत की स्ट्रैटजी से डरा पाक मीडिया, कहा- हमारा अंजाम बुरा होगा...

शहीद की पत्नी बोली- मोदीजी कितना सब्र करेंगे, मैं बदले के लिए उठा लूंगी हथियार

शहीद की पत्नी बोली- मोदीजी कितना सब्र करेंगे, मैं बदले के लिए उठा लूंगी हथियार

Last Updated: September 21 2016, 11:32 AM

रांची (झारखंड)। श्रीनगर के उरी में सेना के प्रशासनिक शिविर पर हुए आतंकी हमले में दो जवान झारखंड के भी शहीद हुए हैं। गुमला के नाइमन कुजूर के शहीद होने की खबर मिलते ही पूरा घर शोक में डूब गया। रोती-बिलखती पत्नी ने कहा-अब कितना सब्र करेंगे मोदीजी। मैं सीमा पर जा कर हथियार उठा लूंगी और दुश्मनों से बदला लूंगी। शहीद जवानों में एक जावरा मुंडा खूंटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र स्थित मेराल गांव का रहने वाला था। पीएम से लगाई गुहार... - शहीद की पत्नी ने कहा- केंद्र सरकार अब पाकिस्तान का नामोनिशान मिटा दे। अगर अब भी ऐसा नहीं किया गया तो इसका मतलब होगा कि सरकार को देशवासियों से काेई मतलब नहीं है। - शहादत की सूचना मिलते ही दोनों गांव में शोक का माहौल है। दोनों जवानों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। शहीदों के घर पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। - दोनों जगह जैसे ही शहादत की खबर पहुंची, लोग शोक में डूब गए। दोनों गांव में सोमवार की सुबह चूल्हे नहीं जले। लोगों बेहद गम और आक्राेश में हैं। - इधर, मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कश्मीर में हुए आतंकी हमले में झारखण्ड के खूंटी के जवान जावरा मुंडा और गुमला जिले के नाइमन कुजूर की शहादत को श्रद्धांजलि दी है। - सीएम ने कहा है कि इनकी शहादत बेकार नहीं जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि देश के लिए अपने जान की कुर्बानी देने में झारखण्ड के जवान कभी पीछे नहीं रहे हैं। - इनके ही दम पर राज्य और देश की समृद्धि और एकता रोशन हैं। - शहीद जवान के परिजनों को सीएम रघुवर ने 10-10 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। सीएम ने कहा है कि शहीद की शवयात्रा में कैबिनेट मंत्री शामिल होंगे। आगे की स्लाइड्स पर देखें संबंधित PHOTOS : फोटो : रंजीत प्रसाद/सोहन सिंह।

जगह-जगह शहीद को दी गई श्रद्धांजलि, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

जगह-जगह शहीद को दी गई श्रद्धांजलि, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

Last Updated: September 20 2016, 18:16 PM

गुमला(झारखंड)। यहां के अति नक्सल प्रभावित चैनपुर ब्लॉक के उरू बारडीह गांव के 32 वर्षीय बेटे नयमन कुजूर रविवार को उरी में आतंकियों द्वारा आर्मी ब्रिगेड हेडक्वार्टर में हुए हमले में शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर मंगलवार को गांव लाया गया। यहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उन्हें जगह-जगह श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ जुट गई। इस दौरान शहीद के गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। -शहीद की भाभी नेम्हास की पत्नी बारेन कुजूर प्राथमिक विद्यालय तबेला में शिक्षिका हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह उनलोगों को नयमन के आतंकी हमले में शहीद होने की सूचना मिली। -इसके बाद परिजनों पर जैसे दु:ख का पहाड़ टूट पड़ा। पिता महानंद बेटे को खोने के गम को सह नहीं पा रहे थे। आनन-फानन में उम्र (60) के इस पड़ाव में गांव से वे 90 किलोमीटर साइकिल चलाकर गुमला चले गए। -उन्हें लग रहा था कि शायद मेरे शहीद बेटे का शव आ गया होगा। बारेन ने बताया कि नयमन और उसके सभी भाई प्रशासनिक सेवा में हैं। -बड़ा भाई संघरस कुजूर होमगार्ड का जवान है। उससे छोटा नेम्हास कुजूर आर्मी में जवान है। अभी वे नामकुम रांची में तैनात है। इसके बाद जगदीश कुजूर है। -जो चाईबासा में झारखंड पुलिस में जवान है। नयमन सबसे छोटा था। जो जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हो गए। -किसान महानंद कुजूर और सुशांति कुजूर के बेटे नयमन की नौकरी 2007 में सेना में लगी थी। फिलहाल वे जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। -बेटे की शहादत पर परिजनों के अलावा ग्रामीणों को भी गर्व है। हालांकि भारत माता के इस वीर सपूत को खोने का मलाल सभी की आंखों में दिख रहा है। आगे की स्लाइड्स में देखिए फोटोज...

