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Kashmir Unrest

  • ये हैं कश्मीर के 'हिंदू' आतंकवादी, खौफनाक है कई आतंकियों की दास्तान
    Last Updated: October 20 2016, 04:58 AM

    जम्मू. आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने एक वीडियो मैसेज जारी कर कश्मीर पंडितों को वापस आने की अपील की है। संगठन के कमांडर जाकिर रशीद उर्फ मूसा ने वीडियो मैसेज में सिखों से संगठन ज्वाइन करने की अपील भी की। यह पहला मौका नहीं है जब आतंकी संगठन ने दूसरे धर्म के लोगों को कथित कश्मीर की आजादी के लिए साथ आने का न्यौता दिया है। बता दें कि एक दौर में कश्मीर में कई ऐसे आतंकी थे जो दूसरे धर्मों (हिंदू) से थे। हालांकि ज्यादातर ने इस्लाम धर्म अपनाकर आतंकी संगठन ज्वॉइन किया था। किसी ने मोहब्बत के लिए उठाई बंदूक, खौफ का दूसरा नाम थे ये आतंकी... - खुलासा हुआ है कि एक हिंदू महज इसलिए आतंकी बन गया था, क्योंकि उसे मुस्लिम लड़की से मोहब्बत हो गई थी। - इस वजह से उसने इस्लाम स्वीकार कर लिया और कश्मीर की कथित आजादी के लिए बंदूक उठा ली। - कई रिपोर्ट्स में भी इस बात का खुलासा हुआ है कि कश्मीर की कथित आजादी की लड़ाई में दर्जनों हिंदू आतंकी संगठन में शामिल हो गए थे। - ये सभी आतंकी पुलिस की लिस्ट A में शामिल थे। लिस्ट A में सबसे खतरनाक आतंकी होते हैं। - कई ने बकायदा इस्लाम धर्म भी अपना लिया था। इनमें से कुछ पुलिस एनकाउंटर में मारे गए। - सूत्र बताते हैं कि कई आज भी एक्टिव हैं। - पुलिस की माने तो पैसा और पावर इन हिंदू लड़कों को आतंकवादी संगठन की तरफ अट्रैक्ट करते हैं। dainikbhaskar.com आगे की स्लाइड्स पर बता रहा है ऐसे आतंकियों की चुनिंदा कहानी...

  • सेब किसानों की हुई दुर्दशा, कश्‍मीर में हिंसा तो हिमाचल में मौसम से 50%  नुकसान
    Last Updated: September 30 2016, 00:02 AM

    नई दिल्ली। सेब किसानों पर इस बार का सीजन मायूसी लेकर आया। हिमाचल में शुरूआत में मौसम की मार से पैदावार में लगभग 50 फीसदी की गिरावट आई। वहीं, कश्मीर में पैदावार अच्छी रही तो वहां लगभग 3 महीने से जारी हिंसा ने बाजार को प्रभावित कर दिया। कुल मिलाकर कश्मीर में भी पिछले साल की तुलना में लगभग 50 फीसदी फसल मुख्य बाजारों में नहीं पहुंच पाई। अब सीजन का अंत है और फेस्टिव सीजन भी तैयार है। ऐसे में सेब के आयात की ओर देखना पड़ रहा है। कश्मीर में हिंसा से नुकसान में रहे सेब किसान गत 8 जुलाई को आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में उपजे बवाल से वहां की आम जनता परेशानी में आई ही। इसका सबसे बुरा असर जिन पर पड़ा वो हैं घाटी के सेब किसान। कश्मीर घाटी में हर साल लगभग 20 से 22 लाख टन सेब की पैदावार होती है। इस बार कश्मीर का मौसम ठीक रहा और अन्य सालों की अपेक्षा ठंड बहुत बेहतर हुई। लिहाजा उत्पादन 25 लाख टन से अधिक होने की आशंका थी। जिस समय कश्मीर में यह घटना हुई उसी वक्त सेब की फसल की आवक शुरू हो गई थी। लेकिन, हिंसा के बाद करफ्यू और बार्डर एरिसाज में अलर्ट ने ट्रकों की आवाजाही को प्रभावित कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली जाने वाले ट्रकों पर पथराव किया जिससे सेब को मुख्य बाजारों तक नहीं जाने दिया गया। लगभग 4000 करोड़ का राज्य सरकार को नुकसान कश्मीर से सेब की आवक प्रभावित होने से किसानों को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ रहा है। एक अनुमान के तहत कश्मीर से सिर्फ 8 से 10 लाख टन सेब ही मुख्य बाजारों व मंडियों तक पहुंच सका है। ऐसे में किसानों की बेहतर फसल भी बागों में पड़ी रहकर सड़ने को मजबूर हो गई। इसके अलावा सरकार को भी लगभग 4 हजार करोड़ के रिवेन्यू का नुकसान है। हर साल जम्मू;कश्मीर सरकार को सेब से लगभग 8 हजार करोड़ रुपए का रिवेन्यू प्राप्त होता है। अगली स्लाइड में जानिए हिमाचल में क्या रही स्थिति...

  • जम्मू-कश्मीर में 24 घंटे में तीन स्कूलों को जलाया गया, दो महीने में हो चुकी हैं 20 घटनाएं
    Last Updated: October 31 2016, 07:32 AM