शहीद को श्रद्धांजलि देने उमड़ा पूरा गांव, रोती मां ने कहा-बेटे पर है गर्व

शहीद को श्रद्धांजलि देने उमड़ा पूरा गांव, रोती मां ने कहा-बेटे पर है गर्व

Last Updated: September 20 2016, 14:01 PM

खूंटी(झारखंड)। आतंकी हमले में खूंटी के मेराल गांव निवासी जवान जावरा मुंडा की शहादत की खबर मिलते ही पूरा गांव स्तब्ध हो गया। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। तकरीबन 5 हजार से ज्यादा लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़े। भारत माता की जय के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। बूढ़ी मां ने रुंधे गले से कहा- बेटे ने जान देकर देश के लिए अपना फर्ज निभाया है। इसका उन्हें गर्व है। शहादत की खबर मिलते ही पत्नी हो गई बेहोश... -जवान जावरा मुंडा की अंतिम यात्रा में गांव का हर वर्ग के लोग पहुंचे। वहीं, पुलिस प्रशासन समेत मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा भी उपस्थित रहे। -सोमवार को जवान की शहादत की खबर आते ही मलेरिया से पीड़ित उनकी पत्नी झींगी देवी बेहोश हो गईं। मौके पर डॉक्टर्स ने उन्हें स्लाइन चढ़ाया। -शहीद की बूढ़ी मां सलोमी धनवार घर के एक कोने में बैठी थीं। वो अपने दूसरे बेटे दाउद मुंडा को भी सेना में ही भेजना चाहती हैं। -छोटे भाई दाउद मुंडा ने कहा कि कश्मीर जाने के पहले भैया ने कहा था कि गांव में सबसे मिलकर रहना, किसी से लड़ाई-झगड़ा मत करना और परिवार व बच्चों का ध्यान रखना। -29 सितंबर को सेना की बहाली है, उसमें जरूर जाना। जाने से पहले उन्होंने किताब खरीद कर दी और कहा था कि ठीक से तैयारी करना। दाउद बीए पार्ट वन का छात्र है। तीन मासूम बेटियां हैं शहीद जावरा की शहीद जावरा मुंडा की तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी संध्या धनवार आठवीं में पढ़ती है, जबकि दूसरी बेटी सुषमा तीसरी कक्षा में है। सबसे छोटी बेटी शिल्पा ढाई साल की है। जावरा के पिता गौड़ मुंडा की मृत्यु तीन वर्ष पहले हो गई थी। छोटे भाई दाउद मुंडा ने बताया कि भाई की कमाई से ही पूरा परिवार चलता था। आगे की स्लाइड्स में देखिए फोटाेज। साथ ही चौथी स्लाइड्स में देखिए VIDEO...

आतंकियों की गोली से शहीद हुआ था पति, आर्मी ज्वाइन कर पत्नी लेगी बदला

आतंकियों की गोली से शहीद हुआ था पति, आर्मी ज्वाइन कर पत्नी लेगी बदला

Last Updated: September 20 2016, 10:55 AM

पुणे। जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए हमले ने पिछले साल नवंबर में कुपवाड़ा में हुए आतंकी हमले की यादें ताजा कर दी। इसमें आतंकियों से लड़ते हुए कर्नल संतोष महाडिक शहीद हुए थे। उनकी शहादत के 9 महीने बाद अब उनकी पत्नी स्वाति महाडिक इंडियन आर्मी ज्वाइन करने जा रही हैं। वे भी पति की तरह आतंकियों के खिलाफ लड़ना चाहती हैं। आर्मी में बनेंगी लेफ्टिनेंट... - स्वाति ने हाल ही में सर्विस सिलेक्शन कमीशन की फाइनल लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। - आर्मी में लेफ्टिनेंट की पोस्ट ज्वाइन करने से पहले उन्हें चेन्नई के ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में 11 महीने की कड़ी ट्रेनिंग लेनी होगी। - पति के अंतिम संस्कार के वक्त स्वाति ने कहा था कि, वे भी फौज में शामिल होकर अपने पति की जिम्मेदारियों को पूरा करना चाहती हैं। उम्र बन रही थी रुकावट - स्वाति ने सेना से नौकरी नहीं मांगी, बल्कि पढ़ाई करके एसएसबी का एग्जाम पास किया। - उन्होंने सभी पांच राउंड क्लियर किए। लेकिन उनकी उम्र उनके इरादे में बड़ी रुकावट बन रही थी। - स्वाति 32 साल की हैं और सेना के नियमों के मुताबिक इस उम्र में वो भर्ती नहीं हो सकती। - स्वाति की इच्छा पर आर्मी चीफ जनरल दलबीर सिंह ने सरकार से सिफारिश की थी कि उन्हें उम्र में छूट दी जाए। जिसे रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर ने मान लिया। बच्चों को बोर्डिंग स्कूल में भेजा - स्वाति की एक 12 साल की बेटी और 6 साल का बेटा है। उन्होंने दोनों को बोर्डिंग स्कूल में भेज दिया है। - स्वाति ने बेटी को देहरादून और बेटे को पंचगनी के बोर्डिंग स्कूल में भर्ती करवाया है। आतंकियों से लेना चाहती हैं बदला - स्वाति अपने पति की तरह ही आतंकवाद को जड़ से खत्म करना चाहती हैं। वे अपने पति की शहादत का बदला लेना चाहती हैं। - स्वाति का कहना है कि, पति की शहादत के बाद से मैं सदमे में थी। जब इससे बाहर निकली तो मैंने खुद को पहले से ज्यादा मजबूत महसूस किया। - ऐसा लगा कि मेरे पति जिस काम पर थे उसके बाद उसकी जिम्मेदारी मुझे भी लेनी चाहिए। बच्चे अभी छोटे हैं, वो भी सेना में आएं तो मुझे अच्छा लगेगा। - मेरे लिए आर्मी ज्वाइन करना एक इमोशनल डिसीजन है। जब मैं अपने पति के पार्थिव देह को कुपवाड़ा से सतारा लेकर आ रही थी, तब मेरे अंदर सिर्फ एक विचार चल रहा था। - एक दिन मैं उनकी यूनिफार्म पहनूंगी। अब जब मैं उनकी ड्रेस पहनती हूं तो उसमें वे मुझे नजर आते हैं। केंद्रीय विद्यालय में टीचर की नौकरी छोड़ी - स्वाति ने पुणे यूनिवर्सिटी से एमए किया है। वो केंद्रीय विद्यालय में टीचर थीं। - लेकिन सेना में भर्ती होने के लिए उन्होंने अपनी जमी-जमाई नौकरी भी छोड़ दी। - स्वाति का कहना है कि उनके पति संतोष महाडिक का पहला प्यार इंडियन आर्मी था और उनका पहला प्यार संतोष थे। - ऐसे में संतोष के प्यार और सपनों को जिंदा रखने और आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने आर्मी में जाने का फैसला किया। कौन थे कर्नल संतोष महाडिक - 39 वर्षीय कर्नल महाडिक महाराष्ट्र के सतारा के रहने वाले थे। वे 41 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अफसर थे। - कर्नल संतोष 21 पैरा- स्पेशल कमांडो यूनिट में रहे और कई ऑपरेशन्स को अंजाम तक पहुंचाया। - घाटी में कुपवाड़ा के हाजी नाका जंगली क्षेत्र में एक अभियान के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उनकी अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। - कर्नल महाडिक को वर्ष 2003 में पूर्वोत्तर में आपरेशन राइनो के दौरान बहादुरी के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया था। आगे की स्लाइड्स में देखिए स्वाति की कुछ और PHOTOS...