    अनंतनाग. जम्मू-कश्मीर में तनाव के बीच सरकारी स्कूलों को निशाना बनाया जा रहा है। रविवार को भी तीन स्कूलों को नुकसान पहुंचाया गया। 24 घंटे के भीतर तीन स्कूलों को जला कर खाक करने का मामला सामने आया। पिछले दो महीन में यहां 20 से ज्यादा स्कूलों को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके पीछे अलगाववादियों का हाथ बताया जा रहा है। स्कूल बंद होने से यहां के लोग नाराज हैं। बता दें कि जुलाई में आर्मी ने हिजबुल कमांडर आतंकी बुरहान वानी का एनकाउंटर किया था जिसके बाद से यहां तनाव है। कई इलाकों में आज भी कर्फ्यू है। लोगों ने कहा- अलगाववादी अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं, हमारे बच्चे घर में बैठे हैं... - हिंसा और तनाव की वजह से घाटी में स्कूल बंद पड़े हैं। इस हिंसा में अब तक 92 लोग मारे जा चुके हैं। - स्कूल लगातार बंद होने से बच्चे और उनके पैरेंट्स परेशान हैं। - खासकर 10 वीं और 12वीं में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की दिक्कत काफी बढ़ गई है। क्योंकि फाइनल एग्जाम अक्टूबर-नवंबर में होना होता है। - श्रीनगर के एक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे के पिता ने कहा, 12वीं के प्रदर्शन के आधार पर बच्चे प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षाओं में बैठते हैं। - यह परीक्षाएं पूरे देश में तयशुदा वक्त पर होती है। मेरे बेटे की वजह से तो यह बदलेगा नहीं। हमे नुकसान हो रहा है। अलगाववादियों के खिलाफ प्रदर्शन - अलगाववादी अपने विरोध से स्कूल को अलग करने के लिए तैयार नहीं हैं। - उनका कहना है कि अशांति के इस दौर में स्कूलों को खोलना बच्चों की जान को खतरे में डालना है. लेकिन, उनका कहना है कि विद्यालयों में आग लगाने की घटनाओं से उनका कोई वास्ता नहीं है। - अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने कहा कि स्कूलों में आग लगाने वाले कश्मीर की जनता के दुश्मन हैं। - इस बीच घाटी में अलागवादियों के खिलाफ भी प्रदर्शन हो रहे हैं। - चेहरे पर नकाब विरोध कर रहे एक पैरेंट्स ने कहा,अगाववादियों के बच्चे विदेश में पढ़ते हैं। यहां जो हैं भी केवल उनके बच्चे ही स्कूल जा रहे हैं। - गिलानी की पोती एग्जाम दे रही है। मेरी बच्ची घर में बैठी है। - आरोप ये भी है कि कश्मीर में गिलानी की बेटी का स्कूल चल रहा है, बाकी सरकारी स्कूलों को जबरन बंद करा दिया गया है। पुलिस ने क्या कहा? - पुलिस ने बताया कि अनंतनाग जिले के एशमुकाम में केंद्रीय सरकार की ओर से चलाए जा रहे जवाहर नवोदय विद्यालय में आग देखी गई। - आग पर जल्द काबू पा लिया गया और भवन को किसी बड़े नुकसान से बचा लिया गया। - पुलिस अफसरों का कहना है कि इस मामले में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है। ये वो गुट है जो साजिश के तहत विद्यालयों में आग लगा रहा है।

  • पाकिस्तान से कई गुना ताकतवर है भारत, जानिए दोनों देशों की सैन्य ताकत
    Last Updated: September 24 2016, 06:39 AM

    श्रीनगर. उड़ी आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान की सीमा पर तनाव एकाएक बढ़ गया है। पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों के बीच भारत भी सीमा पर अपनी सामरिक तैयारी मजबूत करने लगा है। 778 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सैनिकों की नई सिरे से और ज्यादा संख्या में तैनाती की जा रही है। साथ ही हथियार और ईंधन भंडार भी जमा किया जा रहा है। यह सभी तैयारियां युद्ध जैसे हालात की तरफ इशारा कर रही हैं। बता दें कि भारत की सैन्य शक्ति पाकिस्तान से कई गुना ज्यादा है। dainikbhaskar.com आपको बता रहा है भारत और पाकिस्तान की ताकत। आगे की स्लाइड्स में जानिए दोनों देशों की सैन्य ताकतों के बारे में...

  • इन 5 तरीकों से बिना हमला किए पाकिस्तान को तबाह कर सकता है भारत
    Last Updated: September 23 2016, 13:56 PM

    इंटरनेशनल डेस्क. भारत चाहे तो पाकिस्तान पर बिना बॉर्डर क्रॉस किए जबरदस्त हमले कर सकता है। इन हमलों से पाकिस्तान की रीढ़ की हड्डी टूट जाएगी। हालांकि, इसके लिए भारत को दुनिया के साथ थोड़ा डिप्लोमेटिक तरीका अपनाना होगा और और थोड़ा डर पैदा करना होगा। आइए जानते हैं कौन से हैं वो तरीके जिन्हें अपनाने के बाद पाकिस्तान जबरदस्त परेशान हो जाएगा। आगे की स्लाइड्स में जानिए कौन से हैं वो तरीके...

  • PAK आर्मी ने कवर फायर कर भारत में घुसाए 15 आतंकी, हमारी सेना ने 10 को मार गिराया
    Last Updated: September 21 2016, 15:55 PM

    नई दिल्ली. उड़ी हमले के दो दिन बाद पाकिस्तान ने फिर इसी इलाके में आतंकियों की बड़ी खेप दाखिल कराने की कोशिश की। मंगलवार दोपहर 1.10 बजे पाक ने उड़ी में भारतीय चौकियों पर फायरिंग करनी शुरू की। ये करीब 20 मिनट चली। यह करतूत एलओसी पर घुसपैठ की ताक में बैठे 15 आतंकियों के लिए कवर फायर थी। फायरिंग रुकते ही लछीपुरा इलाके में एलओसी के पास सैनिकों ने हलचल देखी। चेतावनी देने पर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सेना ने जवाबी कार्रवाई कर 10 आतंकियों को मार गिराया। सरकार ले सकती है सख्त फैसले, घाटी में ऑपरेशन जारी ... - सरकार ने कार्रवाई की रूपरेखा तय करने के लिए बुधवार को सिक्युरटी अफेयर्स की कैबिनेट कमेटी की बैठक बुलाई। - मीटिंग के लिए राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और मनोहर पर्रिकर पहुंचे। इसके बाद राजनाथ ने सिक्युरिटी अफसरों से बातचीत की। - इधर, उड़ी समेत घाटी के कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है। मंगलवार देर रात खोज जारी रही। - वहीं, हंदवाड़ा के नौगाम सेक्टर में एक और घुसपैठ की कोशिश हुई। - आतंकियों ने ग्रेनेड फेंके। इसमें एक जवान शहीद हो गया। पाक को कैसे जवाब देने की तैयारी कर रहा है भारत? - सेना पर हुए अब तक के सबसे बड़े हमले पर भारत का माकूल जवाब क्या हो? सरकार में इसपर चर्चा जारी है। - पीएम स्ट्रैटजी को लेकर कई लेवल पर बात कर चुके हैं। इसके बाद चेतावनी दी गई कि पाक को जवाब दिया जाएगा। - इससे पहले सोमवार को दिन में पीएम के घर हुई हाई लेवल मीटिंग में पाकिस्तान को दुनिया में अलग-थलग कर आतंकवादी देश घोषित करवाने की स्ट्रैटजी पर चर्चा हुई। - डिप्लोमैटिक और इकोनॉमिक फ्रंट पर भी पाकिस्तान को एग्रेशन दिखाने पर बात की गई। - सूत्रों के मुताबिक, भारत ने इस स्ट्रैटजी के तहत अमेरिका और रूस के साथ बात भी की है। - विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी यूएन में जोर-शोर से उड़ी हमले का मुद्दा उठाएंगी। भारत के पास ये हैं ऑप्शन - बॉर्डर क्रॉस किए बगैर हमला: बगैर बॉर्डर क्रॉस किए मोर्टार से जोरदार हमला करके पाक के आर्मी पोस्ट्स और बंकर्स को खत्म कर दिया जाए। हालांकि, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इसमें जवाबी हमला भी होगा। - ऑपरेशन पराक्रम-2: भारत सरकार सेना को पाकिस्तान से लगी सीमा पर तैनात कर सकती है, जैसा की 2001 में संसद पर हुए हमले के बाद तब के पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। इसे ऑपरेशन पराक्रम नाम दिया गया था। इसमें सेना 11 महीने तक पाक सीमा पर तैनात थी। आगे की स्लाइड्स में पढ़ेंः भारत की स्ट्रैटजी से डरा पाक मीडिया, कहा- हमारा अंजाम बुरा होगा...

  • शहीद की पत्नी बोली- मोदीजी कितना सब्र करेंगे, मैं बदले के लिए उठा लूंगी हथियार
    Last Updated: September 21 2016, 11:32 AM

    रांची (झारखंड)। श्रीनगर के उरी में सेना के प्रशासनिक शिविर पर हुए आतंकी हमले में दो जवान झारखंड के भी शहीद हुए हैं। गुमला के नाइमन कुजूर के शहीद होने की खबर मिलते ही पूरा घर शोक में डूब गया। रोती-बिलखती पत्नी ने कहा-अब कितना सब्र करेंगे मोदीजी। मैं सीमा पर जा कर हथियार उठा लूंगी और दुश्मनों से बदला लूंगी। शहीद जवानों में एक जावरा मुंडा खूंटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र स्थित मेराल गांव का रहने वाला था। पीएम से लगाई गुहार... - शहीद की पत्नी ने कहा- केंद्र सरकार अब पाकिस्तान का नामोनिशान मिटा दे। अगर अब भी ऐसा नहीं किया गया तो इसका मतलब होगा कि सरकार को देशवासियों से काेई मतलब नहीं है। - शहादत की सूचना मिलते ही दोनों गांव में शोक का माहौल है। दोनों जवानों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। शहीदों के घर पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। - दोनों जगह जैसे ही शहादत की खबर पहुंची, लोग शोक में डूब गए। दोनों गांव में सोमवार की सुबह चूल्हे नहीं जले। लोगों बेहद गम और आक्राेश में हैं। - इधर, मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कश्मीर में हुए आतंकी हमले में झारखण्ड के खूंटी के जवान जावरा मुंडा और गुमला जिले के नाइमन कुजूर की शहादत को श्रद्धांजलि दी है। - सीएम ने कहा है कि इनकी शहादत बेकार नहीं जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि देश के लिए अपने जान की कुर्बानी देने में झारखण्ड के जवान कभी पीछे नहीं रहे हैं। - इनके ही दम पर राज्य और देश की समृद्धि और एकता रोशन हैं। - शहीद जवान के परिजनों को सीएम रघुवर ने 10-10 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। सीएम ने कहा है कि शहीद की शवयात्रा में कैबिनेट मंत्री शामिल होंगे। आगे की स्लाइड्स पर देखें संबंधित PHOTOS : फोटो : रंजीत प्रसाद/सोहन सिंह।

  • जगह-जगह शहीद को दी गई श्रद्धांजलि, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
    Last Updated: September 20 2016, 18:16 PM

    गुमला(झारखंड)। यहां के अति नक्सल प्रभावित चैनपुर ब्लॉक के उरू बारडीह गांव के 32 वर्षीय बेटे नयमन कुजूर रविवार को उरी में आतंकियों द्वारा आर्मी ब्रिगेड हेडक्वार्टर में हुए हमले में शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर मंगलवार को गांव लाया गया। यहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उन्हें जगह-जगह श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ जुट गई। इस दौरान शहीद के गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। -शहीद की भाभी नेम्हास की पत्नी बारेन कुजूर प्राथमिक विद्यालय तबेला में शिक्षिका हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह उनलोगों को नयमन के आतंकी हमले में शहीद होने की सूचना मिली। -इसके बाद परिजनों पर जैसे दु:ख का पहाड़ टूट पड़ा। पिता महानंद बेटे को खोने के गम को सह नहीं पा रहे थे। आनन-फानन में उम्र (60) के इस पड़ाव में गांव से वे 90 किलोमीटर साइकिल चलाकर गुमला चले गए। -उन्हें लग रहा था कि शायद मेरे शहीद बेटे का शव आ गया होगा। बारेन ने बताया कि नयमन और उसके सभी भाई प्रशासनिक सेवा में हैं। -बड़ा भाई संघरस कुजूर होमगार्ड का जवान है। उससे छोटा नेम्हास कुजूर आर्मी में जवान है। अभी वे नामकुम रांची में तैनात है। इसके बाद जगदीश कुजूर है। -जो चाईबासा में झारखंड पुलिस में जवान है। नयमन सबसे छोटा था। जो जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हो गए। -किसान महानंद कुजूर और सुशांति कुजूर के बेटे नयमन की नौकरी 2007 में सेना में लगी थी। फिलहाल वे जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। -बेटे की शहादत पर परिजनों के अलावा ग्रामीणों को भी गर्व है। हालांकि भारत माता के इस वीर सपूत को खोने का मलाल सभी की आंखों में दिख रहा है। आगे की स्लाइड्स में देखिए फोटोज...

  • शहीद को श्रद्धांजलि देने उमड़ा पूरा गांव, रोती मां ने कहा-बेटे पर है गर्व
    Last Updated: September 20 2016, 14:01 PM

    खूंटी(झारखंड)। आतंकी हमले में खूंटी के मेराल गांव निवासी जवान जावरा मुंडा की शहादत की खबर मिलते ही पूरा गांव स्तब्ध हो गया। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। तकरीबन 5 हजार से ज्यादा लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़े। भारत माता की जय के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। बूढ़ी मां ने रुंधे गले से कहा- बेटे ने जान देकर देश के लिए अपना फर्ज निभाया है। इसका उन्हें गर्व है। शहादत की खबर मिलते ही पत्नी हो गई बेहोश... -जवान जावरा मुंडा की अंतिम यात्रा में गांव का हर वर्ग के लोग पहुंचे। वहीं, पुलिस प्रशासन समेत मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा भी उपस्थित रहे। -सोमवार को जवान की शहादत की खबर आते ही मलेरिया से पीड़ित उनकी पत्नी झींगी देवी बेहोश हो गईं। मौके पर डॉक्टर्स ने उन्हें स्लाइन चढ़ाया। -शहीद की बूढ़ी मां सलोमी धनवार घर के एक कोने में बैठी थीं। वो अपने दूसरे बेटे दाउद मुंडा को भी सेना में ही भेजना चाहती हैं। -छोटे भाई दाउद मुंडा ने कहा कि कश्मीर जाने के पहले भैया ने कहा था कि गांव में सबसे मिलकर रहना, किसी से लड़ाई-झगड़ा मत करना और परिवार व बच्चों का ध्यान रखना। -29 सितंबर को सेना की बहाली है, उसमें जरूर जाना। जाने से पहले उन्होंने किताब खरीद कर दी और कहा था कि ठीक से तैयारी करना। दाउद बीए पार्ट वन का छात्र है। तीन मासूम बेटियां हैं शहीद जावरा की शहीद जावरा मुंडा की तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी संध्या धनवार आठवीं में पढ़ती है, जबकि दूसरी बेटी सुषमा तीसरी कक्षा में है। सबसे छोटी बेटी शिल्पा ढाई साल की है। जावरा के पिता गौड़ मुंडा की मृत्यु तीन वर्ष पहले हो गई थी। छोटे भाई दाउद मुंडा ने बताया कि भाई की कमाई से ही पूरा परिवार चलता था। आगे की स्लाइड्स में देखिए फोटाेज। साथ ही चौथी स्लाइड्स में देखिए VIDEO...