घर में चल रही थीं शादी की तैयारियां, खबर मिली की बेटा हो गया शहीद

घर में चल रही थीं शादी की तैयारियां, खबर मिली की बेटा हो गया शहीद

Last Updated: September 20 2016, 10:48 AM

नासिक: लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) से महज कुछ किलोमीटर दूर उरी सेक्टर में रविवार को आर्मी हेडक्वॉर्टर के पास हुए आतंकी हमले में महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले संदीप सोमनाथ ठोक भी शहीद हुए हैं। सोमवार रात संदीप का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक महीने पहले सिपाही संदीप ठोक की शादी की बात शुरू हुई थी। नम आंखों से दी गई विदाई... - शहीद संदीप का पार्थिव तकरीबन 7 बजे उनके गांव खड़ागली पहुंचा। - जैसे ही उनका पार्थिव गांव पहुंचा सभी की आंखें नम हो गई। - गांव में उनके आखिरी सफर से पहले उनके शव को आम लोगों के दर्शन के लिए रखा गया। - सैकड़ों लोगों की भीड़ अपने इस सपूत को अंतिम सलाम देने के लिए खड़ागली पहुंची थी। - भारत माता की जय, शहीद संदीप ठोक अमर रहे; की जयघोष के साथ संदीप को अंतिम विदाई दी गई। - संदीप को उनके भाई योगेश ने मुखाग्नि दी। पढ़ाई बीच में छोड़ ज्वाइन की आर्मी.. - संदीप की प्रारंभिक शिक्षा खडांगली में ही हुई। यहां से वे डी फार्मा करने नासिक चले आये। - देश सेवा का जुनून संदीप पर इस कदर हावी हुआ कि उन्होंने डी फार्मा की पढ़ाई बीच में ही छोड़ आर्मी ज्वाइन कर ली। - 2014 में आर्मी ज्वाइन करने वाले संदीप बिहार रेजीमेंट में लांस नायक थे। इनकी पहली तैनाती उरी सेक्टर में हुई थी। एक महीने पहले शुरू हुई थी शादी की बात - 25 वर्षीय शहीद संदीप ठोक के एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। - उनके पिता सोमनाथ ठोक गांव में खेती करते हैं। संदीप की दो बड़ी बहने भी हैं, दोनों की शादी हो चुकी है। - आर्मी ज्वाइन करने के बाद संदीप की शादी के लिए माता-पिता दबाव बना रहे थे। - एक महीने पहले ही संदीप के लिए एक रिश्ता आया था। संदीप को लड़की की फोटो भी भेजी गई थी। - परिवार के सदस्यों के मुताबिक संदीप को लड़की पसंद भी थी। बात लगभग फाइनल हो गई थी। - संदीप के पिता ने बताया कि, इससे पहले की संदीप की शादी हो पाती, उनकी अर्थी उठाने का वक्त आ गया। 3 अन्य जवान भी महाराष्ट्र से - सोमवार को हॉस्पिटल में इलाज के दौरान घायल हुए सिपाही विकास कुलमेथे का निधन हो गया। - आर्मी कैंप पर हुए इसे आतंकी हमला में महाराष्ट्र के दो और जवान भी शहीद हुए हैं। - इनमें सतारा के लांस नायक चंद्रकांत शंकर गलांडे का नाम भी शामिल है। - बिहार रेजीमेंट में कार्यरत अमरावती के सिपाही जानराव भी इस आतंकी हमले में शहीद हुए हैं। - जवानों की शहादत की खबर मिलने के बाद से इनके गांवों में मातम का माहौल है। - सोमवार शाम को स्पेशल प्लेन से इनके पार्थिव को पुणे लाया जाएगा। यहां से सड़क मार्ग द्वारा द्वारा इन्हें इनके गांव ले जाया जाएगा। सबसे बड़ा आतंकी हमला - पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने कश्मीर में आर्मी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। - आर्मी के उरी ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर रविवार तड़के हुए इस हमले में 18 जवान शहीद हो गए। इनमें से 13 की मौत टेंट में लगी आग से जिंदा जलने से हुई। - मौके पर मौजूद एक जवान के मुताबिक आतंकी 3.30 बजे कैंप की पिछली दीवार से घुसे। करीब पौने दो घंटे तक नाइट विजन से कैंप का जायजा लिया। - फिर 5.15 बजे फ्यूल टैंक से डीजल भर रहे निहत्थे जवानों पर धावा बोल दिया। 3 मिनट में 17 ग्रेनेड दागे। - जानकारी के मुताबिक, इस हमले से 150 मीटर इलाके में फैले टेंट और बैरकों में आग लग गई। - डीजल टैंक में धमाका होते ही आतंकवादी अलग-अलग होकर बैरकों में घुस गए। - वहां मौजूद 19 साल के डोगरा जवान ने एक आतंकी को मार गिराया। बाकी तीन बुरी तरह जख्मी थे। उस जवान के हेलमेट पर भी गोली लग चुकी थी। उसे साथी जवानों ने बाहर निकाला। - बैरक खाली थे। आतंकी वहां दूसरे फ्लोर तक पहुंच गए। बाद में हेलीकॉप्टर से पहुंचाए गए 4 पैरा के कमांडो ने बचे तीन आतंकियों को मार गिराया। आगे की स्लाइड्स में देखिए, शहीद संदीप और उनके गांव में पसरे मातम की PHOTOS..