  • आतंकियों की गोली से शहीद हुआ था पति, आर्मी ज्वाइन कर पत्नी लेगी बदला
    Last Updated: September 20 2016, 10:55 AM

    पुणे। जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए हमले ने पिछले साल नवंबर में कुपवाड़ा में हुए आतंकी हमले की यादें ताजा कर दी। इसमें आतंकियों से लड़ते हुए कर्नल संतोष महाडिक शहीद हुए थे। उनकी शहादत के 9 महीने बाद अब उनकी पत्नी स्वाति महाडिक इंडियन आर्मी ज्वाइन करने जा रही हैं। वे भी पति की तरह आतंकियों के खिलाफ लड़ना चाहती हैं। आर्मी में बनेंगी लेफ्टिनेंट... - स्वाति ने हाल ही में सर्विस सिलेक्शन कमीशन की फाइनल लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। - आर्मी में लेफ्टिनेंट की पोस्ट ज्वाइन करने से पहले उन्हें चेन्नई के ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में 11 महीने की कड़ी ट्रेनिंग लेनी होगी। - पति के अंतिम संस्कार के वक्त स्वाति ने कहा था कि, वे भी फौज में शामिल होकर अपने पति की जिम्मेदारियों को पूरा करना चाहती हैं। उम्र बन रही थी रुकावट - स्वाति ने सेना से नौकरी नहीं मांगी, बल्कि पढ़ाई करके एसएसबी का एग्जाम पास किया। - उन्होंने सभी पांच राउंड क्लियर किए। लेकिन उनकी उम्र उनके इरादे में बड़ी रुकावट बन रही थी। - स्वाति 32 साल की हैं और सेना के नियमों के मुताबिक इस उम्र में वो भर्ती नहीं हो सकती। - स्वाति की इच्छा पर आर्मी चीफ जनरल दलबीर सिंह ने सरकार से सिफारिश की थी कि उन्हें उम्र में छूट दी जाए। जिसे रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर ने मान लिया। बच्चों को बोर्डिंग स्कूल में भेजा - स्वाति की एक 12 साल की बेटी और 6 साल का बेटा है। उन्होंने दोनों को बोर्डिंग स्कूल में भेज दिया है। - स्वाति ने बेटी को देहरादून और बेटे को पंचगनी के बोर्डिंग स्कूल में भर्ती करवाया है। आतंकियों से लेना चाहती हैं बदला - स्वाति अपने पति की तरह ही आतंकवाद को जड़ से खत्म करना चाहती हैं। वे अपने पति की शहादत का बदला लेना चाहती हैं। - स्वाति का कहना है कि, पति की शहादत के बाद से मैं सदमे में थी। जब इससे बाहर निकली तो मैंने खुद को पहले से ज्यादा मजबूत महसूस किया। - ऐसा लगा कि मेरे पति जिस काम पर थे उसके बाद उसकी जिम्मेदारी मुझे भी लेनी चाहिए। बच्चे अभी छोटे हैं, वो भी सेना में आएं तो मुझे अच्छा लगेगा। - मेरे लिए आर्मी ज्वाइन करना एक इमोशनल डिसीजन है। जब मैं अपने पति के पार्थिव देह को कुपवाड़ा से सतारा लेकर आ रही थी, तब मेरे अंदर सिर्फ एक विचार चल रहा था। - एक दिन मैं उनकी यूनिफार्म पहनूंगी। अब जब मैं उनकी ड्रेस पहनती हूं तो उसमें वे मुझे नजर आते हैं। केंद्रीय विद्यालय में टीचर की नौकरी छोड़ी - स्वाति ने पुणे यूनिवर्सिटी से एमए किया है। वो केंद्रीय विद्यालय में टीचर थीं। - लेकिन सेना में भर्ती होने के लिए उन्होंने अपनी जमी-जमाई नौकरी भी छोड़ दी। - स्वाति का कहना है कि उनके पति संतोष महाडिक का पहला प्यार इंडियन आर्मी था और उनका पहला प्यार संतोष थे। - ऐसे में संतोष के प्यार और सपनों को जिंदा रखने और आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने आर्मी में जाने का फैसला किया। कौन थे कर्नल संतोष महाडिक - 39 वर्षीय कर्नल महाडिक महाराष्ट्र के सतारा के रहने वाले थे। वे 41 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अफसर थे। - कर्नल संतोष 21 पैरा- स्पेशल कमांडो यूनिट में रहे और कई ऑपरेशन्स को अंजाम तक पहुंचाया। - घाटी में कुपवाड़ा के हाजी नाका जंगली क्षेत्र में एक अभियान के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उनकी अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। - कर्नल महाडिक को वर्ष 2003 में पूर्वोत्तर में आपरेशन राइनो के दौरान बहादुरी के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया था। आगे की स्लाइड्स में देखिए स्वाति की कुछ और PHOTOS...

  • घर में चल रही थीं शादी की तैयारियां, खबर मिली की बेटा हो गया शहीद
    Last Updated: September 20 2016, 10:48 AM