उड़ी हमला: देशभर में गुस्सा, शहीदों के घर से सड़क तक एक ही आवाज- मोदीजी! इस बार बयान नहीं, बदला चाहिए

उड़ी हमला: देशभर में गुस्सा, शहीदों के घर से सड़क तक एक ही आवाज- मोदीजी! इस बार बयान नहीं, बदला चाहिए

Last Updated: September 20 2016, 10:28 AM

नई दिल्ली. उड़ी आर्मी बेस पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हमले में 18 जवानों की शहादत के बाद देशभर में गुस्सा है। शहीदाें के परिवार वालों से लेकर नेता, सेलिब्रिटीज और सोशल मीडिया पर मौजूद यूथ तक इस बार सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई चाहता है। सरकार के स्तर पर सोमवार को दिनभर बैठकों का दौर चला। लेकिन सामने यही बात आई कि पाकिस्तान को हर इंटरनेशनल लेवल पर अलग-थलग किया जाएगा। आर्मी ने जरूर कहा कि हम अपने हिसाब से जगह और वक्त तय कर जवाब देंगे। वहीं, शहीदों के परिवार के लोग कह रहे हैं कि अब देश को बयान नहीं चाहिए। शहादत का बदला चाहिए। पढ़ें किस कदर है गुस्सा... 1# शहीदों के परिवारों में किस कदर है गुस्सा? - बिहार के रहने वाले सिपाही अशोक सिंह उड़ी हमले में आतंकियों से मुकाबला करते वक्त शहीद हाे गए। उनके परिवार को कल शाम खबर मिली। अशोक सिंह की पत्नी संगीता सिंह कहती हैं, हमको और कुछ नहीं चाहिए। मेरे पति और 17 जवानों की शहादत का बदला चाहिए। पाकिस्तान बार-बार वार करता है, उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर मारो।;; - बिहार के गया के रहने वाले नायक एसके विद्यार्थी भी उड़ी हमले में शहीद हो गए। उनकी 13 साल की बेटी आरती कुमार कहती हैं, मोदीजी! पाकिस्तान को ईंट का जवाब पत्थर से दो। - बंगाल के रहने वाले सिपाही जी. दलाई की शहादत के बाद उनकी मां ने कहा, बेटे ने मुझे गुरुवार को फोन किया। उसने कहा कि वहां बमबारी हो रही है और कभी भी जान जा सकती है। जिन्होंने मेरे बेटे की जान ली है, उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए।;; - शहीद दलाई के पिता कहते हैं, मेरा बेटा महज 22 साल का था। सरकार को मेरे बेटे के हत्यारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। - नासिक के रहने वाले सिपाही टी. संदीप सोमनाथ उड़ी हमले में शहीद हो गए। उनके परिवार के लोगों ने कहा कि बेटे की शहादत पर हमें गर्व है। लेकिन पाकिस्तान पर कार्रवाई होनी चाहिए। - 42 साल के हवलदार रवि पॉल 10 डोगरा रेजीमेंट में थे। उनकी शहादत पर 10 साल का बेटा वंश कहता है, मैं आर्मी में डॉक्टर बनूंगा। इसी तरह पिताजी की जान लेने वालों से बदला लूंगा।;; - यूपी के रहने वाले सिपाही राकेश सिंह के भाई कहते हैं कि देश के लिए कुर्बान हो गया तो कोई अफसोस की बात नहीं है। लेकिन इस बार दोषी छूटने नहीं चाहिए। 2# सरकार और आर्मी क्या करेगी? - दिल्ली में हाईलेवल मीटिंग का दौर चला। पहली मीटिंग राजनाथ सिंह ने आला अफसरों के साथ ली। इसके बाद राजनाथ, कई मंत्री और अफसरों ने नरेंद्र मोदी के साथ मीटिंग की। भारत ने अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि पाकिस्तान को इंटरनेशनल लेवल पर अलग-थलग कर दिया जाएगा। शाम को मोदी प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी से भी मिलने गए। - आर्मी ने कहा- हम अपने हिसाब से देंगे जवाब, जगह और वक्त चुनने की आजादी भी अब हमारे ही पास है। 3# सेलेब्स क्या चाहते हैं? - विराट कोहली ने हमले की एक फोटो ट्वीट कर लिखा कि मैं अपने जज्बात बयां नहीं कर सकता। सभी जांबाजों को जय हिंद। - अमिताभ बच्चन ने भी कहा कि सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। - बाबा रामदेव ने कहा कि मुंहतोड़ जवाब देने से कुछ नहीं होगा। अब हमें इन सब आतंकियों का मुंह ही तोड़ देना चाहिए। - अक्षय कुमार ने कहा- जांबाजों को सलाम। आतंकवाद को रोका जाना चाहिए। बस हो गया। इनफ इज इनफ। जय हिंद। - अजय देवगन ने कहा कि ये बात 17 शहीदों के परिवारों की नहीं है। ये एक परिवार - इंडिया की है। इनफ इज इफ। - क्रिकेटर गौतम गंभीर ने ट्वीट किया कि हमारे नेता न तो देश के अंदर मौजूद मच्छरों को कंट्रोल कर पाते हैं न बाॅर्डर पार से आने वाले मच्छरों को। दयनीय स्थिति है। 4# नेता क्या कहते हैं? - हमले के बाद रविवार को मोदी ने कहा था, मैं इस देश के लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि हमले के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। - शिवसेना ने अपने माउथपीस सामना में लिखा कि सरकार को ये मानना होगा कि मौजूदा हालात कांग्रेस की सरकार के दौर से भी खराब हैं। - कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चह्वाण ने कहा कि आतंकियों को कैम्प के बारे में काफी जानकारी थी। इससे कई सवाल उठते हैं। लेकिन सिर्फ ट्वीट्स और बयानबाजी हो रही है। - बीजेपी नेता राम माधव ने कहा- पीएम ने वादा किया है कि उड़ी आतंकी हमले के पीछे जो भी लोग हैं, वे सजा से नहीं बच पाएंगे। यह अगला रास्ता होना चाहिए। एक दांत के लिए पूरा जबड़ा। आगे की स्लाइड में पढ़ें: भारत के पास एक्शन के लिए क्या हैं ऑप्शंस

पिता के शहादत से अनजान है 2 साल का मासूम, 3 दिन पहले हुई थी आखिरी बात

पिता के शहादत से अनजान है 2 साल का मासूम, 3 दिन पहले हुई थी आखिरी बात

Last Updated: September 20 2016, 04:45 AM

कैमूर (बिहार). जम्मू कश्मीर के उड़ी में हुए आतंकी हमले में बिहार कैमूर का बेटा भी शहीद हुआ है। राकेश सिंह की शहादत की खबर से पूरा गांव शोक में है। वहीं शहीद की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। राकेश सिंह की पत्नी किरण और दो साल का बेटा घटना के वक्त दिल्ली में थे। तीन दिन पहले ही राकेश ने अपने बेटे से फोन पर बात की थी। जानिए बेटे की शहादत पर पिता ने क्या कहा... - किसान पिता हरिहर सिंह की पांच बच्चों में से सबसे छोटे राकेश सिंह ने साल 2008 में सेना ज्वाइन की थी। - शहीद के पिता ने बताया कि राकेश बचपन से ही सेना में जाना चाहते थे। - शहीद राकेश कैमूर के नुआंव ब्लॉक के बड्डा गांव के रहने वाले थे। पिता ने कहा- गर्व महसूस कर रहा हूं - राकेश के पिता हरिहर सिंह पेशे से किसान हैं। हरिहर सिंह तीन बेटों में राकेश सिंह सबसे छोटे थे। - हरिहर सिंह ने बेटे की शहादत पर कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। - बेटे की शहादत के बाद हरिहर सिंह ने केंद्र सरकार से जवाबी कार्रवाई की मांग की। - उन्होंने कहा कि उनके बेटे की शहादत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। - फिलहाल, हरिहर सिंह और उनकी फैमिली के साथ-साथ गांव वालों को वीर सपूत के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार है। 2012 में हुई थी शादी, दो साल का है बेटा - राकेश ने 8 साल पहले 15 सितम्बर 2008 को लेह में आर्मी ज्वाइन किया था। - उनकी शादी 2012 में हुई थी। पति की मौत से जहां पत्नी किरण बेसुध हैं वहीं दो साल का बच्चा पिता की कुर्बानी से अनजान है। - फिलहाल, शहीद की पत्नी किरण और उसका दो साल का मासूम बेटा अपनी नानी के घर दिल्ली में है। - घरवालों ने बताया कि 16 सितंबर को ही राकेश ने मोबाइल पर पत्नी से बात की थी। - शहीद राकेश के पिता और भाई हरंगी ने कहा कि अगर देश उनके परिवार से और बलिदान चाहेगा तो पूरा परिवार इसके लिए तैयार है। आगे की स्लाइड्स में देखें राकेश सिंह की फैमिली की फोटोज...

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