    नासिक: लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) से महज कुछ किलोमीटर दूर उरी सेक्टर में रविवार को आर्मी हेडक्वॉर्टर के पास हुए आतंकी हमले में महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले संदीप सोमनाथ ठोक भी शहीद हुए हैं। सोमवार रात संदीप का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक महीने पहले सिपाही संदीप ठोक की शादी की बात शुरू हुई थी। नम आंखों से दी गई विदाई... - शहीद संदीप का पार्थिव तकरीबन 7 बजे उनके गांव खड़ागली पहुंचा। - जैसे ही उनका पार्थिव गांव पहुंचा सभी की आंखें नम हो गई। - गांव में उनके आखिरी सफर से पहले उनके शव को आम लोगों के दर्शन के लिए रखा गया। - सैकड़ों लोगों की भीड़ अपने इस सपूत को अंतिम सलाम देने के लिए खड़ागली पहुंची थी। - भारत माता की जय, शहीद संदीप ठोक अमर रहे; की जयघोष के साथ संदीप को अंतिम विदाई दी गई। - संदीप को उनके भाई योगेश ने मुखाग्नि दी। पढ़ाई बीच में छोड़ ज्वाइन की आर्मी.. - संदीप की प्रारंभिक शिक्षा खडांगली में ही हुई। यहां से वे डी फार्मा करने नासिक चले आये। - देश सेवा का जुनून संदीप पर इस कदर हावी हुआ कि उन्होंने डी फार्मा की पढ़ाई बीच में ही छोड़ आर्मी ज्वाइन कर ली। - 2014 में आर्मी ज्वाइन करने वाले संदीप बिहार रेजीमेंट में लांस नायक थे। इनकी पहली तैनाती उरी सेक्टर में हुई थी। एक महीने पहले शुरू हुई थी शादी की बात - 25 वर्षीय शहीद संदीप ठोक के एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। - उनके पिता सोमनाथ ठोक गांव में खेती करते हैं। संदीप की दो बड़ी बहने भी हैं, दोनों की शादी हो चुकी है। - आर्मी ज्वाइन करने के बाद संदीप की शादी के लिए माता-पिता दबाव बना रहे थे। - एक महीने पहले ही संदीप के लिए एक रिश्ता आया था। संदीप को लड़की की फोटो भी भेजी गई थी। - परिवार के सदस्यों के मुताबिक संदीप को लड़की पसंद भी थी। बात लगभग फाइनल हो गई थी। - संदीप के पिता ने बताया कि, इससे पहले की संदीप की शादी हो पाती, उनकी अर्थी उठाने का वक्त आ गया। 3 अन्य जवान भी महाराष्ट्र से - सोमवार को हॉस्पिटल में इलाज के दौरान घायल हुए सिपाही विकास कुलमेथे का निधन हो गया। - आर्मी कैंप पर हुए इसे आतंकी हमला में महाराष्ट्र के दो और जवान भी शहीद हुए हैं। - इनमें सतारा के लांस नायक चंद्रकांत शंकर गलांडे का नाम भी शामिल है। - बिहार रेजीमेंट में कार्यरत अमरावती के सिपाही जानराव भी इस आतंकी हमले में शहीद हुए हैं। - जवानों की शहादत की खबर मिलने के बाद से इनके गांवों में मातम का माहौल है। - सोमवार शाम को स्पेशल प्लेन से इनके पार्थिव को पुणे लाया जाएगा। यहां से सड़क मार्ग द्वारा द्वारा इन्हें इनके गांव ले जाया जाएगा। सबसे बड़ा आतंकी हमला - पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने कश्मीर में आर्मी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। - आर्मी के उरी ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर रविवार तड़के हुए इस हमले में 18 जवान शहीद हो गए। इनमें से 13 की मौत टेंट में लगी आग से जिंदा जलने से हुई। - मौके पर मौजूद एक जवान के मुताबिक आतंकी 3.30 बजे कैंप की पिछली दीवार से घुसे। करीब पौने दो घंटे तक नाइट विजन से कैंप का जायजा लिया। - फिर 5.15 बजे फ्यूल टैंक से डीजल भर रहे निहत्थे जवानों पर धावा बोल दिया। 3 मिनट में 17 ग्रेनेड दागे। - जानकारी के मुताबिक, इस हमले से 150 मीटर इलाके में फैले टेंट और बैरकों में आग लग गई। - डीजल टैंक में धमाका होते ही आतंकवादी अलग-अलग होकर बैरकों में घुस गए। - वहां मौजूद 19 साल के डोगरा जवान ने एक आतंकी को मार गिराया। बाकी तीन बुरी तरह जख्मी थे। उस जवान के हेलमेट पर भी गोली लग चुकी थी। उसे साथी जवानों ने बाहर निकाला। - बैरक खाली थे। आतंकी वहां दूसरे फ्लोर तक पहुंच गए। बाद में हेलीकॉप्टर से पहुंचाए गए 4 पैरा के कमांडो ने बचे तीन आतंकियों को मार गिराया। आगे की स्लाइड्स में देखिए, शहीद संदीप और उनके गांव में पसरे मातम की PHOTOS..

  • उड़ी हमला: देशभर में गुस्सा, शहीदों के घर से सड़क तक एक ही आवाज- मोदीजी! इस बार बयान नहीं, बदला चाहिए
    Last Updated: September 20 2016, 10:28 AM

    नई दिल्ली. उड़ी आर्मी बेस पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हमले में 18 जवानों की शहादत के बाद देशभर में गुस्सा है। शहीदाें के परिवार वालों से लेकर नेता, सेलिब्रिटीज और सोशल मीडिया पर मौजूद यूथ तक इस बार सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई चाहता है। सरकार के स्तर पर सोमवार को दिनभर बैठकों का दौर चला। लेकिन सामने यही बात आई कि पाकिस्तान को हर इंटरनेशनल लेवल पर अलग-थलग किया जाएगा। आर्मी ने जरूर कहा कि हम अपने हिसाब से जगह और वक्त तय कर जवाब देंगे। वहीं, शहीदों के परिवार के लोग कह रहे हैं कि अब देश को बयान नहीं चाहिए। शहादत का बदला चाहिए। पढ़ें किस कदर है गुस्सा... 1# शहीदों के परिवारों में किस कदर है गुस्सा? - बिहार के रहने वाले सिपाही अशोक सिंह उड़ी हमले में आतंकियों से मुकाबला करते वक्त शहीद हाे गए। उनके परिवार को कल शाम खबर मिली। अशोक सिंह की पत्नी संगीता सिंह कहती हैं, हमको और कुछ नहीं चाहिए। मेरे पति और 17 जवानों की शहादत का बदला चाहिए। पाकिस्तान बार-बार वार करता है, उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर मारो।;; - बिहार के गया के रहने वाले नायक एसके विद्यार्थी भी उड़ी हमले में शहीद हो गए। उनकी 13 साल की बेटी आरती कुमार कहती हैं, मोदीजी! पाकिस्तान को ईंट का जवाब पत्थर से दो। - बंगाल के रहने वाले सिपाही जी. दलाई की शहादत के बाद उनकी मां ने कहा, बेटे ने मुझे गुरुवार को फोन किया। उसने कहा कि वहां बमबारी हो रही है और कभी भी जान जा सकती है। जिन्होंने मेरे बेटे की जान ली है, उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए।;; - शहीद दलाई के पिता कहते हैं, मेरा बेटा महज 22 साल का था। सरकार को मेरे बेटे के हत्यारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। - नासिक के रहने वाले सिपाही टी. संदीप सोमनाथ उड़ी हमले में शहीद हो गए। उनके परिवार के लोगों ने कहा कि बेटे की शहादत पर हमें गर्व है। लेकिन पाकिस्तान पर कार्रवाई होनी चाहिए। - 42 साल के हवलदार रवि पॉल 10 डोगरा रेजीमेंट में थे। उनकी शहादत पर 10 साल का बेटा वंश कहता है, मैं आर्मी में डॉक्टर बनूंगा। इसी तरह पिताजी की जान लेने वालों से बदला लूंगा।;; - यूपी के रहने वाले सिपाही राकेश सिंह के भाई कहते हैं कि देश के लिए कुर्बान हो गया तो कोई अफसोस की बात नहीं है। लेकिन इस बार दोषी छूटने नहीं चाहिए। 2# सरकार और आर्मी क्या करेगी? - दिल्ली में हाईलेवल मीटिंग का दौर चला। पहली मीटिंग राजनाथ सिंह ने आला अफसरों के साथ ली। इसके बाद राजनाथ, कई मंत्री और अफसरों ने नरेंद्र मोदी के साथ मीटिंग की। भारत ने अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि पाकिस्तान को इंटरनेशनल लेवल पर अलग-थलग कर दिया जाएगा। शाम को मोदी प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी से भी मिलने गए। - आर्मी ने कहा- हम अपने हिसाब से देंगे जवाब, जगह और वक्त चुनने की आजादी भी अब हमारे ही पास है। 3# सेलेब्स क्या चाहते हैं? - विराट कोहली ने हमले की एक फोटो ट्वीट कर लिखा कि मैं अपने जज्बात बयां नहीं कर सकता। सभी जांबाजों को जय हिंद। - अमिताभ बच्चन ने भी कहा कि सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। - बाबा रामदेव ने कहा कि मुंहतोड़ जवाब देने से कुछ नहीं होगा। अब हमें इन सब आतंकियों का मुंह ही तोड़ देना चाहिए। - अक्षय कुमार ने कहा- जांबाजों को सलाम। आतंकवाद को रोका जाना चाहिए। बस हो गया। इनफ इज इनफ। जय हिंद। - अजय देवगन ने कहा कि ये बात 17 शहीदों के परिवारों की नहीं है। ये एक परिवार - इंडिया की है। इनफ इज इफ। - क्रिकेटर गौतम गंभीर ने ट्वीट किया कि हमारे नेता न तो देश के अंदर मौजूद मच्छरों को कंट्रोल कर पाते हैं न बाॅर्डर पार से आने वाले मच्छरों को। दयनीय स्थिति है। 4# नेता क्या कहते हैं? - हमले के बाद रविवार को मोदी ने कहा था, मैं इस देश के लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि हमले के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। - शिवसेना ने अपने माउथपीस सामना में लिखा कि सरकार को ये मानना होगा कि मौजूदा हालात कांग्रेस की सरकार के दौर से भी खराब हैं। - कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चह्वाण ने कहा कि आतंकियों को कैम्प के बारे में काफी जानकारी थी। इससे कई सवाल उठते हैं। लेकिन सिर्फ ट्वीट्स और बयानबाजी हो रही है। - बीजेपी नेता राम माधव ने कहा- पीएम ने वादा किया है कि उड़ी आतंकी हमले के पीछे जो भी लोग हैं, वे सजा से नहीं बच पाएंगे। यह अगला रास्ता होना चाहिए। एक दांत के लिए पूरा जबड़ा। आगे की स्लाइड में पढ़ें: भारत के पास एक्शन के लिए क्या हैं ऑप्शंस

  • पिता के शहादत से अनजान है 2 साल का मासूम, 3 दिन पहले हुई थी आखिरी बात
    Last Updated: September 20 2016, 04:45 AM

    कैमूर (बिहार). जम्मू कश्मीर के उड़ी में हुए आतंकी हमले में बिहार कैमूर का बेटा भी शहीद हुआ है। राकेश सिंह की शहादत की खबर से पूरा गांव शोक में है। वहीं शहीद की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। राकेश सिंह की पत्नी किरण और दो साल का बेटा घटना के वक्त दिल्ली में थे। तीन दिन पहले ही राकेश ने अपने बेटे से फोन पर बात की थी। जानिए बेटे की शहादत पर पिता ने क्या कहा... - किसान पिता हरिहर सिंह की पांच बच्चों में से सबसे छोटे राकेश सिंह ने साल 2008 में सेना ज्वाइन की थी। - शहीद के पिता ने बताया कि राकेश बचपन से ही सेना में जाना चाहते थे। - शहीद राकेश कैमूर के नुआंव ब्लॉक के बड्डा गांव के रहने वाले थे। पिता ने कहा- गर्व महसूस कर रहा हूं - राकेश के पिता हरिहर सिंह पेशे से किसान हैं। हरिहर सिंह तीन बेटों में राकेश सिंह सबसे छोटे थे। - हरिहर सिंह ने बेटे की शहादत पर कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। - बेटे की शहादत के बाद हरिहर सिंह ने केंद्र सरकार से जवाबी कार्रवाई की मांग की। - उन्होंने कहा कि उनके बेटे की शहादत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। - फिलहाल, हरिहर सिंह और उनकी फैमिली के साथ-साथ गांव वालों को वीर सपूत के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार है। 2012 में हुई थी शादी, दो साल का है बेटा - राकेश ने 8 साल पहले 15 सितम्बर 2008 को लेह में आर्मी ज्वाइन किया था। - उनकी शादी 2012 में हुई थी। पति की मौत से जहां पत्नी किरण बेसुध हैं वहीं दो साल का बच्चा पिता की कुर्बानी से अनजान है। - फिलहाल, शहीद की पत्नी किरण और उसका दो साल का मासूम बेटा अपनी नानी के घर दिल्ली में है। - घरवालों ने बताया कि 16 सितंबर को ही राकेश ने मोबाइल पर पत्नी से बात की थी। - शहीद राकेश के पिता और भाई हरंगी ने कहा कि अगर देश उनके परिवार से और बलिदान चाहेगा तो पूरा परिवार इसके लिए तैयार है। आगे की स्लाइड्स में देखें राकेश सिंह की फैमिली की फोटोज...

  • बड़ा सवाल: म्यांमार जैसी कार्रवाई करेगी सरकार? अपनी सरकार से बोली BJP- एक दांत के बदले तोड़ दो पूरा जबड़ा
    Last Updated: September 19 2016, 20:58 PM

    उड़ी. यहां रविवार को हुए आतंकी हमले में 18 जवानों के शहीद होने के बाद देश में बेहद गुस्सा है। मनोहर पर्रिकर ने 18 जवानों की कुर्बानी का बदला लेने के ऑर्डर दिए हैं। ये सवाल भी उठ रहा है कि क्या सरकार आतंकियों के खिलाफ वैसी ही कार्रवाई करेगी जैसी म्यांंमार सीमा में घुसकर की थी। सरकार को अपनी ही पार्टी से नसीहत मिल रही है। बीजेपी नेता राम माधव ने कहा- पीएम ने वादा किया है कि उड़ी आतंकी हमले के पीछे जो भी लोग हैं, वे सजा से नहीं बच पाएंगे। यह अगला रास्ता होना चाहिए। एक दांत के लिए पूरा जबड़ा। क्या कहा मंत्रियों ने... - रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे के मुताबिक, हाईलेवल मीटिंग जारी है। ये पक्का है, घटना के बाद कड़ा जवाब दिया जाएगा। पूरा देश सदमे में है। हमारे कई जवान शहीद हुए हैं। कायरतापूर्ण की गई इस कार्रवाई की हम निंदा करते हैं। जवानों को सैल्यूट है। पूरा देश इस समय एक ही बात कह रहा है। ये वक्त कड़ा जवाब देने का का है। क्या बोले पर्रिकर? - पर्रिकर ने कहा, हमारे 18 बहादुर जवानों ने कुर्बानी दी है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। आर्मी चीफ और कमांडर स्थिति पर नजर बनाए रखें। जो हमले के लिए जिम्मेदार हैं, उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि देश को कोई शख्स या संगठन नुकसान पहुंचाता है तो उसे वैसा ही दर्द दिया जाना चाहिए। - इस बीच एनआईए की टीम भी कश्मीर पहुंच गई है। क्या बोले मोदी? - मैं इस देश के लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि हमले के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। - राजनाथ ने कहा था, हमला करने वाले ट्रेंड थे। पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है, उसे अलग-थलग करना चाहिए। क्या म्यांमार जैसी कार्रवाई करेगी केंद्र सरकार? - इससे पहले पिछले साल जून में आतंकियों ने मणिपुर में सेना के ट्रक पर हमला किया था। इसमें 18 जवान शहीद हुए थे। - इसके दो दिन बाद सेना ने म्यांमार बॉर्डर के अंदर घुसकर उग्रवादियों को मार गिराया था। अब सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार भी केंद्र सरकार ऐसा ही फैसला करेगी? दो-दो बार दी गई थी खुफिया सूचना, फिर भी नहीं रोक पाए हमला - कश्मीर में 2 महीने से जारी हिंसा के बीच पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकवादी गुटों के हमले की सुरक्षा एजेंसियों को पहले से ही आशंका थी। - इंटेलिजेंस ने ईद पर उड़ी और श्रीनगर में बड़े हमले का अलर्ट जारी किया था। ईद पर कड़ी सुरक्षा के चलते आतंकी कुछ नहीं कर पाए। - 15 सितंबर को दूसरी बार फिर आतंकी हमले का अलर्ट जारी हुआ। - इसके अलावा एक फिदायीन दस्ते के तीन-चार दिन में घुसपैठ करके किसी सिक्युरिटी एस्टैब्लिशमेंट या रिहाइशी इलाके में बड़े हमले की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, मिलिट्री ऑपरेशन डीजी ने कहा कि सभी खुफिया वॉर्निंग गंभीरता से ली जाती हैं। आर्मी बेस तक कैसे पहुंचे आतंकी? - मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उड़ी बेस पर घुसे आतंकियों ने 24 से 48 घंटे पहले ही घाटी में घुसपैठ की होगी। - आतंकी रविवार तड़के 3.30 बजे आर्मी बेस पर पहुंचे। इन्होंने जवानों की अदला-बदली के वक्त का फायदा उठाया और तार काटकर बेस के अंदर दाखिल हुए। - आतंकियों की संख्या चार से पांच थी। ये दो हिस्सों में बंट गए। कैसे किया हमला? - दो हिस्सों में बंटने के बाद आतंकियों ने सबसे पहले कैम्प के अंदर ग्रेनेड फेंका। - आतंकियों का दूसरा गुट आर्मी बेस के एडमिनिस्ट्रेटिव बैरक में घुसा। वहां उन्होंने फायरिंग की और ग्रेनेड फेंके। क्यों शहीद हुए जवान? - आतंकियों ने उन टेंटों काे निशाना बनाया जहां डोगरा रेजीमेंट के जवान ड्यूटी खत्म कर सो रहे थे। आतंकियों ने लगातार ग्रेनेड फेंके। इससे कम से कम 10 टेंटों में आग लग गई। - दावा किया जा रहा है कि इसी आग से झुलसकर 13 जवान शहीद हो गए। हमले के बाद क्या हुआ? - बेस के अंदर हेलिकॉप्टर के जरिए पैराकमांडो उतारे गए। इन कमांडोज ने ही हमले के 6 घंटे के अंदर चार आतंकियों को मार गिराया। यह भी पढ़ें: <a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/JK-OMC-JAM-uri-attack-inside-story-of-how-it-happened-and-updates-news-hindi-5420802-PHO.html'>#UriAttack: 4 आतंकियों ने 105 मिनट रेकी की, फिर 180 सेकंड में दागे 17 ग्रेनेड</a> <a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/JK-OMC-JAM-suicide-attack-at-military-headquaters-in-jammu-and-kashmir-news-hindi-5420229-NOR.html'>उड़ी हमलाः राजनाथ ने PAK को टेररिस्ट स्टेट कहा तो पड़ोसी बोला- पहले जांच करो</a> <a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/JK-OMC-JAM-uri-terror-attack-on-army-base-analysis-news-hindi-5420356-NOR.html'>#UriAttack: झेलम के रास्ते घुसे आतंकी, आर्मी बेस के अंदर टेंट पर फेंके ग्रेनेड; अंदर सो रहे 13 जवान जिंदा जले, कुल 17 शहीद</a> <a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/UT-DEL-HMU-NEW-social-media-reactions-on-uri-attack-news-hindi-5420426-PHO.html'>#UriAttack: सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा- PAK जंग चाहता है तो अब ये ही सही</a> <a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/JK-OMC-JAM-terrorist-attacks-in-border-area-thonsand-of-indian-soldiers-killed-news-hindi-5420760-PH.html'>कश्मीर में अब तक चार हजार से ज्यादा जवान शहीद; इस साल पठानकोट से अब तक 7 आतंकी हमले, 16 साल में 26</a>

  • उड़ी में 18 शहीद: गांव में खबर पहुंची तो 150 घरों में चूल्हा नहीं जला; शहीद रवि पाल के बेटे ने कहा- पापा की मौत का बदला लूंगा
    Last Updated: September 19 2016, 20:31 PM

    सांबा. जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में रविवार को आतंकी हमले में शहीद हुए सांबा के हवलदार रवि पाल का सोमवार शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया। रवि के 10 साल के बेटे वंश ने कहा कि मैं अपने पिता का सपना हर हाल में पूरा करूंगा। वो चाहते थे कि मैं आर्मी में डॉक्टर बनूं। मैं उनकी मौत का बदला लूंगा। रवि के वंश समेत दो बच्चे हैं। दूसरा बेटा सुदानशीष (7 साल) 4th क्लास में पढ़ता है। वहीं, सुबेदार करनैल सिंह का भी पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। रवि और करनैल दोनों डोगरा रेजीमेंट में तैनात थे। रविवार को करनैल के गांव में जब खबर पहुंची थी, तो वहां 150 घरों में चूल्हा नहीं जला। और क्या बताया वंश ने... - शहीद रवि के बेटे वंश ने बताया- पापा हर सुबह फोन करते थे। शनिवार की सुबह भी फोन किया था। उन्होंने मुझसे पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा था। ताकि मैं आर्मी में डॉक्टर बन सकूं। - मैं जानता हूं कि मेरे पिता नहीं रहे, लेकिन मैं उनके सपने को पूरा करूंगा और उनकी मौत का बदला लूंगा। - बता दें कि रवि पाल पिछले 23 साल से आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे थे। - वहीं, सुबेदार करनैल सिंह का उनके गांव शिबु चक गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। - इस मौके आसपास के गांवों के बड़ी तादाद में लोग मौजूद थे। करनैल के तीन बच्चे हैं। आतंकी हमले में 13 जवान जिंदा जले - रविवार तड़के उड़ी आर्मी बेस पर जैश-ए-मोहम्मद के हमले में 18 जवान शहीद हो गए। - आतंकियों ने यहां टेंटों पर 17 ग्रेनेड फेंके। इसके बाद लगी आग में 13 जवान जिंदा जल गए। - शहीद करनैल सिंह के गांव में जब देर रात खबर पहुंची तो वहां 150 घरों में चूल्हा नहीं जला। - शहीदों में सबसे ज्यादा 15 बिहार रेजीमेंट के हैं। चार जवान के पार्थिव शरीर इतनी बुरी तरह झुलस चुके थे कि कई घंटों तक उनकी पहचान नहीं हो पाई। - इसके पहले फिदायीन हमले में शहीद जवानों के शवों को रविवार को श्रीनगर लाया गया। - यहांं के बादामीबाग छावनी में 15th कोर के हेडक्वार्टर में श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती, सेना के कई अफसर मौजूद थे। - महाराष्ट्र सरकार ने सभी शहीदों के परिवार वालों को 15 लाख रुपए देने का एलान किया है। - वहीं, अखिलेश सरकार ने यूपी के रहने वाले शहीदों के परिवार वालों को 20 लाख रुपए की मदद देने की बात कही। बता दें कि यूपी के रहने वाले 4 जवान शहीद हुए हैं। ये सभी 6 बिहार रेजीमेंट के थे। किस-किस रेजीमेंट के शहीद जवान? शहीद हवलदार अशोक कुमार सिंह (बिहार)- 6 बिहार रेजीमेंट -शहीद अशोक की वाइफ ने कहा- कुछ नहीं चाहिए, हमको हमारे पति और 17 जवानों की मौत का बदला चाहिए। सिपाही जी दलाई (बंगाल)- 6 बिहार रेजीमेंट -शहीद दलाई (बंगाल) के पिता और मां ने कहा- सरकार को इसकी निंदा करनी चाहिए। जिन्होंने मेरे बेटे को मारा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। नायक एसके विद्यार्थी (बिहार)- 6 बिहार रेजीमेंट -शहीद विद्यार्थी की बेटी ने कहा- उन कायरों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए, जिन्होंने सेना के कैंप पर हमला किया। सिपाही राकेश सिंह (बिहार)- 6 बिहार रेजीमेंट -शहीद राकेश के भाई ने कहा- देश के लिए कुर्बान हो गया तो कोई अफसोस की बात नहीं। 11 शहीद 6 बिहार रेजीमेंट के सिपाही राकेश सिंह (बिहार) सिपाही जावरा मुंडा (झारखंड) सिपाही नाइमन कुंजर (झारखंड) सिपाही जनराव उइके (महाराष्ट्र) हवलदार एनएस रावत (राजस्थान) सिपाही गणेश शंकर (यूपी) नायक एसके विद्यार्थी (बिहार) सिपाही विश्वजीत गोरहाई (बंगाल) लांस नायक चंद्रकांत शंकर गलांडे (महाराष्ट्र) सिपाही जी दलाई (बंगाल) लांस नायक आरके यादव (यूपी) 6 बिहार रेजीमेंट के इन 4 शहीदों की बाद में हुई पहचान सिपाही हरिंदर यादव (यूपी) सिपाही टी संदीप सोमनाथ (महाराष्ट्र) हवलदार अशोक कुमार सिंह (बिहार) सिपाही राजेश कुमार सिंह (यूपी) ये हैं घायल - बिहार रेजीमेंट: वीके गिरी, राम स्वरूप जाट, हरम सिंह, एसके ओरांव, बीजी सरकार, सुनील कुमार, सीएनके चंद्रमणी, रामदेव, शाम लाल, मुन्ना सिंह, सतीश कौशिक, बीजी बारिल। - डोगरा रेजीमेंट : मंजीत सिंह, विनय कुमार, जसवंत सिंह, कमल कांत और सतीश कुमार। जब हमला हुआ तब कैंप में 3500 से 4000 जवान और अफसर मौजूद थे - हमले के वक्त कैंप में 3500 से 4000 जवान मौजूद थे। आर्मी में लंगर 2.30 बजे काम करना शुरू कर देता है। कुक और बाकी जवान जिनकी खाना बनाने की ड्यूटी थी वो लंगर में काम कर रहे थे। उनके अलावा कुछ जवान सोए हुए थे। क्या बोले पर्रिकर... - पर्रिकर ने कहा, हमारे 17 बहादुर जवानों ने कुर्बानी दी है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। - आर्मी चीफ और कमांडर स्थिति पर नजर बनाए रखें। जो हमले के लिए जिम्मेदार हैं, उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।; आगे की स्लाइड्स में देखें PHOTOS... यह भी पढ़ें : #UriAttack: झेलम के रास्ते घुसे आतंकी, आर्मी बेस के अंदर टेंट पर फेंके ग्रेनेड; अंदर सो रहे 13 जवान जिंदा जले, कुल 17 शहीद <a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/JK-OMC-JAM-uri-attack-inside-story-of-how-it-happened-and-updates-news-hindi-5420802-PHO.html'>#UriAttack: 4 आतंकियों ने 105 मिनट रेकी की, फिर 180 सेकंड में दागे 17 ग्रेनेड</a> उड़ी<a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/JK-OMC-JAM-suicide-attack-at-military-headquaters-in-jammu-and-kashmir-news-hindi-5420229-NOR.html'> हमलाः राजनाथ ने PAK को टेररिस्ट स्टेट कहा तो पड़ोसी बोला- पहले जांच करो</a> <a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/UT-DEL-HMU-NEW-uri-attack-news-and-updates-news-hindi-5420810-PHO.html'>बड़ा सवाल: म्यांमार जैसी कार्रवाई करेगी सरकार? पर्रिकर बोले- कुर्बानी का बदला ले आर्मी</a> <a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/UT-DEL-HMU-NEW-social-media-reactions-on-uri-attack-news-hindi-5420426-PHO.html'>#UriAttack: सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा- PAK जंग चाहता है तो अब ये ही सही</a> <a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/JK-OMC-JAM-terrorist-attacks-in-border-area-thonsand-of-indian-soldiers-killed-news-hindi-5420760-PH.html'>कश्मीर में अब तक चार हजार से ज्यादा जवान शहीद; इस साल पठानकोट से अब तक 7 आतंकी हमले, 16 साल में 26</a>

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